राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग ने जिला प्रमुख, प्रधान और सरपंचों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब सरपंचों को 7347 रुपये, प्रधानों को 12,858 रुपये और जिला प्रमुखों को 18,368 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। इस फैसले से प्रदेश की 12 जिला परिषदों के प्रमुखों और उनसे जुड़ी 78 पंचायत समितियों के प्रधानों को सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि इस बढ़ोतरी का लाभ उन पूर्व सरपंचों को नहीं मिलेगा, जो वर्तमान में ग्राम पंचायतों में प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में जनवरी 2025 से पूर्व सरपंच ही प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सरपंच संघ के प्रवक्ता रफीक पठान के अनुसार करीब 11 हजार ग्राम पंचायतों में पूर्व सरपंच प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का मानदेय नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में इस मुद्दे को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है कि प्रशासकों को भी मानदेय दिया जाना चाहिए।
Read more 30th Mar 2026
राजस्थान न्यूज़: झुंझुनूं जिले में ऑनर किलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह की इच्छा जताने पर एक पिता ने अपनी ही बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना पिलानी थाना क्षेत्र के गांव घूमनसर कलां की है, जहां आरोपी पिता सुरेन्द्र कुमार नेहरा ने अपनी बेटी प्रियंका की हथौड़े से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार प्रियंका अपनी सहेली के भाई से प्रेम विवाह करना चाहती थी, जिससे पिता नाराज था। इसी बात को लेकर पिछले कई दिनों से परिवार में तनाव बना हुआ था। शुक्रवार रात को भी इस मुद्दे पर विवाद हुआ, जिसके बाद प्रियंका ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। देर रात करीब एक बजे जैसे ही उसने कमरे का दरवाजा खोला, पहले से घात लगाए बैठे पिता ने उसकी कनपटी पर हथौड़े से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी और परिवार के अन्य सदस्यों ने मामले को छिपाने की कोशिश की और प्रियंका की मौत को सीढ़ियों से गिरने का हादसा बताया। शनिवार सुबह परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा था, लेकिन पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर अंतिम संस्कार रुकवा दिया गया और जांच शुरू की गई।
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राजस्थान न्यूज़: खाटूश्यामजी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए जल्द ही बड़ी सुविधा शुरू हो सकती है। यहां ट्रैफिक और भीड़ की समस्या को देखते हुए करीब 2 किलोमीटर लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह रोपवे ट्रैफिक डायवर्जन प्वाइंट, नगरपालिका कार्यालय से शुरू होकर गुरुजी मेडिकल होते हुए सीधे खाटूश्यामजी मंदिर तक पहुंचेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम और तेज आवागमन का विकल्प मिलेगा।इस परियोजना के निर्माण, संचालन और प्रबंधन के लिए श्री श्याम इन्फ्रा प्रोजेक्ट, जयपुर द्वारा जिला कलक्टर को लाइसेंस करार का ड्राफ्ट सौंपा है। वहीं नगरपालिका खाटूश्यामजी ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए आमजन से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। नागरिकों को 30 दिनों के भीतर अपने सुझाव जिला कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। नगरपालिका प्रशासन ने बताया कि इच्छुक लोग इस परियोजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी नगरपालिका कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। गौरतलब है कि खाटूश्यामजी में हर वर्ष करीब 70 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में रोपवे सुविधा शुरू होने के बाद न केवल ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव भी मिलेगा।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: भारतीय रेलवे द्वारा रेल परिचालन में संरक्षा को और मजबूत करने के क्रम में 30 मार्च, 2026 को वडोदरा - नागदा सेक्शन पर कवच 4.0 सिस्टम को सफलतापूर्वक कमीशन किया गया। इस अवसर पर वडोदरा स्टेशन से कवच प्रणाली से लैस स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गयी। इस प्रकार मिशन रफ़्तार के अंतर्गत मुंबई - नई दिल्ली मुख्य मार्ग के पश्चिम रेलवे के निर्धारित 693 रुट किलोमीटर में से 559.5 रुट किलोमीटर पर यानी अधिकतम रुट पर इस प्रणाली को स्थापित किया जा चुका है। वडोदरा - नागदा सेक्शन के अंतर्गत वडोदरा से मंगल महुडी सेक्शन (122.5 Rkm) और पंचपिपलिया - नागदा (102.01 Rkm) सेक्शन के बीच में यानी कुल 224.51 रुट किलोमीटर पर कवच प्रणाली को आज सफलतापूर्वक लांच किया गया है। मंगल महुडी से पंचपिपलिया के बीच इस प्रणाली को स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है और जल्द ही इसे आटोमेटिक सिगनलिंग के साथ पूरा कर लिया जायेगा। वडोदरा मंडल द्वारा इससे पहले जनवरी 2026 में वडोदरा - विरार सेक्शन पर कवच सिस्टम चालू किया गया था और आज वडोदरा से गोधरा होते हुए नागदा तक इसे कमीशन किया गया है। कवच एक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है और यह मानवीय गलतियों के जोखिम को कम करने के लिए ट्रेन सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत है। जो कि मानवीय त्रुटि के कारण 'सिग्नल पासिंग एट डेंजर' (SPAD) से होने वाले परिणामों को रोकती है। वडोदरा–नागदा सेक्शन पर इस जटिल कार्य के निष्पादन हेतु प्रत्येक स्टेशन तथा प्रत्येक एब्सोल्यूट/ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सेक्शन के लिए पृथक योजना तैयार की गई, पटरियों पर 6000 से अधिक स्थानों पर RFID टैग का प्रोग्रामिंग एवं स्थापना कार्य किया गया, 26 स्टेशनों, 13 मध्य-खंडों तथा लोकोमोटिव के बीच सतत रेडियो संचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, प्रत्येक स्टेशन पर कुल 39 रेडियो संचार टावर एवं आवश्यक उपकरण स्थापित किए गए, पूरे मार्ग पर UP एवं DN दोनों दिशाओं में लगभग 600 किमी लंबाई की OFC केबल बिछाई गई, साथ ही प्रत्येक स्टेशन, मध्य-खंड एवं LC गेट पर आधुनिक ‘कवच’ उपकरण स्थापित कर उन्हें मौजूदा सिग्नलिंग प्रणाली से एकीकृत किया गया, लोकोमोटिव में भी ‘कवच’ उपकरण लगाए गए तथा अंततः संपूर्ण प्रणाली का सफलतापूर्वक ट्रायल एवं परीक्षण किया गया। 'कवच' प्रणाली अपने यूरोपीय समकक्षों (ETCS) की तुलना में बहुत सस्ती है। अभी तक WAP-7, WAG9, WAP5 लोकोमोटिव में कवच प्रणाली लगाई गयी है। जल्द ही, इसे दूसरे लोकोमोटिव पर भी शुरू किया जाएगा। भारतीय रेलवे आधुनिक एवं स्वदेशी तकनीकों को अपनाकर सुरक्षित, दक्ष एवं भविष्य उन्मुख रेल नेटवर्क के निर्माण हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर/भोपाल 30 मार्च । राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है। विधानसभा को शोर-शराबे का स्थान नहीं, बल्कि गंभीर, गरिमामय और रचनात्मक विचार-विमर्श का मंदिर बनाएं, जहाँ से जनकल्याण की दिशा तय हो और लोकतंत्र सशक्त बने। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय युवा विधायकों के सम्मेलन के प्रारंभिक सत्र को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, विधानसभाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रतिपक्ष के नेता भी मौजूद रहे। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा केवल एक भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा का प्रतीक होती है। यह वह मंच है जहाँ जनप्रतिनिधि जनता की आशाओं, अपेक्षाओं और समस्याओं को आवाज देते हैं। ऎसे पवित्र स्थल को शोर-शराबे, अव्यवस्था और हंगामे का केंद्र बनाना न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है, बल्कि जनता के विश्वास के साथ भी अन्याय है। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा में सार्थक विचार-विमर्श के साथ तर्क, तथ्यों और मर्यादा के साथ चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से बहस हो, नीतियों का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाए और सकारात्मक समाधान खोजे जाएँ। स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान यही है कि मतभेद होते हुए भी संवाद की गरिमा बनी रहे। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन संयम, शालीनता और अनुशासन के साथ करें। व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर राज्य और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखें। जब विधानसभा में सार्थक बहस होगी, तभी नीतियाँ प्रभावी बनेंगी और जनता का विश्वास मजबूत होगा। देवनानी ने कहा कि यह मंच केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के भविष्य को एक नई दिशा देने का संवाद मंच है। तीन प्रदेशों का यह युवा संगम का मूल दर्शन संसदीय कूटनीति और साझा विधायी मूल्यों को गरिमामय बनाना है। उन्होंने कहा कि लोकतन्त्र में जनता के चुने प्रतिनिधियों और नागरिकों की भूमिका में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवा विधायकों को विधायिका का प्रमुख आधार बन कर और पूरी प्रतिबद्धता और सक्रियता के साथ अपने निर्वाचन क्षेत्रों की तरह ही विधायिका के काम को भी पूरा महत्व देना चाहिए तभी वे जनता के बीच अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ सकेंगे। युवा नेतृत्व की क्षमता नवीन दृष्टि विकास की नीति निर्धारण में अहम साबित हो सकती है। उन्हें नागरिकों और विधायिका के बीच का अंतराल पाटना होगा और आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए विकास में अपनी सार्थक सहभागिता की भूमिका को साबित करना होगा। विधानसभाध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी का सोच है कि विकसित भारत@2047 का संकल्प पूरा करने के लिए हर जन प्रतिनिधि विशेष कर युवा जनप्रतिनिधियों अपना सक्रिय योगदान दे। विकसित भारत@2047 का संकल्प तक पूरा नहीं सकेगा जब तक समाज के अन्तिम छोर पर बैठे व्यक्ति का विकास नहीं होता। श्री देवनानी ने सम्मेलन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के 45 वर्ष से कम आयु के विधायकों की भागीदारी को “विधायी ऊर्जा का त्रिवेणी संगम” बताया और कहा कि युवा जनप्रतिनिधि देश के एक बड़े वर्ग ‘जनसांख्यिकीय लाभांश’ का प्रतिनिधित्व करते हैं इसलिए नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी भविष्य की आवश्यकताओं को दिशा दे सकती है।
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अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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