April 12, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान की राजनीति में रिफाइनरी परियोजना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा नेताओं के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जिन्हें रिफाइनरी की मूलभूत जानकारी तक नहीं है, उनसे प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स क्या होता है, इसके फायदे क्या हैं, यह समझे बिना केवल भाषण दिए जा रहे हैं और अनावश्यक रूप से उन पर निशाना साधा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि रिफाइनरी परियोजना पर टिप्पणी करने का वास्तविक अधिकार केवल पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को है, क्योंकि वही इस पूरे प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति और समझौते की शर्तों को भली-भांति जानती हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी तरह की कमी या त्रुटि रही होगी तो उसकी सही जानकारी केवल राजे ही दे सकती हैं। उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि चार वर्षों तक परियोजना को जानबूझकर रोके रखा गया और चुनावी दबाव के चलते अब प्रधानमंत्री को बुलाकर उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में इस परियोजना की शुरुआत कांग्रेस नेतृत्व में हुई थी, जब सोनिया गांधीऔर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने शिलान्यास किया था। उन्होंने परियोजना की लागत बढ़ने पर भी चिंता जताते हुए कहा कि 37 हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट अब बढ़कर लगभग 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जिसका बोझ अंततः जनता पर ही पड़ेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर कटाक्ष करते हुए गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को किसानों के जीवन की वास्तविक कठिनाइयों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान महीनों तक खून-पसीना बहाकर खेती करता है और प्राकृतिक आपदाओं के चलते उसकी फसल नष्ट हो जाती है, ऐसे में किसानों को लेकर हल्की टिप्पणी करना उचित नहीं है। गहलोत ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को अपने अनुभव का सही उपयोग करना चाहिए और संवेदनशील मुद्दों पर संतुलित बयान देना चाहिए।
April 12, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जल जीवन मिशन से जुड़े ₹960 करोड़ के टेंडर घोटाले में गिरफ्तार रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल से एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की विशेष जांच टीम ने शनिवार को 12 घंटे से अधिक लंबी पूछताछ की। सुबह 9 बजे शुरू हुई यह पूछताछ देर रात तक चली, जिसमें 100 से ज्यादा सवाल पूछे गए। जांच के दौरान एसीबी ने तीन बार महेश जोशी से संबंधों को लेकर सवाल किया, लेकिन अग्रवाल ने हर बार चुप्पी साध ली। पूछताछ के दौरान एसीबी ने श्रीगणपति ट्यूबवैल और श्रीश्याम ट्यूबवैल कंपनियों द्वारा इरकॉन का कथित फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर टेंडर हासिल करने के मामले पर सवाल किए। इस पर अग्रवाल ने जवाब दिया कि उन्होंने इस मामले की जांच विशाल सक्सेना से करवाई थी। हालांकि टेंडर प्रक्रिया में अपनी किसी भी भूमिका से उन्होंने इनकार कर दिया। एसीबी अब उनके जवाबों के आधार पर नए सवाल तैयार कर रही है और जांच को आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार इस घोटाले कई इंजीनियरों और अधिकारियों की भूमिका सामने आई है, जिसके चलते जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। एसीबी के पास दोनों कंपनियों के मालिकों से मुलाकात से जुड़े साक्ष्य भी मौजूद हैं। मामले की निगरानी के लिए डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह और ओम प्रकाश मीणा के नेतृत्व में टीम गठित की गई है, जिसमें तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं। अग्रवाल को 13 अप्रैल तक रिमांड पर रखा गया है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि यदि समय रहते मामले का खुलासा नहीं होता, तो घोटाले की राशि ₹20 हजार करोड़ तक पहुंच सकती थी। इससे पहले एसीबी इस मामले में कई बड़े अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें मुख्य अभियंता और अन्य तकनीकी अधिकारी शामिल हैं। रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल को व्यक्तिगत राहत नहीं मिली। उन्होंने अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मांगी थी, लेकिन न्यायालय ने उनका आवेदन खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब तक वह रिमांड पर हैं, इस स्तर पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती।
April 12, 2026
राजस्थान न्यूज़: खाटूश्यामजी (सीकर)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को सीकर जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल Khatu खाटूश्यामजी मंदिर पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन किए और आगामी विधानसभा चुनाव परिणामों से पहले जीत का आशीर्वाद मांगा। उनके इस दौरे को धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री का मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर देश और असम की खुशहाली की कामना की। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सरमा ने विश्वास जताया कि भारतीय जनता पार्टी असम में स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी को 90 से 100 सीटें मिलने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि असम में चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है, जहां लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं और पूरा चुनावी माहौल शांतिपूर्ण रहता है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने आरोप लगाया कि हालिया विवाद में फोटो एडिटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल कर झूठे दस्तावेज तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा और सच्चाई सामने आएगी। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया था। रींगस पुलिस और खाटू थाना पुलिस भी मुस्तैदी से तैनात रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। गौरतलब है कि असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान हो चुका है और 4 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस बार राज्य में रिकॉर्ड 85.89 प्रतिशत मतदान हुआ है, जो पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 3.5 प्रतिशत अधिक है। 35 में से 26 जिलों में 80 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया है, जिससे चुनावी उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है।
April 12, 2026
राजस्थान न्यूज़: भीलवाड़ा। राजस्थान सरकार ने निकाय चुनावों और ओबीसी आरक्षण को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा है कि राज्य में निकाय चुनाव तभी कराए जाएंगे जब अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए सटीक जनसंख्या के आंकड़े उपलब्ध हो जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता आरक्षण के साथ ही चुनाव करवाने की है, ताकि संवैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित हो सके। भीलवाड़ा प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि विपक्ष बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव करवाना चाहता है, तो उसे अपनी मांग लिखित रूप में देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने विधानसभा में भी यह स्पष्ट कर दिया है कि वह आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव करवाने के पक्ष में है। स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने यह भी बताया कि निकाय चुनावों में हो रही देरी का मामला वर्तमान में राजस्थान हाई कोर्टमें विचाराधीन है और सरकार अदालत के निर्णय का पूरी तरह पालन करेगी। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जब तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग त्रिस्तरीय जांच के आधार पर ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या के आंकड़े तैयार नहीं करता, तब तक राजनीतिक आरक्षण देना संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार चाहती है कि आरक्षण का लाभ सही और पात्र लोगों तक पहुंचे, इसलिए सटीक आंकड़ों का होना अत्यंत आवश्यक है। स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि जल्दबाजी में लिए गए फैसले भविष्य में कानूनी जटिलताएं पैदा कर सकते हैं, इसलिए सरकार पूरी प्रक्रिया को संवैधानिक और कानूनी तरीके से पूरा कर रही है।
April 12, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत निर्णयों के चलते राजस्थान में निवेशकों और उद्यमियों के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। जयपुर में आयोजित “व्यापार राजस्थान-2026” कार्यक्रम में उन्होंने ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर को विकसित राजस्थान के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण घटक बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को आवश्यक संसाधन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। अब अधिकृत वाहन डीलर्स को जिला परिवहन अधिकारियों की तरह वाहन पंजीयन की शक्तियां दी गई हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस हो गई है। वाहन डीलर्स द्वारा पंजीयन के साथ ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा यूज्ड कार के व्यापार को व्यवस्थित करने के लिए ट्रेड प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। वाहन एवं सारथी पोर्टल पर उपलब्ध 58 सेवाओं में से 53 सेवाएं अब ऑनलाइन हो चुकी हैं, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ी हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शर्मा ने “गिविंग व्हील्स टू विकसित राजस्थान” थीम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार एक मजबूत और पारदर्शी मोबिलिटी रिटेल इकोसिस्टम का निर्माण कर रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि शहरों में ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए ऑटो रिटेल जोन बनाए जाएं, जिससे उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर सभी वाहन सेवाएं मिल सकें और व्यापार भी व्यवस्थित हो सके। मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी बताया कि राजस्थान निवेश और व्यापार का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। राइजिंग राजस्थान के तहत 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हुए हैं, जिनमें से करीब 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर हजारों डीलर्स के माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार देता है और जीएसटी राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान करता है।
April 12, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में 9 जनवरी को हुए भीषण हिट एंड रन मामले में मुख्य आरोपी दिनेश रणवा को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इस हादसे में 16 लोगों को तेज रफ्तार ऑडी कार ने कुचल दिया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। हाईकोर्ट ने आरोपी को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और 25-25 हजार रुपए के दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही आरोपी को हर सुनवाई पर न्यायालय में उपस्थित रहने की भी शर्त रखी गई है। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सक्सेना ने पैरवी करते हुए तर्क दिया कि दिनेश रणवा को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस यह साबित करने में असफल रही है कि घटना के समय वाहन आरोपी ही चला रहा था। न तो कोई ठोस सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत किया गया और न ही शिनाख्त परेड करवाई गई, जिससे आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट हो सके। साथ ही यह भी दलील दी गई कि आरोपी 18 जनवरी से जेल में है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और ट्रायल लंबा चलने की संभावना है, जबकि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है। वहीं सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि घटना के समय गाड़ी आरोपी के कब्जे में थी और वह तेज गति से वाहन चला रहा था। हादसे के बाद आरोपी करीब 10 दिनों तक फरार रहा, जो उसके दोषी होने की ओर इशारा करता है। साथ ही सह-आरोपियों ने भी उसके खिलाफ बयान दिए हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ आरोपी को जमानत दे दी।
April 12, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के एक एक्सईएन और उसके दलाल को 33 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह घूस झुंझुनूं जिले में स्टेट हाईवे के रोड अलाइनमेंट में बदलाव करने और खातेदारी जमीन को सड़क से बाहर निकालने के नाम पर मांगी गई थी। एसीबी की टीम ने शुक्रवार रात करीब 8 बजे जयपुर की चौमूं पुलिया के पास ट्रैप की कार्रवाई करते हुए दलाल याकूब को 33 लाख रुपये के साथ पकड़ लिया। इसके साथ ही समानांतर कार्रवाई में झुंझुनूं में दूसरी टीम ने PWD के एक्सईएन राकेश कुमार को उसके घर से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि दलाल याकूब यह रकम एक्सईएन तक पहुंचाने वाला था। रोड अलाइनमेंट बदलने के नाम पर मांगी गई रिश्वत एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Sandeep Saraswat ने बताया कि झुंझुनूं के बग्गड़ क्षेत्र से स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए नई सड़क बनाई जा रही है। इसी परियोजना में रोड अलाइनमेंट बदलने और निजी जमीन को सड़क से बाहर करने के लिए यह भारी रिश्वत मांगी गई थी। भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई जारी एसीबी की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस पूरे मामले में अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।यह मामला दर्शाता है कि विकास कार्यों में भी भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, लेकिन एसीबी की सक्रियता से ऐसे मामलों पर लगाम लगाने की कोशिश जारी है।
April 11, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब प्रदेश के हर जिले में अपराधों की मासिक श्रेणीवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें यह विश्लेषण किया जाएगा कि किस जिले में कौन-सा अपराध बढ़ा या घटा है और उसी के अनुसार रणनीति बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजस्थान में अपराध और भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होंगे और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को जयपुर स्थित पुलिस हेडक्वार्टर (PHQ) में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। यह पहला मौका था जब मुख्यमंत्री ने सीधे PHQ में जाकर इस स्तर की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जिला पुलिस अधीक्षक नियमित जनसुनवाई करें, ताकि आम जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके। साथ ही, आईजी स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा हर महीने जिलों का दौरा कर अपराध स्थिति का मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए गए। डेटा आधारित पुलिसिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब प्रवृत्ति आधारित अपराधों (ट्रेंड एनालिसिस) का अध्ययन कर रोकथाम की रणनीति बनाई जाएगी। पुलिसिंग को परिणाम आधारित बनाने के लिए हर कार्रवाई की मॉनिटरिंग की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी। इससे अपराध नियंत्रण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेगी। साइबर क्राइम, ड्रग्स और बॉर्डर एरिया पर विशेष फोकस बैठक में साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष टारगेट तय किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में सख्ती से कार्रवाई कर प्रदेश की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार ने जनता को सुरक्षित वातावरण देने का जो वादा किया है, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। बैठक में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा, सभी रेंज आईजी, जिलों के एसपी और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी
April 11, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में पेट्रोलियम पाइपलाइन से कच्चे तेल की संगठित चोरी के मामले में खुलासा हुआ है। एसओजी की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। एसओजी के एडीजी विशाल बंसलl ने बताया कि गिरफ्तार सरगना राजीव सिंगर से पूछताछ में तेल चोरी के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें कच्चा तेल बेहद कम कीमत पर बेचा जा रहा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका संपर्क रेवाड़ी में एक टैंकर चालक से हुआ, जो पाइपलाइन से चोरी किया गया तेल बाजार मूल्य (करीब 70 रुपये प्रति लीटर) से काफी कम, मात्र 29 रुपये प्रति लीटर में बेच रहा था। बाद में राजीव ने उससे 31 रुपये प्रति लीटर में गाजियाबाद तक तेल सप्लाई का सौदा किया और नेटवर्क मजबूत होने पर 35 रुपये प्रति लीटर तक खरीद बढ़ा दी। यह पूरा रैकेट संगठित तरीके से लंबे समय से संचालित हो रहा था। 36 टैंकर तेल चोरी, 7 आरोपी गिरफ्तार इस मामले का खुलासा तब हुआ जब इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सहायक प्रबंधक हेमंत गोयल ने पाइपलाइन से तेल चोरी की शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि शाहजहांपुर क्षेत्र में 10 नवंबर 2024 से 5 जनवरी 2025 के बीच पाइपलाइन से 36 टैंकर कच्चा तेल चोरी किया गया। एसओजी ने अब तक इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में महावीर, सुदीप जिंदल उर्फ सुदीप लाला, अशोक कुमार चौहान, विजयपाल सिंह चौहान, दिनेश राठी, विजय सिंह और सरगना राजीव सिंगर शामिल हैं। 25 हजार के इनामी आरोपी की तलाश जारी इस मामले में एक अन्य आरोपी अर्जुन उर्फ बलजीत सिंह उर्फ टोनी फरार है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एसओजी उसकी तलाश में जुटी हुई है। फिलहाल राजीव सिंगर से रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठिकानों का पता लगाया जा सके।यह मामला न केवल संगठित अपराध का उदाहरण है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
April 11, 2026
राजस्थान न्यूज़: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर दौसा जिले के बांदीकुई में 607.66 करोड़ रुपये की लागत से 213 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास और सामाजिक सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री ने बांदीकुई के पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम पर रखने की घोषणा की। इसके साथ ही बांदीकुई-दौसा रेलवे फाटक पर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) निर्माण, बांदीकुई और बसवा नगर पालिका क्षेत्रों में सीवरेज व ड्रेनेज गैप कार्य कराने की घोषणा की गई। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय में सावित्री बाई फुले ई-लाइब्रेरी स्थापित करने और सभी जिलों में महात्मा ज्योतिबा फुले आदर्श विद्यालय खोलने की भी घोषणा की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, किसान, मजदूर और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने सामाजिक न्याय, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के जरिए प्रदेश को नई दिशा देने और अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
April 11, 2026
राजस्थान न्यूज़: राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने ईसरदा बांध परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण परियोजना इस वर्ष जुलाई तक पूर्ण हो जाएगी, जिससे सवाई माधोपुर और दौसा जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। करीब 1,038.65 करोड़ रुपये लागत वाली यह परियोजना राम जल सेतु योजना का अहम हिस्सा है, जिससे लाखों लोगों को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। इसके साथ ही टोंक जिले के भूजल स्तर में भी सुधार होगा। उन्होंने बांध स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लिफ्ट, इंटेक वेल, पम्प सिस्टम और स्काडा सिस्टम से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा किया जाए। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग और विभागीय समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। परियोजना के प्रथम चरण में लगभग 35 लाख से अधिक आबादी को लाभ मिलेगा, जिसमें दौसा के 1079 गांव और 5 शहर तथा सवाई माधोपुर के 177 गांव और 1 शहर शामिल हैं। द्वितीय चरण के पूरा होने पर बांध की भंडारण क्षमता और बढ़ेगी।इस दौरान मुख्य सचिव ने टोंक सर्किट हाउस में जिला कलेक्टर टीना डाबी और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की।
April 11, 2026
राजस्थान न्यूज़: पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हाल ही में झालावाड़ जिले के कामखेड़ा बालाजी प्रांगण में दिए गए अपने बयान को लेकर हो रहे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके संवाद को गलत संदर्भ में जोड़कर प्रचारित किया जा रहा है, जो एक षड्यंत्र के अलावा कुछ नहीं है। राजे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी किसी पद की इच्छा व्यक्त नहीं की और वे पहले भी कई बार कह चुकी हैं कि उनके लिए जनता का प्यार ही सबसे बड़ा पद है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेशभर में लोगों का भरपूर स्नेह मिल रहा है, जो किसी भी राजनीतिक पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला एक फोरलेन सड़क के निर्माण से जुड़ा है, जहां स्थानीय लोग बाइपास का एलाइमेंट बदलवाना चाहते थे। इसी संदर्भ में वे लोगों को उदाहरण देकर समझा रही थीं कि धौलपुर में उनके स्वयं के घर के सामने से राष्ट्रीय राजमार्ग निकला था, जिसमें उन्हें अपनी बाउंड्री पीछे करनी पड़ी थी। राजे ने कहा कि जब वे अपने घर को नियमों के कारण नहीं बचा सकीं, तो दूसरों के लिए नियमों के खिलाफ कैसे खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि झालावाड़ उनके लिए केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि परिवार की तरह है और वहां के लोगों से उनका संवाद हमेशा सहज और पारिवारिक होता है।उन्होंने इस पूरे मामले को गलत तरीके से पेश करने को साजिश करार देते हुए कहा कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।