July 3, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 3 जुलाई। प्राविधिक शिक्षा निदेशालय राजस्थान जोधपुर के निदेशक(प्रशिक्षण) श्री मुनीष कुमार शर्मा ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अजमेर के पूर्व छात्र श्री रिछपाल आंचरा को वर्ष 2026-27 के लिए जिले का ब्रांड अम्बेसेडर चयनित किए गए है। श्री रिछपाल ने वर्ष 2021 में आईटीआई संस्थान से इलेक्ट्रीशियन व्यवसाय में प्रशिक्षण प्राप्त किया। हुनर के दम पर कम उम्र में वह एक युवा उद्यमी है, इसका श्रेय वे अपने प्रशिक्षक श्री ओम प्रकाश जांगिड़ को देते है। 24 वर्षीय श्री रिछपाल को विश्व कौशल दिवस के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। रिछपाल संस्थान के कई छात्रों को रोजगार प्रदान कर रहे है। स्वरोजगार के प्रति जज्बा प्रदान करने का सारा श्रेय वरिष्ठ अनुदेशक श्री रामवीर चौधरी एवं सहायक निदेशक श्री शैलेन्द्र माथुर को देते है। ग्रामीण परिवेश में पले एवं किसान पुत्र श्री रिछपाल ने सोलर ईपीसी क्षेत्र में राजस्थान के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी अपनी पहचान बना ली है। रिछपाल ने बताया कि वर्तमान युग में डिग्रीयों का बोझ लेकर घूमने से अच्छा है, आईटीआई से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर जीविकोपार्जन करना। हुनर पाने के लिए समर्पित होकर प्रशिक्षण प्राप्त करना होता है।
July 3, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 3 जुलाई। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार अजमेर विकास प्राधिकरण परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान का भरोसेमंद मंच बनकर उभर रहा है। शिविर में शुक्रवार को विभिन्न श्रेणियों के 171 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि लगभग 365 नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त कर विशेषज्ञ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया। अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि शिविर का उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर समयबद्ध, सरल एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक प्रकरण का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल रही है और प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हो रहा है। शिविर में कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं के 38 पट्टे, बकाया लीज जमा कराकर फ्री होल्ड एवं लीज मुक्ति प्रमाण पत्र के 5 प्रकरण, प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के 13 प्रकरण, निर्माण अवधि विस्तार के 23 प्रकरण, भवन मानचित्र के 2 प्रकरण, भूखंडों के उपविभाजन एवं पुनर्गठन का 1 प्रकरण, लीज होल्ड से फ्री होल्ड के 13 प्रकरण, नाम हस्तांतरण के 37 प्रकरण तथा 7 आवंटन पत्र जारी किए गए। इस प्रकार कुल 171 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं समाधान उपलब्ध कराया। लाभार्थियों ने साझा किए सकारात्मक अनुभव अजमेर निवासी श्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने फ्री होल्ड पट्टे के लिए आवेदन किया था और अत्यंत कम समय में पट्टा प्राप्त हो गया। उन्होंने कहा कि शहरी सेवा शिविर के माध्यम से एक ही स्थान पर त्वरित समाधान मिलना अत्यंत सराहनीय पहल है। पंचशील निवासी श्री कैलाश चंद रेगर ने बताया कि उन्होंने स्वयं एवं अपनी पत्नी के नाम से पट्टों के लिए आवेदन किया था। दोनों प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर कम समय में ही पट्टे उपलब्ध करा दिए गए, जिससे उन्हें अत्यधिक संतोष मिला। श्री राजीव शेखावत ने बताया कि उन्होंने अपनी माता के नाम से फ्री होल्ड पट्टे के लिए आवेदन किया था। मात्र एक दिन में पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर पट्टा उपलब्ध कराना प्रशासन की त्वरित एवं प्रभावी कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। श्री राजेश गर्ग ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम से महाराणा प्रताप योजना अंतर्गत आवंटित भूखंड को फ्री होल्ड कराने के लिए आवेदन किया था। मांग पत्र शीघ्र जारी होने, राशि जमा करवाने और तुरंत पट्टा प्राप्त होने पर उन्होंने राजस्थान सरकार एवं अजमेर विकास प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया। सभी लाभार्थियों ने राजस्थान सरकार एवं अजमेर विकास प्राधिकरण की जनहितैषी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि ऎसे शहरी सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का नियमित आयोजन किया जाए, ताकि नागरिकों को समयबद्ध एवं सुगम सेवाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे।
July 3, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 4 जुलाई। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं समाज कल्याण परिषद ने कच्ची बस्ती में निवासरत करीब 200 से 300 गरीब परिवारों को कथित रूप से बेदखल करने और बस्ती में स्थित पुराने देवस्थान को नुकसान पहुँचाने की धमकियों के विरोध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। परिषद के राष्ट्रीय महासचिव उदित नारायण ने बताया कि संस्था को कच्ची बस्ती में रहने वाले लोगों से लिखित एवं मौखिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायत के अनुसार संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य एवं क्षेत्र के सरपंच द्वारा बस्ती को खाली कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि यह बस्ती लगभग 80 से 90 वर्ष पुरानी है, जहाँ वर्तमान में रहने वाले परिवारों की चार से पाँच पीढ़ियाँ निवास कर चुकी हैं। अधिकांश परिवारों के पास मतदाता पहचान पत्र, पहचान पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं, जो उनके लंबे समय से निवासरत होने का आधार हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया एवं वैकल्पिक पुनर्वास व्यवस्था के गरीब परिवारों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही बस्ती में स्थित करीब 50 वर्ष पुराने देवस्थान को भी नुकसान पहुँचाने की धमकी दी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत होने और सामाजिक तनाव की आशंका जताई गई है। परिषद ने बताया कि इस मामले की जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र दीपक ठाकुर को भी दी गई है। संस्था ने प्रशासन से मांग की है कि बिना वैधानिक प्रक्रिया के किसी भी बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, संबंधित अधिकारियों एवं व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए, देवस्थान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ित परिवारों को प्रशासनिक संरक्षण प्रदान किया जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
July 2, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 2 जुलाई। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु के द्वारा गुरूवार को ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों सहित विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक ली गई। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की राजस्थान यात्रा के समय रोजगार उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसका सीधा प्रसारण ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर होगा। इस संबंध में उपखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्र की समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे। इसमें अधिकतम जनसहभागिता रहे। जिला स्तरीय कार्यक्रम में नव नियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। यह कार्यक्रम शनिवार, 4 जुलाई को जवाहर रंगमंच में प्रातः 10.30 बजे से होगा। इसके लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट श्री नरेन्द्र कुमार मीणा को प्रभारी अधिकारी तथा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री गोविन्द नारायण शर्मा एवं रोजगार विभाग के उप निदेशक श्री मधुसूदन जोशी को सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के लिए प्रवासी राजस्थानियों को जोड़कर रिचार्ज संरचनाएं निर्मित करें। इसके साथ-साथ जल भराव वाले क्षेत्रों से जल निकासी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इन कार्यों की पोर्टल पर एन्ट्री सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के लाभार्थियों के मोबाईल नम्बर के साथ ऑनलाईन अपडेट करें। अतिक्रमण के प्रकरण पहले से चिन्हित कर शिविर अवधि में हटाए। सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों को शिविर से पहले ही निस्तारित किया जाना चाहिए। राजस्व न्यायालयों से संबंधित कार्य भी पूर्ण हो। राजकीय भूमि पर आदतन अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों के प्रकरण बनाकर कार्यवाही की जाए। रास्ते संबंधी प्रकरण प्री-कैम्प में निपटाने का प्रयास किया जाएं। उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। जल स्त्रोतों की निगरानी रखें। सड़क मरम्मत एवं जल भराव रोकने के कार्य प्राथमिकता से किया जाए। ऑनलाईन प्राप्त आवेदनों की पेंडेंसी शून्य होनी चाहिए। आबादी विस्तार के प्रस्ताव जिला मुख्यालय को भिजवाएं। घुमंतु एवं अर्द्ध धुमंतु व्यक्तियों के लिए आवास के प्रस्ताव भी भेजे जाने चाहिए। इसके साथ-साथ खेल मैदान, विद्यालय एवं राजकीय प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन के प्रस्ताव भी भेजें। उन्होंने कहा कि राजीविका के स्वयं सहायता समूहों का लक्ष्यानुरूप गठन करें। इनके खाते खुलवाने की कार्यवाही भी शिविर अवधि के दौरान ही हो। आवास सहायक के रूप में नियुक्त स्वंय सहायता समूह सदस्यों की एन्ट्री पोर्टल पर करवाएं। वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य किया जाए। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के आवेदनों को निस्तारित किया जाए। प्री-कैम्प में अधिकतम प्रकरण निस्तारित होने चाहिए। आवश्यकता होने पर फोलोअप कैम्प भी लगाएं। उन्होंने कहा कि शहरी सेवा शिविरों में विभिन्न पेरामीटर्स में प्रगति बढ़ाने की आवश्यकता है। कार्य नहीं करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। ऑनलाईन आवेदनों को शिविर अवधि के दौरान निस्तारित किया जाना चाहिए। सड़क मरम्मत, सीवरेज एवं नाली मरम्मत के कार्य प्राथमिकता से किए जाने चाहिए। सावर एवं टांटोंटी नगर पालिका को तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। शिविरों में किए जा सकने वाले कार्यों के संबंध में जागरूकता बढ़ाएं। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रामप्रकाश, प्रशिक्षु आईएएस श्री अर्णव आनन्द गुप्ता, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. अभिषेक गोयल, श्रीमती वंदना खोरवाल एवं श्री नरेन्द्र कुमार मीणा सहित अधिकारी उपस्थित रहे।
July 2, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 2 जुलाई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार अजमेर विकास प्राधिकरण परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 आमजन को त्वरित राहत एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। गुरुवार को आयोजित शिविर में विभिन्न श्रेणियों के कुल 122 प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण किया गया, इससे बड़ी संख्या में नागरिकों को तत्काल राहत मिली। अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि शिविर का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक प्रकरण का संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ निस्तारण कर रहे हैं, जिससे आमजन को अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति मिल रही है तथा शासन के प्रति विश्वास भी सुढ़ हो रहा है। शिविर में दिनभर लगभग 400 नागरिकों ने विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। शिविर के दौरान कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं में पट्टों के 32 प्रकरण, लीज होल्ड से फ्री होल्ड के 10 प्रकरण, निर्माण अवधि विस्तार के 22 प्रकरण, नाम हस्तांतरण के 24 प्रकरण, आवंटन पतर्् के 10 प्रकरण तथा अन्य 20 प्रकरणों सहित कुल 122 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। अजमेर विकास प्राधिकरण प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे शहरी सेवा शिविरों में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त करें। इन शिविरों के माध्यम से राज्य सरकार की भावना ’’समस्या का समाधान, जनता का सम्मान’’ को प्रभावी रूप से धरातल पर साकार किया जा रहा है। सफलता की कहानी शिविर में आए ग्राम तबीजी, अजमेर निवासी प्रभु लाल प्रजापति ने बताया कि उन्होंने पट्टा प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। शहरी सेवा शिविर-2026 के दौरान उनका प्रकरण शीघ्र निस्तारित हुआ और उन्हें पट्टा प्राप्त हो गया। उन्होंने राजस्थान सरकार एवं अजमेर विकास प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऎसे जनहितकारी शिविर नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए। सफलता की कहानी शिविर में उपस्थित 80 वर्षीय गोकुल राम ने बताया कि उन्होंने फ्री होल्ड पट्टे के लिए आवेदन किया था। शिविर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से उनका प्रकरण त्वरित गति से निस्तारित हुआ और उन्हें फ्री होल्ड पट्टा प्राप्त हो गया। उन्होंने इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी राहत बताते हुए राज्य सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया।
July 2, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 2 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने ब्यावर के मसूदा से देश की महत्वाकांक्षी ग्रामीण रोजगार योजना विकसित भारत- जी राम जी का राजस्थान में शुभारंभ किया। इस योजना से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और बुनियादी ढांचे का एक नया युग शुरू होगा। योजना का जिला स्तरीय कार्यक्रम तबीजी में आयोजित किया गया। यहां प्रभारी सचिव श्री नीरज के. पवन एवं जिला कलक्टर श्री लोक बंधु ने ग्रामीण सेवा शिविर का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर मसूदा में आयोजित विशाल जन सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस नई योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। इससे सीधे तौर पर प्रदेश के लाखों श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में पारदर्शिता लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियल-टाइम मॉनिटरिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा। अब गांवों में होने वाले विकास कार्यों का निर्णय पूरी तरह से ग्राम पंचायत और ग्राम सभा द्वारा ही लिया जाएगा। इस समारोह का लाइव प्रसारण राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय तबीजी में आयोजित ग्राम सेवा शिविर में वीसी के माध्यम से किया गया। इसमें जिले के प्रभारी सचिव नीरज के. पवन एवं जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु उपस्थित रहे। उन्होंने वीसी के माध्यम से प्रसारित हो रही नई योजना विकसित भारत- जी राम जी का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए ग्रामीण जनों से अपील की। प्रभारी सचिव एवं जिला कलक्टर ने ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से मिल रही जन कल्याणकारी योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक डेस्क पर जाकर योजनाओं के बारे में जानकारी ली। सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुँचाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न विभागों की जन परिवेदनाओं की सुनवाई कर मौके पर ही राहत प्रदान की गई। शिविर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्व विभाग, राजीविका, महिला एवं बाल विकास विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग, परिवहन विभाग, वन विभाग, राजकीय हौम्योपैथिक एवं चिकित्सा विभाग एवं पंचायती राज विभाग से जुड़े विभिन्न मामलों की परिवेदनाओं का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती वंदना खोरवाल, उपखण्ड़ अधिकारी श्रीमती पद्मा देवी, तहसीलदार श्री ओम सिंह लखावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती ज्योत्स्ना रंगा, भोलाराम गुर्जर, प्रशासक ग्राम पंचायत तबीजी श्री राजेन्द्र गैना, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय तबीजी की प्रधानाचार्य श्रीमती शोभा जालोटिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे। संचालन श्री राकेश कटारा ने किया।
July 1, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। जिस गमछे से जगन गुर्जर का गला घोंटे जाने की बात सामने आई है, वह बाद में सेल के पंखे पर लटका मिला। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद आरोपी विष्णु जाट ने घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया हो, लेकिन जगन गुर्जर के भारी-भरकम शरीर के कारण वह ऐसा करने में सफल नहीं हो सका। जेल प्रशासन के अनुसार, सेल में लगा पंखा करीब 13 फीट ऊंचाई पर है। ऐसे में किसी व्यक्ति को उस पर लटकाना तो दूर, किसी कैदी द्वारा स्वयं भी वहां फंदा लगाना अत्यंत कठिन माना जा रहा है। गमछे के पंखे पर मिलने से यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपी ने हत्या के बाद सुसाइड जैसा दृश्य बनाने की कोशिश की हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। जेल प्रशासन की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जगन गुर्जर और आरोपी विष्णु जाट के बीच पहले से कोई बड़ा विवाद या योजना सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ और इसी आवेश में आरोपी ने गमछे से जगन का गला घोंट दिया। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। मामले में सीसीटीवी निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जेल में कुल 315 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनमें से करीब 280 कैमरे चालू बताए जा रहे हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि जगन गुर्जर के ब्लॉक का कैमरा चालू था और उसमें दोनों कैदियों की गतिविधियां देखी गई हैं। वहीं, जगन की सेल में लगे कैमरे पर टूथपेस्ट जैसा सफेद पदार्थ लगा मिला। हालांकि कैमरा चालू था, लेकिन लेंस पर पदार्थ लगे होने के कारण सेल के भीतर की गतिविधियों की स्पष्टता प्रभावित होने की आशंका है। ब्लॉक के फुटेज से यह बात सामने आई है कि घटना के दौरान जगन गुर्जर की सेल में कोई अन्य व्यक्ति नहीं गया। इससे जांच का केंद्र आरोपी विष्णु जाट और सेल के भीतर हुई गतिविधियों पर टिक गया है। हाई सिक्योरिटी जेल जैसी संवेदनशील जगह में कैमरे पर पदार्थ लगाया जाना सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में जगन गुर्जर की मौत गले और गर्दन पर अत्यधिक दबाव पड़ने से होना सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिक दबाव के कारण गर्दन की महत्वपूर्ण हड्डी यानी हायोड बोन टूट गई थी। गर्दन के मध्य हिस्से में अंदरूनी रक्तस्राव भी पाया गया है। प्रारंभिक मेडिकल निष्कर्षों में सांस नली और भोजन नली के आसपास गंभीर चोट के संकेत मिले हैं। गर्दन की हड्डी और आसपास के ऊतकों को भी नुकसान पहुंचा था। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, गला घोंटे जाने के बाद लगभग तीन मिनट के भीतर जगन गुर्जर की सांसें थम गईं। हालांकि मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्यक्ति की मौत कितनी देर में होगी, यह चोट की प्रकृति, दबाव की तीव्रता और व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। इस मामले में अंतिम राय एफएसएल और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट मिलने के बाद ही दी जाएगी। जांच एजेंसियों ने जगन गुर्जर के नाखूनों के नमूने सुरक्षित कर एफएसएल जांच के लिए भेजे हैं। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई इस घटना ने जेल प्रशासन, निगरानी व्यवस्था और कैदियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद घटना के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
July 1, 2026
अजमेर न्यूज़: जयपुर। ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद एवं महासभा की बैठक और सम्मेलन आगामी 4 एवं 5 जुलाई 2026 को जयपुर में आयोजित किया जाएगा। यह दो दिवसीय आयोजन राजधानी के तोतूका भवन में होगा। फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. डी. शर्मा की अध्यक्षता में होने वाले इस सम्मेलन में देशभर से 160 से अधिक राज्यों के अध्यक्ष, पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल होंगे। फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव द्रोणम राजू रवि ने बताया कि बैठक में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही आगामी कार्ययोजना, सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों, ब्राह्मण समाज के सर्वांगीण विकास और राष्ट्रहित से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य संगठन को और अधिक सशक्त बनाना तथा समाजहित के कार्यों को नई दिशा प्रदान करना है। राष्ट्रीय संगठन महासचिव अश्विनी तिवारी और राष्ट्रीय समन्वयक रमेश ओझा ने बताया कि कार्यक्रम के पहले दिन 4 जुलाई को प्रतिनिधियों का पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद भगवान परशुराम को पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन के साथ सम्मेलन का उद्घाटन होगा। उद्घाटन सत्र के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक, महासभा की बैठक और समापन सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन के दूसरे दिन 5 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित होगी। इसके बाद समापन सत्र और धन्यवाद ज्ञापन के साथ दो दिवसीय कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया जाएगा। कार्यक्रम के बाद विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि अपने-अपने स्थानों के लिए प्रस्थान करेंगे। आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के ठहरने की व्यवस्था अमरपुरा गेस्ट हाउस में की गई है। आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पदम प्रकाश, हनुमान सहाय शर्मा, केदार शर्मा और धर्मेंद्र शर्मा को संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है। जयपुर में होने वाली यह राष्ट्रीय बैठक संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें ब्राह्मण समाज से जुड़े सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा के साथ आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जाएगी।
July 1, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। जिले में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे एक माह के विशेष अभियान के तहत बुधवार को पुलिस लाइन में जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सिटी सीओ सभी थाना प्रभारी सहित पुलिस उपाधीक्षक, तथा कालिका पेट्रोलिंग टीम की महिला कांस्टेबल मौजूद रहीं। बैठक में एसपी ने शहर में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर गंभीरता से चर्चा करते हुए सभी अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर सुनकर उसका त्वरित निस्तारण किया जाए। कालिका पेट्रोलिंग टीम की महिला कांस्टेबलों को सलवार-सूट के स्थान पर नियमित पुलिस वर्दी में ड्यूटी करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि उनकी पहचान स्पष्ट रहे और कार्रवाई अधिक प्रभावी हो सके। इसके अलावा एसपी ने स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान एसपी ने पुलिस जवानों की समस्याएं भी सुनीं और उनका शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया।
July 1, 2026
अजमेर न्यूज़: तीर्थराज पुष्कर में मंगलवार से श्रीमद्भागवत कथा भक्ति रस महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन, पुष्कर में आयोजित सात दिवसीय कथा के पहले दिन वाराह घाट से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। शोभायात्रा में ठाकुरजी की झांकी, बटुक विद्यार्थी और श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यह आयोजन श्री तोतला परिवार की ओर से 1 जुलाई से 7 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। व्यासपीठ से प्रसिद्ध कथावाचक और गौ प्रेमी परम पूज्य गोवत्स श्री राधाकृष्णजी महाराज अपनी वाणी से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराएंगे। कथा व्यास राधाकृष्णजी महाराज ने कहा कि पुष्करराज धाम तीर्थों का गुरु है। गुरु का कार्य अंधकार को दूर कर जीवन में प्रकाश फैलाना है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का ज्ञान भक्तों के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर भक्ति, ज्ञान और प्रेम का प्रकाश फैलाए, यही भावना है। गौ माता को लेकर उन्होंने कहा कि गौ माता विश्व जननी हैं और सनातन संस्कृति में उनका सर्वोच्च स्थान है। गौ माता की सेवा और संरक्षण समाज की बड़ी जिम्मेदारी है। आयोजन समिति से जुड़े राधेश्याम झामण ने बताया कि पहले दिन सुबह 8:15 बजे शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद दोपहर से कथा प्रारंभ होगी। शाम 7 बजे पुष्कर सरोवर घाट पर विशेष आरती, दीपोत्सव और भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। कथा के दौरान सात दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, सुंदरकांड, भजन संध्या और उत्सव आयोजित किए जाएंगे। तीर्थ पुरोहितों रविकांत शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजन सनातन संस्कृति, संस्कार, वाणी की मर्यादा, आचार-विचार और गौ सेवा के संदेश को समाज तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं। कथा के शुभारंभ के साथ ही पुष्कर का माहौल भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
July 1, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर की ऐतिहासिक धरोहर आना सागर और वरुण सागर झील के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ और डी-सिल्टिंग के नाम पर जनता के पैसों की बंदरबांट के खिलाफ कांग्रेस ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक व अध्यक्ष अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी डॉ. राजकुमार जयपाल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैयद फखरे मोइन जो इस प्रकरण में मुख्य पक्षकार हैं की ओर से पूर्व लोक अभियोजक विवेक पाराशर एडवोकेट द्वारा सिविल न्यायाधीश नगर उत्तर अजमेर की न्यायाधीश आशिका जैन के न्यायालय में पेश किए गए इस महत्वपूर्ण जन प्रतिनिधित्व प्रकरण पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश आशिका जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिन 12 उत्तरदायी पक्षकारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े आदेश दिए हैं, उनमें राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग, शासन सचिव पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, सचिव जल संसाधन विभाग, अजमेर जिला कलेक्टर, आयुक्त अजमेर विकास प्राधिकरण, आयुक्त नगर निगम अजमेर, सचिव अजमेर विकास प्राधिकरण, क्षेत्रीय अधिकारी राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, अधिशाषी अभियंता जल संसाधन विभाग, अधिशाषी अभियंता नगर निगम अजमेर तथा संबंधित निर्माण कंपनी ठेकेदार शामिल हैं। अदालत द्वारा इन सभी को नोटिस जारी कर इस प्रकरण की आगामी सुनवाई 16 जुलाई 2026 को नियत की गई है। इस जन प्रतिनिधित्व प्रकरण में आना सागर और वरुण सागर झील के डी-सिल्टिंग कार्य की आड़ में हो रही धांधली को रोकने के साथ-साथ इन झीलों की वेटलैंड भूमि का पूर्ण रूप से सीमा निर्धारण करने की भी बड़ी मांग की गई है, ताकि झीलों के पारिस्थितिकी तंत्र को भू-माफियाओं और अवैध कब्जों से हमेशा के लिए सुरक्षित किया जा सके। आना सागर और वरुण सागर झील के डी-सिल्टिंग प्रोजेक्ट में महाघोटाले का आरोप लगाते हुए जनता की गाढ़ी कमाई की बर्बादी रोकने के लिए कांग्रेस कानूनी मैदान में उतरी है। आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल, पूर्व लोक अभियोजक विवेक पाराशर और वरिष्ठ नेता सैयद फखरे मोइन ने संयुक्त रूप से सरकार और प्रशासन की नीयत पर तीखे सवाल खड़े किए। प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व लोक अभियोजक विवेक पाराशर ने प्रशासनिक हठधर्मिता पर कड़ा प्रहार करते हुए विशेष रूप से स्पष्ट किया कि मामला चूंकि अब माननीय अदालत में चला गया है और राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव सहित सभी 12 जिम्मेदार पक्षकारों को कारण बताओ नोटिस जारी हो चुके हैं, ऐसे में न्यायालय की गरिमा का सम्मान करते हुए इस पूरे मामले की सुनवाई व अंतिम निर्णय आने तक प्रशासन को तत्काल प्रभाव से उक्त डी-सिल्टिंग का कार्य रोक देना चाहिए। विवेक पाराशर ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक और विधिक व्यवस्था में यही नैतिकता है और यही न्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि मामला अदालत में जाने के बाद भी काम जारी रखना सीधे तौर पर न्यायप्रणाली को चुनौती देने जैसा होगा। नेताओं ने कहा कि अजमेर की जनता के खून-पसीने की कमाई के 78.80 करोड़ रुपये को इस तथाकथित डी-सिल्टिंग प्रोजेक्ट के नाम पर बर्बाद करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। बिना किसी वैज्ञानिक आधार और तकनीकी अध्ययन के करोड़ों रुपये का यह प्रोजेक्ट सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि हम अजमेर की लाइफलाइन कही जाने वाली झीलों की आड़ में इस तरह की खुली लूट कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार द्वारा बर्बाद किए जा रहे इस 78.80 करोड़ रुपये के बजट को रोकने और आना सागर व वरुण सागर की वेटलैंड भूमि की सीमाओं को कानूनी रूप से तय करवाकर सुरक्षित करने के लिए ही यह जन प्रतिनिधित्व प्रकरण दायर किया गया है। इस महाघोटाले को रोकने और पर्यावरण संरक्षण की इस लड़ाई के लिए अदालत में पक्षकारों की ओर से वकीलों की फौज ने पुरजोर और आक्रामक पैरवी की। पूर्व लोक अभियोजक विवेक पाराशर, एडवोकेट जितेश धनवानी और तेजस्विनी पाराशर ने न्यायाधीश आशिका जैन के समक्ष इस पूरे प्रोजेक्ट की तकनीकी कमियों, वित्तीय विसंगतियों, वेटलैंड भूमि के संरक्षण की अनदेखी और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे खेल को उजागर किया। लीगल टीम के अकाट्य तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने तुरंत प्रभाव से मुख्य सचिव समेत सभी 12 प्रतिवादियों को नोटिस थमाकर जवाब तलब किया है और अगली सुनवाई के लिए 16 जुलाई 2026 की तारीख मुकर्रर की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने इस पूरे मामले की कड़वी सच्चाई को विस्तार से उजागर करते हुए बताया कि झीलों में आ रहे गंदे पानी के स्रोतों को रोके बिना, केवल ऊपरी तौर पर मिट्टी हटाने के नाम पर 78.80 करोड़ रुपये का बजट ठिकाने लगाने का खेल खेला जा रहा है। इसके साथ ही वेटलैंड भूमि का सीमा निर्धारण न होना इस बात का सबूत है कि प्रशासन जानबूझकर भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाना चाहता है। यह पूरा प्रोजेक्ट अजमेर की जनता या पर्यावरण के फायदे के लिए नहीं, बल्कि चुनिंदा ठेकेदारों और रसूखदार अधिकारियों की जेबें भरने के लिए आनन-फानन में तैयार किया गया है। जब तक झीलों के ट्रीटमेंट और वेटलैंड सीमांकन का कोई स्थाई समाधान नहीं होता, तब तक इस तरह का काम केवल कागजी खानापूर्ति और सरकारी खजाने को चूना लगाना है। बिना किसी मास्टर充लान के अधिकारियों और ठेकेदारों की जुगलबंदी से जनता के पैसे का यह भारी नुकसान किया जा रहा है। धरोहर संरक्षण की इस लड़ाई में डॉ. राजकुमार जयपाल, विवेक पाराशर और सैयद फखरे मोइन ने साफ शब्दों में ऐलान किया है कि यह सिर्फ कानूनी लड़ाई की शुरुआत है और प्रशासन को तुरंत इस कार्य को रोकना होगा। अदालत का यह नोटिस भ्रष्ट तंत्र के मुंह पर पहला तमाचा है, और जब तक इस 78.80 करोड़ रुपये की बर्बादी पूरी तरह नहीं रुक जाती और झीलों की जमीन का पूर्ण सीमांकन नहीं हो जाता, तब तक हमारी यह आर-पार की जंग जारी रहेगी।
July 1, 2026
अजमेर न्यूज़: धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कथित आपत्तिजनक बयान के संबंध में निष्पक्ष जाँच एवं विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक के विभाग के द्वारा जिला कलेक्टर को महामहिम राष्ट्रपति के नाम सोपा गया ज्ञापन। अल्पसंख्यक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जुनेद पठान ने बताया कि नाजिया इलाही, जो कि पश्चिम बंगाल की अधिवक्ता हैं तथा भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा की पदाधिकारी हैं, उन्होंने कुछ दिन पूर्व पश्चिम बंगाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले बयान दिए, जिससे देशभर के करोड़ों मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। हम भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं कानून के शासन में पूर्ण विक्षास रखते हैं। हमारा विनम्र आग्रह है कि कथित बयानों के संबंध में निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जाँच कराई जाए तथा यदि जाँच में संबंधित व्यत्तित्त दोषी पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध प्रचलित कानूनों के अनुसार उचित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि देश में सामाजिक सौहार्द, धार्मिक सदप्लाय एवं कानून व्यवस्था बनी रहे। शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल ने बताया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में आते ही धर्म के आधार पर लोगों को लड़ना शुरू कर दिया है उनकी पदाधिकारी जो खुद एक मुस्लिम है वह भी किसी न किसी दबाव में इस तरह के बयान दे रही है जिससे मुसलमानो की भावना आहत होती है ऐसे में निष्पक्ष जांच कर कर आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।