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March 15, 2026
हनुमानगढ़ ब्लास्ट साजिश केस: अजमेर के आरोपी अली अकबर को लेकर परिवार का बयान, आर्थिक तंगी और कर्ज से था परेशान*
अजमेर का आरोपी अली अकबर गिरफ्तार, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आया था आरडीएक्स, कई राज्यों में की गई थी रेकी
हरियाणा के अंबाला में करीब दो किलो आरडीएक्स, आईईडी, डेटोनेटर और बैटरी बरामद होने के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में एक अजमेर का रहने वाला अली अकबर उर्फ बाबू भी शामिल है, जो दिल्ली गेट क्षेत्र के लोंगिया मोहल्ला स्थित मोती चौकी के पास बड़वाली मस्जिद इलाके का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि बरामद किया गया आरडीएक्स पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क के जरिए भारत पहुंचाया गया था। ड्रोन की मदद से यह विस्फोटक पाकिस्तान से पंजाब के अमृतसर इलाके में गिराया गया, जहां से इसे आगे आरोपियों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों को अलग-अलग राज्यों में संभावित टारगेट की रेकी करने का काम दिया गया था। उन्होंने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ के कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कर वहां के वीडियो बनाकर व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेजे थे, ताकि हमले के लिए उपयुक्त स्थान चुना जा सके।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आतंकियों की पहली साजिश राजस्थान के हनुमानगढ़ में बम विस्फोट करने की थी। इसके लिए आईईडी वहां तक पहुंचा दी गई थी, लेकिन आरडीएक्स समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण उनकी योजना विफल हो गई। करीब चार दिन बाद आईईडी वापस मंगवा ली गई और इसके बाद आरोपियों से कई राज्यों में नई जगहों की रेकी करवाई गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पंजाब के कई थाना क्षेत्रों, हरियाणा के अंबाला छावनी के तोपखाना क्षेत्र, मुलाना स्थित माता बाला सुंदरी मंदिर, एक बड़े नेता के घर, चंडीगढ़ के सेक्टर-17 थाना, दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल, निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और दरगाह जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों की वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजी थी। पुलिस के मुताबिक आतंकी शहजाद भट्टी ने घटना से एक दिन पहले आरोपियों को अंबाला के तीन संभावित टारगेट बताए थे, जिनमें मुलाना का माता बाला सुंदरी मंदिर, एक बड़े नेता का घर और तोपखाना क्षेत्र स्थित सैन्य ठिकाना शामिल था। आरोपियों को लगा था कि टारगेट मंदिर होगा, लेकिन अंतिम समय पर उन्हें सैन्य क्षेत्र में विस्फोट करने का निर्देश दिया गया।एसटीएफ को पहले से इस नेटवर्क पर शक था और वह आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। जब तीनों आरोपी मोटरसाइकिल पर आईईडी, आरडीएक्स, बैटरी और डेटोनेटर लेकर अंबाला कैंट की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में नाका लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उस समय आईईडी सक्रिय अवस्था में था और प्रेशर रिलीज स्विच से जुड़ा हुआ था, जिससे किसी भी समय विस्फोट हो सकता था। मौके पर पहुंची बम निरोधक टीम ने टिफिन में फिट किए गए इस बम को निष्क्रिय किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अदालत में पेश करने के बाद तीनों आरोपियों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एंट्री भी संभव मानी जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार करीब दो किलो आरडीएक्स से भीड़भाड़ वाले इलाके में बड़ा विस्फोट होने पर सैकड़ों लोगों की जान जा सकती है और 100 से 200 मीटर तक का क्षेत्र पूरी तरह तबाह हो सकता है। ऐसे में समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इधर अजमेर में आरोपी अली अकबर के परिवार का कहना है कि वह पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी और कर्ज के कारण परेशान था। परिवार के मुताबिक उन्हें इस तरह की किसी गतिविधि की पहले से कोई जानकारी नहीं थी और पुलिस कार्रवाई के बाद ही उन्हें पूरे मामले का पता चला। वहीं जांच एजेंसियां अब इस आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित साजिश के पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।
हनुमानगढ़ ब्लास्ट साजिश मामले में गिरफ्तार अजमेर निवासी आरोपी अली अकबर को लेकर उसके परिवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। आरोपी के भाई का कहना है कि अली अकबर पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ के कारण मानसिक रूप से परेशान चल रहा था।परिवार के अनुसार अली अकबर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और इसी कारण वह लगातार तनाव में रहता था। भाई ने बताया कि परिवार को इस तरह की किसी भी गतिविधि या मामले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद ही उन्हें पूरे घटनाक्रम के बारे में पता चला, जिससे परिवार के लोग भी हैरान और चिंतित हैं।इधर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क और साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।मामले को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा इस साजिश की पृष्ठभूमि क्या थी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
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