राजस्थान न्यूज़: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नगर निगम में बड़ी कार्रवाई करते हुए हेल्थ इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान एक कथित दलाल को भी गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो की टीम ने सत्यापन किया और उसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जैसे ही रिश्वत की राशि आरोपियों ने ली, टीम ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत किस काम के बदले मांगी गई थी और क्या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। अधिकारियों द्वारा आरोपियों के दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के बाद आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसीबी की इस कार्रवाई को सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
Read more 14th May 2026
राजस्थान न्यूज़: पत्रकारिता अंधेरे में टॉर्च का काम करती है, बशर्ते वह सच पर आधारित हो: वसुन्धरा राजे
राजस्थान न्यूज़: जयपुर में आयोजित मनोज माथुर जर्नलिज्म अवार्ड समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने पत्रकारिता की भूमिका और जिम्मेदारी पर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता अंधेरे में टॉर्च का काम करती है, लेकिन यह तभी सार्थक है जब वह पूरी तरह सच और तथ्यों पर आधारित हो। उन्होंने समाचार माध्यमों को टीआरपी की होड़ से बचने और जिम्मेदार पत्रकारिता करने की सलाह दी। वसुन्धरा राजे ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा के दौर में कई बार छोटी बातों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि “तिल को ताड़ और कंकड़ को पहाड़ बनाना पत्रकारिता नहीं है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समाचार को केवल समाचार ही रहने देना चाहिए, उसमें अनावश्यक विचार और पूर्वाग्रह शामिल नहीं होने चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी वक्ता की बात को उसके संदर्भ में समझकर ही प्रकाशित या प्रसारित किया जाना चाहिए। यदि किसी बयान को लेकर भ्रम की स्थिति हो तो संबंधित व्यक्ति से स्पष्ट जानकारी लेनी चाहिए, लेकिन केवल “ब्रेकिंग न्यूज़” की दौड़ में अर्थ का अनर्थ करना पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। अपने संबोधन में उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का हृदय बताते हुए प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख किया— “खींचो न कमानों को, न तलवार निकालो, जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है कि कई बार “जो नहीं होगा, वो अखबार में आ जाएगा” जैसी प्रवृत्तियां देखने को मिलती हैं। समारोह के दौरान मनोज माथुर जर्नलिज्म अवार्ड से विभिन्न पत्रकारों को सम्मानित किया गया। भास्कर के रिपोर्टर अर्पित शर्मा, आजतक के रिपोर्टर देवांकुर वाधवान, भास्कर डिजिटल के रिपोर्टर सौरभ गृहस्थी और इंडिया टुडे के फोटो पत्रकार पुरुषोत्तम दिवाकर को सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में फाउंडेशन की अध्यक्ष सुलक्षणा माथुर, वरिष्ठ पत्रकार अमित भट्ट, आशीष दत्ता और भाजपा नेता नीरज जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने पत्रकारिता में निष्पक्षता, सत्यता और सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता पर जोर दिया। समारोह में बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, डिजिटल माध्यमों की चुनौतियों और मीडिया की विश्वसनीयता जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
Read more 14th May 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच में लगातार बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र सबसे पहले महाराष्ट्र के पुणे और नासिक तक पहुंचा, जहां से यह हरियाणा के गुड़गांव होते हुए राजस्थान की जयपुर तक अभ्यर्थियों को सप्लाई किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने जांच अपने हाथ में ले ली है। सीबीआई ने दिल्ली में एफआईआर दर्ज कर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। मंगलवार शाम एजेंसी की टीम जयपुर स्थित स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप मुख्यालय पहुंची, जहां राजस्थान SOG ने अब तक जुटाए गए दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और कुछ संदिग्धों को CBI को सौंप दिया। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में एक साथ बड़े स्तर पर छापेमारी हो सकती है। जांच में ‘प्राइवेट माफिया’ नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप का भी खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस ग्रुप में करीब 400 सदस्य जुड़े हुए थे और यहीं कथित लीक पेपर तथा प्रश्नों का आदान-प्रदान किया जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, ग्रुप में साझा किए गए “गेस पेपर” के कई सवाल वास्तविक परीक्षा में हूबहू मिले हैं। विशेष रूप से जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान के प्रश्न बड़ी संख्या में मेल खाते पाए गए। राजस्थान SOG ने इस पूरे नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड मनीष यादव को माना है, जिसे जयपुर से हिरासत में लिया है। उसके साथ राकेश मंडावरिया नामक व्यक्ति को भी पकड़ा गया है, जिस पर प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचाने का आरोप है। हालांकि,दोनों के खिलाफ अभी औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आ चुकी हैं। इससे पहले राजस्थान में “गेस पेपर” के नाम से करीब 150 पेज का एक दस्तावेज वायरल हुआ था। इसमें 410 प्रश्न शामिल थे, जिनमें से बड़ी संख्या में सवाल असली परीक्षा से मेल खाते पाए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कोचिंग नेटवर्क और फोटो कॉपी सेंटरों के माध्यम से यह सामग्री छात्रों तक पहुंचाई गई। आशंका है कि चुनिंदा अभ्यर्थियों से लाखों रुपए लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए।
Read more 13th May 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक प्रकरण में राजस्थान के सीकर कोचिंग हब से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में पता चला है कि कुछ छात्र संगठित गिरोह की तरह परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र बेचने के नेटवर्क में सक्रिय थे। आरोप है कि ये छात्र अपने साथियों के माध्यम से ग्राहकों की तलाश कर रहे थे और लाखों रुपए लेकर पेपर उपलब्ध कराने की तैयारी में थे। मामले में जयपुर जिले के जमवारामगढ़ निवासी एक छात्र का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है, जिससे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई अब केवल प्रश्नपत्र वायरल करने वाली श्रृंखला की ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी आर्थिक लेन-देन की पूरी कड़ी की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन लोगों तक प्रश्नपत्र पहुंचा, किसने इसके बदले रकम ली और यह पैसा किन माध्यमों से स्थानांतरित हुआ। हालांकि अभी तक प्रश्नपत्र वायरल करने के आरोप में किसी छात्र की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार 3 मई की रात सीकर में कोचिंग संस्थान के एक शिक्षक और छात्रावास संचालक के पास जो कथित वायरल प्रश्नपत्र पहुंचा था, उसमें मूल प्रश्नपत्र के 180 में से 125 सवाल हूबहू मिले। जांच में सबसे पहले जमवारामगढ़ निवासी छात्र का नाम सामने आया, जिसने अपने करीबी साथियों को पहले ही संकेत दे दिया था कि प्रश्नपत्र उपलब्ध हो जाएगा। इसके बाद उसके साथी छात्रों ने कथित रूप से प्रश्नपत्र बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि शुरुआत में छात्रों से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले करीब 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। पेपर खरीदने के इच्छुक छात्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्क में थे और इसके लिए अलग-अलग समूह भी बनाए गए थे। मामला उस समय उजागर हुआ जब कथित प्रश्नपत्र प्राप्त करने वाले छात्रों ने उसे दूसरे समूहों में भी साझा कर दिया और प्रश्नपत्र तेजी से वायरल हो गया। जांच में यह भी सामने आया है कि जमवारामगढ़ निवासी छात्र के अलावा काउंसलर राकेश कुमार भी कथित रूप से प्रश्नपत्र बेचने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि छात्रों ने ही उससे संपर्क किया था और रकम जुटाने के लिए उसके माध्यम से सौदेबाजी की जा रही थी। उसके सोशल मीडिया समूहों में बड़ी संख्या में छात्र जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों की प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया है कि प्रश्नपत्र खरीदने की कोशिश करने वाले छात्रों में अधिकांश वे थे, जो पिछले दो या उससे अधिक वर्षों से सीकर के कोचिंग संस्थानों में तैयारी कर रहे थे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो अब ऐसे छात्रों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने कथित रूप से प्रश्नपत्र के बदले धनराशि दी या स्वीकार की। इस बीच नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामला अब सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। फेडरेशन ऑफ़ इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर छात्रों का भरोसा समाप्त होने का दावा किया है। याचिका में मांग की गई है कि परीक्षा दोबारा सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करने या उसका पूर्ण पुनर्गठन कर तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और स्वायत्त संस्था गठित की जाए। याचिका में दावा किया गया है कि टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे मंचों पर प्रसारित कथित “गेस पेपर” के 100 से अधिक प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए हैं। राजस्थान विशेष अभियान समूह ने भी पुष्टि की है कि वायरल प्रश्नपत्र में 125 से अधिक सवाल शामिल थे, जिनमें रसायन विज्ञान के 35 और जीव विज्ञान के 90 प्रश्न बताए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति गठित करने की मांग की है, जिसमें साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। मामले को लेकर देशभर के विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से बुधवार को असम पुलिस की अपराध शाखा ने करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा से जुड़े आरोपों के मामले में की गई। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन विदेशी पासपोर्ट हैं और अमेरिका में उनकी 50 हजार करोड़ रुपए की कंपनी है। पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में आयोजित प्रेस वार्ताओं के दौरान ये आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने गुवाहाटी में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस की टीम ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर पहुंचकर कार्रवाई भी की थी। बुधवार को हुई लंबी पूछताछ के बाद पवन खेड़ा ने कहा कि वे कानून का सम्मान करने वाले नागरिक हैं और जांच में सहयोग करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि देश में संविधान है और वे उसी के अनुसार कार्य करेंगे। सूत्रों के अनुसार अपराध शाखा की टीम ने उनसे आरोपों के आधार, दस्तावेजों और सार्वजनिक बयानों से जुड़े कई सवाल पूछे। वहीं मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार से पहले ही लिखित रूप में यह जानकारी मिल चुकी है कि पवन खेड़ा द्वारा दिखाए गए पासपोर्ट संबंधी दस्तावेज कथित रूप से फर्जी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कारण पुलिस जांच में अधिक समय नहीं लगेगा। यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच इसे लेकर तीखी बयानबाजी जारी है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और पूछताछ के आधार पर मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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