राजस्थान न्यूज़: जयपुर के राजा पार्क स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्ट्रेस्ड ऐसेट रिकवरी शाखा (एसएआरबी एसबीआई) कार्यालय के बाहर मंगलवार को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के किसानों ने प्रदर्शन कर बैंक अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। किसानों ने आरोप लगाया कि एसएआरबी एसबीआई जयपुर ने ऋण वसूली अधिकरण (डीआरटी) जयपुर द्वारा आयोजित विशेष लोक अदालत में प्रभावी भागीदारी नहीं निभाई, जिससे किसानों को राहत नहीं मिल सकी। प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि 8 मई 2026 को ऋण वसूली अधिकरण जयपुर द्वारा लाल कोठी स्थित कार्यालय परिसर में विशेष लोक अदालत आयोजित की गई थी। इस लोक अदालत का उद्देश्य बैंकों और ऋणग्रस्त किसानों के बीच आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर राहत प्रदान करना था। किसानों का आरोप है कि एसएआरबी एसबीआई जयपुर ने इस लोक अदालत का बहिष्कार किया, जिसके कारण बड़ी संख्या में किसान समझौते के अवसर से वंचित रह गए। किसानों ने बताया कि वे श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सहित दूर-दराज क्षेत्रों से लोक अदालत में अपने ऋण मामलों के समाधान की उम्मीद लेकर जयपुर पहुंचे थे। लेकिन बैंक अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण उनके मामलों का निस्तारण नहीं हो सका और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि जब अन्य बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं ने लोक अदालत में सक्रिय भागीदारी निभाई, तब एसएआरबी एसबीआई जयपुर का रवैया किसानों के हितों के विपरीत रहा। उल्लेखनीय है कि ऋण वसूली अधिकरण जयपुर द्वारा आयोजित विशेष लोक अदालत में लगभग 550 से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण किया गया था। इस प्रक्रिया से करीब 300 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली संभव मानी गई। लोक अदालत में विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थाओं ने भाग लेकर समझौते के माध्यम से विवादों के समाधान का प्रयास किया था। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मांग की कि भविष्य में बैंक ऐसे आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग ले ताकि किसानों और ऋणग्रस्त लोगों को राहत मिल सके।
Read more 20th May 2026
राजस्थान न्यूज़: बाड़मेर जिले में मजदूरों और स्थानीय युवाओं की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच मंगलवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने तुरंत उन्हें हिरासत में लेकर कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी मंगलवार दोपहर गिरल गांव से करीब 500 वाहनों के काफिले के साथ कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए थे। वे गिरल लिग्नाइट माइंस से जुड़े मजदूरों और स्थानीय लोगों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे। कलेक्ट्रेट से लगभग एक किलोमीटर पहले पुलिस ने बसें लगाकर काफिले को रोक दिया। इसके बाद विधायक भाटी अपने समर्थकों के साथ पैदल ही कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार निर्दलीय विधायक भाटी अपने साथ एक बैग में पेट्रोल की बोतल लेकर पहुंचे थे। समर्थकों को पुलिस द्वारा रोके जाने पर उन्होंने बोतल निकालकर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। मौके पर मौजूद समर्थकों ने तुरंत कपड़े से पेट्रोल पोंछ दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस कर्मियों ने निर्दलीय विधायक भाटी और उनके समर्थकों को पकड़कर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचाया। वहां जिला कलक्टर चिन्मय गोपाल और पुलिस अधीक्षक चुनाराम जाट उनसे बातचीत कर रहे हैं। विधायक भाटी ने एक दिन पहले चेतावनी दी थी कि यदि मजदूरों और स्थानीय युवाओं की मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन करेंगे। इससे पहले उच्च न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए गिरल माइंस से लिग्नाइट परिवहन शुरू कराने और वाहनों को सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। अदालत ने बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश भी दिए थे। दरअसल राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड की गिरल लिग्नाइट माइंस के आसपास जमीन अधिग्रहण और रोजगार के मुद्दे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी ने रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब स्थानीय युवाओं को नौकरी से हटाया जा रहा है। गिरल क्षेत्र में स्थानीय श्रमिक, चालक और ग्रामीण पिछले 39 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में आठ घंटे की ड्यूटी लागू करना और रोजगार में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देना शामिल है। राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड राज्य सरकार का सार्वजनिक उपक्रम है, जो लिग्नाइट, रॉक फॉस्फेट, जिप्सम और चूना पत्थर के खनन का कार्य करता है। बाड़मेर जिले की गिरल लिग्नाइट माइंस राजस्थान की पहली आधुनिक खुली लिग्नाइट खदान मानी जाती है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1994 में की गई थी।
Read more 19th May 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने एक बार फिर आम जनता को झकझोर दिया है। 15 मई को हुई बढ़ोतरी के ठीक चार दिन बाद 19 मई को सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में फिर इजाफा कर दिया। महज 96 घंटों में यह दूसरी बढ़ोतरी है, जिसने आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। 96 घंटे में बढ़ोतरी का गणित 19 मई की बढ़ोतरी में पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ। पिछले चार दिनों का कुल हिसाब देखें तो पेट्रोल 4 रुपए 19 पैसे और डीजल 3 रुपए 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए तेल कंपनियों ने सप्ताह में दो बार महंगाई का बड़ा बोझ जनता पर लाद दिया है। जयपुर में आज की नई दरें जयपुर में आज पेट्रोल की कीमत 107.97 रुपए से बढ़कर 108.91 रुपए प्रति लीटर और डीजल 93.23 रुपए से बढ़कर 94.14 रुपए प्रति लीटर हो गई है। राजस्थान में वैट और स्थानीय परिवहन लागत के कारण अलग-अलग जिलों में कीमतें भिन्न होती हैं। श्रीगंगानगर और सीमावर्ती जिलों में ट्रांसपोर्टेशन चार्ज अधिक होने के कारण पेट्रोल 111 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंचने की आशंका है, जो देशभर में सबसे महंगे ईंधन दरों में शामिल है।
Read more 19th May 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े कथित शराब घोटाला मामले में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। अब इस मामले से संबंधित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय की याचिकाओं की सुनवाई मनोज जैन करेंगे। इन मामलों को 19 मई 2026 की कार्यसूची में शामिल किया गया है। यह बदलाव पिछले सप्ताह जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा द्वारा खुद को मामले की सुनवाई से अलग करने के फैसले के बाद हुआ। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा न्यायपालिका और न्यायाधीशों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर स्वतः संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने मुख्य मामले को दूसरी पीठ को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आए हैं। अदालत ने सोशल मीडिया पर न्यायपालिका के खिलाफ कथित टिप्पणियों को गंभीर विषय माना है। जस्टिस मनोज जैन इससे पहले भी कई हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। वे राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादवऔर उनके परिवार से जुड़े कथित जमीन के बदले नौकरी मामले की सुनवाई कर रहे हैं। इसी वर्ष मार्च में उन्होंने इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सरकारी गवाहों के बयान दर्ज करने से अस्थायी रोक लगाई थी। इसके अलावा वे रॉबर्ट वाड्रा की उस याचिका पर भी सुनवाई कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने कथित धन शोधन मामले में अपने खिलाफ तय आरोपों और समन को चुनौती दी है। जस्टिस मनोज जैन उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली खंडपीठ का हिस्सा भी रह चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और अधिवक्ता जय अनंत देहाद्रई के बीच विवाद सहित कई चर्चित मामलों की सुनवाई की है। जस्टिस मनोज जैन ने वर्ष 1986 में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से विधि की डिग्री प्राप्त की थी। वर्ष 1992 में वे दिल्ली न्यायिक सेवा में शामिल हुए और बाद में दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा में पदोन्नत हुए। उन्होंने दिल्ली न्यायिक अकादमी में निदेशक और दिल्ली हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर भी कार्य किया है। मई 2023 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था, जबकि जुलाई 2024 में उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जस्टिस मनोज जैन की पीठ में इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।
Read more 19th May 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए। सरकार ने ममता बनर्जी के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न के मामलों की जांच के लिए दो अलग-अलग आयोग गठित करने का ऐलान किया है। दोनों आयोगों की अध्यक्षता कलकत्ता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। सरकार ने इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को दिए जाने वाले मानदेय को 1 जून से बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला राज्य में लंबे समय से विवाद का विषय रहा था। महिलाओं और युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं कैबिनेट बैठक में महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने 3000 रुपए देने और मुफ्त बस यात्रा शुरू करने का ऐलान किया गया। युवाओं को राहत देते हुए राज्य सरकार की नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया। इसके अलावा सातवां वेतन आयोग गठित करने और ओबीसी सूची में बदलाव जैसे अहम निर्णय भी लिए गए, जो राज्य के कर्मचारियों और पिछड़े वर्ग के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
Read more 19th May 2026
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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