राजस्थान न्यूज़: जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। टोंक और जयपुर के बाद अब श्रीगंगानगर जिले में भी बीमा पॉलिसियों से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। सूरतगढ़ क्षेत्र के कालूसर गांव में एक ही खसरे की 10.37 हेक्टेयर भूमि पर कई अलग-अलग पॉलिसियां बनाकर वास्तविक क्षेत्रफल से करीब सात गुना अधिक भूमि का बीमा कराने का आरोप है। मामले में 31.15 लाख रुपए से अधिक का बीमा क्लेम प्राप्त किए जाने की बात भी सामने आई है। मामला कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना तक पहुंचने के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग की पड़ताल में सामने आया कि खसरा नंबर 281/91 की वास्तविक भूमि के मुकाबले कई गुना अधिक क्षेत्रफल दिखाकर अलग-अलग बीमा पॉलिसियां जारी कराई गईं। इसके अलावा इसी भूमि पर अन्य किसानों की ओर से कराई गई कुछ पॉलिसियों को बीमा कंपनी ने रिजेक्ट भी कर दिया था। विभाग अब पूरे मामले में किसानों के साथ-साथ संबंधित सीएससी और ई-मित्र संचालकों की भूमिका की भी जांच करा रहा है। ऐसे उठाया गया 31 लाख से ज्यादा का क्लेम आरोप है कि कृषक बनवारी लाल ने खसरा नंबर 281/91 की 10.37 हेक्टेयर भूमि पर ऋणी किसान के रूप में मूंगफली की फसल का बीमा करवाया था।इसी खसरे पर सीएससी संचालक विकास कुमार के माध्यम से भी 10.37 हेक्टेयर और बिजेश के माध्यम से 10.30 हेक्टेयर क्षेत्रफल का अलग-अलग बीमा करवाया गया।इन तीन पॉलिसियों के आधार पर बनवारी लाल को कुल 23 लाख 35 हजार 319 रुपए का बीमा क्लेम मिलने की बात सामने आई है।इसी भूमि को बनवारी लाल की ओर से रिछपाल को बटाई पर दिए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई। रिछपाल ने भी इसी खसरे में मूंगफली की फसल का बीमा कराया और 7 लाख 80 हजार 195 रुपए का क्लेम प्राप्त किया।इस तरह दोनों के माध्यम से कुल 31 लाख 15 हजार 514 रुपए का बीमा क्लेम प्राप्त किए जाने का मामला सामने आया है। टोंक और जयपुर में भी पकड़ा गया फर्जीवाड़ा श्रीगंगानगर से पहले खरीफ-2026 के दौरान टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में भी फर्जी फसल बीमा कराने की शिकायतें कृषि विभाग तक पहुंची थीं। गोपनीय सूचना के आधार पर कराई गई जांच में शिकायतों को सही पाए जाने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू की। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल की ओर से संबंधित किसानों, सीएससी संचालकों और अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज करवाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इन किसानों के नाम आए सामने विभागीय कार्रवाई में टोंक जिले की मालपुरा तहसील के मुकेश सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी, सीताराम सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी और फूलचन्द पुत्र हजारी लाल सैनी के नाम सामने आए हैं। वहीं जयपुर जिले से दीपक सैनी पुत्र दिनेश सैनी और विनिता सैनी पत्नी सीताराम सैनी का नाम सामने आया है। इनके साथ संबंधित सीएससी (ई-मित्र) संचालकों और अन्य किसानों की भूमिका को लेकर भी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। कृषि मंत्री बोले- सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत किसी भी सरकारी योजना में फर्जीवाड़ा या दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग की कार्रवाई के बाद अब यह भी जांच का विषय है कि एक ही भूमि पर अलग-अलग पॉलिसियां किस स्तर पर और किन दस्तावेजों के आधार पर जारी की गईं। इसके साथ ही सीएससी संचालकों और बीमा प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।
Read more 20th Aug 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस विधायकों और नेताओं को विधानसभा के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा और गेट नंबर-6 पर ताले लगा दिए गए हैं। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार, शिक्षा मंत्री की कार्यशैली, सरकार की विफलताओं, कृषि से जुड़े कथित घोटालों और चिकित्सा व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर सदन में चर्चा करना चाहती है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना डोटासरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में गंभीर अव्यवस्थाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के तबादलों से लेकर स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं तक कई सवाल खड़े हो रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के करीब 3 हजार स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, जबकि कई स्कूलों में टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में विद्यार्थी परेशान हैं, लेकिन सरकार वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय विपक्ष और मीडिया को रोकने में लगी है। ट्रांसफर और कैविएट के मुद्दे पर भी लगाए आरोप कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पैसे लेकर ट्रांसफर करने और हाईकोर्ट में कैविएट दायर किए जाने जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा। डोटासरा ने कहा कि विपक्ष इन सभी मामलों पर विधानसभा के भीतर चर्चा करना चाहता है, लेकिन सरकार उन्हें रोकने का प्रयास कर रही है। मदन दिलावर पर तीखा हमला जब डोटासरा से पूछा गया कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्कूलों में मीडिया की एंट्री पूरी तरह बंद नहीं की है, तो उन्होंने मंत्री पर तीखी टिप्पणी की। डोटासरा ने दिलावर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में RSS का प्रभाव बढ़ाया जा रहा है और स्कूलों के भीतर संगठन से जुड़े कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। डोटासरा ने दावा किया कि स्कूल परिसरों में RSS से जुड़े लोग परीक्षाएं और अन्य गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर सरकार या शिक्षा मंत्री की तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मानसून सत्र में शिक्षा का मुद्दा गरमाने के आसार कांग्रेस जिस तरह शिक्षा विभाग, सरकारी स्कूलों की स्थिति और मंत्री की कार्यशैली को लेकर लगातार हमलावर है, उससे साफ है कि मानसून सत्र में शिक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं। विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन और गेट पर रोक के आरोपों के बाद कांग्रेस सरकार को सदन के भीतर भी इन मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।
Read more 20th Aug 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला बोला। जूली ने कहा कि कांग्रेस सदन चलाना चाहती है, लेकिन विधायकों को विधानसभा के भीतर जाने से रोका गया। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस देगी।जूली ने कहा कि एक दिन पहले सर्वदलीय बैठक में उन्होंने स्वयं भरोसा दिलाया था कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलेगी। इसके बावजूद जिस गेट से विधायक वर्षों से विधानसभा में प्रवेश करते आए हैं, उसे बंद कर दिया गया। जूली बोले- हमें क्यों रोका गया? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधायक सुबह पोद्दार मूक-बधिर स्कूल गए थे, लेकिन वहां उन्हें नोटिस दिखाकर अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके बाद विधायक पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे, लेकिन यहां भी उन्हें रोक दिया गया। जूली ने सवाल किया कि जब विधायक सदन की कार्यवाही में शामिल होने आ रहे थे तो उन्हें विधानसभा के प्रवेश द्वार पर क्यों रोका गया। उन्होंने कहा कि इस मामले को कांग्रेस विधानसभा के भीतर भी उठाएगी। 'ढक्कन कानून' कहकर सरकार पर साधा निशाना जूली ने स्कूलों में मीडिया प्रवेश से जुड़े नियमों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा अपने कथित गलत काम छिपाने के लिए ऐसा कानून लेकर आई है। उन्होंने इसे 'ढक्कन कानून' बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति को सामने आने से रोकना चाहती है।जर्जर स्कूलों और खाली पदों के आंकड़े गिनाए टीकाराम जूली ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर दावे किए। उन्होंने कहा कि 3,768 स्कूल जर्जर घोषित किए गए थे, लेकिन इनमें से एक भी स्कूल पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 85 हजार कमरे जर्जर स्थिति में हैं और उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं किया गया है। जूली ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में करीब सवा लाख शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं और पिछले तीन वर्षों में लगभग 9 लाख बच्चे सरकारी स्कूल छोड़ चुके हैं। पिपलोदी स्कूल हादसे का किया जिक्र जूली ने पिपलोदी के स्कूल हादसे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिस स्कूल के गिरने से सात बच्चों की मौत हुई थी, उसका निर्माण भी अब तक पूरा नहीं किया गया।उन्होंने सवाल किया कि इतनी गंभीर घटनाओं और स्कूलों की बदहाल स्थिति के बावजूद सरकार की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही है। शिक्षा मंत्री पर व्यक्तिगत बयानों को लेकर हमला नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षा मंत्री के पूर्व बयानों का जिक्र करते हुए उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कभी महिला शिक्षकों के पहनावे पर टिप्पणी की जाती है, कभी महिलाओं के मोबाइल जांचने जैसी बातें सामने आती हैं और कभी आदिवासियों के डीएनए टेस्ट से जुड़े बयान दिए जाते हैं। जूली ने तंज कसते हुए कहा, "ये शिक्षा मंत्री हैं या मजाक है।"
Read more 20th Aug 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी का सियासी दौर अब अंतिम चरण में है और उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो चुकी है। नई दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि केंद्र सरकार इस समय बैकफुट पर है और विपक्ष को उसके खिलाफ अधिक आक्रामक राजनीतिक रुख अपनाना चाहिए। ‘सरकार बैकफुट पर है, विपक्ष और आक्रामक हो’ सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि विपक्ष को अब सरकार के खिलाफ मुद्दों को और मजबूती से उठाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कहा कि राजनीतिक माहौल का फायदा उठाते हुए जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार दबाव बनाया जाए और सरकार से जवाब मांगा जाए। 88 नेता बैठक में हुए शामिल कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व सहित करीब 88 नेता शामिल हुए।बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी और CWC सदस्य मौजूद रहे।संसद सत्र समाप्त होने के बाद यह CWC की पहली महत्वपूर्ण बैठक थी। देश की राजनीतिक स्थिति पर लंबा मंथन बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस नेतृत्व ने आगे की राजनीतिक रणनीति, विपक्ष की भूमिका और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी के रुख को लेकर विचार-विमर्श किया।पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक स्तर पर भी सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठा CWC में युवाओं के भविष्य, रोजगार और उनसे जुड़े सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।कांग्रेस नेताओं ने युवाओं के बीच बढ़ती चिंताओं को राजनीतिक और नीतिगत स्तर पर प्रमुखता से उठाने की आवश्यकता बताई। राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे की जवाबदेही पर चर्चा बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चंदे की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस विषय में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े सवालों पर चर्चा की और भविष्य में पार्टी की रणनीति को लेकर विचार किया। चीन से जुड़ा मुद्दा भी CWC में उठा भारतीय सीमा पर चीन की कथित घुसपैठ का मुद्दा भी बैठक में चर्चा का विषय रहा। कांग्रेस लंबे समय से इस विषय पर केंद्र सरकार से जवाब मांगती रही है। CWC बैठक में भी सीमा सुरक्षा और चीन से जुड़े घटनाक्रम पर पार्टी की आगे की रणनीति पर मंथन हुआ। मोदी पर राहुल का सीधा राजनीतिक हमला राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर लगातार हमलावर है।उनके कथित बयान को कांग्रेस की आने वाले समय की अधिक आक्रामक राजनीतिक रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
Read more 20th Aug 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए। पार्टी ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए तीनों महत्वपूर्ण राज्यों में अनुभवी नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, जबकि गुजरात के नेता जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। वहीं राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग को गुजरात की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्तियां भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा के एक दिन बाद की गई हैं। सोमवार को पार्टी ने 65 राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम घोषित की थी। विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश की कमान भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। तावड़े इससे पहले हरियाणा और बिहार में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। नवंबर 2020 में उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद सितंबर 2022 में उन्हें बिहार की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2024 में भी वे बिहार भाजपा के प्रभारी रहे। महाराष्ट्र की राजनीति और भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे तावड़े महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें प्रभारी बनाए जाने को भाजपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जगदीश पटेल बने यूपी के सह-प्रभारी गुजरात भाजपा के नेता जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। पटेल वर्ष 2019 में अमराईवाड़ी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे और अहमदाबाद शहर भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अगस्त 2026 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था। अब पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश में सह-प्रभारी के रूप में बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी दी है। सतीश पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पूनिया इससे पहले हरियाणा में पार्टी संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2024 में उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। लोकसभा चुनाव के दौरान भी वे हरियाणा में चुनावी जिम्मेदारी संभाल चुके थे। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी जीत के दौरान भी पूनिया राज्य के प्रभारी थे। जून 2026 में वे राज्यसभा सांसद चुने गए और इसके बाद उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया। अब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी बनाया भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया गया है। अमृतसर से आने वाले चुग लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय हैं। वे तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रभारी रह चुके हैं। नवंबर 2020 में उन्हें तेलंगाना के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की जिम्मेदारी दी गई थी। 2024 में भी वे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रभारी रहे। अब पार्टी ने उन्हें गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य की संगठनात्मक जिम्मेदारी दी है।
Read more 18th Aug 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved