राजस्थान न्यूज़: टोंक जिले के देवली उपखंड क्षेत्र की गांवड़ी पंचायत स्थित दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की करंट लगने से हुई मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। न्याय की मांग को लेकर सोमवार को देवली का बाजार स्वैच्छिक रूप से बंद रहा। अंबेडकर विचार मंच, ग्रामीणों, परिजनों, व्यापार महासंघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के आह्वान पर अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि मेडिकल और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े संस्थान खुले रहे। हालांकि दोपहर बाद धीरे-धीरे बाजार खुलने लगे। धनराज बैरवा की मौत के विरोध में उपखंड कार्यालय के बाहर शुरू हुआ धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष पांचूलाल मीणा, सरपंच संघ अध्यक्ष मुकेश मीणा, पूर्व विधायक कमल बैरवा, रामसिंह शक्तावत, राहुल बलसोरा, यादराम मीणा, सुरेंद्र बैरवा, गणेश लाल और सुरेश मीणा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों और परिजनों ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग प्रमुख है। परिजनों का कहना है कि धनराज विद्युत निगम के कार्यों में नियमित रूप से लगा हुआ था, इसलिए उसे विभागीय कर्मचारी के समान सुविधाएं और अधिकार मिलने चाहिए। दूसरी ओर निगम ने उसे अपना कर्मचारी मानने से इनकार किया है। धरना स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात पुलिस भी सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में जुटी हुई है। नरेश मीणा भी पहुंचे धरना स्थल आंदोलन को समर्थन देने के लिए भगत सिंह सेना के सुप्रीमो Naresh Meena भी अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद आंदोलन को और बल मिला तथा नारेबाजी तेज हो गई। नरेश मीणा ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की विफलता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि धनराज की मृत्यु से परिवार को जो क्षति हुई है उसकी भरपाई संभव नहीं, लेकिन समाज को परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए ताकि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। धरना स्थल को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि परिजनों की सहमति के बिना जबरन अंतिम संस्कार कराने का प्रयास किया गया तो व्यापक जनआक्रोश देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल देवली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है। उन्होंने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार की मांगों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार तक तत्काल पहुंचाने की मांग की। साथ ही कहा कि केवल मुआवजा देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि 2 जून को रघुनाथपुरा गांव में विद्युत पोल पर कार्य करते समय धनराज बैरवा 11 हजार वोल्ट की बिजली की चपेट में आ गए थे। हादसे में उनके दोनों हाथ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे और उपचार के दौरान उन्हें काटना पड़ा। लंबे इलाज के बाद रविवार सुबह जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद से क्षेत्र में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है।
Read more 15th Jun 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में संचालित स्पा सेंटरों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 11 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं। यह कार्रवाई जयपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना और नियमों के उल्लंघन के आरोप में की गई। पुलिस का कहना है कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस कमिश्नरेट जयपुर की ओर से अवैध रूप से संचालित स्पा सेंटरों तथा उनकी आड़ में होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने जवाहर सर्किल क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाया। कार्रवाई से पहले क्षेत्र में संचालित करीब 37 स्पा सेंटर संचालकों को गाइडलाइन की जानकारी देते हुए नियमों का पालन करने के लिए चेतावनी भी दी गई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार 11 जून 2026 को महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में विभिन्न स्पा सेंटरों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान चार स्पा सेंटरों में निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 23 लोगों को हिरासत में लेकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि स्पा सेंटरों की नियमित निगरानी और जांच आगे भी जारी रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले भी इसी प्रकार के विशेष अभियान चलाए गए थे, जिनमें अब तक कुल 78 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जयपुर पुलिस का उद्देश्य स्पा सेंटरों के संचालन में पारदर्शिता और वैधानिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इसके लिए पुलिस लगातार निरीक्षण और सत्यापन अभियान चला रही है।
Read more 13th Jun 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में आगामी मानसून को देखते हुए राज्य सरकार ने बाढ़, अतिवृष्टि, जलभराव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सभी विभागों को समन्वित कार्ययोजना के साथ तैयार रहने के निर्देश देते हुए कहा कि जनसुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि संभावित आपदाओं की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए अभी से सभी संसाधनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए। शासन सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर बाढ़ और जलभराव संभावित क्षेत्रों की पुनः पहचान कर वहां आवश्यक संसाधनों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी, समय पर चेतावनी, त्वरित प्रतिक्रिया और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सबसे महत्वपूर्ण तत्व हैं। इसी के तहत 15 जून से राज्य और जिला स्तर पर स्थापित सभी आपदा नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। बैठक में मौसम संबंधी चेतावनियों और सूचनाओं के त्वरित प्रसार पर भी विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की वेधशालाओं से प्राप्त मौसम पूर्वानुमानों और अलर्ट को सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, एसएमएस और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों से आमजन तक तत्काल पहुंचाया जाए। अधिकारियों को ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड कर मौसम संबंधी चेतावनियों से लगातार अपडेट रहने के निर्देश भी दिए गए। किरोड़ी लाल मीणा ने जल संसाधन विभाग को सभी बांधों, जलाशयों और एनीकटों की तकनीकी जांच, मरम्मत और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के लिए प्रभावी अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने तथा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में जोखिम मूल्यांकन और सुरक्षित निकासी की तैयारी रखने के निर्देश दिए। नगरीय विकास विभाग, स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं को नालों की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त करने और जलभराव वाले क्षेत्रों में पम्पसेट, जनरेटर और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध रखने को कहा गया। राज्य सरकार ने बाढ़ प्रबंधन के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाने का निर्णय लिया है, जिसमें बाढ़ पूर्व तैयारी, बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्य तथा बाढ़ के बाद पुनर्वास और पुनर्स्थापन की कार्ययोजना शामिल होगी। जिला कलेक्टरों को राहत शिविरों, निकासी मार्गों, सुरक्षित आश्रय स्थलों और खोज एवं बचाव दलों की तैयारियों की समीक्षा करने तथा मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, वायुसेना, पुलिस, सिविल डिफेंस और होमगार्ड को भी हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए। विशेष बचाव दलों की तैनाती, नौकाओं, लाइफ जैकेट, रस्सियों और अन्य राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। चिकित्सा विभाग को 24×7 नियंत्रण कक्ष संचालित करने, पर्याप्त दवाइयों का भंडारण रखने और मोबाइल मेडिकल टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पेयजल, बिजली, सड़क, खाद्यान्न आपूर्ति और पशुपालन से जुड़े विभागों को भी आपातकालीन कार्ययोजनाएं तैयार रखने के लिए कहा गया है। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि पूर्व तैयारी और समयबद्ध चेतावनी के जरिए जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें
Read more 13th Jun 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में उनका सम्मान किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा "नेशन फर्स्ट" की भावना के साथ कार्य किया है और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को केवल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ही नहीं करनी है, बल्कि कई क्षेत्रों में दुनिया से एक कदम आगे निकलना है। उन्होंने ग्रीन एनर्जी, न्यूक्लियर एनर्जी, डेटा सेंटर, विनिर्माण और तकनीकी नवाचार को भविष्य के विकास का आधार बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत मेड इन इंडिया विमान और अन्य उन्नत तकनीकी उत्पादों के निर्माण में भी नई उपलब्धियां हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जनता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पर विश्वास जताया था और पिछले 12 वर्षों में उस विश्वास को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक नीतियों के परिणामस्वरूप करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। प्रधानमंत्री ने देश में बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में हवाई अड्डों, एक्सप्रेस-वे और मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। NDA सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और योगदान की सराहना करते हुए अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह प्रस्ताव एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रस्तुत किया, जबकि नेफियू रियो ने इसका समर्थन किया। बैठक में भाजपा और NDA शासित 22 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों के नेताओं के साथ अनौपचारिक संवाद भी हुआ। इससे पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी उनके 12 वर्षों के कार्यकाल पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने तालियां बजाकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व और योगदान की सराहना की।
Read more 11th Jun 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समावेशी मानव विकास की रणनीति तैयार करना और उसे प्रभावी रूप से लागू करने पर विचार-विमर्श करना रहा। इस वर्ष बैठक की थीम "विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास" रखी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग, क्षेत्र, आयु समूह और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि तक पहुंचे। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और डिजिटल गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में राज्यों और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही राज्यों के विकास दृष्टिकोण को राष्ट्रीय विकास दृष्टि के साथ जोड़ने की रणनीतियों पर भी विचार किया गया। नीति आयोग की इस बैठक में मानव संसाधन विकास को विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने, रोजगार सृजन बढ़ाने, महिलाओं की भागीदारी मजबूत करने तथा सामाजिक एवं क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की प्रमुख सिफारिशों की भी समीक्षा की गई। इन सिफारिशों को राज्यों में प्रभावी रूप से लागू करने तथा प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने के उपायों पर भी मंथन किया गया। केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, देश को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में स्थापित करना है। इसके लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ मानव पूंजी, सामाजिक न्याय, नवाचार, डिजिटल सशक्तिकरण और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सुधार लाना और विकास के अवसरों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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