राजस्थान न्यूज़: चूरू/मानसा। पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मुख्य आरोपी को पंजाब पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार को राजस्थान के चूरू जिले के सालासर से पकड़ा गया। वारदात के बाद वह मौके से फरार हो गया था।झोटा को मंगलवार को मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर गोली मारी गई थी। बताया गया है कि वे उस समय फेसबुक पर लाइव थे और दुकान से ‘चिट्टा’ बेचे जाने का आरोप लगा रहे थे। झोटा ने दुकान संचालक से उस व्यक्ति के बारे में पूछताछ की थी जिसने सुबह वहां से नशीला पदार्थ खरीदा था। इसी दौरान विवाद बढ़ा और गोलीबारी हो गई। मानसा के सिविल अस्पताल में झोटा ने दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए। मामला एक नजर में कौन — परविंदर सिंह झोटा, पंजाब के मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट कब — मंगलवार, 13 अक्टूबर; मेडिकल स्टोर पर गोलीबारी मुख्य आरोपी — मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार गिरफ्तारी कहां — राजस्थान के चूरू जिले का सालासर, बुधवार को और — गोलीबारी में चार अन्य लोग घायल राजस्थान के सालासर तक पहुंची जांच वारदात के बाद आरोपी पंजाब से निकलकर राजस्थान पहुंच गया था। पुलिस ने उसे चूरू जिले के सालासर से हिरासत में लिया। सालासर बालाजी धाम के चलते यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते-जाते हैं। इससे पहले पुलिस ने उस व्यक्ति को भी पकड़ा था, जिस पर दुकान संचालक को भागने में मदद करने का आरोप है। मानसा में तनाव, 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान घटना के बाद मानसा में तनाव है। झोटा के समर्थकों ने मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की और परिवार ने विरोध में शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिवार तथा समर्थक मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। पंजाब कांग्रेस की ओर से 15 अक्टूबर को पूरे पंजाब में बंद का आह्वान किया गया है। राजा वड़िंग परिवार से मिले, सरकार पर हमला कांग्रेस सांसद और पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बुधवार को मानसा पहुंचे और झोटा के परिवार से मिले। उन्होंने कहा कि नशे को रोकना सरकारों की जिम्मेदारी थी, लेकिन झोटा ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई और लड़ते-लड़ते जान गंवा दी। वड़िंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी और 15 अक्टूबर के बंद का पूरा समर्थन किया जाएगा। मानसा मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है, लेकिन यहां हालात सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं। — अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, कांग्रेस सांसद वड़िंग ने यह भी कहा कि पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा इस घटना को आपसी दुश्मनी बता रहे हैं, जबकि झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका आरोप है कि नशा तस्करों ने ही हत्या की है।
Read more 14th Oct 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बुधवार को दो लोगों की कुशलक्षेम ली — भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की, और नरेना थाना मामले में घायल संघ के जिला प्रचारक कृष्ण अवतार की। वे पहले राजेंद्र राठौड़ के निवास पर पहुंचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद एसएमएस अस्पताल जाकर कृष्ण अवतार से मुलाकात की और इलाज कर रहे चिकित्सकों से उनकी स्थिति तथा उपचार की प्रगति के बारे में पूछा। राजेंद्र राठौड़ की हाल ही में एंजियोप्लास्टी हुई है राजेंद्र राठौड़ को सीने में दर्द की शिकायत के बाद जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित इटरनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच के बाद उनकी एंजियोप्लास्टी की गई और हृदय की रक्त वाहिका में स्टेंट लगाया गया। इसके बाद से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के उनसे मिलने का सिलसिला चल रहा है। एक दिन पहले, मंगलवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी उनके निवास पहुंचे थे। उनके साथ पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया और प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी भी मौजूद रहे थे। नरेना थाना मामला: तीन दिन बाद भी अस्पताल में कृष्ण अवतार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक हैं। जयपुर ग्रामीण के सांभर क्षेत्र के नरेना थाने में 11 अक्टूबर को उनके साथ मारपीट का मामला सामने आया था। आरोप है कि रात में गश्त के दौरान और फिर थाने के भीतर उनके साथ मारपीट हुई, जिसके बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें नरेना अस्पताल से जयपुर रेफर किया गया था। वे अब भी एसएमएस अस्पताल में भर्ती हैं।मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने थानाधिकारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था और एफआईआर दर्ज कराई थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री की कानून-व्यवस्था समीक्षा के बाद सांभर के वृत्ताधिकारी को भी एपीओ किया गया।
Read more 14th Oct 2026
राजस्थान न्यूज़: सीकर। जिले के करीब 40 फीसदी सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील बंद हो गया है। वजह यह है कि खाद्यान्न और कन्वर्जन राशि समय पर नहीं पहुंची। कई स्कूलों में न अनाज बचा है और न भोजन पकाने के लिए पैसा, जिससे बच्चों के दोपहर के भोजन की व्यवस्था ठप पड़ गई है। भोजन पकाने वाली कुक कम हेल्पर को आठ महीने से मानदेय नहीं मिला है। शिक्षक संगठनों ने सरकार से जल्द पोषाहार की व्यवस्था करने की मांग की है। क्या कब तक मिला मद कब तक खाद्यान्न (अनाज) सितंबर तक कन्वर्जन राशि (सब्जी, मसाले और अन्य सामग्री के लिए) कहीं अप्रैल तक, कहीं जून-जुलाई तक दूध पाउडर (पन्नाधाय बाल गोपाल योजना) सितंबर तक कुक कम हेल्पर का मानदेय आठ महीने से नहीं मिला बढ़े हुए नामांकन की वजह से कई स्कूलों में सितंबर का अनाज पूरा महीना भी नहीं चल पाया। जहां थोड़ा-बहुत अनाज बचा, वहां भोजन पकाने के लिए राशि नहीं थी। पहले एक-दूसरे से अनाज लेकर काम चलाया, अब वह भी नहीं खाद्यान्न खत्म होने पर पहले स्कूलों ने आपस में अनाज लेकर काम चलाया। भामाशाहों के साथ शिक्षकों ने भी अपनी ओर से सहयोग किया। लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकी और अब वह भी बंद होती जा रही है। दूध योजना पर भी असर स्कूलों में बच्चों को दूध देने वाली पन्नाधाय बाल गोपाल योजना भी प्रभावित है। स्कूलों को दूध पाउडर भी सितंबर तक का ही मिला था, जिससे सैकड़ों स्कूलों में दूध वितरण पर संकट है। यह योजना नवंबर 2022 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के नाम से शुरू की थी। सितंबर 2024 में मौजूदा सरकार ने इसका नाम बदलकर पन्नाधाय बाल गोपाल योजना कर दिया, बाकी प्रावधान वही रखे गए। इसके तहत कक्षा एक से आठ तक के करीब 68 लाख बच्चों को दूध पाउडर दिया जाता है — कक्षा एक से पांच तक 15 ग्राम पाउडर से बना 150 मिलीलीटर और कक्षा छह से आठ तक 20 ग्राम से बना 200 मिलीलीटर दूध। गहलोत ने एक्स पर उठाया मुद्दा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स पर लिखा कि सीकर के करीब 40 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील का राशन खत्म हो गया है, जुलाई के बाद न खाद्यान्न मिला न राशि, और बच्चों का दूध भी सितंबर के बाद बंद है।
Read more 14th Oct 2026
उदयपुर न्यूज़: उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल के तत्वावधान में आयोजित 'ऑन द स्पॉट' ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन की सचिव श्रीमती ज्योति ऊषाहरा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के पश्चात निबंध प्रतियोगिता में 9 तथा ड्राइंग प्रतियोगिता में 9, यानी कुल 18 प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों और बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।
Read more 28th Sep 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सौरव दास और आशुतोष रांका को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत ने बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसी मामले में गिरफ्तार किए गए तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। तीनों को मंगलवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद रात करीब तीन बजे तीनों को एहतियातन गिरफ्तार कर एक निजी वैन से पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने लाया गया और बुधवार सुबह अदालत में पेश किया गया। अदालत में पुलिस की दलील सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने शांति भंग की और बॉन्ड में तय शर्तों का उल्लंघन किया। पुलिस के मुताबिक इन्होंने प्रदर्शन के लिए लोगों को बाकायदा आह्वान किया था। इसी आधार पर कार्रवाई की मांग की गई, जिसके बाद अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया। सीजेपी ने बताए तीन आरोप सीजेपी की कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि तीनों को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में गिरफ्तार किया गया। उनके मुताबिक नेताओं पर बिना इजाजत घुसने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों नेताओं को तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है। मामला एक नजर में कब — मंगलवार को हिरासत, रात करीब 3 बजे एहतियातन गिरफ्तारी, बुधवार सुबह पेशी कहां — जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, गिरफ्तारी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में किसे हिरासत — सौरव दास और आशुतोष रांका, पांच दिन की न्यायिक हिरासत कौन रिहा — अजिंक्य शिंदे, निजी मुचलके पर आरोप — बिना इजाजत घुसना, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन, सरकारी काम में बाधा जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई कर दिया है और उसकी जगह रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान तथा पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए तय किया गया है। सीजेपी कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बैरिकेडिंग वाले इलाके में पहुंचे थे। पुलिस ने बिना इजाजत जंतर-मंतर में घुसने को लेकर एफआईआर दर्ज की है, जिसमें उन धाराओं को भी शामिल किया गया है जिनसे जुड़े शांति बॉन्ड पर नेताओं ने पहले हस्ताक्षर किए थे। चार दिन पहले हवाई अड्डे पर भी रोके गए थे दास और रांका को इससे पहले 10 अक्टूबर को भी हिरासत में लिया गया था। उस दिन वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के लिए दिल्ली पहुंचे थे और हवाई अड्डे पर ही एहतियातन हिरासत में ले लिए गए थे। उस मामले में उनके साथ अभिजीत दीपके थे और दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया था।
Read more 14th Oct 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। दिल्ली के मौजपुर इलाके में मंगलवार रात करीब 10:34 बजे एक रेस्टोरेंट की रसोई में आग लग गई। आग लगते ही अंदर मौजूद कुछ लोग जान बचाने के लिए पहली मंजिल की खिड़की से नीचे कूद गए। मामला मेन जाफराबाद रोड स्थित उधम रेस्टोरेंट का है। घटना के जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें नीचे सड़क पर भीड़ जमा है और ऊपर से धुआं निकल रहा है। वीडियो में कुछ लोग अपने बच्चों को भी पहली मंजिल से नीचे उतारते दिख रहे हैं। पुलिस के मुताबिक हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। कर्मचारियों ने पहले ही बुझा ली थी आग सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक रेस्टोरेंट के कर्मचारी आग पर काबू पा चुके थे। पुलिस के अनुसार आग रसोई में लगी थी। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
Read more 14th Oct 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved