राजस्थान न्यूज़: जयपुर। एकल पट्टा प्रकरण में शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सरकार की ओर से पैरवी करने दिल्ली से जयपुर पहुंचे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू मामले में बहस नहीं कर सके। पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और पूर्व आईएएस जीएस संधू की ओर से उनके मामले में पैरवी करने की वैधानिक पात्रता पर आपत्ति उठाई गई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की अदालत में जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, धारीवाल और संधू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएस होरा और विवेक राज बाजवा ने कहा कि एएसजी एसवी राजू इस मामले में राज्य सरकार की ओर से पैरवी नहीं कर सकते। बीएनएसएस की धारा 18 का दिया हवाला बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि केस वापस लेने से जुड़े मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 18 के तहत पब्लिक प्रॉसिक्यूटर या स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति का विधिवत नोटिफिकेशन होना आवश्यक है। अधिवक्ताओं ने कहा कि एसवी राजू के संबंध में ऐसा कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। ऐसे में उनके पास इस मामले में सरकार की ओर से पैरवी करने की विधिक अथॉरिटी नहीं है। कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब आपत्ति सुनने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा। अदालत ने पूछा कि एएसजी एसवी राजू को इस प्रकरण में सरकार की ओर से पेश होने और पैरवी करने का अधिकार किस आधार पर दिया गया है। इस विवाद के चलते मामले में शुक्रवार को आगे की प्रभावी सुनवाई नहीं हो सकी। अब 2 सितंबर को होगी सुनवाई हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर के लिए तय कर दी है। अब अगली तारीख पर सरकार को एएसजी की नियुक्ति और पैरवी की वैधानिकता से संबंधित अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। एकल पट्टा प्रकरण में यह नया कानूनी मुद्दा जुड़ने के बाद अब निगाह इस बात पर रहेगी कि सरकार एएसजी की ओर से पैरवी को लेकर कौन-सा वैधानिक आधार अदालत के सामने रखती है।
Read more 15th Aug 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर भाजपा ने इस बार संगठनात्मक रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने पहली बार राजस्थान के बाहर के नेताओं को प्रदेश के निकाय चुनावों की जिम्मेदारी सौंपी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने चुनाव की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राजस्थान निकाय चुनावों का प्रभारी बनाया गया है। पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व भी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग करेगा। पांच नेताओं को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भाजपा ने चुनावी प्रबंधन को मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, सांसद गजेंद्र पटेल, संगीता यादव, रोहन गुप्ता और दिल्ली सरकार के मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह को सह-प्रभारी बनाया है। ये सभी नेता राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक गतिविधियों और जमीनी स्तर पर चुनावी रणनीति की निगरानी करेंगे। राष्ट्रीय नेतृत्व की सीधी नजर प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति से यह साफ संकेत मिला है कि भाजपा राजस्थान के पंचायत और नगर निकाय चुनावों को केवल स्थानीय स्तर का चुनाव मानकर नहीं चल रही है। राष्ट्रीय नेतृत्व इन चुनावों की सीधी मॉनिटरिंग करेगा और प्रदेश संगठन के साथ मिलकर चुनावी रणनीति तैयार करेगा। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर भाजपा का फोकस अब बूथ और वार्ड स्तर पर संगठन को मजबूत करने, सक्रिय कार्यकर्ताओं को जोड़ने और स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार करने पर रहेगा। बाहरी राज्यों के अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी देने का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष आकलन और बेहतर चुनाव प्रबंधन माना जा रहा है। चुनावी गतिविधियां होंगी तेज राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से नियुक्तियां होने के बाद प्रदेश में भाजपा की चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। पार्टी अब उम्मीदवार चयन, संगठनात्मक बैठकों, वार्ड स्तर की रणनीति और स्थानीय समीकरणों पर तेजी से काम कर सकती है।
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राजस्थान न्यूज़: बालोतरा। पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) के मुख्य प्रोसेसिंग एरिया में शुक्रवार शाम करीब 6:15 बजे धुएं का गुबार उठने से हड़कंप मच गया। घटना रिफाइनरी के संवेदनशील सीडीयू-वीडीयू (क्रूड वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट) क्षेत्र में हुई, जहां हीट एक्सचेंजर स्टैक के पास केरोसिन पाइपलाइन में क्रैक आने से रिसाव होने की बात सामने आई है। रिसाव के बाद यूनिट के आसपास घना धुआं फैल गया और फायर सिस्टम सक्रिय होते ही सायरन बजने लगे। सूचना मिलते ही सीआईएसएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब 40 मिनट में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। चिंगारी से आग की सूचना, प्रशासन ने किया इनकार प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार रिसाव के दौरान चिंगारी से आग लगने की सूचना भी सामने आई। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने आग लगने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि माइनर ऑयल लीकेज के कारण रिफाइनरी का फायर सिस्टम सक्रिय हुआ था और एहतियातन तुरंत नियंत्रण की कार्रवाई की गई। पाइपलाइन में क्रैक से हुआ केरोसिन रिसाव सूत्रों के अनुसार टैंक एरिया से क्रूड ऑयल को सीडीयू में भेजकर पेट्रोल, डीजल, केरोसिन सहित अलग-अलग फ्रैक्शंस में प्रोसेस किया जा रहा था। इसी दौरान केरोसिन सेगमेंट से जुड़ी एक पाइपलाइन में अचानक क्रैक आ गया। क्रैक के कारण केरोसिन तेजी से लीक होने लगा और देखते ही देखते पूरे आसपास के हिस्से में धुएं का गुबार छा गया। घटना के बाद संबंधित यूनिट में तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए। CISF और फायर टीमों ने संभाला मोर्चा रिफाइनरी के फायर सिस्टम के सक्रिय होते ही सीआईएसएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा टीमों ने प्रभावित एरिया को नियंत्रित कर रिसाव रोकने और स्थिति सामान्य करने की कार्रवाई की। करीब 40 मिनट बाद हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए गए। संवेदनशील यूनिट में घटना से सुरक्षा पर सवाल सीडीयू-वीडीयू रिफाइनरी के मुख्य प्रोसेसिंग सेक्शन में शामिल है। ऐसे में इस क्षेत्र में पाइपलाइन क्रैक और रिसाव की घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब घटना के तकनीकी कारणों, पाइपलाइन की स्थिति और सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा पर नजर रहेगी।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को लाल किले पर ऐतिहासिक आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया।ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करना शुरू किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। ‘हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा’ लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। उन्होंने कहा कि देश उत्साह, उमंग और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय एकता, संकल्प और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर बताया। ज्ञानपथ पर बनी ‘वंदे मातरम्’ की आकृति स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 2,500 एनसीसी कैडेट और माय भारत वॉलंटियर्स ने ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम्’ की विशाल आकृति बनाई। इस दृश्य ने समारोह को खास बना दिया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम लाल किले और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। कार्यक्रम की सुरक्षा में करीब 15 से 20 हजार जवान तैनात किए गए हैं। निगरानी के लिए 1,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथि शामिल हो रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखा राष्ट्रभक्ति का उत्साह लाल किले पर आयोजित समारोह में सैन्य अनुशासन, राष्ट्रध्वज, वंदे मातरम् और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। देशभर में भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत लोग स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे में इस बार भी राजस्थान के नेताओं की भूमिका अहम रहने वाली है। कांग्रेस ने यूपी में प्रभारी महासचिव के साथ जुड़े 6 पुराने AICC सचिवों को हटाकर नई टीम का गठन किया है। इनमें राजस्थान से पायलट समर्थक माने जाने वाले धीरज गुर्जर को सहप्रभारी-सचिव की जिम्मेदारी से हटाया गया है, जबकि उनकी जगह सादुलशहर के पूर्व विधायक जगदीश जांगिड़ को AICC सचिव बनाकर यूपी की जिम्मेदारी दी गई है। धीरज गुर्जर करीब सात साल से उत्तर प्रदेश संगठन में काम कर रहे थे। अब राजस्थान के ही एक नेता को हटाकर दूसरे नेता को यह भूमिका सौंपे जाने को कांग्रेस की नई संगठनात्मक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सात साल बाद बदली यूपी की टीम कांग्रेस ने यूपी प्रभारी महासचिव के साथ जुड़े छह पुराने AICC सचिवों में बदलाव किया है। धीरज गुर्जर भी लंबे समय से इसी टीम का हिस्सा थे। उनके हटाए जाने के पीछे लंबे कार्यकाल के साथ यूपी के बदलते राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को भी एक कारण माना जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से व्यक्तिगत रूप से किसी नेता को हटाने का विस्तृत आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। जगदीश जांगिड़ को मिली यूपी की जिम्मेदारी सादुलशहर से पूर्व विधायक जगदीश चंद्र जांगिड़ को AICC सचिव बनाया गया है और उन्हें उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव के साथ अटैच किया गया है। जांगिड़ राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख OBC चेहरों में गिने जाते हैं। वे दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक हैं और पेशे से वकील भी रहे हैं। OBC चेहरे के रूप में प्रमोशन की चर्चा राजनीतिक हलकों में जगदीश जांगिड़ की नियुक्ति को OBC नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थक माने जाते हैं। यूपी की राजनीति में OBC मतदाताओं की बड़ी भूमिका को देखते हुए कांग्रेस की यह नियुक्ति सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है। हालांकि यह राजनीतिक आकलन है; पार्टी ने नियुक्ति को किसी विशेष जातीय रणनीति से आधिकारिक रूप से नहीं जोड़ा है। प्रियंका गांधी से मिले राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के नेता इधर दिल्ली में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के कई नेताओं ने भी मुलाकात की। इस मुलाकात में पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद, बाड़मेर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष गफूर अहमद, पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान और शेर मोहम्मद शामिल रहे। उम्मेदाराम के आवास पर डिनर डिप्लोमेसी बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम के दिल्ली स्थित आवास पर भी कांग्रेस नेताओं की बैठक और डिनर हुआ। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित अन्य नेता शामिल हुए। इन मुलाकातों को राजस्थान कांग्रेस के संगठनात्मक समीकरणों और आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि बैठकों में हुई विस्तृत चर्चा को लेकर आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
Read more 8th Aug 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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