राजस्थान न्यूज़: जयपुर। श्री राधा गोविंद राजकीय महाविद्यालय, कंवर नगर, ब्रह्मपुरी में शुक्रवार को मतदाता जागरूकता अभियान के तहत युवा मतदाता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान की ओर से आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा मतदाताओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदान के महत्व और मतदाता के अधिकार एवं दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं अध्यक्ष राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से निष्पक्ष और निर्भीक होकर मतदान करने तथा अन्य नागरिकों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। राजेश्वर सिंह ने कहा कि जब युवाओं में राष्ट्रीय चेतना का भाव मजबूत होगा, तभी सुदृढ़ लोकतंत्र का निर्माण संभव होगा। व्यक्तित्व, कृतित्व और चरित्र देखकर करें मतदान राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आने वाले चुनावों में युवा अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का चुनाव करते समय उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और चरित्र को ध्यान में रखें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिनिधियों को चुना जाना चाहिए, जो लोक कल्याण और विकासोन्मुख कार्यों के प्रति प्रतिबद्ध हों। जाति-धर्म से ऊपर उठकर प्रतिनिधि चुनने की अपील राजेश्वर सिंह ने युवाओं से अपील की कि वे जनप्रतिनिधियों का चयन जाति या धर्म के आधार पर न करें। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में मतदाताओं को ऐसे कर्तव्यनिष्ठ और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को चुनना चाहिए, जो समाजसेवी और लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने पूछे अहम सवाल कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र भी किया।छात्र-छात्राओं ने निर्वाचन आयोग के गठन, उसके कार्य और भूमिका, लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी, चुनावी खर्च, उम्मीदवारों की शिक्षा एवं उम्र, छात्रसंघ चुनाव, जातिवाद और परिवारवाद जैसे विषयों पर सवाल किए। आयुक्त ने विद्यार्थियों के सवालों का सरल भाषा में जवाब दिया और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। मतदाता जागरूकता गतिविधियों की दी जानकारी महाविद्यालय निर्वाचन साक्षरता क्लब की प्रभारी प्रोफेसर नीलम शर्मा ने महाविद्यालय में आयोजित होने वाली मतदाता जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी।
Read more 7th Aug 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, कानून मंत्री जोगाराम पटेल और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने राज्य मजदूरी संहिता 2026, एग्रो फूड प्रोसेसिंग नीति-2026 और ट्री आउटसाइड पॉलिसी सहित कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। राज्य मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत मजदूरों का न्यूनतम वेतन तय करने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाएगी। सरकारी जानकारी के अनुसार मजदूरी में साल में दो बार, 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को बढ़ोतरी की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही कर्मचारियों को सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य होगा। सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम नई व्यवस्था के तहत मजदूरों से सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही काम लिया जा सकेगा। लगातार पांच घंटे काम करने के बाद कम से कम आधे घंटे का आराम देना भी अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों का उद्देश्य श्रमिकों के कामकाजी अधिकारों और कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाना है। रिटायरमेंट की अंतिम तारीख तक मिलेगा राज्य बीमा लाभ कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के राज्य बीमा से संबंधित व्यवस्था में भी बदलाव को मंजूरी दी है। कानून मंत्री के अनुसार अब सरकारी कर्मचारियों को राज्य बीमा का लाभ सेवानिवृत्ति की अंतिम तारीख तक मिलेगा। अभी तक सेवानिवृत्ति वाले वर्ष में 1 अप्रैल तक ही यह लाभ उपलब्ध होने की व्यवस्था थी। एग्रो फूड प्रोसेसिंग नीति-2026 मंजूर कैबिनेट ने एग्रो फूड प्रोसेसिंग नीति-2026 का भी अनुमोदन किया है। इसका उद्देश्य प्रदेश में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करना तथा किसानों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देना है। नई नीति में फल-सब्जी, दलहन-तिलहन, औषधि निर्माण और पशु आहार से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा। नई एग्रो इंडस्ट्री को मिलेगी विशेष छूट नीति के तहत राजस्थान में नई एग्रो इंडस्ट्री स्थापित करने वाले उद्यमियों और निवेशकों को सरकार की ओर से विशेष छूट और प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे कृषि आधारित उद्योगों में निवेश बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हर साल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य कैबिनेट ने ट्री आउटसाइड पॉलिसी को भी मंजूरी दी है। मिशन हरियालो राजस्थान के तहत हर साल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत नदियों, नालों और सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य गैर-वन क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को गति देना है। अलग-अलग क्षेत्रों पर फोकस कैबिनेट के इन फैसलों में श्रमिक कल्याण, सरकारी कर्मचारी हित, कृषि आधारित उद्योग, निवेश, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन नीतियों के विस्तृत प्रावधान, पात्रता, प्रोत्साहन और क्रियान्वयन की प्रक्रिया संबंधित विभागों की अधिसूचनाओं और दिशा-निर्देशों के बाद और स्पष्ट होगी।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।आयोग ने निर्देश दिए हैं कि अपने गृह जिले, गृह नगरीय क्षेत्र अथवा गृह पंचायत समिति क्षेत्र में पदस्थापित अधिकारियों के साथ ही लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों का 15 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से स्थानांतरण किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पंचायतीराज संस्थाओं और नगरीय निकायों के आम चुनाव शीघ्र कराए जाने प्रस्तावित हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े अधिकारियों की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का प्रश्न नहीं उठना चाहिए। इसी उद्देश्य से आयोग ने पूर्व में जारी स्थानांतरण संबंधी निर्देशों में संशोधन करते हुए नई कट-ऑफ तिथि और तबादलों की अंतिम समयसीमा निर्धारित की है। संबंधित विभागों को निर्धारित अवधि के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कर आयोग को अनुपालना से अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन अधिकारियों का होगा तबादला राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी, उपखंड अधिकारी, सहायक कलेक्टर, तहसीलदार और पुलिस उपाधीक्षक चुनाव के दौरान अपने गृह जिले अथवा संबंधित गृह क्षेत्र में पदस्थापित नहीं रहेंगे। इसके अतिरिक्त जयपुर और जोधपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों में कार्यरत पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त भी स्थानांतरण संबंधी निर्देशों के दायरे में आएंगे। आयोग का मानना है कि गृह क्षेत्र में पदस्थापना या लंबे समय तक एक ही स्थान पर कार्यरत रहने से स्थानीय प्रभाव, परिचय अथवा हितों के टकराव की आशंका उत्पन्न हो सकती है। इसलिए चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसे अधिकारियों को समय रहते अन्य स्थानों पर पदस्थापित किया जाएगा।
Read more 22nd Jul 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संदेश को आगे बढ़ाते हुए नई दिल्ली के खड़ग सिंह मार्ग स्थित हैंडलूम हाउस पहुंचकर खादी और हैंडलूम उत्पादों की खरीदारी की।उन्होंने अपने साथ परिवार के सदस्यों के लिए भी खादी के वस्त्र खरीदे और खादी ग्रामोद्योग से जुड़े विभिन्न उत्पाद लेकर स्थानीय बुनकरों और कारीगरों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। ‘हथकरघा हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक’ मंजू शर्मा ने कहा कि भारत की हथकरघा परंपरा केवल वस्त्र निर्माण की कला नहीं है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत, आत्मनिर्भरता और करोड़ों लोगों की मेहनत का जीवंत प्रतीक है।उन्होंने कहा कि खादी का प्रत्येक धागा स्वदेशी, स्वाभिमान और आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करता है। ‘हर खरीद बुनकर परिवारों के जीवन से जुड़ी’ सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर देशवासियों से हैंडलूम और बुनकरों द्वारा तैयार उत्पादों को खरीदने की अपील की है।उनका कहना था कि यह आह्वान केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लाखों बुनकर परिवारों के रोजगार, सम्मान और आजीविका से जुड़ा हुआ है।मंजू शर्मा ने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार वर्ष में कुछ अवसरों पर भी खादी और हैंडलूम उत्पादों को अपनाए, तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल सकती है और पारंपरिक उद्योगों को मजबूती मिलेगी। भारतीय हैंडलूम की वैश्विक पहचान मंजू शर्मा ने कहा कि भारतीय हैंडलूम उत्पाद अपनी गुणवत्ता, प्राकृतिक बनावट और पारंपरिक शिल्प के कारण विश्वभर में अलग पहचान बना रहे हैं।उन्होंने नागरिकों से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की। त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में खादी अपनाने की अपील सांसद ने कहा कि त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों और दैनिक जीवन में अधिक से अधिक खादी एवं हैंडलूम उत्पादों का उपयोग किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि इससे जहां देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलेगा, वहीं बुनकरों और कारीगरों की आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।
Read more 7th Aug 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को आयोजित 13वीं वेस्टर्न रीजनल पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में राजस्थान के महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने भाग लिया। बैठक में मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, गोवा के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। बैठक में अंतरराज्यीय सहयोग और समन्वय के जरिए अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने पर व्यापक चर्चा हुई। राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद राजस्थान पुलिस की ओर से DGP राजीव कुमार शर्मा के साथ अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) वी.के. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक के.बी. वंदना और चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने भी बैठक में हिस्सा लिया। इन अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा में भाग लेते हुए अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। साइबर अपराध से लेकर धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा तक चर्चा बैठक के दौरान कई समसामयिक विषयों पर प्रस्तुतियां दी गईं। इनमें बड़े धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा और प्रभावी पुलिस प्रबंधन, गुमशुदा बच्चों की खोज के लिए नवाचार, साइबर अपराधों के पीछे मौजूद इन्फ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त करने की रणनीति और आपराधिक न्याय प्रणाली में आधुनिक तकनीक के उपयोग जैसे विषय शामिल रहे। इसके अलावा नारकोटिक्स ड्रग्स की बढ़ती चुनौती और उसके नियंत्रण के उपायों पर भी चर्चा हुई। राजस्थान पुलिस ने साझा किए अपने नवाचार DGP राजीव कुमार शर्मा ने राजस्थान पुलिस की ओर से साइबर अपराध नियंत्रण, तकनीक आधारित पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, अपराध नियंत्रण और अंतरराज्यीय समन्वय के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान और समन्वित रणनीति भविष्य की चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभा सकती है। खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर जोर बैठक में अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम, संगठित अपराध और साइबर अपराध के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई, खुफिया सूचनाओं के तेजी से आदान-प्रदान तथा आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न राज्यों में अपनाई जा रही बेहतर पुलिसिंग कार्यप्रणालियों को साझा कर उन्हें अन्य राज्यों में भी लागू करने पर सहमति जताई गई। भविष्य की साझा कार्ययोजना पर भी विचार बैठक के समापन सत्र में पश्चिमी क्षेत्र में पुलिस सहयोग को और प्रभावी बनाने, साझा कार्ययोजना तैयार करने और आगामी समन्वय बैठक के आयोजन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।बैठक का फोकस अंतरराज्यीय अपराधों के बदलते स्वरूप के बीच राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित समन्वय विकसित करने पर रहा।
Read more 7th Aug 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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