राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने डिस्कॉम चेयरपर्सन और वरिष्ठ आईएएएस अधिकारी आरती डोगरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराने के आदेश दिए हैं। यह आदेश जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने सुपरिटेंडेंट इंजीनियर आर.के. मीना की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने अपने आदेश में गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि डिस्कॉम चेयरपर्सन ने याचिकाकर्ता के खिलाफ जांच पर फैसला जानबूझकर कई महीनों तक लंबित रखा। न्यायालय ने कहा कि उपलब्ध परिस्थितियों में भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता और इस मामले में संदेह करने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। हाईकोर्ट ने एसीबी को निर्देश दिया है कि वह पूरे मामले की विस्तृत जांच करे और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट अदालत में पेश करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि सीएमडी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रही हैं। याचिकाकर्ता आरके मीना की ओर से अधिवक्ता अजातशत्रु मीणा और मोविल जीनवाल ने पैरवी करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता ने वर्ष 2022-23 की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) को चुनौती देते हुए दिसंबर 2023 में रिट याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कार्मिक विभाग के सर्कुलर के बावजूद बिना रोस्टर मेंटेन (संधारण) किए डीपीसी कर रहा है। इस प्रक्रिया के कारण याचिकाकर्ता को एक्सईएन (XEN) से सुपरिटेंडेंट इंजीनियर पद पर प्रमोशन नहीं मिल सका। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को यह भी बताया कि याचिका दायर करने के बाद याचिकाकर्ता को अलग-अलग कारणों से तीन चार्जशीट जारी कर दी गईं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह कार्रवाई प्रतिशोधात्मक भावना से की गई। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। अब एसीबी की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि यह मामला एक वरिष्ठ आईएएएस अधिकारी और बिजली विभाग की शीर्ष प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान की सबसे सुरक्षित और संवेदनशील इमारतों में से एक राजस्थान विधानसभा को शुक्रवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी मिली है। विधानसभा सचिवालय को भेजे गए एक अज्ञात ईमेल में स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी गई कि दोपहर 1 बजे विधानसभा परिसर में बड़ा धमाका किया जाएगा। इस धमकी के बाद पूरे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमकी मिलते ही विधानसभा प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया। एहतियातन विधानसभा भवन के भीतर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों को तत्काल बाहर निकाला गया। जो कर्मचारी ड्यूटी के लिए विधानसभा पहुंच रहे थे, उन्हें मुख्य गेट के बाहर ही रोक दिया गया। परिसर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमांडो, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वायड और स्थानीय पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। आधुनिक उपकरणों की मदद से विधानसभा के गार्डन, पार्किंग, गलियारों, कमरों और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहन तलाशी ली जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान विधानसभा को निशाना बनाने की धमकी मिली हो। कुछ ही दिन पहले भी इसी तरह की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। बार-बार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों ने इंटेलिजेंस ब्यूरो और राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत है या इसके पीछे कोई गंभीर राजनीतिक, आपराधिक या सुरक्षा संबंधी साजिश छिपी है। फिलहाल विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षा एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हैं। पूरे मामले पर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की नजर बनी हुई है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायिक इतिहास में शनिवार, 25 अप्रैल एक ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। संभवतः पहली बार राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ के सभी न्यायाधीश जयपुर पीठ में बैठकर सुनवाई करेंगे। इस विशेष व्यवस्था के चलते जयपुर एक दिन के लिए ‘न्यायिक राजधानी’ के रूप में स्थापित होगा। हालांकि इस ऐतिहासिक मौके के बीच अधिवक्ताओं के विरोध ने माहौल को और गरमा दिया है। तीनों प्रमुख बार एसोसिएशनों ने न्यायिक बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के आदेश से जारी रोस्टर के अनुसार 25 अप्रैल को राजस्थान हाईकोर्ट में 4 लार्जर बेंच, 6 खंडपीठ और 15 एकलपीठ गठित की गई हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। हाईकोर्ट की स्थापना के बाद संभवतः पहली बार एक साथ चार वृहदपीठों का गठन हुआ है। इसे न्यायिक इतिहास की बड़ी घटना माना जा रहा है। विशेष बात यह है कि जोधपुर मुख्यपीठ के मामलों की सुनवाई भी जयपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। जस्टिस वीनीत माथुर, जस्टिस कुलदीप माथुर और जस्टिस नुपुर भाटी की वृहदपीठ जयपुर से जोधपुर के दीवानी मामलों की सुनवाई करेगी। हालांकि तकनीकी चुनौतियों और नेटवर्क समस्याओं को लेकर अधिवक्ताओं में चिंता भी जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के जयपुर दौरे और कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए यह विशेष सिटिंग व्यवस्था की गई है। इसे न्यायिक व्यवस्था में बड़े बदलाव और प्रशासनिक प्रयोग के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। इधर, इस ऐतिहासिक दिन के साथ विरोध भी तेज हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 7 मार्च 2026 और 25 अप्रैल 2026 को न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय लिया था, जिसे अब अधिवक्ता समूहों में लगातार प्रसारित किया जा रहा है।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। देश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर दिया। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे। राघव चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद भी भाजपा में शामिल होंगे।राघव चड्ढा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें महसूस हो रहा था कि वह “गलत पार्टी में सही आदमी” हैं। उन्होंने कहा कि अब आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक चुकी है और राष्ट्रहित के बजाय निजी हितों के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए वे और उनके साथ सांसद भाजपा में विलय करेंगे। राघव चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से 7 सांसद उनके साथ हैं। उन्होंने जिन नामों का जिक्र किया, उनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी शामिल हैं। यदि यह दावा सही साबित होता है तो राज्यसभा में AAP की ताकत को बड़ा झटका लगेगा। बताया जा रहा है कि अशोक मित्तल के घर 15 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की थी। इसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई थी। अब उनके सार्वजनिक रूप से राघव चड्ढा के साथ आने से राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम खासतौर पर पंजाब की राजनीति पर असर डाल सकता है, क्योंकि अगले साल वहां विधानसभा चुनाव होने हैं। AAP के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है, जबकि भाजपा के लिए यह रणनीतिक बढ़त हो सकती है। आने वाले दिनों में राज्यसभा और पंजाब की राजनीति में इसके असर साफ दिखाई दे सकते हैं।
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राष्ट्रीय न्यूज़: चेन्नई में दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे के कथित बयान—जिसमें उन्होंने पीएम मोदी को “आतंकवादी” कहा बताया गया—पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद खड़गे ने अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा कि उनका आशय व्यक्तिगत रूप से मोदी को आतंकवादी कहना नहीं था, बल्कि यह कहना था कि सरकार की नीतियों और एजेंसियों के जरिए राजनीतिक दलों और लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। खड़गे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री लोगों और विपक्षी दलों को “डराते” हैं और केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी, आयकर विभाग और सीबीआई का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि उनका बयान “आतंकित करने” के संदर्भ में था, न कि प्रधानमंत्री को आतंकवादी बताने के लिए। इसके बावजूद भाजपा ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और खड़गे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। गौरतलब है कि खड़गे इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी पर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं। 2024 में उन्होंने मोदी की तुलना आक्रमणकारी तैमूर लंग से की थी, जबकि 2023 में उन्हें “जहरीला सांप” और “झूठों का सरदार” जैसे शब्दों से संबोधित किया था, जिन पर बाद में उन्होंने सफाई दी थी। इस ताजा बयान के बाद एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
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अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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