राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “पाकिस्तान भक्त” तक कह दिया। यह बयान उस विवाद के बाद सामने आया है जिसमें गहलोत ने अमेरिका-ईरान तनाव के संदर्भ में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर टिप्पणी की थी और विदेश मंत्री के बयान पर सवाल उठाए थे। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के इस रुख की कड़ी आलोचना करते हुए उनकी राष्ट्रभक्ति पर ही सवाल खड़े कर दिए। प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर आपत्ति जताना यह दर्शाता है कि गहलोत की सहानुभूति देश के बजाय पाकिस्तान के प्रति अधिक है। राठौड़ ने कहा कि विपक्ष से भी राष्ट्रहित में जिम्मेदार और संतुलित बयान की अपेक्षा की जाती है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने आगे कहा कि विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया था कि भारत किसी भी स्थिति में “दलाल देश” की भूमिका नहीं निभाएगा। इस संदर्भ में गहलोत द्वारा माफी की मांग करना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गहलोत किसकी पैरवी कर रहे हैं—भारत की या पाकिस्तान की। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने पचपदरा (बालोतरा) रिफाइनरी परियोजना को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में राजस्थान के हितों की अनदेखी की और जल्दबाजी में निर्णय लेकर राज्य को नुकसान पहुंचाया। राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने वर्ष 2017 में परियोजना की शर्तों में बदलाव कर इसे धरातल पर उतारा, जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान पांच वर्षों तक इस पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। रिफाइनरी को पानी उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी उन्होंने कांग्रेस की आलोचना की। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने शुद्ध पेयजल को रिफाइनरी के लिए उपयोग करने का समझौता किया, जबकि वर्तमान सरकार अब पाली, बालोतरा और जोधपुर के उपयोग किए गए पानी को ट्रीट कर रिफाइनरी में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। उन्होंने इसे संसाधनों के बेहतर उपयोग और जनता के हित में उठाया गया कदम बताया।भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि विकास की सोच और जनता की सेवा का दृष्टिकोण ही सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, जो कांग्रेस के कार्यकाल में देखने को नहीं मिला।
Read more 9th Apr 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने फरार चल रहे पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी की टीम उन्हें जल्द ही जयपुर लेकर आएगी, जहां उनसे मामले में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जानकारी के अनुसार, एसीबी कोर्ट ने इस मामले में चार फरार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, जिसके बाद से एजेंसी लगातार सुबोध अग्रवाल की तलाश में जुटी हुई थी। उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी। इसी बीच एसीबी को सूचना मिली कि वे दिल्ली में मौजूद हैं, जिसके आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले 17 फरवरी को एसीबी ने जेजेएम से जुड़े कथित घोटाले में बड़े स्तर पर छापेमारी की थी। जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर के साथ-साथ बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई थी। जांच के दौरान फर्जी बिलिंग, वित्तीय अनियमितताएं और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के साक्ष्य सामने आए थे। उसी दिन सुबोध अग्रवाल के आवास पर भी छापा मारा गया था और जलदाय विभाग के 9 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 18 फरवरी को उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया था। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। एजेंसी का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। लाडनूं से कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर के विवाह समारोह के दौरान लगे भारी ट्रैफिक जाम को लेकर पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है। जयपुर के स्पेशल सीपी से मांगी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर एक आईपीएस और एक आरपीएस अधिकारी सहित कुल छह पुलिस अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। मामले में विभागीय कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। यह मामला 9 मार्च को हरमाड़ा क्षेत्र में सीकर रोड स्थित एक रिसोर्ट में आयोजित विवाह समारोह से जुड़ा है, जिसमें विधायक मुकेश भाकर और आरजेएस अधिकारी कोमल मीणा का विवाह समारोह आयोजित हुआ था। इस कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के कई बड़े नेता, नौकरशाह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। यहां तक कि पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी भी मौजूद बताए जा रहे हैं। समारोह के दौरान सीकर रोड पर भारी जाम लग गया, जिससे कई वीआईपी भी प्रभावित हुए। सूचना देने के बावजूद जाम खुलवाने में काफी समय लग गया, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। इस घटना के बाद जांच के आदेश दिए गए। जयपुर के स्पेशल कमिश्नर ओम प्रकाश ने मामले की जांच कर रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपी। इसके बाद मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। जिन अधिकारियों को इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना गया है, उनमें एसीपी चौमूं उषा यादव, एसीपी ट्रैफिक किशोर सिंह भदोरिया, टीआई मंजू चौधरी, टीआई सम्पतराज, टीआई नवरतन धौलिया और हरमाड़ा थानाधिकारी उदय सिंह शामिल हैं। जांच के दौरान ही एसीपी चौमूं उषा यादव का तबादला कर उन्हें हाडीरानी बटालियन का कमांडेंट बना दिया गया है। इसके अलावा जयपुर ट्रैफिक डीसीपी का भी स्थानांतरण हो चुका है। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब किसी वीआईपी कार्यक्रम में लगे ट्रैफिक जाम के लिए उच्च पुलिस अधिकारियों को भी जिम्मेदार माना है। इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अमेरिका–ईरान युद्ध में 2 हफ्ते का सीजफायर, पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी सहमति
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अमेरिका और ईरान के बीच करीब 40 दिनों से जारी सैन्य तनाव के बाद दोनों देशों ने दो सप्ताह के अस्थायी सीजफायर पर सहमति जताई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और वहां की सेना प्रमुख की अपील के बाद लिया गया। इस समझौते से फिलहाल क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो अमेरिका ईरान के अहम बुनियादी ढांचे पर बड़ा सैन्य हमला कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता और अंतिम समय में चीन के हस्तक्षेप के बाद संभव हो पाया। पाकिस्तान ने दो सप्ताह के अस्थायी सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया। इस समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे, जबकि ईरान भी सैन्य कार्रवाई बंद करेगा। साथ ही इस अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल, गैस और अन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें ईरानी सेना भी सहयोग करेगी। यह युद्धविराम लेबनान सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों पर भी लागू होगा। इसके बाद 10 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक वार्ता शुरू होने की संभावना जताई गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को 10 बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव भी भेजा है, जिस पर आगे चर्चा हो सकती है। वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का दावा है कि अमेरिका ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और यह समझौता ईरान की शर्तों के आधार पर हुआ है, जिसे वह अपनी कूटनीतिक जीत बता रहा है। ईरान के इस 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव में कई अहम मांगें शामिल हैं। इनमें अमेरिका और इजराइल द्वारा सभी सैन्य हमलों को पूरी तरह बंद करना, ईरान पर लगाए गए सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाना, फ्रीज किए गए ईरानी फंड और संपत्तियों को वापस करना, युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना और मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना की वापसी शामिल है। इसके अलावा ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की भी मांग रखी है। प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखने, जहाजों की आवाजाही को ईरानी सेना के समन्वय में सुनिश्चित करने और हर जहाज से लगभग 20 लाख डॉलर शुल्क लेने का सुझाव भी शामिल है, जिसे ओमान के साथ साझा किया जा सकता है। साथ ही क्षेत्रीय संघर्षों, खासकर लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े तनाव को समाप्त करने की भी बात कही गई है। यह सीजफायर फिलहाल दो सप्ताह के लिए है, लेकिन आगामी वार्ता के नतीजों पर निर्भर करेगा कि यह अस्थायी समझौता स्थायी शांति में बदल पाता है या नहीं।
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राष्ट्रीय न्यूज़: चंडीगढ़। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस के पूर्व पंजाब अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने राजनीति में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी नई पार्टी ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ के गठन की घोषणा कर दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर देर रात पोस्ट साझा करते हुए इस नई राजनीतिक पहल की जानकारी दी। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू द्वारा साझा की गई पोस्ट में एक तस्वीर भी शामिल थी, जिसके बैकग्राउंड में पार्टी का नाम स्पष्ट रूप से लिखा हुआ था। उन्होंने अपने संदेश में इसे “बहुप्रतीक्षित घोषणा” बताते हुए कहा कि यह पार्टी देश को एक नया राष्ट्रीय विकल्प देने के उद्देश्य से बनाई गई है। उन्होंने लिखा कि मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व के प्रदर्शन का गहन अध्ययन और मूल्यांकन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि देश की सेवा करना और लोगों को वह देना है, जिसके वे वास्तविक हकदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सोच राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए एक नई राजनीतिक दिशा देने की है। गौरतलब है कि पार्टी की घोषणा के दौरान उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू उनके साथ नजर नहीं आए, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पिछले वर्ष डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, जिसके बाद उनके भाजपा के साथ बढ़ते संबंधों की चर्चाएं भी सामने आई थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नई पार्टी के गठन से पंजाब सहित राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। हालांकि, आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पार्टी किस प्रकार अपनी पकड़ मजबूत कर पाती है और क्या यह स्थापित दलों को चुनौती देने में सफल होती है।
Read more 7th Apr 2026
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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