राजस्थान न्यूज़: अलवर। मोतीनगर कॉलोनी में शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे एक कार ने बाइक सवार तीन दोस्तों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार नाले की दीवार से टकराई। पुलिस ने कार जब्त कर ली है, जबकि उसे चला रहे व्यक्ति की पहचान और तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान जितेन्द्र राजपूत उर्फ छोटू (21), युवराज सैनी (22) और हिमांशु शर्मा (21) के रूप में हुई है। तीनों बाइक से मोतीनगर की ओर से काली मोरी जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार को कुछ दूर ले जाकर छोड़ दिया गया और उसमें सवार लोग मौके से चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार में चार से पांच लोग थे। पुलिस इस जानकारी की भी जांच कर रही है। तीनों युवक बचपन के दोस्त थे और परिजनों के अनुसार किसी रिश्तेदार से मिलने जा रहे थे। जितेन्द्र और युवराज होटल में काम करते थे। युवराज ताइक्वांडो खिलाड़ी था, जबकि हिमांशु कथावाचक था। एक साथ तीन युवकों की मौत से उनके परिवारों में शोक है। युवराज के परिजनों ने हादसे के पीछे आपसी रंजिश की आशंका जताई है। उनका कहना है कि मोहल्ले के कुछ युवकों से विवाद चल रहा था। पुलिस ने फिलहाल रंजिश से हादसे का संबंध होने की पुष्टि नहीं की है। पुलिस के अनुसार, जब्त कार सचिन मीणा के नाम पर पंजीकृत है, लेकिन हादसे के समय कार कौन चला रहा था, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। वाहन का पंजीकरण किसी व्यक्ति के नाम होना, उसके चालक होने का प्रमाण नहीं है। पुलिस मामले के तथ्यों की जांच कर रही है।
Read more 13th Sep 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जयपुर टीम ने रविवार दोपहर सांभरलेक थाने के थानाधिकारी और पुलिस निरीक्षक राममिलन मीणा को थाने में ही 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार, सड़क निर्माण का काम बिना रुकावट जारी रहने देने के बदले ठेकेदार से यह रकम मांगी गई थी। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एक ठेकेदार ने ब्यूरो मुख्यालय में शिकायत दी थी। ठेकेदार के अनुसार, उसे सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के वर्क ऑर्डर के तहत सांभर क्षेत्र में सड़क बनाने का काम मिला था। आरोप है कि थानाधिकारी ने निर्माण कार्य में किसी तरह की रोक-टोक नहीं होने देने के एवज में 50 हजार रुपए मांगे और रकम देने का दबाव बनाया।शिकायत के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र के नेतृत्व में एसीबी टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की। एसीबी का कहना है कि इस दौरान थानाधिकारी को 50 हजार रुपए लेते पकड़ा गया। टीम उनसे पूछताछ कर रही है और कार्यालय तथा घर की तलाशी ली जा रही है। तलाशी में क्या मिला, इस संबंध में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
Read more 13th Sep 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। नगर निगम चुनाव की मतगणना से पहले भाजपा ने अपने पार्षद प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी है। शनिवार को प्रत्याशियों को भाजपा शहर कार्यालय बुलाने के बाद बसों से दिल्ली रोड स्थित एक रिसॉर्ट के लिए रवाना किया गया। पार्टी ने प्रत्याशियों को 22 सितंबर तक का सामान साथ लाने के निर्देश दिए थे। निकाय चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को होगी। इसके बाद 21 सितंबर को महापौर और 22 सितंबर को उपमहापौर का चुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में भाजपा की इस कवायद को बोर्ड गठन तक प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति माना जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर के नाम पर बुलाए गए प्रत्याशी भाजपा की ओर से प्रत्याशियों को फोन करके प्रशिक्षण शिविर की जानकारी दी गई थी। उन्हें शनिवार दोपहर 12 बजे पार्टी कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया। इसके बाद सभी को बसों में बैठाकर रिसॉर्ट भेजा गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जयपुर के साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रत्याशियों को एक स्थान पर रखने की रणनीति बनाई गई है। उदयपुर सहित कई शहरों में प्रत्याशियों को प्रशिक्षण शिविर के नाम पर एकजुट किया जा रहा है। बच्चों के साथ पहुंचीं महिला प्रत्याशी कई महिला प्रत्याशी अपने छोटे बच्चों के साथ बाड़ेबंदी में पहुंचीं। वार्ड नंबर-143 की प्रत्याशी निधि सैन अपने दो महीने के बच्चे के साथ रवाना हुईं। वहीं, वार्ड नंबर-88 की भाजपा प्रत्याशी शशि मिश्रा अपने पांच साल के बेटे को साथ लेकर पहुंचीं। भाजपा बोली—परिवार की तरह साथ रहेंगे भाजपा शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने कहा कि सभी पार्षद प्रत्याशियों को एक स्थान पर बुलाया गया है, जहां वे परिवार की तरह साथ रहेंगे। शिविर में पार्टी की रीति-नीति, विकसित भारत-2047 और सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता अलग-अलग सत्रों में प्रत्याशियों को प्रशिक्षण देंगे। भाजपा में सांसदों, विधायकों, मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और यह शिविर भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रत्याशियों को 22 सितंबर तक रिसॉर्ट में रखने के सवाल पर गोयल ने कहा कि पार्टी का जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। मतगणना से बोर्ड गठन तक नजर रखने की रणनीति कई वार्डों में करीबी मुकाबले की संभावना के कारण एक-एक पार्षद की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में बोर्ड गठन के लिए जोड़-तोड़ और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता पड़ सकती है। इसी आशंका के चलते भाजपा अपने संभावित विजयी प्रत्याशियों को मतगणना से लेकर महापौर और उपमहापौर के चुनाव तक एकजुट रखना चाहती है। पार्टी की कोशिश है कि नतीजे आने के बाद उसके पार्षद विरोधी दलों के संपर्क में नहीं आएं। कांग्रेस 12 सितंबर को बाड़ेबंदी विचार भाजपा की रणनीति के बीच कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशियों को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। हालांकि जयपुर में कांग्रेस की ओर से बाड़ेबंदी पर अंतिम निर्णय 12 सितंबर को किया जाएगा। कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील शर्मा के निवास पर कांग्रेस के नेताओं की बैठक हुई इसमें मौजूदा राजनीतिक स्थितियों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रभारी विधायक रोहित बोहरा,विधायक रफीक खान,पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित विभिन्न नेता मौजूद रहे। भाजपा और कांग्रेस की नजर संभावित विजयी निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी है। नगर निगम में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने पर निर्दलीय पार्षद महापौर और बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: BRICS Summit 2026: दिल्ली में चल रहे BRICS सम्मेलन से एक तस्वीर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. इस तस्वीर में भारत, चीन और रूस के शीर्ष नेता एक साथ नजर आए. बीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, उनके एक ओर व्लादिमीर पुतिन और दूसरी ओर शी जिनपिंग. तीनों नेताओं के हाथ एक-दूसरे से जुड़े हैं और चेहरे पर मुस्कान है. भारत‑चीन रिश्तों में सुधार का संकेत यह तस्वीर खास इसलिए है क्योंकि भारत और चीन को लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी माना जाता रहा है. हाल के दिनों में दोनों देशों के रिश्तों में सुधार दिखा है. ऐसे में पीएम मोदी और जिनपिंग का साथ खड़ा होना एक अहम संदेश माना जा रहा है. रूस के साथ ऐतिहासिक संबंध भारत और रूस के रिश्ते दशकों पुराने हैं. हालांकि अमेरिका अक्सर यह सवाल उठाता रहा है कि भारत रूस को क्यों ज्यादा महत्व देता है. अब यह तस्वीर अमेरिका तक भी एक राजनीतिक संदेश पहुंचा रही है. जब एक फ्रेम में आईं तीन महाशक्तियां इस तस्वीर की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि रूस दुनिया का बड़ा ऊर्जा सप्लायर है, जबकि भारत और चीन ऊर्जा के सबसे बड़े आयातक देशों में शामिल हैं. पीएम मोदी कई बार कह चुके हैं कि 21वीं सदी एशिया की है. ऐसे में एशिया की तीन महाशक्तियों का एक साथ आना इस विचार को और मजबूत करता है. पीएम मोदी की डिप्लोमेसी पीएम मोदी की यह तस्वीर उनकी डिप्लोमेसी का हिस्सा भी मानी जा रही है. वह अक्सर अपने गर्मजोशी भरे अंदाज से दुनिया को संदेश देने की कोशिश करते हैं. शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि BRICS दुनिया की 50% आबादी और 40% जीडीपी का प्रतिनिधित्व करता है. नई दिल्ली घोषणापत्र को मंजूरी इस बीच BRICS सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है. पीएम मोदी ने खुद इसका ऐलान किया और बताया कि किसी भी देश ने इस पर आपत्ति नहीं जताई.
Read more 13th Sep 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाए जाने के बाद दिल्ली से लेकर पंजाब तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नई जिम्मेदारी मिलने के कुछ ही दिन बाद मंगलवार को पायलट ने दिल्ली स्थित 10 जनपथ पहुंचकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की।मुलाकात के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पायलट को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। बैठक में वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव, पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व का फोकस चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और पार्टी के अलग-अलग गुटों को एक मंच पर लाने पर है।मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने भी सोशल मीडिया के जरिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का पंजाब की जिम्मेदारी सौंपने के लिए आभार जताया। उन्होंने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयास, मजबूत संगठन और कार्यकर्ताओं की ताकत के बल पर कांग्रेस पंजाब में सत्ता में वापसी के लिए पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेगी। पंजाब में पायलट को मिला बड़ा राजनीतिक टास्क सचिन पायलट के लिए पंजाब की जिम्मेदारी केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री रह चुके पायलट को अब ऐसे राज्य की जिम्मेदारी मिली है, जहां कांग्रेस के पास मजबूत राजनीतिक आधार तो है, लेकिन पार्टी लंबे समय से आंतरिक खींचतान से जूझ रही है। कांग्रेस ने 5 सितंबर को संगठनात्मक फेरबदल करते हुए भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का महासचिव प्रभारी बनाया था। बघेल को असम की जिम्मेदारी दी गई है। यह फेरबदल पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले किया गया है। गुटबाजी खत्म करना होगी सबसे बड़ी चुनौती पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में दोबारा सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। लेकिन चुनावी लड़ाई से पहले पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने ही संगठन के भीतर अलग-अलग नेताओं और गुटों को साथ लाने की होगी।पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के अपने-अपने राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र हैं। हाल के समय में पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आते रहे हैं। पायलट की नियुक्ति को इसी अंदरूनी खींचतान को नियंत्रित करने और चुनाव से पहले एकजुट संगठन खड़ा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पायलट के पक्ष में यह बात मानी जा रही है कि वे राजस्थान में लंबे समय तक संगठन की कमान संभाल चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच लगातार सक्रियता बनाए रखी थी। अब पंजाब में उनके सामने यही मॉडल स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक लागू करने की चुनौती होगी। पहले ही शुरू किया नेताओं से संवाद नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पायलट ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं से संपर्क और बैठकों का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग उनसे दिल्ली में मुलाकात कर चुके हैं। बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन और चुनावी रणनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। पायलट के जल्द पंजाब दौरे पर जाने की भी संभावना जताई गई है। सफल हुए तो राष्ट्रीय राजनीति में और बढ़ सकता है कद पंजाब की जिम्मेदारी को सचिन पायलट के लिए कांग्रेस आलाकमान के भरोसे की बड़ी परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है। पंजाब उन राज्यों में है जहां कांग्रेस अभी भी सत्ता की प्रमुख दावेदार पार्टियों में शामिल है। ऐसे में यदि पायलट पार्टी की गुटबाजी पर काबू पाकर संगठन को एकजुट करने और चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कराने में कामयाब रहते हैं, तो राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।राजनीतिक जानकारों के लिहाज से यह जिम्मेदारी पायलट के लिए बड़ा अवसर भी है। पंजाब में सफलता उन्हें राजस्थान की राजनीति से आगे कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व और चुनावी रणनीति में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका दिला सकती है।फिलहाल पायलट की पहली परीक्षा चुनाव प्रचार से पहले पंजाब कांग्रेस के नेताओं को एक मंच पर लाने की है। 2027 के चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी हद तक इस बात पर भी निर्भर करेगा कि नई जिम्मेदारी संभालने के बाद पायलट संगठन की अंदरूनी खींचतान को कितनी जल्दी चुनावी ताकत में बदल पाते हैं।
Read more 8th Sep 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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