राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को जयपुर के कंस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित लोकमंथन-2026 के कर्टन रेजर कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर लोकमंथन-2026 की रूपरेखा, आयोजन से जुड़ी तैयारियों और विभिन्न समितियों की घोषणा की गई। कार्यक्रम में लोकमंथन की वेबसाइट का लोकार्पण भी किया गया। दिसंबर में आयोजित होने वाले लोकमंथन-2026 को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को स्वागत समिति का अध्यक्ष घोषित किया गया। वहीं उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी को आयोजन समिति की अध्यक्ष घोषित किया गया। इस घोषणा के साथ ही आयोजन की तैयारियों को औपचारिक रूप से गति मिल गई है। कार्यक्रम के दौरान प्रज्ञा प्रवाह समिति के संयोजक जे. नंद कुमार द्वारा लिखित पुस्तक फोक से परे लोक का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक के माध्यम से लोक, संस्कृति, परंपरा और भारतीय चिंतन से जुड़े विषयों को व्यापक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया है। लोकमंथन-2026 को भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, विचार-विमर्श और सामाजिक संवाद के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है। कर्टन रेजर कार्यक्रम में आयोजन की मूल भावना और आगामी कार्यक्रमों की दिशा पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि लोकमंथन जैसे आयोजन समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, लोक ज्ञान और परंपरागत बौद्धिक विरासत से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में लोकमंथन-2026 को भव्य और सार्थक रूप से आयोजित करने की दिशा में विभिन्न स्तरों पर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। आयोजन समिति और स्वागत समिति की घोषणा को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कंस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में लोकमंथन की वेबसाइट के लोकार्पण से आयोजन से जुड़ी जानकारी, गतिविधियों और अपडेट्स को डिजिटल माध्यम से आमजन तक पहुंचाने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। इससे आयोजन की जानकारी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंच सकेगी। लोकमंथन-2026 के कर्टन रेजर कार्यक्रम के साथ ही दिसंबर में होने वाले मुख्य आयोजन की तैयारियों का औपचारिक आगाज हो गया है। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने इसे भारतीय विचार, लोक परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।
Read more 1st Jul 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान के वाहन चालकों और आम जनता के लिए 1 जुलाई 2026 की सुबह राहत भरी खबर लेकर आई है। देश की बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी Nayara Energy ने राजस्थान सहित देशभर में अपने पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतों में कटौती करने का फैसला किया है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर की कमी की है। इस कटौती से राजस्थान के लाखों वाहन मालिकों, किसानों, ट्रांसपोर्टर्स और आम उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर आर्थिक राहत मिलेगी। खास बात यह है कि राजस्थान में Nayara Energy का बड़ा नेटवर्क है, इसलिए इस फैसले का असर शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिलेगा। राजस्थान के करीब 900 पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू राजस्थान में Nayara Energy के करीब 900 पेट्रोल पंप संचालित हैं। बुधवार सुबह से ही इन सभी पंपों पर पेट्रोल और डीजल की नई दरें लागू कर दी गई हैं। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और कोटा जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को घटे हुए दामों का लाभ मिलना शुरू हो गया है। सुबह से कई जगह Nayara के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारें देखने को मिलीं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सीधी कटौती के चलते आम वाहन चालकों में राहत का माहौल है। पेट्रोल 5 रुपए और डीजल 3 रुपए सस्ता कंपनी की ओर से पेट्रोल की कीमतों में सीधे 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई है। हालांकि स्थानीय टैक्स और वैट के कारण अलग-अलग जिलों में अंतिम कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है, लेकिन कंपनी की ओर से की गई यह कटौती सभी Nayara पेट्रोल पंपों पर लागू रहेगी। डीजल की कीमतों में कमी से ट्रांसपोर्ट सेक्टर, माल ढुलाई, बस ऑपरेटरों और किसानों को राहत मिलेगी। वहीं पेट्रोल सस्ता होने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों का दैनिक खर्च कम होगा। ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी मिलेगा फायदा राजस्थान में Nayara Energy के पेट्रोल पंप बड़ी संख्या में ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में भी मौजूद हैं। ऐसे में यह कटौती केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांवों और छोटे कस्बों के वाहन चालकों को भी इसका लाभ मिलेगा। किसानों के लिए डीजल की कीमतों में कमी खास राहत मानी जा रही है, क्योंकि सिंचाई, कृषि उपकरण, ट्रैक्टर और परिवहन में डीजल का बड़ा उपयोग होता है। इसी तरह छोटे व्यापारियों और माल परिवहन से जुड़े लोगों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। महंगाई के बीच आमजन को राहत पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी से आमजन को महंगाई के बीच राहत मिलने की उम्मीद है। ईंधन खर्च कम होने से दैनिक यात्रा, माल ढुलाई और परिवहन लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। Nayara Energy के इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। कई वाहन चालक घटे हुए रेट्स का लाभ लेने के लिए सुबह से ही कंपनी के पेट्रोल पंपों पर पहुंचते दिखाई दिए। प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना Nayara Energy की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती के बाद फ्यूल रिटेल मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। उपभोक्ता अब अलग-अलग कंपनियों के पंपों पर कीमतों की तुलना कर ईंधन भरवाने का फैसला कर सकते हैं। राजस्थान जैसे बड़े राज्य में 900 पेट्रोल पंपों पर एक साथ नई दरें लागू होने से बाजार पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अन्य फ्यूल रिटेल कंपनियां इस कटौती पर क्या रुख अपनाती हैं।
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राजस्थान न्यूज़: धौलपुर। कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज बुधवार को धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र स्थित उसके पैतृक गांव भवुतीपुरा में किया जाएगा। सुबह करीब साढ़े सात बजे जगन गुर्जर का शव गांव पहुंचा, जिसके बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। घटना की गंभीरता और क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए गांव और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। भवुतीपुरा गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सोने का गुर्जा, बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली, बसई डांग, कंचनपुर, निहालगंज, धौलपुर सदर, राजाखेड़ा और मनिया सहित कुल नौ थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई है। एएसपी श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। गांव में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को सतर्क रखा गया है। जगन गुर्जर की मौत को लेकर छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में अहम तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जगन की मौत गले और गर्दन पर गंभीर दबाव पड़ने से हुई। अत्यधिक दबाव के कारण उसकी गर्दन की हायोड बोन टूट गई थी, जिसे मौत का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पोस्टमॉर्टम में गर्दन के मध्य हिस्से में अंदरूनी रक्तस्राव भी पाया गया है। सांस की नली और भोजन नली के आसपास गंभीर चोटों के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक मेडिकल निष्कर्षों के अनुसार, गला दबाए जाने के बाद करीब तीन मिनट के भीतर जगन गुर्जर की सांसें थम गई थीं। हालांकि, अंतिम मेडिकल राय एफएसएल और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने टॉवल या तौलिए से जगन गुर्जर का गला दबाकर उसकी हत्या की। बताया जा रहा है कि हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। हत्या के बाद जगन गुर्जर के परिजन विरोध में धरने पर बैठ गए थे। परिजनों की मांगों और प्रशासन से हुई बातचीत के बाद मंगलवार को सहमति बनी, जिसके बाद अजमेर में शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को धौलपुर स्थित पैतृक गांव भवुतीपुरा भेजा गया, जहां आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल जैसी संवेदनशील जेल में हुई इस हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। एफएसएल रिपोर्ट और अन्य जांच निष्कर्षों के बाद घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने सोमवार देर रात करीब 11:30 बजे अयोध्या के एक होटल में नजरबंद कर दिया। थोड़ी देर बाद उन्हें कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस ले जाया गया। कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा, तनुज पूनिया और उज्जवल रमण सिंह को भी हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस का डेलिगेशन चढ़ावा चोरी के विरोध में अयोध्या पहुंचा था। कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को ट्रस्ट कार्यालय के घेराव का ऐलान किया था। ट्रस्ट कार्यालय घेराव से पहले पुलिस की कार्रवाई कांग्रेस नेताओं के प्रस्तावित घेराव को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने पहले ही सख्त कदम उठाए। अजय राय को देर रात होटल में नजरबंद किया गया और बाद में उन्हें गेस्ट हाउस ले जाया गया। वहीं अन्य कांग्रेस सांसदों और नेताओं की गतिविधियों पर भी पुलिस ने निगरानी रखी। कांग्रेस का आरोप है कि चढ़ावे से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े विषय पर पारदर्शिता जरूरी है। राम जन्मभूमि मंदिर की ओर कूच कर रहे कार्यकर्ताओं को रोका इस बीच मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राम जन्मभूमि मंदिर की ओर कूच किया। पुलिस ने मंदिर से करीब एक किलोमीटर पहले टेढ़ी बाजार क्षेत्र में उन्हें रोक दिया। रोके जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और पुलिस से धक्का-मुक्की करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिसकर्मी कार्यकर्ताओं को पकड़कर वाहनों में ले जाते नजर आए। कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया दमनकारी कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास बताया है। पार्टी का कहना है कि चढ़ावा चोरी जैसा मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और इस पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है। कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो।
Read more 30th Jun 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: जयपुर/नई दिल्ली। यमुना जल बंटवारे को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच 1994 के समझौते को लागू करने से जुड़े लंबे विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। करीब 32 साल बाद दोनों राज्यों के बीच इस मुद्दे पर सहमति बन गई है। सूत्रों के अनुसार, सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समझौते को लागू करने के लिए मेमोरंडम ऑफ एग्रीमेंट यानी एमओए पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी मौजूद रहेंगे। समझौते के प्रमुख बिंदुओं पर रविवार को दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में मैराथन बैठक हुई। करीब दो घंटे चली इस बैठक में राजस्थान और हरियाणा के बीच कई अहम विषयों पर सहमति बनी। इस समझौते को शेखावाटी सहित राजस्थान के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीकानेर हाउस में दो घंटे चली बैठक रविवार को हुई बैठक में राजस्थान की ओर से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, एसीएस अभय कुमार और जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर भुवन भास्कर मौजूद रहे। वहीं हरियाणा की ओर से एसीएस अनुराग अग्रवाल और चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह बैठक में शामिल हुए। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। बैठक में यमुना जल समझौते के क्रियान्वयन, पाइपलाइन मार्ग, जल प्रवाह, वित्तीय व्यय, परियोजना संचालन और भविष्य में अन्य जल स्रोतों से मिलने वाले पानी के उपयोग पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने तकनीकी और प्रशासनिक बिंदुओं पर सहमति बनाते हुए एमओए के लिए आधार तैयार किया। हरियाणा ने इन स्थानों से मांगा पानी समझौते के तहत हरियाणा ने कई स्थानों से पानी लेने की मांग रखी है। इसमें दानोदा कलां से 10 क्यूसेक, नयागांव के पास सारसौद डिस्ट्रीब्यूटी से 80 क्यूसेक, चौधरी माइनर पर हिंदवान से 70 क्यूसेक, सरसना माइनर पर पाट्टन से 20 क्यूसेक, सेगा नरार से 2 क्यूसेक, कैथल टाउन के पास पेओदा से 43 क्यूसेक और कैथल टाउन के पास चांदना मानस रोड से 41.83 क्यूसेक पानी की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त एक अन्य स्थान से भी पानी लिया जाएगा। हरियाणा हाश्यावास के तीन रिजर्वायर में से एक से आवश्यकता के अनुसार पानी ले सकेगा। इन बिंदुओं को लेकर दोनों राज्यों के बीच तकनीकी सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। हाईब्रिड मोड पर राजस्थान पहुंचेगा पानी हथिनी कुंड बैराज से राजगढ़, चूरू के जलाशय तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बनाई जाएगी। हथिनी कुंड और राजगढ़ के बीच भूतल स्तर में करीब 110 मीटर का अंतर है और राजगढ़ अपेक्षाकृत नीचा है। ऐसे में सामान्य स्थिति में पानी हथिनी कुंड से गुरुत्वाकर्षण के प्रवाह से राजगढ़ तक पहुंच सकेगा। हालांकि, इस पाइपलाइन को हाईब्रिड मोड पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत पम्पिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे, ताकि पानी की उपलब्धता कम होने या प्रवाह में कमी आने पर पंपिंग सिस्टम के माध्यम से पानी राजगढ़ तक पहुंचाया जा सके। एसपीवी कंपनी करेगी परियोजना का संचालन इस परियोजना के संचालन के लिए पहले संयुक्त बोर्ड का प्रस्ताव था, लेकिन अब दोनों राज्य स्पेशल पर्पज व्हीकल यानी एसपीवी कंपनी बनाने पर सहमत हो गए हैं। एसपीवी के गठन और संचालन से जुड़े अन्य बिंदु आगे तय किए जाएंगे। यही कंपनी परियोजना के क्रियान्वयन और संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी। परियोजना का पूरा आर्थिक व्यय राजस्थान सरकार वहन करेगी। हालांकि, इस व्यय में केंद्र सरकार से भी सहयोग लेने का प्रयास किया जाएगा। भविष्य में किशाऊ, लखवार और रेणुकाजी से राजस्थान के हिस्से का पानी भी इन्हीं पाइपलाइनों के जरिए प्रदेश तक पहुंचाया जा सकेगा। राजस्थान को मिलेगा 1917 क्यूसेक पानी राजस्थान को 1994 के समझौते के आधार पर ही पानी मिलेगा। बताया जा रहा है कि हरियाणा ने समझौते के बाद बदली परिस्थितियों और वर्तमान मांग के अनुसार बंटवारे का प्रस्ताव रखा था, लेकिन राजस्थान की ओर से मूल समझौते को ही फिलहाल लागू करने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी। राजस्थान को 1917 क्यूसेक पानी मिलने की बात सामने आई है। हथिनी कुंड से चूरू के हाश्यावास तक तीन पाइपलाइन डाली जाएंगी। प्रत्येक पाइपलाइन का व्यास 3.6 मीटर होगा। यह पानी पश्चिमी यमुना कैनाल से उपलब्ध कराया जाएगा। हरियाणा के पांच जिलों से गुजरेगी पाइपलाइन प्रस्तावित पाइपलाइन हरियाणा के यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और हिसार जिलों से होकर गुजरेगी। पाइपलाइन मार्ग में आवश्यक भूमि अवाप्ति की जाएगी। मंजूरी के बाद वित्तीय संसाधन जुटाए जाएंगे और निर्माण कार्य के लिए टेंडर तथा वर्क ऑर्डर जारी किए जाएंगे। परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। जल संकट से जूझ रहे राजस्थान के इलाकों के लिए यह परियोजना दीर्घकालिक राहत देने वाली मानी जा रही है। विशेष रूप से चूरू, झुंझुनूं, सीकर और शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल और जल उपलब्धता को लेकर यह समझौता महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। 32 साल पुराने विवाद के समाधान की उम्मीद यमुना जल बंटवारे को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच 1994 से विवाद चला आ रहा था। लंबे समय से राजस्थान अपने हिस्से के पानी को लेकर समझौते के क्रियान्वयन की मांग कर रहा था। अब दोनों राज्यों के बीच एमओए की तैयारी को इस विवाद के समाधान की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि सोमवार को एमओए पर हस्ताक्षर होते हैं, तो राजस्थान के लिए यमुना जल समझौते के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद परियोजना की वित्तीय, तकनीकी और निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
Read more 29th Jun 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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