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राजस्थान

राजस्थान न्यूज़: फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट से प्रैक्टिस का मामला, राजस्थान में 88 और डॉक्टरों पर गिरफ्तारी की हो रही है तैयारी

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर राजस्थान में प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट मामले में एसओजी की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। जांच में सामने आया है कि राज्य में सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस कर रहे 88 और डॉक्टरों के फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन यानी एफएमजीई सर्टिफिकेट संदिग्ध या फर्जी पाए गए हैं। इन डॉक्टरों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। इस मामले में अब तक 27 डॉक्टर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, अधिकतर डॉक्टर कस्बों और छोटे शहरों में प्रैक्टिस कर रहे थे। विदेश से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को भारत में पंजीयन से पहले निर्धारित एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा पास करना जरूरी होता है, लेकिन आरोप है कि कई लोगों ने फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवा लिया। करीब डेढ़ सौ डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन पर संदेह एसओजी एफएमजी डेटा और राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रेशन डेटा का मिलान कर रही है। प्रारंभिक जांच में करीब डेढ़ सौ डॉक्टरों के दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने की बात कही जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि कई डॉक्टरों ने फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। 25 से 30 लाख में पढ़ाई से रजिस्ट्रेशन तक का सौदा अब तक गिरफ्तार 27 डॉक्टरों से पूछताछ में एसओजी को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पूछताछ में सामने आया कि नीट क्वालिफाई नहीं करने वाले कुछ युवकों से दलालों ने संपर्क किया था। आरोप है कि कजाकिस्तान से एमबीबीएस कराने और बिना वास्तविक एफएमजीई पास किए राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाने का सौदा 25 से 30 लाख रुपए में किया जाता था। जांच एजेंसी के अनुसार, एक युवक को कजाकिस्तान भेजने के बाद उसी नेटवर्क के जरिए कई अन्य लोगों को विदेश से एमबीबीएस करवाया गया। इसके बाद कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रेशन करवाया गया। इस पूरे नेटवर्क में करीब 25 करोड़ रुपए के लेन-देन या खर्च की आशंका जताई जा रही है। मास्टरमाइंड पर रिश्तेदारों को भी एमबीबीएस करवाने का आरोप एसओजी की जांच में गिरोह के मास्टरमाइंड के रूप में भानाराम माली का नाम सामने आया है। आरोप है कि उसने पहले अपने रिश्तेदारों को एमबीबीएस करवाया और बाद में उनके संपर्क में आए अन्य युवकों को भी इस नेटवर्क के जरिए विदेश भेजा गया। इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्रेशन करवाने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। जल्द और गिरफ्तारियां संभव एसओजी एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, विदेश से एमबीबीएस कर भारत लौटे सौ से ज्यादा डॉक्टरों के एफएमजी रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा सामने आया है। विदेश से एमबीबीएस कराने और फर्जी रजिस्ट्रेशन करवाने में एक बड़ा गिरोह सक्रिय था, जिसका खुलासा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि एफएमजी डेटा और आरएमसी डेटा की जांच जारी है। डेटा मिलान और दस्तावेजों की जांच के आधार पर जल्द ही कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल एसओजी यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में दलालों, दस्तावेज तैयार करने वालों और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सहयोग करने वाले अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। मामले ने चिकित्सा व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Read more 10th Jul 2026

राजस्थान न्यूज़: हाईकोर्ट के आदेश से शिक्षा विभाग में 5 वर्षों की प्रिंसिपल पदोन्नतियों की होगी समीक्षा

राजस्थान न्यूज़: बीकानेर। राजस्थान हाईकोर्ट के एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद शिक्षा विभाग में पिछले पांच वर्षों के दौरान हुई प्रिंसिपल पदोन्नतियों की समीक्षा का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने 1 अप्रैल 2021 की आधार तिथि के अनुसार वरिष्ठता सूची की समीक्षा करते हुए रिव्यू डीपीसी करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश का असर वर्ष 2021-22 से लेकर अब तक हुई प्रिंसिपल पदोन्नतियों पर पड़ सकता है। साथ ही भविष्य में जिला शिक्षा अधिकारी और उपनिदेशक स्तर तक की पदोन्नतियों पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है। वर्ष 2021-22 में राज्य सरकार द्वारा नियमों में संशोधन के बाद व्याख्याताओं और हेडमास्टर्स की संयुक्त वरिष्ठता सूची तैयार की गई थी। इस वरिष्ठता सूची में प्रशासनिक अनुभव यानी वेटेज को महत्व दिए जाने के कारण कई जूनियर हेडमास्टर्स वरिष्ठ व्याख्याताओं से ऊपर आ गए थे। इस व्यवस्था को चुनौती देते हुए अनेक व्याख्याताओं ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि पदोन्नति प्रक्रिया में वास्तविक वरिष्ठता और लागू नियमों का पालन सर्वोपरि है। यदि वरिष्ठता निर्धारण में किसी प्रकार की त्रुटि हुई है, तो उसे सुधारते हुए पात्र कार्मिकों को उनके वैधानिक अधिकारों का लाभ दिया जाना चाहिए। अदालत के निर्देशों के अनुसार सबसे पहले वर्ष 2021-22 और 2022-23 की प्रिंसिपल डीपीसी की समीक्षा की जाएगी। चूंकि बाद के वर्षों की पदोन्नतियां भी इन्हीं वरिष्ठता सूचियों और डीपीसी के आधार पर आगे बढ़ी थीं, इसलिए वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की डीपीसी भी पुनरीक्षण के दायरे में आ सकती है। इससे शिक्षा विभाग को पूरी पदोन्नति प्रक्रिया को दोबारा व्यवस्थित करना पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस आदेश से उन व्याख्याताओं को राहत मिल सकती है, जो वरिष्ठ होने के बावजूद संशोधित संयुक्त वरिष्ठता सूची में पीछे चले गए थे। रिव्यू डीपीसी के बाद ऐसे कार्मिकों को वरिष्ठता के अनुरूप प्रिंसिपल पदोन्नति का लाभ मिल सकता है। वहीं, प्रशासनिक वेटेज के आधार पर वरिष्ठता में ऊपर आए हेडमास्टर्स की रैंकिंग में बदलाव संभव है, जिससे उनकी आगामी पदोन्नतियां भी प्रभावित हो सकती हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग को अब वरिष्ठता सूची, पूर्व डीपीसी और आगामी पदोन्नति प्रक्रिया की गहन समीक्षा करनी होगी, ताकि पदोन्नति में नियमों और वास्तविक वरिष्ठता का सही अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

Read more 10th Jul 2026

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में UCC पर जनसुनवाई शुरू, धर्मगुरुओं ने रखे सुझाव; लिव-इन संबंधों पर सख्त कानून की मांग

राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित कानून के मसौदे को व्यावहारिक, सर्वसमावेशी और जन-भावनाओं के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में दो दिवसीय जयपुर संभाग स्तरीय जनसुनवाई शुरू हुई। जनसुनवाई में आमजन, विभिन्न धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से गठित सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता वाली समिति इन सुझावों का अध्ययन कर समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करेगी और अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। जनसुनवाई के दौरान अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरुओं और प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार रखे। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुस्लिम पर्सनल लॉ का हवाला देते हुए धार्मिक रीति-रिवाजों और मान्यताओं से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने की मांग की। वहीं, हिंदू समाज के धर्मगुरुओं ने सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने का समर्थन किया। लिव-इन रिलेशनशिप पर कड़े प्रावधानों की मांग बैठक के दौरान लगभग सभी धर्मगुरुओं ने लिव-इन संबंधों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि ऐसे संबंध सामाजिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने मांग की कि लिव-इन संबंधों में विवाद की स्थिति में महिलाओं और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए स्पष्ट और मजबूत कानूनी प्रावधान किए जाएं। धर्मगुरुओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने लिव-इन संबंधों का अनिवार्य पंजीकरण करने, संबंधित पक्षों के अधिकार और दायित्व तय करने तथा महिला और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे सुझाव भी समिति के सामने रखे। ऑनलाइन भी भेजे जा सकेंगे सुझाव समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि दो दिवसीय जनसुनवाई के माध्यम से विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही आमजन ऑनलाइन माध्यम से भी अपने सुझाव भेज सकते हैं। समिति प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। राज्य सरकार इस रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर समान नागरिक संहिता के प्रस्तावित मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। इस जनसुनवाई को राजस्थान में UCC को लेकर जनमत, सामाजिक दृष्टिकोण और कानूनी व्यवहार्यता समझने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Read more 10th Jul 2026

उदयपुर

उदयपुर न्यूज़: अजमेर के बोर्ड ऑफिस की गली स्थित ओला शोरूम पर गुरुवार को ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की।

उदयपुर न्यूज़: अजमेर के बोर्ड ऑफिस की गली स्थित ओला शोरूम पर गुरुवार को ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी खराब होने के बाद सात महीने पहले सर्विस के लिए जमा कराई गई थी, लेकिन आज तक वाहन वापस नहीं मिला। उनका कहना है कि वे लगातार शोरूम के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने आरोप लगाया कि उसके स्कूटर का स्टार्ट बटन बार-बार खराब हो जाता है। शिकायत करने पर केवल बटन बदल दिया जाता है, लेकिन मूल समस्या बनी रहती है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इससे नाराज ग्राहकों ने शोरूम के बाहर प्रदर्शन कर प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

Read more 2nd Jul 2026

अजमेर

अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु

Read more 31st Aug 2022

अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन

Read more 31st Aug 2022

अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार

Read more 31st Aug 2022

राष्ट्रीय - अंतर्राष्ट्रीय

राष्ट्रीय न्यूज़: NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर 20वें दिन भी प्रदर्शन जारी, टेंट लगाने की अनुमति मांगते हुए CJP संस्थापक ने पुलिस से लगाई गुहार

राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बारिश के बीच भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए टेंट लगाने की अनुमति मांगते हुए पुलिस अधिकारियों से हाथ जोड़कर और उनके पैर पकड़कर गुहार लगाई। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि लगातार बारिश के कारण भूख हड़ताल पर बैठे छात्र भीग रहे हैं। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारी केवल इतना चाहते हैं कि छात्रों को बारिश से बचाने के लिए अस्थायी टेंट लगाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने दावा किया कि इसी मांग को लेकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बार-बार अनुरोध किया। दीपके ने एक अन्य वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि तिरपाल लेकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बदसलूकी की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला प्रदर्शनकारियों को पुरुष पुलिसकर्मियों ने धक्का दिया। हालांकि, इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांग केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। संगठन का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों की नैतिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन में पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं। वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर बैठे हैं। बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों के अनुसार लगातार 11 दिनों की भूख हड़ताल के दौरान उनका वजन सात किलोग्राम से अधिक घटकर 59.4 किलोग्राम रह गया है। इसके बावजूद उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है। इधर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य और पूर्व जेएनयू छात्र नेता ऋषिकेश की भी भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में दर्द और हाथ-पैर सुन्न होने की शिकायत के बाद राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय सलाह के बाद उन्होंने अपनी 11 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी, जबकि संगठन के चार अन्य छात्र अब भी अनशन पर बैठे हुए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत इस वर्ष मई में हुई थी। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के अनुसार, इसकी प्रेरणा भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी से मिली थी, जिसमें कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" से किए जाने की चर्चा सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से हुई। इसी के बाद 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से CJP की शुरुआत की और पार्टी के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाए। इसके बाद 22 मई को संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन अभियान शुरू किया, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला। CJP का दावा है कि इस अभियान को आठ लाख से अधिक लोगों ने समर्थन दिया। सोशल मीडिया पर भी CJP ने कम समय में बड़ी पहचान बनाई। संगठन के अनुसार, 10 जून तक इंस्टाग्राम पर उसके 2.27 करोड़ फॉलोअर्स हो गए थे। वर्तमान में यह संख्या लगभग दो लाख कम हुई है, लेकिन फिर भी संगठन का दावा है कि उसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के आधिकारिक खातों से अधिक हैं। वहीं, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर CJP के करीब 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं। जंतर-मंतर पर जारी यह प्रदर्शन अब केवल NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Read more 9th Jul 2026

राष्ट्रीय न्यूज़: मानसून सत्र से पहले मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा तेज, नए युवा चेहरों को मिल सकता है मौका

राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। भाजपा के राष्ट्रीय राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर सुगबुगाहट बढ़ी है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक सरकार या भाजपा नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। ऐसे में राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि सत्र से पहले यदि मंत्रिमंडल में बदलाव होता है, तो सरकार नए सिरे से राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन साधने का प्रयास कर सकती है। पहले यह संकेत मिल रहे थे कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव मानसून सत्र के बाद 15 अगस्त तक भी संभव नहीं है। लेकिन बीते दिनों राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बातचीत के दौरान फिर से यह चर्चा सामने आई कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद सत्र से पहले ही मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकते हैं। चर्चा इस बात की भी है कि संभावित फेरबदल में नए और युवा चेहरों को अवसर दिया जा सकता है। मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों के बीच 2021 का उदाहरण भी राजनीतिक गलियारों में याद किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में 7 जुलाई 2021 को बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल किया था। उस समय 43 मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिनमें 36 नए चेहरे शामिल थे और कई प्रमुख मंत्रियों को पद से हटाया गया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2021 की तरह यदि इस बार भी सत्र से पहले फेरबदल होता है, तो इसका उद्देश्य शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा लाना, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधना तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाना हो सकता है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 जुलाई तक विदेश यात्रा कार्यक्रम और 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद सत्र को देखते हुए फेरबदल की समयसीमा को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि यदि फेरबदल होना है, तो संसद सत्र से पहले सीमित समय में फैसला लिया जा सकता है। वहीं कुछ का मानना है कि सत्र के बाद भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस बार संभावित बदलाव को लेकर भाजपा के भीतर युवा नेतृत्व, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सहयोगी दलों की भूमिका पर भी चर्चा है। एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में राजनीतिक समीकरण पहले की तुलना में अधिक व्यापक हैं, इसलिए किसी भी बदलाव में सहयोगी दलों और राज्यों के प्रतिनिधित्व को भी महत्व दिया जा सकता है। फिलहाल मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर केवल राजनीतिक चर्चा और संकेत सामने आ रहे हैं। अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर ही होगा। आधिकारिक घोषणा होने तक इसे संभावित राजनीतिक गतिविधि के रूप में ही देखा जा रहा है।

Read more 9th Jul 2026

क़लमकार

क़लमकार न्यूज़: ये जीवन और कुछ नहीं  बस खेल है छुपन – छुपाई का

क़लमकार: खोजते खोजते अचानक से खुद को पा लेना 

Read more 5th Mar 2022

क़लमकार न्यूज़: तानाशाह एक डरपोक आदमी

क़लमकार: तानाशाह को डर पैदा होता है कि गधे भी मेरे खिलाफ़ साजिश कर रहे हैं

Read more 4th Mar 2022

#Being Positive

#Being Positive: Horizon Hind Live| #Ajmer| वार्ड 58 वार्ड परेड - चंद्रशेखर शर्मा ( मोनी) भाजपा

#Being Positive: Horizon Hind Live| #Ajmer| वार्ड 58 वार्ड परेड - चंद्रशेखर शर्मा ( मोनी) भाजपा

Read more 26th Jan 2021

#Being Positive: Horizon Hind Live| #Ajmerदावेदार मैदान में  (बृजेश माथुर वार्ड 76)

#Being Positive: Horizon Hind Live| #Ajmerदावेदार मैदान में (बृजेश माथुर वार्ड 76)

Read more 23rd Jan 2021

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Ajmer Headlines

#मधुकर कहिन

गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... 

गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...  * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक

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