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January 25, 2026
प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच बीते सात दिनों से चल रहा विवाद अब और गहराता नजर आ रहा है। शंकराचार्य के शिविर में हुए हंगामे को लेकर उन्होंने पहली बार सार्वजनिक बयान देते हुए कहा कि उन पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि वे गो-रक्षा की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे भाजपा की “आंख की किरकिरी” बन गए हैं, लेकिन कितनी भी परेशानी हो, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जितना उनके ऊपर अत्याचार होगा, उतनी ही मजबूती से वे अपने कदम आगे बढ़ाएंगे।
यह विवाद शनिवार रात उस समय बढ़ गया, जब “कट्टर सनातनी सेना” नामक संगठन के 8 से 10 युवक भगवा झंडे लेकर शंकराचार्य के शिविर के पास पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ और ‘योगी जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए और शिविर में घुसने की कोशिश की। इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई और करीब 15 मिनट तक माहौल तनावपूर्ण रहा। बताया जा रहा है कि संगठन का प्रमुख सचिन सिंह नामक व्यक्ति है। घटना के बाद शंकराचार्य के शिष्यों ने सुरक्षा के मद्देनजर शिविर को चारों ओर से ढक दिया और प्रवेश मार्ग बंद कर दिए।
शंकराचार्य के शिविर प्रभारी ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि असामाजिक तत्व लाठी-डंडों और झंडों के साथ जबरन शिविर में घुसने की कोशिश कर रहे थे और मारपीट पर उतारू थे। सेवकों ने समझाकर उन्हें बाहर निकाला, लेकिन हालात इतने गंभीर थे कि कोई बड़ी घटना हो सकती थी। शिकायत में शंकराचार्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
इस मामले पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पूर्व अभिनेत्री और साध्वी ममता कुलकर्णी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा उन्हें कोई ऐसा नेता नहीं दिखता जो सबको साथ लेकर चल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समाजवादी पार्टी की ओर झुक रहे हैं और गो-हत्या का मुद्दा लेकर विपक्ष की राजनीति कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश सिंह ने यूपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शंकराचार्य जैसे शीर्ष धर्माचार्य के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें गंगा स्नान से वंचित रखा गया, जो अत्यंत निंदनीय है।
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