राजस्थान न्यूज़: दीपावली पर घर जाने वाले यात्रियों को इस बार बस पकड़ने के लिए ही 20 किलोमीटर तक अतिरिक्त सफर करना पड़ सकता है। जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने जाम रोकने के लिए 3 से 9 नवंबर तक शहर में स्लीपर बसों की एंट्री बंद कर दी है। अब ये बसें शहर के बाहर बने चार स्टैंड से ही चलेंगी। पाबंदी 3 नवंबर (मंगलवार) से 9 नवंबर (सोमवार) तक, यानी सात दिन लागू रहेगी। दीपावली इस बार 8 नवंबर (रविवार) को है, और इसी हफ्ते शहर से बाहर जाने वाली भीड़ सबसे ज्यादा रहती है। चार रूट, चार स्टैंड रूट बस स्टैंड कहां दिल्ली-आगरा बजरी मंडी बस स्टैंड सर्किल के पास, ट्रांसपोर्ट नगर अजमेर रोड हीरापुरा बस स्टैंड, भांकरोटा टोंक रोड पुराने बाईपास पर बी-2 बाईपास क्लोवरलीफ के नीचे सीकर रोड विद्याधर नगर स्टेडियम दिक्कत इन स्टैंड तक पहुंचने की है। चारों जगह शहर के बाहरी छोर पर हैं और वहां तक पहुंचाने के लिए लोकल परिवहन का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। मानसरोवर, सांगानेर, प्रताप नगर, जवाहर नगर और परकोटे के यात्रियों को ऑटो या कैब करनी पड़ेगी, जिस पर 400 से 500 रुपए तक खर्च होंगे। मानसरोवर से ट्रांसपोर्ट नगर तक कैब का अनुमानित किराया इतना ही है, और दूरी तथा उपलब्धता के हिसाब से यह और बढ़ सकता है। स्टैंड तक पहुंचना ही टिकट से महंगा यही खर्च सबसे बड़ी मार है। सीकर का रोडवेज किराया 141 रुपए से शुरू होता है— स्टैंड तक पहुंचने का खर्च इसका करीब तीन गुना बैठेगा। बूंदी का किराया 249 और कोटा का करीब 260 रुपए है, यानी दोनों ही सूरत में कैब का किराया बस के टिकट से ज्यादा होगा। दिल्ली का बस टिकट 380 रुपए से शुरू है, वह भी 400 रुपए से कम है। इस सूची में सिर्फ एसी स्लीपर ही अपवाद है, जिसका किराया 800 रुपए से ऊपर जाता है। मतलब यह कि जो यात्री सबसे सस्ता टिकट लेकर नजदीक के शहर जा रहा है, उसे ही सबसे ज्यादा अनुपात में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। टोंक रोड वाला स्टैंड उसी बी-2 बाईपास पर टोंक रोड की बसों के लिए तय किया गया बी-2 बाईपास क्लोवरलीफ वही जगह है, जहां अक्टूबर में हाईकोर्ट के आदेश पर जेडीए ने 22 गोदाम से बाईपास तक 310 अतिक्रमण हटाने की तैयारी की थी। सीकर रोड पर भीड़ का अपना दबाव है— इसी रास्ते खाटूश्यामजी की आवाजाही रहती है, जहां दीपावली से पहले सफाई के लिए खाटूश्यामजी में दर्शन बंद रखे गए थे। शहर के भीतर नगर निगम की 100 दिवसीय कार्ययोजना भी इन्हीं दिनों चल रही है। रेलवे का इंतजाम 16 नवंबर तक चलेगा त्योहार की भीड़ को लेकर रेलवे की तैयारी बसों से अलग चल रही है। जयपुर जंक्शन पर होल्डिंग एरिया बनाया गया है और 4 से 16 नवंबर तक हसनपुरा साइड के दूसरे गेट का इस्तेमाल सिर्फ बाहर निकलने के लिए होगा। यानी बसों पर पाबंदी 9 नवंबर को हट जाएगी, जबकि स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन उसके बाद भी सात दिन और चलेगा— क्योंकि छठ का लौटता हुआ ट्रैफिक नवंबर के दूसरे पखवाड़े तक रहता है।
Read more 2nd Nov 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के विरोध में बैंक के कर्मचारियों ने सोमवार को हड़ताल की और सी-स्कीम ब्रांच पर धरना दिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में जयपुर की सभी शाखाओं के कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर बैंक की बिक्री रोकने की मांग की। कर्मचारी नेताओं मनोज मीणा, हरीश मीणा, नीलम सोलेन और कविता सिंह ने बताया कि मंगलवार को भी आईडीबीआई की सभी शाखाओं में हड़ताल रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके जरिए मोदी सरकार को आईडीबीआई बैंक बेचने के खिलाफ कड़ा संदेश दिया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने केंद्र सरकार को पूंजीवादी सरकार बताया। कांग्रेस नेता डॉ. वरुण पुरोहित भी धरने में शामिल हुए और कर्मचारियों को संबोधित किया। पुरोहित ने बताया कि राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्तर पर आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों को समर्थन देने का आश्वासन दिया है और इसी कड़ी में वे धरने में पहुंचे। केंद्र सरकार और एलआईसी ने आईडीबीआई बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स की इकाई को 52,878 करोड़ रुपए में बेचने का फैसला किया है। इसकी घोषणा अक्टूबर में की गई थी। सरकार ने इसे वित्तीय क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश बताया था। कर्मचारी इसी बिक्री का विरोध कर रहे हैं।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। विला खरीद मामले में एपीओ किए गए आईएएस शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी आईपीएस प्रशाखा माथुर इन दिनों छुट्टी पर अमेरिका में बताए जा रहे हैं। दोनों का अवकाश 12 नवंबर को खत्म हो रहा है, यानी आज से 12 दिन बाद। इधर राज्य सरकार अग्रवाल के खिलाफ एक के बाद एक कार्रवाई कर रही है और उनके कार्यकाल के पुराने मामले भी सामने आ रहे हैं। एपीओ के बाद एसीबी जांच की मंजूरी सरकार ने अग्रवाल को 28 अक्टूबर की देर रात एपीओ किया था। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को उनके खिलाफ विस्तृत जांच की मंजूरी दी गई। एसीबी के मुताबिक "अनंता" रिसॉर्ट चलाने वाली गोयल फैशंस से परिवार के नाम 36 विला खरीदे गए, जिनमें उदयपुर के बुझड़ा में प्रशाखा माथुर के नाम 10 विला और अलवर के अजबगढ़ में पति-पत्नी के नाम 8 विला शामिल हैं। शनिवार को रणथंभौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में फार्म हाउस के लिए भू-रूपांतरण से जुड़ा उनके वन विभाग के कार्यकाल का एक और मामला सामने आया। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी है कि अग्रवाल इस्तीफा दे सकते हैं, लेकिन इस पर उनकी ओर से कुछ नहीं कहा गया है। दोनों अधिकारी भारत कब लौटेंगे, यह भी अभी साफ नहीं है। सीएमओ में रहते तत्कालीन मुख्य सचिव पंत से हुआ था टकराव भाजपा सरकार बनने के बाद अग्रवाल मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे। इसी दौरान तत्कालीन मुख्य सचिव सुधांश पंत और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच टकराव की खबरें आईं। केंद्र ने पंत को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही दिल्ली बुला लिया और इसके बाद अग्रवाल को मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाकर उद्योग विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव बना दिया गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 29 अक्टूबर को इसी का जिक्र करते हुए कहा था, "पहले सुधांश पंत को हटाया गया, फिर शिखर अग्रवाल को यहां से हटाया गया, फिर डीजीपी बनने की कहानी शुरू हुई। एक-दूसरे से शह-मात का खेल चल रहा है।"
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के 25 विधायकों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर सोगामी और 27 अक्टूबर के कैबिनेट विस्तार में मंत्री बने चारों विधायकों को हटाने की मांग की है। विधायकों ने रविवार को पार्टी नेतृत्व को 14 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो वे उमर अब्दुल्ला सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे। वे मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की मांग भी कर रहे हैं। विधायकों ने सोगामी पर पार्टी नेतृत्व को गुमराह करने और संगठन के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया है। रविवार, 1 नवंबर से गिनें तो अल्टीमेटम की मियाद 15 नवंबर को पूरी होगी। गुरेजी और मुजफ्फर इकबाल खान की अगुआई में मिलेगा प्रतिनिधिमंडल बैठक में विधायकों ने चार सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया। इसकी अगुआई पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुरेज विधायक नजीर अहमद गुरेजी तथा थानामंडी विधायक मुजफ्फर इकबाल खान करेंगे। प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलकर मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। विधायक नेतृत्व के जवाब का इंतजार करेंगे और उसके बाद आगे की रणनीति तय करेंगे। श्रीनगर सांसद रूहुल्लाह मेहदी बोले- 3 नवंबर को पार्टी और लोकसभा दोनों से इस्तीफा दूंगा इसी बीच श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने भी इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे 3 नवंबर को पार्टी और लोकसभा की सदस्यता, दोनों से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। रूहुल्लाह ने पार्टी नेतृत्व पर अपनी वैचारिक प्रतिबद्धताओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने के अपने वादे से पीछे हट रही है। विस्तार में मंत्री बने चार विधायक, कई वरिष्ठ रह गए थे बाहर 27 अक्टूबर को हुए कैबिनेट विस्तार में नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार विधायकों, अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू को मंत्री बनाया गया था। निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। इस विस्तार में कई ऐसे वरिष्ठ विधायक मंत्री नहीं बन पाए, जिनके नाम की चर्चा थी। इनमें नजीर अहमद गुरेजी और मुबारक गुल भी शामिल हैं। गुरेजी अब नाराज विधायकों के प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे हैं। मुबारक गुल को बाद में फारूक अब्दुल्ला ने अली मोहम्मद सागर की जगह पार्टी का महासचिव नियुक्त किया।
Read more 2nd Nov 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पेरिस से लौटते समय दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर करीब तीन घंटे रोके रखा गया और उनके नाम 50 हजार रुपये का चालान काटा गया। पार्टी ने इसे मुख्यमंत्री का अपमान और पंजाब की गरिमा पर हमला बताया है।यह आरोप पंजाब में आप के मीडिया प्रभारी बलतेज सिंह पन्नू ने एक वीडियो बयान में लगाया। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री के एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें जानबूझकर रोका गया और बहाना बनाया गया कि उनका सामान आ रहा है या जांचा जा रहा है। पन्नू ने कहा कि तीन घंटे बाद जब मुख्यमंत्री सामान गाड़ी में रखकर निकलने वाले थे, तब अधिकारी दौड़ते हुए आए और कहा कि उन पर ऊपर से भारी दबाव है, जिसके बाद 50 हजार रुपये का चालान काट दिया गया।क्या कभी किसी मुख्यमंत्री को इस तरह हवाई अड्डे पर तीन घंटे तक रोका गया है? ऐसा सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि भगवंत सिंह मान एक पंजाबी हैं और पंजाब के मुख्यमंत्री हैं।बलतेज सिंह पन्नू, मीडिया प्रभारी, आम आदमी पार्टी, पंजाबपन्नू ने इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए केंद्र सरकार पर पंजाब और पंजाबी पहचान को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने किसानों को डेढ़ साल तक दिल्ली की सीमाओं पर रोके रखने और पंजाब के हिस्से का पैसा रोकने का हवाला भी दिया। चालान किस बात का था, यह अब तक साफ नहीं अब तक की जानकारी में यह सामने नहीं आया है कि 50 हजार रुपये का चालान किस वजह से काटा गया। पार्टी ने भी इसका कारण नहीं बताया है। दूसरी ओर सीमा शुल्क विभाग, हवाई अड्डा प्रशासन या केंद्र सरकार की तरफ से इस पर कोई बयान नहीं आया है। यानी अब तक इस पूरे घटनाक्रम का एक ही पक्ष सामने है— आम आदमी पार्टी का। केंद्र ने रोकी थी पेरिस यात्रा, हाईकोर्ट से मिली थी मंजूरी यह यात्रा खुद एक कानूनी लड़ाई के बाद हुई थी। केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले पंजाब सरकार के प्रतिनिधिमंडल को फ्रांस जाने की राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ पंजाब सरकार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंची और 16 अक्टूबर को जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने विदेश मंत्रालय का फैसला रद्द कर दिया।अदालत में पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि मंत्रालय ने ई-पोल क्लीयरेंस पोर्टल पर आवेदन को सिर्फ ‘डिनाइड’ लिखकर खारिज कर दिया, न कोई कारण बताया और न राज्य का पक्ष सुना। हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ‘राजनीतिक पहलू’ से उसका आशय क्या है, और बाद में हलफनामे में दिए गए कारणों से मूल फैसले को सही नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने केंद्र को यात्रा की मंजूरी तुरंत देने को कहा था।प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शामिल थे। यात्रा का मकसद पेरिस में हो रही अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी ‘सियाल पेरिस 2026’ में पंजाब की सहकारी संस्था मार्कफेड की भागीदारी था। झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को इस बीच मुख्यमंत्री मान ने मानसा जिले में नशे के खिलाफ काम कर रहे कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच सीबीआई को सौंपने का ऐलान किया है। परिवार लंबे समय से यही मांग कर रहा था और धरने पर बैठा था। इससे पहले कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मानसा पहुंचकर झोटा के परिवार से मुलाकात की थी।
Read more 21st Oct 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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