राजस्थान न्यूज़: जयपुर। ई-रिक्शा में सफर कर रहे एक ज्वेलरी कारोबारी से करीब दो करोड़ रुपये कीमत के हीरे-जवाहरात चोरी करने के आरोप में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। माणक चौक थाना पुलिस ने गुजरात की रहने वाली आरोपी महिला से चोरी का माल बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक महिला ने कारोबारी की रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया था। 15 अक्टूबर को दिनदहाड़े हुई थी वारदात पुलिस उपायुक्त (उत्तर) करण शर्मा के मुताबिक एक ज्वेलरी कारोबारी ने 15 अक्टूबर को माणक चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वे अलग-अलग व्यापारियों को ज्वेलरी के सैंपल दिखाने और माल की खरीद-फरोख्त के सिलसिले में आते-जाते रहते हैं। 15 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे वे ई-रिक्शा से सांगानेरी गेट की ओर जा रहे थे और उनके पास ज्वेलरी के 13 पैकेट थे, जिनमें अलग-अलग व्यापारियों के पन्ना, माणक और हीरे रखे थे। रास्ते में ये पैकेट चोरी हो गए। क्या-क्या चोरी हुआ माणक चौक थानाधिकारी राकेश ख्यालिया के मुताबिक चोरी गए माल में 11.52 कैरेट के दो पन्ने और 144.60 कैरेट के चार पन्ने शामिल थे, जबकि 11 अन्य पैकेटों में 942.52 कैरेट के पन्ने रखे हुए थे। इस तरह दो पैकेटों में नामजद पन्ने और बाकी 11 पैकेटों में अलग माल था, जो कुल 13 पैकेट बैठता है। वजन ब्योरा 11.52 कैरेट दो पन्ने 144.60 कैरेट चार पन्ने 942.52 कैरेट 11 अन्य पैकेटों में कुल 1,098.64 कैरेट, 13 पैकेट; कीमत करीब 2 करोड़ रुपये पुलिस की ओर से बताए गए वजन को जोड़ें तो यह कुल 1,098.64 कैरेट बैठता है। बताई गई दो करोड़ रुपये की कीमत के हिसाब से यह करीब 18,204 रुपये प्रति कैरेट होता है। 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी जांच और मुखबिर की मदद से ई-रिक्शा में परिवादी के साथ सफर कर रही एक संदिग्ध महिला की पहचान हुई। इसके बाद फुटेज के जरिए यह पुष्टि की गई कि वह ई-रिक्शा से कहां उतरी थी।जांच में सामने आया कि वारदात के बाद महिला मुख्य बाजार की गलियों से होकर निकली और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए बार-बार ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा बदलती रही। मुखबिर से ठिकाने की जानकारी मिलने पर टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाजार में घूमकर चुनती थी निशाना पुलिस के अनुसार महिला मुख्य बाजार में घूमकर वारदात के लिए किसी व्यापारी की पहचान करती थी, फिर उसके पीछे लगकर उसी वाहन में सफर करती और मौका मिलते ही उसके पास रखा कीमती सामान लेकर निकल जाती थी। वारदात के बाद वह लगातार वाहन बदलते हुए अपने ठिकाने पर पहुंच जाती थी। पुलिस अब पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि उसने इससे पहले इस तरह की और वारदातें की हैं या नहीं।
Read more 19th Oct 2026
राजस्थान न्यूज़: सिरोही। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत सिरोही पुलिस ने एक ऑयल टैंकर में छिपाकर ले जाई जा रही डोडा पोस्त की बड़ी खेप पकड़ी है। टैंकर से 147 प्लास्टिक के कट्टों में भरा 2,947 किलो 100 ग्राम डोडा पोस्त जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 4.42 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जब्त माल को कट्टों में बांटें तो हर कट्टे में औसतन करीब 20.05 किलो डोडा पोस्त भरा था, और बताई गई कीमत के हिसाब से यह करीब 15,000 रुपये प्रति किलो बैठता है। मद ब्योरा जब्त डोडा पोस्त 2,947 किलो 100 ग्राम कट्टे 147 प्लास्टिक के कट्टे अनुमानित कीमत करीब 4.42 करोड़ रुपये वाहन ऑयल टैंकर आरजे-27-जीसी-7743 कहां से कहां मध्य प्रदेश के मंदसौर से जोधपुर की ओर गिरफ्तार शुभम चौहान (26), निवासी प्रतापनगर, जोधपुर नाकाबंदी से भागा टैंकर, पीछा कर घेरा पुलिस के मुताबिक शनिवार को पिंडवाड़ा थानाधिकारी चैल सिंह ने जाब्ते सहित नेशनल हाईवे 62 पर वीरवाड़ा कट पर नाकाबंदी की थी। इसी दौरान टैंकर आरजे-27-जीसी-7743 आया, जिसे रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने टैंकर रोकने के बजाय उसे और तेज गति से नया सानवाड़ा की ओर भगा दिया। इस पर कांस्टेबल अभय सिंह और लोकेश कुमार ने टैंकर का पीछा किया। थानाधिकारी चैल सिंह भी जाब्ते सहित पीछे लगे और नया सानवाड़ा के पास हाईवे पर टैंकर को घेरकर रुकवा लिया। तलाशी में टैंकर के भीतर 147 कट्टे भरे मिले, जिनका मौके पर वजन कराया गया। जोधपुर का युवक गिरफ्तार, एनडीपीएस में मुकदमा पुलिस ने टैंकर जब्त कर आरोपी शुभम चौहान पुत्र कैलाश चौहान (26) निवासी प्रतापनगर, थाना प्रतापनगर सदर, जिला जोधपुर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार यह खेप मध्य प्रदेश के मंदसौर से भरकर जोधपुर की ओर ले जाई जा रही थी। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जारी है।कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. अजेय सिंह राठौड़ के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार और पिंडवाड़ा वृत्ताधिकारी राहुल कुमार ने इसका सुपरविजन किया। राठौड़ ने 3 अक्टूबर को हुए आईपीएस तबादलों के बाद सिरोही पुलिस अधीक्षक का पद संभाला था। पहले भी हो चुकी है त्रिनेत्र के तहत कार्रवाई ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत प्रदेश में पहले भी कार्रवाई होती रही है। इसी अभियान के तहत अप्रैल में प्रतापगढ़ पुलिस ने एक ड्रग तस्कर की 2.78 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की थी।
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राजस्थान न्यूज़: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सोमवार सुबह नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीनाथजी की ग्वाल झांकी के दर्शन किए। उन्होंने विधिवत दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सर्वांगीण विकास के साथ प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। दर्शन के दौरान दिया कुमारी ने तिलकायत पुत्र गोस्वामी विशाल बावा से फोन पर बात कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद मंदिर की परंपरा के अनुसार उनका स्वागत और अभिनंदन किया गया। महाप्रभुजी की बैठक में मंदिर अधिकारी सुधाकर उपाध्याय ने उपमुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मंदिर परंपरा के अनुरूप उन्हें रजाई और उपरणा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया और श्रीजी प्रभु का प्रसाद भेंट किया गया। इस दौरान श्रीनाथजी मंदिर मंडल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र कुमार पांडे, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, कैलाश पालीवाल, विठ्ठल सनाढ्य और नितिन पानेरी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्यजन मौजूद रहे।
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उदयपुर न्यूज़: उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल के तत्वावधान में आयोजित 'ऑन द स्पॉट' ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन की सचिव श्रीमती ज्योति ऊषाहरा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के पश्चात निबंध प्रतियोगिता में 9 तथा ड्राइंग प्रतियोगिता में 9, यानी कुल 18 प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों और बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।
Read more 28th Sep 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध से जुड़े ‘ग्राहम कानून’ के तहत लगने वाले प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों से छूट देने का कार्यकारी आदेश जारी किया है। आदेश 16 अक्टूबर का है और इसके ठीक दो दिन बाद, 18 अक्टूबर से, ये शुल्क लागू होने थे। रूसी कच्चा तेल खरीदने वाले देशों में भारत भी शामिल है, इसलिए इस फैसले को भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। ट्रंप ने आदेश में लिखा है कि वे ग्राहम कानून में दिए गए प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों के लागू होने से छूट दे रहे हैं, और इस समय ऐसी छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। उन्होंने इस आशय का प्रमाणपत्र और उसका आधार बताने वाली रिपोर्ट अमेरिकी संसद को सौंपी है। एक ही आदेश में शुल्क भी तय, छूट भी आदेश की बनावट खुद में दिलचस्प है। इसकी धारा 2 में शुल्क की दरें तय की गई हैं और धारा 4 में उन्हीं शुल्कों पर छूट दे दी गई है। यानी कागज पर शुल्क मौजूद हैं, पर फिलहाल वसूले नहीं जाएंगे। आदेश में तय शुल्क, जो फिलहाल लागू नहीं होंगे किस पर कितना शुल्क रूस से आने वाले सामान पर 500% अतिरिक्त रूसी कच्चे तेल और गैस के पांच सबसे बड़े खरीदार देशों के सामान पर 100% अतिरिक्त रूसी तेल प्रतिबंधों से बचाव में मदद करने वाले पांच शीर्ष देशों के सामान पर 100% अतिरिक्त छूट की कोई तय अवधि नहीं है। आदेश की धारा 4(घ) के मुताबिक यह छूट तब तक लागू रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री— वित्त मंत्री और व्यापार प्रतिनिधि से परामर्श कर— यह तय न कर लें कि आगे कार्रवाई उचित है। यानी शुल्क खत्म नहीं हुए, टाले गए हैं। निगरानी जारी रहेगी आदेश की धारा 3 के तहत अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को विदेश, वित्त और ऊर्जा मंत्रियों के साथ मिलकर इस बात पर नजर रखनी है कि कौन से देश रूसी मूल का कच्चा तेल और गैस खरीद रहे हैं और कौन प्रतिबंधों से बचाव में मदद कर रहे हैं। उन्हें राष्ट्रपति को नियमित रिपोर्ट देनी है और ऐसी किसी भी स्थिति की तुरंत जानकारी देनी है, जिससे आगे कार्रवाई की जरूरत लग सकती हो— इसमें छूट पर पुनर्विचार भी शामिल है। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि रूस को लेकर पहले से लागू आपातकाल संबंधी कार्यकारी आदेशों के तहत जो प्रतिबंध हैं, उन पर इस छूट का कोई असर नहीं पड़ेगा।
Read more 17th Oct 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में विपक्षी नेताओं के जुटने के मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कोई भी अदालत को डरा-धमकाकर दबाव में नहीं ला सकता और ऐसी कोशिशों पर कोई ध्यान नहीं देता। अदालत ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत 16 नेताओं को नोटिस जारी किया। साथ ही एसआईआर और चुनाव आयोग के फैसलों के खिलाफ इन्हीं नेताओं की याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा। एक नजर में कब — गुरुवार, सुप्रीम कोर्ट पीठ — मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत नोटिस — राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत 16 नेता एसआईआर याचिका — केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब तलब सीसीटीवी — सभी कानूनी एजेंसियों को फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश ‘हम किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं जी रहे’ “कोई भी कोर्ट को डरा-धमकाकर दबाव में नहीं ला सकता। ऐसी कोशिशें बेकार हैं, इन पर कोई ध्यान नहीं देता। हमें पता है कि कोर्ट के बाहर क्या कहा जा रहा है और कोर्ट के अंदर क्या। हम किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं जी रहे हैं।” सूर्यकांत, मुख्य न्यायाधीश मुख्य न्यायाधीश ने किसी का नाम लिए बिना यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर अदालत सवाल करेगी और उसे सफाई देनी होगी। चार वकीलों की याचिका पर नोटिस 12 अक्टूबर के घटनाक्रम के बाद चार वकीलों ने याचिका दाखिल की है। इसमें अदालत परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन रोकने के नियम बनाने, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और नेताओं की मंशा की जांच की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रदर्शन बुलाने वाला व्यक्ति उसके दूसरों पर पड़ने वाले परिणामों की जिम्मेदारी भी ले। मुख्य न्यायाधीश ने इस याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ताओं के वकील गौरव भाटिया ने अंतरिम आदेश की मांग करते हुए कहा कि राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के समय की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराई जाए। याचिका में आरोप है कि उस दौरान एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया गया। अदालत ने अभी इस पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। इस पर न्यायमूर्ति बागची ने सभी कानूनी एजेंसियों को सीसीटीवी और दूसरी डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए, और कहा कि इन्हें कोई भी आकर जमा करा सकता है। केरल कांग्रेस की पोस्ट पर अवमानना की मांग सुनवाई के दौरान केरल कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट को अदालत की अवमानना बताते हुए कार्रवाई की मांग भी रखी गई। याचिका के मुताबिक यह पोस्ट मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ थी। यह पोस्ट अब हटाई जा चुकी है।मामला यहां तक कैसे पहुंचा तारीख क्या हुआ 10 अक्टूबर खड़गे और राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर 12 अक्टूबर को शाम 4 से 5 बजे के बीच ज्ञापन सौंपने का समय मांगा 11 अक्टूबर मुख्य न्यायाधीश ने पत्र लिखकर मिलने से इनकार किया — ज्ञापन के विषय पहले से अदालत में विचाराधीन हैं 12 अक्टूबर बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष का मार्च; राहुल, प्रियंका और खड़गे समेत सांसद शाम को परिसर के भीतर पहुंचे; उसी दिन 10 दलों के 11 नेताओं की एसआईआर याचिका दाखिल 13 अक्टूबर रजिस्ट्री ने एसआईआर याचिका में करीब 14 प्रक्रियागत खामियां गिनाईं 15 अक्टूबर सुनवाई — 16 नेताओं को नोटिस, केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब तलब ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयोग के अलावा छात्रों की गिरफ्तारी, मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और ट्रेनें रद्द होने जैसे मुद्दे भी थे। रजिस्ट्री की 14 आपत्तियां प्रक्रियागत थीं — अदालत का आदेश या याचिका पर राय नहीं — और सुनवाई से पहले उन्हें दूर किया जाना था।
Read more 15th Oct 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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