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January 24, 2026
जयपुर। सरकारी भर्तियों में ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाने के गंभीर मामले सामने आने के बाद राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए एक अहम निर्णय लिया है। बोर्ड ने तय किया है कि अब भविष्य में होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं की ओएमआर शीट ऑनलाइन अपलोड की जाएंगी, ताकि पूरी चयन प्रक्रिया सार्वजनिक और निष्पक्ष हो सके। इस नई व्यवस्था की शुरुआत चपरासी (फोर्थ ग्रेड) भर्ती परीक्षा से की जाएगी।
हाल ही में सामने आए मामलों में यह खुलासा हुआ था कि चयन बोर्ड से जुड़े कुछ कर्मचारियों और परीक्षा कराने वाली फर्म के कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उनकी ओएमआर शीट में बाद में नंबर बढ़ा दिए थे, जिससे उन्हें सरकारी नौकरी मिल गई। इस फर्जीवाड़े ने न केवल भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए, बल्कि हजारों ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य को भी प्रभावित किया। इसके बाद बोर्ड को अभ्यर्थियों की ओर से लगातार शिकायतें मिलने लगीं।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि ओएमआर शीट में गड़बड़ी के हालिया प्रकरण और अभ्यर्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चयन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की मंशा है कि हर अभ्यर्थी को यह भरोसा मिले कि उसका मूल्यांकन पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से किया गया है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि इस व्यवस्था की शुरुआत चपरासी भर्ती परीक्षा से की जाएगी। इस भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट इसी महीने के अंतिम सप्ताह या फरवरी के पहले सप्ताह तक ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी। इसके बाद आने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में भी यही प्रणाली लागू होगी। अभ्यर्थी अपनी ओएमआर शीट ऑनलाइन देखकर यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि उनके उत्तरों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड अब तक भी पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं का आयोजन करता आया है और आगे भी इसी सोच के साथ काम करेगा। ओएमआर शीट को सार्वजनिक करने का निर्णय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भर्ती प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों पर विराम लगेगा और अभ्यर्थियों का भरोसा और मजबूत होगा।
इस फैसले से भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंका काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। अभ्यर्थी न केवल अपनी ओएमआर शीट देखकर संतुष्ट हो सकेंगे, बल्कि गलत चयन या हेर-फेर को लेकर उठने वाले विवादों पर भी रोक लगेगी। साथ ही आम लोग भी चयन बोर्ड की कार्यप्रणाली की निष्पक्षता को परख सकेंगे।
विशेषज्ञों और छात्रों के बीच चयन बोर्ड के इस निर्णय को अभ्यर्थियों के हित में बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में ओएमआर शीट में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो इससे चयन बोर्ड की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। ऐसे में पारदर्शिता बनाए रखना अब बोर्ड की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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