राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब प्रदेश के हर जिले में अपराधों की मासिक श्रेणीवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें यह विश्लेषण किया जाएगा कि किस जिले में कौन-सा अपराध बढ़ा या घटा है और उसी के अनुसार रणनीति बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजस्थान में अपराध और भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होंगे और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को जयपुर स्थित पुलिस हेडक्वार्टर (PHQ) में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। यह पहला मौका था जब मुख्यमंत्री ने सीधे PHQ में जाकर इस स्तर की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जिला पुलिस अधीक्षक नियमित जनसुनवाई करें, ताकि आम जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके। साथ ही, आईजी स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा हर महीने जिलों का दौरा कर अपराध स्थिति का मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए गए। डेटा आधारित पुलिसिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब प्रवृत्ति आधारित अपराधों (ट्रेंड एनालिसिस) का अध्ययन कर रोकथाम की रणनीति बनाई जाएगी। पुलिसिंग को परिणाम आधारित बनाने के लिए हर कार्रवाई की मॉनिटरिंग की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी। इससे अपराध नियंत्रण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेगी। साइबर क्राइम, ड्रग्स और बॉर्डर एरिया पर विशेष फोकस बैठक में साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष टारगेट तय किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में सख्ती से कार्रवाई कर प्रदेश की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार ने जनता को सुरक्षित वातावरण देने का जो वादा किया है, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। बैठक में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा, सभी रेंज आईजी, जिलों के एसपी और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में पेट्रोलियम पाइपलाइन से कच्चे तेल की संगठित चोरी के मामले में खुलासा हुआ है। एसओजी की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। एसओजी के एडीजी विशाल बंसलl ने बताया कि गिरफ्तार सरगना राजीव सिंगर से पूछताछ में तेल चोरी के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें कच्चा तेल बेहद कम कीमत पर बेचा जा रहा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका संपर्क रेवाड़ी में एक टैंकर चालक से हुआ, जो पाइपलाइन से चोरी किया गया तेल बाजार मूल्य (करीब 70 रुपये प्रति लीटर) से काफी कम, मात्र 29 रुपये प्रति लीटर में बेच रहा था। बाद में राजीव ने उससे 31 रुपये प्रति लीटर में गाजियाबाद तक तेल सप्लाई का सौदा किया और नेटवर्क मजबूत होने पर 35 रुपये प्रति लीटर तक खरीद बढ़ा दी। यह पूरा रैकेट संगठित तरीके से लंबे समय से संचालित हो रहा था। 36 टैंकर तेल चोरी, 7 आरोपी गिरफ्तार इस मामले का खुलासा तब हुआ जब इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सहायक प्रबंधक हेमंत गोयल ने पाइपलाइन से तेल चोरी की शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि शाहजहांपुर क्षेत्र में 10 नवंबर 2024 से 5 जनवरी 2025 के बीच पाइपलाइन से 36 टैंकर कच्चा तेल चोरी किया गया। एसओजी ने अब तक इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में महावीर, सुदीप जिंदल उर्फ सुदीप लाला, अशोक कुमार चौहान, विजयपाल सिंह चौहान, दिनेश राठी, विजय सिंह और सरगना राजीव सिंगर शामिल हैं। 25 हजार के इनामी आरोपी की तलाश जारी इस मामले में एक अन्य आरोपी अर्जुन उर्फ बलजीत सिंह उर्फ टोनी फरार है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एसओजी उसकी तलाश में जुटी हुई है। फिलहाल राजीव सिंगर से रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठिकानों का पता लगाया जा सके।यह मामला न केवल संगठित अपराध का उदाहरण है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
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राजस्थान न्यूज़: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर दौसा जिले के बांदीकुई में 607.66 करोड़ रुपये की लागत से 213 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास और सामाजिक सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री ने बांदीकुई के पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम पर रखने की घोषणा की। इसके साथ ही बांदीकुई-दौसा रेलवे फाटक पर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) निर्माण, बांदीकुई और बसवा नगर पालिका क्षेत्रों में सीवरेज व ड्रेनेज गैप कार्य कराने की घोषणा की गई। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय में सावित्री बाई फुले ई-लाइब्रेरी स्थापित करने और सभी जिलों में महात्मा ज्योतिबा फुले आदर्श विद्यालय खोलने की भी घोषणा की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, किसान, मजदूर और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने सामाजिक न्याय, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के जरिए प्रदेश को नई दिशा देने और अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारतीय संविधान के सिंधी भाषा (देवनागरी और फारसी लिपि) में प्रकाशित संस्करणों का विमोचन किया। इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि भविष्य में एक दिन ऐसा आ सकता है जब सिंध पाकिस्तान से अलग होकर भारत का अभिन्न हिस्सा बन जाए। विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने अपने संबोधन में सिंधी समाज के योगदान और उनके इतिहास को रेखांकित करते हुए कहा कि विभाजन के समय भारी कष्ट झेलने के बावजूद सिंधी समुदाय ने भारत के प्रति अपनी निष्ठा और सांस्कृतिक पहचान को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि सिंधु घाटी सभ्यता भारत की प्राचीन आत्मा का प्रतीक है और सिंधी समाज ने देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्यमशीलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संविधान का सिंधी में प्रकाशन ऐतिहासिक कदम इस समारोह में भारतीय संविधान का पहली बार सिंधी देवनागरी लिपि और दूसरी बार फारसी लिपि में प्रकाशन किया गया, जिसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। देवनानी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 1967 में सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था और अब इसका यह अनुवाद सिंधी समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश और दुनिया के 150 से अधिक देशों में फैले सिंधी समाज ने अपनी मेहनत और कौशल से अलग पहचान बनाई है। सिंधी समाज का वैश्विक योगदान देवनानी ने कहा कि लगभग एक करोड़ की आबादी वाला सिंधी समाज भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और इनकम टैक्स देने वालों में भी उनकी हिस्सेदारी उल्लेखनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में सिंधी समाज की बड़ी भूमिका होगी। इस कार्यक्रम में राजस्थान, मध्य प्रदेश , महाराष्ट्र,उत्तर प्रदेश ,दिल्ली सहित विभिन्न प्रदेशों से दौ सौ से अधिक प्रतिनिधिगण उपस्थित थे जिनमें राजस्थान मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष जस्टिस मूलचन्दानी, एनसीपीएसएल के पूर्व निदेशक प्रताप तिजानी,राजस्थान सिन्धी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष हरीश राजानी, झूलेलाल सिन्धी सेंट्रल पंचायत समिति के मनीष ग्वालानी, रिटायर्ड व्याख्याता कमला गोकलानी, सिंधु साहित्य कल्चर सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष आर डी थारवानी,अजमेर शाखा के अध्यक्ष सुंदर मटाई , पूज्य लाल साहिब मंदिर के ट्रस्टी प्रभु लोंगानी,अमरापुरा आश्रम जयपुर के सेवाधारी गौरधन आसनानी आदि भी उपस्थित थे ।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। उन्हें उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने कक्ष में शपथ दिलाई। इस मौके पर केंद्र और बिहार एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें वित्त मंत्री नीलम निर्मला सीतारमण , केंद्रीय चिकित्सा मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे। शपथ के दौरान दिलचस्प पल भी देखने को मिला, जब संजय झा ने हस्ताक्षर के लिए उन्हें पेन दिया। साइन करने के बाद नीतीश कुमार ने सहज अंदाज में कहा—“हो गया… चलें…”, जिस पर मौजूद लोगों ने उन्हें फोटो सेशन के लिए रुकने को कहा। चारों सदनों के सदस्य बनने का बनाया इतिहास नीतीश कुमार ने इस शपथ के साथ एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। वे देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो चारों सदनों—लोकसभा, राज्यसभा, बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद—के सदस्य रह चुके हैं। खास बात यह है कि यह उनका राज्यसभा में पहला कार्यकाल है। शपथ के बाद कार्यकर्ताओं से मुलाकात शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान संजय झा और लल्लन सिंह भी मौजूद रहे। इसके बाद वे पटना के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह कदम राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय से सक्रिय राजनीति में विभिन्न भूमिकाओं में रहे हैं और अब राज्यसभा के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका निभाएंगे।
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अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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