राजस्थान न्यूज़: जयपुर। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पर तीखा हमला बोला है। डोटासरा ने किरोड़ी लाल मीणा पर खाद-बीज छापों के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए की कथित अवैध वसूली के आरोप लगाए और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इसकी जांच कराने की मांग की। वहीं डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने भी डोटासरा के आरोपों पर पलटवार करते हुए उनके परिवार के सदस्यों को प्रशासनिक अधिकारी बनाने के मुद्दे पर सवाल उठाए। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बेटे-बहू पर गलत तरीके से ओबीसी सर्टिफिकेट बनवाकर RAS बनने के आरोप लगाए थे और इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इसी पर डोटासरा ने जयपुर शहर कांग्रेस के एक कार्यक्रम में पलटवार किया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वे सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि एक बार कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने उनसे कहा था कि मुख्यमंत्री से अलग से बात करनी है। उनके अनुसार मुलाकात के बाद जब तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बाहर आए तो उन्होंने पूछा कि इन्हें मेरे पास क्यों लाए थे। डोटासरा ने दावा किया कि गहलोत ने बताया कि किरोड़ीलाल मीणा उनके पैरों में पड़ गए और अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे हटाने की गुहार लगाने लगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जो व्यक्ति अशोक गहलोत के पैरों में पड़कर मुकदमे हटाने की बात करता था, वह आज उन पर आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा को इस तरह के आरोप लगाने से पहले अपने आचरण और विभागीय कार्यों पर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हनुमान बेनीवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा ने एक दिन हनुमान बेनीवाल को चुनौती दी थी, लेकिन 10 मिनट में ही सरेंडर हो गए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि किसी को इतना नहीं छेड़ना चाहिए कि बुढ़ापा खराब हो जाए। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पिछले चार साल से कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन अब उनकी जांच का समय आ गया है। डोटासरा ने कहा कि सरकार में बैठे लोग लगातार जांच की बात करते हैं, लेकिन अब कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार की भी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यदि थोड़ी भी नैतिकता बची है तो किरोड़ीलाल मीणा को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करवा ले, लेकिन किसी के बच्चों और परिवार को बदनाम करने की राजनीति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा कह रहे हैं कि उन्हें 9 दिनों से नींद नहीं आ रही है। डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि जब वे दूसरों पर आरोप लगाते हैं, तब तो आराम से सोते हैं, लेकिन जब खुद पर सवाल उठते हैं तो उन्हें नींद नहीं आती। उन्होंने इसे दोहरा चरित्र बताया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वे कोई कमजोर व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे राजनीति शौक से करते हैं और ऐसे परिवार से आते हैं, जहां डरने का कोई नाम नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से भी अपील की कि कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा के किसी भी मंत्री ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के पक्ष में बयान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सब जानते हैं कि कौन कितने पानी में है। डोटासरा ने कहा कि यदि कोई दूसरों पर झूठे लांछन लगाएगा, तो उसे खुद पर लगे आरोपों का जवाब भी जनता के सामने देना पड़ेगा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की कि किरोड़ीलाल मीणा ने उनके और उनके परिजनों पर जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कराई जाए। साथ ही खाद-बीज छापों के नाम पर कथित रूप से पैसा कहां-कहां से उठा, कहां तक गया और किस-किस में बंटा, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद-बीज के नाम पर अब तक 1200 छापे डाले गए हैं और इनमें 400 से 500 करोड़ रुपए का कथित खेल हुआ है। डोटासरा ने कहा कि यदि किरोड़ीलाल मीणा स्वयं को कट्टर ईमानदार बताते हैं, तो उन्हें अपने ही विभाग में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखना चाहिए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोपों पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने लिखित बयान जारी कर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने शासन में भ्रष्टाचार और साजिशों से युवाओं के सपनों को कुचला, भर्तियों की निष्पक्षता को दांव पर लगाया और योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार छीने, वे आज भी सच से मुंह मोड़कर झूठ परोस रहे हैं। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि झूठ और भ्रम फैलाने से जनता का ध्यान किए गए पापों से नहीं भटक सकता। उन्होंने डोटासरा से सवाल किया कि वे छात्रों को बताएं कि परिवार के सदस्यों को प्रशासनिक अधिकारी बनाने के लिए कौन-कौन से पाप किए गए थे। उन्होंने वाल्मीकि रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि पाप कर्मों का फल अवश्य मिलता है। इस पूरे विवाद से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि विभाग के छापों और कथित वसूली की जांच की मांग की है, वहीं दूसरी ओर किरोड़ीलाल मीणा ने भर्ती और ओबीसी प्रमाण पत्र से जुड़े आरोपों को फिर उठाया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री स्तर पर इन आरोप-प्रत्यारोपों की जांच को लेकर कोई कदम उठाया जाता है या नहीं।
Read more 24th Jun 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर सचिवालय परिसर में फोटो-वीडियो बनाने पर रोक, नियम तोड़ने पर दर्ज हो सकता है केस
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान सरकार ने जयपुर स्थित सचिवालय परिसर में आम लोगों की एंट्री, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी को लेकर सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। कार्मिक विभाग ने हाल ही में सर्कुलर जारी कर सचिवालय परिसर को नो-फोटोग्राफी जोन घोषित किया है। अब बिना अनुमति सचिवालय परिसर में फोटो या वीडियो बनाना दंडनीय अपराध माना जाएगा। कार्मिक विभाग की सचिव अर्चना सिंह की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार सचिवालय परिसर में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी नहीं की जा सकेगी। आदेशों के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सेवा नियमों, सुरक्षा नियमों और भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सर्कुलर में आमजन की एंट्री को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के अलावा ऑफिस टाइम से पहले और बाद में आम लोगों की सचिवालय में एंट्री प्रतिबंधित रहेगी। अस्थायी पासधारकों को सुबह 9:30 बजे से पहले और शाम 6:30 बजे के बाद सचिवालय में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा सरकारी छुट्टी के दिन अस्थायी पास वाले लोगों को सचिवालय में एंट्री नहीं मिलेगी। यदि किसी आम व्यक्ति को छुट्टी के दिन सचिवालय में किसी विभाग या अधिकारी से मिलना है, तो पहले संबंधित विभाग या अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। सुरक्षा व्यवस्था के पास उस विभाग की ओर से फोन या लिखित सिफारिश आने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। कार्मिक विभाग ने सर्कुलर में कहा है कि सचिवालय परिसर में ऑफिस टाइम से पहले और बाद में तथा सरकारी छुट्टी के दिन अस्थायी पासधारकों की आवाजाही से सरकारी कामकाज में बाधा की संभावना रहती है। साथ ही सुरक्षा और गोपनीयता की दृष्टि से सचिवालय परिसर अत्यंत संवेदनशील कार्यालय क्षेत्र की श्रेणी में आता है। सचिवालय में बाहरी व्यक्तियों और वाहनों की एंट्री भी पास के बिना प्रतिबंधित रहेगी। सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को सचिवालय परिसर में सुरक्षा अधिकारी की ओर से जारी सरकारी आईडी कार्ड पहनकर रखना अनिवार्य किया गया है। इससे सुरक्षा जांच और पहचान प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। सर्कुलर के अनुसार सचिवालय के सुरक्षाकर्मियों को परिसर में प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति या वाहन की पूरी तलाशी लेने का अधिकार होगा। सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कार्मिक विभाग ने सचिवालय सुरक्षा कर्मियों को इन नियमों की सख्ती से पालना करवाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि सचिवालय जैसे संवेदनशील परिसर में सुरक्षा, गोपनीयता और सरकारी कार्यों की सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये पाबंदियां आवश्यक हैं। अब सचिवालय परिसर में आने वाले आमजन को तय समय, वैध पास और अनुमति से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। बिना अनुमति फोटो या वीडियो बनाने, अनधिकृत प्रवेश करने या सुरक्षा जांच में सहयोग नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जयपुर में दुकान के बाहर शराब पी रहे युवकों को टोकना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोप है कि कहासुनी के बाद युवकों ने उसे अकेला पाकर पत्थर से सिर फोड़ दिया और डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर रूप से घायल युवक की मौत हो गई। घटना सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। सांगानेर सदर थाना अधिकारी अनिल जैमन ने बताया कि मृतक की पहचान गोविंदपुरा स्थित शिक्षा सागर कॉलोनी निवासी संजू शर्मा पुत्र कैलाश शर्मा के रूप में हुई है। संजू शर्मा पानी के टैंकर सप्लाई का काम करता था। उसके घर के बाहर ही उसके भाई की किराने की दुकान है। जानकारी के अनुसार मंगलवार रात पड़ोस के खेत में शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान रात करीब 11 बजे दुकान के बाहर करीब आधा दर्जन युवक बैठकर शराब पी रहे थे। दुकान के बाहर शराब पीने पर संजू शर्मा के परिजनों ने युवकों को वहां से जाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर युवकों और संजू के परिवार के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि शराब पीने से टोकने पर गुस्साए युवकों ने पहले संजू के घर पर पत्थर फेंके। इसके बाद विवाद बढ़ गया। देर रात जब संजू अकेला मिला, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। पत्थर से उसका सिर फोड़ दिया गया और डंडों से कई वार किए गए। हमले में संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर सांगानेर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद दुकान के बाहर शराब पीने से टोकने को लेकर हुआ था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और किसने संजू पर जानलेवा हमला किया। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। क्षेत्र के लोगों में भी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय शराब पीकर उत्पात करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से मंगलवार को जारी जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि, इस्तीफे की वजह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है।65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के पद पर कार्यरत थे। वे अगस्त 2024 से मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। जानकारी के अनुसार राज्यसभा सांसद के रूप में उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाया। इसके बाद उनके केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफे को उनके संसदीय कार्यकाल की समाप्ति से जोड़कर देखा जा रहा है। जॉर्ज कुरियन केरल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं और दक्षिण भारत में भाजपा के ईसाई चेहरे के रूप में भी उनकी पहचान रही है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी।राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों में भाजपा के उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद पार्टी ने उन्हें फिर से मौका नहीं दिया। हालांकि, इस संबंध में भाजपा या राष्ट्रपति भवन की ओर से कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। कुरियन के इस्तीफे के बाद अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उनके स्थान को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले समय में दक्षिण भारत और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नए राजनीतिक समीकरण तैयार कर सकती है। जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर राज्यों के राजनीतिक प्रदर्शन और प्रतिनिधित्व को लेकर नए सिरे से रणनीति बना रही है। केरल जैसे राज्य में भाजपा लंबे समय से अपना आधार मजबूत करने का प्रयास कर रही है।फिलहाल राष्ट्रपति द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद जॉर्ज कुरियन अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रहे। उनके इस्तीफे की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होना और दोबारा नामांकन नहीं मिलना इस राजनीतिक घटनाक्रम का महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।
Read more 23rd Jun 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेताओं की उच्चस्तरीय बैठकों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निवास पर संघ और भाजपा नेताओं के बीच करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद भाजपा संगठन में बड़े फेरबदल, राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम, केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव और कुछ राज्यों में राज्यपालों के परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संघ के सहसरकार्यवाह अरुण कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ भाजपा नेता जेपी नड्डा सहित संगठन और सरकार से जुड़े प्रमुख चेहरे शामिल रहे। बैठक को भाजपा के आगामी संगठनात्मक रोडमैप और सरकार-संगठन के समन्वय की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इस बैठक से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की अध्यक्षता में भी संघ और भाजपा संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों की अहम चर्चा हुई थी। इसमें सहसरकार्यवाह अरुण कुमार, आलोक कुमार, सीआर मुकुंद सहित भाजपा संगठन कार्य के लिए भेजे गए पूर्णकालिक प्रचारकों और भाजपा के संगठनात्मक पदाधिकारियों से जुड़े विषयों पर विमर्श होने की बात सामने आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में केंद्रीय संगठन की नई टीम का गठन अब अंतिम चरण में हो सकता है। इसी क्रम में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा, राज्यों में संगठनात्मक बदलाव और आगामी चुनावी राज्यों को लेकर नई जिम्मेदारियों के बंटवारे पर चर्चा संभव मानी जा रही है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के लिए कुछ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जबकि कुछ चेहरों को संगठन में सक्रिय भूमिका मिल सकती है। हालांकि इस संबंध में भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसी तरह पांच से छह राज्यों में राज्यपालों के बदलाव की संभावना को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि संगठनात्मक संतुलन, राजनीतिक अनुभव और आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कुछ वरिष्ठ नेताओं को संवैधानिक पदों पर भेजा जा सकता है। हालांकि यह पूरी तरह अटकलों के स्तर पर है और आधिकारिक निर्णय सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। भाजपा-आरएसएस के बीच हुई इन बैठकों को आगामी राजनीतिक रणनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, राज्यों में नेतृत्व को सक्रिय करने और केंद्र सरकार की योजनाओं को राजनीतिक रूप से प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा के लिए आने वाला समय संगठनात्मक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। कई राज्यों में चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और पार्टी अपने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में शीर्ष स्तर पर हुई यह बैठक आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक फैसलों का संकेत मानी जा रही है। हालांकि भाजपा या आरएसएस की ओर से बैठक के एजेंडे और निष्कर्षों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद बैठक में शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने दिल्ली के राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चाओं को हवा दे दी है। अब सबकी नजर भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम, संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और राज्यपालों की नियुक्तियों से जुड़े आगामी फैसलों पर टिकी हुई है।
Read more 21st Jun 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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