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March 18, 2026
उदयपुर | राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कहा कि शिक्षक अनंत शक्तियों से युक्त हैं, लेकिन उनकी पूरी क्षमता के उपयोग के लिए उन्हें प्रेरित करने की आवश्यकता है। “आज मैं इसलिए जामवंत की भूमिका में हूं, ताकि शिक्षकों में उनकी शक्तियों की स्मृति जागृत हो और वे हनुमान की तरह असंभव और विराट काम कर सकें।”
वे विद्यापीठ यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय वेस्ट जोन वाइस चांसलर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा गरीबी हटाने का सबसे बड़ा हथियार है और इसमें शिक्षक की भूमिका अहम है।
महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री प्रो. मंजू बाघमार ने राष्ट्र की शक्ति अनुसंधान, नवाचार और सजग नागरिक निर्णयों में निहित होने का उल्लेख किया। कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री देने के केंद्र न बनकर समाज के परिवर्तन के वाहक बनने की आवश्यकता बताई। भारतीय विश्वविद्यालय संघ अध्यक्ष प्रो. विनय पाठक ने स्वदेशी शिक्षा प्रणाली अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। वहीं, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के सदस्य प्रो. गौरव वल्लभ ने आत्मनिर्भरता, स्वदेशी उत्पादन और अनुसंधान आधारित शिक्षा को आर्थिक और तकनीकी राष्ट्रवाद का मूल आधार बताया।
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