राजस्थान न्यूज़: जयपुर। परकोटे के बाजारों में कबाड़ खरीदने-बेचने की आड़ में बंद दुकानों की रेकी कर चोरी करने का मामला सामने आया है। माणक चौक थाना पुलिस ने गोपाल जी का रास्ता स्थित रोडियम पॉलिश की दुकान में नकबजनी के मामले में 10 हजार रुपये के इनामी मोहम्मद मोसिन उर्फ लूंगी को गिरफ्तार किया है। दुकान से करीब 6 से 7 किलो चांदी का सामान और 25 से 30 किलो तांबे के तार चोरी हुए थे। चोरी का माल खरीदने के आरोप में कबाड़ी संजय महरचंदानी को भी गिरफ्तार किया गया है और त्रिपोलिया बाजार के जनता मार्केट में उसकी दुकान सील कर दी गई है। एक नजर में कहां — ‘रजत रोडियम’, गोपाल जी का रास्ता, माणक चौक थाना क्षेत्र क्या चोरी हुआ — 6 से 7 किलो चांदी का सामान, 25 से 30 किलो तांबे के तार गिरफ्तार — मोहम्मद मोसिन उर्फ लूंगी (10 हजार का इनामी) और कबाड़ी संजय महरचंदानी कार्रवाई — जनता मार्केट, त्रिपोलिया बाजार स्थित दुकान नंबर 142बी सील जांच में — मोसिन के साथी की भूमिका और दूसरी वारदातें साढ़े 36 घंटे बंद रही दुकान, वारदात 17 मिनट में डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा के मुताबिक गोपाल जी का रास्ता स्थित ‘रजत रोडियम’ नाम की दुकान में रोडियम पॉलिश का काम होता है। दुकान संचालक ने शनिवार रात करीब 9.30 बजे दुकान बंद की थी और रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते वह बंद ही रही। सोमवार सुबह करीब 10 बजे जब संचालक दुकान खोलने पहुंचा तब चोरी का पता चला। जांच में सामने आया कि वारदात रविवार शाम करीब 5.20 से 5.37 बजे के बीच हुई। कब क्या हुआ शनिवार रात 9.30 दुकान बंद की गई रविवार साप्ताहिक अवकाश, दुकान बंद रविवार शाम 5.20 से 5.37 पीछे की खिड़की की जाली तोड़कर अंदर घुसे, चांदी और तांबे के तार ले गए सोमवार सुबह 10 बजे दुकान खुलने पर चोरी का पता चला यानी दुकान करीब साढ़े 36 घंटे बंद रही और उसमें से सिर्फ 17 मिनट का वक्त वारदात में लगा। पुलिस के मुताबिक आरोपी दुकान के पिछले हिस्से की खिड़की की जाली तोड़कर अंदर घुसे थे। सीसीटीवी और मुखबिर से पहुंची पुलिस पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के बाजारों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, संदिग्धों की गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र की मदद ली। इसी दौरान मोहम्मद मोसिन उर्फ लूंगी की संलिप्तता के सुराग मिले, जिस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पूछताछ के आधार पर चोरी का सामान खरीदने के आरोप में कबाड़ी संजय महरचंदानी को भी गिरफ्तार किया गया। कबाड़ के काम की आड़ में रेकी पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक मोसिन अपने एक साथी के साथ कबाड़ खरीदने-बेचने का काम करता था और इसी के बहाने दोनों बाजारों में घूमकर दुकानों पर नजर रखते थे — कौन-सी दुकान किस समय बंद होती है, कहां आवाजाही कम रहती है और किस रास्ते से अंदर घुसा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि कई दिन की रेकी के बाद मौका देखकर वारदात की जाती थी, और इस मामले में रविवार की छुट्टी तथा बाजार में कम आवाजाही का फायदा उठाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के बाद कीमती धातु और दूसरा सामान कबाड़ियों को बेच दिया जाता था, ताकि माल जल्दी ठिकाने लग जाए और उसकी पहचान मुश्किल हो। इसी कड़ी में त्रिपोलिया बाजार के जनता मार्केट की दुकान नंबर 142बी पर कार्रवाई हुई। साथी की भूमिका की जांच जारी माणक चौक थाना पुलिस अब मोसिन के जिस साथी का नाम सामने आया है, उसकी भूमिका की जांच कर रही है; उसकी गिरफ्तारी की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इसी तरीके से जयपुर के दूसरे बाजारों में कितनी वारदातें की गईं। गिरफ्तार आरोपियों से चोरी के सामान की बिक्री, दूसरे संभावित सहयोगियों और लेनदेन को लेकर पूछताछ की जा रही है।
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राजस्थान न्यूज़: शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के इस अवसर पर देशभर के धार्मिक स्थलों और शक्तिपीठों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। इसी क्रम में विजयनगर स्थित शक्तिपीठ भैरव धाम पर भी नवरात्रि की छठ महोत्सव के अवसर पर प्रथम दिन श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। विजयनगर शक्तिपीठ भैरव धाम में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा बाबा भैरव के जयकारों के बीच छठ महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान बाबा के पावन धाम पर अखंड ज्योत के दर्शन करने बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने पूजा-अर्चना कर अपने परिवार और समाज की सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगल कामना की प्रार्थना की।विजयनगर शक्तिपीठ भैरव धाम के पीठाधीश्वर गुरुदेव बंटी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि सभी विजयनगर वासियों के साथ धाम पर आए तमाम भक्तों को शारदीय नवरात्रि की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया। विजयनगर शक्तिपीठ भैरव धाम के पीठाधीश्वर गुरुदेव श्री बंटी महाराज को विजयनगर शक्तिपीठ भैरव धाम पर पहुंचे सभी श्रद्धालुओं 100 किलो फूलों से निर्मित माला पहना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्तों द्वारा जयकारों के साथ विजयनगर में ढोल बाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। सभी श्रद्धालुओं द्वारा बाबा से मनोकामना पूर्ण होने और आने वाले जीवन में स्वास्थ्य तथा सुख-समृद्धि की प्रार्थना की गई है। शक्तिपीठ भैरव धाम पर नवरात्रि के नौ दिनों तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहेगा।
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राजस्थान न्यूज़: फलोदी। लोहावट के पूनिया की ढाणी में 1,050 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 9 साल के भोमाराम की मौत हो गई। उसे शनिवार तड़के करीब 3.35 बजे बोरवेल से बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस से लोहावट अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। भोमाराम 15 अक्टूबर को दोपहर करीब 12.30 बजे बोरवेल में गिरा था — यानी उसे बाहर निकालने में 39 घंटे से ज्यादा लगे। एक नजर में कहां — पूनिया की ढाणी, लोहावट, फलोदी जिला कब गिरा — 15 अक्टूबर, दोपहर करीब 12.30 बजे कब निकाला — 17 अक्टूबर, तड़के करीब 3.35 बजे बोरवेल की गहराई — करीब 1,050 फीट; बच्चा 640 फीट पर अटका सबसे बड़ी अड़चन — बच्चे से करीब 30 फीट ऊपर फंसा पत्थर 39 घंटे चला रेस्क्यू कब क्या हुआ 15 अक्टूबर, दोपहर 12.30 पूनिया की ढाणी में 1,050 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 16 अक्टूबर बोरवेल में डाले गए कैमरे में हलचल दिखनी बंद हुई; कैमरा भी करीब 30 फीट पर अटका, बोरवेल में पानी भरने लगा 16 अक्टूबर, रात करीब 10.30 घटना के करीब 34 घंटे बाद रुकावट बना पत्थर बाहर निकाला गया 17 अक्टूबर, तड़के 3.35 बच्चे को बाहर निकाला गया, लोहावट अस्पताल में मृत घोषित पत्थर निकलने के बाद बच्चे तक पहुंचने में करीब 5 घंटे और लगे। पत्थर बना सबसे बड़ी रुकावट रेस्क्यू में सबसे बड़ी अड़चन बोरवेल के भीतर फंसा पत्थर बना। यह बच्चे से करीब 30 फीट ऊपर, यानी करीब 610 फीट की गहराई पर अटका था, जिसके कारण पाइप और दूसरे उपकरण नीचे तक नहीं पहुंच पा रहे थे। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर थीं, लेकिन इसी रुकावट के चलते बच्चे तक नहीं पहुंचा जा सका। इसके बाद देसी जुगाड़ के जानकार माधाराम सुथार और उनकी टीम ने लोहे के सरियों का जाल बनाकर पहले पत्थर को बाहर निकाला, और फिर देर रात बच्चे को निकालने का काम शुरू किया गया। इतनी गहराई का रेस्क्यू कितना मुश्किल बोरवेल हादसों में आमतौर पर बच्चे कुछ दर्जन फीट की गहराई पर अटकते हैं, जहां समानांतर गड्ढा खोदकर या रस्सी-हुक से निकालने की कोशिश होती है। यहां बच्चा करीब 640 फीट की गहराई पर था और उसके नीचे भी करीब 410 फीट बोरवेल था। तुलना के लिए, सितंबर में अलवर में पतंग लूटते समय बोरवेल में गिरा 10 साल का बच्चा करीब 40 फीट की गहराई पर अटका था और उसे निकालने में भी लंबी मशक्कत करनी पड़ी थी। बोरवेल किसका था और इस मामले में कोई कार्रवाई हुई है या नहीं, इसे लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
Read more 17th Oct 2026
उदयपुर न्यूज़: उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल के तत्वावधान में आयोजित 'ऑन द स्पॉट' ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन की सचिव श्रीमती ज्योति ऊषाहरा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के पश्चात निबंध प्रतियोगिता में 9 तथा ड्राइंग प्रतियोगिता में 9, यानी कुल 18 प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों और बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।
Read more 28th Sep 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में विपक्षी नेताओं के जुटने के मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कोई भी अदालत को डरा-धमकाकर दबाव में नहीं ला सकता और ऐसी कोशिशों पर कोई ध्यान नहीं देता। अदालत ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत 16 नेताओं को नोटिस जारी किया। साथ ही एसआईआर और चुनाव आयोग के फैसलों के खिलाफ इन्हीं नेताओं की याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा। एक नजर में कब — गुरुवार, सुप्रीम कोर्ट पीठ — मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत नोटिस — राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत 16 नेता एसआईआर याचिका — केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब तलब सीसीटीवी — सभी कानूनी एजेंसियों को फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश ‘हम किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं जी रहे’ “कोई भी कोर्ट को डरा-धमकाकर दबाव में नहीं ला सकता। ऐसी कोशिशें बेकार हैं, इन पर कोई ध्यान नहीं देता। हमें पता है कि कोर्ट के बाहर क्या कहा जा रहा है और कोर्ट के अंदर क्या। हम किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं जी रहे हैं।” सूर्यकांत, मुख्य न्यायाधीश मुख्य न्यायाधीश ने किसी का नाम लिए बिना यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर अदालत सवाल करेगी और उसे सफाई देनी होगी। चार वकीलों की याचिका पर नोटिस 12 अक्टूबर के घटनाक्रम के बाद चार वकीलों ने याचिका दाखिल की है। इसमें अदालत परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन रोकने के नियम बनाने, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और नेताओं की मंशा की जांच की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रदर्शन बुलाने वाला व्यक्ति उसके दूसरों पर पड़ने वाले परिणामों की जिम्मेदारी भी ले। मुख्य न्यायाधीश ने इस याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ताओं के वकील गौरव भाटिया ने अंतरिम आदेश की मांग करते हुए कहा कि राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के समय की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराई जाए। याचिका में आरोप है कि उस दौरान एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया गया। अदालत ने अभी इस पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। इस पर न्यायमूर्ति बागची ने सभी कानूनी एजेंसियों को सीसीटीवी और दूसरी डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए, और कहा कि इन्हें कोई भी आकर जमा करा सकता है। केरल कांग्रेस की पोस्ट पर अवमानना की मांग सुनवाई के दौरान केरल कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट को अदालत की अवमानना बताते हुए कार्रवाई की मांग भी रखी गई। याचिका के मुताबिक यह पोस्ट मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ थी। यह पोस्ट अब हटाई जा चुकी है।मामला यहां तक कैसे पहुंचा तारीख क्या हुआ 10 अक्टूबर खड़गे और राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर 12 अक्टूबर को शाम 4 से 5 बजे के बीच ज्ञापन सौंपने का समय मांगा 11 अक्टूबर मुख्य न्यायाधीश ने पत्र लिखकर मिलने से इनकार किया — ज्ञापन के विषय पहले से अदालत में विचाराधीन हैं 12 अक्टूबर बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष का मार्च; राहुल, प्रियंका और खड़गे समेत सांसद शाम को परिसर के भीतर पहुंचे; उसी दिन 10 दलों के 11 नेताओं की एसआईआर याचिका दाखिल 13 अक्टूबर रजिस्ट्री ने एसआईआर याचिका में करीब 14 प्रक्रियागत खामियां गिनाईं 15 अक्टूबर सुनवाई — 16 नेताओं को नोटिस, केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब तलब ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयोग के अलावा छात्रों की गिरफ्तारी, मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और ट्रेनें रद्द होने जैसे मुद्दे भी थे। रजिस्ट्री की 14 आपत्तियां प्रक्रियागत थीं — अदालत का आदेश या याचिका पर राय नहीं — और सुनवाई से पहले उन्हें दूर किया जाना था।
Read more 15th Oct 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। अंकिता भंडारी के माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार तड़के इंडिया गेट से हिरासत में ले लिया। वे वहां रातभर धरने पर बैठे थे। हिरासत करीब पौने चार बजे की बताई जा रही है और समाचार एजेंसी के मुताबिक उन्हें करीब पांच बजे छोड़ दिया गया। सभी को तिलक मार्ग थाने ले जाया गया था। कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने सीआरपीएफ के साथ मिलकर की। अंकिता के माता-पिता भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति के विरोध में धरने पर बैठे हैं और मांग कर रहे हैं कि सीबीआई जांच पूरी होने तक यह नियुक्ति रोकी जाए। कांग्रेस नेता भी हिरासत में लिए गए इसी दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और काजी निजामुद्दीन समेत कई कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। खेड़ा ने थाने के भीतर भी विरोध जताया। उन्होंने कार्रवाई को ज्यादती बताते हुए कहा कि इंडिया गेट पर तड़के चार बजे लोकतंत्र का अंत हो रहा है। परिवार बोला — भूख हड़ताल करेंगे रिहाई के बाद माता-पिता ने कहा कि नियुक्ति वापस होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें इंडिया गेट पर प्रदर्शन नहीं करने दिया गया तो वे उत्तराखंड में अपने घर से भूख हड़ताल शुरू करेंगे। एक दिन पहले, बुधवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा धरनास्थल पर पहुंचकर परिवार से मिले थे और करीब एक घंटा वहां रुके थे।अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। सितंबर 2022 में 19 साल की उम्र में उनकी हत्या कर दी गई थी। मई 2025 में अदालत ने रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य समेत तीन लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।मामले में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं और परिवार उसकी पहचान की मांग करता रहा है। उत्तराखंड सरकार ने 9 जनवरी 2026 को सीबीआई जांच की सिफारिश की थी और सीबीआई ने फरवरी में दिल्ली में मामला दर्ज किया, लेकिन वह एफआईआर अज्ञात के खिलाफ है। अब तक किसी जांच एजेंसी ने किसी को ‘वीआईपी’ के रूप में चिह्नित नहीं किया है।जनवरी 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत कुमार गौतम की मानहानि याचिका पर अंतरिम आदेश देते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को इस मामले से उन्हें जोड़ने वाली सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के निर्देश दिए थे।
Read more 15th Oct 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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