Post Views 01
June 15, 2026
टोंक जिले के देवली उपखंड क्षेत्र की गांवड़ी पंचायत स्थित दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की करंट लगने से हुई मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। न्याय की मांग को लेकर सोमवार को देवली का बाजार स्वैच्छिक रूप से बंद रहा। अंबेडकर विचार मंच, ग्रामीणों, परिजनों, व्यापार महासंघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के आह्वान पर अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि मेडिकल और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े संस्थान खुले रहे। हालांकि दोपहर बाद धीरे-धीरे बाजार खुलने लगे।
धनराज बैरवा की मौत के विरोध में उपखंड कार्यालय के बाहर शुरू हुआ धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष पांचूलाल मीणा, सरपंच संघ अध्यक्ष मुकेश मीणा, पूर्व विधायक कमल बैरवा, रामसिंह शक्तावत, राहुल बलसोरा, यादराम मीणा, सुरेंद्र बैरवा, गणेश लाल और सुरेश मीणा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों और परिजनों ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग प्रमुख है। परिजनों का कहना है कि धनराज विद्युत निगम के कार्यों में नियमित रूप से लगा हुआ था, इसलिए उसे विभागीय कर्मचारी के समान सुविधाएं और अधिकार मिलने चाहिए। दूसरी ओर निगम ने उसे अपना कर्मचारी मानने से इनकार किया है।
धरना स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात पुलिस भी सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में जुटी हुई है।
नरेश मीणा भी पहुंचे धरना स्थल
आंदोलन को समर्थन देने के लिए भगत सिंह सेना के सुप्रीमो Naresh Meena भी अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद आंदोलन को और बल मिला तथा नारेबाजी तेज हो गई। नरेश मीणा ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की विफलता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि धनराज की मृत्यु से परिवार को जो क्षति हुई है उसकी भरपाई संभव नहीं, लेकिन समाज को परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए ताकि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
धरना स्थल को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि परिजनों की सहमति के बिना जबरन अंतिम संस्कार कराने का प्रयास किया गया तो व्यापक जनआक्रोश देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल देवली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है।
उन्होंने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार की मांगों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार तक तत्काल पहुंचाने की मांग की। साथ ही कहा कि केवल मुआवजा देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 2 जून को रघुनाथपुरा गांव में विद्युत पोल पर कार्य करते समय धनराज बैरवा 11 हजार वोल्ट की बिजली की चपेट में आ गए थे। हादसे में उनके दोनों हाथ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे और उपचार के दौरान उन्हें काटना पड़ा। लंबे इलाज के बाद रविवार सुबह जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद से क्षेत्र में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved