राजस्थान न्यूज़: जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने केंद्र की एनडीए सरकार पर विपक्ष की मांगों और जनभावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में देश किस दिशा में जा रहा है, यह गंभीर चिंता का विषय है। सरकार महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर न तो स्पष्ट प्रतिक्रिया देती है और न ही विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देती है। गहलोत ने कहा कि देशभर में जनता और युवाओं के बीच आक्रोश है तथा कांग्रेस का आंदोलन लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को सुनने के बजाय उसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के निकट किए गए धरने के समर्थन में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर प्रदर्शन किया। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन से पहले अशोक गहलोत ने पेपर लीक प्रकरण को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार की चुप्पी और संवाद से बचने की प्रवृत्ति के कारण ऐसी स्थिति बनी कि लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठना पड़ा। विपक्ष की मांगों पर ध्यान नहीं देने का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार विपक्षी दलों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती। संसद के भीतर और बाहर उठाए गए जनहित के मुद्दों पर भी सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। प्रदेश के युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर ‘युवा सुयोग’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में वार्ड और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। ‘युवा सुयोग’ के तहत क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल जैसे लोकप्रिय खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें भाग लेने के इच्छुक युवाओं को युवा सुयोग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीकरण कराना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं पर नीतियां थोपने के बजाय उनकी प्रतिभा, रुचि और खेल प्रदर्शन के आधार पर खेल नीतियां तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर उसे प्रदेश के विकास और सामर्थ्य से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। वार्ड और पंचायत स्तर से शुरू होंगी प्रतियोगिताएं कार्यक्रम के अनुसार शहरों में वार्ड स्तर और गांवों में पंचायत स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। स्थानीय स्तर पर विजेता रहने वाली टीमों को विधानसभा क्षेत्र स्तर पर खेलने का अवसर मिलेगा। इस व्यवस्था से छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने के लिए भी मंच उपलब्ध कराया जाएगा। युवाओं को मिलेगा सही अवसर और मंच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं की शक्ति को सामर्थ्य में बदलने के लिए ‘युवा सुयोग’ प्लेटफॉर्म सही अवसर और उचित मंच उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास होगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों और अवसरों के अभाव में अपनी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते। स्थानीय स्तर पर नियमित प्रतियोगिताओं के आयोजन से ऐसी प्रतिभाओं की पहचान संभव होगी। खेल प्रदर्शन के आधार पर तैयार होंगी नीतियां मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की आवश्यकताओं और खेलों में उनकी भागीदारी का अध्ययन करते हुए भविष्य की योजनाएं तैयार करेगी। प्रतियोगिताओं से प्राप्त आंकड़ों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण तथा आधारभूत ढांचे के विस्तार की दिशा तय की जाएगी। कार्यक्रम को युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करने और खेलों के माध्यम से उन्हें सक्रिय भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने की महत्त्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान सरकार प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनाव 15 अगस्त से 15 नवंबर के बीच कराने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय में शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में ओबीसी सर्वे, आरक्षण लॉटरी और चुनाव कार्यक्रम को लेकर प्रारंभिक सहमति बनी।बैठक में तैयार प्रस्ताव को रविवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समक्ष रखा जाएगा। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा। उच्चस्तरीय बैठक में हुआ मंथन पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर हुई बैठक में महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, राज्य निर्वाचन आयोग और ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन और पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई प्रक्रिया राजस्थान हाईकोर्ट ने चुनावों में लगातार हो रही देरी पर हाल में कड़ी नाराजगी जताई थी। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को अवमानना कार्रवाई की चेतावनी देते हुए ओबीसी सर्वे, आरक्षण लॉटरी और चुनाव कार्यक्रम की निश्चित तारीख बताने के निर्देश दिए थे। सोमवार की सुनवाई में राज्य सरकार को इन तीनों विषयों से संबंधित स्पष्ट और समयबद्ध जानकारी प्रस्तुत करनी है। इसी कारण शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर प्रस्तावित कार्यक्रम तैयार किया गया। 31 जुलाई तक ओबीसी सर्वे पूरा करने का प्रस्ताव सूत्रों के अनुसार, बैठक में ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग को 31 जुलाई तक सर्वे का काम पूरा करने के लिए कहा गया है।आयोग को पांच अगस्त तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने का प्रस्ताव है। रिपोर्ट में स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित आंकड़े शामिल होंगे। दस दिन में पूरी होगी आरक्षण लॉटरी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद पंचायती राज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग को दस दिन के भीतर आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस प्रक्रिया में एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षित वार्डों तथा पदों का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद पूरी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को उपलब्ध कराई जाएगी।90 दिन में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी आरक्षण संबंधी विवरण मिलने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग 15 अगस्त से चुनावी प्रक्रिया शुरू कर सकता है। प्रस्तावित रोडमैप के अनुसार, पंचायत और निकाय चुनाव 15 नवंबर तक पूरे कराने का लक्ष्य रखा गया है।इस प्रकार आयोग को अधिसूचना, नामांकन, मतदान, मतगणना और परिणाम सहित पूरी चुनाव प्रक्रिया के लिए करीब 90 दिन का समय मिलेगा।हालांकि, अंतिम कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद कोर्ट में जाएगी रिपोर्ट शनिवार की बैठक में तैयार प्रारूप को रविवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के बाद आवश्यक संशोधन कर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।राज्य सरकार सोमवार को हाईकोर्ट में बताएगी कि ओबीसी सर्वे कब पूरा होगा, आरक्षण लॉटरी कब निकाली जाएगी और चुनाव प्रक्रिया किस तारीख से शुरू की जाएगी। सीएम आवास पर भाजपा नेताओं की रणनीतिक बैठक पंचायत और निकाय चुनाव की प्रशासनिक तैयारियों के साथ भाजपा ने राजनीतिक स्तर पर भी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। शनिवार देर रात मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़, वित्त आयोग के अध्यक्ष और पूर्व भाजपा अध्यक्षअरुण चतुर्वेदी और पूर्व भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि बैठक में उम्मीदवार चयन, संगठनात्मक तैयारी, स्थानीय स्तर के समीकरण और चुनावी अभियान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। निर्वाचन आयुक्त की कोर्ट में पेशी पर भी चर्चा सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त की हाईकोर्ट में व्यक्तिगत पेशी को लेकर भी चर्चा हुई। कुछ अधिकारियों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि संवैधानिक पद पर होने के बावजूद उनकी पेशी पर सरकारी अधिवक्ताओं की ओर से पर्याप्त आपत्ति नहीं उठाई गई। हालांकि इस विषय पर राज्य सरकार या निर्वाचन आयोग की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। सोमवार की सुनवाई पर टिकी नजर अब सोमवार को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार की ओर से पेश रोडमैप को स्वीकार किया जाता है तो प्रदेश में लंबे समय से लंबित पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों का रास्ता साफ हो सकता है। अदालत, सरकार, निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग की ओर से प्रस्तुत समयसीमा की समीक्षा करने के बाद आगे के निर्देश जारी करेगी।
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उदयपुर न्यूज़: शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला के हाथ से सोने की दो चूड़ियां पार होने का मामला सामने आया है। घटना कांता मारवाह मार्ग, पुलिस लाइन क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़िता के भतीजे ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट देकर बाइक सवार बदमाशों पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार कांता मारवाह मार्ग पुलिस लाइन अजमेर निवासी जितेन्द्र नारवानी पुत्र चिमनदास नारवानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी चाची मीना नारवानी उम्र 75 वर्ष घर से पीछे वाली गली में गाय को रोटी खिलाने के लिए निकली थीं। गली में गाय नहीं मिलने पर वे मुख्य सड़क की ओर पुलिस लाइन चौराहे की तरफ जाने लगीं। इसी दौरान बाइक सवार 2 से 3 युवक उनके पीछे चलने लगे। आरोप है कि इनमें से एक युवक बाइक से उतरकर बुजुर्ग महिला के साथ-साथ चलने लगा और उनसे बातचीत करने की कोशिश करने लगा। कुछ देर बाद महिला को ऐसा महसूस हुआ कि उनकी आंखें बंद हो रही हैं और उन्हें ठीक से कुछ याद नहीं रहा। करीब पांच मिनट बाद जब महिला को होश आया तो उनके हाथों में पहनी सोने की दोनों चूड़ियां गायब थीं। इसी बीच बाइक सवार युवक मौके से फरार हो चुके थे। घटना से घबराई बुजुर्ग महिला घर लौटीं और परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजनों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बाइक सवार युवकों पर सोने की चूड़ियां चोरी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई कैलाश चंद को सौंपी है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्ध युवकों की पहचान करने में जुटी है। बुजुर्ग महिला के साथ हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में चिंता का माहौल है। परिजनों ने पुलिस से जल्द आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी और चोरी हुई ज्वेलरी बरामद करने की मांग की है।
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उदयपुर न्यूज़: अजमेर के बोर्ड ऑफिस की गली स्थित ओला शोरूम पर गुरुवार को ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी खराब होने के बाद सात महीने पहले सर्विस के लिए जमा कराई गई थी, लेकिन आज तक वाहन वापस नहीं मिला। उनका कहना है कि वे लगातार शोरूम के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने आरोप लगाया कि उसके स्कूटर का स्टार्ट बटन बार-बार खराब हो जाता है। शिकायत करने पर केवल बटन बदल दिया जाता है, लेकिन मूल समस्या बनी रहती है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इससे नाराज ग्राहकों ने शोरूम के बाहर प्रदर्शन कर प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: पीएम आवास के पास तीन घंटे चला कांग्रेस का धरना:दो दौर की बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, लाठीचार्ज का आरोप नई दिल्ली। पेपर लीक प्रकरण को लेकर प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार शाम हिरासत में ले लिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई नेताओं को पुलिस वाहनों में बैठाकर प्रदर्शन स्थल से हटाया गया। कांग्रेस नेता मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठे थे। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। धरना करीब तीन घंटे तक चला और शाम लगभग साढ़े छह बजे पुलिस ने नेताओं को वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की। राहुल गांधी हिरासत, प्रियंका गांधी हिरासत,प्रियंका गांधी से थाने में मिलने पहुंची सोनिया गांधी,और अखिलेश यादव दो बार हुई बातचीत, नहीं बनी सहमति धरने के दौरान सरकार की ओर से राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं से दो बार बातचीत की गई। सरकार ने प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की, लेकिन कांग्रेस नेता अपनी मांगों पर कायम रहे। कांग्रेस का कहना था कि पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इस मामले में केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। पार्टी ने राजनीतिक जवाबदेही तय करने तथा विद्यार्थियों की मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की। पुलिस को रोकने के लिए कार्यकर्ताओं ने बनाया घेरा बातचीत विफल होने के बाद 100 से अधिक पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। पुलिस जब राहुल गांधी को हिरासत में लेने के लिए आगे बढ़ी तो कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चारों ओर घेरा बना लिया और पुलिस को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब आधे घंटे तक धक्का-मुक्की होती रही। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। पुलिस की ओर से इस आरोप पर आधिकारिक स्थिति अलग से स्पष्ट की जानी बाकी है।कई पुलिसकर्मियों ने राहुल गांधी को उठाया राहुल गांधी ने धरना स्थल से स्वयं उठने से इनकार कर दिया। इसके बाद एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाकर पुलिस बस तक पहुंचाया। उनके साथ प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए नेताओं के समर्थकों ने केंद्र सरकार और पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी की। पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास और आसपास के संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और कहा कि पेपर लीक तथा विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर उसका आंदोलन जारी रहेगा।
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राष्ट्रीय न्यूज़: रायपुर: देशभर में प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन यानी E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से E20 पेट्रोल के कारण कार का इंजन पूरी तरह खराब होने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस संवेदनशील मामले पर ऐतिहासिक सुनवाई करते हुए उपभोक्ता अदालत (कंज्यूमर कोर्ट) ने कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत (ऑथराइज्ड) डीलर को सेवा में गंभीर लापरवाही का दोषी माना है। कोर्ट ने ग्राहक के पक्ष में कड़ा फैसला सुनाते हुए आदेश दिया है कि कंपनी या तो पीड़ित ग्राहक को नई कार दे, अन्यथा वाहन की पूरी कीमत करीब 20.5 लाख रुपए ब्याज और अन्य खर्चों समेत लौटाए। E20 ईंधन से वाहन खराब होने पर ग्राहक को इस तरह का भारी मुआवजा दिए जाने का यह देश का पहला और ऐतिहासिक मामला है। इंजन नहीं था E20 के अनुकूल, फिर भी ग्राहक को धोखे से बेची पुरानी कार मामले की सुनवाई के दौरान कंज्यूमर कोर्ट ने पाया कि बेची गई कार का इंजन E20 फ्यूल (20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) को झेलने के तकनीकी रूप से अनुकूल नहीं था, इसके बावजूद कंपनी और डीलर ने यह बात छिपाकर ग्राहक को गाड़ी बेच दी। इस मामले के पीड़ित डॉ. प्रेमराज देबता ने बताया कि उन्होंने जून 2024 में मारुति सुजुकी की प्रीमियम नेक्सा (NEXA) डीलरशिप से 'ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जेटा प्लस' (Grand Vitara Strong Hybrid Zeta Plus) कार खरीदी थी। कार खरीदते समय डीलर ने उन्हें भरोसा दिया था कि यह गाड़ी दिसंबर 2023 की मैन्युफैक्चरिंग (निर्मित) है। हालांकि, बाद में जब विवाद बढ़ा और उपभोक्ता आयोग के समक्ष रिकॉर्ड पेश हुए, तो एक और बड़ा धोखा सामने आया। रिकॉर्ड के अनुसार, वह कार वास्तव में जनवरी 2023 में मैन्युफैक्चर हुई थी, यानी डीलर ने ग्राहक को करीब डेढ़ साल पुराना स्टॉक धोखे से बेच दिया था। 5 महीने बाद अचानक बंद हुई हाइब्रिड कार, टैंक से निकला सफेद पदार्थ चूंकि डॉ. प्रेमराज देबता को अपने पेशे के सिलसिले में रोजाना करीब 150 से 200 किलोमीटर तक का लंबा सफर तय करना पड़ता था, इसीलिए उन्होंने बेहतर माइलेज के उद्देश्य से मारुति की महंगी स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ी का चयन किया था। शुरुआती 5 महीनों तक तो वाहन का परफॉर्मेंस ठीक रहा, लेकिन 11 नवंबर 2024 को अचानक सफर के दौरान कार के डैशबोर्ड पर 'इंजन मालफंक्शन' (Engine Malfunction) का रेड अलर्ट आ गया और चलती गाड़ी बीच सड़क पर ही पूरी तरह बंद हो गई। इसके बाद कार को टो करके डीलरशिप के वर्कशॉप ले जाया गया। डीलर ने लगाया मिलावटी पेट्रोल का आरोप, पेट्रोल पंप की जांच में ईंधन निकला सही वर्कशॉप में जब तकनीकी जांच की गई, तो डीलरशिप के मैकेनिक्स और अधिकारियों ने कार की खराबी का ठीकरा मिलावटी पेट्रोल पर फोड़ दिया। उन्होंने कार का फ्यूल टैंक खाली किया। टैंक से निकाले गए पेट्रोल की जब जांच की गई, तो उसके नीचे एक अलग ही तरह का गाढ़ा सफेद पदार्थ जमा हुआ मिला (जो कि असल में पेट्रोल में मिश्रित एथेनॉल के इंजन पार्ट्स से रिएक्शन के कारण अलग होने से बना था)। इसके बाद डॉ. देबता ने तुरंत संबंधित पेट्रोल पंप और कार कंपनी से लिखित शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, जब पेट्रोल पंप के ईंधन की आधिकारिक लैब जांच की गई, तो वहां का पेट्रोल पूरी तरह मानकों के अनुरूप और सही पाया गया। इसके बावजूद, वर्कशॉप से ठीक होकर आने के बाद भी डॉ. देबता की कार बार-बार तकनीकी खराबी के कारण बंद होती रही और उसका इंजन जवाब दे गया। 45 दिन का अल्टीमेटम: E20 कंपैटिबल नई कार दे कंपनी, वरना चुकाए पूरा हर्जाना परेशान होकर डॉ. प्रेमराज ने कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां तकनीकी विशेषज्ञों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि यह कार E20 ईंधन के अनुकूल नहीं थी और पुराना मॉडल होने के कारण एथेनॉल मिश्रण ने इसके इंजन को तबाह कर दिया। कंज्यूमर कोर्ट ने अपने सख्त आदेश में मारुति सुजुकी और डीलर को 45 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस समयावधि के भीतर ग्राहक को उसी मॉडल की बिल्कुल नई कार दी जाए, जो पूरी तरह E20 फ्यूल कंपैटिबल (अनुकूल) हो। यदि कंपनी 45 दिनों में नई कार देने में विफल रहती है, तो उसे अनिवार्य रूप से वाहन की पूरी ऑन-रोड कीमत (लगभग 20.5 लाख रुपए), अदालती कार्रवाई का खर्च और मानसिक प्रताड़ना का हर्जाना ग्राहक के बैंक खाते में ट्रांसफर करना होगा।
Read more 16th Jul 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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