November 5, 2026
राजस्थान न्यूज़: डेगाना (नागौर)। पंचायतराज चुनाव में वोट पड़ चुके हैं, लेकिन मतगणना में अभी 16 दिन बाकी हैं। इस बीच जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान की कुर्सी के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने जीतने वाले सदस्यों को बचाए रखने की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने डेगाना और भैरूंदा पंचायत समिति क्षेत्र के अपने समर्थित प्रत्याशियों को बाड़ाबंदी में भेज दिया है, जबकि कांग्रेस ने बैठक कर दीपावली के बाद अपने प्रत्याशियों को एक जगह जुटाने पर चर्चा की है। मतगणना 20 नवंबर को होगी। तब तक सदस्यों को अपने खेमे में बनाए रखना दोनों दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि नतीजों के बाद जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव इन्हीं सदस्यों के वोट से होना है। पंचायत समिति सदस्य एक जगह, जिला परिषद सदस्य पुष्कर में भाजपा ने अपने समर्थित जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य प्रत्याशियों को इलाके से बाहर ले जाकर ठहराया है। जानकारी के मुताबिक पंचायत समिति सदस्यों को एक जगह रखा गया है, जबकि जिला परिषद सदस्य पुष्कर में ठहरे हैं। पार्टी नेता प्रत्याशियों की गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं, ताकि मतगणना से लेकर प्रधान और जिला प्रमुख के चुनाव तक कोई खेमे से बाहर न जाए।पुष्कर में ठहरे प्रत्याशियों की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं। इनमें प्रत्याशी समूह में बैठकर ताश खेलते, आपस में चर्चा करते और ग्रुप फोटो खिंचवाते दिख रहे हैं। कुछ तस्वीरों में प्रत्याशी स्विमिंग पूल में नहाते भी नजर आ रहे हैं। दीपावली को देखते हुए कुछ प्रत्याशियों को घर जाने की छूट भी दी गई है। कांग्रेस की बैठक: दिवाली के बाद सबको एक जगह ठहराने की तैयारी कांग्रेस ने डेगाना विधानसभा क्षेत्र में पंचायत समिति सदस्यों की बाड़ाबंदी अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं की है। मंगलवार को पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसमें दीपावली के बाद सभी प्रत्याशियों को इकट्ठा कर किसी सुरक्षित जगह ठहराने और प्रधान चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। पार्टी की कोशिश है कि मतगणना के बाद जो समीकरण बनें, उनके हिसाब से प्रधान पद पर मजबूत दावेदारी पेश की जाए। निर्दलीयों से भी संपर्क, बहुमत के लिए जोड़-तोड़ दोनों दल अपने सदस्यों को साथ रखने में जुटे हैं, वहीं प्रधान पद के दावेदार निर्दलीय और दूसरे दलों के प्रत्याशियों से भी संपर्क कर रहे हैं। बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए अंदरखाने जोड़-तोड़ शुरू हो चुकी है। 20 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समितियों के नतीजे आने के बाद ही जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बाड़ाबंदी का यह सिलसिला दूसरे जिलों में भी है। अलवर में भाजपा ने जिला परिषद प्रत्याशियों को करीब 1,850 किलोमीटर दूर गुवाहाटी में ठहराया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पंचायत चुनाव में बाड़ाबंदी पर रोक लगाने की मांग कर चुके हैं।
November 5, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भजनलाल सरकार के तीन साल पूरे होने पर प्रदेशभर में होने वाले कार्यक्रमों और गतिविधियों का जिम्मा 2006 बैच के आईएएस अधिकारी गौरव गोयल को सौंपा गया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने उन्हें इन कार्यक्रमों का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। गोयल को यह जिम्मेदारी लोकसभा सचिवालय से कार्यमुक्त होने के तीन दिन बाद मिली है। आयोजना (परिवीक्षण) विभाग की ओर से 3 नवंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर राज्य में अलग-अलग कार्यक्रम और गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इनके सुचारु आयोजन और सभी संबंधित विभागों से तालमेल के लिए गोयल नोडल अधिकारी रहेंगे। आदेश की प्रति मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव के उप सचिव, मुख्य सचिव के विशेषाधिकारी और सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और शासन सचिवों को भेजी गई है। आयोजना (परिवीक्षण) विभाग का 3 नवंबर का आदेश, जिसमें गौरव गोयल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। 15 दिसंबर को पूरे होंगे सरकार के तीन सालमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 15 दिसंबर 2023 को पद की शपथ ली थी। इस हिसाब से सरकार 15 दिसंबर को तीन साल पूरे करेगी, यानी तैयारियों के लिए करीब छह हफ्ते बचे हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्चस्तरीय बैठक लेकर तीसरी वर्षगांठ पर जयपुर में बड़ा आयोजन करने के निर्देश दिए थे। इसमें युवाओं के लिए एआई से जुड़ी गतिविधियां और महाराणा प्रताप, महाराजा सूरजमल, मां अमृता देवी और मीराबाई जैसी विभूतियों के इतिहास पर प्रतियोगिताएं होंगी। मुख्य आयोजन की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। अगस्त 2024 से लोकसभा सचिवालय में थे गोयल गोयल 21 अगस्त 2024 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव थे। राज्य सरकार के अनुरोध पर लोकसभा सचिवालय ने उन्हें 31 अक्टूबर को कार्यमुक्त कर उनकी सेवाएं राजस्थान को लौटा दीं। उनकी यह प्रतिनियुक्ति करीब दो साल दो महीने चली। दिल्ली जाने से पहले वे जयपुर में राजभवन में राज्यपाल के सचिव थे।
November 5, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जो टिप्पणियां की हैं, उनका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ेगा। खेड़ा ने यह बात कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। जोधपुर में मुख्यमंत्री ने कहा था- आप जादूगर के बेटे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार, 3 नवंबर को जोधपुर में गहलोत पर तीखे हमले किए थे। उन्होंने कहा था कि गहलोत की खाद-बीज की दुकान थी और वे किसानों को लूटते थे। मुख्यमंत्री ने खुद को किसान का बेटा और गहलोत को जादूगर का बेटा बताया था। गहलोत ने मांगे थे सबूत, जूली ने याद दिलाई 2003 की जमानत जब्ती इसके जवाब में गहलोत ने उसी दिन मुख्यमंत्री से कहा था कि वे अपने आरोपों के तथ्य और दस्तावेज जनता के सामने रखें, नहीं तो 24 घंटे में माफी मांगें। गहलोत ने आईएएस शिखर अग्रवाल के विला मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग भी दोहराई थी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी पलटवार करते हुए कहा था कि जब गहलोत 5 बार सांसद और 3 बार केंद्रीय मंत्री रह चुके थे, तब 2003 में भजनलाल शर्मा की जमानत जब्त हुई थी। इसके बाद बुधवार को गहलोत ने भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्राओं पर तंज कसते हुए कहा था कि देश पहली बार ‘सत्ताधारी विपक्ष’ देख रहा है। इस अभियान के तहत गुरुवार को जयपुर में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पदयात्रा में शामिल हो रहे हैं।
November 5, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत गुरुवार को रामलीला मैदान में सभा शुरू हो गई है। मंच पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया पहुंच चुके हैं। सभा के बाद वैष्णव न्यूगेट से त्रिपोलिया गेट तक पदयात्रा करेंगे।भाजपा ने सभा में करीब 10 हजार लोगों के जुटने की बात कही है। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मैदान में मौजूद हैं। ‘परिवार के मुखिया का नाम लेना भूल गई’ सभा में स्वागत भाषण के दौरान कार्यक्रम की संयोजक और जयपुर सांसद मंजू शर्मा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का नाम लेना भूल गईं। कुछ ही देर में उन्होंने अपनी बात सुधारते हुए कहा कि वे हमारे परिवार के मुखिया मदन राठौड़ का नाम लेना भूल गई थीं। इस पर राठौड़ ठहाका लगाकर हंस पड़े और उनके साथ मुख्यमंत्री और वैष्णव भी हंसने लगे। एसआईआर पर कांग्रेस को जवाब देने का अभियान भाजपा यह अभियान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए चला रही है। दीपावली की खरीदारी के चलते परकोटे के बाजारों में भीड़ को देखते हुए पार्टी ने पदयात्रा का रास्ता छोटा रखा है। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन पदयात्राओं पर तंज कसते हुए कहा था कि देश पहली बार ‘सत्ताधारी विपक्ष’ देख रहा है।
November 4, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने एपीओ किए गए आईएएस शिखर अग्रवाल पर निशाना साधते हुए कहा है, "यदि सरकार 3 हजार करोड़ की जमीन वापस ले ले, तो सारे अस्पताल और स्कूल ठीक हो जाएं और बेरोजगारों को भत्ता भी मिल जाए।" खाचरियावास ने पूरे मामले की हाईकोर्ट के जज से न्यायिक जांच करवाने की मांग की है। खाचरियावास ने फन किंगडम की 3 हजार करोड़ रुपए की जमीन से लेकर ज्वेल्स ऑफ इंडिया और अनंत राज ग्रुप तक में करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोप लगाए। उन्होंने इस मामले में सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। एसीबी कर रही है विला खरीद मामले की जांच शिखर अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने, उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर और परिवार के सदस्यों ने ढाई साल में गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से अलवर के अजबगढ़ और उदयपुर के बुझड़ा में 40 विला और कॉटेज करीब 6.15 करोड़ रुपए में खरीदे और उसी कंपनी को 1.80 करोड़ रुपए सालाना की लीज पर दे दिए। कंपनी "अनंता" नाम से होटल और रिसॉर्ट चलाती है। अग्रवाल ने अपने पक्ष में कहा था कि उन्होंने इस खरीद की जानकारी अपने अचल संपत्ति रिटर्न में दी है। मामला सामने आने के बाद 28 अक्टूबर की देर रात सरकार ने अग्रवाल को उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव समेत सभी पदों से हटाकर एपीओ कर दिया था। बाद में प्रशाखा माथुर को भी एपीओ किया गया। एसीबी ने 31 अक्टूबर को अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिक जांच दर्ज की और सरकार ने जांच की मंजूरी दी। कार्मिक विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है, और जांच पूरी होने तक गोयल फैशंस को मिलने वाले निवेश प्रोत्साहन पर भी रोक लगा दी गई है।
November 4, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भाजपा की 5 नवंबर को जयपुर में होने वाली 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी केंद्रीय रेल और सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ सड़क पर उतरेंगे। कार्यक्रम की संयोजक और जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने बताया कि रामलीला मैदान में होने वाली जनसभा में भी मुख्यमंत्री शामिल होंगे। मंजू शर्मा के मुताबिक जनसभा के बाद भाजपा की सांकेतिक पदयात्रा रामलीला मैदान से चौड़ा रास्ता होते हुए त्रिपोलिया गेट तक जाएगी। वैष्णव और मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी जनसभा और पदयात्रा में रहेंगे। पार्टी ने इसमें 10 हजार से ज्यादा लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। मंजू शर्मा बोलीं- एसआईआर पर भ्रम पैदा कर रही कांग्रेस मंजू शर्मा ने कहा कि पार्टी एसआईआर पर जनता के बीच अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम पैदा कर रही है और चुनावी प्रक्रिया के प्रति अविश्वास का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर इन आरोपों का जवाब देंगे। भाजपा का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने और सूची को ज्यादा भरोसेमंद बनाने की प्रक्रिया है।पार्टी ने संकेत दिए हैं कि सांसद हों या विधायक, विधानसभा हो या सड़क, हर मोर्चे पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया जाएगा दीपावली के बाजारों के चलते छोटा रखा मार्च भाजपा ने पदयात्रा का रास्ता तय करते समय दीपावली की खरीदारी और परकोटे के बाजारों का ध्यान रखा है। त्योहार के दिनों में बाजारों में भारी भीड़ रहती है और लंबे मार्च से यातायात और कारोबार पर असर पड़ने की आशंका थी। इसलिए रामलीला मैदान से त्रिपोलिया गेट तक ही सांकेतिक पदयात्रा रखी गई है, ताकि व्यापारियों और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।कार्यक्रम के लिए विधानसभा क्षेत्र, मंडल और वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। मंडल अध्यक्षों, पार्षदों, पार्षद प्रत्याशियों और वार्ड प्रभारियों को ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ता जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
November 4, 2026
राजस्थान न्यूज़: नई दिल्ली। SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जिनका नाम कट गया है, वे फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं, चाहे वे 10 साल से वोटर क्यों न रहे हों। चुनाव आयोग ने मंगलवार को साफ किया कि ऐसे पुराने वोटरों के फॉर्म-6 भरने को झूठा शपथ पत्र नहीं माना जाएगा और इस पर कोई केस नहीं होगा। दिक्कत यह थी कि फॉर्म-6 में लिखना पड़ता है कि "मेरा नाम पहली बार वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है"। उसी फॉर्म पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 का हवाला भी होता है, जिसके तहत गलत जानकारी देने पर एक साल तक की सजा हो सकती है। पुराने वोटरों को डर था कि ‘पहली बार’ वाला कॉलम भरते ही उन पर झूठा बयान देने का केस बन जाएगा। आयोग ने माना कि इसी डर से लाखों लोग फॉर्म नहीं भर रहे थे। आयोग ने कहा कि यह डर निकाल दीजिए, इसे फॉल्स डिक्लेरेशन नहीं माना जाएगा। 30 राज्यों में 13 करोड़ से ज्यादा नाम कटे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान 2025-26 में बिहार और दिल्ली समेत 30 राज्यों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए। अकेले दिल्ली में 1.45 करोड़ वोटरों में से 47 लाख नाम हटे, यानी करीब 32 फीसदी, लगभग हर तीसरा नाम। आयोग का यह फैसला ऐसे ही लोगों के काम आएगा, जिनका नाम SIR में कट गया। अब नाम जुड़वाने के लिए क्या करें सबसे पहले voters.eci.gov.in पर अपने EPIC नंबर से नाम चेक करें। नाम नहीं है तो फॉर्म-6 भरें और उसके साथ डिक्लेरेशन और दस्तावेज लगाएं। BLO घर-घर जाकर भी फॉर्म-6 भरवा रहे हैं। किसे कौन-से दस्तावेज देने होंगे, यह जन्म के साल पर निर्भर है: जन्म फॉर्म-6 के साथ क्या देना होगा 1987 से पहले अपना एक दस्तावेज 1987 से 2004 के बीच अपना एक दस्तावेज और माता या पिता में से किसी एक का एक दस्तावेज 2004 के बाद अपना दस्तावेज और माता-पिता दोनों के दस्तावेज फॉर्म-6 से 2003 वाला सवाल पहले ही हट चुका जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, उनके लिए आयोग अक्टूबर में फॉर्म-6 में एक और बड़ा बदलाव कर चुका है। SIR में नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए अब 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। आवेदक को यह नहीं बताना होगा कि उसका, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस लिस्ट में था या नहीं। इससे जुड़ा अतिरिक्त घोषणा पत्र फॉर्म-6 से हटा दिया गया है।राजस्थान भी उन राज्यों में है, जहां SIR पूरा हो चुका है। यहां छूटे हुए पात्र वोटरों और पहली बार वोट देने लायक हुए युवाओं के नाम जोड़ने के लिए 1 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाने का एलान हुआ था, जिसमें फॉर्म-6 ऑनलाइन और BLO दोनों के जरिए भरा जा सकता है।फॉर्म-6 की घोषणा पर विवाद भी रहा है। 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उसने किसी संशोधित फॉर्म-6 को मंजूरी नहीं दी है, और रिकॉर्ड आने पर वह देखेगी कि फॉर्म में बदलाव किसने किया।
November 4, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने दो आदेश जारी कर 20 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। उपेन्द्र शर्मा को बांसवाड़ा का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है, जबकि विरेन्द्र कुमार मीना को हाईकोर्ट की जयपुर बेंच में विशेष अधिकारी (ओएसडी) लगाया गया है। रजिस्ट्रार (प्रशासन) चंचल मिश्रा की ओर से जारी पहले आदेश में 16 अधिकारियों के नाम हैं। गुंजन गोयल को जयपुर में नकली करेंसी मामलों की विशिष्ट अदालत और विवेक शर्मा को भरतपुर में महिला अत्याचार मामलों की अदालत की जिम्मेदारी मिली है। बृजेश कुमार को रेंट अपीलीय ट्रिब्यूनल, जयपुर महानगर-I में भेजा गया है। जयपुर और जोधपुर की एनआई एक्ट (चेक बाउंस) मामलों की अदालतों में तीन अधिकारी लगाए गए हैं। दूसरे आदेश में चार नाम हैं। ओएसडी के अलावा यशवंत भारद्वाज को सीकर में एडीजे संख्या-4 लगाया गया है, और मनीष कुमार सिन्हा व योगेश कुमार को सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट बनाकर वैर (भरतपुर) और शेरगढ़ (जोधपुर) भेजा गया है। किसे कहां लगाया न्यायिक अधिकारी नई तैनाती उपेन्द्र शर्मा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बांसवाड़ा राजपाल सिंह डूंगरगढ़ (बीकानेर) बृजेश कुमार रेंट अपीलीय ट्रिब्यूनल, जयपुर महानगर-I रविबाला सिंह एडीजे संख्या-4, बीकानेर विवेक शर्मा महिला अत्याचार मामलों की अदालत, भरतपुर कृष्णकांत एडीजे संख्या-10, सांगानेर गुंजन गोयल नकली करेंसी मामलों की विशिष्ट अदालत, जयपुर अंजुम खान एडीजे संख्या-7, जयपुर चेतन कुमार गोयल एडीजे संख्या-8, जयपुर अंकित दवे धरियावद सुनीता जिंदोलिया जोधपुर महानगर प्रतिभा सिंह राठौर जोधपुर महानगर वंदना शर्मा भवानीमंडी पिंकी मीना एनआई एक्ट मामलों की अदालत, जयपुर त्रिलोचना राठौर एनआई एक्ट मामलों की अदालत, जयपुर अनीता रजवानिया एनआई एक्ट मामलों की अदालत, जोधपुर विरेन्द्र कुमार मीना विशेष अधिकारी (ओएसडी), राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर बेंच यशवंत भारद्वाज एडीजे संख्या-4, सीकर मनीष कुमार सिन्हा सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, वैर (भरतपुर) योगेश कुमार सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, शेरगढ़ (जोधपुर नए चीफ जस्टिस के पदभार संभालने के बाद 26 सितंबर को 18 और 1 अक्टूबर को 16 न्यायिक अधिकारियों के तबादले हुए थे। ताजा 20 को मिलाकर करीब छह हफ्ते में 54 न्यायिक अधिकारियों की तैनाती बदली जा चुकी है।
November 4, 2026
राजस्थान न्यूज़: अलवर। आईएएस शिखर अग्रवाल और उनके परिवार के एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदने के मामले में अब अलवर एसीबी ने भी जांच शुरू कर दी है। एसीबी ने अलवर जिला प्रशासन को पत्र भेजकर गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के सभी भूमि कन्वर्जन का पूरा ब्योरा मांगा है। साथ ही पूछा है कि जिले में इस कंपनी की और कहां-कहां जमीनें और संपत्तियां हैं। पत्र मिलते ही जिला प्रशासन ने जिले के सभी पंजीयक (रजिस्ट्रार) दफ्तरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। माना जा रहा है कि अगले दो दिन में पूरी रिपोर्ट तैयार कर एसीबी को सौंप दी जाएगी। एसीबी को आशंका है कि इस कंपनी में शिखर अग्रवाल के अलावा कई और ब्यूरोक्रेट्स और रसूखदारों ने बेनामी निवेश कर रखा है। इसका खुलासा कन्वर्जन रिपोर्ट और रजिस्ट्रियों की जांच के बाद होगा। 6.16 करोड़ में खरीदे, उसी कंपनी को 1.80 करोड़ सालाना की लीज आईएएस शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी आईपीएस प्रशाखा माथुर, दो बेटों और सास-ससुर ने गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से अलवर के अजबगढ़ में 20 विला और उदयपुर के बुझड़ा में 20 कॉटेज खरीदे थे। इन सब पर 6 करोड़ 16.5 लाख रुपए खर्च हुए, यानी एक यूनिट औसतन करीब 15.4 लाख रुपए की पड़ी। खरीद के साथ ही सभी विला-कॉटेज उसी कंपनी को लीज पर दे दिए गए, जिससे खरीदे थे। बुझड़ा के 20 कॉटेज 4 लाख रुपए प्रति कॉटेज और अजबगढ़ के 20 विला 5 लाख रुपए प्रति विला सालाना की दर से लीज पर दिए गए। यानी कॉटेज से 80 लाख और विला से 1 करोड़, कुल 1.80 करोड़ रुपए हर साल। यह खरीद की रकम का करीब 29 फीसदी है, यानी साढ़े तीन साल से कम में पूरी रकम लीज से वसूल हो जाती। गोयल फैशंस के रिसॉर्ट में बने कॉटेज। अजबगढ़ के 20 में से 16 विला शिखर और प्रशाखा के नाम अजबगढ़ में गोयल फैशंस का अनंता स्पा एंड रिसॉर्ट है। इसी रिसॉर्ट में 4 विला शिखर अग्रवाल के नाम और 12 विला प्रशाखा माथुर के नाम हैं। इनमें से ज्यादातर विला 89 वर्ग मीटर के हैं, जिनमें एक कमरा, टॉयलेट, डाइनिंग एरिया और बालकनी है। शिखर ने यहां पहला विला 2024 में खरीदा था और इसके बाद लगातार खरीदारी होती रही। कंपनी ने यहां सिंगल और चार कमरों वाले जॉइंट, दोनों तरह के विला बनाए हैं। थानागाजी से शुरू हुई थी रजिस्ट्री, अब दूसरे अफसर भी घेरे में कंपनी ने अजबगढ़ में 2020-21 में विला बनाने का काम शुरू किया था। शुरुआत में रजिस्ट्रियां थानागाजी तहसील में हुईं और प्रतापगढ़ तहसील बनने के बाद वहां होने लगीं। रिसॉर्ट का एक दिन का न्यूनतम किराया 8 हजार रुपए है। ज्यादातर खरीदारों ने अपने विला कमर्शियल इस्तेमाल और किराए के लिए कंपनी को ही सौंप रखे हैं। गोयल फैशंस के रिसॉर्ट में बने विला। अब तक क्या-क्या हुआ मामला 27 अक्टूबर को सामने आने के बाद सरकार ने शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर, दोनों को एपीओ कर दिया। एसीबी ने 31 अक्टूबर को शिखर अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिक जांच दर्ज की और 2 नवंबर को गोयल फैशंस के निवेश प्रोत्साहन पर जांच पूरी होने तक रोक लगा दी गई। कार्मिक विभाग के कारण बताओ नोटिस का जवाब 6 नवंबर तक देना है। दोनों अफसर छुट्टी पर अमेरिका में हैं और उनका अवकाश 12 नवंबर को खत्म होगा। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाल उठाया कि इस मामले की जांच एसीबी के बजाय सीबीआई को क्यों नहीं सौंपी जा रही।
November 2, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। स्कूल शिक्षा की संयुक्त निदेशक (जयपुर संभाग) मंजू शर्मा ने सोमवार को शिक्षकों के एमएसीपी, जीआई और प्रतिनियुक्ति से जुड़े कुछ मामलों का मौके पर ही निपटारा करवाया। उन्होंने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (राजस्थान विद्यालय शिक्षा) के प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि शिक्षकों से जुड़ी बाकी समस्याएं भी जल्द निपटाई जाएंगी। महासंघ के जयपुर संभाग के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह जाट की अगुआई में संयुक्त निदेशक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अतिरिक्त मंत्री बसंत जिंदल, प्रदेश संयुक्त मंत्री देवेंद्र कुमार शर्मा, संभाग संयुक्त मंत्री मेघराज शर्मा, जिलाध्यक्ष केशव राज चौहान और जिला मंत्री सुनीता शर्मा समेत संभाग और जिले के कई पदाधिकारी शामिल थे। एमएसीपी, डीपीसी और एरियर के लंबित मामलों पर चार मांगें महासंघ ने मांग की कि जयपुर संभाग के शिक्षकों के लंबित एमएसीपी (मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) मामलों की जल्द समीक्षा कर तय समय में निपटारा किया जाए, ताकि शिक्षकों को उनका वित्तीय लाभ मिल सके। बकाया डीपीसी, पदोन्नति, वेतन विसंगति और एरियर के लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से निपटाने की मांग की गई। महासंघ ने यह भी कहा कि संभाग कार्यालय और उसके अधीन दफ्तरों व स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर लगे शिक्षकों की असली संख्या साफ की जाए और गैर-जरूरी या नियम के खिलाफ हुई प्रतिनियुक्तियों की समीक्षा हो। साथ ही ब्लॉक स्तर पर प्रशासनिक और शैक्षणिक तालमेल बेहतर करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग रखी गई।
November 2, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोशल मीडिया पर बन रही रील्स और ट्रोलिंग पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पैसे के लालच में लोग घटिया रील्स बना रहे हैं। उन्होंने कहा, "आज हमारे सामने यह सबसे बड़ी चुनौती है। मैं तो खुद इसका भुक्तभोगी हूं, आप में से भी कई लोग इसके भुक्तभोगी रहे होंगे।" राठौड़ सोमवार को जयपुर के एक निजी होटल में भाजपा के सोशल मीडिया विभाग की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कुछ दिन पहले पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान के बाद राठौड़ को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था और उन्हें कई बार सफाई देनी पड़ी थी। तब उन्होंने कहा था कि उनकी बात क्रिकेट मैच को लेकर थी और वीडियो क्लिप काटकर साजिश की गई। "बच्चे देखते हैं, उनकी गलत सोच बनती है" राठौड़ ने कहा कि पैसे के लालच में लोग घटिया रील बनाकर सोशल मीडिया पर डाल देते हैं, जिनकी हमारी संस्कृति में कोई जगह नहीं है। इन्हें बच्चे देखते हैं और उनकी सोच गलत बनती है। उन्होंने कहा, "हमें इस चुनौती को स्वीकार करना है और ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद करना है।"कार्यशाला में मौजूद भाजपा सोशल मीडिया विभाग के कार्यकर्ता। "नेगेटिव नैरेटिव को पकड़कर बेनकाब करें" भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल से पार्टी ने बहुत सफलता हासिल की है, लेकिन अब लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें सावधान रहना है और नेगेटिव नैरेटिव को पकड़कर ऐसे लोगों को बेनकाब करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कार्यशाला से सीख लेकर संगठित तरीके से भ्रामक सूचनाओं का मुकाबला करें।
November 2, 2026
राजस्थान न्यूज़: दीपावली पर घर जाने वाले यात्रियों को इस बार बस पकड़ने के लिए ही 20 किलोमीटर तक अतिरिक्त सफर करना पड़ सकता है। जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने जाम रोकने के लिए 3 से 9 नवंबर तक शहर में स्लीपर बसों की एंट्री बंद कर दी है। अब ये बसें शहर के बाहर बने चार स्टैंड से ही चलेंगी। पाबंदी 3 नवंबर (मंगलवार) से 9 नवंबर (सोमवार) तक, यानी सात दिन लागू रहेगी। दीपावली इस बार 8 नवंबर (रविवार) को है, और इसी हफ्ते शहर से बाहर जाने वाली भीड़ सबसे ज्यादा रहती है। चार रूट, चार स्टैंड रूट बस स्टैंड कहां दिल्ली-आगरा बजरी मंडी बस स्टैंड सर्किल के पास, ट्रांसपोर्ट नगर अजमेर रोड हीरापुरा बस स्टैंड, भांकरोटा टोंक रोड पुराने बाईपास पर बी-2 बाईपास क्लोवरलीफ के नीचे सीकर रोड विद्याधर नगर स्टेडियम दिक्कत इन स्टैंड तक पहुंचने की है। चारों जगह शहर के बाहरी छोर पर हैं और वहां तक पहुंचाने के लिए लोकल परिवहन का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। मानसरोवर, सांगानेर, प्रताप नगर, जवाहर नगर और परकोटे के यात्रियों को ऑटो या कैब करनी पड़ेगी, जिस पर 400 से 500 रुपए तक खर्च होंगे। मानसरोवर से ट्रांसपोर्ट नगर तक कैब का अनुमानित किराया इतना ही है, और दूरी तथा उपलब्धता के हिसाब से यह और बढ़ सकता है। स्टैंड तक पहुंचना ही टिकट से महंगा यही खर्च सबसे बड़ी मार है। सीकर का रोडवेज किराया 141 रुपए से शुरू होता है— स्टैंड तक पहुंचने का खर्च इसका करीब तीन गुना बैठेगा। बूंदी का किराया 249 और कोटा का करीब 260 रुपए है, यानी दोनों ही सूरत में कैब का किराया बस के टिकट से ज्यादा होगा। दिल्ली का बस टिकट 380 रुपए से शुरू है, वह भी 400 रुपए से कम है। इस सूची में सिर्फ एसी स्लीपर ही अपवाद है, जिसका किराया 800 रुपए से ऊपर जाता है। मतलब यह कि जो यात्री सबसे सस्ता टिकट लेकर नजदीक के शहर जा रहा है, उसे ही सबसे ज्यादा अनुपात में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। टोंक रोड वाला स्टैंड उसी बी-2 बाईपास पर टोंक रोड की बसों के लिए तय किया गया बी-2 बाईपास क्लोवरलीफ वही जगह है, जहां अक्टूबर में हाईकोर्ट के आदेश पर जेडीए ने 22 गोदाम से बाईपास तक 310 अतिक्रमण हटाने की तैयारी की थी। सीकर रोड पर भीड़ का अपना दबाव है— इसी रास्ते खाटूश्यामजी की आवाजाही रहती है, जहां दीपावली से पहले सफाई के लिए खाटूश्यामजी में दर्शन बंद रखे गए थे। शहर के भीतर नगर निगम की 100 दिवसीय कार्ययोजना भी इन्हीं दिनों चल रही है। रेलवे का इंतजाम 16 नवंबर तक चलेगा त्योहार की भीड़ को लेकर रेलवे की तैयारी बसों से अलग चल रही है। जयपुर जंक्शन पर होल्डिंग एरिया बनाया गया है और 4 से 16 नवंबर तक हसनपुरा साइड के दूसरे गेट का इस्तेमाल सिर्फ बाहर निकलने के लिए होगा। यानी बसों पर पाबंदी 9 नवंबर को हट जाएगी, जबकि स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन उसके बाद भी सात दिन और चलेगा— क्योंकि छठ का लौटता हुआ ट्रैफिक नवंबर के दूसरे पखवाड़े तक रहता है।