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Rajasthan News:

September 7, 2026

राजस्थान न्यूज़: जयपुर निकाय चुनाव: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने वार्ड 108, 110 और 111 में किया जनसंपर्क, भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांगे वोट

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। नगर निकाय चुनाव के प्रचार के बीच 7 सितंबर को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मदन राठौड़ ने जयपुर के वार्ड संख्या 108, 110 और 111 में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की अपील की। मदन राठौड़ ने वार्ड 110 से भाजपा प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल, वार्ड 111 से संजय जायसवाल और वार्ड 108 से मीनाक्षी पारीक के समर्थन में विभिन्न इलाकों में पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क किया। तीन वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन जनसंपर्क अभियान के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से मुलाकात की। उन्होंने निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को समर्थन देने की अपील की। भाजपा की ओर से कहा गया कि प्रचार के दौरान क्षेत्रवासियों का उत्साह और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है। वार्ड 110 में ज्योति खंडेलवाल के समर्थन में प्रचार वार्ड संख्या 110 में मदन राठौड़ ने भाजपा प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल के समर्थन में जनसंपर्क किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर क्षेत्र के विकास और नगर निगम से जुड़े मुद्दों पर भाजपा के पक्ष में मतदान का आह्वान किया। वार्ड 111 में संजय जायसवाल के लिए अपील इसके बाद वार्ड 111 में भाजपा प्रत्याशी संजय जायसवाल के समर्थन में प्रचार किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में जनसंपर्क कर मतदाताओं तक भाजपा का संदेश पहुंचाया। वार्ड 108 में मीनाक्षी पारीक के समर्थन में पहुंचे वार्ड 108 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी प्रत्याशी मीनाक्षी पारीक के समर्थन में क्षेत्रवासियों से मुलाकात की और भाजपा को समर्थन देने की अपील की। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि तीनों वार्डों में जनता से मिल रहा समर्थन चुनाव परिणाम में पार्टी के पक्ष में दिखाई देगा। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में बढ़ी बड़े नेताओं की सक्रियता जयपुर नगर निकाय चुनाव जैसे-जैसे मतदान के करीब पहुंच रहे हैं, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बड़े नेताओं को वार्ड स्तर के प्रचार में उतार दिया है। अलग-अलग क्षेत्रों में प्रत्याशी स्थानीय समस्याओं और विकास के मुद्दों को लेकर मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं। भाजपा ने अपने अभियान को “कमल खिलेगा, भाजपा जीतेगी” के संदेश के साथ आगे बढ़ाते हुए नगर निगम में जीत का दावा किया है।

September 7, 2026

राजस्थान न्यूज़: जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दिलाई शपथ

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय को सोमवार को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने अंग्रेजी में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। मुख्य सचिव ने पढ़ी नियुक्ति अधिसूचना समारोह की शुरुआत में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्यपाल से जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को शपथ दिलाने का आग्रह किया। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से जारी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति अधिसूचना और वारंट पढ़कर सुनाया। मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी CM रहे मौजूद शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा भी मौजूद रहे। इसके अलावा मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि, राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिकारी, अधिवक्ता और जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल के परिजन भी समारोह में शामिल हुए। राजस्थान हाईकोर्ट को मिला नियमित मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल की शपथ के साथ राजस्थान उच्च न्यायालय में नियमित मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई। उनकी नियुक्ति को न्यायिक प्रशासन और हाईकोर्ट के संस्थागत कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

September 7, 2026

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में तीसरे मोर्चे के संकेत: जयपुर में ओवैसी-बेनीवाल एक मंच पर, AIMIM-RLP ने भाजपा-कांग्रेस को चुनौती

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के बीच एक नई राजनीतिक तस्वीर उभरकर सामने आई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने रविवार रात जयपुर में एक मंच साझा किया और भाजपा-कांग्रेस के अलावा तीसरे राजनीतिक विकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया। संयुक्त सभा जयपुर के भट्टा बस्ती क्षेत्र में वार्ड 146 से AIMIM प्रत्याशी फिरोज बानो के समर्थन में आयोजित हुई। दोनों नेताओं के साथ आने को केवल निकाय चुनाव की रणनीति तक सीमित नहीं माना जा रहा। उनके बयानों से यह संकेत मिला कि भविष्य में विधानसभा चुनाव तक भी राजनीतिक सहयोग की संभावनाएं तलाश की जा सकती हैं। हालांकि अभी दोनों दलों के बीच किसी विस्तृत औपचारिक गठबंधन की शर्तें सार्वजनिक नहीं हुई हैं। ओवैसी बोले- राजस्थान को चाहिए तीसरा राजनीतिक विकल्प असदुद्दीन ओवैसी ने सभा में कहा कि राजस्थान की राजनीति लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच सिमटी हुई है और अब जनता के सामने तीसरा विकल्प खड़ा करने का समय आ गया है। उन्होंने जहां RLP के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, वहां उनके समर्थन की अपील भी की। इस संयुक्त मंच को राजस्थान में AIMIM और RLP के संभावित राजनीतिक तालमेल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ओवैसी ने भाजपा पर धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और शिक्षा, सरकारी स्कूलों, महिला सुरक्षा तथा मूलभूत नागरिक सुविधाओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। बेनीवाल बोले- जयपुर से नई राजनीति की शुरुआत हनुमान बेनीवाल ने ओवैसी के साथ मंच साझा करते हुए इसे राजस्थान की राजनीति में नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं, रोजगार, पेपर लीक और अग्निवीर जैसे मुद्दों को लेकर दोनों दल संघर्ष जारी रखेंगे। बेनीवाल ने यह भी संकेत दिया कि यह साथ केवल चुनावी मंच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनमुद्दों पर भी आगे बढ़ना चाहिए। बेनीवाल ने 6 सितंबर को ओवैसी के साथ जयपुर के भट्टा बस्ती में संयुक्त सभा करने का कार्यक्रम पहले ही सार्वजनिक किया था। जाट-मुस्लिम समीकरण पर भी नजर इस संभावित राजनीतिक तालमेल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा जाट और मुस्लिम वोट बैंक के समीकरण की हो रही है। RLP की राजनीतिक ताकत परंपरागत रूप से किसान और जाट बहुल क्षेत्रों में मानी जाती है, जबकि AIMIM मुस्लिम मतदाताओं में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में दोनों दल यदि आगे भी साथ रहते हैं तो यह गठजोड़ कई सीटों पर भाजपा-कांग्रेस के पारंपरिक समीकरणों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। निकाय चुनाव से पहले AIMIM नेताओं ने भी राजस्थान में भविष्य के तीसरे मोर्चे की संभावना से इनकार नहीं किया था। वार्ड 146 बना नए सियासी समीकरण का मंच जयपुर का वार्ड 146 इस नए राजनीतिक समीकरण का केंद्र बन गया है। यहां AIMIM की फिरोज बानो चुनाव मैदान में हैं और उनके समर्थन में आयोजित सभा में ओवैसी और बेनीवाल दोनों की मौजूदगी ने इसे हाई-प्रोफाइल मुकाबले में बदल दिया है। भट्टा बस्ती में हुई संयुक्त सभा को दोनों दलों के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। BJP-कांग्रेस की दोध्रुवीय राजनीति को चुनौती देने की कोशिश राजस्थान की राजनीति लंबे समय से मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच केंद्रित रही है। तीसरे दलों को अलग-अलग चुनावों में सीमित सफलता मिली है। ऐसे में RLP और AIMIM का साथ आना इस दोध्रुवीय राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इसका वास्तविक असर कितना होगा, इसका पहला संकेत निकाय चुनाव के परिणामों से मिलेगा।

September 7, 2026

राजस्थान न्यूज़: निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री के रोड शो पर अशोक गहलोत का हमला: बोले- यह उपलब्धि नहीं, सरकार की नाकामी, सड़क, RCA और जातिगत जनगणना पर भी उठाए सवाल

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री को खुद रोड शो करने पड़ रहे हैं, यह सरकार के लिए उपलब्धि नहीं बल्कि उसकी नाकामी का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के शहरों में सड़क, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर जनता में नाराजगी है।गहलोत रविवार को जयपुर के एक निजी होटल में आयोजित मथुरा दास माथुर क्रिकेट अवार्ड समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने निकाय चुनाव के साथ जातिगत जनगणना, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA), जयपुर में बन रहे क्रिकेट स्टेडियम और शहरी विकास के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। ‘मुख्यमंत्री को रोड शो करने की नौबत क्यों आई?’ अशोक गहलोत ने सवाल किया कि आखिर स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मुख्यमंत्री को इतने बड़े स्तर पर रोड शो करने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की स्थिति से जोड़ते हुए दावा किया कि जनता पिछले ढाई साल के कामकाज से नाराज है और इसी कारण मुख्यमंत्री को खुद चुनाव प्रचार में उतरना पड़ रहा है। गहलोत ने यह भी दावा किया कि किसी मुख्यमंत्री का इस स्तर पर स्थानीय निकाय चुनाव में रोड शो करना असामान्य है। इस दावे को उन्होंने भाजपा की चिंता से जोड़कर पेश किया।टूटी सड़क और सीवरेज को बनाया मुद्दा पूर्व मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई शहरों में टूटी सड़कें, खराब सीवरेज, जलभराव और सफाई जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। गहलोत का आरोप है कि नगरीय विकास के काम अपेक्षित गति से नहीं हो रहे और अब चुनाव के समय बड़े नेताओं के रोड शो के जरिए जनता का ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और भाजपा सरकार इन्हें चुनावी राजनीति का हिस्सा बताती रही है। जातिगत जनगणना पर नीयत को लेकर सवाल गहलोत ने जातिगत जनगणना को लेकर भी सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सरकार की नीयत स्पष्ट दिखाई नहीं देती और जिस प्रक्रिया के जरिए इसे आगे बढ़ाने की बात हो रही है, उसमें सुधार की आवश्यकता है। गहलोत ने जातिगत जनगणना को सामाजिक न्याय और सरकारी योजनाओं की बेहतर लक्ष्य-निर्धारण प्रक्रिया से जोड़ते हुए सरकार से स्पष्ट नीति की मांग की। RCA चुनाव नहीं होने पर सरकार को घेरा मथुरा दास माथुर क्रिकेट अवार्ड समारोह में गहलोत ने राजस्थान के क्रिकेट प्रशासन पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि करीब पौने तीन साल से राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव नहीं हुए और जयपुर में प्रस्तावित बड़े क्रिकेट स्टेडियम का काम भी रुका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राजस्थान के क्रिकेट ढांचे को कमजोर किया है। गहलोत ने कहा कि खेल संस्थाओं में नियमित चुनाव और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास जरूरी है, ताकि राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकें।‘हमने प्रशासन शहरों के संग में 12 लाख पट्टे दिए’ अशोक गहलोत ने अपनी सरकार के समय चले ‘प्रशासन शहरों के संग’ अभियान का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने करीब 12 लाख पट्टे जारी किए थे। उन्होंने वर्तमान सरकार से सवाल किया कि पिछले ढाई से पौने तीन साल में कितने पट्टे जारी किए गए। गहलोत पहले भी निकाय चुनाव प्रचार के दौरान पट्टों, सड़क, ट्रैफिक, जलभराव और सफाईकर्मी भर्ती को लेकर भजनलाल सरकार से सवाल पूछ चुके हैं।‘दूसरे राज्यों से नेताओं को क्यों बुलाना पड़ रहा?’ गहलोत ने भाजपा के चुनाव प्रचार में राष्ट्रीय नेताओं और दूसरे राज्यों के मंत्रियों की सक्रियता पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से नेताओं को राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव में प्रचार के लिए बुलाया जा रहा है। गहलोत ने इसे भाजपा की चुनावी चिंता से जोड़ते हुए कहा कि यदि सरकार अपने कामकाज को लेकर आश्वस्त है तो स्थानीय चुनाव को इतना बड़ा राजनीतिक अभियान बनाने की जरूरत क्यों पड़ रही है। भाजपा ने दूसरी ओर इन चुनावों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री सहित राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं को प्रचार अभियान में उतारा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी अलग-अलग नगर निगम क्षेत्रों में रोड शो कर रहे हैं।BJP-कांग्रेस के बीच तेज हुई जुबानी जंग निकाय चुनाव के अंतिम चरण में अब भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। कांग्रेस जहां सड़क, सीवर, पट्टे, रोजगार, सफाई व्यवस्था और स्थानीय विकास को आधार बनाकर सरकार को घेर रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस के पिछले कार्यकाल का हिसाब मांगते हुए ‘डबल इंजन’ और ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार के नाम पर वोट मांग रही है। गहलोत के इन आरोपों के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस शासनकाल, चुनावी आचार संहिता और सफाईकर्मी भर्ती जैसे मुद्दों पर पूर्व मुख्यमंत्री को घेरा है। अब निकाय चुनाव में मुकाबला केवल स्थानीय प्रत्याशियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों दल इसे राज्य सरकार और पूर्व कांग्रेस सरकार के कामकाज की तुलना में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

September 5, 2026

राजस्थान न्यूज़: जन्माष्टमी पर बीलवा के श्री राधा सरल बिहारी मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश की खुशहाली के लिए की पूजा-अर्चना

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को जयपुर के बीलवा स्थित श्री राधा सरल बिहारी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में दर्शन के दौरान देश और प्रदेश में सुख-समृद्धि, खुशहाली, शांति और जनकल्याण की कामना की। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचे। जन्माष्टमी पर कृष्ण भक्ति में डूबा मंदिर परिसर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर श्री राधा सरल बिहारी मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया गया और भगवान के विशेष श्रृंगार के साथ पूजा-अर्चना की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया और भगवान के समक्ष प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण से राजस्थान में शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की कामना की। उन्होंने प्रदेश के विकास और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख एवं समृद्धि के लिए भी प्रार्थना की।श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इससे पहले वे डीग जिले के पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथजी मंदिर और मुकुट मुखारविंद मंदिर में भी दर्शन-पूजन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने के दौरान श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। जन्माष्टमी के कारण मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रम और दर्शन का सिलसिला जारी रहा।मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

September 5, 2026

राजस्थान न्यूज़: जन्माष्टमी पर भक्ति में डूबा राजस्थान: गोविंददेवजी में पंचामृत अभिषेक, श्रीनाथजी को 21 तोपों की सलामी, सांवलियाजी में 1100 ड्रोन का भव्य शो

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को पूरे राजस्थान में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही प्रदेशभर के मंदिर “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठे। जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर से लेकर नाथद्वारा के श्रीनाथजी और चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी मंदिर तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।जयपुर के प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर में ठाकुरजी का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया। वहीं राजसमंद के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में 21 तोपों की सलामी देकर जन्मोत्सव मनाया गया। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रीनाथजी के दर्शन किए। गोविंददेवजी मंदिर में डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन जयपुर के आराध्य देव गोविंददेवजी के दर्शन के लिए शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के बाहर दर्शनार्थियों की कतार करीब डेढ़ किलोमीटर तक पहुंच गई। सुबह 4 बजे मंगला आरती के साथ दर्शन शुरू हुए। दिनभर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ रही। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से पहले ठाकुर श्रीजी का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया। छह वेदपाठी पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार और वेद पाठ किया। 425 लीटर दूध से ठाकुरजी का अभिषेक जन्माष्टमी के विशेष अभिषेक में बड़ी मात्रा में पंचामृत सामग्री का उपयोग किया गया। ठाकुरजी का अभिषेक— 425 लीटर दूध 365 किलो दही 11 किलो घी 85 किलो बूरा 11 किलो शहद से किया गया। पंचामृत अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के जन्मोत्सव के दर्शन कर खुद को धन्य माना। नाथद्वारा में श्रीनाथजी को 21 तोपों की सलामी राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित विश्व प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर में भी जन्माष्टमी का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर 21 तोपों की सलामी दी गई। इस विशेष आयोजन को देखने और श्रीनाथजी के दर्शन करने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाथद्वारा पहुंचे। मंदिर और आसपास के क्षेत्र में जन्माष्टमी को लेकर विशेष सजावट की गई और पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल रहा। सांवलियाजी में 3 साल बाद लौटा ड्रोन शो चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव इस बार और भी खास रहा। मंदिर में करीब तीन साल बाद भव्य ड्रोन शो आयोजित किया गया। रात करीब 8 बजे 1100 ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ाए गए। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे ड्रोन ने आसमान में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े कई दृश्य बनाए। आसमान में दिखी कान्हा की पूरी लीला ड्रोन शो के दौरान आसमान में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी विभिन्न लीलाओं को आकृतियों के माध्यम से दिखाया गया।

September 5, 2026

राजस्थान न्यूज़: भीलवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दुधाधारी गोपाल मंदिर में दर्शन के बाद 2 KM रोड शो, बारिश के बीच उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़

राजस्थान न्यूज़: भीलवाड़ा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार दोपहर करीब 1 बजे एक दिवसीय दौरे पर भीलवाड़ा पहुंचे। पुलिस लाइन में उनका हेलीकॉप्टर उतरा, जहां सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, चुनाव पर्यवेक्षक वीरम देव सहित भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पुलिस लाइन से मुख्यमंत्री काफिले के साथ सीधे सांगानेरी गेट स्थित दुधाधारी गोपाल मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत दर्शन और पूजा-अर्चना की। इसके बाद भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में उनका रोड शो शुरू हुआ। विशेष रथ में सवार होकर निकले मुख्यमंत्री मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विशेष रथ में सवार हुए। उनके साथ भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। रोड शो शुरू होते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग सड़क के दोनों ओर जुट गए। मुख्यमंत्री ने रथ से हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। जनता ने फूल बरसाकर किया स्वागत रोड शो के दौरान रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूल बरसाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बारिश के बीच भी लोगों और कार्यकर्ताओं का उत्साह बना रहा। कई स्थानों पर समर्थक पार्टी के झंडे और नारे लगाते नजर आए। करीब 2 किलोमीटर लंबा रहा रोड शो मुख्यमंत्री का रोड शो दुधाधारी गोपाल मंदिर से शुरू होकर सांगानेरी गेट, पुरानी धान मंडी, बड़ा मंदिर और फूल मंडी से होते हुए महाराणा टॉकीज के बाहर संपन्न हुआ। रोड शो का कुल मार्ग करीब 2 किलोमीटर लंबा रहा। बारिश के बीच भी जुटी भारी भीड़ रोड शो के दौरान रुक-रुक कर बारिश होती रही, लेकिन इसके बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ बनी रही। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए अलग-अलग स्थानों पर कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे। भाजपा ने रोड शो को निकाय चुनाव प्रचार के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में आयोजित किया। सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के दौरे और रोड शो को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। रोड शो के पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री के काफिले और कार्यक्रम स्थल के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था रखी गई। निकाय चुनाव प्रचार को धार देने पहुंचे CM मुख्यमंत्री का भीलवाड़ा दौरा नगरीय निकाय चुनाव प्रचार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा रोड शो के जरिए मतदाताओं से सीधा संपर्क साधने और पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। भीलवाड़ा में मुख्यमंत्री का यह रोड शो भाजपा के चुनावी प्रचार अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल रहा।

September 4, 2026

राजस्थान न्यूज़: नागौर में SP पद खाली रहने पर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार, RLP को निर्वाचन आयोग के सामने अभ्यावेदन देने की छूट

राजस्थान न्यूज़: जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नागौर जिले में पुलिस अधीक्षक का पद लंबे समय से खाली रहने और आगामी निकाय चुनावों के मद्देनजर नियमित आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति की मांग वाली जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया। अदालत ने इसे प्रशासनिक प्रकृति का मामला मानते हुए सीधे हस्तक्षेप से इनकार किया, लेकिन याचिकाकर्ता को राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष नया अभ्यावेदन पेश करने की छूट दी है। हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि यदि ऐसा अभ्यावेदन प्रस्तुत किया जाता है तो उस पर कानून के अनुसार विचार कर उचित निर्णय लिया जाए। RLP की जनहित याचिका पर हुई सुनवाई न्यायाधीश पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और न्यायाधीश बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि अनिल बारूपाल स्वयं अदालत में उपस्थित हुए। याचिका में नागौर के रिक्त पुलिस अधीक्षक पद पर भारतीय पुलिस सेवा संवर्ग के नियमित अधिकारी की नियुक्ति की मांग की गई थी। 19 मई से रिक्त बताया गया SP का पद याचिका के अनुसार नागौर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक का 19 मई 2026 को तबादला होने के बाद से पद रिक्त है। याचिकाकर्ता का कहना था कि 19 अगस्त को कार्मिक विभाग ने पुलिस अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंप दिया, जबकि निकाय चुनाव की प्रक्रिया के दौरान जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक की भूमिका निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी आधार पर नियमित आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति की मांग उठाई गई थी। हाईकोर्ट बोला- निर्वाचन आयोग के सामने रखें मांग हाईकोर्ट ने फिलहाल नागौर में एसपी नियुक्त करने का कोई प्रत्यक्ष आदेश जारी नहीं किया। अदालत ने RLP को अपनी मांग और आपत्तियां राज्य निर्वाचन आयोग के सामने रखने की अनुमति देते हुए कहा कि आयोग अभ्यावेदन पर कानून के अनुसार विचार करे। अब पार्टी की ओर से आयोग के समक्ष विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। हनुमान बेनीवाल ने भी उठाया था मुद्दा RLP सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी इस मुद्दे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उठाया था। उन्होंने सवाल किया था कि नागौर जैसे संवेदनशील जिले में निकाय चुनाव की प्रक्रिया के दौरान पुलिस अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पद को अतिरिक्त कार्यभार के भरोसे क्यों चलाया जा रहा है। बेनीवाल ने यह भी दावा किया कि जिले में आईपीएस अधिकारी उपलब्ध होने के बावजूद आरपीएस रैंक के अधिकारी को एसपी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग और गृह विभाग को भेजा पत्र हनुमान बेनीवाल ने कहा था कि उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त और राजस्थान सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका तर्क था कि चुनाव केवल करवाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता में निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर भरोसा कायम रहना भी जरूरी है। अब चुनाव आयोग के फैसले पर नजर हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब नागौर एसपी की नियमित नियुक्ति का मुद्दा राज्य निर्वाचन आयोग के सामने जा सकता है। आयोग के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत होने के बाद यह देखा जाएगा कि वह चुनावी परिस्थितियों, प्रशासनिक व्यवस्था और याचिकाकर्ता की आपत्तियों को देखते हुए क्या निर्णय करता है।

September 4, 2026

राजस्थान न्यूज़: जयपुर नगर निगम चुनाव: 150 वार्डों में 723 प्रत्याशी मैदान में, 17 वार्डों में सीधी टक्कर, वार्ड 62 में सबसे ज्यादा 13 उम्मीदवार

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव-2026 में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। नगर निगम के 150 वार्डों में कुल 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। इन प्रत्याशियों के लिए जयपुर की जनता 11 सितंबर को मतदान करेगी। इस बार चुनावी तस्वीर कई मायनों में दिलचस्प है। नगर निगम के 17 वार्ड ऐसे हैं, जहां केवल दो-दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। ऐसे में इन वार्डों में सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। वहीं 35 वार्डों में तीन-तीन प्रत्याशी होने के कारण त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी हुई है। इन 17 वार्डों में होगी सीधी टक्कर जिला निर्वाचन शाखा के आंकड़ों के अनुसार वार्ड संख्या 41, 42, 45, 49, 52, 53, 60, 83, 90, 91, 94, 122, 123, 129, 131, 142 और 150 में केवल दो-दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन वार्डों में तीसरा कोई प्रत्याशी नहीं बचा है। ऐसे में यहां मुकाबला सीधे दो उम्मीदवारों के बीच होगा। इन सीटों पर वोटों के अधिक बिखराव की संभावना कम होने के कारण प्रत्येक वोट की अहमियत बढ़ गई है। प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के लिए अपने समर्थक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाना निर्णायक साबित हो सकता है। 35 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला जयपुर नगर निगम के 35 वार्डों में तीन-तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इन वार्डों में तीसरे प्रत्याशी की मौजूदगी भाजपा और कांग्रेस सहित प्रमुख दलों का चुनावी गणित प्रभावित कर सकती है।त्रिकोणीय मुकाबले में निर्दलीय या बागी प्रत्याशी किस दल के वोटों में सेंध लगाता है, यह चुनाव परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे वार्डों में थोड़े वोटों का अंतर भी जीत-हार का फैसला कर सकता है। वार्ड 62 में सबसे ज्यादा 13 प्रत्याशी जयपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 62 में सबसे ज्यादा 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यहां बहुकोणीय मुकाबला होने के कारण चुनाव बेहद रोचक रहने की संभावना है। इसके अलावा वार्ड संख्या 16 और 130 में 11-11 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि वार्ड संख्या 132 में 10 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इन वार्डों में प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने के कारण वोटों के कई हिस्सों में बंटने की संभावना है। ऐसे में जीत का अंतर भी अपेक्षाकृत कम रह सकता है। बागी और निर्दलीय बिगाड़ सकते हैं समीकरण टिकट वितरण के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को कई वार्डों में नाराज दावेदारों और बागियों का सामना करना पड़ा। नाम वापसी तक दोनों पार्टियों ने अपने-अपने असंतुष्ट नेताओं को मनाने की कोशिश की, लेकिन कई जगह निर्दलीय और बागी उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। ऐसे वार्डों में चुनाव केवल भाजपा और कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक तक सीमित नहीं रहेगा। स्थानीय प्रभाव, व्यक्तिगत जनसंपर्क और बागी प्रत्याशियों की ताकत भी नतीजों पर असर डाल सकती है। आज प्रत्याशियों को मिलेंगे चुनाव चिह्न चुनाव मैदान में मौजूद सभी 723 प्रत्याशियों को 4 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। भाजपा, कांग्रेस और अन्य मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों के अधिकृत उम्मीदवार अपने निर्धारित पार्टी चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे। वहीं निर्दलीय और अन्य प्रत्याशियों को राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित मुक्त चुनाव चिह्नों में से प्रतीक आवंटित किए जाएंगे। चुनाव चिह्न मिलने के बाद प्रत्याशियों का प्रचार अभियान और तेज होगा। इसके बाद घर-घर जनसंपर्क, नुक्कड़ सभाएं, सोशल मीडिया प्रचार और बूथ स्तर की बैठकों पर राजनीतिक दलों का फोकस रहेगा। 11 सितंबर को जयपुर में मतदान जयपुर नगर निगम के वार्ड पार्षदों के चुनाव के लिए 11 सितंबर 2026 को मतदान होगा। नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन के बाद अब प्रत्याशियों के पास मतदाताओं तक पहुंचने के लिए सीमित समय रह गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में राजधानी के सभी वार्डों में चुनाव प्रचार तेजी पकड़ने वाला है। 150 वार्डों में 723 उम्मीदवारों की मौजूदगी के बीच जहां 17 वार्डों में सीधी लड़ाई होगी, वहीं कई वार्डों में त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबले जयपुर नगर निगम चुनाव को रोचक बना रहे हैं।

September 4, 2026

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान यूनिवर्सिटी में PhD एडमिशन पर हंगामा: छात्रों ने RUPA कन्वीनर एस.के. गुप्ता का किया घेराव, इकोनॉमिक्स में अतिरिक्त प्रवेश का आरोप

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में PhD प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रवेश प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और खाली सीटों को भरने की मांग को लेकर शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने गुरुवार को एक बार फिर RUPA कन्वीनर प्रो. एस.के. गुप्ता के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान नाराज छात्रों ने प्रो. गुप्ता के कार्यालय का घेराव किया और उन्हें कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया। इसके बाद छात्र नीचे धरने पर बैठ गए और PhD एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा कथित गड़बड़ियों को सुधारने की मांग की।छात्रों का कहना है कि पिछले कई दिनों से विश्वविद्यालय प्रशासन को PhD प्रवेश से जुड़ी समस्याओं के बारे में बताया जा रहा है, लेकिन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इकोनॉमिक्स विभाग में 13 सीटों पर 15 एडमिशन का आरोप विरोध प्रदर्शन के दौरान सबसे गंभीर सवाल इकोनॉमिक्स विभाग में PhD प्रवेश को लेकर उठाया गया।प्रदर्शनकारी शोधार्थियों का आरोप है कि इकोनॉमिक्स विभाग में अनारक्षित वर्ग के लिए निर्धारित 13 सीटों के मुकाबले 15 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया।छात्रों ने मांग की कि स्वीकृत सीटों से अधिक किए गए प्रवेश की जांच की जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो ऐसे प्रवेश निरस्त किए जाएं।प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने दावा किया कि बातचीत के दौरान RUPA समिति के समक्ष इस विसंगति को स्वीकार किया गया। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। साइकोलॉजी और पॉलिटिकल साइंस में भी गड़बड़ी का आरोप छात्रों ने केवल इकोनॉमिक्स विभाग ही नहीं, बल्कि साइकोलॉजी और पॉलिटिकल साइंस विभागों की प्रवेश प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। शोधार्थियों की मांग है कि सभी विषयों की सीट मैट्रिक्स, श्रेणीवार सीटें, अभ्यर्थियों के प्रतिशताइल और इंटरव्यू में मिले अंक सार्वजनिक किए जाएं, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो सके। 174 खाली PhD सीटें भरने की मांग प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालय में खाली पड़ी 174 PhD सीटों को भरना भी शामिल है। छात्रों ने JRF योग्य अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने, रिक्त सीटों के संबंध में स्पष्ट नीति बनाने और जब तक विवाद का समाधान नहीं हो जाता तब तक नए प्रवेशित विद्यार्थियों का कोर्सवर्क स्थगित रखने की मांग भी रखी। 9 बिंदुओं पर बनी सहमति लंबे विरोध और बातचीत के बाद छात्रों और विश्वविद्यालय की RUPA समिति के बीच 9 बिंदुओं पर सहमति बनी है। इन मांगों और कथित अनियमितताओं पर आगे चर्चा के लिए RUPA समिति की 5 सितंबर को कुलपति के साथ बैठक प्रस्तावित है। छात्रों को उम्मीद है कि बैठक में खाली सीटों, सीट मैट्रिक्स, JRF अभ्यर्थियों और कथित अतिरिक्त प्रवेश के मुद्दों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पहले भी कन्वीनर का किया था घेराव PhD एडमिशन को लेकर विश्वविद्यालय में पिछले कई सप्ताह से विरोध जारी है। छात्रों ने इससे पहले भी RUPA कन्वीनर प्रो. एस.के. गुप्ता का घेराव कर विरोध दर्ज कराया था। शोधार्थियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में PhD सीटें रिक्त रहने के बावजूद प्रशासन उन्हें भरने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं कर रहा है। कुलपति बोलीं- नियमों के अनुसार हो रहे फैसले दूसरी ओर राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा ने प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों के बीच कहा है कि विश्वविद्यालय के सभी निर्णय नियमों के अनुसार लिए जा रहे हैं। अब 5 सितंबर की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें RUPA समिति और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की 9 मांगों पर चर्चा करेंगे।

September 4, 2026

राजस्थान न्यूज़: निकाय चुनाव को लेकर भाजपा की अहम बैठक: राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रभारियों से लिया फीडबैक, संभावना, शक्ति और समस्याओं पर मंथन

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव-2026 को लेकर भाजपा ने चुनावी और संगठनात्मक रणनीति को अंतिम रूप देना तेज कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने शुक्रवार को जयपुर स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संभागीय चुनाव संचालन समिति से जुड़े पदाधिकारियों और केंद्रीय नेतृत्व की ओर से निकाय चुनाव के लिए लगाए गए नेताओं के साथ मैराथन बैठकें कीं। बैठकों में अलग-अलग निकायों की चुनावी स्थिति, संगठन की मजबूती, बागी प्रत्याशियों, बूथ मैनेजमेंट और नेताओं की सक्रियता को लेकर विस्तार से फीडबैक लिया गया। बीएल संतोष शुक्रवार को निकाय चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए जयपुर पहुंचे हैं और प्रदेश कार्यालय में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। ‘उम्मीदवार कमजोर हो, फिर भी उसे जिताने के लिए पूरी ताकत लगाएं’ बैठक में संगठन की एकजुटता और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के साथ अंत तक खड़े रहने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। चर्चा के दौरान एक नेता ने सुझाव दिया कि जिन वार्डों में भाजपा प्रत्याशी कमजोर स्थिति में दिखाई दे रहा है और मुकाबला कांग्रेस व किसी मजबूत निर्दलीय प्रत्याशी के बीच बन रहा है, वहां भविष्य में बोर्ड गठन के समीकरणों को देखते हुए निर्दलीय प्रत्याशी से अभी से संपर्क किया जाना चाहिए। इस सुझाव पर बीएल संतोष ने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी चाहे चुनावी रूप से कितना भी कमजोर क्यों न दिखाई दे, पार्टी और संगठन को मतदान तक पूरी मजबूती से उसी के साथ खड़ा रहना है और उसे जिताने का हर संभव प्रयास करना है। बैठक में इस संदेश को संगठनात्मक अनुशासन और अधिकृत प्रत्याशी के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता के रूप में देखा गया। सांसदों की सक्रियता पर भी उठा सवाल बैठक के दौरान निकाय चुनाव में कुछ सांसदों की अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई देने का मुद्दा भी सामने आया। शेखावाटी क्षेत्र से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने फीडबैक देते हुए कहा कि चुनाव अभियान में सांसदों की भागीदारी और सक्रियता और अधिक होनी चाहिए। इस पर बीएल संतोष ने साफ किया कि चुनाव में पार्टी से जुड़ा हर नेता सक्रिय भूमिका निभाएगा। सांसद हों, विधायक हों या संगठन के पदाधिकारी—सभी को अपने निर्वाचन क्षेत्र और प्रभाव वाले इलाकों में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव अभियान में जुटना होगा। केंद्रीय नेतृत्व की चुनाव पर सीधी नजर बीएल संतोष का निकाय चुनाव के बीच जयपुर आकर प्रदेश कार्यालय में लगातार बैठकें करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव को गंभीरता से ले रहा है। उनकी बैठकों का फोकस बूथ स्तर तक संगठन की स्थिति, बागियों से होने वाले नुकसान, स्थानीय चुनावी समीकरण और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर है। पार्टी नेतृत्व बूथ नेटवर्क और वार्ड स्तर के संगठन का भी फीडबैक ले रहा है। कमजोर सीटों की अलग से समीक्षा बैठकों में उन निकायों और वार्डों पर भी चर्चा हुई, जहां भाजपा के लिए मुकाबला कठिन माना जा रहा है। पार्टी के प्रभारियों से यह जानकारी ली गई कि किस क्षेत्र में प्रत्याशी मजबूत स्थिति में है, कहां बागी या निर्दलीय उम्मीदवार नुकसान पहुंचा सकता है और किन वार्डों में अतिरिक्त संगठनात्मक ताकत लगाने की जरूरत है। बीएल संतोष ने नेताओं को केवल मजबूत सीटों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय कमजोर मानी जा रही सीटों पर भी अंतिम समय तक पूरी ताकत लगाने का संदेश दिया। बागियों के बाद अब बूथ मैनेजमेंट पर फोकस नाम वापसी के दौरान भाजपा ने कई बागी उम्मीदवारों को चुनाव मैदान से हटाने में सफलता हासिल की है। जयपुर में भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नाराज दावेदारों को मनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

September 3, 2026

राजस्थान न्यूज़: जयपुर में ज्वेलरी शॉप से सोने के टॉप्स-अंगूठी चोरी: किन्नर का वेश धरकर आया आरोपी गिरफ्तार, पूरा माल बरामद

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। बजाज नगर थाना पुलिस ने ज्वेलरी शॉप में दुकानदार को बातों में उलझाकर सोने के आभूषण चोरी करने के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी राजू उर्फ पूजा किन्नर (50) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पंजाब के जालंधर का रहने वाला है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए सोने के टॉप्स और सोने की अंगूठी बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार आरोपी ज्वेलरी दुकानों पर पहुंचकर दुकानदार को बातचीत और आभूषण दिखाने में उलझाता था और मौका मिलते ही कीमती सामान चोरी कर लेता था। पुलिस अब उससे इसी तरह की अन्य संभावित वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। 19 अगस्त को ज्वेलरी शॉप पर पहुंचा था आरोपी डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा के अनुसार सिद्धार्थ नगर निवासी रामरज गोयल (60) ने 31 अगस्त को बजाज नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी बी-63, प्रगति पथ, बजाज नगर में सरयू ज्वेलर्स नाम से ज्वेलरी की दुकान है। रिपोर्ट के मुताबिक 19 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे आरोपी एक महिला के साथ दुकान पर पहुंचा। उसने दुकानदार से गिफ्ट देने के लिए 11 जोड़ी पायल दिखाने को कहा। पायल पसंद करने के बाद उसने दो जोड़ी टॉप्स दिखाने को कहा और फिर एक लेडीज अंगूठी भी पसंद की। जब दुकानदार ने भुगतान करने के लिए कहा तो आरोपी ने बताया कि उसके पास नकद रुपये नहीं हैं और वह घर से पैसे लेकर आता है। इसके बाद वह दुकान से बाहर चला गया, जबकि उसके साथ आई महिला वहीं बैठी रही। सामान संभाला तो गायब मिले सोने के टॉप्स और अंगूठी कुछ देर बाद दुकानदार ने ज्वेलरी संभाली तो एक जोड़ी सोने के टॉप्स और एक सोने की अंगूठी गायब मिली। दुकानदार ने दुकान पर मौजूद महिला से आरोपी के बारे में पूछा। महिला ने बताया कि वह उसे केवल दो दिन से जानती है और उसे आरोपी के घर या पते की कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और बजाज नगर थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस वारदात के खुलासे के लिए बजाज नगर थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित की। पुलिस ने ज्वेलरी शॉप के साथ आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की और लगातार तलाश के बाद आरोपी राजू उर्फ पूजा किन्नर को गिरफ्तार कर लिया। किन्नर का वेश धरकर दुकान पहुंचने की बात आई सामने पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी किन्नर का वेश धारण कर ज्वेलरी की दुकानों पर पहुंचता था। पुलिस के मुताबिक इस तरह वह दुकानदारों को बातों में उलझाकर आभूषण दिखाने को कहता और मौका देखकर कीमती सामान चोरी कर लेता था। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने इसी तरीके से जयपुर या अन्य शहरों में और कितनी वारदातें की हैं। चोरी का 100 प्रतिशत माल बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से इस मामले में चोरी किए गए सोने के टॉप्स और सोने की अंगूठी सहित पूरा माल बरामद कर लिया है। आरोपी से उसके संपर्कों और अन्य संभावित वारदातों को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तरह की घटनाओं में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल रहे हैं।