राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो गया है। हालिया नियुक्तियों के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना कम है, लेकिन निगम, बोर्ड, आयोग और अन्य संवैधानिक व प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को केंद्र नेतृत्व की ओर से कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर आगे बढ़ने की सहमति मिल गई है। इसी क्रम में राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जुड़ी नियुक्तियां सामने आ चुकी हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग में हाल ही में बदलाव देखने को मिला है। आयोग में कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी और दो नए सदस्यों की नियुक्ति को सरकार की ओर से प्रशासनिक और संस्थागत निरंतरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसी तरह राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पद पर भी नियुक्ति हो चुकी है। अब माना जा रहा है कि राज्य में अन्य प्रमुख बोर्डों, आयोगों और निगमों में भी जल्द नियुक्तियां की जा सकती हैं। इनमें 20 सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष और सदस्य, राजस्थान खेल परिषद,अध्यक्ष,राजस्थान आवासन मंडल के अध्यक्ष और सदस्य, राजस्थान वेयर हाउस निगम के अध्यक्ष, राजस्थान महिला आयोग की अध्यक्ष और सदस्य सहित कई महत्वपूर्ण पद शामिल बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही भाव अभियोग, अधीनस्थ कर्मचारी चयन बोर्ड, मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य संस्थागत पदों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ पदों पर राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को अवसर मिल सकता है, जबकि कुछ पदों पर सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ हाल ही में दो दिन तक साथ दौरे पर रहे थे। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार इस दौरान संगठन और सरकार से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ है। इन पदों को पाने के लिए भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने सक्रियता बढ़ा दी है। राजनीतिक हलकों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, राजेंद्र राठौड़, रामचरण बोहरा, मुकेश दाधीच, सुमन शर्मा, संतोष अहलावत, विजय बैसला और सुनीता बैसला, लक्ष्मीकांत भारद्वाज,पंकज जोशी,कुछ पूर्व विधायकसहित संघ से जुड़े हुए कई नामों की चर्चा है। हालांकि इन नामों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।राजनीतिक चर्चा यह भी है कि वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने फिलहाल किसी निगम या बोर्ड का पद लेने में रुचि नहीं दिखाई है। हालांकि भाजपा संगठन और सरकार के स्तर पर वरिष्ठ नेताओं को समायोजित करने की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ नेताओं को संगठनात्मक, राजनीतिक या संस्थागत जिम्मेदारी दी जा सकती है। राजस्थान में लंबे समय से राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर अब सरकार के अगले फैसलों पर टिकी है। भाजपा कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही निगम-बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियां कर संगठन से जुड़े सक्रिय चेहरों को जिम्मेदारी देगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार को टालते हुए राजनीतिक नियुक्तियों के माध्यम से सरकार और संगठन के बीच संतुलन साधने की कोशिश की जा सकती है। इससे वरिष्ठ नेताओं, संगठन में सक्रिय पदाधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रभावशाली चेहरों को समायोजित करने का रास्ता खुलेगा। आगामी निकाय और पंचायतीराज चुनावों को देखते हुए भी ये नियुक्तियां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। भाजपा संगठन चाहेगा कि नियुक्तियों के जरिए कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़े और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में संगठन की भूमिका और मजबूत हो। फिलहाल प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अटकलें तेज हैं। आरपीएससी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से शुरुआत होने के बाद अब सबकी नजर 20 सूत्री कार्यक्रम, महिला आयोग, राजस्थान खेल परिषद,आवासन मंडल, वेयर हाउस निगम, राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड तथा राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड, अधीनस्थ कर्मचारी बोर्ड और सूचना आयोग जैसे पदों पर होने वाले संभावित फैसलों पर है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी एटीएस ने मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर जयपुर के वाटिका क्षेत्र से एक महिला को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा के रूप में हुई है। उस पर पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क और प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संपर्क रखने के आरोप हैं। एटीएस के अनुसार महिला मूल रूप से सवाईमाधोपुर जिले की रहने वाली है और वर्तमान में जयपुर के वाटिका क्षेत्र में अपने पिता के साथ रह रही थी। बताया जा रहा है कि वह अपने पति से काफी समय से अलग रह रही थी। रविवार को कार्रवाई करते हुए एटीएस ने उसे हिरासत में लिया और बाद में UAPA एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। एटीएस के एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित रूप से जुड़ी बबीता नाम की महिला को UAPA के तहत गिरफ्तार कर 7 दिन के रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित संगठनों से संपर्क और ऐसी गतिविधियां, जो राष्ट्र की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं, जांच के दायरे में हैं। प्रारंभिक जांच में महिला की सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल संपर्कों को लेकर कई गंभीर संकेत मिलने की बात सामने आई है। एटीएस सूत्रों के अनुसार महिला की मित्र सूची में ऐसे अकाउंट पाए गए हैं, जिन पर जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकी संगठनों से संबंधित सामग्री शेयर की गई थी। इसके अलावा व्हाट्सएप गतिविधियों में पाकिस्तानी और विदेशी नंबरों से बातचीत के संकेत भी मिले हैं। एटीएस अब यह जांच कर रही है कि महिला केवल ऑनलाइन संपर्क में थी या उससे आगे किसी प्रकार की सक्रिय भूमिका भी निभा रही थी। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि जिन विदेशी नंबरों से बातचीत हुई, उनका संबंध किन व्यक्तियों या संगठनों से है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ नंबर आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों के हो सकते हैं, लेकिन इसकी पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी। एसपी मनीष त्रिपाठी के अनुसार महिला ने अपने डिजिटल डेटा को काफी हद तक मिटाने का प्रयास किया है। ATS अब तकनीकी माध्यमों से इस डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। डिजिटल डेटा की रिकवरी के बाद संपर्कों, बातचीत, सोशल मीडिया गतिविधियों और संभावित नेटवर्क को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि महिला की पाकिस्तान जाने की इच्छा थी। ATS के अनुसार उसके धर्म परिवर्तन कराने के प्रयासों की बात भी प्रारंभिक स्तर पर सामने आई है। हालांकि एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह अभी जांच का विषय है कि महिला वास्तव में धर्म परिवर्तन कर चुकी थी या ऐसा करवाने की कोशिश की जा रही थी। इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है। एटीएस इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रकरण मानते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। महिला के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और विदेशी संपर्कों की विस्तृत जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी या उसे ऑनलाइन माध्यम से प्रभावित किया गया था। मामले में मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त इनपुट को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह देख रही हैं कि महिला के संपर्क केवल सोशल मीडिया तक सीमित थे या भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़ी कोई ठोस योजना भी थी। यदि जांच में प्रतिबंधित संगठनों से सक्रिय संपर्क या सहयोग के प्रमाण मिलते हैं, तो मामले में और गंभीर धाराएं और कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल महिला को 7 दिन के रिमांड पर लेकर ATS पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी डिजिटल डेटा की रिकवरी और विदेशी संपर्कों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी। पूरे मामले पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान की उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। SOG ने लीक पेपर पढ़कर परीक्षा देने के आरोप में अभ्यर्थी मनीष दाधीच को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस SOG विशाल बंसल ने बताया कि RPSC के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा द्वारा लीक किए गए प्रश्नपत्र को पढ़कर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी मनीष दाधीच को गिरफ्तार किया गया है। SOG के अनुसार मनीष ने अपने भाई पुरुषोत्तम दाधीच और संदीप कुमार लाटा के जरिए लीक पेपर हासिल किया था। आरोप है कि बाबूलाल कटारा द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रश्नपत्र और उत्तर परीक्षा से पहले मनीष दाधीच तक पहुंचे थे। इन्हीं प्रश्नपत्रों और उत्तरों को पढ़कर उसने उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 की लिखित परीक्षा दी। SOG अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी कड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच में सामने आया कि मनीष दाधीच ने लिखित परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए थे। उसने हिंदी विषय में 200 में से 170.08 अंक और सामान्य ज्ञान में 200 में से 158.69 अंक प्राप्त किए थे। हालांकि इंटरव्यू में न्यूनतम निर्धारित अंक नहीं मिलने के कारण उसका अंतिम चयन नहीं हो सका। SOG इससे पहले इस मामले में मनीष दाधीच के भाई पुरुषोत्तम दाधीच और संदीप कुमार लाटा को गिरफ्तार कर चुकी है। पुरुषोत्तम दाधीच को 2 जून 2025 और संदीप कुमार लाटा को 4 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया था कि दोनों आरोपियों ने लीक पेपर प्राप्त कर अपने परिचित अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पढ़वाया और उन्हें लिखित परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाया। दोनों आरोपियों के खिलाफ 31 जुलाई 2025 को कोर्ट में आरोप पत्र भी पेश किया जा चुका है। वर्तमान में पुरुषोत्तम दाधीच और संदीप कुमार लाटा सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर बाहर हैं। दोनों अपने-अपने विभागों में निलंबित चल रहे हैं। SOG के अनुसार मनीष दाधीच गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक SOG की ओर से 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। आखिरकार SOG ने उसे 19 जून को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मनीष दाधीच को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 23 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड अवधि के दौरान SOG उससे लीक पेपर प्राप्त करने की पूरी श्रृंखला, भुगतान, संपर्कों और अन्य अभ्यर्थियों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी। SI भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामला राजस्थान के सबसे चर्चित भर्ती घोटालों में शामिल रहा है। इस मामले में अब तक कई अभ्यर्थियों, सरकारी कर्मचारियों, दलालों और परीक्षा से जुड़े नेटवर्क के लोगों की भूमिका सामने आ चुकी है। SOG लगातार इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसी का मानना है कि लीक पेपर केवल सीमित लोगों तक नहीं रहा, बल्कि इसे विभिन्न माध्यमों से कई अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। ऐसे में SOG उन सभी लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने लीक प्रश्नपत्रों से लाभ उठाया या उन्हें आगे प्रसारित किया। मनीष दाधीच की गिरफ्तारी को SOG की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि मनीष ने किन लोगों से संपर्क किया, पेपर किस माध्यम से मिला और क्या इस मामले में अन्य अभ्यर्थियों या सहयोगियों की भूमिका भी सामने आती है। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और SOG उससे गहन पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस गिरफ्तारी से SI भर्ती पेपर लीक मामले की कौन-कौन सी नई कड़ियां सामने आती हैं।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेताओं की उच्चस्तरीय बैठकों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निवास पर संघ और भाजपा नेताओं के बीच करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद भाजपा संगठन में बड़े फेरबदल, राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम, केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव और कुछ राज्यों में राज्यपालों के परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संघ के सहसरकार्यवाह अरुण कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ भाजपा नेता जेपी नड्डा सहित संगठन और सरकार से जुड़े प्रमुख चेहरे शामिल रहे। बैठक को भाजपा के आगामी संगठनात्मक रोडमैप और सरकार-संगठन के समन्वय की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इस बैठक से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की अध्यक्षता में भी संघ और भाजपा संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों की अहम चर्चा हुई थी। इसमें सहसरकार्यवाह अरुण कुमार, आलोक कुमार, सीआर मुकुंद सहित भाजपा संगठन कार्य के लिए भेजे गए पूर्णकालिक प्रचारकों और भाजपा के संगठनात्मक पदाधिकारियों से जुड़े विषयों पर विमर्श होने की बात सामने आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में केंद्रीय संगठन की नई टीम का गठन अब अंतिम चरण में हो सकता है। इसी क्रम में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा, राज्यों में संगठनात्मक बदलाव और आगामी चुनावी राज्यों को लेकर नई जिम्मेदारियों के बंटवारे पर चर्चा संभव मानी जा रही है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के लिए कुछ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जबकि कुछ चेहरों को संगठन में सक्रिय भूमिका मिल सकती है। हालांकि इस संबंध में भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसी तरह पांच से छह राज्यों में राज्यपालों के बदलाव की संभावना को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि संगठनात्मक संतुलन, राजनीतिक अनुभव और आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कुछ वरिष्ठ नेताओं को संवैधानिक पदों पर भेजा जा सकता है। हालांकि यह पूरी तरह अटकलों के स्तर पर है और आधिकारिक निर्णय सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। भाजपा-आरएसएस के बीच हुई इन बैठकों को आगामी राजनीतिक रणनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, राज्यों में नेतृत्व को सक्रिय करने और केंद्र सरकार की योजनाओं को राजनीतिक रूप से प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा के लिए आने वाला समय संगठनात्मक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। कई राज्यों में चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और पार्टी अपने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में शीर्ष स्तर पर हुई यह बैठक आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक फैसलों का संकेत मानी जा रही है। हालांकि भाजपा या आरएसएस की ओर से बैठक के एजेंडे और निष्कर्षों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद बैठक में शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने दिल्ली के राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चाओं को हवा दे दी है। अब सबकी नजर भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम, संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और राज्यपालों की नियुक्तियों से जुड़े आगामी फैसलों पर टिकी हुई है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में उनका सम्मान किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा "नेशन फर्स्ट" की भावना के साथ कार्य किया है और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को केवल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ही नहीं करनी है, बल्कि कई क्षेत्रों में दुनिया से एक कदम आगे निकलना है। उन्होंने ग्रीन एनर्जी, न्यूक्लियर एनर्जी, डेटा सेंटर, विनिर्माण और तकनीकी नवाचार को भविष्य के विकास का आधार बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत मेड इन इंडिया विमान और अन्य उन्नत तकनीकी उत्पादों के निर्माण में भी नई उपलब्धियां हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जनता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पर विश्वास जताया था और पिछले 12 वर्षों में उस विश्वास को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक नीतियों के परिणामस्वरूप करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। प्रधानमंत्री ने देश में बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में हवाई अड्डों, एक्सप्रेस-वे और मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। NDA सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और योगदान की सराहना करते हुए अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह प्रस्ताव एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रस्तुत किया, जबकि नेफियू रियो ने इसका समर्थन किया। बैठक में भाजपा और NDA शासित 22 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों के नेताओं के साथ अनौपचारिक संवाद भी हुआ। इससे पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी उनके 12 वर्षों के कार्यकाल पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने तालियां बजाकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व और योगदान की सराहना की।
Read more 11th Jun 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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