राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि समाज और राष्ट्र को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए आध्यात्मिक चेतना, नैतिकता और मूल्य आधारित नेतृत्व अत्यंत आवश्यक हैं। रविवार को जयपुर में आयोजित जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीटो) टाउन रिप्रजेन्टेटिव नेशनल कॉन्क्लेव एवं विश्व नवकार महामंत्र दिवस 2.0 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जैन दर्शन की ध्यान, तपस्या और आत्मचिंतन की परंपरा को विश्व मानवता के लिए मार्गदर्शक बताया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जैन समाज ने सदियों से भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सामाजिक मूल्यों को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मअनुशासन के सिद्धांतों ने न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को शांति और सह-अस्तित्व का संदेश दिया है। उन्होंने भगवान महावीर स्वामी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘जियो और जीने दो’ का सिद्धांत आज भी वैश्विक समाज के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें जैन समाज सहित सभी समुदायों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। पारदर्शिता, जनसेवा और नैतिक मूल्यों के साथ कार्य करते हुए समाज और शासन दोनों को कर्तव्यबोध को सर्वोपरि रखना होगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं और उद्यमियों से समाजहित और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने का आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2014 में विश्व अर्थव्यवस्था में 11वें स्थान पर रहा भारत आज चौथे स्थान पर पहुंच चुका है और शीघ्र ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि जैन समाज ने व्यापार, उद्योग और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नवकार महामंत्र दिवस केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मानवता को शांति, सद्भाव, ज्ञान और आत्मशुद्धि का सार्वभौमिक संदेश देने का माध्यम है। उन्होंने विश्व में शांति और कल्याण की कामना करते हुए नवकार महामंत्र की दिव्य ऊर्जा से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की अपेक्षा व्यक्त की। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस 2.0 के प्रचार-प्रसार के लिए रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जीटो के राष्ट्रीय अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी, उपाध्यक्ष हिमांशु जे. शाह, सचिव महावीर चपलोत, जयपुर चैप्टर की चेयरपर्सन सलोनी जैन सहित विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी, महिला उद्यमी, युवा प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
Read more 1st Mar 2026
राजस्थान न्यूज़: खाटू श्याम। आस्था और भक्ति का एक अनोखा दृश्य तब सामने आया जब ‘डॉग भगत’ के नाम से चर्चित एक कुत्ते को आखिरकार खाटू श्याम मंदिर में VIP दर्शन कराए गए। कहा जाता है कि भगवान के दरबार से सच्चा भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। यही भाव उस समय जीवंत हो उठा जब एकादशी के पावन दिन डॉग भगत को विशेष रूप से मंदिर में प्रवेश देकर दर्शन कराए गए। पुजारी ने उसके गले में फूलों की माला पहनाई और मोरपंख भेंट कर सम्मानित किया। यह डॉग अपने मालिक के साथ 23 फरवरी को जयपुर के जोबनेर से पदयात्रा करते हुए खाटू पहुंचा था। लंबी यात्रा के दौरान उसके पंजे छिल गए, छाले पड़ गए, लेकिन वह रुका नहीं। रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद उसकी आस्था और साथ निभाने की भावना ने लोगों का ध्यान खींचा।हालांकि जब वह मंदिर परिसर की दहलीज पर पहुंचा तो सुरक्षाकर्मियों ने उसे कतार से बाहर कर दिया और मंदिर में प्रवेश नहीं दिया। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने कहानी बदल दी। श्याम भक्तों के बीच डॉग भगत की चर्चा तेज हो गई। मामला मंदिर कमेटी तक पहुंचा, जिसके बाद कुत्ते के मालिक की तलाश की गई और उन्हें फोन कर विशेष रूप से बुलाया गया। इसके बाद मंदिर प्रशासन की ओर से डॉग भगत को VIP दर्शन कराए गए। यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए भावुक और प्रेरणादायक बन गया।धार्मिक संदर्भ में भी इस घटना की तुलना महाभारत के ‘महाप्रस्थानिक पर्व’ से की जा रही है। कथा के अनुसार, युधिष्ठिर जब स्वर्ग के द्वार पर पहुंचे तो उनके साथ एक कुत्ता था, जो वास्तव में धर्मराज थे। इंद्र ने कुत्ते को स्वर्ग में प्रवेश की अनुमति नहीं दी, लेकिन युधिष्ठिर ने कहा कि यदि कुत्ते को प्रवेश नहीं मिलेगा तो वे भी नहीं जाएंगे। अंततः यह उनकी परीक्षा थी जिसमें वे सफल हुए।डॉग भगत की यह कहानी आस्था, समर्पण और निष्ठा का प्रतीक बनकर सामने आई है। फिलहाल श्रद्धालुओं के बीच इस अनोखी भक्ति की खूब चर्चा हो रही है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
Read more 28th Feb 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ वेटेनरी एंड एनिमल साइंसेज (राजुवास) के कुलगुरु (वाइस चांसलर) की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे को नोटिस जारी किया है। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने डॉ. आर. के. बाघेरवाल द्वारा दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्यपाल सहित संबंधित पक्षों से तीन सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। याचिका में राज्यपाल द्वारा 4 सितंबर 2025 को डॉ. संमत व्यास को कुलगुरु नियुक्त किए जाने की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत की गई है, इसलिए इसे निरस्त किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश यादव ने अदालत को बताया कि वीसी चयन के लिए राज्यपाल के आदेश से 3 मई 2025 को सर्च कमेटी गठित कर विज्ञापन जारी किया गया था। लेकिन यूजीसी के नियमानुसार सर्च कमेटी का अध्यक्ष उस विश्वविद्यालय से संबद्ध नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर त्रिभुवन शर्मा को सर्च कमेटी का चेयरमैन बनाया, जो पूर्व में विश्वविद्यालय के एनिमल न्यूट्रिशन विभाग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि नियुक्त कुलगुरु डॉ. संमत व्यास आवश्यक योग्यता पूरी नहीं करते, क्योंकि उनके पास वीसी पद के लिए अनिवार्य माने जाने वाला न्यूनतम 10 वर्ष का शिक्षण अनुभव नहीं है। याचिकाकर्ता ने इसे नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर नियम उल्लंघन बताते हुए अदालत से नियुक्ति रद्द करने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने राज्यपाल, नियुक्त कुलगुरु, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार तथा राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब अगली सुनवाई में सभी पक्षों के जवाब के आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई तय करेगी।
Read more 27th Feb 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों से जुड़े दो अहम मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। 25 फरवरी 2026 को लिखे इस पत्र में राहुल गांधी ने एक्स-सर्विसमेन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने और दिव्यांगता पेंशन पर लागू किए गए नए आयकर प्रावधान को वापस लेने का अनुरोध किया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि एक्स-सर्विसमेन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम का उद्देश्य देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान में यह योजना गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। उन्होंने लिखा कि अपर्याप्त बजट और संसाधनों की कमी के कारण पूर्व सैनिकों को समय पर उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे वे स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्होंने अपना जीवन देश की रक्षा में समर्पित किया, उन्हें बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़े, यह स्थिति चिंताजनक है। राहुल गांधी ने वित्त मंत्रालय से आग्रह किया कि आगामी बजटीय प्रावधानों में ईसीएचएस के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित की जाए ताकि पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। दूसरे मुद्दे पर उन्होंने दिव्यांगता पेंशन पर लगाए गए नए आयकर प्रावधान को वापस लेने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि दिव्यांग सैनिकों पर कर का बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि यह पेंशन उनके शारीरिक नुकसान और सेवा के दौरान हुए त्याग की भरपाई के रूप में दी जाती है। ऐसे में इस पर कर लगाना संवेदनशीलता और न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पत्र की एक प्रति रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी भेजी है, ताकि इस विषय पर रक्षा मंत्रालय भी आवश्यक कदम उठा सके। उन्होंने केंद्र सरकार से अपेक्षा जताई कि पूर्व सैनिकों और दिव्यांग जवानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
Read more 28th Feb 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: जैसलमेर। भारत की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) ‘प्रचंड’ में ऐतिहासिक उड़ान भरते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया। राष्ट्रपति मुर्मू ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं। यह उड़ान भारतीय वायुसेना की सामरिक क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के रक्षा क्षेत्र में बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक मानी जा रही है। राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंचीं, जहां वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और हेलिकॉप्टर की तकनीकी विशेषताओं एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत ब्रीफिंग दी। इसके बाद राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठीं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ सुबह लगभग 10:15 बजे उड़ान भरी। करीब 25 मिनट तक चली इस विशेष उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती इलाकों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई निरीक्षण किया। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने हेलिकॉप्टर के कॉकपिट से सैल्यूट भी किया, जिसका दृश्य बेहद प्रेरणादायक रहा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इससे पहले सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति भी बन चुकी हैं। अब लड़ाकू हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरकर उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों के साथ अपनी सक्रिय सहभागिता और सैन्य क्षमताओं पर विश्वास को एक नई पहचान दी है। स्वदेशी तकनीक से विकसित लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ उच्च ऊंचाई वाले इलाकों में युद्ध संचालन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। राष्ट्रपति की यह उड़ान ‘वायुशक्ति-2026’ युद्धाभ्यास से पहले भारतीय वायुसेना की ताकत और आधुनिक युद्ध क्षमता का मजबूत संदेश भी मानी जा रही है।
Read more 27th Feb 2026
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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