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Ajmer Breaking News: अजमेर में तेज बारिश बनी चोरों की ढाल, परिवार के बाहर जाते ही सूने मकान में लाखों की चोरी, जेवरात और 50 हजार की नकदी चोरी कर हुए फ़रार  |  Ajmer Breaking News: अजमेर में नाली निर्माण को लेकर बवाल, रिटायर्ड हेड कांस्टेबल से कथित मारपीट का मामला सीसीटीवी में कैद |  Ajmer Breaking News: किशनगढ़-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नोहरिया बालाजी क्षेत्र में गुरुवार को एक चलते कंटेनर में अचानक भीषण आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। |  Ajmer Breaking News: डोर टू डोर कचरा संग्रहण का कार्य फिर से हुआ ठप, जगह-जगह गंदगी के लगे अंबार, 7 महीने में चौथी बार हड़ताल पर उतरे सफाई कर्मी |  Ajmer Breaking News: जवाहर लाल नेहरू अस्प्ताल के कम्प्यूटर ऑपरेटर को पिछले तीन महीने से सेलरी ओर 8 महीने का पीएफ नही मिलने से अक्रोश, |  Ajmer Breaking News: तिलोरा में कुई खुदाई बनी जानलेवा, मिट्टी ढहने से मजदूर की मौत |  Ajmer Breaking News: अजमेर RTO को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलने से मचा हड़कंप |  Ajmer Breaking News: चर्चित देवकरण जाजड़ा हत्या प्रकरण की जांच में पुलिस लगातार साक्ष्य जुटाने में जुटी हुई है। |  Ajmer Breaking News: ट्रेनों के अंदर बैग चोरी करने वाले चोर को जीआरपी थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार, |  Ajmer Breaking News: महिला सुरक्षा व अपराध नियंत्रण को लेकर जीआरपी ने आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम  | 

राजस्थान

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान कांग्रेस संगठन में जल्द बदलाव की सुगबुगाहट, कई प्रदेश पदाधिकारियों की जगह युवा चेहरों को मिल सकता है मौका

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान कांग्रेस संगठन में जल्द बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की प्रदेश संगठन पदाधिकारियों की टीम में आने वाले दिनों में फेरबदल होने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि संगठन में सक्रियता, दोहरी जिम्मेदारियों और आगामी चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश पदाधिकारियों की नई टीम तैयार की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस प्रदेश पदाधिकारी रहते हुए जिलाध्यक्ष या संगठन में अन्य पदों पर नियुक्त हो चुके करीब एक दर्जन नेताओं को वर्तमान प्रदेश पदाधिकारी पद से मुक्त किया जा सकता है। इसके अलावा तीन से चार निष्क्रिय प्रदेश पदाधिकारियों की जगह नए और युवा नेताओं को मौका दिए जाने की चर्चा है। संगठनात्मक बदलाव में मौजूदा दो प्रदेश उपाध्यक्षों और आधा दर्जन से अधिक प्रदेश सचिवों को पद से मुक्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस राष्ट्रीय संगठन नेतृत्व राजस्थान में पार्टी को आगामी नगर निकाय और पंचायत राज चुनावों से पहले अधिक सक्रिय और संतुलित रूप देना चाहता है। सूत्रों के मुताबिक, बदलाव में ऐसे नेताओं को प्राथमिकता दी जा सकती है, जो संगठनात्मक रूप से सक्रिय हों और क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की क्षमता रखते हों। युवा चेहरों, सामाजिक संतुलन और चुनावी उपयोगिता को भी नई नियुक्तियों में महत्व दिए जाने की संभावना है। इधर, एआईसीसी के उच्च स्तर पर यह भी संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को फिलहाल उनके पद पर यथावत रखा जा सकता है। आगामी नगर निकाय और पंचायत राज चुनावों तक डोटासरा के नेतृत्व में ही प्रदेश संगठन को आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। राजस्थान में आने वाले समय में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी संगठन में बदलाव को चुनावी तैयारी और जमीनी सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, संगठनात्मक बदलाव को लेकर अभी तक कांग्रेस की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अब सभी की नजर कांग्रेस राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन की आगामी सूची पर टिकी है। नई नियुक्तियों के बाद यह स्पष्ट होगा कि पार्टी किस क्षेत्र, वर्ग और नेतृत्व समूह को संगठन में अधिक महत्व देती है।

Read more 9th Jul 2026

राजस्थान न्यूज़: करौली में पांचना बांध विवाद से जुड़ा गतिरोध खत्म, संघर्ष समिति ने किया धरना और चक्का जाम समाप्त

राजस्थान न्यूज़: करौली। जिले में पिछले कुछ दिनों से पांचना बांध के मुद्दे और सामाजिक तनाव को लेकर बना गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। पांचना बांध संघर्ष समिति ने सरकार और जिला प्रशासन के सकारात्मक रुख तथा त्वरित कार्रवाई के बाद अपने आंदोलन, गुड़ला में चल रहे धरने और चक्काजाम को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा कर दी है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए आंदोलन में एकजुटता दिखाने और सहयोग करने वाले क्षेत्रवासियों व समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया। धरना समाप्त होने की घोषणा के बाद फिलहाल करौली जिले में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और सभी मार्गों पर आवागमन सुचारू कर दिया गया है। सरकार और प्रशासन के सामने रखी थीं मांगें संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई ने बताया कि समिति ने क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अभद्र, अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग प्रमुख थी। समिति का कहना था कि ऐसे मामलों में तुरंत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए, ताकि भविष्य में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास न हो। इसके अलावा खंडीप, कुसाय सहित विभिन्न स्थानों पर अवरुद्ध मार्गों को तुरंत खुलवाने की मांग भी रखी गई थी। संघर्ष समिति ने इन मांगों को लेकर सरकार और जिला प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद समाप्त हुआ आंदोलन समिति के अनुसार, प्रशासन और पुलिस ने तय समय सीमा के भीतर संवेदनशील स्थानों पर लगे जाम हटवाए और यातायात व्यवस्था को बहाल कराया। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वैमनस्य फैलाने और अमर्यादित टिप्पणियां करने के आरोपों से जुड़े मामलों में पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं। प्रशासन ने संघर्ष समिति को आश्वस्त किया है कि चिन्हित आरोपियों के खिलाफ विधि अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी आश्वासन और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद संघर्ष समिति ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। इंटरनेट सेवाएं जल्द बहाल होने की उम्मीद पांचना बांध विवाद और संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करौली जिले के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी थीं। प्रशासन का उद्देश्य अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकना था। अब धरना और चक्काजाम समाप्त होने तथा स्थिति सामान्य होने के बाद माना जा रहा है कि प्रशासन जल्द ही इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने पर निर्णय ले सकता है। इंटरनेट बंद होने से आमजन, विद्यार्थियों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

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राजस्थान न्यूज़: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्व अर्जन विभागों की समीक्षा की, लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के निर्देश

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्व अर्जन से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्यों, कर संग्रहण की स्थिति और कर चोरी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और राजस्व संग्रहण में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए। बैठक में कर चोरी रोकने के लिए प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई, तकनीक आधारित निगरानी और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, राजस्व रिसाव रोकने और लक्ष्य आधारित कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने के निर्देश दिए। बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व अर्जन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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उदयपुर

उदयपुर न्यूज़: अजमेर के बोर्ड ऑफिस की गली स्थित ओला शोरूम पर गुरुवार को ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की।

उदयपुर न्यूज़: अजमेर के बोर्ड ऑफिस की गली स्थित ओला शोरूम पर गुरुवार को ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी खराब होने के बाद सात महीने पहले सर्विस के लिए जमा कराई गई थी, लेकिन आज तक वाहन वापस नहीं मिला। उनका कहना है कि वे लगातार शोरूम के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने आरोप लगाया कि उसके स्कूटर का स्टार्ट बटन बार-बार खराब हो जाता है। शिकायत करने पर केवल बटन बदल दिया जाता है, लेकिन मूल समस्या बनी रहती है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इससे नाराज ग्राहकों ने शोरूम के बाहर प्रदर्शन कर प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

Read more 2nd Jul 2026

अजमेर

अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु

Read more 31st Aug 2022

अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन

Read more 31st Aug 2022

अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार

Read more 31st Aug 2022

राष्ट्रीय - अंतर्राष्ट्रीय

राष्ट्रीय न्यूज़: NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर 20वें दिन भी प्रदर्शन जारी, टेंट लगाने की अनुमति मांगते हुए CJP संस्थापक ने पुलिस से लगाई गुहार

राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बारिश के बीच भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए टेंट लगाने की अनुमति मांगते हुए पुलिस अधिकारियों से हाथ जोड़कर और उनके पैर पकड़कर गुहार लगाई। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि लगातार बारिश के कारण भूख हड़ताल पर बैठे छात्र भीग रहे हैं। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारी केवल इतना चाहते हैं कि छात्रों को बारिश से बचाने के लिए अस्थायी टेंट लगाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने दावा किया कि इसी मांग को लेकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बार-बार अनुरोध किया। दीपके ने एक अन्य वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि तिरपाल लेकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बदसलूकी की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला प्रदर्शनकारियों को पुरुष पुलिसकर्मियों ने धक्का दिया। हालांकि, इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांग केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। संगठन का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों की नैतिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन में पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं। वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर बैठे हैं। बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों के अनुसार लगातार 11 दिनों की भूख हड़ताल के दौरान उनका वजन सात किलोग्राम से अधिक घटकर 59.4 किलोग्राम रह गया है। इसके बावजूद उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है। इधर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य और पूर्व जेएनयू छात्र नेता ऋषिकेश की भी भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में दर्द और हाथ-पैर सुन्न होने की शिकायत के बाद राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय सलाह के बाद उन्होंने अपनी 11 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी, जबकि संगठन के चार अन्य छात्र अब भी अनशन पर बैठे हुए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत इस वर्ष मई में हुई थी। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के अनुसार, इसकी प्रेरणा भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी से मिली थी, जिसमें कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" से किए जाने की चर्चा सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से हुई। इसी के बाद 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से CJP की शुरुआत की और पार्टी के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाए। इसके बाद 22 मई को संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन अभियान शुरू किया, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला। CJP का दावा है कि इस अभियान को आठ लाख से अधिक लोगों ने समर्थन दिया। सोशल मीडिया पर भी CJP ने कम समय में बड़ी पहचान बनाई। संगठन के अनुसार, 10 जून तक इंस्टाग्राम पर उसके 2.27 करोड़ फॉलोअर्स हो गए थे। वर्तमान में यह संख्या लगभग दो लाख कम हुई है, लेकिन फिर भी संगठन का दावा है कि उसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के आधिकारिक खातों से अधिक हैं। वहीं, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर CJP के करीब 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं। जंतर-मंतर पर जारी यह प्रदर्शन अब केवल NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Read more 9th Jul 2026

राष्ट्रीय न्यूज़: मानसून सत्र से पहले मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा तेज, नए युवा चेहरों को मिल सकता है मौका

राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। भाजपा के राष्ट्रीय राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर सुगबुगाहट बढ़ी है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक सरकार या भाजपा नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। ऐसे में राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि सत्र से पहले यदि मंत्रिमंडल में बदलाव होता है, तो सरकार नए सिरे से राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन साधने का प्रयास कर सकती है। पहले यह संकेत मिल रहे थे कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव मानसून सत्र के बाद 15 अगस्त तक भी संभव नहीं है। लेकिन बीते दिनों राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बातचीत के दौरान फिर से यह चर्चा सामने आई कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद सत्र से पहले ही मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकते हैं। चर्चा इस बात की भी है कि संभावित फेरबदल में नए और युवा चेहरों को अवसर दिया जा सकता है। मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों के बीच 2021 का उदाहरण भी राजनीतिक गलियारों में याद किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में 7 जुलाई 2021 को बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल किया था। उस समय 43 मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिनमें 36 नए चेहरे शामिल थे और कई प्रमुख मंत्रियों को पद से हटाया गया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2021 की तरह यदि इस बार भी सत्र से पहले फेरबदल होता है, तो इसका उद्देश्य शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा लाना, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधना तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाना हो सकता है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 जुलाई तक विदेश यात्रा कार्यक्रम और 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद सत्र को देखते हुए फेरबदल की समयसीमा को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि यदि फेरबदल होना है, तो संसद सत्र से पहले सीमित समय में फैसला लिया जा सकता है। वहीं कुछ का मानना है कि सत्र के बाद भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस बार संभावित बदलाव को लेकर भाजपा के भीतर युवा नेतृत्व, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सहयोगी दलों की भूमिका पर भी चर्चा है। एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में राजनीतिक समीकरण पहले की तुलना में अधिक व्यापक हैं, इसलिए किसी भी बदलाव में सहयोगी दलों और राज्यों के प्रतिनिधित्व को भी महत्व दिया जा सकता है। फिलहाल मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर केवल राजनीतिक चर्चा और संकेत सामने आ रहे हैं। अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर ही होगा। आधिकारिक घोषणा होने तक इसे संभावित राजनीतिक गतिविधि के रूप में ही देखा जा रहा है।

Read more 9th Jul 2026

क़लमकार

क़लमकार न्यूज़: ये जीवन और कुछ नहीं  बस खेल है छुपन – छुपाई का

क़लमकार: खोजते खोजते अचानक से खुद को पा लेना 

Read more 5th Mar 2022

क़लमकार न्यूज़: तानाशाह एक डरपोक आदमी

क़लमकार: तानाशाह को डर पैदा होता है कि गधे भी मेरे खिलाफ़ साजिश कर रहे हैं

Read more 4th Mar 2022

#Being Positive

#Being Positive: Horizon Hind Live| #Ajmer| वार्ड 58 वार्ड परेड - चंद्रशेखर शर्मा ( मोनी) भाजपा

#Being Positive: Horizon Hind Live| #Ajmer| वार्ड 58 वार्ड परेड - चंद्रशेखर शर्मा ( मोनी) भाजपा

Read more 26th Jan 2021

#Being Positive: Horizon Hind Live| #Ajmerदावेदार मैदान में  (बृजेश माथुर वार्ड 76)

#Being Positive: Horizon Hind Live| #Ajmerदावेदार मैदान में (बृजेश माथुर वार्ड 76)

Read more 23rd Jan 2021

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Ajmer Headlines

#मधुकर कहिन

गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... 

गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...  * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक

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