March 28, 2026
राजस्थान न्यूज़: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोलते हुए जयपुर के पास चौंप गांव में बन रहे विश्व के तीसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम परियोजना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अपनी चर्चित ‘इंतज़ारशास्त्र’ सीरीज के छठे अध्याय में गहलोत ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते यह महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रोजेक्ट अब ठंडे बस्ते में चला गया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस स्टेडियम की आधारशिला रखी गई थी और इसे 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन 36 महीने बीत जाने के बावजूद परियोजना अधूरी पड़ी है। गहलोत ने सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद खिलाड़ियों को अपने ही प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं क्यों नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने राज्य के खेल प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव पिछले दो वर्षों से नहीं हो पाए हैं, जिससे प्रशासनिक शून्यता बनी हुई है और क्रिकेट का भविष्य प्रभावित हो रहा है। गहलोत ने भजनलाल सरकार से अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक द्वेष को छोड़कर खिलाड़ियों के हित में काम किया जाए और इस परियोजना को जल्द पूरा किया जाए। गौरतलब है कि अशोक गहलोत पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ‘इंतज़ारशास्त्र’ नामक सीरीज चला रहे हैं, जिसके माध्यम से वे अपनी सरकार के दौरान शुरू हुए उन प्रोजेक्ट्स को उजागर कर रहे हैं जो वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कथित रूप से अधूरे या बंद पड़े हैं। यह सीरीज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। गहलोत ने इस मुद्दे को ‘खेल-विरोधी सोच’ से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी नीतियों के कारण राजस्थान का नाम खेल जगत में पीछे जा रहा है। वहीं, इस बयान के बाद अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या वास्तव में चौंप स्टेडियम परियोजना बजट या नीति संबंधी कारणों से रुकी हुई है या यह महज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है।
March 28, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर में भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार देश की छवि खराब करने और जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। राठौड़ ने कहा कि विपक्ष के कई नेताओं के बयानों में राष्ट्रभक्ति का अभाव साफ नजर आता है। दुश्मन देशों को लेकर दिए गए बयानों पर उठे विवाद के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं को इन शब्दों से आपत्ति है, तो यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है।ईरान-इजरायल युद्ध के मुद्दे पर मध्यस्थता को लेकर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि भारत की नीति हमेशा स्पष्ट रही है कि वह किसी प्रकार की दलाली नहीं करता। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके विचार देशहित के अनुरूप नहीं हैं। राठौड़ ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अभाव और संकट का माहौल दिखाकर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रही है, जबकि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत हुआ है और देश की साख लगातार बढ़ रही है। परिवारवाद के मुद्दे पर भी राठौड़ ने गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि वे खुद ‘पुत्र मोह’ से ग्रसित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत ने अपने बेटे वैभव गहलोत को राजनीति में आगे बढ़ाने के कई प्रयास किए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। राठौड़ ने तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद किसी बात का पालन नहीं करता, उसकी सलाह का कोई महत्व नहीं होता। उन्होंने कांग्रेस को परिवारवाद से बाहर न निकल पाने वाली पार्टी बताते हुए कहा कि यही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।
March 23, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न परिवेदनाएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिन पर उन्होंने संवेदनशीलता के साथ सुनवाई की।मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समय पर निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई में आए संत-महात्माओं का दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्हें मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
March 22, 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में नगरीय निकायों और पंचायतों के चुनाव लगातार टलने से संवैधानिक बहस तेज हो गई है। अधिकांश नगरपालिकाओं का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और वहां प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशासक बनाकर कार्य कराया जा रहा है, जबकि ग्राम पंचायतों में सरपंचों को ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं पंचायत समितियों और जिला परिषदों में भी कार्यकाल समाप्त होने के बाद अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया है। चुनाव आयोग ओबीसी आयोग की रिपोर्ट लंबित होने का हवाला देकर चुनाव टाल रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के सुरेश महाजन बनाम मध्य प्रदेश सरकार मामले में यह स्पष्ट किया जा चुका है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के अभाव में भी चुनाव कराए जा सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद 243के और 243जेडए के तहत राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। सुप्रीम कोर्ट ने किशनसिंह तोमर बनाम म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ अहमदाबाद (2006) में भी कहा था कि चुनाव समय पर कराना अनिवार्य है और राज्य सरकार की देरी इसका आधार नहीं बन सकती। इसके बावजूद व्यावहारिक स्तर पर परिसीमन और आरक्षण निर्धारण जैसी प्रक्रियाएं, जो राज्य सरकार के अधीन हैं, चुनाव में देरी का कारण बन रही हैं। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 20 सितंबर 2025 को स्पष्ट किया था कि निर्वाचन आयोग चुनाव में देरी को लेकर आंख बंद नहीं कर सकता और उसे संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए, हालांकि खंडपीठ ने इस आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार को राहत दी थी। बाद में खंडपीठ ने 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन और 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने के निर्देश दिए, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। ओबीसी आरक्षण के लिए गठित आयोग का कार्यकाल 31 मार्च तक ही है, जबकि आयोग ने सरकार को सूचित किया है कि करीब 400 ग्राम पंचायतों के आंकड़ों में मिसमैच है। ऐसे में सर्वे की आवश्यकता पड़ सकती है, जिससे और देरी होना तय माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक दायित्वों को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
March 22, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर में आयोजित मध्यप्रदेश सरकार के इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट रोड शो में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजस्थान और मध्यप्रदेश के रिश्तों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों राज्य भाई-भाई हैं और आपसी सहयोग से विकास की नई संभावनाएं साकार हो सकती हैं। उन्होंने पार्वती, कालीसिंध और चंबल रिवर लिंक प्रोजेक्ट को साझा विकास की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे जल प्रबंधन, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। यादव ने निवेश को केवल पूंजी आगमन नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास और तकनीकी साझेदारी का माध्यम बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश स्पष्ट नीतियों, तेज निर्णय प्रक्रिया और मजबूत प्रशासन के कारण निवेशकों के लिए आकर्षक केंद्र बन चुका है। जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित इस रोड शो में उन्होंने राज्य की औद्योगिक नीतियों, प्रोत्साहन योजनाओं और निवेश संभावनाओं को उद्योग जगत के सामने प्रस्तुत किया। साथ ही, वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने खेती को उद्योग से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया। फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन और एग्री-लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं बताई गईं। कार्यक्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि दोनों राज्य मिलकर विकास की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। रोड शो के दौरान उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी हुईं, जिनमें निवेशकों को नई औद्योगिक नीति, प्रोत्साहन पैकेज, भूमि उपलब्धता और लॉजिस्टिक नेटवर्क की विस्तृत जानकारी दी गई तथा कई संभावित परियोजनाओं पर प्रारंभिक चर्चा भी हुई।
March 22, 2026
राजस्थान न्यूज़: जोबनेर से ग्राम मालियावास को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री उपयोग किए जाने के आरोप सामने आए हैं। गुणवत्ता को लेकर नाराज ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया, जिसके चलते निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर किए जा रहे डामरीकरण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि डामरीकरण मिट्टी के ऊपर ही किया जा रहा है, जिससे सड़क मजबूत नहीं बन पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि डामर की परत इतनी कमजोर है कि वह हाथों से ही उखड़ रही है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों मे प्रभुदयाल, हुकमाराम, विष्णु मीणा, गणेश सिंह, दिनेश मीणा, मनोज जाखड़, हरि जाखड़, राजेश जाखड़, अशोक, देवी सिंह, मंगल वर्मा, कमल जाखड़, धर्मराज व अनिल ने बताया कि घटिया निर्माण को लेकर मौके पर विरोध दर्ज कराया गया, जिसके चलते फिलहाल सड़क निर्माण कार्य रुक गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मानक के अनुसार पुनः कार्य करवाने की मांग की है।
March 21, 2026
राजस्थान न्यूज़: केरल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम और आसपास के क्षेत्रों का सघन दौरा करते हुए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जोरदार प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने कझाकुट्टम से प्रत्याशी वी. मुरलीधरन, कट्टकडा से पी. के. कृष्णदास, नेमम से राजीव चंद्रशेखर और वट्टियूरकावु से आर. श्रीलेखा के नामांकन कार्यक्रमों में भाग लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुरलीधरन का अनुभव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के माध्यम से केरल को विकास की नई दिशा मिलेगी। उन्होंने राजस्थान में सुशासन, कल्याणकारी योजनाओं और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण देते हुए जनता से बदलाव के लिए भाजपा को समर्थन देने की अपील की। राजीव चंद्रशेखर के नामांकन के दौरान उन्होंने कहा कि केरल की जनता अब परिवर्तन चाहती है और राजस्थान की तरह यहां भी विकास की नई शुरुआत होगी। वहीं आर. श्रीलेखा के प्रशासनिक अनुभव की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने 'विकसित भारत' के लिए 'विकसित केरल' को जरूरी बताया। मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने दौरे के दौरान तिरुवनंतपुरम स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर में भगवान विष्णु के दर्शन कर देश की समृद्धि और सांस्कृतिक एकता की कामना की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए राजस्थान मॉडल और सामाजिक समरसता के संदेश को केरल तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।
March 21, 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान की राजनीति के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद-विधायक विष्णु कुमार मोदी का निधन हो गया है। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को जयपुर के लाल कोठी स्थित श्मशान घाट पर किया गया, जबकि उनकी अंतिम यात्रा मालवीय मार्ग स्थित उनके निजी निवास से शुरू हुईऔर लाल कोठी स्थित श्मशान घाट मेंअंतिम संस्कार किया गया। विष्णु मोदी मूल रूप से नीमकाथाना के निवासी थे और उन्होंने 1984 से 1989 तक अजमेर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए सांसद के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वे पुष्कर और मसूदा विधानसभा क्षेत्रों से दो बार विधायक भी चुने गए। राजनीति के साथ-साथ वे खनन व्यवसाय में भी सक्रिय रहे और उन्होंने नीरजा मोदी स्कूल की स्थापना कर शिक्षा क्षेत्र में भी योगदान दिया। वे 1981 से 1985 तक युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। उनके परिवार का राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है—उनके पिता स्वर्गीय किशन मोदी सीकर से सांसद रहे, जबकि चाचा स्वर्गीय मोहन लाल मोदी नीमकाथाना से पांच बार विधायक रहे। वर्तमान में उनके चचेरे भाई सुरेश मोदी नीमकाथाना से विधायक हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और समाज के लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
March 21, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश की सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए अगले पांच वर्षों में ₹12 हजार 335 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है। इस संबंध में मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट में विस्तृत शपथ पत्र पेश करते हुए स्कूल भवनों की मरम्मत, नए निर्माण और आधारभूत सुविधाओं के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। यह रोडमैप हाईकोर्ट की उस सख्ती के बाद सामने आया है, जब जस्टिस महेंद्र गोयल और जस्टिस अशोक जैन की खंडपीठ ने शिक्षा विभाग के पहले प्रस्तुत एक्शन प्लान पर असंतोष जताया था और सरकार से विस्तृत योजना मांगी थी। झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद कोर्ट इस मामले में स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को निर्धारित की गई है। शपथ पत्र के अनुसार, प्रदेश के 3 हजार 587 जर्जर स्कूलों के लिए ₹ 2 हजार 487 करोड़ की लागत से नए भवन बनाए जाएंगे। इसके अलावा 22 हजार 589 स्कूल भवनों की मरम्मत पर ₹ 1 हजार 129 करोड़ खर्च किए जाएंगे। वहीं 83 हजार 783 जर्जर कक्षाओं के स्थान पर ₹8 हजार 378 करोड़ की लागत से नए क्लासरूम बनाए जाएंगे। सरकार ने स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी योजना तैयार की है। इसके तहत 13 हजार 616 जर्जर शौचालयों के निर्माण और मरम्मत के लिए ₹340 करोड़ खर्च किए जाएंगे। आंकड़ों के अनुसार, नए स्कूल भवनों का सबसे अधिक निर्माण उदयपुर (455), झालावाड़ (309), प्रतापगढ़ (270), बांसवाड़ा (203), डूंगरपुर (201) और जयपुर (134) जिलों में किया जाएगा। सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि इस बड़े बजट के लिए विभिन्न स्रोतों से धन जुटाया जाएगा। इसमें सर्व शिक्षा अभियान से करीब ₹ 2 हजार 500 करोड़, जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (DMFT) से ₹1 हजार करोड़, सांसद और विधायक निधि से ₹1 हजार करोड़, विभिन्न योजनाओं और जनजातीय क्षेत्र विकास निधि से ₹ 500 करोड़, एसडीआरएफ और सीएसआर से ₹ 750-750 करोड़, वीबीजीआरएएमजी निधि से ₹ 2 हजार करोड़, राज्य शिक्षा बजट से ₹1 हजार 500 करोड़ और विश्व बैंक व नाबार्ड से ₹ 2 हजार 500 करोड़ शामिल हैं।
March 21, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान पुलिस में महिला सशक्तिकरण की प्रेरक तस्वीर सामने आई है, जहां 10 महिला पुलिसकर्मियों ने अपने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा से समाज में एक नई मिसाल कायम की है। इन महिला कर्मियों ने यह साबित किया कि वर्दी में मातृत्व, मजबूती और जिम्मेदारी तीनों का संतुलन संभव है। इनमें से किसी ने जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई, तो किसी ने गंभीर अपराधों का खुलासा कर न्याय दिलाया। वहीं कई महिला कर्मियों ने संवेदनशील मामलों को सूझबूझ से संभालते हुए पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत किया। खास बात यह रही कि इन सभी ने अपने पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ पुलिस सेवा की कठिन जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन महिला पुलिसकर्मियों से मुख्यमंत्री निवास पर संवाद कर उनके साहसिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन जांबाज बेटियों के कार्य पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं। चाहे महिला अपराधों का खुलासा हो, उफनती नहर में कूदकर जान बचाना हो या बैंक लूट के दौरान अपराधियों का सामना करना—इन सभी ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। इनमें अलवर की डीएसपी डॉ. पूनम ने महिला अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कई अपराधियों को जेल भेजा, जबकि जयपुर की एसएचओ गुंजन वर्मा ने दुष्कर्म मामले में मात्र दो दिन में चार्जशीट पेश कर तेज न्याय की मिसाल पेश की। राजसमंद की उपनिरीक्षक सोनाली शर्मा ने हत्या और अपहरण के मामलों को सुलझाकर उल्लेखनीय कार्य किया। खेल के क्षेत्र में भी महिला पुलिसकर्मियों ने परचम लहराया है। हेड कांस्टेबल गायत्री देवी और कांस्टेबल रितु राठौर ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पुलिस विभाग का नाम रोशन किया। वहीं बांसवाड़ा की कांस्टेबल गंगा डामोर ने उफनती नहर में कूदकर महिला की जान बचाई, जबकि जयपुर की कांस्टेबल मेनका कुमारी ने बैंक लूट के दौरान अपराधियों को दबोचकर बहादुरी दिखाई। इसके अलावा, कांस्टेबल विमला, धोली बाई और हेड कांस्टेबल सरोज चौधरी जैसी महिला कर्मियों ने भी अपनी सूझबूझ, सतर्कता और संवेदनशीलता से समाज में विश्वास कायम किया। इन सभी महिला पुलिसकर्मियों ने यह साबित कर दिया कि कर्तव्य से बढ़कर कुछ नहीं होता। आज ये महिला कर्मी केवल पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। खासकर युवतियों के लिए ये प्रेरणा हैं कि मेहनत, लगन और साहस से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।
March 21, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा उठाई गई ₹1.44 लाख करोड़ की पानी रॉयल्टी की मांग को राजस्थान सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। राज्य के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इस मांग को तथ्यों से परे और असंवैधानिक बताते हुए स्पष्ट किया कि पानी कोई व्यापारिक वस्तु नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संसाधन है, जिसका उपयोग देशहित में किया जाता है। राजस्थान सरकार का कहना है कि किसी एक राज्य द्वारा पानी पर रॉयल्टी या आर्थिक दावा करना संविधान की भावना के खिलाफ है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मंत्री ने कहा कि जल संसाधनों का उपयोग और वितरण राष्ट्रीय स्तर पर तय नियमों के अनुसार होता है, न कि किसी राज्य की निजी शर्तों पर। सरकार ने पंजाब द्वारा दिए गए 1920 के समझौते के हवाले को भी सिरे से खारिज कर दिया है। रावत के अनुसार यह समझौता ब्रिटिश शासनकाल में बीकानेर रियासत, बहावलपुर रियासत और ब्रिटिश सरकार के बीच हुआ था, जिसमें भुगतान ब्रिटिश सरकार को किया जाना था, न कि पंजाब को। आजादी के बाद इस समझौते की कोई वैधानिक प्रासंगिकता नहीं रह गई है। इसके अलावा, राजस्थान सरकार ने बताया कि स्वतंत्रता के बाद 1955, 1959 और 1981 में रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के जल बंटवारे को लेकर जो समझौते हुए, उनमें कहीं भी रॉयल्टी या भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है। इन समझौतों के आधार पर ही राजस्थान को निर्धारित मात्रा में पानी आवंटित किया गया है और वर्तमान में उसी के अनुसार जल आपूर्ति हो रही है। राज्य सरकार ने अपने पक्ष में संविधान के अनुच्छेद 262 का हवाला देते हुए कहा कि अंतरराज्यीय नदियों के जल विवादों का समाधान संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के तहत ही किया जा सकता है। इस संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार जल को राष्ट्रीय संपत्ति माना गया है, न कि किसी राज्य की निजी संपत्ति। वर्तमान में राजस्थान को बीकानेर नहर, राजस्थान फीडर, भाखड़ा मेन लाइन और सरहिंद फीडर के माध्यम से पानी मिलता है, जिनका संचालन भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) द्वारा केंद्र सरकार की निगरानी में किया जाता है। इस व्यवस्था में कहीं भी पंजाब को अलग से रॉयल्टी देने का कोई प्रावधान नहीं है। राजस्थान के इस रुख के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संकेत दिए हैं कि उनकी सरकार इस मामले को अदालत में ले जाएगी। उन्होंने कहा कि अब इस विवाद का समाधान न्यायालय में ही होगा। इस मुद्दे के चलते दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है और आने वाले समय में यह विवाद कानूनी और राजनीतिक रूप से और गंभीर रूप ले सकता है।
March 20, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और खाड़ी क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब राजस्थान के पेट्रोल पंपों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल (ब्रांडेड फ्यूल) की कीमतों में ₹2 से ₹2.30 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि नॉर्मल (रेगुलर) पेट्रोल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। राजस्थान में पहले से ही अन्य राज्यों की तुलना में फ्यूल पर वैट (VAT) अधिक है, जिसके कारण यहां मामूली बढ़ोतरी भी उपभोक्ताओं पर ज्यादा असर डालती है। डीलर्स के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में औसतन ₹2.09 प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखी गई है। प्रमुख तेल कंपनियों के प्रीमियम ब्रांड—बीपीसीएल का ‘स्पीड’, एचपीसीएल का ‘पावर’ और आईओसीएल का ‘XP95’—अब महंगे हो गए हैं। जयपुर में जहां पहले प्रीमियम पेट्रोल की कीमत करीब ₹111.68 प्रति लीटर थी, वह अब बढ़कर ₹113.77 प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, खाड़ी देशों में जारी युद्ध और तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल और एडिटिव्स की लागत बढ़ गई है। प्रीमियम पेट्रोल के निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाले एडिटिव्स का उपयोग होता है, जिसकी लागत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ तेजी से बढ़ती है। इसी वजह से तेल कंपनियों ने बढ़ी हुई लागत का भार उपभोक्ताओं पर डाल दिया है।