राजस्थान न्यूज़: जयपुर। विला खरीद मामले में एपीओ किए गए आईएएस शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी आईपीएस प्रशाखा माथुर इन दिनों छुट्टी पर अमेरिका में बताए जा रहे हैं। दोनों का अवकाश 12 नवंबर को खत्म हो रहा है, यानी आज से 12 दिन बाद। इधर राज्य सरकार अग्रवाल के खिलाफ एक के बाद एक कार्रवाई कर रही है और उनके कार्यकाल के पुराने मामले भी सामने आ रहे हैं। एपीओ के बाद एसीबी जांच की मंजूरी सरकार ने अग्रवाल को 28 अक्टूबर की देर रात एपीओ किया था। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को उनके खिलाफ विस्तृत जांच की मंजूरी दी गई। एसीबी के मुताबिक "अनंता" रिसॉर्ट चलाने वाली गोयल फैशंस से परिवार के नाम 36 विला खरीदे गए, जिनमें उदयपुर के बुझड़ा में प्रशाखा माथुर के नाम 10 विला और अलवर के अजबगढ़ में पति-पत्नी के नाम 8 विला शामिल हैं। शनिवार को रणथंभौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में फार्म हाउस के लिए भू-रूपांतरण से जुड़ा उनके वन विभाग के कार्यकाल का एक और मामला सामने आया। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी है कि अग्रवाल इस्तीफा दे सकते हैं, लेकिन इस पर उनकी ओर से कुछ नहीं कहा गया है। दोनों अधिकारी भारत कब लौटेंगे, यह भी अभी साफ नहीं है। सीएमओ में रहते तत्कालीन मुख्य सचिव पंत से हुआ था टकराव भाजपा सरकार बनने के बाद अग्रवाल मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे। इसी दौरान तत्कालीन मुख्य सचिव सुधांश पंत और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच टकराव की खबरें आईं। केंद्र ने पंत को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही दिल्ली बुला लिया और इसके बाद अग्रवाल को मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाकर उद्योग विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव बना दिया गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 29 अक्टूबर को इसी का जिक्र करते हुए कहा था, "पहले सुधांश पंत को हटाया गया, फिर शिखर अग्रवाल को यहां से हटाया गया, फिर डीजीपी बनने की कहानी शुरू हुई। एक-दूसरे से शह-मात का खेल चल रहा है।"
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। प्रदेश में सरकारी डॉक्टर बनने की चाह लगातार बढ़ रही है, लेकिन पद घटने से मुकाबला कठिन होता जा रहा है। इस बार मेडिकल ऑफिसर के सिर्फ 600 पदों पर भर्ती होगी, जिनके लिए 18,700 डॉक्टरों ने आवेदन किए हैं, यानी एक पद के लिए 31 उम्मीदवार। 2016 में एक पद पर औसतन 1.8 उम्मीदवार थे। यानी 10 साल में प्रति पद मुकाबला करीब 17 गुना हो गया, जबकि इस दौरान कुल आवेदन करीब 15 गुना बढ़े। छह साल में पद 3.3 गुना घटे, आवेदन 3.4 गुना बढ़े स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है कि 2020 में 2,000 पदों पर भर्ती हुई थी, जबकि इस बार सिर्फ 600 पद हैं। इसी दौरान आवेदन 5,438 से बढ़कर 18,700 हो गए। सबसे बड़ा बदलाव 2024 से 2026 के बीच आया। 2024 में 1,700 पदों के लिए 17,190 आवेदन आए थे। दो साल में 1,100 पद कम हो गए, लेकिन आवेदन 1,510 बढ़ गए। इससे एक पद पर उम्मीदवारों की संख्या 10.1 से बढ़कर 31 हो गई, यानी करीब तीन गुना। वर्ष पद आवेदन एक पद पर उम्मीदवार 2016 684 1,249 1.8 2018 894 2,645 3.0 2019 737 3,547 4.8 2020 2,000 5,438 2.7 2022 1,765 8,497 4.8 2024 1,700 17,190 10.1 2026 600 18,700 31.2 2016 के बाद हर भर्ती में आवेदन पिछली बार से ज्यादा आए हैं। पदों की संख्या सबसे ज्यादा 2020 में 2,000 रही थी, जबकि इस बार के 600 पद 2016 के 684 पदों से भी कम हैं। 13 दिसंबर को ऑफलाइन परीक्षा, निगेटिव मार्किंग नहीं राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस), जयपुर 13 दिसंबर (रविवार) को ऑफलाइन मोड में भर्ती परीक्षा कराएगा, यानी आज से 43 दिन बाद। परीक्षा केंद्र जयपुर में होंगे और निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। आवेदन 14 सितंबर से 13 अक्टूबर तक लिए गए थे। 678 डॉक्टरों के पद भी भर्ती में जोड़ने की मांग चिकित्सा विभाग के पूर्व निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर पद पर लंबे समय से जॉइन नहीं करने वाले 678 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त की जानी हैं, ऐसे में नई भर्ती में ये पद भी जोड़े जाने चाहिए। ये पद जुड़ें तो कुल 1,278 पद होंगे और एक पद पर करीब 15 उम्मीदवार रह जाएंगे। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में 62 और चिकित्सा शिक्षा विभाग में 65 साल की सेवानिवृत्ति आयु घटाने का सुझाव भी दिया, ताकि युवाओं का सरकारी डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो सके। वहीं निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ. रविप्रकाश शर्मा ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर के 600 पदों की संख्या बढ़ाने का निर्णय सक्षम स्तर पर लिया जाएगा। लंबे समय से जॉइन नहीं करने वाले 678 डॉक्टरों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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राजस्थान न्यूज़: अजमेर रोडवेज बस स्टैंड पर PNB ATM में तोड़फोड़! खाते से कटे पैसे पर कैश न निकलने से भड़का युवक, नशे में तोड़ी स्क्रीन; पुलिस ने दबोचा। लूट की मंशा नहीं, गुस्से और नशे में की वारदात; अजमेर की हर बड़ी क्राइम व लाइव अपडेट के लिए तुरंत फॉलो करें @horizon_hind_news
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पेरिस से लौटते समय दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर करीब तीन घंटे रोके रखा गया और उनके नाम 50 हजार रुपये का चालान काटा गया। पार्टी ने इसे मुख्यमंत्री का अपमान और पंजाब की गरिमा पर हमला बताया है।यह आरोप पंजाब में आप के मीडिया प्रभारी बलतेज सिंह पन्नू ने एक वीडियो बयान में लगाया। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री के एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें जानबूझकर रोका गया और बहाना बनाया गया कि उनका सामान आ रहा है या जांचा जा रहा है। पन्नू ने कहा कि तीन घंटे बाद जब मुख्यमंत्री सामान गाड़ी में रखकर निकलने वाले थे, तब अधिकारी दौड़ते हुए आए और कहा कि उन पर ऊपर से भारी दबाव है, जिसके बाद 50 हजार रुपये का चालान काट दिया गया।क्या कभी किसी मुख्यमंत्री को इस तरह हवाई अड्डे पर तीन घंटे तक रोका गया है? ऐसा सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि भगवंत सिंह मान एक पंजाबी हैं और पंजाब के मुख्यमंत्री हैं।बलतेज सिंह पन्नू, मीडिया प्रभारी, आम आदमी पार्टी, पंजाबपन्नू ने इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए केंद्र सरकार पर पंजाब और पंजाबी पहचान को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने किसानों को डेढ़ साल तक दिल्ली की सीमाओं पर रोके रखने और पंजाब के हिस्से का पैसा रोकने का हवाला भी दिया। चालान किस बात का था, यह अब तक साफ नहीं अब तक की जानकारी में यह सामने नहीं आया है कि 50 हजार रुपये का चालान किस वजह से काटा गया। पार्टी ने भी इसका कारण नहीं बताया है। दूसरी ओर सीमा शुल्क विभाग, हवाई अड्डा प्रशासन या केंद्र सरकार की तरफ से इस पर कोई बयान नहीं आया है। यानी अब तक इस पूरे घटनाक्रम का एक ही पक्ष सामने है— आम आदमी पार्टी का। केंद्र ने रोकी थी पेरिस यात्रा, हाईकोर्ट से मिली थी मंजूरी यह यात्रा खुद एक कानूनी लड़ाई के बाद हुई थी। केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले पंजाब सरकार के प्रतिनिधिमंडल को फ्रांस जाने की राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ पंजाब सरकार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंची और 16 अक्टूबर को जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने विदेश मंत्रालय का फैसला रद्द कर दिया।अदालत में पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि मंत्रालय ने ई-पोल क्लीयरेंस पोर्टल पर आवेदन को सिर्फ ‘डिनाइड’ लिखकर खारिज कर दिया, न कोई कारण बताया और न राज्य का पक्ष सुना। हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ‘राजनीतिक पहलू’ से उसका आशय क्या है, और बाद में हलफनामे में दिए गए कारणों से मूल फैसले को सही नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने केंद्र को यात्रा की मंजूरी तुरंत देने को कहा था।प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शामिल थे। यात्रा का मकसद पेरिस में हो रही अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी ‘सियाल पेरिस 2026’ में पंजाब की सहकारी संस्था मार्कफेड की भागीदारी था। झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को इस बीच मुख्यमंत्री मान ने मानसा जिले में नशे के खिलाफ काम कर रहे कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच सीबीआई को सौंपने का ऐलान किया है। परिवार लंबे समय से यही मांग कर रहा था और धरने पर बैठा था। इससे पहले कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मानसा पहुंचकर झोटा के परिवार से मुलाकात की थी।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार रात करीब 11.35 बजे दिल्ली से वियतनाम की राजधानी हनोई के लिए रवाना हो गए। यात्रा का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। भाजपा ने यात्रा के समय को लेकर सवाल उठाए हैं, क्योंकि कांग्रेस इन दिनों निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर लिखा कि राहुल गांधी वही कर रहे हैं जो वे सबसे बेहतर करते हैं, और सवाल किया कि नवरात्र के दौरान वे विदेश में क्या कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मंत्री और निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच रहना पड़ता है, बार-बार विदेश यात्रा पर जाने से नहीं।कांग्रेस नेता रशीद अल्वी ने कहा कि अगर राहुल गांधी विदेश में हैं तो भाजपा को खुश होना चाहिए, क्योंकि उसकी परेशानी कम हो गई। समाजवादी पार्टी के सांसद रामशंकर राजभर ने कहा कि उनकी गैरमौजूदगी भाजपा के लिए राहत है, क्योंकि वे मौजूद होते तो प्रदर्शन करते। पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने कहा कि विदेश सब जाते हैं, और भाजपा के पास सरकारी तंत्र है जिससे वह पता कर सकती है कि वे कहां हैं।कांग्रेस कई दिनों से एसआईआर को लेकर प्रदर्शन कर रही है। राहुल गांधी निर्वाचन आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते रहे हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। 9 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन ने राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर पर रोक की मांग रखी थी।12 अक्टूबर को 10 दलों के 11 नेता एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, हालांकि अगले ही दिन रजिस्ट्री ने याचिका में करीब 14 खामियां गिनाई थीं। 13 अक्टूबर को गृह मंत्री अमित शाह ने इसी मुद्दे पर राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन्हें आत्ममंथन की सलाह दी थी। पांच महीने पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री ने उठाया था यात्राओं का मुद्दा राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का मुद्दा राजस्थान से भी उठ चुका है। करीब 5 महीने पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा था कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम की धारा 6 के तहत विदेशी आतिथ्य से जुड़ी जानकारी देना अनिवार्य है, और 54 विदेशी यात्राओं के बावजूद सरकारी अनुमति तथा संबंधित विवरण सार्वजनिक न होना सवाल खड़े करता है।
Read more 20th Oct 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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