राजस्थान न्यूज़: उदयपुर में एक कॉलेज छात्रा ने पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। प्रतापनगर थाना क्षेत्र में दर्ज इस प्रकरण में कुराबड़ थाने में तैनात कांस्टेबल मुकेश चौबीसा पर सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेलिंग और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता ने जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्रा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जनवरी 2025 में इंस्टाग्राम पर उसकी आरोपी से बातचीत शुरू हुई थी। इसके बाद आरोपी ने लगातार उसका पीछा करना शुरू कर दिया और दोस्ती के लिए दबाव बनाने लगा। जब छात्रा ने मना किया, तो आरोपी ने उसके पिता को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने धमकाकर उसे यूनिवर्सिटी रोड स्थित एक कैफे में बुलाया, जहां उसने उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए। इसके बाद इन सामग्रियों के आधार पर उसे ब्लैकमेल करते हुए शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी ने दोबारा कैफे में बुलाकर आपत्तिजनक हरकतें कीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी डिप्टी स्तर के अधिकारी सूर्यवीर सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल खड़े करता है, ऐसे में जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Read more 15th Apr 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर सहित पूरे राजस्थान में बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाल के दिनों में बालिकाओं से छेड़छाड़ की घटनाओं को देखते हुए विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि अब किसी भी बालिका विद्यालय या छात्रावास में बिना अनुमति कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकेगा। यह निर्णय प्रदेशभर के सरकारी बालिका स्कूलों और छात्रावासों में तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। इस संबंध में वरिष्ठ शासन उप सचिव ओपी वर्मा द्वारा औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार, सभी संयुक्त निदेशकों को निर्देशित किया गया है कि प्रदेश के सभी सरकारी बालिका विद्यालयों और छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को पूरी तरह नियंत्रित किया जाए। अब किसी भी व्यक्ति को किसी बालिका से मिलने के लिए उसके अभिभावकों की लिखित अनुमति अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी। बिना अभिभावक की अनुमति के न तो मुलाकात संभव होगी और न ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। नए नियमों के तहत केजीबी (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय) सहित सभी बालिका विद्यालयों और छात्रावासों में प्रवेश के लिए सक्षम अधिकारी—जैसे प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापिका या अधीक्षक—की लिखित अनुमति आवश्यक कर दी गई है। इसके अलावा निरीक्षण प्रक्रिया को भी अधिक सुरक्षित बनाया गया है। अब किसी भी निरीक्षण के दौरान महिला कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी, ताकि पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान के तहत यह भी निर्देश दिया गया है कि निरीक्षण करने वाले अधिकारी बालिका विद्यालयों या छात्रावासों में रात्रि विश्राम नहीं करेंगे। यह कदम भी सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे छात्राओं के लिए सुरक्षित और संरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। राज्य के शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने इस निर्णय को बालिकाओं की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। वहीं कमला लांबा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान महिला शिक्षक संघ ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में इस तरह के कड़े नियम बेहद आवश्यक थे और इससे स्कूल एवं छात्रावास परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। कुल मिलाकर, शिक्षा विभाग का यह निर्णय बालिका सुरक्षा को लेकर एक ठोस पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे न केवल अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगेगी, बल्कि छात्राओं को एक सुरक्षित और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण भी मिलेगा।
Read more 14th Apr 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य सरकार ने चुनाव टालने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए दिसंबर तक चुनाव कराने में असमर्थता जताई है। इससे पहले अदालत ने 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, ऐसे में अब इस मामले की आगामी सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद द्वारा दायर प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि सरकार ने कोर्ट के आदेश की पालना के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन मौजूदा हालात में तय समयसीमा के भीतर चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं है। प्रार्थना पत्र में हर महीने की प्रशासनिक और तकनीकी स्थिति का उल्लेख करते हुए संकेत दिया गया है कि दिसंबर तक चुनाव कराना ही संभव होगा। सरकार ने अपने पक्ष में कई कारण भी प्रस्तुत किए हैं। इसमें ओबीसी आरक्षण से संबंधित आयोग की रिपोर्ट, स्कूलों की उपलब्धता, कर्मचारियों की कमी, ईवीएम की व्यवस्था और अन्य संसाधनों की बाधाओं का हवाला दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन सभी कारकों के चलते जल्दबाजी में चुनाव कराना उचित नहीं होगा। इसके अलावा सरकार ने यह भी तर्क दिया कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में यदि चुनाव उसी अवधि में कराए जाएं, तो “वन स्टेट वन इलेक्शन” की अवधारणा को भी लागू किया जा सकता है, जिससे प्रशासनिक और वित्तीय दृष्टि से लाभ होगा। यह मामला अब केवल चुनाव कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह संवैधानिक समयसीमा, न्यायालय के निर्देश और प्रशासनिक तैयारी के बीच संतुलन का मुद्दा बन गया है। आगामी सुनवाई में हाईकोर्ट का रुख यह तय करेगा कि चुनाव जल्द होंगे या सरकार को अतिरिक्त समय मिल पाएगा।
Read more 13th Apr 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। उनके साथ जदयू कोटे से विजय चौधरी और बिजेन्द्र यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित रहे, जिससे राजनीतिक सौहार्द का संदेश देखने को मिला। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले सम्राट चौधरी ने धार्मिक आस्था व्यक्त करते हुए पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे राजभवन पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले ही उनकी सुरक्षा व्यवस्था को भी बढ़ा दिया गया था, जो इस पद की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस राजनीतिक परिवर्तन की पृष्ठभूमि में नीतीश कुमार का इस्तीफा महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था और अब वे राज्यसभा के सदस्य के रूप में अपनी नई भूमिका निभा रहे हैं। लगभग 20 वर्षों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के कार्यकाल के बाद यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय माना जा रहा है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी यह नई सरकार बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के रूप में स्थापित हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव राज्य की नीतियों, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और विकास कार्यों में नई दिशा तय कर सकता है।कुल मिलाकर, बिहार में यह सत्ता परिवर्तन न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है,
Read more 15th Apr 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: बिहार की राजनीति में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव सामने आया है, जहां सम्राट चौधरी को पहले भाजपा और फिर एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया है। इसके साथ ही उनका मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो गया है। सम्राट चौधरी राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात कर चुके हैं और उन्होंने सरकार बनाने का औपचारिक दावा भी पेश कर दिया है। अब 15 अप्रैल को लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है, जो राज्य की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित एनडीए बैठक में दिलचस्प राजनीतिक दृश्य देखने को मिला। नीतीश कुमार स्वयं सम्राट चौधरी के प्रस्तावक बने और उन्होंने उन्हें माला पहनाकर समर्थन जताया। इस दौरान उन्होंने विधायकों से तालियां बजवाकर चौधरी के नेतृत्व को स्वीकार करने का संदेश दिया। जवाब में सम्राट चौधरी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिससे दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक सौहार्द का प्रदर्शन हुआ। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्होंने राजनीति नीतीश कुमार से सीखी है और उनके साथ काम करते हुए अनुभव प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य बिहार को और अधिक विकसित बनाना है और नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के विजन को आगे बढ़ाना है। इससे पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वे सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ एक ही गाड़ी में राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश जारी करते हुए नई सरकार को पूरा सहयोग देने की बात कही और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बिहार में यह सत्ता परिवर्तन न केवल राजनीतिक समीकरणों में बदलाव का संकेत है, बल्कि राज्य में नई नेतृत्व शैली और प्रशासनिक प्राथमिकताओं की शुरुआत भी माना जा रहा है। आने वाले समय में नई सरकार के फैसलों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
Read more 14th Apr 2026
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved