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Rajasthan News:

April 19, 2026

राजस्थान न्यूज़: जयपुर सेंट्रल जेल में RAC जवान की गोली लगने से मौत, पुलिस दो एंगल से कर रही जांच

राजस्थान न्यूज़: जयपुर स्थित सेंट्रल जेल में रविवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जहां RAC (राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी) के एक जवान की गोली लगने से मौत हो गई। मृतक जवान की पहचान गिरधारी के रूप में हुई है, जो आरएसी की 10वीं बटालियन में तैनात थे और काफी समय से जेल परिसर में टावर सुरक्षा ड्यूटी निभा रहे थे। घटना के समय वह जेल के बाहर बने अस्थायी बैरक में मौजूद थे। इसी दौरान सर्विस राइफल से चली गोली सीधे उनके सीने में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास तैनात अन्य जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और गिरधारी को लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा पाया। उन्हें तत्काल SMS हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच राजस्थान पुलिस द्वारा की जा रही है और फिलहाल दो संभावित एंगल सामने आए हैं। पहला, प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि जवान ने खुद को गोली मारी हो। बताया जा रहा है कि उसने राइफल को जमीन पर टिकाकर बैरल को अपनी छाती से लगाकर ट्रिगर दबाया हो सकता है। दूसरा एंगल यह है कि राइफल की सफाई के दौरान गलती से गोली चल गई हो, जो सीधे सीने में लगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल की जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों के सुरक्षित उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

April 19, 2026

राजस्थान न्यूज़: महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम तेज: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने पीएम मोदी को दी चुनाव की चुनौती

राजस्थान न्यूज़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद देश और खासकर राजस्थान की राजनीति में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। शनिवार रात दिए गए संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए देश की महिलाओं से माफी मांगी थी, जिसके बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी कड़ी में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और उन्हें खुली चुनौती दे डाली। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री को अपने दावे पर भरोसा है कि देश की महिलाएं विपक्ष को सबक सिखाएंगी, तो उन्हें तत्काल लोकसभा भंग कर नए चुनाव करवाने चाहिए। गहलोत ने कहा कि देश की नारी शक्ति खुद तय कर लेगी कि वह किसके साथ है। उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर ओबीसी महिलाओं के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने यह भी कहा कि 2026 में प्रस्तावित जातिगत जनगणना के बाद ही ओबीसी की वास्तविक संख्या सामने आएगी, इसलिए उसके बाद ही किसी प्रकार का आरक्षण या परिसीमन उचित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ऐसा विधेयक पेश किया जिसमें ओबीसी महिलाओं के लिए अलग कोटे का प्रावधान नहीं रखा गया, जो उनके साथ अन्याय है। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव आयोग अब भाजपा का “चुनाव विभाग” बनकर रह गया है, इसलिए किसी कार्रवाई की उम्मीद नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ‘नारी शक्ति वंदन’ को लेकर देश की महिलाओं से माफी मांगते हुए कहा कि यह विधेयक महिलाओं के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था और इसका लाभ भविष्य में मिलना तय था। इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राजस्थान में महिला वोट बैंक हमेशा निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले समय में और अधिक राजनीतिक गर्मी पैदा कर सकता है, जहां एक ओर भाजपा इसे विपक्ष की बाधा के रूप में पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे ओबीसी और महिला अधिकारों से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है।

April 18, 2026

राजस्थान न्यूज़: सांभर, फुलेरा व नरेना थानों का जयपुर ग्रामीण एसपी हनुमान प्रसाद ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर जताया संतोषजनक

राजस्थान न्यूज़: शनिवार दोपहर जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद यादव ने सांभर, फुलेरा व नरेना थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, अभिलेख संधारण, मालखाना एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।  निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दूदू शिवलाल बैरवा तथा उप पुलिस अधीक्षक सांभरलेक अनुपम मिश्रा की मौजूदगी में फुलेरा थाना प्रभारी राजेन्द्र कुमार, सांभर थाना अधिकारी राममिलन मीणा सहित थाना स्टाफ मौजूद रहा। इससे पूर्व थाने पर पुलिस जवानों द्वारा पुलिस अधीक्षक को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।  इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित गश्त एवं निगरानी व्यवस्था मजबूत रखने, अपराधियों पर सख्त नजर बनाए रखने तथा आमजन की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

April 17, 2026

राजस्थान न्यूज़: बांसवाड़ा में अवैध संबंध के चलते युवक की हत्या: दोस्त ने ही रची साजिश

राजस्थान न्यूज़: बांसवाड़ा जिले में अवैध संबंधों के चलते एक युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के नेता अशोक निनामा के भाई अनिल (28) की हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह आरोपी की पत्नी के साथ अनिल का कथित प्रेम संबंध था। पुलिस के अनुसार, अनिल का लक्ष्मी नाम की महिला के साथ अफेयर चल रहा था, जो आरोपी सिद्धार्थ की पत्नी है। जैसे ही सिद्धार्थ को इस संबंध की जानकारी मिली, उसने पहले मामले को समझाइश के जरिए सुलझाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि वह अपने सरपंच जीजा के साथ अनिल के घर भी पहुंचा और उससे अपनी पत्नी से दूर रहने की चेतावनी दी। अनिल के परिवार को भी इस संबंध में समझाया गया, लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच संबंध खत्म नहीं हुए। जांच में यह भी सामने आया है कि अनिल और सिद्धार्थ पहले दोस्त थे और सिद्धार्थ का अनिल के घर में आना-जाना था। इसी दौरान अनिल और लक्ष्मी के बीच नजदीकियां बढ़ीं, जो बाद में विवाद का कारण बन गईं। समझाइश और धमकियों के बावजूद जब स्थिति नहीं बदली, तो सिद्धार्थ ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोपी ने अनिल को बहाने से बुलाया और उस पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, वारदात पूरी योजना के तहत अंजाम दी गई थी। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और रिश्तों में विश्वासघात के खतरनाक परिणामों को उजागर किया है।

April 17, 2026

राजस्थान न्यूज़: दौसा के पूनम टॉकीज सौदे से चर्चा में आए प्रमोद शर्मा: कारोबारी छवि और विवादों पर उठते सवाल

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में हाल के दिनों में चर्चाओं में आए कारोबारी प्रमोद शर्मा का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। वर्ष 2020 में दौसा स्थित ऐतिहासिक पूनम टॉकीज की खरीद के बाद वे पहली बार व्यापक रूप से चर्चा में आए थे। बताया जाता है कि करीब 30 करोड़ रुपए के इस सौदे ने स्थानीय स्तर पर खासा ध्यान आकर्षित किया, क्योंकि पूनम टॉकीज शहर की एक सांस्कृतिक पहचान रही है, जहां कई पीढ़ियों ने सिनेमा का अनुभव किया है। यह संपत्ति पहले बंशीवाल परिवार के पास थी, जिनका क्षेत्र में लंबे समय से आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में इस विरासत संपत्ति का अधिग्रहण अपने आप में बड़ा घटनाक्रम माना गया। हालांकि, खरीद के बाद से अब तक इस प्रॉपर्टी का कोई व्यावसायिक उपयोग सामने नहीं आया है और यह लंबे समय से खाली पड़ी है। प्रमोद शर्मा के बारे में उनके परिचित बताते हैं कि वे बड़े निवेश और सौदों के शौकीन माने जाते हैं। उनके जीवन से जुड़े कुछ प्रसंग, जैसे निजी अवसरों पर उदारता से खर्च करना, अक्सर चर्चा का विषय बनते रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। व्यावसायिक दृष्टि से देखा जाए तो प्रमोद शर्मा लंबे समय से निर्माण और प्रॉपर्टी सेक्टर से जुड़े बताए जाते हैं और जयपुर सहित अन्य क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं। उनके विभिन्न प्रभावशाली व्यक्तियों से संबंधों को लेकर भी समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं, हालांकि इन संबंधों की आधिकारिक पुष्टि नहीं है। हाल ही में उनके नाम से जुड़े कुछ मामलों और पुलिस कार्रवाई की खबरों के बाद उनकी कारोबारी गतिविधियों और नेटवर्क को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में तथ्यों की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने यह जरूर स्पष्ट किया है कि प्रमोद शर्मा एक चर्चित कारोबारी रहे हैं, लेकिन उनके कार्यों और विवादों को लेकर अभी कई पहलुओं की जांच और स्पष्टता बाकी है।

April 17, 2026

राजस्थान न्यूज़: जयपुर में हुक्का बार पर बड़ी कार्रवाई: 3 गिरफ्तार, 20 हुक्के जब्त, 17 पर केस

राजस्थान न्यूज़: जयपुर में रेस्टोरेंट और क्लब की आड़ में चल रहे अवैध हुक्का बारों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कमिश्नरेट की सीएसटी (क्राइम स्पेशल टीम) ने मानसरोवर और श्याम नगर क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। स्पेशल कमिश्नर ओम प्रकाश के अनुसार टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि इन इलाकों में अवैध रूप से हुक्का बार संचालित किए जा रहे हैं। इसी इनपुट के आधार पर मानसरोवर क्षेत्र में स्थित “हॉट हाउस ट्रीट कैफे” पर दबिश दी गई, जहां हुक्का बार चलाने वाले शिप्रापथ निवासी प्रकाश वासवानी को गिरफ्तार किया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 20 हुक्के और संबंधित सामग्री जब्त की। इसके अलावा हुक्का पीते हुए पाए गए 17 लोगों के खिलाफ भी कोटपा एक्ट (COTPA Act) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और ऐसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान युवाओं में बढ़ते हुक्का सेवन और इससे जुड़े स्वास्थ्य व कानून संबंधी खतरों को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है।

April 17, 2026

राजस्थान न्यूज़: लिफ्ट के बहाने लूटपाट करने वाले दो शातिर बदमाश गिरफ्तार, सांभर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, थानाधिकारी राममिलन मीणा अहम भूमिका निभाई

राजस्थान न्यूज़: सांभर डीवाईएसपी अनुपम मिश्रा के निर्देशानुसार सांभर थाना अधिकारी राममिलन मीणा के नेतृत्व में शातिर बदमाश को तत्काल किया गिरफ्तार। शातिर बदमाशों  ने लिफ्ट देने के बहाने राहगीरों को सुनसान स्थानों पर ले जाकर मारपीट व लूटपाट करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में फैले भय के माहौल में कमी आई है। थानाधिकारी राममिलन मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी राह चलते लोगों को मोटरसाइकिल पर लिफ्ट देने का झांसा देकर सुनसान स्थान पर ले जाते थे और वहां मारपीट कर नकदी, जेवरात सहित अन्य कीमती सामान लूट लेते थे। बताया गया कि 12 अप्रैल को आरोपियों ने एक वृद्ध व्यक्ति को लिफ्ट देने के बहाने सुनसान जगह पर ले जाकर मारपीट की और उसकी सोने की अंगूठी व नकदी लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में कुलदीप सिंह उर्फ चाचा (निवासी सांभर) तथा नगेंद्र उर्फ निक्कू (निवासी कुचामन) को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों का शहर में जुलूस( परेड) निकालकर आमजन को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है, वहीं अपराधियों में भय का माहौल बना हुआ है।

April 15, 2026

राजस्थान न्यूज़: उदयपुर में कांस्टेबल पर गंभीर आरोप: छात्रा से ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज

राजस्थान न्यूज़: उदयपुर में एक कॉलेज छात्रा ने पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। प्रतापनगर थाना क्षेत्र में दर्ज इस प्रकरण में कुराबड़ थाने में तैनात कांस्टेबल मुकेश चौबीसा पर सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेलिंग और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता ने जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्रा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जनवरी 2025 में इंस्टाग्राम पर उसकी आरोपी से बातचीत शुरू हुई थी। इसके बाद आरोपी ने लगातार उसका पीछा करना शुरू कर दिया और दोस्ती के लिए दबाव बनाने लगा। जब छात्रा ने मना किया, तो आरोपी ने उसके पिता को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने धमकाकर उसे यूनिवर्सिटी रोड स्थित एक कैफे में बुलाया, जहां उसने उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए। इसके बाद इन सामग्रियों के आधार पर उसे ब्लैकमेल करते हुए शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी ने दोबारा कैफे में बुलाकर आपत्तिजनक हरकतें कीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी डिप्टी स्तर के अधिकारी सूर्यवीर सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल खड़े करता है, ऐसे में जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

April 14, 2026

राजस्थान न्यूज़: जयपुर में बड़ा फैसला: बालिका स्कूलों और छात्रावासों में बिना अनुमति प्रवेश पर रोक, सुरक्षा के नए नियम लागू

राजस्थान न्यूज़: जयपुर सहित पूरे राजस्थान में बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाल के दिनों में बालिकाओं से छेड़छाड़ की घटनाओं को देखते हुए विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि अब किसी भी बालिका विद्यालय या छात्रावास में बिना अनुमति कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकेगा। यह निर्णय प्रदेशभर के सरकारी बालिका स्कूलों और छात्रावासों में तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। इस संबंध में वरिष्ठ शासन उप सचिव ओपी वर्मा द्वारा औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार, सभी संयुक्त निदेशकों को निर्देशित किया गया है कि प्रदेश के सभी सरकारी बालिका विद्यालयों और छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को पूरी तरह नियंत्रित किया जाए। अब किसी भी व्यक्ति को किसी बालिका से मिलने के लिए उसके अभिभावकों की लिखित अनुमति अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी। बिना अभिभावक की अनुमति के न तो मुलाकात संभव होगी और न ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। नए नियमों के तहत केजीबी (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय) सहित सभी बालिका विद्यालयों और छात्रावासों में प्रवेश के लिए सक्षम अधिकारी—जैसे प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापिका या अधीक्षक—की लिखित अनुमति आवश्यक कर दी गई है। इसके अलावा निरीक्षण प्रक्रिया को भी अधिक सुरक्षित बनाया गया है। अब किसी भी निरीक्षण के दौरान महिला कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी, ताकि पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान के तहत यह भी निर्देश दिया गया है कि निरीक्षण करने वाले अधिकारी बालिका विद्यालयों या छात्रावासों में रात्रि विश्राम नहीं करेंगे। यह कदम भी सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे छात्राओं के लिए सुरक्षित और संरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। राज्य के शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने इस निर्णय को बालिकाओं की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। वहीं कमला लांबा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान महिला शिक्षक संघ ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में इस तरह के कड़े नियम बेहद आवश्यक थे और इससे स्कूल एवं छात्रावास परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। कुल मिलाकर, शिक्षा विभाग का यह निर्णय बालिका सुरक्षा को लेकर एक ठोस पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे न केवल अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगेगी, बल्कि छात्राओं को एक सुरक्षित और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण भी मिलेगा।

April 13, 2026

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव टालने को लेकर सरकार पहुंची हाईकोर्ट, दिसंबर तक समय मांगा

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य सरकार ने चुनाव टालने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए दिसंबर तक चुनाव कराने में असमर्थता जताई है। इससे पहले अदालत ने 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, ऐसे में अब इस मामले की आगामी सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद द्वारा दायर प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि सरकार ने कोर्ट के आदेश की पालना के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन मौजूदा हालात में तय समयसीमा के भीतर चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं है। प्रार्थना पत्र में हर महीने की प्रशासनिक और तकनीकी स्थिति का उल्लेख करते हुए संकेत दिया गया है कि दिसंबर तक चुनाव कराना ही संभव होगा। सरकार ने अपने पक्ष में कई कारण भी प्रस्तुत किए हैं। इसमें ओबीसी आरक्षण से संबंधित आयोग की रिपोर्ट, स्कूलों की उपलब्धता, कर्मचारियों की कमी, ईवीएम की व्यवस्था और अन्य संसाधनों की बाधाओं का हवाला दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन सभी कारकों के चलते जल्दबाजी में चुनाव कराना उचित नहीं होगा। इसके अलावा सरकार ने यह भी तर्क दिया कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में यदि चुनाव उसी अवधि में कराए जाएं, तो “वन स्टेट वन इलेक्शन” की अवधारणा को भी लागू किया जा सकता है, जिससे प्रशासनिक और वित्तीय दृष्टि से लाभ होगा। यह मामला अब केवल चुनाव कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह संवैधानिक समयसीमा, न्यायालय के निर्देश और प्रशासनिक तैयारी के बीच संतुलन का मुद्दा बन गया है। आगामी सुनवाई में हाईकोर्ट का रुख यह तय करेगा कि चुनाव जल्द होंगे या सरकार को अतिरिक्त समय मिल पाएगा।

April 12, 2026

राजस्थान न्यूज़: रिफाइनरी विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत का पलटवार: भाजपा नेताओं को बताया अज्ञान, मुख्यमंत्री भजनलाल पर भी साधा निशाना

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान की राजनीति में रिफाइनरी परियोजना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा नेताओं के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जिन्हें रिफाइनरी की मूलभूत जानकारी तक नहीं है, उनसे प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स क्या होता है, इसके फायदे क्या हैं, यह समझे बिना केवल भाषण दिए जा रहे हैं और अनावश्यक रूप से उन पर निशाना साधा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि रिफाइनरी परियोजना पर टिप्पणी करने का वास्तविक अधिकार केवल पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को है, क्योंकि वही इस पूरे प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति और समझौते की शर्तों को भली-भांति जानती हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी तरह की कमी या त्रुटि रही होगी तो उसकी सही जानकारी केवल राजे ही दे सकती हैं। उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि चार वर्षों तक परियोजना को जानबूझकर रोके रखा गया और चुनावी दबाव के चलते अब प्रधानमंत्री को बुलाकर उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में इस परियोजना की शुरुआत कांग्रेस नेतृत्व में हुई थी, जब सोनिया गांधीऔर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने शिलान्यास किया था। उन्होंने परियोजना की लागत बढ़ने पर भी चिंता जताते हुए कहा कि 37 हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट अब बढ़कर लगभग 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जिसका बोझ अंततः जनता पर ही पड़ेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर कटाक्ष करते हुए गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को किसानों के जीवन की वास्तविक कठिनाइयों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान महीनों तक खून-पसीना बहाकर खेती करता है और प्राकृतिक आपदाओं के चलते उसकी फसल नष्ट हो जाती है, ऐसे में किसानों को लेकर हल्की टिप्पणी करना उचित नहीं है। गहलोत ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को अपने अनुभव का सही उपयोग करना चाहिए और संवेदनशील मुद्दों पर संतुलित बयान देना चाहिए।

April 12, 2026

राजस्थान न्यूज़: जेजेएम टेंडर घोटाला हमबता में रिटायर्ड आईएएस अग्रवाल से 12 घंटे पूछताछ, पूर्व मंत्री महेश जोशी पर सवालों पर साधी चुप्पी, सास के अंतिम संस्कार के आवेदन कोर्ट ने किया खारिज

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जल जीवन मिशन से जुड़े ₹960 करोड़ के टेंडर घोटाले में गिरफ्तार रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल से एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की विशेष जांच टीम ने शनिवार को 12 घंटे से अधिक लंबी पूछताछ की। सुबह 9 बजे शुरू हुई यह पूछताछ देर रात तक चली, जिसमें 100 से ज्यादा सवाल पूछे गए। जांच के दौरान एसीबी ने तीन बार महेश जोशी से संबंधों को लेकर सवाल किया, लेकिन अग्रवाल ने हर बार चुप्पी साध ली। पूछताछ के दौरान एसीबी ने श्रीगणपति ट्यूबवैल और श्रीश्याम ट्यूबवैल कंपनियों द्वारा इरकॉन का कथित फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर टेंडर हासिल करने के मामले पर सवाल किए। इस पर अग्रवाल ने जवाब दिया कि उन्होंने इस मामले की जांच विशाल सक्सेना से करवाई थी। हालांकि टेंडर प्रक्रिया में अपनी किसी भी भूमिका से उन्होंने इनकार कर दिया। एसीबी अब उनके जवाबों के आधार पर नए सवाल तैयार कर रही है और जांच को आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार इस घोटाले  कई इंजीनियरों और अधिकारियों की भूमिका सामने आई है, जिसके चलते जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। एसीबी के पास दोनों कंपनियों के मालिकों से मुलाकात से जुड़े साक्ष्य भी मौजूद हैं। मामले की निगरानी के लिए डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह और ओम प्रकाश मीणा के नेतृत्व में टीम गठित की गई है, जिसमें तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं। अग्रवाल को 13 अप्रैल तक रिमांड पर रखा गया है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि यदि समय रहते मामले का खुलासा नहीं होता, तो घोटाले की राशि ₹20 हजार करोड़ तक पहुंच सकती थी। इससे पहले एसीबी इस मामले में कई बड़े अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें मुख्य अभियंता और अन्य तकनीकी अधिकारी शामिल हैं। रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल को व्यक्तिगत राहत नहीं मिली। उन्होंने अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मांगी थी, लेकिन न्यायालय ने उनका आवेदन खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब तक वह रिमांड पर हैं, इस स्तर पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती।