September 17, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर , 17सितंबर 2026। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत अजमेर जिले में राज ममता माह के तहत आत्महत्या रोकथाम प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े तथ्यों एवं जानकारी से अवगत कराया गया।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ज्योत्सना रंगा बताया कि 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आमजन में व्याप्त सामाजिक भ्रांतियों के निवारण के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े तथ्यों एवं सही जानकारी का को प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की आसान एवं समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा विशेष प्रयासों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ओर मानसिक तनाव, अवसाद एवं अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े आत्महत्या के जोखिम पर प्रकाश डालते हुए आत्महत्या की अवधारणा, जोखिम कारकों, प्रमुख संकेतों एवं कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। तथा उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामस्वरूप किराड़िया ने बताया कि गेट कीपर मॉड्यूल आत्महत्या रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मानसिक तनाव एवं अवसाद के चेतावनीपूर्ण लक्षणों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर उचित परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराने से आत्महत्या के जोखिम को कम किया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ प्रेम प्रकाश सहायक आचार्य ज ला ने मेडिकल कॉलेज कहा कि मन में किसी प्रकार का संकोच रखने के बजाय अपनी समस्याओं और भावनाओं को खुले मन से विशेषज्ञों, मित्रों एवं परिजनों के साथ साझा करना चाहिए। सकारात्मक संवाद मानसिक तनाव को कम करने और समाधान तलाशने में सहायक हो सकता है।आत्महत्या से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों के समयबद्ध निवारण की आवश्यकता पर जोर देते हुए आपसी सहयोग एवं संवेदनशीलता की भावना विकसित करने की बात कही। ओर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने के बजाय विश्वसनीय मित्रों एवं परिजनों के साथ साझा करने तथा समय रहते समाधान तलाशने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही मानसिक एवं भावनात्मक समस्या की स्थिति में टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर संपर्क कर विशेषज्ञ परामर्श लेने की जानकारी दी।कार्यक्रम में कॉलेज स्टाफ ने भाग लिया।
September 17, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर नगर निगम के चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने 37 वार्ड, भाजपा ने 32 और निर्दलीयों ने 11 वार्ड जीते हैं। यहां एक जरूरी सुधार यह है कि सीटों का सही आंकड़ा कांग्रेस 37 और भाजपा 32 है, इसका उलटा नहीं। 80 सदस्यीय निगम में बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन आवश्यक है। कांग्रेस ने वार्ड 57 की किरण गढ़वाल को मेयर प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा ने वार्ड 3 से निर्वाचित अनामिका शर्मा को मैदान में उतारा है। दोनों ने 16 सितंबर को नामांकन दाखिल किया था। किसी भी दल के पास अपने दम पर 41 का आंकड़ा नहीं होने के कारण 11 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर दोनों दल सक्रिय हैं। हालांकि किस उम्मीदवार को कितने पार्षदों का वास्तविक समर्थन मिलेगा, इसका निर्धारण मतदान के दौरान ही होगा। अब शुक्रवार की नाम वापसी पर नजर किरण गढ़वाल के नामांकन पर आपत्ति खारिज होने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण 18 सितंबर की नाम वापसी है। दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं। इसके बाद शेष उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद 21 सितंबर को मेयर पद के लिए नगर निगम के निर्वाचित पार्षद मतदान करेंगे। मतदान खत्म होने के बाद मतगणना और परिणाम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अजमेर में गुरुवार का घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि नामांकन पर आपत्ति स्वीकार होने की स्थिति में चुनावी तस्वीर बदल सकती थी। निर्वाचन अधिकारी द्वारा आपत्ति खारिज किए जाने के बाद फिलहाल भाजपा की अनामिका शर्मा और कांग्रेस की किरण गढ़वाल दोनों चुनाव प्रक्रिया में बनी हुई हैं।
September 17, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को अजमेर स्थित राजस्व मंडल का दौरा कर विभागीय कार्यप्रणाली और लंबित राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता, समयबद्ध निस्तारण और न्यायिक अनुशासन के साथ काम करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए और लंबित अनुशासनात्मक मामलों को भी तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।मुख्य सचिव ने राजस्व मंडल में लंबित मामलों की संख्या, निस्तारण की गति, डबल बेंच और सिंगल बेंच में सुनवाई की स्थिति, कॉज लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया तथा पुराने और महत्वपूर्ण प्रकरणों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केवल मामलों का निस्तारण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, गुणवत्ता और न्यायिक अनुशासन भी दिखाई देना चाहिए। लंबित मामलों की प्रभावी निगरानी पर जोर समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों से पूछा कि राजस्व मंडल में लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग किस प्रकार की जा रही है और पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए क्या व्यवस्था है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा की जाए और अनावश्यक देरी के कारणों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाए।उन्होंने कहा कि जिन मामलों में लंबे समय से सुनवाई लंबित है, उनकी अलग से सूची तैयार कर समयबद्ध निस्तारण की कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। कॉज लिस्ट में भी मामलों की प्राथमिकता तार्किक और पारदर्शी आधार पर तय हो, ताकि पक्षकारों को अनावश्यक रूप से लंबा इंतजार नहीं करना पड़े। भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई को अंत तक पहुंचाने के निर्देश मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों और विभागीय कार्रवाई की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई केवल जांच या प्रारंभिक नोटिस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने ऐसे मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए अनुशासनात्मक प्रकरणों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने पर जोर दिया। इसके साथ ही अधिकारियों से विभागीय स्तर पर जवाबदेही मजबूत करने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने को कहा गया।मुख्य सचिव का यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राजस्व विभाग का आम लोगों से सीधा जुड़ाव है। भूमि, खातेदारी, नामांतरण, सीमांकन, भूमि आवंटन और विभिन्न राजस्व अपीलों से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में लोगों को राजस्व न्यायालयों और मंडल का रुख करना पड़ता है। निर्णय लेखन की गुणवत्ता पर भी चर्चा मुख्य सचिव ने रिपोर्टेबल जजमेंट और निर्णय लेखन की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि महत्वपूर्ण मामलों में दिए जा रहे निर्णयों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था अपनाई जा रही है।उन्होंने विशेष रूप से एसडीओ न्यायालयों में प्रभावी और स्पष्ट निर्णय लेखन पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि न्यायिक आदेश ऐसे होने चाहिए जिनमें तथ्य, कानून और निष्कर्ष स्पष्ट रूप से दर्ज हों, ताकि पक्षकारों को निर्णय का आधार समझने में कठिनाई न हो। राजस्व न्यायालयों में निर्णय लेखन की गुणवत्ता बेहतर होने से अपील और पुनरीक्षण के स्तर पर भी मामलों को समझने तथा उनका निस्तारण करने में सुविधा होती है। डबल बेंच और सिंगल बेंच के निस्तारण की समीक्षा वी. श्रीनिवास ने राजस्व मंडल की डबल बेंच और सिंगल बेंच में लंबित तथा निस्तारित मामलों की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से वर्तमान निस्तारण दर, पुराने लंबित प्रकरणों और सुनवाई के लिए प्राथमिकता तय करने की प्रणाली के संबंध में फीडबैक लिया।मुख्य सचिव ने मामलों की निगरानी के लिए नियमित समीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि केवल संख्या बढ़ाने के बजाय गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध न्यायिक निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। नए राजस्व मंडल भवन पर भी हुई चर्चा बैठक में अजमेर में राजस्व मंडल के नए भवन के लिए भूमि आवंटन का मुद्दा भी प्रमुख रूप से सामने आया। मुख्य सचिव ने प्रस्तावित भवन से जुड़े भूमि आवंटन और बजट घोषणा की प्रगति की जानकारी ली।उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बजट घोषणा की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने और नए भवन से जुड़ी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। वर्तमान राजस्व मंडल भवन की सीमित व्यवस्थाओं को देखते हुए लंबे समय से नए और अधिक विस्तृत भवन की मांग उठती रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायिक कार्य, रिकॉर्ड प्रबंधन, पार्किंग, अधिवक्ता सुविधाओं और आम पक्षकारों की जरूरत को देखते हुए नए परिसर की आवश्यकता है। बार एसोसिएशन ने मांगी 30 से 35 बीघा भूमि राजस्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकरलाल जाट ने मुख्य सचिव के सामने नए भवन के लिए करीब 30 से 35 बीघा भूमि शीघ्र आवंटित करने की मांग रखी। बार एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा भवन में भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त स्थान नहीं है। नए भवन के लिए ऐसी जमीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जहां न्यायालय कक्ष, अधिवक्ता चैंबर, रिकॉर्ड रूम, लाइब्रेरी, पार्किंग और पक्षकारों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा सके। रिक्त पद भरने और एडवोकेट कोटा बढ़ाने की मांग राजस्व बार एसोसिएशन ने राजस्व मंडल में रिक्त पदों को शीघ्र भरने का मुद्दा भी उठाया। बार की ओर से कहा गया कि रिक्त पदों के कारण मामलों के निस्तारण की गति प्रभावित होती है और उपलब्ध बेंचों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ता है। इसके साथ ही एडवोकेट कोटे के पद दो से बढ़ाकर चार करने की मांग भी मुख्य सचिव के सामने रखी गई। बार एसोसिएशन ने तर्क दिया कि अधिवक्ता पृष्ठभूमि से आने वाले सदस्यों को राजस्व कानून और न्यायिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव होता है, इसलिए प्रतिनिधित्व बढ़ने से मंडल की न्यायिक कार्यप्रणाली को लाभ मिल सकता है। यह मांग फिलहाल बार एसोसिएशन की ओर से रखी गई है और इस पर सरकार के स्तर पर निर्णय होना बाकी है। बार एसोसिएशन के अभिनंदन कार्यक्रम में भी पहुंचे मुख्य सचिव राजस्व मंडल की समीक्षा से पहले मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास राजस्व बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। यहां अधिवक्ताओं ने राजस्व न्याय व्यवस्था, मंडल की बुनियादी सुविधाओं और लंबित मांगों से उन्हें अवगत कराया।कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने नए भवन, रिक्त पदों, अधिवक्ता कोटे और बेहतर न्यायिक आधारभूत संरचना से जुड़े विषय मुख्य सचिव के सामने रखे।
September 17, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर के कृष्ण गंज थाना अंतर्गत वैशाली नगर इलाके से चोरी की बड़ी खबर सामने आई है। फ्रेंड्स कॉलोनी, गोरी नगर और हरिओम कॉलोनी में पिछले कई दिनों से लगातार चोरी की घटनाओं के चलते क्षेत्रवासी परेशान हैं। चोरी की वारदातों को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद अब क्षेत्रवासियों ने भी अपने स्तर पर निगरानी शुरू कर दी है। बुधवार रात करीब 10 बजे लोगों ने एक युवक को दो पानी की मोटर ले जाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। लोगों ने जब युवक को रोककर मोटरों के बारे में पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद क्षेत्रवासियों को मोटरें चोरी की होने का संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान सामने आया कि युवक इन पानी की मोटरों को एक कबाड़ी के यहां बेचने का प्रयास कर रहा था। इसके बाद क्षेत्रवासियों ने कबाड़ी को भी पकड़ लिया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कृष्ण गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक तथा कबाड़ी को थाने ले गई। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर पुलिस को प्रभावी कार्रवाई कर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
September 17, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। सड़क परिवहन को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से 17 सितंबर को अजमेर में ड्राइवर डिग्निटी डे मनाया गया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस की ओर से शहर के विभिन्न ऑटो स्टैंड पर पहुंचकर ऑटो-टेंपो चालकों से संवाद किया गया। ट्रैफिक उपाधीक्षक अंजू यादव ने चालकों की समस्याएं सुनीं और यातायात नियमों की पालना को लेकर जागरूक किया। कार्यक्रम में चालकों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की शपथ ली। कई ऑटो चालकों ने शराब का सेवन कर वाहन नहीं चलाने की भी शपथ ली। पुलिस की ओर से सुरक्षित यातायात और जिम्मेदार ड्राइविंग का संदेश दिया गया
September 17, 2026
अजमेर न्यूज़: नगर निगम चुनाव और आचार संहिता के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। रात के अंधेरे में पुराने नगर निगम कार्यालय के अंदर भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की संदिग्ध आवाजाही तथा कथित रूप से फाइलें बाहर ले जाने का आरोप सामने आया है। इस घटना की खबर मिलते ही लगभग 150 से 200 कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौके पर इकट्ठा हो गए और जमकर विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि नगर निगम परिसर में लगे सभी CCTV कैमरों की जांच की जाए और सच्चाई को जनता के सामने लाया जाए। नगर निगम में महापौर और उप-महापौर चुनाव की सरगर्मियों और चुनावी आचार संहिता के बीच देर रात नगर निगम कार्यालय के बाहर भारी हंगामा देखने को मिला। स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि रात के अंधेरे में भाजपा नेता और कुछ अधिकारी कार्यालय में दाखिल हुए और गाड़ियों में फाइलें भरकर ले जा रहे हैं। जब कार्यकर्ताओं ने मौके पर तैनात चौकीदार से पूछताछ की, तो चौकीदार ने अपनी नौकरी का वास्ता देते हुए कुछ भी बताने से मना कर दिया। कांग्रेस उपाध्यक्ष विवेक पाराशर ने कहा कि रात के अंधेरे में भारी संख्या में लोग यहाँ इकट्ठा हो गए। जब चौकीदार से पूछा गया तो उसने कहा— 'मेरी नौकरी का सवाल है, मुझे माफ कर दो, मुझे कुछ भी बताने से मना किया गया है।'यहाँ नगर निगम के सामने CCTV कैमरे लगे हुए हैं। कांग्रेस और आम जनता मांग करती है कि रात के अंधेरे में भाजपा नेता और अधिकारी क्यों निगम कार्यालय में घुसे? क्यों रात के अंधेरे में फाइलें भरकर ले जाई जा रही हैं? इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और CCTV फुटेज सार्वजनिक की जाए। अभी चुनाव आचार संहिता लागू है, महापौर और उप-महापौर का चुनाव होना बाकी है। ऐसे समय में इस तरह की संदिग्ध गतिविधियाँ होना बेहद गंभीर है। लगभग 150 से 200 कार्यकर्ता यहाँ पहुंचे हैं। अगर कोई गलत काम नहीं हुआ है तो प्रशासन तुरंत CCTV फुटेज सार्वजनिक करके स्थिति साफ करे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे इस पूरे मामले की शिकायत उच्च स्तरीय अधिकारियों से करेंगे और CCTV फुटेज सार्वजनिक होने तक शांत नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या सफाई देता है और जांच में क्या निकलकर सामने आता है।
September 17, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर नगर निगम में मेयर पद के नामांकन की जांच के बीच भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा ने कांग्रेस की प्रत्याशी किरण गढ़वाल के खिलाफ आपत्ति दर्ज करवाई है। अनामिका का आरोप है कि किरण गढ़वाल के समारोह स्थल गढ़वाल पैलेस पर निगम की 19 लाख 18 हजार 628 रुपए की राशि वर्ष 2018 से बकाया है और इसके नोटिस भी जारी हो चुके हैं। निगम अधिनियम की धारा 24 का हवाला देते हुए नामांकन में बकाया राशि की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, अन्य कार्यकर्ता और अनामिका शर्मा की ओर से अधिवक्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स भी तैनात रही। इस दौरान दोनों पक्षों के लोग निगम कार्यालय पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया।कांग्रेसियों ने जमकर भाजपा ओर देवनानी के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के पति दिलीप गढ़वाल ने मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि नगर निगम ने एनओसी दी। एनओसी देने से पहले 24 हजार व 27 हजार के लिए बोला था जो जमा करा दिये। भाजपा वाले हार से बौखलाहट में इस तरह के मुद्दे उठाकर ला रहे हैं। सभी आरोप गलत है और जो बकाया है, उसका स्टे चल रहा है।मामला कोर्ट में विचाराधीन है। भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल में निगम के लाखों रुपए बकाया है। आपत्ति लगाई है। विधि सम्मत अधिकार का उपयोग किया है और नगर निगम की ओर से एनओसी जो दी गई, वो गलत जारी की गई जिसकी जांच होनी चाहिए। फिलहाल अजमेर नगर निगम की नई बिल्डिंग के एक कमरे में वार्ता चल रही है। कमरे के अंदर दोनों पार्टी के मेयर दावेदार, दोनों के प्रस्तावक और लीगल एडवाइजर के साथ अधिकारियों की वार्ता हो रही है। वही कमरे के बाहर दोनों पार्टी के समर्थक नारेबाजी ओर हंगामा कर रहे है। कांग्रेस की मेयर दावेदार किरण गढ़वाल के पति दिलीप गढ़वाल भी परिवार के लोगों के साथ निगम कार्यालय में मौजूद हैं। वह उस कक्ष में भी गए, जहां अधिकारियों के नेतृत्व में वार्ता चल रही है। कक्ष में भाजपा पदाधिकारियों और उनकी लीगल टीम के साथ कांग्रेस की लीगल टीम व अन्य नेताओं के बीच चर्चा जारी है।मेयर चुनाव में बड़ा ट्विस्ट: कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल की NOC निरस्त! मामले की सूचना पर कांग्रेसी कार्यकर्ता नगर निगम भवन के बाहर पहुंचे और धरना देकर विरोध शुरू कर दिया। पुलिस ने निगम के गेट पर अतिरिक्त जाप्ता तैनात कर बैरिकेडिंग लगा दी है। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए विरोध जताया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी और स्पीकर वासुदेव देवनानी के समर्थन में नारे लगा रहे हैं। घटनाक्रम को देखते हुए एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ सहित पुलिस के आला अधिकारी भी नगर निगम भवन में मौजूद हैं। विभिन्न थानों और पुलिस लाइन से पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात किया गया है। निगम परिसर में मौजूद लोगों को बिल्डिंग से बाहर भेजा जा रहा है पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी है।
September 16, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। राजकीय सेटेलाइट चिकित्सालय, आदर्श नगर अजमेर में आज एक प्रेरणादायी एवं सामाजिक सरोकार से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित हुआ। श्रीमती भगवती पिपरवाल, सदस्य महावीर इंटरनेशनल अजमेर एवं सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, जेएलएन चिकित्सालय अजमेर द्वारा अपने माता-पिता की पुण्य स्मृति में महावीर इंटरनेशनल अजमेर के माध्यम से चिकित्सालय को चार व्हील चेयर भेंट स्वरूप प्रदान की गईं। इस अवसर पर महावीर इंटरनेशनल अजमेर के ट्रस्टी श्री पदम चंद जैन, सदस्य श्री एस.के. वर्मा, अध्यक्ष श्री मनोज यादव एवं सदस्य श्री अशोक डाबरिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजकीय सेटेलाइट चिकित्सालय आदर्श नगर अजमेर के अधीक्षक डॉ. जी.सी. मीणा, उपाधीक्षक डॉ. विनय कपूर, मेट्रन श्रीमती संध्या श्रीवास्तव, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती अनीता मिश्रा, नर्सिंग ऑफिसर श्री सिद्धार्थ एवं श्री इरफान सहित चिकित्सालय का अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। इस अवसर पर चिकित्सालय प्रशासन एवं समस्त स्टाफ की ओर से श्रीमती भगवती पिपरवाल एवं महावीर इंटरनेशनल अजमेर का हार्दिक आभार एवं धन्यवाद पत्र प्रेषित किया गया। यह सेवा कार्य मरीजों एवं उनके परिजनों की सुविधा में महत्वपूर्ण योगदान देगा तथा समाज में सेवा, सहयोग एवं मानवीय संवेदना की भावना को और मजबूत करेगा। श्रीमती भगवती पिपरवाल द्वारा अपने माता-पिता की पुण्य स्मृति को इस प्रकार के सेवा कार्य से जोड़ना समाज के लिए एक प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय उदाहरण है।
September 16, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव परिणाम आने के बाद अब मेयर पद के लिए भाजपा और कांग्रेस के चेहरे सामने आ गए हैं। भाजपा ने वार्ड नंबर 3 से निर्वाचित अनामिका शर्मा को मेयर प्रत्याशी बनाया है, जबकि बुधवार को सामने आए ताजा राजनीतिक अपडेट में कांग्रेस ने वार्ड नंबर 57 की पार्षद किरण गढ़वाल को मैदान में उतारा है। मंगलवार तक कांग्रेस में किरण गढ़वाल सहित कई महिला पार्षदों के नामों पर मंथन चल रहा था और अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व पर छोड़ा गया था। मेयर पद इस बार सामान्य महिला श्रेणी के लिए आरक्षित है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों ने निर्वाचित महिला पार्षदों को प्रत्याशी बनाया है। अब मुकाबला केवल दोनों उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि नगर निगम के संख्या गणित पर भी टिका है, क्योंकि किसी भी दल के पास अपने दम पर 41 पार्षदों का बहुमत नहीं है। कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल, भाजपा के पास 32 पार्षद अजमेर नगर निगम की 80 सीटों में कांग्रेस ने 37, भाजपा ने 32 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 11 वार्डों में जीत दर्ज की है। बहुमत के लिए कम से कम 41 मतों की जरूरत होगी। इस हिसाब से कांग्रेस को अपने 37 पार्षदों के अलावा कम से कम चार अतिरिक्त मतों की आवश्यकता है, जबकि भाजपा को अपने 32 पार्षदों के साथ नौ अतिरिक्त मत जुटाने होंगे। कांग्रेस ने चुनाव परिणाम के बाद पांच निर्दलीय पार्षदों का समर्थन होने का दावा भी किया है और उनके साथ तस्वीरें सार्वजनिक की थीं। हालांकि निर्दलीय पार्षद वास्तव में किस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे, यह मेयर चुनाव में ही स्पष्ट होगा। पहली बार चुनाव लड़कर पार्षद बनीं अनामिका शर्मा भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा इस नगर निगम चुनाव से पहली बार चुनावी राजनीति में उतरी हैं। पार्टी ने उन्हें सामान्य महिला के लिए आरक्षित वार्ड नंबर 3 से प्रत्याशी बनाया था और उन्होंने चुनाव जीतकर निगम में प्रवेश किया। वार्ड 3 में अनामिका शर्मा को 3,687 मत मिले। अनामिका शर्मा लघु उद्यम से जुड़ी हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं तक बताई गई है। चुनावी विवरण के अनुसार उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब 37.61 लाख रुपए है। उनके पति मनीष शर्मा अजमेर जिला क्रिकेट संघ से जुड़े हैं। वह भाजपा नेता सीताराम शर्मा की पुत्रवधू हैं। स्थानीय चुनावी रिपोर्टों में परिवार को अजमेर उत्तर विधायक और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के राजनीतिक रूप से निकट बताया गया है। नामांकन और पार्टी की चुनावी गतिविधियों के दौरान शहर भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी तथा पूर्व डिप्टी मेयर नीरज जैन सहित पार्टी के स्थानीय नेता भी उनके साथ नजर आए। किरण गढ़वाल ने वार्ड 57 में भाजपा की नीतू सिंह को हराया कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल वार्ड नंबर 57 से निर्वाचित हुई हैं। यह वार्ड भी सामान्य महिला श्रेणी के लिए आरक्षित था। किरण गढ़वाल को चुनाव में 1,852 वोट, जबकि भाजपा प्रत्याशी नीतू सिंह को 1,568 मत मिले। इस तरह किरण गढ़वाल ने 284 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। किरण गढ़वाल ग्रेजुएट हैं और चुनावी नामांकन से जुड़े प्रकाशित विवरण में उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब 11.59 करोड़ रुपए बताई गई है। वह स्वयं गृहिणी हैं। उनके पति दिलीप गढ़वाल लंबे समय से कांग्रेस की स्थानीय राजनीति से जुड़े बताए जाते हैं और उनका मैरिज गार्डन व्यवसाय भी है। कई नामों की चर्चा के बाद किरण गढ़वाल पर कांग्रेस का फैसला कांग्रेस में मेयर उम्मीदवार के लिए इससे पहले वार्ड 69 की रश्मि शर्मा, वार्ड 24 की रश्मि हिंगोरानी, किरण गढ़वाल और अन्य महिला पार्षदों के नाम चर्चा में थे। मंगलवार तक पार्टी ने आधिकारिक रूप से उम्मीदवार घोषित नहीं किया था और पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा था कि अंतिम फैसला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के स्तर पर होगा।वार्ड 69 की रश्मि शर्मा को प्रत्याशी बनाने की मांग को लेकर सामाजिक और स्थानीय स्तर पर भी पत्राचार सामने आया था। इसके बावजूद ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस की ओर से किरण गढ़वाल का नाम सामने आने के बाद अब अजमेर मेयर चुनाव की मुख्य तस्वीर स्पष्ट हो गई है। 36 साल बाद कांग्रेस भाजपा से आगे अजमेर नगर निगम में यह चुनाव इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि करीब 36 साल बाद कांग्रेस पार्षदों की संख्या में भाजपा से आगे निकली है। पिछले निगम में भाजपा के पास स्पष्ट बढ़त थी, लेकिन इस बार कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इसके बावजूद कांग्रेस बहुमत से चार सीट पीछे है।इस कारण चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटी हैं। कांग्रेस अपने निर्वाचित पार्षदों को कैंप में ले गई है, जबकि भाजपा ने भी अपने पार्षदों को एक साथ रखने की रणनीति अपनाई है। कांग्रेस खेमे में संभावित क्रॉस-वोटिंग को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। 11 निर्दलीय पार्षदों पर रहेगी नजर मेयर चुनाव के संख्या गणित में सबसे महत्वपूर्ण समूह 11 निर्दलीय पार्षदों का है। इनमें से कुछ के समर्थन का दावा कांग्रेस कर रही है, जबकि भाजपा की ओर से भी बोर्ड बनाने के लिए पर्याप्त समर्थन होने की बात कही गई है। ये दोनों राजनीतिक दावे हैं; वास्तविक संख्या मेयर पद के मतदान में स्पष्ट होगी।अजमेर में पार्षद चुनाव ने किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है, इसलिए मेयर पद का निर्वाचन निर्वाचित पार्षदों के मतदान से तय होगा। अनामिका शर्मा और किरण गढ़वाल के मैदान में आने के बाद अब दोनों दलों का ध्यान अपने पार्षदों को एकजुट रखने और अतिरिक्त समर्थन जुटाने पर रहेगा। 21 सितंबर को मेयर का चुनाव अजमेर मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होना है। 80 निर्वाचित पार्षद अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे और मतदान के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। मंगलवार तक उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम और राजनीतिक गतिविधियों में 21 सितंबर को मेयर चुनाव की तारीख निर्धारित बताई गई है।इस तरह अजमेर में अब तस्वीर साफ है— भाजपा की ओर से अनामिका शर्मा और कांग्रेस की ओर से किरण गढ़वाल चुनाव मैदान में हैं, जबकि अंतिम निर्णय निगम के निर्वाचित पार्षदों के मतदान से होगा।
September 16, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर के दरगाह बाजार की प्रसिद्ध पताशा गली में इन दिनों बदहाली और गंदगी का आलम पसरा हुआ है। गली में खुले नाले और लंबे-चौड़े गड्ढों के कारण यहाँ आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस गली में कई गेस्ट हाउस स्थित हैं, जहाँ रोज़ाना बड़ी संख्या में ज़ायरीन और मेहमान ठहराव करते हैं। लेकिन गली के खस्ता हाल की वजह से ज़ायरीन और स्थानीय लोग अक्सर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। नाले के गहरे गड्ढों में गिरने से कई लोग घायल हो चुके हैं और कईयों के हाथ-पाँव में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि वे अपने स्तर पर लगातार साफ-सफाई और व्यवस्था सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन समस्या इतनी बड़ी है कि बिना प्रशासन के सहयोग के इसका समाधान संभव नहीं हो पा रहा है। लंबे रास्ते से चक्कर काटकर आने-जाने को मजबूर लोगों ने हाथ जोड़कर स्थानीय प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों से अपील की है कि वे मौके पर आकर स्थिति का जायजा लें और इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करवाएं, ताकि स्थानीय लोगों और दूर-दराज़ से आने वाले ज़ायरीन को राहत मिल सके। स्थानीय बाशिंदे बताते हैं कि यह वॉर्ड 12-13 के अतर्गत पताशा गली है। यहाँ कई गेस्ट हाउस हैं और आने-जाने वाले ज़ायरीन को बहुत दिक्कत हो रही है। नाले में बड़ा गड्ढा होने की वजह से कई ज़ायरीन गिरकर चोटिल हो चुके हैं। हम काफी दिनों से सफाई की कोशिश कर रहे हैं पर हमसे हो नहीं पा रहा है। आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि यहाँ आकर गली का हाल देखें और इसे सही करवाएं। पूर्व पार्षद राजू साहू से भी गली को ठीक कराने को कहा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन इस ओर कब ध्यान देता है और पताशा गली के निवासियों व ज़ायरीन को इस बदहाली से कब मुक्ति मिलती है।
September 16, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर में एआई और मोबाइल ऐप्स की मदद से शिक्षकों के फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर तैयार कर ठगी करने के मामले में गंज थाना पुलिस ने आरोपी सौरभ शर्मा को अजमेर जेल गिरफ्तार किया है। गंज थाने के एएसआई भवानी सिंह ने बताया कि आरोपी ने YouTube और AI की सहायता से असली जैसे दिखने वाले फर्जी तबादला आदेश तैयार करना सीखा और शिक्षकों को तबादले का झांसा देकर रकम वसूलता था।मामले का खुलासा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अजयसर के प्रधानाचार्य विजय जैन की रिपोर्ट के बाद हुआ। रिपोर्ट में बताया गया कि अध्यापिका सुमन देवी का अजयसर से भादरा फर्जी प्रतिनियुक्ति आदेश के आधार पर तबादला किया गया। आदेश पर संदेह होने पर डीईओ कार्यालय अजमेर और निदेशालय बीकानेर से इसकी जांच कराई गई। जांच में आदेश पूरी तरह फर्जी पाया गया। गंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने मोबाइल से फर्जी ईमेल आईडी बनाई और एआई की मदद से ट्रांसफर ऑर्डर तैयार किए। पुलिस के मुताबिक आरोपी पैसे कमाने और नशे का खर्च निकालने के लिए शिक्षकों को निशाना बनाता था। पूछताछ में आरोपी ने फर्जी आदेश बनाना सीखने की बात स्वीकार की। उसके खिलाफ कृष्ण गंज और मांगलियावास थाने में भी शिक्षिकाओं के फर्जी तबादला आदेश से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और ठगी की रकम का पता लगाने में जुटी है।
September 16, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर के कृष्ण गंज थाना अंतर्गत। पंचशील नगर के ‘सी’ ब्लॉक, सिंधु भवन के पास दिनदहाड़े चोरी की वारदात सामने आई है। सेंट्रल गर्ल्स स्कूल में कार्यरत शिक्षिका अंजुला श्रीवास्तव के मकान को अज्ञात चोर ने निशाना बनाया। चोर गेट फांदकर घर में दाखिल हुआ और अलमारी का कुंडा व ताला तोड़कर नकदी सहित कीमती सामान चोरी कर फरार हो गया। पीड़िता के अनुसार, वारदात दोपहर करीब 2:30 बजे हुई। चोर ने घर की अलमारी खंगाली और उसमें रखे करीब 2 हजार रुपये नकद, लैपटॉप, चांदी की अंगूठी, मेमोरी कार्ड रीडर सहित गुल्लक में रखी रकम चोरी कर ली। वारदात के दौरान चोर ने घर का सामान भी अस्त-व्यस्त कर दिया। शिक्षिका ने 50 हजार रुपये से अधिक का नुकसान होना बताया है। वारदात के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति सफेद रंग के स्कूटर पर मकान के आसपास घूमता हुआ नजर आया। संदिग्ध आरोपी बच्चों को लेने आने का बहाना कर इलाके में घूम रहा था। इसके बाद मौका देखकर वह दीवार फांदकर घर में दाखिल हुआ। सूचना मिलते ही कृष्णगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी है।