राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के 57 अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन किए हैं। गृह (ग्रुप-1) विभाग की ओर से जारी आदेश में जयपुर और जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के साथ SOG, CID-CB, पुलिस मुख्यालय, राजस्थान पुलिस अकादमी, महिला अपराध अनुसंधान सेल और विभिन्न जिलों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। आदेश 19 अगस्त 2026 को जारी किया गया है। इसमें पहले से ASP पद पर कार्यरत अधिकारियों के साथ कई नवपदोन्नत अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग दी गई है। राजेंद्र सिंह को राजस्थान पुलिस अकादमी में जिम्मेदारी आदेश के अनुसार राजेंद्र सिंह को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त कंट्रोल रूम, पुलिस आयुक्तालय जयपुर से स्थानांतरित कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर लगाया गया है। भोपाल सिंह लखावत को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, CID SSB जोन जोधपुर लगाया गया है। वहीं रामेश्वर लाल मेघवाल को रायसिंहनगर, श्रीगंगानगर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी दी गई है। जयपुर कमिश्नरेट में भी बदलाव नवपदोन्नत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह को जयपुर विकास प्राधिकरण से अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, ऑर्गेनाइज्ड क्राइम, पुलिस आयुक्तालय जयपुर लगाया गया है। इसी तरह नवपदोन्नत अधिकारी कैलाश चन्द मीणा को साइबर क्राइम, कोटा ग्रामीण से अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, बर्गलरी एंड डकैती, पुलिस आयुक्तालय जयपुर की जिम्मेदारी दी गई है। रानू शर्मा को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात दक्षिण, जयपुर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जयपुर विकास प्राधिकरण लगाया गया है, जबकि सुनीता मीणा को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात दक्षिण, जयपुर की जिम्मेदारी मिली है। SOG में कई महत्वपूर्ण पदस्थापन आदेश में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में भी कई बदलाव किए गए हैं। सुरेंद्र सिंह जाट को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महिला अपराध अनुसंधान सेल उत्तर जयपुर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक SOG, जयपुर लगाया गया है। घनश्याम वर्मा को राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक SOG, जयपुर लगाया गया है। वहीं कालूराम मीणा को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, SOG स्पेशल टास्क फोर्स जयपुर की जिम्मेदारी दी गई है। संजना सैनी को डिप्टी कमांडेंट 8वीं बटालियन RAC दिल्ली से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक SOG, नई दिल्ली और राजेश चौधरी को डिप्टी कमांडेंट 9वीं बटालियन RAC टोंक से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एंटी चीटिंग सेल SOG जयपुर लगाया गया है। महिला अपराध अनुसंधान सेल में भी बदलाव पुलिस विभाग ने महिला अपराध अनुसंधान से जुड़ी कई इकाइयों में अधिकारियों को बदला है। विभिन्न अधिकारियों को श्रीगंगानगर, भरतपुर, नागौर, चित्तौड़गढ़, अलवर, करौली और बीकानेर की महिला अपराध अनुसंधान सेल में जिम्मेदारी दी गई है। रणवीर सिंह मीणा को शाहपुरा, जयपुर ग्रामीण से महिला अपराध अनुसंधान सेल भरतपुर और महेश चन्द मीणा को करौली से महिला अपराध अनुसंधान सेल अलवर भेजा गया है। नवपदोन्नत अधिकारियों को मिली पोस्टिंग सूची में ऐसे कई अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें हाल ही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद पर पदोन्नति मिली है। इनमें अनूप सिंह, कैलाश चन्द मीणा, देवेंद्र सिंह, अब्दुल रहमान, सुगन चन्द, सपत खान और सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इससे जिलों और विशेष पुलिस इकाइयों में लंबे समय से रिक्त अथवा नई जिम्मेदारियों वाले पदों पर भी पदस्थापन हुआ है। जिलों में भी बड़े स्तर पर बदलाव फेरबदल में सवाई माधोपुर, करौली, अलवर, पाली, सिरोही, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर, टोंक, भरतपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, दौसा और श्रीगंगानगर सहित कई जिलों में ASP स्तर के अधिकारियों को बदला गया है। राकेश राजोरा को SOG जयपुर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर, किशोर सिंह को सिरोही से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाली, पाली और नरेंद्र कुमार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिरोही लगाया गया है। आनंद सिंह राजपुरोहित का पुराना तबादला निरस्त गृह विभाग ने इसी आदेश में 10 जुलाई 2026 के एक पुराने आदेश में आनंद सिंह राजपुरोहित से संबंधित स्थानांतरण को भी निरस्त किया है। उनका एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स जयपुर से अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर के पद पर किया गया स्थानांतरण-पदस्थापन रद्द कर दिया गया है। 57 अधिकारियों के इस फेरबदल से जिलों के साथ पुलिस मुख्यालय, कमिश्नरेट और विशेष जांच एजेंसियों के स्तर पर भी प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है।
Read more 19th Aug 2026
राजस्थान न्यूज़: सीकर। खाटूश्यामजी से 15 अगस्त को लापता हुए 20 महीने के मासूम रोनक को सीकर पुलिस ने हरियाणा के बल्लभगढ़ से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार बच्चे का अपहरण 30 वर्षीय पिंकी ने किया था। आरोपी महिला के कोई संतान नहीं थी और औलाद की चाह में उसने कथित रूप से यह वारदात की। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला खाटूश्यामजी से बच्चे को लेकर सीधे हरियाणा चली गई थी। लगातार तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंची और बल्लभगढ़ स्थित एक किराए के मकान से उसे पकड़ लिया। 6 टीमें गठित, 500 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले सीकर SP प्रवीण नायक नूनावत ने प्रेस वार्ता में बताया कि रोनक की तलाश के लिए पुलिस की 6 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने सीकर से हरियाणा तक करीब 500 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों का भी सहारा लिया। लगातार मिले सुरागों के आधार पर आरोपी महिला की पहचान और उसकी लोकेशन का पता चला। बल्लभगढ़ के किराए के मकान से मिली आरोपी पुलिस टीमों ने राजस्थान के साथ हरियाणा में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी। जांच के दौरान टीम बल्लभगढ़ पहुंची, जहां आरोपी महिला एक किराए के मकान में मिली। पुलिस ने पिंकी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मासूम रोनक को सुरक्षित बरामद किया। मूल रूप से बिहार की रहने वाली है आरोपी SP नूनावत के अनुसार आरोपी महिला मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और बल्लभगढ़ में रह रही थी। पुलिस का कहना है कि शादी के करीब चार साल बाद भी संतान नहीं होने के कारण उसने पहली बार इस तरह का आपराधिक कदम उठाया। हालांकि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच और पूछताछ जारी है।बरेली से दर्शन करने आया था परिवार रोनक अपने माता-पिता के साथ 15 अगस्त को उत्तर प्रदेश के बरेली से खाटूश्यामजी दर्शन के लिए आया था। श्यामकुंड क्षेत्र से वह अचानक गायब हो गया। परिवार ने पहले आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद बच्चे के पिता रामबहादुर ने अगले दिन खाटूश्यामजी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।पुलिस ने तुरंत शुरू किया सर्च ऑपरेशन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया। खाटूश्यामजी से बाहर जाने वाले मार्गों के CCTV फुटेज खंगाले गए और तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच का दायरा हरियाणा तक बढ़ाया गया। करीब 500 कैमरों की फुटेज और मिले सुरागों के आधार पर पुलिस आखिरकार आरोपी महिला तक पहुंची। धार्मिक स्थलों पर बच्चों की निगरानी की अपील SP प्रवीण नायक नूनावत ने आमजन से अपील की कि धार्मिक स्थलों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों की विशेष निगरानी रखें। उन्होंने धर्मशाला और होटल संचालकों से भी यात्रियों की पहचान संबंधी दस्तावेज लेने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।
Read more 19th Aug 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित नगरीय निकाय चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी 309 शहरी निकायों में चुनाव कराने की घोषणा की है। चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को कराया जाएगा। 14 सितंबर को मतगणना होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगेप्रोग्राम चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश के सभी 309 शहरी निकायों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। यह आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी। 27 अगस्त से शुरू होंगे नामांकन राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 27 अगस्त को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और वापसी की प्रक्रिया होगी।3 सितंबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। पहला चरण — 9 सितंबर दूसरा चरण — 11 सितंबर किस निकाय में किस चरण में मतदान होगा, इसकी विस्तृत सूची निर्वाचन आयोग की अधिसूचना और कार्यक्रम के अनुसार सामने आएगी। 10,245 पार्षद पदों पर होगा चुनाव राजस्थान के 309 शहरी निकायों में कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव होंगे।
Read more 19th Aug 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए। पार्टी ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए तीनों महत्वपूर्ण राज्यों में अनुभवी नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, जबकि गुजरात के नेता जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। वहीं राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग को गुजरात की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्तियां भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा के एक दिन बाद की गई हैं। सोमवार को पार्टी ने 65 राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम घोषित की थी। विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश की कमान भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। तावड़े इससे पहले हरियाणा और बिहार में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। नवंबर 2020 में उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद सितंबर 2022 में उन्हें बिहार की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2024 में भी वे बिहार भाजपा के प्रभारी रहे। महाराष्ट्र की राजनीति और भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे तावड़े महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें प्रभारी बनाए जाने को भाजपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जगदीश पटेल बने यूपी के सह-प्रभारी गुजरात भाजपा के नेता जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। पटेल वर्ष 2019 में अमराईवाड़ी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे और अहमदाबाद शहर भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अगस्त 2026 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था। अब पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश में सह-प्रभारी के रूप में बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी दी है। सतीश पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पूनिया इससे पहले हरियाणा में पार्टी संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2024 में उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। लोकसभा चुनाव के दौरान भी वे हरियाणा में चुनावी जिम्मेदारी संभाल चुके थे। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी जीत के दौरान भी पूनिया राज्य के प्रभारी थे। जून 2026 में वे राज्यसभा सांसद चुने गए और इसके बाद उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया। अब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी बनाया भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया गया है। अमृतसर से आने वाले चुग लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय हैं। वे तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रभारी रह चुके हैं। नवंबर 2020 में उन्हें तेलंगाना के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की जिम्मेदारी दी गई थी। 2024 में भी वे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रभारी रहे। अब पार्टी ने उन्हें गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य की संगठनात्मक जिम्मेदारी दी है।
Read more 18th Aug 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में विभिन्न नेताओं को राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं अन्य दायित्वों पर नियुक्त किया है। रविवार, 17 अगस्त को भाजपा के केंद्रीय कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।राजस्थान के लिहाज से नई टीम में दो प्रमुख नाम खास हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। वसुंधरा राजे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सतीश पूनिया राष्ट्रीय महामंत्री भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के कुल 13 पदाधिकारियों में राजस्थान से वसुंधरा राजे सिंधिया को जगह दी गई है। वहीं राष्ट्रीय महामंत्रियों की आठ सदस्यीय सूची में राजस्थान से डॉ. सतीश पूनिया को शामिल किया गया है। राजस्थान के इन दोनों वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलने से प्रदेश भाजपा में भी इसका राजनीतिक महत्व माना जा रहा है। BJP ने बनाए 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इनमें राजस्थान से वसुंधरा राजे सिंधिया के अलावा उत्तराखंड से तीरथ सिंह रावत, दिल्ली से राम माधव, ओडिशा से बैजयंत जय पांडा, आंध्र प्रदेश से डी. पुरंदेश्वरी, उत्तर प्रदेश से रेखा वर्मा, गुजरात से वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, महाराष्ट्र से डॉ. भारती प्रवीण पवार और पंजाब से सरदार मनजीत सिंह बादल सहित अन्य नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। सूची में मध्य प्रदेश से लाल सिंह आर्य, कर्नाटक से प्रो. एम. नागराज, उत्तर प्रदेश से प्रो. तारिक मंसूर और पश्चिम बंगाल से डॉ. मधुचंद्र कर को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। बी.एल. संतोष राष्ट्रीय महामंत्री संगठन पार्टी ने बी.एल. संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी है। वहीं शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) बनाया गया है।राष्ट्रीय संगठन की इस टीम के जरिए भाजपा ने विभिन्न राज्यों के नेताओं को केंद्रीय स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सतीश पूनिया सहित 8 राष्ट्रीय महामंत्री भाजपा की ओर से जारी सूची में आठ नेताओं को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। इनमें महाराष्ट्र से विनोद तावड़े, दिल्ली से सुनील बंसल, त्रिपुरा से बिप्लब कुमार देब, उत्तर प्रदेश से स्मृति ईरानी, राजस्थान से डॉ. सतीश पूनिया, मध्य प्रदेश से गजेंद्र पटेल, उत्तर प्रदेश से हरीश द्विवेदी और हरियाणा से संजय भाटिया शामिल हैं।सतीश पूनिया राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं और अब उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। सात मोर्चों के अध्यक्ष भी नियुक्त भाजपा ने अपने सात प्रमुख मोर्चों के अध्यक्षों की भी घोषणा की है। गुजरात के डॉ. हेमांग जोशी को युवा मोर्चा, छत्तीसगढ़ की रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा और उत्तर प्रदेश के अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। मध्य प्रदेश के बंसीलाल गुर्जर को किसान मोर्चा, बिहार के शिवेश कुमार राम को एससी मोर्चा, राजस्थान के डॉ. मन्नालाल रावत को एसटी मोर्चा और उत्तर प्रदेश के कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा की कमान दी गई है। इस तरह राजस्थान से वसुंधरा राजे और सतीश पूनिया के साथ डॉ. मन्नालाल रावत को भी राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण दायित्व मिला है। मीडिया और सोशल मीडिया टीम की भी घोषणा भाजपा ने राष्ट्रीय मीडिया संयोजक के पद पर उत्तराखंड के अनिल बलूनी को नियुक्त किया है। मीडिया सह संयोजक के तौर पर मध्य प्रदेश के आशीष उषा अग्रवाल तथा दिल्ली के प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव को जिम्मेदारी दी गई है। सोशल मीडिया संयोजक के पद पर छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को नियुक्त किया गया है। सोशल मीडिया सह संयोजकों में महाराष्ट्र की प्रीति गांधी, दिल्ली के शिवानंद द्विवेदी, उत्तराखंड के आलोक भट्ट और हरियाणा के अरुण यादव शामिल हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से जारी नियुक्ति आदेश में कहा गया है कि ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। राजस्थान से इन नेताओं को मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी वसुंधरा राजे सिंधिया — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया — राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. मन्नालाल रावत — एसटी मोर्चा अध्यक्ष राजस्थान के तीन नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में मिली जिम्मेदारी के बाद प्रदेश के राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Read more 17th Aug 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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