May 2, 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान पुलिस के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप सामने आए हैं। किशन सहाय, जो वर्तमान में आईजी (मानवाधिकार) पद पर कार्यरत हैं, के खिलाफ जयपुर में रेप का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता महिला, जिसकी उम्र 53 वर्ष बताई जा रही है, ने दूसरे राज्य से डाक के माध्यम से जयपुर के एक पुलिस थाने में शिकायत भेजी थी, जिसके आधार पर 29 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में महिला ने आरोप लगाया है कि अधिकारी ने शादी का झांसा देकर उसे अपने सरकारी आवास पर बुलाया और वहां जबरदस्ती की। महिला का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उसका मोबाइल फोन बंद कर दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे पुलिस में शिकायत न करने के लिए धमकाया गया। महिला ने यह भी कहा कि घटना के बाद करीब तीन महीने तक वीडियो कॉल के माध्यम से उसे लगातार धमकियां दी जाती रहीं। हालांकि किशन सहाय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक साजिश बताया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और चैट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस संवेदनशील मामले में पुलिस जांच जारी है और दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
May 2, 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी आरजीएचएस योजना इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी प्रभावित हो रहे हैं। जो योजना कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए शुरू की गई थी, वही अब खुद व्यवस्था के अभाव में चरमराती नजर आ रही है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे मामले पर सुओ मोटो संज्ञान लेते हुए इसे मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। 1 मई 2026 को जारी आदेश में आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सूचीबद्ध अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों से इलाज से वंचित किया जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बीमारी के दौरान समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है। आयोग के अनुसार, योजना का उद्देश्य मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं और दवाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन हाल के महीनों में इसके क्रियान्वयन में गंभीर बाधाएं सामने आई हैं। इस संकट की मुख्य वजह सरकार पर बकाया भारी भुगतान को माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और केमिस्टों को पिछले 8 से 9 महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। कुल बकाया राशि लगभग 2200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। भुगतान में देरी के चलते कई निजी अस्पतालों ने योजना से दूरी बना ली है, जबकि कई जगहों पर कैशलेस सुविधा बंद कर दी गई है, जिससे मरीजों को मजबूरन अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है। प्रदेश के विभिन्न शहरों—जयपुर, जोधपुर और बीकानेर—में स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है, जहां लाभार्थियों को दवाइयों के लिए ‘नो स्टॉक’ या ‘कैशलेस सेवा बंद’ जैसे जवाब मिल रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों में इस बात को लेकर खासा रोष है कि उनकी सैलरी से हर महीने RGHS के लिए कटौती तो हो रही है, लेकिन जरूरत के समय उन्हें बुनियादी इलाज तक नहीं मिल पा रहा। अब इस पूरे मामले में नजरें भजनलाल शर्मा सरकार पर टिकी हैं। मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद शासन सचिवालय में हलचल तेज हो गई है। आयोग ने सरकार से भुगतान में देरी के कारणों, जिम्मेदारियों और व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए ठोस रोडमैप प्रस्तुत करने को कहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस वित्तीय और प्रशासनिक संकट से कैसे निपटती है।
May 2, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना में तेजी आ गई है। जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक बनने वाले 12 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए एलिवेटेड वायाडक्ट और 10 एलिवेटेड स्टेशनों के डिजाइन एवं निर्माण हेतु 918.04 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों के लिए स्वीकृति पत्र (LOA) जारी कर दिया है। इस परियोजना के तहत प्रहलादपुरा, मानपुरा, बीलवा कलां, बीलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गोशाला जैसे प्रमुख स्थानों पर एलिवेटेड स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही मेट्रो डिपो तक पहुंचने के लिए स्पर लाइन का निर्माण भी इसी पैकेज में शामिल है। यह कॉरिडोर शहर के विकसित होते क्षेत्रों को जोड़ते हुए आवागमन को सुगम बनाएगा। मुख्यमंत्री ने मेट्रो अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कुल प्रस्तावित 41 किलोमीटर में से शेष 29 किलोमीटर के लिए भी जल्द से जल्द निविदाएं आमंत्रित की जाएं, ताकि परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। इससे जयपुर के ट्रैफिक दबाव को कम करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 13,037.66 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक कर परियोजना को गति देने के निर्देश जारी किए थे।
May 2, 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में साइबर ठगी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए जयपुर पुलिस ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन जयपुर की कार्रवाई में सामने आया कि आरोपियों ने व्हाट्सऐप पर कंपनी के चेयरमैन की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर अकाउंटेंट को झांसे में लिया और 5 करोड़ 30 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। इस मामले में परिवादी दीपेन्द्र सिंह ने 24 अप्रैल 2026 को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में पता चला कि ठगों ने ‘बॉस’ के नाम से व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर तत्काल भुगतान के निर्देश दिए, जिस पर भरोसा कर अकाउंटेंट ने बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में यह साइबर फ्रॉड निकला। इस पूरे नेटवर्क की जांच शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन और सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में की गई, जिसमें तकनीकी विश्लेषण से ठगी की रकम के ट्रेल को ट्रैक किया गया। जांच में सामने आया कि ठगी की राशि कई बैंक खातों में घुमाई गई और बाद में नकद निकासी कर यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) और हवाला के जरिए रकम को छिपाया गया। इस कार्रवाई में कोटा ग्रामीण, पाली, बांसवाड़ा, जोधपुर और बाड़मेर पुलिस के सहयोग से 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले, नकद निकासी करने वाले, कमीशन एजेंट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम ट्रांसफर करने वाले लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे थे। कोटा में आरोपी नकद निकासी और क्रिप्टो में कन्वर्जन का काम करते थे, जबकि बांसवाड़ा और पाली के आरोपी नए बैंक खाते उपलब्ध कराने और रकम ट्रांसफर करने में जुटे थे। जोधपुर और बाड़मेर में भी इसी तरह के नेटवर्क के जरिए ठगी की रकम को सुरक्षित ठिकाने लगाया जाता था। हैरानी की बात यह रही कि गिरोह में वकालत का छात्र, सैलून कर्मी और छोटे व्यापारी भी शामिल थे, जो कमीशन के लालच में इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चाय की थड़ियों या सार्वजनिक स्थानों पर मिलकर कमीशन का बंटवारा करते थे, ताकि किसी को शक न हो। प्रत्येक खाते के बदले 3 हजार से 50 हजार रुपये तक कमीशन लिया जाता था, जबकि बड़ी रकम को यूएसडीटी में बदलकर ट्रेसिंग से बचाने की कोशिश की जाती थी। इस पूरे ऑपरेशन में सुगन सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्हाट्सऐप मैसेज या कॉल पर बिना पुष्टि के बड़ी राशि ट्रांसफर न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
April 28, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मंगलवार से ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026’ का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर महाभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक एवं सांसद वीडी शर्मा ने जिला प्रभारियों और जिलाध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि यह भाजपा का एक प्रमुख वैचारिक और संगठनात्मक कौशल विकास कार्यक्रम है, जो बूथ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक कार्यकर्ताओं को ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ के सिद्धांतों में प्रशिक्षित करता है। राष्ट्रीय सह संयोजक एवं सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य पार्टी की विचारधारा को मजबूत करना, कार्यपद्धति में निखार लाना और डिजिटल माध्यमों से कार्यकर्ताओं को आधुनिक बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण महाभियान कार्यकर्ताओं में सेवा, समर्पण और संगठनात्मक चुनौतियों से निपटने की क्षमता विकसित करेगा। मंडल, जिला और प्रदेश स्तर पर आयोजित इस महाअभियान में कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि “प्रशिक्षण तरासने की प्रक्रिया है। जो सीखता है वह बढ़ता है, जो सीखना बंद कर देता है, वह बढ़ना भी बंद कर देता है।” उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण से ही संगठन का निर्माण होता है। प्रशिक्षण महाभियान 2026 में पार्टी ने डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है, जो डिजिटल इंडिया के विजन के अनुरूप है। मदन राठौड़ ने प्रशिक्षण महाभियान को संगठन सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह अभियान कार्यकर्ताओं को विचार, व्यवहार और नेतृत्व तीनों स्तरों पर समृद्ध करेगा। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय और एकात्म मानववाद भाजपा की कार्यसंस्कृति की आधारशिला है। इससे संगठन की कार्यपद्धति में एकरूपता आएगी और सेवा, समर्पण तथा राष्ट्रहित की भावना और अधिक प्रखर होगी।
April 28, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मंगलवार को डेनमार्क के राजदूत एबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने डेनमार्क के राजदूत का पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाज के अनुसार साफा और शॉल पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच विभिन्न सामयिक और महत्वपूर्ण विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में विस्तृत चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार बैठक में आपसी सहयोग, संवाद और वैश्विक संबंधों को और मजबूत बनाने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। यह मुलाकात भारत और डेनमार्क के बीच बेहतर संवाद और सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से इस बैठक को खास माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन और डेनमार्क क्रिकेट फाउंडेशन के बीच भी क्रिकेट एक्सचेंज प्रोग्राम को लेकर समझौता हुआ है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में नई सक्रियता देखी जा रही है।
April 28, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर/माधोगढ़। राजस्थान की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए किया गया एक अनोखा ‘जुगाड़’ एक ग्रामीण के लिए परेशानी का सबब बन गया। माधोगढ़ गांव में एक ग्रामीण करीब दो घंटे तक धातु के दूध के डिब्बे में फंसा रहा। कड़ी मशक्कत और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।जानकारी के अनुसार, कालूराम रेबारी खेतों की ओर काम के लिए जा रहे थे। चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी से बचने के लिए उन्होंने लगभग 15 लीटर क्षमता और करीब 10 किलोग्राम वजन वाले बड़े धातु के दूध के डिब्बे को अपने सिर पर रख लिया। कुछ देर बाद उन्होंने उसे पूरी तरह सिर पर खींच लिया, ताकि धूप से राहत मिल सके।लेकिन यह उपाय जल्द ही मुसीबत में बदल गया। डिब्बा उनके सिर में इस तरह फंस गया कि लाख कोशिशों के बावजूद बाहर नहीं निकल सका। खुद को फंसा महसूस करते ही कालूराम घबरा गए और उन्होंने आसपास के ग्रामीणों से मदद मांगी।ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पहले डिब्बा निकालने की कोशिश की, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। वहां ग्रामीणों ने आवश्यक उपकरण जुटाए और बेहद सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ग्रामीणों ने बड़ी सावधानी से डिब्बे के ऊपरी हिस्से को काटा। इस दौरान कालूराम को पूरी तरह स्थिर रखा गया, ताकि उन्हें कोई चोट न पहुंचे। जरा सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी।करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने कालूराम को डिब्बे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई।
April 28, 2026
राजस्थान न्यूज़: गोमाता को राष्ट्रमाता दर्जा घोषित कराने के संकल्प को लेकर अजमेर से गुरुवार 8 अप्रैल को खाटू श्याम मंदिर तक दंडवत यात्रा करते हुए अजमेर के मुकेश खटवानी आज 28 अप्रैल को सांभर पहुंचे ।यह दंडवत यात्रा मदरगेट स्थित प्राचीन सूर्यकुंड मंदिर से प्रारंभ की गई थी। अजय नगर निवासी मुकेश खटवानी दंडवत यात्रा करते हुए खाटूश्यामजी, सांवरिया सेठ होते हुए उज्जैन के महाकाल मंदिर तक दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि क़रीब 9 महीना यात्रा संपन्न होने की संभावना है। यात्रा में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, श्याम मित्र मंडल सांभर राजू मालाकार, प्रेम कुमार शर्मा, राजेंद्र कश्यप, संजय कश्यप, अंकित कश्यप, जुगल सिंह,और गौशाला समिति के पदाधिकारी व कार्यकर्ता आदि ने मुकेश खटवानी को स्वागत किया।
April 27, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। नितिन नवीन के जयपुर आगमन पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और प्रदेश प्रभारी डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने नितिन नवीन का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, डिप्टी सीएम दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा भी मौजूद रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह राजस्थान का पहला दौरा है, जिसे राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जयपुर एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उनके स्वागत को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एयरपोर्ट पर उनका अभिनंदन करते हुए राजस्थान आगमन पर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। नितिन नवीन जयपुर से हेलिकॉप्टर के जरिए टोंक रवाना हुए, जहां वे भाजपा के नवनिर्मित जिला कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। साथ ही कई अन्य जिला कार्यालयों का वर्चुअल उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। टोंक में वे बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। उनके इस दौरे को संगठन मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
April 25, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। सवाई मानसिंह स्टेडियम में आज होने वाले राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के रोमांचक IPL मुकाबले से पहले राजस्थान पुलिस ने क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है। क्रिकेट के इस जुनून को साइबर ठग अपनी कमाई का जरिया बना रहे हैं और फैंस को फर्जी टिकट घोटाले का शिकार बना रहे हैं।राजस्थान पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि IPL 2026 के दौरान टिकटों की भारी मांग का फायदा उठाकर साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट्स, क्लोन ऐप्स, सोशल मीडिया विज्ञापन, और WhatsApp/Instagram लिंक के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस के अनुसार ठग ऐसी वेबसाइट्स बनाते हैं जो देखने में आधिकारिक टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म जैसी लगती हैं। ये वेबसाइट्स सस्ते टिकट, VIP पास, या लास्ट मिनट ऑफर का लालच देकर लोगों से ऑनलाइन भुगतान करवाती हैं। भुगतान होते ही या तो वेबसाइट बंद हो जाती है या फिर फर्जी QR कोड अथवा ई-टिकट भेज दिया जाता है। राजस्थान पुलिस ने फैंस से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से ही टिकट खरीदें। किसी भी वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसकी स्पेलिंग, https और लॉक आइकन जरूर जांच लें। पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन करके कभी भुगतान न करें। एक गलत क्लिक से बैंक खाता खाली हो सकता है। हाल के दिनों में कई क्रिकेट फैंस इस तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बेंगलुरु में एक टेक प्रोफेशनल से 1.46 लाख रुपए की ठगी हुई। उसने Instagram पर RCB vs CSK मैच की टिकट खरीदने के नाम पर पैसे गंवा दिए। वहीं एक महिला सिक्योरिटी गार्ड से 52 हजार रुपए ठग लिए गए। इसी तरह दिल्ली में भी डुप्लीकेट और फर्जी टिकट स्कैनिंग के मामले सामने आए हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ऐसे मामलों की सक्रिय रूप से निगरानी कर रही है और फर्जी लिंक व वेबसाइट्स को ब्लॉक करने की कोशिश कर रही है।
April 24, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने डिस्कॉम चेयरपर्सन और वरिष्ठ आईएएएस अधिकारी आरती डोगरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराने के आदेश दिए हैं। यह आदेश जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने सुपरिटेंडेंट इंजीनियर आर.के. मीना की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने अपने आदेश में गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि डिस्कॉम चेयरपर्सन ने याचिकाकर्ता के खिलाफ जांच पर फैसला जानबूझकर कई महीनों तक लंबित रखा। न्यायालय ने कहा कि उपलब्ध परिस्थितियों में भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता और इस मामले में संदेह करने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। हाईकोर्ट ने एसीबी को निर्देश दिया है कि वह पूरे मामले की विस्तृत जांच करे और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट अदालत में पेश करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि सीएमडी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रही हैं। याचिकाकर्ता आरके मीना की ओर से अधिवक्ता अजातशत्रु मीणा और मोविल जीनवाल ने पैरवी करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता ने वर्ष 2022-23 की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) को चुनौती देते हुए दिसंबर 2023 में रिट याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कार्मिक विभाग के सर्कुलर के बावजूद बिना रोस्टर मेंटेन (संधारण) किए डीपीसी कर रहा है। इस प्रक्रिया के कारण याचिकाकर्ता को एक्सईएन (XEN) से सुपरिटेंडेंट इंजीनियर पद पर प्रमोशन नहीं मिल सका। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को यह भी बताया कि याचिका दायर करने के बाद याचिकाकर्ता को अलग-अलग कारणों से तीन चार्जशीट जारी कर दी गईं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह कार्रवाई प्रतिशोधात्मक भावना से की गई। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। अब एसीबी की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि यह मामला एक वरिष्ठ आईएएएस अधिकारी और बिजली विभाग की शीर्ष प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ है।
April 24, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान की सबसे सुरक्षित और संवेदनशील इमारतों में से एक राजस्थान विधानसभा को शुक्रवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी मिली है। विधानसभा सचिवालय को भेजे गए एक अज्ञात ईमेल में स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी गई कि दोपहर 1 बजे विधानसभा परिसर में बड़ा धमाका किया जाएगा। इस धमकी के बाद पूरे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमकी मिलते ही विधानसभा प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया। एहतियातन विधानसभा भवन के भीतर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों को तत्काल बाहर निकाला गया। जो कर्मचारी ड्यूटी के लिए विधानसभा पहुंच रहे थे, उन्हें मुख्य गेट के बाहर ही रोक दिया गया। परिसर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमांडो, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वायड और स्थानीय पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। आधुनिक उपकरणों की मदद से विधानसभा के गार्डन, पार्किंग, गलियारों, कमरों और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहन तलाशी ली जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान विधानसभा को निशाना बनाने की धमकी मिली हो। कुछ ही दिन पहले भी इसी तरह की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। बार-बार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों ने इंटेलिजेंस ब्यूरो और राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत है या इसके पीछे कोई गंभीर राजनीतिक, आपराधिक या सुरक्षा संबंधी साजिश छिपी है। फिलहाल विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षा एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हैं। पूरे मामले पर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की नजर बनी हुई है।