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Rajasthan News:

June 9, 2026

राजस्थान न्यूज़: दौसा में कांग्रेस नेताओं ने गहलोत के बयान से बनाई दूरी, मुरारीलाल मीणा बोले- 10 करोड़ में विधायक बिकते तो यहां नहीं होता

राजस्थान न्यूज़: दौसा। जिला कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में सोमवार को कांग्रेस नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की। हालांकि कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विधायक खरीद-फरोख्त संबंधी बयान को लेकर पूछे गए सवालों ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया। दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं पर भी टिप्पणी की। दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने विधायकों को खरीदने के लिए करोड़ों रुपये के प्रस्ताव दिए जाने की बात कही थी। सांसद ने कहा कि यदि वास्तव में ऐसे सौदे होते तो वह आज यहां खड़े होकर भाषण नहीं दे रहे होते। उन्होंने कहा कि दौसा की जनता उन्हें अच्छी तरह जानती है और उनके राजनीतिक जीवन की पारदर्शिता से परिचित है। मुरारीलाल मीणा ने कांग्रेस के भीतर चल रही बयानबाजी को परिवार के भीतर होने वाली सामान्य चर्चाओं जैसा बताते हुए कहा कि बड़े राजनीतिक दलों में विचारों का आदान-प्रदान होता रहता है। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, जबकि सचिन पायलट ऊर्जावान युवा नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। दोनों नेताओं का कांग्रेस में महत्वपूर्ण योगदान है और पार्टी भविष्य में मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी। कार्यक्रम में मौजूद दौसा जिला प्रभारी एवं पूर्व विधायक राकेश पारीक ने भी अशोक गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उम्र के एक पड़ाव पर व्यक्ति कई बार भावनात्मक रूप से बातें कह देता है। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। सचिन पायलट को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की संभावनाओं से जुड़े सवाल पर पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करना ही वर्तमान प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का स्पष्ट संदेश है कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने बूथ को मजबूत करे और संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व को लेकर निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। परसादी लाल मीणा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की कार्यशैली की सराहना की है और अन्य राज्यों को भी उनसे प्रेरणा लेने की बात कही है। मानेसर प्रकरण और सरकार गिराने के प्रयासों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पुरानी बात हो चुकी है और अंततः सरकार बच गई थी।

June 9, 2026

राजस्थान न्यूज़: श्रीनाथजी मंदिर में सपत्नीक पूजा के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुरू की गिरिराज जी महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा

राजस्थान न्यूज़: डीग। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को ब्रज क्षेत्र पहुंचकर धार्मिक आस्था और श्रद्धा के साथ गोवर्धन गिरिराज जी महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा प्रारंभ की। इससे पूर्व उन्होंने अपनी धर्मपत्नी के साथ डीग स्थित श्रीनाथजी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद सामान्य श्रद्धालु की तरह ‘सात दंडवती’ लगाकर ब्रज की पावन धरा पर गिरिराज जी महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा का शुभारंभ किया। धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए उन्होंने परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के साथ सहभागिता की और प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री की परिक्रमा यात्रा के दौरान मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। जगह-जगह पुष्पवर्षा, स्वागत और अभिनंदन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री ने भी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया तथा आत्मीयता के साथ उनका अभिवादन किया। परिक्रमा मार्ग पर ‘बोलो गिरिराज महाराज की जय’ और धार्मिक जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ब्रज क्षेत्र में मुख्यमंत्री की धार्मिक यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। अनेक स्थानों पर लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर उनके साथ धार्मिक संवाद भी किया। साधु-संतों ने भी इस अवसर पर प्रदेश की समृद्धि और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। इससे पहले मुख्यमंत्री के डीग पहुंचने पर पूंछरी का लौठा स्थित हेलीपैड पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत सहित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री की यह धार्मिक यात्रा पुरुषोत्तम मास के दौरान विशेष महत्व रखती है। गोवर्धन गिरिराज जी की सप्तकोसीय परिक्रमा को ब्रज क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में माना जाता है और इसमें शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

June 9, 2026

राजस्थान न्यूज़: 10 जून तबादलों से हट सकता है प्रतिबंध !, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायकों को दिए सीमित नाम भेजने के संकेत

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित प्रशासनिक और विभागीय तबादलों को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार शाम मुख्यमंत्री निवास (सीएमआर) में आयोजित भाजपा विधायकों की बैठक में सरकारी विभागों में तबादलों को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं।  सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने 10 जून से 20 जून के बीच विभिन्न सरकारी विभागों में स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई है। बैठक में मुख्यमंत्री ने विधायकों से तबादलों को लेकर संयमित और आवश्यकता आधारित प्रस्ताव भेजने पर जोर दिया। जानकारी के अनुसार उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची भेजने के बजाय केवल वास्तव में आवश्यक मामलों को प्राथमिकता दें। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने विधायकों को प्रत्येक विभाग में जरूरत के अनुसार सीमित संख्या में नाम संबंधित विभागीय मंत्री को भेजने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि एक विभाग में अधिकतम तीन अधिकारियों या कर्मचारियों के नाम ही अनुशंसा के लिए भेजने का सुझाव दिया गया है, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया पारदर्शी, संतुलित और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप रह सके। बैठक के दौरान सरकार के कार्यों, संगठनात्मक गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि तबादलों को लेकर अनावश्यक दबाव या व्यापक सिफारिशों से बचा जाए तथा केवल जनहित और प्रशासनिक आवश्यकता वाले मामलों को ही आगे बढ़ाया जाए। राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से तबादला नीति लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की ओर से मिले संकेतों के बाद सरकारी महकमों में तबादलों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर औपचारिक दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।

June 9, 2026

राजस्थान न्यूज़: जयपुर की पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, तीन की मौत; पांच मजदूर गंभीर रूप से झुलसे

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन, पुलिस तथा दमकल विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। जानकारी के अनुसार यह हादसा खोह नागोरियान थाना क्षेत्र के आयशा नगर तलाई इलाके में आईटीआई कॉलेज के पास स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुआ। फैक्ट्री में अचानक आग भड़कने के बाद कुछ ही देर में लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने के समय फैक्ट्री में कई मजदूर काम कर रहे थे, जिससे जनहानि हुई। हादसे में झुलसे पांच लोगों को गंभीर अवस्था में जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकांश घायल 80 से 90 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही है। जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन और दमकल विभाग की टीमों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग लगने की आशंका सामने आई है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। कलेक्टर ने बताया कि घायल मजदूरों को तत्काल एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया है और प्रशासन उनकी हरसंभव सहायता कर रहा है। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की जांच कराई जा रही है तथा यह भी पता लगाया जाएगा कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। आग लगने के बाद दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में किया। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की टीम फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

June 9, 2026

राजस्थान न्यूज़: पूर्व मंत्री महेश जोशी को राहत नहीं, कोर्ट ने गिरफ्तारी को वैध मानते हुए रिहाई की मांग खारिज की

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। पूर्व मंत्री महेश जोशी को भ्रष्टाचार के एक मामले में बड़ी राहत नहीं मिली है। विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रकरण की अदालत ने उनकी ओर से दायर उस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है, जिसमें गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की गई थी। अदालत ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के दौरान संवैधानिक प्रावधानों तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के आवश्यक प्रावधानों का पर्याप्त रूप से पालन किया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री महेश जोशी की ओर से प्रस्तुत आवेदन में कहा गया था कि 7 मई को गिरफ्तारी के समय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। बचाव पक्ष का तर्क था कि जब उन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायालय में पांच दिन के पुलिस रिमांड के लिए पेश किया गया, तब गिरफ्तारी के आधारों की लिखित सूचना उनके परिजनों अथवा अधिवक्ता को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। याचिका में उच्चतम न्यायालय के विहान कुमार बनाम हरियाणा राज्य मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया कि ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी अवैध मानी जानी चाहिए और आरोपी को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्यों से स्पष्ट है कि गिरफ्तारी के आधारों और परिस्थितियों की जानकारी परिजनों को समय पर उपलब्ध करा दी गई थी। सूचना तकनीकी माध्यमों और मौखिक रूप से भी साझा की गई थी, जिससे यह सिद्ध होता है कि गिरफ्तारी संबंधी आवश्यक जानकारी परिवार तक पहुंच चुकी थी। कोर्ट ने यह भी माना कि कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गिरफ्तार व्यक्ति और उसके परिजन गिरफ्तारी के कारणों से अवगत रहें। यदि सूचना प्रभावी रूप से उपलब्ध करा दी गई है तो केवल प्रक्रिया के किसी तकनीकी पहलू के आधार पर गिरफ्तारी को अवैध नहीं ठहराया जा सकता। न्यायालय ने कहा कि मामले में संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन साबित नहीं हुआ है। इन टिप्पणियों के साथ विशेष न्यायालय ने महेश जोशी का प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग अस्वीकार कर दी। अदालत के इस आदेश के बाद मामले की आगे की सुनवाई नियमानुसार जारी रहेगी।

June 8, 2026

राजस्थान न्यूज़: उदयपुर में धर्म परिवर्तन के कथित प्रयास पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान न्यूज़: उदयपुर। उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में आदिवासी परिवारों को कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अन्य राज्यों से आए तीन पादरी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों तथा अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस के अनुसार मामला कानूवाड़ा बिलखाई गांव का है, जहां पिछले दो दिनों से एक प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। आरोप है कि इस सभा में आसपास के 20 से अधिक गांवों के आदिवासी परिवारों को बुलाकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद मिले। ऋषभदेव के पुलिस उपाधीक्षक राजीव राहर ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने शिकायत दी थी कि उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन और कथित दबाव दिया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों को हिरासत में लिया और बाद में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी हेमंत अहारी के अनुसार, सभा में शामिल लोगों को विभिन्न प्रकार के लाभों का आश्वासन दिए जाने के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवारों को लक्ष्य बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें आर्थिक सहायता, कृषि सुविधाएं और अन्य लाभ देने के प्रस्ताव भी दिए गए। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे और उसके परिवार को भी धर्म परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित किया गया था। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि सभा का आयोजन किस उद्देश्य से किया गया था, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और क्या वास्तव में किसी प्रकार का प्रलोभन या दबाव दिया गया था। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल डेटा, वित्तीय लेन-देन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं ताकि मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। उल्लेखनीय है कि धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में राजस्थान में कानून के तहत प्रलोभन, दबाव या धोखे से किए गए धर्म परिवर्तन के आरोप गंभीर श्रेणी में माने जाते हैं।

June 8, 2026

राजस्थान न्यूज़: जगतपुरा में JDA का बुलडोजर एक्शन, 125 से अधिक अतिक्रमण हटाए, इंटरनेट और बिजली बंद

राजस्थान न्यूज़: जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में सोमवार को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। नंदपुरी अंडरपास से रेलवे लाइन के समानांतर बनी सड़क को 80 फीट चौड़ा करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 125 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा चुका है। कार्रवाई के दौरान पांच धार्मिक स्थलों को भी हटाया गया है। पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं 4-मंजिला नूरानी मस्जिद का ढांचा: सड़क के बीचों-बीच आ रहे इस ऊंचे पक्के निर्माण को हटाने के लिए जेडीए की विशेष पोकलेन और कटर मशीनें काम कर रही हैं। 2 प्राचीन मंदिर: स्थानीय आस्था से जुड़े इन दोनों मंदिरों की मुख्य संरचनाओं और चबूतरे को हटाया जा रहा है। 1 सत्संग भवन (बड़ा हॉल): सार्वजनिक सभाओं और सत्संग के लिए बने इस बड़े पक्के हॉल को ढहाया जा रहा है। 1 मजार (दरगाह): सड़क मार्ग के एलाइनमेंट में आ रही इस पुरानी मजार को भी पूरी तरह से स्थानांतरित और साफ किया जा रहा है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कार्रवाई को देखते हुए जयपुर के कई क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। संभागीय आयुक्त वी. सरवन कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार रविवार रात 12 बजे से सोमवार रात 12 बजे तक प्रभावित क्षेत्रों में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी। इसके साथ ही व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) सहित अन्य इंटरनेट आधारित मैसेजिंग और सोशल मीडिया सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए नंदपुरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य इंटरनेट और वाई-फाई के माध्यम से अफवाहों या भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकना बताया गया है। क्षेत्र में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही सीमित कर दी गई है तथा संवेदनशील इलाकों में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। कार्रवाई के दौरान ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। छतों पर चढ़े लोगों को पुलिस द्वारा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से नीचे उतरने के निर्देश दिए गए। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। स्थानीय निवासियों को इंटरनेट बंद होने के साथ-साथ नेटवर्क संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने कॉल ड्रॉप और नो नेटवर्क जैसी परेशानियों की शिकायत की है। बिजली आपूर्ति बंद होने से भी दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। यह प्रतिबंध जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और जयपुर जिले के अनेक थाना क्षेत्रों में लागू किया गया है। इनमें जयपुर उत्तर के रामगंज, गलता गेट, माणक चौक, सुभाष चौक, आमेर, ब्रह्मपुरी, नाहरगढ़, कोतवाली, जालूपुरा, शास्त्रीनगर, भट्टाबस्ती, विद्याधर नगर और जयसिंहपुरा खोर सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। वहीं जयपुर पूर्व के बस्सी, कानोता, तूंगा, आदर्श नगर, जवाहर नगर, गांधी नगर, लालकोठी, मालवीय नगर, सांगानेर, प्रताप नगर और अन्य क्षेत्रों में भी इंटरनेट सेवाएं प्रभावित रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और यातायात सुधार के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है। अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

June 8, 2026

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान राज्यसभा चुनाव: सतीश पूनिया और अलका गुर्जर ने भरा नामांकन, भाजपा ने दिखाया एकजुटता का शक्ति प्रदर्शन

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा की तीन रिक्त हो रही सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के तहत सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन विधानसभा परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार सतीश पूनियाऔर अलका गुर्जर ने विधानसभा सचिवालय पहुंचकर निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। वर्तमान विधानसभा गणित को देखते हुए दोनों उम्मीदवारों का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा ने संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन भी किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दोनों प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान विधानसभा में मौजूद रहे और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सरकार और संगठन के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री तथा विधायक भी उपस्थित रहे। पार्टी की ओर से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर संगठन पूरी तरह एकमत है। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सतीश पूनिया के नामांकन के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा विशेष रूप से उपस्थित रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. पूनिया को राज्यसभा भेजने का निर्णय संगठन में उनके लंबे योगदान और राज्य की सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर लिया गया है। नामांकन के बाद डॉ. सतीश पूनिया ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्वयं को हमेशा एक सामान्य कार्यकर्ता मानते हैं और राज्यसभा में राजस्थान के हितों, किसानों तथा आम जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे। वहीं डॉ. अलका गुर्जर के नामांकन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मौजूदगी ने विशेष राजनीतिक महत्व प्राप्त किया। उनके साथ डॉ. अलका गुर्जर के पति और पूर्व कैबिनेट मंत्री नाथू सिंह भी उपस्थित रहे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, अलका गुर्जर की उम्मीदवारी के माध्यम से भाजपा ने महिला नेतृत्व और गुर्जर समुदाय दोनों को महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया है। डॉ. अलका गुर्जर पूर्व में बांदीकुई से विधायक रह चुकी हैं और लंबे समय से भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी राज्यसभा उम्मीदवारी को संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक प्रतिनिधित्व के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा नेतृत्व की सामूहिक उपस्थिति ने यह संकेत भी दिया कि पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी रणनीतियों को लेकर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहती है। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्यसभा चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

June 8, 2026

राजस्थान न्यूज़: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर आचार्य प्रमोद कृष्णम का पलटवार, पुत्र मोह में धृतराष्ट्र मानसिक रूप से हो गया था अंधा

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच पुराने राजनीतिक विवादों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। गहलोत द्वारा 25 सितंबर 2022 के घटनाक्रम और सचिन पायलट को लेकर दिए गए बयान के बाद अब भाजपा नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उन पर तीखा हमला बोला है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए महाभारत के पात्र धृतराष्ट्र का उदाहरण दिया। उन्होंने लिखा कि पुत्र मोह में धृतराष्ट्र मानसिक रूप से अंधा हो गया था और सत्ता के सिंहासन के स्वार्थ में किसी व्यक्ति का इतना नीचे गिर जाना कल्पना से परे है। उनके इस बयान को अशोक गहलोत पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है। रविवार को अशोक गहलोत ने एक साक्षात्कार और मीडिया बातचीत के दौरान वर्ष 2022 के कांग्रेस नेतृत्व संकट का उल्लेख करते हुए कहा था कि 25 सितंबर की बगावत पार्टी हाईकमान के खिलाफ नहीं, बल्कि सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने की संभावना के खिलाफ थी। उन्होंने दावा किया था कि उस समय बड़ी संख्या में विधायक सचिन पायलट को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे। गहलोत ने यह भी कहा था कि यदि वह स्वयं पार्टी नेतृत्व के खिलाफ होते तो कांग्रेस आलाकमान उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बनाए नहीं रखता। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से यह कहकर बदनाम किया गया कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़कर कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना चाहते थे, जबकि वास्तविकता यह थी कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए तैयार थे। उनके अनुसार उस समय की परिस्थितियों और राजनीतिक घटनाक्रम के कारण उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। पूर्व मुख्यमंत्री ने सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा था कि यदि पायलट उनकी ‘फॉरगेट एंड फॉरगिव’ की भावना को समझ लेते तो मानेसर प्रकरण जैसे मुद्दे लंबे समय तक चर्चा में नहीं रहते। उन्होंने यह भी कहा कि पायलट को कुछ राजनीतिक वास्तविकताओं को स्वीकार करना चाहिए, जिससे पुराने विवाद समाप्त हो सकें। गहलोत के इन बयानों के बाद कांग्रेस के भीतर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल सचिन पायलट की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनके समर्थक नेताओं और विधायकों ने भी अब तक सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पायलट खेमे की प्रतिक्रिया के बाद ही इस विवाद की अगली दिशा स्पष्ट होगी। उल्लेखनीय है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस में रहते हुए भी सचिन पायलट के समर्थक माने जाते थे और कई अवसरों पर गहलोत की आलोचना कर चुके हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद भी उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे राजस्थान कांग्रेस की आंतरिक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

June 5, 2026

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में 850 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे, 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान सरकार ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और ऊर्जा क्षेत्र को अधिक आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को विद्युत भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्यभर में 350 स्थानों पर 850 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहन संख्या को देखते हुए प्रदेश में व्यापक चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इसके तहत सरकारी पार्किंग स्थलों, सरकारी भवनों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन चार्जिंग स्टेशनों को एक मोबाइल एप से जोड़ा जाएगा, जिससे वाहन चालक अपने आसपास उपलब्ध चार्जिंग सुविधाओं की रियल टाइम जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 33 केवी और 11 केवी सब-स्टेशनों पर बैटरी स्टोरेज सिस्टम विकसित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से सौर ऊर्जा को संग्रहित कर आवश्यकता के समय उपयोग में लिया जा सकेगा, जिससे ऊर्जा प्रबंधन और अधिक प्रभावी होगा। 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन के समय कृषि बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में 26 जिलों में दिन के समय कृषि बिजली आपूर्ति शुरू की जा चुकी है, जबकि शेष जिलों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सरप्लस एनर्जी स्टेट बनाया जा सके। रिकॉर्ड मांग के बावजूद नहीं हुई बिजली कटौती हीरालाल नागर ने बताया कि 27 मई को रात 11:30 बजे प्रदेश में इस वर्ष की सर्वाधिक 17,333 मेगावाट बिजली मांग दर्ज की गई थी। उस समय उपलब्धता 17,353 मेगावाट रही, जिसके कारण किसी प्रकार की लोड शेडिंग या बिजली कटौती की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि बेहतर ऊर्जा प्रबंधन, समय पर रखरखाव और पर्याप्त कोयला उपलब्धता के कारण उत्पादन निगम ने 2 जून को 7,171 मेगावाट उपलब्धता और 94.7 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) का रिकॉर्ड दर्ज किया। वहीं सूरतगढ़ तापीय विद्युत परियोजना ने 2,790 मेगावाट बिजली उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। ऊर्जा मंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार की योजनाओं से आने वाले वर्षों में राजस्थान स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

June 5, 2026

राजस्थान न्यूज़: 17 सेकंड में बुजुर्ग महिला से 4.23 लाख के गहने लूटने वाला आरोपी गिरफ्तार, चोरी का माल खरीदने वाले दो ज्वेलर्स भी हिरासत में

राजस्थान न्यूज़: जयपुर दक्षिण पुलिस ने सोडाला थाना क्षेत्र में हुई चर्चित चेन स्नैचिंग और लूट की वारदात का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंदिर से लौट रही बुजुर्ग महिला को सड़क पर पटककर महज 17 सेकंड में 4.23 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण लूटने वाले आरोपी को मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से गिरफ्तार किया है। साथ ही लूटे गए आभूषण खरीदने वाले दो ज्वेलर्स को भी हिरासत में लिया गया है। डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान 21 वर्षीय अनिकेश रावत के रूप में हुई। आरोपी मूल रूप से मध्यप्रदेश के मुरैना जिले का निवासी है और जयपुर के सुशीलपुरा क्षेत्र में किराये पर रह रहा था। मुरैना से हुई गिरफ्तारी पुलिस टीम आरोपी की तलाश में मध्यप्रदेश के सबलगढ़ पहुंची। देर रात मिली सूचना के आधार पर उसके घर पर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर आरोपी छत से कूदकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन गिरने से घायल हो गया। इसके बावजूद पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और जयपुर लाकर पूछताछ की, जिसमें उसने वारदात कबूल कर ली। जुए और सट्टे के कर्ज ने बनाया अपराधी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जयपुर में किराये पर रहकर क्षेत्र की रेकी करता था। इसी दौरान वह जुए और सट्टे की लत में पड़ गया, जिससे उस पर कर्ज बढ़ता गया। आर्थिक दबाव के चलते उसने अपनी मोटरसाइकिल तक गिरवी रख दी थी। कर्ज चुकाने के लिए उसने लूट की योजना बनाई। आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन वह सुबह से सोडाला और सुशीलपुरा क्षेत्र में घूम रहा था। रास्ते में एक हनुमान मंदिर में करीब दो घंटे तक रुका और बाद में शिकार की तलाश में निकल पड़ा। इसी दौरान उसे अकेली बुजुर्ग महिला दिखाई दी, जिसे उसने निशाना बनाया। गोपाल ज्वेलर्स में बेचे थे आभूषण पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने लूटे गए सोने के आभूषण मानसरोवर स्थित गोपाल ज्वेलर्स को बेच दिए थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो ज्वेलर्स को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेश चंद्र गुप्ता (61) निवासी वीटी रोड, मानसरोवर तथा राजेंद्र अग्रवाल (63) निवासी हीरापथ, मानसरोवर के रूप में हुई है। पुलिस लूटे गए आभूषणों की बरामदगी के प्रयास कर रही है।

June 5, 2026

राजस्थान न्यूज़: जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल के खिलाफ 17,500 पन्नों की चार्जशीट, एसीबी ने बताए गंभीर भ्रष्टाचार के तथ्य

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी एवं तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य जलदाय सचिव सुबोध अग्रवाल के खिलाफ विशेष अदालत में 17,500 पन्नों का आरोप पत्र प्रस्तुत किया है। एसीबी की जांच में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के टेंडरों में पद के दुरुपयोग, टेंडर पुलिंग और व्यापक वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने एसीबी मामलों की विशेष अदालत में यह चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने मामले को 8 जून के लिए रिपोर्ट श्रेणी में सूचीबद्ध किया है। फर्जी दस्तावेजों से हासिल किए गए करोड़ों के टेंडर एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगभग 979.27 करोड़ रुपये के टेंडर प्राप्त किए गए। जांच एजेंसी के अनुसार जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के कुछ अधिकारियों और निजी ठेकेदारों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। जांच में यह भी पाया गया कि 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की निविदाओं में नियमों के विपरीत ‘साइट विजिट प्रमाण-पत्र’ को अनिवार्य किया गया था। इससे निविदा प्रक्रिया की गोपनीयता प्रभावित हुई और संभावित बोलीदाताओं की पहचान पहले ही उजागर हो गई। 2024 में दर्ज हुई थी एफआईआर जल जीवन मिशन घोटाले के संबंध में एसीबी ने वर्ष 2024 में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान सामने आया कि श्रीगणपति ट्यूबवेल और श्रीश्याम ट्यूबवेल नामक फर्मों के संचालकों ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के कथित फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र तैयार कराए और पीएचईडी अधिकारियों की मिलीभगत से लगभग 960 करोड़ रुपये के टेंडर हासिल किए। इस मामले में पहले ही प्रवर्तन निदेशालय ने भी अलग से मामला दर्ज किया था। ईडी की जांच के दौरान तत्कालीन जलदाय मंत्री महेश जोशी सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। महेश जोशी और अन्य के खिलाफ जांच जारी एसीबी ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में तत्कालीन जलदाय मंत्री महेश जोशी, कारोबारी संजय बड़ाया तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध जांच अभी जारी है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले एसीबी दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, डी.के. गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और नीरिल कुमार सहित कई आरोपियों के खिलाफ भी आरोप पत्र प्रस्तुत कर चुकी है। फरार आरोपियों की तलाश जारी मामले में फरार चल रहे जितेन्द्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा चुके हैं। एसीबी की टीमें इन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। जल जीवन मिशन से जुड़ा यह मामला राजस्थान के हाल के वर्षों के सबसे चर्चित और बड़े कथित टेंडर घोटालों में गिना जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं और जांच आगे भी जारी रहेगी।