August 8, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में कथित घोटालों और अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दर्ज मामलों की जांच अब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) करेगी। इसके लिए एडीजी विशाल बंसल ने एसपी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की है। यह टीम फिलहाल करीब 25 एफआईआर की जांच करेगी, जो अलग-अलग जिलों और थानों में दर्ज हैं। नए मामलों की जांच भी यही टीम करेगी एडीजी विशाल बंसल के अनुसार भविष्य में आरजीएचएस से जुड़ी कोई नई एफआईआर दर्ज होती है तो उसकी जांच भी यही विशेष टीम करेगी।जांच दल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उप अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। जिन मामलों की जांच अभी स्थानीय थानों के अधिकारी कर रहे हैं, उन्हें भी विशेष टीम का हिस्सा बनाया जाएगा। 7 अस्पताल और 7 मेडिकल स्टोर जांच के घेरे में अब तक दर्ज मामलों में अलग-अलग जिलों के 7 अस्पताल और 7 मेडिकल स्टोर जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। इन संस्थानों पर आरजीएचएस के तहत कथित फर्जी इलाज, बिना मरीज के उपचार दिखाने और सरकारी कर्मचारी के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति का इलाज दर्ज करने जैसी अनियमितताओं के आरोप हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। इन जिलों में दर्ज हैं मामले आरजीएचएस में कथित गड़बड़ियों को लेकर दो एफआईआर एसओजी थाने में दर्ज हैं। इसके अलावा भरतपुर, सीकर, चूरू, बीकानेर, अजमेर, अलवर और श्रीगंगानगर सहित कई जिलों में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। विशेष टीम इन सभी मामलों को एक साथ जोड़कर यह भी जांचेगी कि कहीं इनके पीछे किसी संगठित नेटवर्क या समान कार्यप्रणाली का इस्तेमाल तो नहीं हुआ। फर्जी इलाज और क्लेम की शिकायतें RGHS से जुड़ी शिकायतों में बिना मरीज की मौजूदगी के इलाज दिखाने, पात्र सरकारी कर्मचारी की जगह किसी अन्य व्यक्ति का उपचार दर्ज करने और कथित फर्जी क्लेम तैयार करने जैसे आरोप सामने आए हैं।एसओजी अब अस्पतालों, मेडिकल स्टोर, संबंधित कर्मचारियों और दस्तावेजों की भूमिका की जांच करेगी। जांच का दायरा और बढ़ सकता है सरकार की ओर से मामलों को एसओजी को सौंपे जाने के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। यदि किसी अस्पताल, मेडिकल स्टोर या व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जांच प्रारंभिक और प्रक्रियाधीन है, इसलिए किसी भी संस्था या व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
August 8, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान विधानसभा के नए सत्र की तैयारियों के बीच राज्य के कई ऐसे कानून चर्चा में हैं, जिन्हें विधानसभा और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद भी अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं किया जा सका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐसे कुल 9 कानून हैं, जिनमें से 5 मौजूदा सरकार और 3 पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से जुड़े हैं, जबकि एक कानून वर्ष 2015 से लंबित है।इनमें से छह कानून ऐसे बताए जा रहे हैं, जिन्हें लागू करने के लिए संबंधित विभागों को केवल प्रभावी तारीख अधिसूचित करनी है। इसके बावजूद अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। 2015 से लंबित मुकदमेबाजी निवारण कानून राजस्थान तंग करने वाली मुकदमेबाजी (निवारण) अधिनियम, 2015 उन मामलों पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाया गया था, जिनमें बार-बार या बेवजह मुकदमे दायर कर अदालतों का समय खराब किया जाता है। कानून बनने के बावजूद इसके प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति अब तक लंबित बताई जा रही है। स्वास्थ्य का अधिकार कानून भी पूरी तरह प्रभावी नहीं राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम, 2022 प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा कानूनी अधिकार देने के उद्देश्य से लाया गया था। इसे व्यापक सामाजिक सुरक्षा कानून के रूप में पेश किया गया था, लेकिन इसके पूर्ण प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। न्यूनतम आय गारंटी कानून लागू होने का इंतजार राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी अधिनियम, 2023 मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के माध्यम से न्यूनतम आय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया था। कानून पारित होने के बाद भी इसे प्रभावी करने की प्रक्रिया लंबित बताई जा रही है। गिग वर्कर्स कल्याण कानून भी अटका राजस्थान प्लेटफॉर्म आधारित गिग वर्कर (रजिस्ट्रीकरण और कल्याण) अधिनियम, 2023 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले गिग वर्कर्स को पंजीकरण और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए लाया गया था। यह कानून भी अब तक पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पाया है।
August 7, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम यानी रीको को राज्य सरकार ने बड़े अधिकार दिए हैं। अब रीको आवासीय कॉलोनी, स्पेशल इकनॉमिक जोन (SEZ), फूड पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और इंडस्ट्रियल पार्क जैसे विशेष क्षेत्र विकसित कर सकेगा। राज्य सरकार ने नगरीय निकायों, यूआईटी और विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर रीको को इन क्षेत्रों की योजना बनाने और विकास से जुड़े अधिकार प्रदान किए हैं। प्लानिंग से लेकर भूखंड आवंटन तक रीको करेगा नई व्यवस्था के तहत विशेष जोन की पूरी प्लानिंग, बिल्डिंग प्लान की मंजूरी और भूखंडों का आवंटन सहित संबंधित विकास कार्य रीको के जरिए किए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से रीको को सीधे जमीन आवंटित की जाएगी। राजस्व विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर राजस्थान भू-राजस्व (रीको में भूमि का अधिकार होना और निस्तारण) नियम-2026 लागू किए हैं। अब तक जमीन अवाप्ति पर निर्भर था रीको अब तक रीको औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए मुख्य रूप से जमीन के अधिग्रहण यानी अवाप्ति की प्रक्रिया अपनाता था। इसके तहत किसानों या काश्तकारों से जमीन ली जाती थी और बदले में विकसित जमीन अथवा नकद मुआवजा दिया जाता था। यह प्रक्रिया लंबी होने और कानूनी अड़चनों के कारण कई बार नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में देरी होती थी। सरकारी जमीन सीधे मिल सकेगी नई व्यवस्था में सरकार ने सिवायचक सहित सरकारी जमीन को सीधे रीको को आवंटित करने का रास्ता खोल दिया है। इससे जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज होने और नए औद्योगिक तथा विशेष विकास क्षेत्रों को जल्द विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। यूआईटी-जेडीए जैसी व्यवस्था अभी तक जब कोई ग्रामीण क्षेत्र जेडीए, यूआईटी या अन्य विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में शामिल होता है तो वहां की सरकारी जमीन संबंधित प्राधिकरण के नियंत्रण में आ जाती है। इसके बाद वही संस्था उस जमीन पर आवासीय योजना या अन्य विकास परियोजनाएं तैयार करती है। अब इसी तरह के अधिकार रीको को भी दिए गए हैं।
August 7, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के निर्देशों के तहत प्रदेश में संगठनात्मक मजबूती की दिशा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ का पुनर्गठन किया गया है। प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम स्वामी ने नई प्रदेश कार्यकारिणी के साथ 11 जिलों के नए जिलाध्यक्षों के नामों की आधिकारिक घोषणा की है। कांग्रेस का दावा है कि इस पुनर्गठन के जरिए सामाजिक न्याय, वर्ग-संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए संगठन को और सक्रिय बनाने की कोशिश की गई है। प्रदेश कार्यकारिणी का भी पुनर्गठन नई सूची में सिर्फ जिलाध्यक्षों के नाम ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी में भी बदलाव किए गए हैं। इस कवायद का उद्देश्य विभिन्न सामाजिक वर्गों से जुड़े मुद्दों को पार्टी संगठन के माध्यम से अधिक प्रभावी तरीके से उठाना और जिला स्तर पर सक्रिय नेटवर्क तैयार करना बताया जा रहा है। 11 जिलों को मिले नए अध्यक्ष प्रकोष्ठ ने 11 जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं। इन नियुक्तियों के बाद संबंधित जिलों में स्थानीय सामाजिक मुद्दों, अधिकारों और जनसमस्याओं को लेकर अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में नियुक्त किए गए सभी 11 जिलाध्यक्षों के नामों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। डोटासरा के निर्देशों पर संगठन सक्रिय करने की कवायद राजस्थान कांग्रेस आगामी संगठनात्मक चुनौतियों के साथ स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों से पहले अपने विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों को सक्रिय करने में जुटी है। इसी क्रम में पीसीसी अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा की सहमति के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ के पुनर्गठन को अंतिम रूप दिया गया। स्थानीय स्तर पर अभियान की तैयारी नई कार्यकारिणी के बाद प्रकोष्ठ की ओर से सामाजिक न्याय, अधिकारों और विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों पर जिला और ब्लॉक स्तर तक गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी है। पार्टी संगठन का फोकस स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और सामाजिक समूहों के साथ संवाद मजबूत करने पर रहेगा।
August 7, 2026
राजस्थान न्यूज़: नगर पालिका प्रत्याशी 1.50 लाख तक कर सकेंगे खर्च, नगर पालिका के पार्षद प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा एक लाख रुपए से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपए कर दी गई है। इस तरह नगर पालिका स्तर पर खर्च की सीमा में 50 हजार रुपए की वृद्धि की गई है। निकाय पुरानी 2.50 लाख रुपए खर्च सीमा नई खर्च सीमाv3.50 लाख रुपए बढ़ोतरी नगर निगम 1 लाख रुपए नगर परिषद 1.50 लाख रुपए 2.50 लाख रुपए 1 लाख रुपए नगर पालिका 1 लाख रुपए 1.50 लाख रुपए 50 हजार रुपए मतदान के दिन वाहन के लिए लेनी होगी अनुमति आयोग की गाइडलाइन के अनुसार मतदान के दिन यदि कोई प्रत्याशी चुनावी कार्य के लिए वाहन का उपयोग करना चाहता है तो उसे इसके लिए अलग से अनुमति लेनी होगी। प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों की संख्या भी निर्धारित की गई है। उपलब्ध जानकारी में अलग-अलग निकायों के लिए वाहनों की सटीक संख्या का विवरण नहीं दिया गया है। चुनाव कार्यालय पर लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों पर लाउडस्पीकर लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। इसका मतलब है कि प्रत्याशी अपने चुनावी कार्यालय पर स्थायी रूप से लाउडस्पीकर लगाकर प्रचार नहीं कर सकेंगे।इन दिशा-निर्देशों के जरिए आयोग का उद्देश्य चुनावी खर्च और प्रचार गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए सभी प्रत्याशियों के लिए समान चुनावी परिस्थितियां सुनिश्चित करना है।
August 7, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। श्री राधा गोविंद राजकीय महाविद्यालय, कंवर नगर, ब्रह्मपुरी में शुक्रवार को मतदाता जागरूकता अभियान के तहत युवा मतदाता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान की ओर से आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा मतदाताओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदान के महत्व और मतदाता के अधिकार एवं दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं अध्यक्ष राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से निष्पक्ष और निर्भीक होकर मतदान करने तथा अन्य नागरिकों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। राजेश्वर सिंह ने कहा कि जब युवाओं में राष्ट्रीय चेतना का भाव मजबूत होगा, तभी सुदृढ़ लोकतंत्र का निर्माण संभव होगा। व्यक्तित्व, कृतित्व और चरित्र देखकर करें मतदान राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आने वाले चुनावों में युवा अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का चुनाव करते समय उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और चरित्र को ध्यान में रखें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिनिधियों को चुना जाना चाहिए, जो लोक कल्याण और विकासोन्मुख कार्यों के प्रति प्रतिबद्ध हों। जाति-धर्म से ऊपर उठकर प्रतिनिधि चुनने की अपील राजेश्वर सिंह ने युवाओं से अपील की कि वे जनप्रतिनिधियों का चयन जाति या धर्म के आधार पर न करें। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में मतदाताओं को ऐसे कर्तव्यनिष्ठ और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को चुनना चाहिए, जो समाजसेवी और लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने पूछे अहम सवाल कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र भी किया।छात्र-छात्राओं ने निर्वाचन आयोग के गठन, उसके कार्य और भूमिका, लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी, चुनावी खर्च, उम्मीदवारों की शिक्षा एवं उम्र, छात्रसंघ चुनाव, जातिवाद और परिवारवाद जैसे विषयों पर सवाल किए। आयुक्त ने विद्यार्थियों के सवालों का सरल भाषा में जवाब दिया और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। मतदाता जागरूकता गतिविधियों की दी जानकारी महाविद्यालय निर्वाचन साक्षरता क्लब की प्रभारी प्रोफेसर नीलम शर्मा ने महाविद्यालय में आयोजित होने वाली मतदाता जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी।
August 7, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, कानून मंत्री जोगाराम पटेल और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने राज्य मजदूरी संहिता 2026, एग्रो फूड प्रोसेसिंग नीति-2026 और ट्री आउटसाइड पॉलिसी सहित कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। राज्य मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत मजदूरों का न्यूनतम वेतन तय करने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाएगी। सरकारी जानकारी के अनुसार मजदूरी में साल में दो बार, 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को बढ़ोतरी की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही कर्मचारियों को सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य होगा। सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम नई व्यवस्था के तहत मजदूरों से सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही काम लिया जा सकेगा। लगातार पांच घंटे काम करने के बाद कम से कम आधे घंटे का आराम देना भी अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों का उद्देश्य श्रमिकों के कामकाजी अधिकारों और कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाना है। रिटायरमेंट की अंतिम तारीख तक मिलेगा राज्य बीमा लाभ कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के राज्य बीमा से संबंधित व्यवस्था में भी बदलाव को मंजूरी दी है। कानून मंत्री के अनुसार अब सरकारी कर्मचारियों को राज्य बीमा का लाभ सेवानिवृत्ति की अंतिम तारीख तक मिलेगा। अभी तक सेवानिवृत्ति वाले वर्ष में 1 अप्रैल तक ही यह लाभ उपलब्ध होने की व्यवस्था थी। एग्रो फूड प्रोसेसिंग नीति-2026 मंजूर कैबिनेट ने एग्रो फूड प्रोसेसिंग नीति-2026 का भी अनुमोदन किया है। इसका उद्देश्य प्रदेश में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करना तथा किसानों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देना है। नई नीति में फल-सब्जी, दलहन-तिलहन, औषधि निर्माण और पशु आहार से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा। नई एग्रो इंडस्ट्री को मिलेगी विशेष छूट नीति के तहत राजस्थान में नई एग्रो इंडस्ट्री स्थापित करने वाले उद्यमियों और निवेशकों को सरकार की ओर से विशेष छूट और प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे कृषि आधारित उद्योगों में निवेश बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हर साल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य कैबिनेट ने ट्री आउटसाइड पॉलिसी को भी मंजूरी दी है। मिशन हरियालो राजस्थान के तहत हर साल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत नदियों, नालों और सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य गैर-वन क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को गति देना है। अलग-अलग क्षेत्रों पर फोकस कैबिनेट के इन फैसलों में श्रमिक कल्याण, सरकारी कर्मचारी हित, कृषि आधारित उद्योग, निवेश, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन नीतियों के विस्तृत प्रावधान, पात्रता, प्रोत्साहन और क्रियान्वयन की प्रक्रिया संबंधित विभागों की अधिसूचनाओं और दिशा-निर्देशों के बाद और स्पष्ट होगी।
July 22, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।आयोग ने निर्देश दिए हैं कि अपने गृह जिले, गृह नगरीय क्षेत्र अथवा गृह पंचायत समिति क्षेत्र में पदस्थापित अधिकारियों के साथ ही लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों का 15 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से स्थानांतरण किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पंचायतीराज संस्थाओं और नगरीय निकायों के आम चुनाव शीघ्र कराए जाने प्रस्तावित हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े अधिकारियों की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का प्रश्न नहीं उठना चाहिए। इसी उद्देश्य से आयोग ने पूर्व में जारी स्थानांतरण संबंधी निर्देशों में संशोधन करते हुए नई कट-ऑफ तिथि और तबादलों की अंतिम समयसीमा निर्धारित की है। संबंधित विभागों को निर्धारित अवधि के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कर आयोग को अनुपालना से अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन अधिकारियों का होगा तबादला राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी, उपखंड अधिकारी, सहायक कलेक्टर, तहसीलदार और पुलिस उपाधीक्षक चुनाव के दौरान अपने गृह जिले अथवा संबंधित गृह क्षेत्र में पदस्थापित नहीं रहेंगे। इसके अतिरिक्त जयपुर और जोधपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों में कार्यरत पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त भी स्थानांतरण संबंधी निर्देशों के दायरे में आएंगे। आयोग का मानना है कि गृह क्षेत्र में पदस्थापना या लंबे समय तक एक ही स्थान पर कार्यरत रहने से स्थानीय प्रभाव, परिचय अथवा हितों के टकराव की आशंका उत्पन्न हो सकती है। इसलिए चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसे अधिकारियों को समय रहते अन्य स्थानों पर पदस्थापित किया जाएगा।
July 22, 2026
राजस्थान न्यूज़: खाटूश्यामजी। अजमेर में कथा वाचक किरीट भाई द्वारा बाबा श्याम के संबंध में कथित रूप से कहे गए आपत्तिजनक शब्दों को लेकर श्याम भक्तों में नाराजगी देखने को मिली। विवाद बढ़ने के बाद किरीट भाई बाबा श्याम के दरबार में उपस्थित हुए और दर्शन कर क्षमा याचना की।बताया जा रहा है कि अजमेर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित बयान के बाद विभिन्न स्थानों पर श्याम भक्तों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। श्रद्धालुओं का कहना था कि धार्मिक आस्था और आराध्य देव से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक मंच से बोलते समय मर्यादा और संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बाबा श्याम के दर्शन कर मांगी क्षमा विवाद के बाद किरीट भाई श्री श्याम बाबा के दरबार पहुंचे। उन्होंने बाबा श्याम के दर्शन किए और अपने कथित वक्तव्य को लेकर क्षमा याचना की। उनके मंदिर पहुंचने और क्षमा मांगने को विवाद को शांत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहन दास महाराज ने किरीट भाई को बाबा श्याम का आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से संयम, धार्मिक मर्यादा और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की। श्रद्धा और सद्भाव बनाए रखने का संदेश पूज्य मोहन दास जी महाराज ने कहा कि बाबा श्याम का दरबार प्रेम, भक्ति, क्षमा और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि किसी भी विवाद की स्थिति में शांति और संयम का मार्ग अपनाया जाए तथा ऐसा कोई कदम न उठाया जाए जिससे धार्मिक सौहार्द प्रभावित हो।घटना के बाद श्याम भक्तों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े धार्मिक वक्ताओं को अपनी भाषा और वक्तव्यों के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए। श्रद्धालुओं ने उम्मीद जताई कि क्षमा याचना के बाद इस प्रकरण का शांतिपूर्ण समाधान होगा और बाबा श्याम की मर्यादा एवं भक्तों की आस्था सर्वोपरि बनी रहेगी।
July 22, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामले पर संसद में चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार को लगातार दूसरे दिन जयपुर की सड़कों पर उतरे। कांग्रेस मुख्यालय से भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव करने निकले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के सामने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।इस दौरान आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। पानी की तेज बौछार के बीच प्रदर्शन में शामिल एक महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कमिश्नरेट के सामने रोका भाजपा कार्यालय कूच कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश मुख्यालय से रैली के रूप में भाजपा कार्यालय की ओर रवाना हुए। रैली गवर्नमेंट हॉस्टल सर्किल होते हुए पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के सामने पहुंची, जहां पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर भारी जाब्ता तैनात कर रखा था। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। कुछ समय तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता वापस लौट गए। डोटासरा बोले—युवाओं के लिए संघर्ष जारी रहेगा प्रदर्शन के बाद गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है और युवाओं से जुड़े पेपर लीक के मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है। डोटासरा ने विवादित टिप्पणी करते हुए भाजपा नेताओं को “नाथूराम गोडसे के वंशज” बताया और कहा कि वे आंदोलनों का दमन करना जानते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी, विद्यार्थियों के साथ न्याय और लोकसभा में पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा से कम कांग्रेस को कुछ भी स्वीकार नहीं होगा। भाजपा के प्रदर्शन को बताया ‘मैच फिक्सिंग’ डोटासरा ने भाजपा के पूर्व प्रदर्शन पर भी टिप्पणी करते हुए उसे कथित रूप से “मैच फिक्सिंग” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने केवल हल्की पानी की बौछार छोड़ी थी और प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक वापस चले गए थे, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कठोरता बरती गई।कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने दावा किया कि देश में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार इसकी जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने में विफल रही है। एमआई रोड पर यातायात प्रभावित कांग्रेस के प्रदर्शन और भारी पुलिस बंदोबस्त के कारण एमआई रोड और आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस बैरिकेडिंग और प्रदर्शनकारियों की भीड़ के कारण कई वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। प्रदर्शन समाप्त होने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लौटने के बाद यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हुई। पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर रखा था।कांग्रेस का कहना है कि पेपर लीक, विद्यार्थियों पर कथित पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही के मुद्दे पर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
July 21, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने केंद्र की एनडीए सरकार पर विपक्ष की मांगों और जनभावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में देश किस दिशा में जा रहा है, यह गंभीर चिंता का विषय है। सरकार महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर न तो स्पष्ट प्रतिक्रिया देती है और न ही विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देती है। गहलोत ने कहा कि देशभर में जनता और युवाओं के बीच आक्रोश है तथा कांग्रेस का आंदोलन लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को सुनने के बजाय उसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के निकट किए गए धरने के समर्थन में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर प्रदर्शन किया। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन से पहले अशोक गहलोत ने पेपर लीक प्रकरण को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार की चुप्पी और संवाद से बचने की प्रवृत्ति के कारण ऐसी स्थिति बनी कि लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठना पड़ा। विपक्ष की मांगों पर ध्यान नहीं देने का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार विपक्षी दलों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती। संसद के भीतर और बाहर उठाए गए जनहित के मुद्दों पर भी सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता।
July 21, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। प्रदेश के युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर ‘युवा सुयोग’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में वार्ड और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। ‘युवा सुयोग’ के तहत क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल जैसे लोकप्रिय खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें भाग लेने के इच्छुक युवाओं को युवा सुयोग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीकरण कराना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं पर नीतियां थोपने के बजाय उनकी प्रतिभा, रुचि और खेल प्रदर्शन के आधार पर खेल नीतियां तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर उसे प्रदेश के विकास और सामर्थ्य से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। वार्ड और पंचायत स्तर से शुरू होंगी प्रतियोगिताएं कार्यक्रम के अनुसार शहरों में वार्ड स्तर और गांवों में पंचायत स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। स्थानीय स्तर पर विजेता रहने वाली टीमों को विधानसभा क्षेत्र स्तर पर खेलने का अवसर मिलेगा। इस व्यवस्था से छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने के लिए भी मंच उपलब्ध कराया जाएगा। युवाओं को मिलेगा सही अवसर और मंच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं की शक्ति को सामर्थ्य में बदलने के लिए ‘युवा सुयोग’ प्लेटफॉर्म सही अवसर और उचित मंच उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास होगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों और अवसरों के अभाव में अपनी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते। स्थानीय स्तर पर नियमित प्रतियोगिताओं के आयोजन से ऐसी प्रतिभाओं की पहचान संभव होगी। खेल प्रदर्शन के आधार पर तैयार होंगी नीतियां मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की आवश्यकताओं और खेलों में उनकी भागीदारी का अध्ययन करते हुए भविष्य की योजनाएं तैयार करेगी। प्रतियोगिताओं से प्राप्त आंकड़ों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण तथा आधारभूत ढांचे के विस्तार की दिशा तय की जाएगी। कार्यक्रम को युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करने और खेलों के माध्यम से उन्हें सक्रिय भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने की महत्त्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।