राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में चर्चित उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को बड़ी सफलता मिली है। एसओजी ने 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी और चयनित उपनिरीक्षक दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले वर्ष सितंबर 2025 से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से 8 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी दिनेश कुमार, जो सांचौर के चितलवाना क्षेत्र का निवासी है, ने अपनी बहन निरमा कुमारी के साथ मिलकर परीक्षा से पहले लीक हुआ हल प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। जांच में सामने आया है कि दोनों ने कथित रूप से पेपर लीक गिरोह के सरगना जगदीश विश्नोई से प्रश्नपत्र हासिल किया और उसका अध्ययन कर परीक्षा दी। जांच एजेंसियों के अनुसार दिनेश कुमार को हिन्दी विषय में 141.55 तथा सामान्य ज्ञान में 167.89 अंक प्राप्त हुए थे। वहीं उसकी बहन निरमा कुमारी को हिन्दी में 180.94 और सामान्य ज्ञान में 156.90 अंक मिले थे। एसओजी का दावा है कि इन अंकों के पीछे लीक प्रश्नपत्र का लाभ लिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के कारण दिनेश कुमार की मेरिट सूची में 182वीं रैंक आई थी, जिसके आधार पर उसका चयन उपनिरीक्षक पद के लिए हो गया। चयन से पहले वह वर्ष 2015 बैच का कांस्टेबल था और उदयपुर जिले में कार्यरत था। बाद में उपनिरीक्षक के रूप में उसकी नियुक्ति चित्तौड़गढ़ जिले में हुई थी। एसओजी के अनुसार दिनेश कुमार की बहन निरमा कुमारी लिखित परीक्षा में अच्छे अंक लाने के बावजूद साक्षात्कार चरण में सफल नहीं हो सकी। पूछे गए प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नहीं देने के कारण उसे न्यूनतम आवश्यक अंक प्राप्त नहीं हुए और अंतिम चयन सूची में उसका नाम शामिल नहीं किया गया। फिलहाल वह फरार है और उसकी तलाश जारी है। प्रकरण की जांच के दौरान एसओजी ने दिनेश कुमार को पूछताछ और जांच में शामिल होने के लिए तलब किया था। हालांकि वह उपस्थित नहीं हुआ और सितंबर 2025 में ड्यूटी छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसओजी अधिकारियों के अनुसार उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में अब तक कुल 143 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एजेंसी का मानना है कि यह राजस्थान के सबसे बड़े भर्ती परीक्षा घोटालों में से एक है। दिनेश कुमार से पूछताछ के आधार पर पेपर लीक नेटवर्क, उसके सहयोगियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं। एसओजी ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे भी कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां हो सकती हैं और जांच अभी जारी है।
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राजस्थान न्यूज़: प्रतापगढ़ जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित ड्रग तस्कर के अवैध फार्महाउस पर बुलडोजर चलाया। प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ग्राम देवल्दी स्थित सरकारी चारागाह भूमि पर बने फार्महाउस को ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जानकारी के अनुसार पटवार हल्का नौगांवा के ग्राम देवल्दी स्थित चारागाह आराजी नंबर 17 पर यह फार्महाउस बनाया गया था। जांच में सामने आया कि एनडीपीएस प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी उस्मान खान ने सरकारी भूमि पर अवैध रूप से इस फार्महाउस का निर्माण कराया था। अधिकारियों के अनुसार इसके निर्माण पर लगभग 66 लाख 83 हजार 603 रुपये खर्च किए गए थे, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य करीब एक करोड़ रुपये आंका गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय की गई है जब आरोपी उस्मान खान और उसके परिजनों के नाम पर अर्जित लगभग 2 करोड़ 78 लाख रुपये की संपत्तियों को पहले ही फ्रीज किया जा चुका है। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया था कि आरोपी के पास कोई वैध आय का स्रोत नहीं था, इसके बावजूद उसने करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियां अर्जित कर ली थीं। ब्राउन शुगर मामले से जुड़ा है पूरा नेटवर्क पुलिस के अनुसार 21 फरवरी 2026 को अरनोद थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान नारायण लाल मीणा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 2 किलो 708.6 ग्राम ब्राउन शुगर और 1 किलो 723.2 ग्राम रासायनिक पदार्थ बरामद किया गया था। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 और 29 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बरामद मादक पदार्थ आरोपी उस्मान खान द्वारा सप्लाई के लिए भेजे गए थे। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही वह फरार हो गया और तब से गिरफ्तारी से बच रहा है। न्यायालय से वारंट जारी होने के बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। लग्जरी वाहन और करोड़ों की संपत्ति का खुलासा जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में की गई आर्थिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि आरोपी ने गांव देवल्दी में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से आलीशान मकान बनवाया था। इसके अलावा उसके पास लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य का फार्महाउस, 18 लाख रुपये की स्कॉर्पियो और करीब 30 लाख रुपये कीमत की फॉर्च्यूनर गाड़ी भी थी।
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राजस्थान न्यूज़: भारतीय जनता पार्टी द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका सिंह ने बुधवार शाम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके सरकारी निवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि दोनों उम्मीदवार संगठन और जनसेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनके अनुभव और कार्यक्षमता का लाभ राज्यसभा में भी देश और प्रदेश को मिलेगा। डॉ. सतीश पूनिया राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में हरियाणा भाजपा के प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। वहीं डॉ. अलका सिंह भाजपा की राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय नेता हैं और संगठनात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राज्यसभा के लिए उनकी उम्मीदवारी को भाजपा नेतृत्व द्वारा सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल तथा पूर्व मंत्री नाथू सिंह भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान संगठनात्मक विषयों और आगामी राज्यसभा चुनाव की रणनीति को लेकर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। राजस्थान से राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। विधानसभा में संख्या बल को देखते हुए भाजपा के दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। उम्मीदवार घोषित होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने दोनों नेताओं को बधाई दी है।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: शिक्षा व्यवस्था और हालिया शैक्षणिक विवादों को लेकर चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बुधवार को दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। पार्टी के तीन प्रवक्ताओं ने मीडिया के सामने आकर अपनी मांगों और आगामी रणनीति को साझा किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय किए बिना सुधार संभव नहीं है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता के तबादले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल अधिकारियों का स्थानांतरण समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और संस्थागत सुधारों की आवश्यकता है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को अमेरिका से दिल्ली पहुंचेंगे। पार्टी के अनुसार उनके आगमन के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति लेने के लिए संसद मार्ग थाना क्षेत्र में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संगठन ने देशभर के युवाओं से आंदोलन में भाग लेने की अपील भी की है। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि प्रसिद्ध सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। CJP नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन केवल किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक तंत्र को लेकर युवाओं में बढ़ती असंतुष्टि का प्रतीक है। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में छात्र और युवा इस अभियान से जुड़ रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई है। संगठन का नाम भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक चर्चित टिप्पणी के बाद सामने आया था। संगठन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंस्टाग्राम अकाउंट पर करोड़ों फॉलोअर्स होने का दावा किया जाता है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर के निवासी हैं और डिजिटल मीडिया रणनीतिकार के रूप में कार्य कर चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वर्तमान में अमेरिका की Boston University में पब्लिक रिलेशंस विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। अभिजीत दिपके पूर्व में आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया अभियानों से भी जुड़े रहे हैं। बताया जाता है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच उन्होंने पार्टी के डिजिटल प्रचार अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाद में उन्होंने उच्च शिक्षा और निजी करियर के कारण अमेरिका का रुख किया। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले अभिजीत दिपके विभिन्न डिजिटल मंचों पर किसान आंदोलन, महंगाई और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर अपने विचार रखते रहे हैं। अब उनकी अगुवाई में CJP शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: भारतीय संस्कृति, मूल्यों और वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभाओं की उपलब्धियों का उत्सव बन चुके भारत गौरव अवार्ड्स का 13वां संस्करण 10 जून 2026 को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित विक्टोरिया संसद भवन में आयोजित किया जाएगा। संस्कृति युवा संस्था द्वारा आयोजित यह समारोह विश्वभर में भारतीय समुदाय की उपलब्धियों और भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बनेगा। संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने बताया कि भारत गौरव अवार्ड विश्वभर के भारतीयों के लिए सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में से एक माना जाता है। यह सम्मान उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, संस्कृति, अध्यात्म, समाजसेवा, उद्यमिता और मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर वैश्विक स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है। इससे पहले भारत गौरव अवार्ड्स का आयोजन ब्रिटिश संसद (लंदन), फ्रांस की सीनेट, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय (न्यूयॉर्क) तथा दुबई जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किया जा चुका है। इस वर्ष 25 विशिष्ट भारतीय विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाली प्रमुख हस्तियों में महाराष्ट्र की प्रथम महिला अमृता फडणवीस, पद्मश्री सम्मानित सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल की प्रथम सांसद कौशल्या वाघेला, उद्योगपति सनवर हर्षवाल, पद्मश्री सम्मानित शास्त्रीय गायिका डॉ. सोमा घोष, पद्मविभूषण एवं पद्मभूषण सम्मानित दिवंगत विज्ञापन विशेषज्ञ पीयूष पांडे, करौली शंकरदास जी महाराज, न्यूजीलैंड के सामुदायिक नेता नरेन्द्र भाना, दिल्ली पब्लिक स्कूल के चेयरमैन विवेक यादव, आयुर्वेद विशेषज्ञ रीटा सगरानी, अमेरिका के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक जैन, पर्यावरणविद् सहर भामला, उद्योगपति डॉ. जी. शनमुगा राजा, शिक्षाविद् प्रो. डॉ. निर्मला एस. मौर्य, अमेरिकी उद्योगपति रणधीर ठाकुर, राजयोगी बी.के. सूर्या भाईजी, योगाचार्य ढाकाराम, मल्टीकल्चरल क्रिकेट एम्बेसडर संजय शर्मा, स्वामी अद्वैतानंद गिरी, डॉ. रतन विर्क, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व चेयरमैन डॉ. सेतुरत्नम रवि, स्वर्गीय निर्मल कुमार जैन सेठी, विरासत संरक्षण विशेषज्ञ राम सवानी, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के प्रथम मेयर प्रदीप तिवारी तथा उद्योगपति प्रवीण शर्मा शामिल हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में मेहंदीपुर बालाजी धाम के अध्यक्ष महंत डॉ. नरेशपुरी जी महाराज, विक्टोरिया सरकार के पर्यावरण मंत्री स्टीव डिमोपोलोस, विक्टोरियन मल्टीकल्चरल कमीशन की अध्यक्ष विवियन गुयेन, विक्टोरियन सांसद मेंग हेंग टाक तथा महाकुंभ के मुख्य सलाहकार राकेश के. शुक्ला शामिल रहेंगे। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्वभर से आए भारतीय समुदाय एवं सम्मानित प्रतिभाओं को संबोधित करेंगे।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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