राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष जांच टीम (SIT) ने जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में गिरफ्तार पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी से शनिवार को करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान एसआईटी ने उनके सामने 40 से अधिक सवाल रखे, जिनमें मुख्य रूप से टेंडर प्रक्रिया और कथित तौर पर चहेती कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़े मुद्दे शामिल थे। जांच एजेंसी ने विशेष रूप से 960 करोड़ रुपए के उन टेंडरों को लेकर सवाल किए, जिनमें ‘इरकॉन’ के कथित फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र के आधार पर ठेके हासिल किए गए थे। एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि टेंडर आवंटन के दौरान किन अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी की और निर्णय प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका रही। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान महेश जोशी ज्यादातर सवालों पर अपना बचाव करते नजर आए। एसीबी अब उनके बयानों का विभाग से जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड से मिलान कर रही है। माना जा रहा है कि जांच के आधार पर जल्द ही मामले से जुड़े अन्य बड़े अधिकारियों और व्यक्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। जांच का प्रमुख केंद्र इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड की ओर से भेजी गई वह गोपनीय ई-मेल है, जिसमें कथित फर्जीवाड़े और फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्रों को लेकर चेतावनी दी गई थी। एसीबी अब यह कड़ियां जोड़ रही है कि गोपनीय चेतावनी के बावजूद संबंधित कंपनियों को करोड़ों रुपए के वर्क ऑर्डर कैसे जारी किए गए। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर महेश जोशी की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। एसआईटी के सुपरविजन अधिकारी डॉ. रामेश्वर सिंह मामले के हर पहलू की निगरानी कर रहे हैं। एसीबी की प्रारंभिक जांच और चार्जशीट के आधार पर संकेत मिले हैं कि यदि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप सिद्ध होते हैं तो महेश जोशी, सुबोध अग्रवाल और अन्य आरोपियों को अधिकतम 10 वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा हो सकती है। गौरतलब है कि बहुचर्चित 960 करोड़ रुपए के JJM घोटाले में एसीबी ने महेश जोशी को 7 मई को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उन्हें 11 मई तक एसीबी रिमांड पर भेज रखा है। इससे पहले 9 अप्रैल को सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी भी इसी मामले में हो चुकी है और वे फिलहाल जेल में हैं।
Read more 10th May 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पूर्व मंत्री महेश जोशी से शुक्रवार को करीब 8 घंटे तक गहन पूछताछ की। एसीबी ने महेश जोशी को 7 मई को गिरफ्तार किया था और बाद में कोर्ट में पेश कर 5 दिन की रिमांड पर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चली, जिसमें टेंडर प्रक्रिया, कमेटी गठन, फाइल मंजूरी और अधिकारियों की भूमिका से जुड़े कई सवाल किए गए। एसीबी यह जानने का प्रयास कर रही है कि टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं किन स्तरों पर हुईं और निर्णय प्रक्रिया में किन अधिकारियों की भूमिका रही। जांच एजेंसी के मुताबिक पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। विशेष रूप से टेंडर आवंटन और तकनीकी सत्यापन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। एसीबी इस पूरे मामले में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इस बीच, पूर्व मंत्री के करीबी सहयोगी संजय बड़ाया के विदेश से लौटने के बाद उनसे भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। संजय बड़ाया पर आरोप है कि उन्होंने गणपति ट्यूबवैल कंपनी और श्याम ट्यूबवैल कंपनी को टेंडर दिलाने के बदले करीब 960 करोड़ रुपए की रिश्वत ली। माना जा रहा है कि उनकी पूछताछ से मामले में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। एसीबी जांच में यह भी सामने आया है कि जून 2022 में जयपुर में तत्कालीन अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना की पोस्टिंग को लेकर संजय बड़ाया की मुलाकात महेश जोशी से करवाई गई थी। आरोप है कि बड़ाया के प्रभाव में अधिकारियों को फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्रों के आधार पर सकारात्मक सत्यापन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए, जबकि प्रमाण-पत्रों के फर्जी होने की जानकारी पहले से थी। मामले में मुकेश गोयल, जितेन्द्र शर्मा और संजीव गुप्ता फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। एसीबी उनकी तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। ऋण वसूली अधिकरण जयपुर द्वारा लाल कोठी स्थित कार्यालय परिसर में 8 मई को आयोजित विशेष लोक अदालत में बड़ी सफलता हासिल की गई। इस लोक अदालत में सभी बैंकों और एनबीएफसी संस्थाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एक ही दिन में लगभग 550 से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया, जिससे करीब 300 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली संभव मानी जा रही है। ऋण वसूली अधिकरण जयपुर के पीठासीन अधिकारी विमल गुप्ता ने इस उपलब्धि का श्रेय डीआरटी बार काउंसिल जयपुर, पैनल में शामिल न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों और पक्षकारों के सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि इस विशेष लोक अदालत के लिए करीब 3 हजार मामलों को सूचीबद्ध किया गया था, जिनमें से बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर समाधान किया गया। उन्होंने बताया कि लोक अदालत की प्रक्रिया को प्रभावी और पारदर्शी बनाए रखने के लिए तीन अलग-अलग पैनल (बेंच) गठित किए गए थे। प्रथम बेंच की अध्यक्षता स्वयं विमल गुप्ता ने की, जिसमें तनिषा खुबचंदनानी और ओपी मिश्रा सदस्य रहे। दूसरी बेंच में पूर्व पीठासीन अधिकारी मदनानी के साथ विक्रम जैन और निधि बिस्सा शामिल रहे, जबकि तीसरी बेंच की अध्यक्षता सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश हरिंदर सिंह ने की, जिनके साथ सीपी शर्मा और अदिति स्वामी सदस्य रहे। ऋण वसूली अधिकरण जयपुर के पीठासीन अधिकारी विमल गुप्ता ने बताया कि सुबह 10 बजे से शुरू हुई सुनवाई देर शाम तक चली, जहां बैंक और पक्षकारों के बीच आपसी समझौते के माध्यम से मामलों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी ने डीआरटी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कीर्ति कपूर, महासचिव राजकुमार, संयोजक अनिल शर्मा सहित सभी अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों और सहयोग करने वाले पक्षकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि डीआरटी जयपुर द्वारा आयोजित यह दूसरी विशेष लोक अदालत थी। इससे पहले आयोजित पहली लोक अदालत में लगभग 290 मामलों का निस्तारण हुआ था, जिससे करीब 250 करोड़ रुपए की वसूली संभव हुई थी। पहली लोक अदालत की सफलता को देखते हुए इस बार पुनः आयोजन किया गया। ऋण वसूली अधिकरण जयपुर के पीठासीन अधिकारी विमल गुप्ता ने बताया कि यह विशेष लोक अदालत सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की अनुमति के तहत आयोजित की गई थी। मामलों को अधिवक्ताओं, वादकारियों और अन्य हितधारकों के अनुरोध पर सूचीबद्ध किया गया था।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन अब तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे का ऐलान नहीं कर पाया है। चुनाव परिणाम आने के छह दिन बाद भी पार्टी के भीतर मंथन जारी है और मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में बने हुए हैं। मुख्यमंत्री पद की रेस में के.सी. वेणुगोपाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन और छह बार के विधायक रमेश चेन्निथला प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान ने 6 मई को मुकुल वासनिक और अजय माकन को पर्यवेक्षक बनाकर केरल भेजा था। दोनों नेताओं ने कांग्रेस विधायकों से चर्चा के बाद रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंप दी। सूत्रों के अनुसार अधिकांश विधायकों ने के.सी. वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस के 63 विधायकों में से लगभग 75 से 80 प्रतिशत विधायकों ने वेणुगोपाल के पक्ष में राय दी है। सोशल मीडिया पर भी कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें केरल कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ सहित कई नेताओं द्वारा वेणुगोपाल को समर्थन देने का दावा किया जा रहा है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि यदि के.सी. वेणुगोपाल मुख्यमंत्री बनते हैं तो विधायक सनी जोसेफ अपनी सीट छोड़ सकते हैं, ताकि वेणुगोपाल उपचुनाव लड़कर विधानसभा पहुंच सकें। वहीं दूसरी ओर वी.डी. सतीशन को अपेक्षाकृत कम समर्थन मिलने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें केवल छह विधायकों का समर्थन मिला, हालांकि बाद में कांग्रेस के तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने उनके पक्ष में समर्थन जताया। इसके अलावा गठबंधन सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और केरल कांग्रेस (जोसेफ) ने भी खुलकर सतीशन का समर्थन किया है। अब सभी की नजर कांग्रेस आलाकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकता है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: गुवाहाटी। असम में रविवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में हिमंता बिस्वा सरमा को एक बार फिर विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही हिमंता लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उनका शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को सुबह 11 बजे आयोजित होगा। असम में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समारोह में नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। भाजपा नेताओं का मानना है कि हिमंता बिस्वा सरमा का दोबारा मुख्यमंत्री बनना उत्तर-पूर्व भारत में पार्टी की राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करेगा। उनके नेतृत्व में भाजपा ने असम की राजनीति में लगातार अपना प्रभाव बढ़ाया है। असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि पार्टी दोपहर तक राज्यपाल को सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। उन्होंने बताया कि 12 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। दिलीप सैकिया ने कहा, “यह ऐतिहासिक क्षण होगा, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हिमंता बिस्वा सरमा 102 विधायकों के समर्थन के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।”
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अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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