May 5, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में हुए फर्जीवाड़े के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीकर के SK हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक डॉ. कमल कुमार अग्रवाल और निजी लैब संचालक डॉ. बनवारी लाल को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को सोमवार सुबह करीब 7 बजे दबिश देकर हिरासत में लिया गया। मामले में पहले ही मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा सात डॉक्टरों को निलंबित किया जा चुका है। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल के अनुसार, गिरफ्तार किए गए डॉ. कमल कुमार अग्रवाल (40) और डॉ. बनवारी लाल (65) पर आरोप है कि इन्होंने संगठित तरीके से निजी डायग्नोस्टिक सेंटर को फायदा पहुंचाने के लिए अनावश्यक मेडिकल जांचें लिखीं और आरजीएचएस योजना में गड़बड़ी की। यह मामला सीकर मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों और स्थानीय पीएचसी-सीएचसी में कार्यरत डॉक्टरों से संबंधित है। आरजीएचएस की परियोजना निदेशक डॉ. निधि पटेल की अनुशंसा पर तीन महीने पहले ही मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने सात डॉक्टरों को सस्पेंड किया था। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कई मरीजों को बिना पर्याप्त कारण HbA1c, RA Factor और Procalcitonin जैसी महंगी जांचें लिखी गईं। कुछ मामलों में तो इन जांचों की रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली और ओपीडी स्लिप में संबंधित परामर्श का कोई उल्लेख नहीं पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि मरीजों के रिकॉर्ड में स्पष्ट चिकित्सा आधार के बिना बार-बार टेस्ट लिखे गए, जिससे सरकारी योजना के तहत निजी लैब को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इस फर्जीवाड़े से सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल एसओजी पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच के दायरे में और भी अधिकारी और कर्मचारी आ सकते हैं।
May 5, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। देश के विधान मंडलों की समिति प्रणाली को सशक्त और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक मंगलवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित हुई। इस बैठक में विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों ने भाग लेते हुए समितियों की कार्यप्रणाली, उनकी प्रभावशीलता और विधायकों की भागीदारी बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। यह समिति की दूसरी बैठक थी, इससे पूर्व पहली बैठक भोपाल में आयोजित की गई थी। समिति की अध्यक्षता मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने की, जबकि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी सहित उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम के स्पीकर्स इसमें शामिल हुए। बैठक की शुरुआत पारंपरिक तरीके से मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। डॉ. देवनानी ने सभी अतिथियों का राजस्थानी परंपरा अनुसार स्वागत किया, जिसमें सारंगी वादन, कच्छी घोड़ी नृत्य और कठपुतली कला ने सभी को आकर्षित किया। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विधान मंडलों की समितियां सदन का लघु रूप होती हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। समितियों को अधिक सक्रिय बनाने, उनके कार्यों में पारदर्शिता लाने, रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करने और सभी राज्यों में एकरूपता स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही यह भी विचार किया गया कि समितियों की रिपोर्ट पर राज्य सरकारें समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें और उन पर सदन में चर्चा हो। डॉ. देवनानी ने बताया कि समिति द्वारा तैयार की जा रही सिफारिशों की रिपोर्ट जून माह में लोकसभा अध्यक्ष को प्रस्तुत की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले एक और बैठक आयोजित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि समितियां न केवल शासन की जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं, बल्कि आमजन को न्याय दिलाने और संसदीय शोध को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
May 5, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। शिप्रापथ थाना पुलिस ने पेइंग गेस्ट (PG) के नाम पर मकान किराए पर लेकर कब्जा जमाने और मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी महेंद्र गुर्जर (36) उर्फ बिल्लू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने मकान किराए पर लेने के बाद किराया देना बंद कर दिया और मकान खाली करने के बदले 30 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित बाबूलाल शर्मा (48) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी ने 16 जनवरी को गोपालपुरा-सी स्थित उनका तीन मंजिला मकान 1.60 लाख रुपये मासिक किराए पर लिया था। मकान में 24 कमरे और लेट-बाथ की सुविधा थी, जिसे आरोपी ने पीजी संचालन के नाम पर किराए पर लिया। शुरुआती समय में किराया देने के बाद आरोपी ने भुगतान बंद कर दिया और उल्टे मकान खाली करने के लिए भारी रकम की मांग करने लगा। डीसीपी साउथ राजर्षि राज के अनुसार आरोपी और उसके साथी सुनियोजित तरीके से इस प्रकार की वारदात को अंजाम देते थे। वे पहले मकान किराए पर लेते, फिर कुछ समय बाद किराया देना बंद कर विवाद खड़ा करते और मकान मालिक के खिलाफ किराया प्राधिकरण में मामला दर्ज कराकर कोर्ट से स्टे आदेश ले लेते थे। इसके बाद गिरोह मकान मालिक पर दबाव बनाकर मकान खाली करने के बदले बड़ी रकम की मांग करता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के खिलाफ जयपुर के विभिन्न थानों में इसी तरह के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी महेंद्र गुर्जर पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
May 5, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को यह भरोसा हो गया है कि जिस तरह उन्होंने पश्चिम बंगाल में कथित रूप से धांधली कर जीत हासिल की, उसी तरह राजस्थान में भी कर लेंगे। डोटासरा ने कहा कि इसी मानसिकता के कारण राज्य सरकार जनता के मुद्दों पर कोई ठोस काम नहीं कर रही है। प्रदेशाध्यक्ष डोटासराने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “हम जान दे सकते हैं, लेकिन संविधान पर आंच नहीं आने देंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को कमजोर किया गया और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए। साथ ही उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस ऐसी किसी भी स्थिति को नहीं होने देगी और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में लोगों को नोटिस देकर और सूची से बाहर रखकर उनके मतदान अधिकार को प्रभावित किया गया। डोटासरा ने चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों के उपयोग पर भी सवाल उठाए और इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया। प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने राज्य सरकार पर पेपर लीक मामलों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार दावा कर रही है कि पेपर लीक पर रोक लगाई गई है, लेकिन अब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने एसआई भर्ती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मेहनत से परीक्षा पास करने वाले निर्दोष अभ्यर्थियों को अब तक कोई राहत नहीं दी गई है। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस आने वाले चुनावों में जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
May 5, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आरटीओ और ई-चालान के नाम पर बढ़ रहे साइबर फ्रॉड को लेकर आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधियों की सक्रियता भी बढ़ी है और हाल के दिनों में फर्जी ई-चालान से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। एडीजी वीके सिंह के अनुसार ठग “RTO Challan.apk”, “eChallan.apk” या “mParivahan.apk” जैसे नामों से फर्जी ऐप या एपीके फाइल भेजकर लोगों को डाउनलोड करने के लिए उकसाते हैं। इन फाइलों को इंस्टॉल करते ही मोबाइल में मैलवेयर सक्रिय हो जाता है, जिससे बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और निजी डाटा चोरी किया जा सकता है। ठग लोगों को डराने के लिए मैसेज में कोर्ट केस, वाहन ब्लैकलिस्ट या जेल की धमकी जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, ताकि लोग घबराकर तुरंत भुगतान कर दें। पुलिस ने यह भी बताया कि कई मामलों में साइबर अपराधी खुद को आरटीओ अधिकारी बताकर कॉल करते हैं और चालान निपटाने, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण या वाहन परमिट के नाम पर पैसे मांगते हैं। इसके अलावा, सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली फिशिंग वेबसाइटों के लिंक भेजकर भी लोगों को ठगा जा रहा है।
May 4, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के बाद जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मंत्रियों और वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने एक साथ झालमुड़ी खाकर जीत का उत्सव मनाया। सोमवार दोपहर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, अशोक परनामी, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा, मंत्री मदन दिलावर, हीरालाल नागर, कन्हैया लाल चौधरी, गौतम दक, जोगाराम पटेल और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित कई नेता भाजपा मुख्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के साथ इस जीत की खुशी साझा की। इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा रहा, जहां मंत्री, सांसद और विधायक—कालीचरण सराफ, के.के. विश्नोई, मंजू शर्मा, जिला प्रमुख रमा चोपड़ा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को जीत की बधाई दी। पूरे दिन भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह का माहौल बना रहा। भाजपा की पश्चिम बंगाल और असम में पूर्ण बहुमत तथा पुडुचेरी में एनडीए सरकार बनने की सफलता के उपलक्ष्य में सोमवार शाम प्रदेश भाजपा कार्यालय में औपचारिक जश्न कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मौके पर कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन और जनकल्याणकारी नीतियों की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि अब पश्चिम बंगाल भी “डबल इंजन सरकार” के साथ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेगा।
May 4, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान की बहुचर्चित सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) खारिज कर दी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया गंभीर रूप से दूषित है और इसे वैध ठहराया नहीं जा सकता। कोर्ट ने टिप्पणी की कि राजस्थान से भर्ती घोटालों से जुड़े कई मामले नियमित रूप से सामने आ रहे हैं और इस भर्ती में “संस्थागत स्तर पर पेपर लीक” हुआ है।सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब चयन प्रक्रिया की गोपनीयता और निष्पक्षता ही भंग हो चुकी हो, तो ऐसे में दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करना ही एकमात्र कानूनी विकल्प होता है। हालांकि, वर्तमान मामले में यह संभव नहीं पाया गया। कोर्ट ने उदाहरण देते हुए कहा कि NEET जैसे मामलों में भी सीमित संख्या में गड़बड़ी सामने आने के बावजूद पूरी प्रक्रिया रद्द की गई थी, जिससे स्पष्ट है कि परीक्षा की शुचिता सर्वोपरि है। गौरतलब है कि इस भर्ती में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के एक सदस्य की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिस पर परीक्षा से पहले पेपर लीक कराने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। अदालत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रणालीगत खामियों की ओर संकेत करती हैं और ऐसे में पूरी भर्ती को वैध ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा। यह मामला पहले राजस्थान हाईकोर्ट में भी सुनवाई के बाद भर्ती रद्द होने तक पहुंच चुका था। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को भर्ती को निरस्त किया था, जिसे 4 अप्रैल 2026 को खंडपीठ ने भी बरकरार रखा। इसी निर्णय को चुनौती देते हुए चयनित अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली। चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी कि केवल 6.3 प्रतिशत अभ्यर्थी ही दूषित पाए गए हैं और उन्हें अलग किया जा सकता है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि करीब 838 अभ्यर्थी दो वर्षों से सेवा में हैं और उनके प्रशिक्षण पर सार्वजनिक धन खर्च हो चुका है। इसके विपरीत, गैर-चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि जब पेपर लीक स्वयं आयोग के सदस्य द्वारा किया गया हो, तो पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता संदिग्ध हो जाती है और चयन को वैध नहीं माना जा सकता।सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्कालीन RPSC चेयरमैन संजय श्रोत्रिय की याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट की टिप्पणियों को हटाने की मांग की थी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह मामला सार्वजनिक हित से जुड़ा है और उनके कार्यकाल में हुई घटनाओं पर की गई टिप्पणियां हटाई नहीं जाएंगी।
May 4, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। शहर के जवाहर नगर थाना पुलिस ने बीएसएनएल की भूमिगत केबल से कॉपर वायर चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में चोरी किया गया कॉपर वायर, खुदाई में उपयोग होने वाले उपकरण तथा एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। यह कार्रवाई क्षेत्र में लगातार हो रही केबल चोरी की घटनाओं के बाद की गई, जिससे दूरसंचार सेवाओं पर भी प्रभाव पड़ रहा था। डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया कि गिरोह पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम देता था और इसके सदस्य तकनीकी जानकारी का उपयोग कर भूमिगत केबलों को निशाना बनाते थे। गिरोह का सरगना नूर आलम उर्फ गुड्डु पूर्व में भूमिगत केबल और पाइपलाइन बिछाने के कार्य से जुड़ा रहा है, जिससे उसे जमीन के नीचे बिछी केबलों की सटीक जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर वह चोरी की योजना तैयार करता था। पुलिस के अनुसार, इस काम को अंजाम देने के लिए नूर आलम ने भूमिगत मशीन संचालन में माहिर आरोपी आरिफ इस्लाम उर्फ राजा को अपने साथ जोड़ा। आरिफ ने अपने भाई राहुल इस्लाम के माध्यम से पश्चिम बंगाल से मजदूर बुलाए, जिसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर एक संगठित टीम बनाई और जवाहर नगर क्षेत्र में बीएसएनएल की केबलों को निशाना बनाना शुरू किया। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से गिरोह की गतिविधियों पर रोक लगी है और अन्य संभावित वारदातों को भी टाल दिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों एवं नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
May 4, 2026
राजस्थान न्यूज़: राजसमंद। जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने श्रीनाथजी मंदिर के पास से 9228 तलवारों का भारी जखीरा बरामद किया है। यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तलवारों के निर्माण और भंडारण से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई उपली ओडन क्षेत्र में एक भंगार गोदाम में की गई, जहां से 9032 तलवारें जब्त की गईं। पुलिस को सूचना मिली थी कि गोदाम के एक कमरे में अवैध रूप से तलवारों का भंडारण किया जा रहा है और वहीं पर उन्हें बनाने व धार देने का कार्य भी चल रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में धारदार और बिना धार वाली तलवारें बरामद कीं। गोदाम में मौजूद आरोपियों से जब वैध लाइसेंस या अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। दूसरी कार्रवाई भानसोल रोड स्थित एक बाड़े में की गई, जहां वेल्डिंग कार्य की आड़ में तलवार बनाने का कारखाना संचालित किया जा रहा था। यहां से 196 तलवारें बरामद कर एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस पूरे मामले में नाथद्वारा की श्रीनाथ कॉलोनी निवासी अजय सिकलीगर, उपली ओडन निवासी सोनू सुथार और रामदासिया बस्ती निवासी सिकंदर सिकलीगर को हिरासत में लिया है। कार्रवाई के दौरान तलवार निर्माण और धार देने में उपयोग होने वाली मशीनें और उपकरण जैसे ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन, पॉलिश व्हील और अन्य सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस के अनुसार बरामद तलवारें नुकीली और बड़े फल की हैं, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में तलवारों का भंडारण क्यों किया गया, ये हथियार कहां से लाए गए और इन्हें किन लोगों को सप्लाई करने की योजना थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की जांच जारी है।
May 2, 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान पुलिस के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप सामने आए हैं। किशन सहाय, जो वर्तमान में आईजी (मानवाधिकार) पद पर कार्यरत हैं, के खिलाफ जयपुर में रेप का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता महिला, जिसकी उम्र 53 वर्ष बताई जा रही है, ने दूसरे राज्य से डाक के माध्यम से जयपुर के एक पुलिस थाने में शिकायत भेजी थी, जिसके आधार पर 29 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में महिला ने आरोप लगाया है कि अधिकारी ने शादी का झांसा देकर उसे अपने सरकारी आवास पर बुलाया और वहां जबरदस्ती की। महिला का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उसका मोबाइल फोन बंद कर दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे पुलिस में शिकायत न करने के लिए धमकाया गया। महिला ने यह भी कहा कि घटना के बाद करीब तीन महीने तक वीडियो कॉल के माध्यम से उसे लगातार धमकियां दी जाती रहीं। हालांकि किशन सहाय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक साजिश बताया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और चैट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस संवेदनशील मामले में पुलिस जांच जारी है और दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
May 2, 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी आरजीएचएस योजना इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी प्रभावित हो रहे हैं। जो योजना कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए शुरू की गई थी, वही अब खुद व्यवस्था के अभाव में चरमराती नजर आ रही है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे मामले पर सुओ मोटो संज्ञान लेते हुए इसे मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। 1 मई 2026 को जारी आदेश में आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सूचीबद्ध अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों से इलाज से वंचित किया जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बीमारी के दौरान समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है। आयोग के अनुसार, योजना का उद्देश्य मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं और दवाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन हाल के महीनों में इसके क्रियान्वयन में गंभीर बाधाएं सामने आई हैं। इस संकट की मुख्य वजह सरकार पर बकाया भारी भुगतान को माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और केमिस्टों को पिछले 8 से 9 महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। कुल बकाया राशि लगभग 2200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। भुगतान में देरी के चलते कई निजी अस्पतालों ने योजना से दूरी बना ली है, जबकि कई जगहों पर कैशलेस सुविधा बंद कर दी गई है, जिससे मरीजों को मजबूरन अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है। प्रदेश के विभिन्न शहरों—जयपुर, जोधपुर और बीकानेर—में स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है, जहां लाभार्थियों को दवाइयों के लिए ‘नो स्टॉक’ या ‘कैशलेस सेवा बंद’ जैसे जवाब मिल रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों में इस बात को लेकर खासा रोष है कि उनकी सैलरी से हर महीने RGHS के लिए कटौती तो हो रही है, लेकिन जरूरत के समय उन्हें बुनियादी इलाज तक नहीं मिल पा रहा। अब इस पूरे मामले में नजरें भजनलाल शर्मा सरकार पर टिकी हैं। मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद शासन सचिवालय में हलचल तेज हो गई है। आयोग ने सरकार से भुगतान में देरी के कारणों, जिम्मेदारियों और व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए ठोस रोडमैप प्रस्तुत करने को कहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस वित्तीय और प्रशासनिक संकट से कैसे निपटती है।
May 2, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना में तेजी आ गई है। जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक बनने वाले 12 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए एलिवेटेड वायाडक्ट और 10 एलिवेटेड स्टेशनों के डिजाइन एवं निर्माण हेतु 918.04 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों के लिए स्वीकृति पत्र (LOA) जारी कर दिया है। इस परियोजना के तहत प्रहलादपुरा, मानपुरा, बीलवा कलां, बीलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गोशाला जैसे प्रमुख स्थानों पर एलिवेटेड स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही मेट्रो डिपो तक पहुंचने के लिए स्पर लाइन का निर्माण भी इसी पैकेज में शामिल है। यह कॉरिडोर शहर के विकसित होते क्षेत्रों को जोड़ते हुए आवागमन को सुगम बनाएगा। मुख्यमंत्री ने मेट्रो अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कुल प्रस्तावित 41 किलोमीटर में से शेष 29 किलोमीटर के लिए भी जल्द से जल्द निविदाएं आमंत्रित की जाएं, ताकि परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। इससे जयपुर के ट्रैफिक दबाव को कम करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 13,037.66 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक कर परियोजना को गति देने के निर्देश जारी किए थे।