राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में कथित वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी क्लेम और नियमों के उल्लंघन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले तीन महीनों के दौरान प्रदेश के 51 निजी अस्पतालों को योजना से निलंबित किया गया है, जबकि 24 अस्पतालों पर रिकवरी और जुर्माने के रूप में करीब तीन करोड़ रुपये की कार्रवाई की गई है।शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में बताया गया कि जयपुर के मणिपाल अस्पताल, सोनी अस्पताल, नारायणा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, महावीर जयपुरिया हॉस्पिटल और इंडस हॉस्पिटल सहित नौ अस्पताल कार्रवाई के दायरे में आए हैं। उदयपुर, डूंगरपुर और अजमेर के अस्पतालों पर भी कार्रवाई सरकार की कार्रवाई केवल जयपुर तक सीमित नहीं रही। उदयपुर के पारस जेके हॉस्पिटल, डूंगरपुर के जील हॉस्पिटल और अजमेर के मार्बल सिटी हॉस्पिटल सहित विभिन्न जिलों के अस्पतालों के खिलाफ भी रिकवरी और जुर्माने की कार्रवाई की गई है।कुल 24 अस्पतालों से कथित अनियमित भुगतान की वसूली और आर्थिक दंड की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं, गंभीर अनियमितताओं वाले 51 अस्पतालों को आरजीएचएस के तहत इलाज और क्लेम की सुविधा से निलंबित किया गया है।24 मामलों में कुल ₹2,96,48,353 की वसूली निर्धारित की गई है। एक ही अस्पताल के नाम से कुछ अलग-अलग वसूली प्रविष्टियां भी दर्ज हैं। खबर में यह हिस्सा इस प्रकार जोड़ा जा सकता है: इन अस्पतालों से की जाएगी करीब 2.96 करोड़ रुपये की वसूली आरजीएचएस की ओर से जारी सूची के अनुसार, विभिन्न अस्पतालों से कुल ₹ 2 करोड़ 96 लाख 48 हजार 353 की वसूली की जाएगी। सबसे अधिक ₹ 85,34,304 पारस जे.के. हॉस्पिटल, उदयपुर, ₹ 70,45,071 जायसवाल हॉस्पिटल, कोटा और ₹ 50,16,255 जील हॉस्पिटल, डूंगरपुर से वसूल किए जाने हैं। इसके अलावा एचएम हॉस्पिटल, कोटा से ₹ 24,14,571, कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट से ₹ 22,04,275 और डॉ. सोमेंद्र डेंटल, जयपुर से ₹18,77,422 की वसूली निर्धारित की गई है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जयपुर के प्रसिद्ध रेस्टोरेंट चोखी ढाणी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को निरीक्षण कर करीब 90 किलो काजू टुकड़ी सीज की। पैकिंग पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अंकित नहीं होने के कारण यह कार्रवाई की गई। टीम ने रिफाइंड सोयाबीन तेल और मावे के नमूने भी जांच के लिए लिए हैं।यह कार्रवाई 181 पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर द्वितीय की खाद्य सुरक्षा टीम ने की। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री के भंडारण, गुणवत्ता, पैकेजिंग और इस्तेमाल किए जा रहे तेल की जांच की गई। फ्राई करने वाले तेल का टीपीसी 31 प्रतिशत मिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि आलू फ्राई करने में इस्तेमाल किए जा रहे रिफाइंड सोयाबीन तेल का टोटल पोलर कंपाउंड यानी टीपीसी स्तर 31 प्रतिशत पाया गया।खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार टीपीसी की अधिकतम निर्धारित सीमा 25 प्रतिशत है। सीमा से अधिक टीपीसी वाला तेल स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित श्रेणी में माना जाता है।टीम ने तेल का नमूना लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। काजू टुकड़ी की गुणवत्ता मिली संदिग्ध निरीक्षण के दौरान सब्जियों में इस्तेमाल की जा रही काजू टुकड़ी की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई। इसके पैकेट और डिब्बों पर निर्माण तिथि तथा एक्सपायरी डेट अंकित नहीं थी। विभाग ने इसे गंभीर पैकेजिंग और लेबलिंग अनियमितता मानते हुए मौके से नौ डिब्बों में रखी करीब 90 किलो काजू टुकड़ी सीज कर दी। इसकी गुणवत्ता की जांच के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया शुरू की गई है। मावे का भी लिया गया नमूना टीम ने रेस्टोरेंट में उपयोग किए जा रहे मावे का नमूना भी लिया। इसे राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजकर गुणवत्ता, शुद्धता और निर्धारित मानकों की जांच कराई जाएगी।खाद्य विभाग यह पता लगाएगा कि इस्तेमाल की जा रही सामग्री निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं। निरीक्षण में मिलीं अन्य कमियां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा से संबंधित कई अन्य कमियां भी सामने आई हैं। इन कमियों को रिकॉर्ड में लेकर संबंधित प्रतिष्ठान से जवाब मांगा जा सकता है।उन्होंने कहा कि तेल, मावा और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सामग्री सुरक्षित, अवमानक अथवा असुरक्षित श्रेणी में आती है। रिपोर्ट के आधार पर होगी कानूनी कार्रवाई विभाग के अनुसार, प्रयोगशाला जांच में खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।पैकेजिंग और लेबलिंग में अधूरी या भ्रामक जानकारी मिलने पर भी अलग से कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों को उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता, एक्सपायरी डेट और लेबलिंग की नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। पंजाब कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान का असर अब राजस्थान कांग्रेस में भी दिखाई देने लगा है। प्रदेश कांग्रेस के भीतर राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की कार्यशैली को लेकर विरोध के स्वर मुखर हुए हैं। पार्टी के कुछ नेताओं ने दिल्ली तक उनकी शिकायत पहुंचाए जाने का दावा किया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राजस्थान कांग्रेस प्रभारी के पद पर बदलाव की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पवन गोदारा ने रंधावा से पूछे सवाल पूर्व राज्यमंत्री पवन गोदारा सहित कुछ कांग्रेस नेताओं ने रंधावा की सक्रियता और संगठनात्मक संवाद को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रंधावा पिछले करीब ढाई वर्षों से राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी हैं, लेकिन प्रदेश के बड़े कार्यकर्ता वर्ग को अब भी उनसे प्रत्यक्ष संवाद और मार्गदर्शन की प्रतीक्षा है। गोदारा ने सवाल किया कि राजस्थान के जिलों का व्यापक दौरा कब किया जाएगा और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कब स्थापित होगा। उनका कहना है कि कई जिलों के कार्यकर्ता लंबे समय से प्रदेश प्रभारी से मुलाकात और संगठनात्मक चर्चा का अवसर चाहते हैं। रंधावा को बदले जाने की चर्चा कांग्रेस के भीतर यह चर्चा तेज है कि राजस्थान प्रभारी के पद पर बदलाव किया जा सकता है। सूत्रों का दावा है कि संगठनात्मक पुनर्गठन के अगले चरण में प्रभारी पद को लेकर निर्णय हो सकता है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से न तो रंधावा को हटाने की पुष्टि की गई है और न ही किसी संभावित नए प्रभारी का नाम सामने आया है। ऐसे में फिलहाल इसे संगठन के भीतर चल रही राजनीतिक चर्चा के रूप में देखा जा रहा है। पीसीसी के 55 पदाधिकारियों में बदलाव की तैयारी दूसरी ओर, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी बताई जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने करीब 55 पदाधिकारियों को बदलने संबंधी सूची दिल्ली में एआईसीसी नेतृत्व को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि सूची पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मंजूरी के बाद औपचारिक आदेश जारी किए जाएंगे। प्रदेश कमेटी में बदलाव के बाद जिला, ब्लॉक और अन्य निचले संगठनात्मक स्तरों पर भी फेरबदल होने की संभावना है। पंजाब कनेक्शन की भी चर्चा राजस्थान में रंधावा के खिलाफ उठ रहे विरोध को पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इसके पीछे अमरिंदर सिंह राजा वडिंग समर्थक नेताओं की भूमिका हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2009-10 में जब पवन गोदारा राजस्थान युवा कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब अमरिंदर सिंह राजा वडिंग राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रभारी थे। इसी कारण राजस्थान कांग्रेस के कई युवा नेताओं के वडिंग से पुराने राजनीतिक संबंध बताए जाते हैं।
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उदयपुर न्यूज़: शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला के हाथ से सोने की दो चूड़ियां पार होने का मामला सामने आया है। घटना कांता मारवाह मार्ग, पुलिस लाइन क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़िता के भतीजे ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट देकर बाइक सवार बदमाशों पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार कांता मारवाह मार्ग पुलिस लाइन अजमेर निवासी जितेन्द्र नारवानी पुत्र चिमनदास नारवानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी चाची मीना नारवानी उम्र 75 वर्ष घर से पीछे वाली गली में गाय को रोटी खिलाने के लिए निकली थीं। गली में गाय नहीं मिलने पर वे मुख्य सड़क की ओर पुलिस लाइन चौराहे की तरफ जाने लगीं। इसी दौरान बाइक सवार 2 से 3 युवक उनके पीछे चलने लगे। आरोप है कि इनमें से एक युवक बाइक से उतरकर बुजुर्ग महिला के साथ-साथ चलने लगा और उनसे बातचीत करने की कोशिश करने लगा। कुछ देर बाद महिला को ऐसा महसूस हुआ कि उनकी आंखें बंद हो रही हैं और उन्हें ठीक से कुछ याद नहीं रहा। करीब पांच मिनट बाद जब महिला को होश आया तो उनके हाथों में पहनी सोने की दोनों चूड़ियां गायब थीं। इसी बीच बाइक सवार युवक मौके से फरार हो चुके थे। घटना से घबराई बुजुर्ग महिला घर लौटीं और परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजनों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बाइक सवार युवकों पर सोने की चूड़ियां चोरी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई कैलाश चंद को सौंपी है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्ध युवकों की पहचान करने में जुटी है। बुजुर्ग महिला के साथ हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में चिंता का माहौल है। परिजनों ने पुलिस से जल्द आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी और चोरी हुई ज्वेलरी बरामद करने की मांग की है।
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उदयपुर न्यूज़: अजमेर के बोर्ड ऑफिस की गली स्थित ओला शोरूम पर गुरुवार को ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी खराब होने के बाद सात महीने पहले सर्विस के लिए जमा कराई गई थी, लेकिन आज तक वाहन वापस नहीं मिला। उनका कहना है कि वे लगातार शोरूम के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने आरोप लगाया कि उसके स्कूटर का स्टार्ट बटन बार-बार खराब हो जाता है। शिकायत करने पर केवल बटन बदल दिया जाता है, लेकिन मूल समस्या बनी रहती है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इससे नाराज ग्राहकों ने शोरूम के बाहर प्रदर्शन कर प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
Read more 2nd Jul 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: रायपुर: देशभर में प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन यानी E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से E20 पेट्रोल के कारण कार का इंजन पूरी तरह खराब होने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस संवेदनशील मामले पर ऐतिहासिक सुनवाई करते हुए उपभोक्ता अदालत (कंज्यूमर कोर्ट) ने कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत (ऑथराइज्ड) डीलर को सेवा में गंभीर लापरवाही का दोषी माना है। कोर्ट ने ग्राहक के पक्ष में कड़ा फैसला सुनाते हुए आदेश दिया है कि कंपनी या तो पीड़ित ग्राहक को नई कार दे, अन्यथा वाहन की पूरी कीमत करीब 20.5 लाख रुपए ब्याज और अन्य खर्चों समेत लौटाए। E20 ईंधन से वाहन खराब होने पर ग्राहक को इस तरह का भारी मुआवजा दिए जाने का यह देश का पहला और ऐतिहासिक मामला है। इंजन नहीं था E20 के अनुकूल, फिर भी ग्राहक को धोखे से बेची पुरानी कार मामले की सुनवाई के दौरान कंज्यूमर कोर्ट ने पाया कि बेची गई कार का इंजन E20 फ्यूल (20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) को झेलने के तकनीकी रूप से अनुकूल नहीं था, इसके बावजूद कंपनी और डीलर ने यह बात छिपाकर ग्राहक को गाड़ी बेच दी। इस मामले के पीड़ित डॉ. प्रेमराज देबता ने बताया कि उन्होंने जून 2024 में मारुति सुजुकी की प्रीमियम नेक्सा (NEXA) डीलरशिप से 'ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जेटा प्लस' (Grand Vitara Strong Hybrid Zeta Plus) कार खरीदी थी। कार खरीदते समय डीलर ने उन्हें भरोसा दिया था कि यह गाड़ी दिसंबर 2023 की मैन्युफैक्चरिंग (निर्मित) है। हालांकि, बाद में जब विवाद बढ़ा और उपभोक्ता आयोग के समक्ष रिकॉर्ड पेश हुए, तो एक और बड़ा धोखा सामने आया। रिकॉर्ड के अनुसार, वह कार वास्तव में जनवरी 2023 में मैन्युफैक्चर हुई थी, यानी डीलर ने ग्राहक को करीब डेढ़ साल पुराना स्टॉक धोखे से बेच दिया था। 5 महीने बाद अचानक बंद हुई हाइब्रिड कार, टैंक से निकला सफेद पदार्थ चूंकि डॉ. प्रेमराज देबता को अपने पेशे के सिलसिले में रोजाना करीब 150 से 200 किलोमीटर तक का लंबा सफर तय करना पड़ता था, इसीलिए उन्होंने बेहतर माइलेज के उद्देश्य से मारुति की महंगी स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ी का चयन किया था। शुरुआती 5 महीनों तक तो वाहन का परफॉर्मेंस ठीक रहा, लेकिन 11 नवंबर 2024 को अचानक सफर के दौरान कार के डैशबोर्ड पर 'इंजन मालफंक्शन' (Engine Malfunction) का रेड अलर्ट आ गया और चलती गाड़ी बीच सड़क पर ही पूरी तरह बंद हो गई। इसके बाद कार को टो करके डीलरशिप के वर्कशॉप ले जाया गया। डीलर ने लगाया मिलावटी पेट्रोल का आरोप, पेट्रोल पंप की जांच में ईंधन निकला सही वर्कशॉप में जब तकनीकी जांच की गई, तो डीलरशिप के मैकेनिक्स और अधिकारियों ने कार की खराबी का ठीकरा मिलावटी पेट्रोल पर फोड़ दिया। उन्होंने कार का फ्यूल टैंक खाली किया। टैंक से निकाले गए पेट्रोल की जब जांच की गई, तो उसके नीचे एक अलग ही तरह का गाढ़ा सफेद पदार्थ जमा हुआ मिला (जो कि असल में पेट्रोल में मिश्रित एथेनॉल के इंजन पार्ट्स से रिएक्शन के कारण अलग होने से बना था)। इसके बाद डॉ. देबता ने तुरंत संबंधित पेट्रोल पंप और कार कंपनी से लिखित शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, जब पेट्रोल पंप के ईंधन की आधिकारिक लैब जांच की गई, तो वहां का पेट्रोल पूरी तरह मानकों के अनुरूप और सही पाया गया। इसके बावजूद, वर्कशॉप से ठीक होकर आने के बाद भी डॉ. देबता की कार बार-बार तकनीकी खराबी के कारण बंद होती रही और उसका इंजन जवाब दे गया। 45 दिन का अल्टीमेटम: E20 कंपैटिबल नई कार दे कंपनी, वरना चुकाए पूरा हर्जाना परेशान होकर डॉ. प्रेमराज ने कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां तकनीकी विशेषज्ञों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि यह कार E20 ईंधन के अनुकूल नहीं थी और पुराना मॉडल होने के कारण एथेनॉल मिश्रण ने इसके इंजन को तबाह कर दिया। कंज्यूमर कोर्ट ने अपने सख्त आदेश में मारुति सुजुकी और डीलर को 45 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस समयावधि के भीतर ग्राहक को उसी मॉडल की बिल्कुल नई कार दी जाए, जो पूरी तरह E20 फ्यूल कंपैटिबल (अनुकूल) हो। यदि कंपनी 45 दिनों में नई कार देने में विफल रहती है, तो उसे अनिवार्य रूप से वाहन की पूरी ऑन-रोड कीमत (लगभग 20.5 लाख रुपए), अदालती कार्रवाई का खर्च और मानसिक प्रताड़ना का हर्जाना ग्राहक के बैंक खाते में ट्रांसफर करना होगा।
Read more 16th Jul 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: दिल्ली। भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया बीटा वर्जन बुधवार रात 9 बजे लॉन्च कर दिया गया। यात्री मौजूदा IRCTC वेबसाइट के होमपेज पर उपलब्ध बीटा लिंक के माध्यम से नए पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। इसके साथ ही यूजर्स नए डिजाइन, सुविधाओं और टिकट बुकिंग के अनुभव को लेकर अपना फीडबैक भी दे सकेंगे।नए बीटा पोर्टल को पहले के मुकाबले अधिक साफ, सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है। रेलवे का उद्देश्य टिकट बुकिंग के दौरान आने वाले अनावश्यक पॉप-अप, बार-बार कैप्चा और जटिल चरणों को कम कर यात्रियों को तेज और सुविधाजनक अनुभव देना है। यूजर्स से मिलने वाले सुझावों के आधार पर पोर्टल में आगे और सुधार किए जाएंगे। MNIT के छात्रों की शिकायत के बाद शुरू हुआ बदलाव रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जून में जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी MNIT के दौरे के दौरान विद्यार्थियों से संवाद किया था। इस दौरान छात्रों ने IRCTC की पुरानी वेबसाइट की धीमी गति, जटिल टिकट बुकिंग प्रक्रिया, बार-बार दिखाई देने वाले कैप्चा और यूजर इंटरफेस से जुड़ी समस्याएं बताई थीं। छात्रों की शिकायतों पर रेल मंत्री ने वेबसाइट को 15 जुलाई तक नया स्वरूप देने का आश्वासन दिया था। इसके बाद IRCTC और सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स के अधिकारियों ने नए पोर्टल पर काम शुरू किया। लॉन्च से पहले छात्रों ने किया था बीटा वर्जन का रिव्यू वेबसाइट में बदलाव का सुझाव देने वाले MNIT जयपुर के छात्रों को 10 जुलाई को नए बीटा वर्जन का पूर्वावलोकन कराया गया था। IRCTC और CRIS के अधिकारियों ने विद्यार्थियों से डिजाइन, नेविगेशन और टिकट बुकिंग प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया मांगी थी। रेलवे ने कहा था कि छात्रों के सुझावों के आधार पर पोर्टल को अधिक उपयोगी और सहज बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बीटा परीक्षण का उद्देश्य खामियों की पहचान कर पूर्ण संस्करण लॉन्च होने से पहले उन्हें दूर करना है।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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