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July 19, 2024
उड़ता तीर
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इस "न्याय व्यवस्था" और न्यायमूर्तियों को मेरा साष्टांग प्रणाम !
वेद माथुर
अरविंद केजरीवाल अपने सरकारी आवास की मरम्मत पर 55 करोड रुपए खर्च कर देते हैं और आबकारी नीति में और वह अरबों रुपया खा जाते हैं लेकिन जब यह मामला न्यायालय में जाता है तो केजरीवाल और उनके वकील नहीं बल्कि एडी डरी हुई होती है कि आज पता नहीं मीलोर्ड से क्या डांट पड़ने वाली है।
सब इंस्पेक्टर परीक्षा में नकल करके सैंकड़ों गरीब मेहनती प्रत्याशियों का हक मार कर पुलिस की वर्दी हासिल करने वाले गिरफ्तार किए हुए सब इंस्पेक्टर की तत्काल वर्दी उतरवाने और जेल भेजने के बजाय न्यायालय उन्हें जमानत दे देता है।
राजस्थान और अन्य राज्यों में सैकड़ो लोग (जिनमें आईएएस भी शामिल हैं) भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार होते हैं। कुछ दिनों बाद जमानत हो जाती है और अंत में परिणाम कुछ नहीं निकलता।
भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की कार्यवाही एवं परिश्रम के बावजूद एक भी भ्रष्ट आदमी चाहे वह कोई चपरासी हो सब रजिस्टार या आरटीओ ऑफिस का बाबू अथवा बड़ा अफसर , कोई घूस लेने से नहीं डरता।
आजकल अपराध में मामूली जेबकतरे और बड़े नेता ही नहीं, बल्कि मेडिकल कॉलेज के कुशाग्र बुद्धि के छात्र भी शामिल होते हैं। नीट पेपर लीक कांड में रांची की एमबीबीएस की एक छात्रा को भी हिरासत में लिया गया है।
पंच सरपंच से लेकर मंत्री तक किसी भी नेता की संपत्तियों की यदि निष्पक्ष, प्रभावी तथा त्वरित जांच की जाए तो सब कुछ गोलमाल निकलेगा। बिना विधिक आय के हर नेता अरबपति बनकर डंके की चोट पर जीवन का आनंद ले रहा है।
निरंतर पेपर लीक कांडों पर इतना हंगामा होने के बावजूद पेपर लीक करने वाले गैंग न केवल सक्रिय हैं बल्कि सरकार की नाक के नीचे पूरे आत्मविश्वास और जोश के साथ अपना धंधा चला रहे हैं।
राजस्थान लोक सेवा आयोग और ऐसे प्रतिष्ठान जो युवाओं के लिए ईश्वर के मंदिर जैसे हैं, वहां खुलेआम भ्रष्टाचार होता है और योग्य युवा के बजाय नकल, सिफारिश और सदस्यों की जाति वालों को नौकरियां मिल रही हों तो बताइए युवा अपराध की और क्यों नहीं अग्रसर होंगे?
यदि केंद्र और राज्य सरकार है इस से लेकर बाबू तक की नौकरी में जिन लोगों ने आरक्षण का लाभ लेने के लिए विकलांगता और काम आय के प्रमाण पत्र दिए हैं, की ठीक से जांच हो तो सैंकड़ों सरकारी कर्मचारी जेल चले जाएंगे।
अनेक अंगों में विकलांगता और दोष का प्रमाण पत्र देकर इस की नौकरी हासिल करने वाले अनेक आईएएस अफसर ऐसे हैं जो इंस्टाग्राम पर अपने नाचने, बास्केटबॉल खेलने घुड़सवारी करते हुए नजर आ रहे थे। पूजा खेड़कर मामले के बाद जरूर इन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट डिलीट कर दी और अब चुपचाप बैठ गए हैं।
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मैंने ऊपर जो बातें बताई हैं, उनका सारांश यह है कि हमारे देश में कानून का डर सिर्फ गरीब आदमी को है, उस आदमी को नहीं है जो कपिल सिब्बल या मनु सिंघवी जैसे बड़े वकील किराए पर लेने की औकात रखता है!
मैं ऐसी न्याय व्यवस्था और महान न्यायमूर्तियों को सजदा करता हूं !
वेद माथुर
8800445333
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