राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सक्रिय प्रयासों और प्रभावी समन्वय के चलते राजस्थान को केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं, सास्की योजना और केंद्रीय करों में राज्य को कुल 1 लाख 20 हजार 369 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो पूर्ववर्ती सरकार के किसी भी वर्ष की तुलना में अधिक हैं। मार्च माह में ही केंद्र सरकार द्वारा राज्य को लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की बड़ी राशि जारी की गई, जिससे विकास कार्यों को नई गति मिली है। सरकार के अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, पेयजल, कृषि और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में इस अतिरिक्त फंडिंग से व्यापक विकास सुनिश्चित हो रहा है। सास्की (Special Assistance to States for Capital Investment) योजना के तहत राज्य को वर्ष 2025-26 में 10 हजार 548 करोड़ रुपये मिले, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के तीन वर्षों (2020-21 से 2022-23) में यह राशि केवल 7 हजार 290 करोड़ रुपये थी। इसी प्रकार एसएनए-स्पर्श के अंतर्गत संचालित योजनाओं में 13 हजार 658 करोड़ रुपये और वित्त आयोग की सिफारिशों व अन्य योजनाओं के तहत 15 हजार 666 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री के प्रयासों से 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत चिकित्सा क्षेत्र में इस वर्ष 2 हजार 693 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली, जो पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भी व्यय प्रतिशत 98% तक पहुंच गया है, जो राज्य की बेहतर क्रियान्वयन क्षमता को दर्शाता है। शिक्षा क्षेत्र में समग्र शिक्षा योजना के तहत 2025-26 में 2 हजार 972 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, साथ ही स्कूल निर्माण के लिए अतिरिक्त 409 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। वहीं केंद्रीय सड़क निधि में 1 हजार 694 करोड़ रुपये मिले, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हैं। राजस्थान एसएनए-स्पर्श योजनाओं के क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने सास्की योजना के तहत 350 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी जारी की है। सरकार का कहना है कि केंद्र और राज्य की समन्वित “डबल इंजन” व्यवस्था के कारण प्रदेश के सर्वांगीण विकास को नई गति मिली है और आगामी समय में भी इस तरह की योजनाओं के माध्यम से विकास को और मजबूती मिलेगी।
Read more 3rd Apr 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी चर्चित सीरीज ‘इंतज़ारशास्त्र’ के चैप्टर-12 में जयपुर स्थित ड्रीम प्रोजेक्ट ‘कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान’ को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि यह विश्वस्तरीय क्लब, जिसे दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया की तर्ज पर बनाया गया था, आज ‘बदला लेने की राजनीति’ का शिकार हो गया है और अपनी संभावनाओं के बावजूद उपेक्षा झेल रहा है। गहलोत ने कहा कि यह क्लब केवल एक भवन नहीं, बल्कि राजस्थान के बुद्धिजीवियों, लेखकों, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों के लिए एक साझा लोकतांत्रिक मंच के रूप में तैयार किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होने के बावजूद इसे लंबे समय तक बंद क्यों रखा गया और अब खोले जाने के बाद भी सदस्यता प्रक्रिया को पारदर्शी और सार्वजनिक क्यों नहीं बनाया जा रहा। पूर्व मुख्यमंत्री ने क्लब की सुविधाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें आधुनिक ऑडिटोरियम, मीटिंग हॉल, कॉफी शॉप, लग्जरी जिम, रेस्टोरेंट और वीआईपी गेस्ट रूम जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, जो इसे किसी फाइव स्टार सुविधा के बराबर बनाती हैं। इसके बावजूद, इसका उपयोग नगण्य बताया जा रहा है, जो सरकारी संसाधनों के सही उपयोग पर सवाल खड़े करता है। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस मंच को सक्रिय करने से इसलिए बच रही है क्योंकि यहां होने वाले खुले और लोकतांत्रिक संवाद से सरकार की नीतियों और कमियों पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने इसे ‘डर का माहौल’ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवाद के ऐसे मंचों को सीमित करना या निष्क्रिय रखना उचित नहीं है। उन्होंने क्लब के निर्माण में लगे सार्वजनिक धन का हवाला देते हुए कहा कि यह जनता के खून-पसीने की कमाई से बना है, और इसे केवल इसलिए उपेक्षित रखना कि यह पिछली कांग्रेस सरकार के समय बना था, पूरी तरह अनुचित है। गहलोत ने चेतावनी दी कि यदि सार्वजनिक संपत्तियों के उपयोग में पारदर्शिता नहीं रखी गई और नियमों की अनदेखी जारी रही, तो जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। इस मुद्दे ने अब जयपुर के राजनीतिक हलकों के साथ-साथ साहित्यकारों और पत्रकारों के बीच भी चर्चा छेड़ दी है। कांस्टीट्यूशन क्लब को लेकर उठे ये सवाल प्रदेश की राजनीति में एक नए विवाद का कारण बनते दिख रहे हैं।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने घर खरीदारों के हित में बड़ा फैसला सुनाते हुए ‘रवि सूर्या अफोर्डेबल होम्स प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ एक साथ 7 मामलों में सख्त आदेश जारी किया है। अथॉरिटी की चेयरपर्सन वीनू गुप्ता ने स्पष्ट किया कि बिल्डर प्रोजेक्ट में देरी के लिए तकनीकी कारणों या खरीदारों पर दोष डालकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। रेरा ने प्रमोटर को निर्देश दिया है कि वह सभी 7 आवंटियों को उनके फ्लैट्स का वास्तविक भौतिक कब्जा सौंपे और देरी की अवधि के लिए 10.80% वार्षिक ब्याज का भुगतान करे। यह मामला जयपुर के गिरधारीपुरा स्थित ‘सूर्या रेजीडेंसी’ प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसमें राम दयाल शर्मा, कृष्णा देवी जाटव, मुरारी लाल मीणा, मोहन लाल मीणा, जोगेंद्र सिंह शेखावत, जमना देवी और सोनिया ने शिकायत दर्ज कराई थी। विक्रय समझौते (ATS) के अनुसार, इन आवंटियों को नवंबर 2021 से जून 2022 के बीच कब्जा मिल जाना चाहिए था, लेकिन बिल्डर समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने में विफल रहा, जिससे खरीदारों को लंबे समय तक मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुनवाई के दौरान बिल्डर ने यह तर्क दिया कि आवंटियों द्वारा समय पर किश्तों का भुगतान नहीं करने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। साथ ही प्रमोटर ने यह भी दावा किया कि उसने 9 अप्रैल 2025 को अधिभोग प्रमाणपत्र (OC) प्राप्त कर लिया है। हालांकि, रेरा ने इन दलीलों को खारिज करते हुए पाया कि प्रमोटर ने भुगतान में कथित देरी के आधार पर कोई वैध ‘कैंसलेशन नोटिस’ जारी नहीं किया था और न ही ओसी प्राप्त होने के बाद कब्जे का प्रस्ताव भेजा गया। अपने अंतिम आदेश में अथॉरिटी ने स्पष्ट किया कि प्रमोटर कब्जे की निर्धारित तिथि से लेकर 9 अप्रैल 2025 तक की अवधि के लिए 10.80% वार्षिक ब्याज का भुगतान करेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि इस ब्याज राशि को आवंटियों की बकाया राशि (यदि कोई हो) में समायोजित किया जा सकता है और यदि ब्याज अधिक बनता है तो अतिरिक्त राशि लौटानी होगी। यह फैसला उन बिल्डरों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है, जो परियोजनाओं में देरी कर खरीदारों को उनके अधिकारों से वंचित करते हैं।
Read more 2nd Apr 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। सब इंस्पेक्टर भर्ती-2025 परीक्षा से ठीक दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को बड़ी राहत देते हुए अपने पूर्व आदेश में संशोधन कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गुरुवार को दिया गया आदेश केवल याचिकाकर्ता सूरजमल मीणा तक ही सीमित रहेगा और इसे सभी अभ्यर्थियों पर लागू नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि एक व्यक्ति दूसरे के लिए राहत की मांग नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले यानी गुरुवार को आदेश दिया था कि एसआई भर्ती-2021 के सभी अभ्यर्थियों को 5 और 6 अप्रैल को होने वाली भर्ती परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए। ये वे अभ्यर्थी थे जो आयु सीमा पार होने के कारण SI भर्ती-2025 के लिए आवेदन नहीं कर सके थे। हालांकि, शुक्रवार को आदेश में संशोधन के बाद अब यह राहत केवल संबंधित याचिकाकर्ता तक सीमित कर दी गई है, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को झटका लगा है। इस मामले में आरपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर कर कहा था कि परीक्षा से ठीक पहले करीब 2.21 लाख अतिरिक्त अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार करना और उन्हें एडमिट कार्ड जारी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। आरपीएससी ने यह भी दलील दी कि 7.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को पहले ही एडमिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं और परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ऐसे में अंतिम समय पर इतने बड़े स्तर पर बदलाव करना व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। आरपीएससी की ओर से अधिवक्ता राजेश सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि आदेश को केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित रखा जाए। इस पर अवकाश के दिन सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने संशोधित आदेश जारी किया। यह पूरा विवाद एसआई भर्ती-2021 से जुड़ा हुआ है। राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को पेपर लीक और गंभीर अनियमितताओं के आधार पर इस भर्ती को रद्द कर दिया था। साथ ही आगामी भर्ती में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की सिफारिश भी की गई थी। हालांकि इस फैसले पर 8 सितंबर 2025 को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्टे लगा दिया था। आरपीएससी ने इसके बाद आयु सीमा में कोई विशेष छूट नहीं दी, जिसके चलते प्रभावित अभ्यर्थियों ने पुनः न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट से मामला वापस आने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 19 जनवरी 2026 को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन अब तक उस पर निर्णय नहीं आया है। ऐसे में परीक्षा से ठीक पहले आए इस संशोधित आदेश ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता तो दी है, लेकिन हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को झटका भी पहुंचाया है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर, 2 अप्रेल। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्राी श्री नितिन गडकरी से शिष्टाचार भेंट कर अजमेर शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने तथा सुव्यवस्थित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित आउटर रिंग रोड के निर्माण की मांग रखी। इस संबंध में उन्होंने विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए बताया कि पूर्व में भी इस विषय में निवेदन किया जा चुका है। श्री देवनानी ने श्री गडकरी को अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा बजट वर्ष 2025-26 में अजमेर शहर के लिए प्रस्तावित आउटर रिंग रोड की डीपीआर तैयार करने के लिए 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है । सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 892 करोड़ रुपए की योजना तैयार करवाई गई है। उन्होंने आग्रह किया कि अजमेर और पुष्कर की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को दृष्टिगत रखते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को केंद्रीय स्तर पर स्वीकृति प्रदान कर शीघ्र क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने बताया कि अजमेर धार्मिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है। जहां विश्व प्रसिद्ध तीर्थराज पुष्कर एवं ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह स्थित है। इसके अतिरिक्त यहां कई राज्य स्तरीय विभागों के मुख्यालय भी संचालित हैं। इससे प्रतिदिन यातायात का अत्यधिक दबाव बना रहता है। वर्तमान में अजमेर से प्रतिदिन लगभग 800 रोडवेज बसों का अंतरजिला एवं अंतरराज्यीय संचालन होता है। इनसे हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। साथ ही पर्यटन सीजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित होती है। भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही भी शहर की सड़कों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा रही है। श्री गडकरी ने कहा कि इन प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी। श्री देवनानी ने बताया कि इस रिंग रोड के निर्माण से शहर के भीतर यातायात दबाव में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही पर्यटन और शहरी विकास को भी नए आयाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से न केवल अजमेर और पुष्कर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि अजमेर विकास प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति भी सुद्दढ़ हो सकेगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्राी से आग्रह किया कि तैयार डीपीआर के आधार पर आवश्यक बजट स्वीकृत कराते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश प्रदान किए जाएं। इससे आमजन को सुगम यातायात का लाभ शीघ्र मिल सकेगा। श्री नड्डा, श्री जोशी से भी मुलाकात विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्राी श्री जे.पी. नड्डा एवं वरिष्ठ नेता श्री मुरली मनोहर जोशी से भी मुलाकात की। इस दौरान अजमेर में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास एवं अन्य विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
Read more 2nd Apr 2026
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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