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March 19, 2026
जिले की प्रभारी मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने ली जिला स्तरीय समीक्षा बैठक
बजट घोषणाओं, फ्लैगशिप योजनाओं एवं ग्रीष्मकालीन तैयारियों की समीक्षा
धरातल पर दिखे विकास, अंतिम छोर तक पहुँचे लाभ - उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी
जनप्रतिनिधि, प्रभारी सचिव एवं जिला स्तरीय अधिकारी रहे उपस्थित
अजमेर, 19 मार्च। जिले की प्रभारी मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा शुभारंभ किए गए मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी वार्ड अभियान के कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से सहभागिता भी की। इस अवसर पर प्रभारी सचिव नीरज के. पवन तथा जिला कलक्टर लोक बन्धु ने विभिन्न बिन्दुओं के बारे में हुई प्रगति से अवगत कराया।
समयबद्ध क्रियान्वयन एवं धरातल पर परिणाम पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने बैठक में बजट घोषणाओं, एक जिला एक उत्पाद, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं भविष्य की विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य शीघ्रता से धरातल पर उतरे। उन्होंने कहा कि स्वीकृतियों के साथ-साथ कार्यों की वास्तविक प्रगति सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके लिए कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। पुष्कर कॉरिडोर के संबंध में भी चर्चा की गई। पुष्कर में सौंदर्यीकरण तथा सफाई के कार्य अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा अभी से करवाए जाने चाहिए। विभिन्न स्थानों पर से अतिक्रमण भी हटाए जाए। पुष्कर सरोवर के घाटों पर सांकल लगाने से दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा।
लंबित कार्यों एवं परिवादों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
बैठक में सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज लंबित प्रकरणों एवं आमजन की शिकायतों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिवादों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक समाधान करना होनी चाहिए। जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए। संतुष्टी स्तर बढ़ाने की आवश्यकता है। राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर जिला अजमेर के एक अप्रेल से अब तक प्राप्त एक लाख 7 हजार से अधिक परिवादों में से एक लाख 2 हजार का निस्तारण किया जा चुका है। लम्बित परिवाद 5 हजार 800 को भी शीघ्र ही निस्तारित किया जाएगा। परिवेदनाओं के समयबद्ध समाधान हेतु कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
राइजिंग राजस्थान के शेष कार्यों का फॉलोअप
उप मुख्यमंत्री ने राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए तथा निवेश से जुड़े प्रोजेक्ट्स को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। निवेश को प्रोत्साहित कर औद्योगिक विकास को गति दी जा रही है। राइजिंग राजस्थान के अन्तर्गत निवेश प्रोत्साहन ब्यूरो के माध्यम से जिले में कुल 1810 एमओयू से लगभग 170489 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इन एमओयू में से 337 में निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है तथा 159 एमओयू में कार्य प्रारंभ हो चुका है। जिला स्तर पर कुल संपादित 593 एमओयू में 143 एमओयू में ग्राउंड ब्रेकिंग हो गयी है एवं 82 एमओयू क्रियान्वित होकर उत्पादन प्रारंभ कर चुके हैं। औद्योगिक इकाईयों को भूमि उपलब्ध करवाकर निवेश को सशक्त किया जा रहा है। रीको द्वारा प्रत्यक्ष आवंटन नीति के तहत जिले में कुल 87 एमओयू धारकों को भूमि आवंटित की जा चुकी है।
राज्य स्तर पर भी होगी मॉनिटरिंग
उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णयों एवं लंबित विषयों पर राज्य स्तर पर संबंधित विभागीय अधिकारियों से फॉलोअप किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशन में प्रभारी मंत्री एवं सचिव स्तर से ग्राउंड मॉनिटरिंग कर विकास कार्यों को अंतिम छोर तक पहुँचाया जा रहा है। राज्य स्तर पर नीतिगत निर्णयों से संबंधित प्रकरणों को फॉलो किया जाए।
ग्रीष्मकालीन पेयजल एवं समर कंटीजेंसी प्लान पर विशेष फोकस
उपमुख्यमंत्री ने आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए समर कंटीजेंसी प्लान की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में पेयजल की नियमित एवं सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों में 30 अप्रैल तक वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाए। अधिकारी फिल्ड में रहे। प्राप्त शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए। राज्य सरकार ग्रीष्म कालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारियों के रूप में समर कन्टीेजेन्सी 2026 के तहत शहरी क्षेत्र हेतु 134 लाख के 10 कार्यों तथा ग्रामीण क्षेत्र हेतु 525 लाख के 44 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। आमजन को सुचारू पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। वर्तमान मे शहरी क्षेत्र में 48 घण्टे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 72 से 96 घण्टे के अन्तराल पर पेयजल वितरण किया जा रहा है। ग्रीष्मकाल 2026 में पेयजल परिवहन हेतु शहरी क्षेत्र में 23 लाख तथा ग्रामीण क्षेत्र में 159 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है। इससे आमजन को गर्मी के दौरान पेयजल की कमी नहीं रहेगी।
फ्लैगशिप योजनाओं एवं बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं आगामी वर्षों की बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा अधिकाधिक पात्र व्यक्तियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। राज्य सरकार बजट घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रयासरत है। अजमेर जिले के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में की गई 98 बजट घोषणाओं में से 34 पूर्ण हो गई है। इसके अतिरिक्त 56 का कार्य प्रगतिरत है। अभी तक 8 घोषणाओं के कार्य प्रारम्भ होने शेष हैं। विकास कार्यों की गति बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। अजमेर जिले के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में की गई 97 बजट घोषणाओं में से 13 पूर्ण हो गई है। इसके अतिरिक्त 73 का कार्य प्रगतिरत है। अभी तक 11 घोषणाओं के कार्य प्रारम्भ होने शेष हैं। प्रगतिरत कार्यों की गति बढ़ाएं। अप्रारम्भ कार्यों के संबंध में सक्षम स्तर से नीतिगत निर्णय लिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी वार्ड अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश
वीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी वार्ड अभियान के शुभारंभ में भाग लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए तथा अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। इससे प्रत्येक ग्राम का मास्टर प्लान तैयार करने का कार्य होगा। वर्ष 2047 तक राष्ट्र को विकसित बनाने में इस अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
औद्योगिक विकास एवं एक जिला एक उत्पाद को बढ़ावा
उपमुख्यमंत्री ने एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने तथा निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय रोजगार सृजन एवं आर्थिक सशक्तिकरण को गति मिलेगी। स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर एवं सशक्त किया जा रहा है। एक जिला एक उत्पाद के अन्तर्गत जिले की मार्बल एवं ग्रेनाईट उत्पाद संबंधित कुल 49 इकाईयों को 729.62 लाख रूपये का मार्जिन मनी एवं बाजार सहायता अनुदान स्वीकृत तथा 410 लाख रूपये वितरित किया जा चुका है।
एलपीजी एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर नजर
जिले में एलपीजी गैस एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए उन्होंने वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने एवं नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सरकार द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। जिले के लिए गैस प्लांट से गैस एजेंसियों को घरेलू गैस सिलेण्डरों की नियमित आपूर्ति हो रही हैं। वर्तमान में घरेलू गैस सिलेण्डर प्राप्त करने के 25 दिन बाद अगली बुकिंग करवाई जा सकती है। बुकिंग के दो से तीन दिन में उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। आपूर्ति आधारजनित ओटीपी तथा डीएससी द्वारा ही की जा रही है। वर्तमान स्थिति के अनुसार जिले में 22 हजार 700 से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध है। इनमें से 15 हजार 700 की बुकिंग के विरूद्ध 12 हजार 200 की डिलेवरी की गई। जिले में औसत प्रतीक्षा अवधि एकल सिलेंडर के लिए 2.5 दिन तथा डबल के लिए 3 दिन है। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी एवं घरेलु गैस के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए कठोर कार्यवाही होनी चाहिए। इस संबंध में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही हो।
हरित विकास एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर
बैठक में हरित विकास, पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए जिला मुख्यालय पर सोमलपुर में नमो नर्सरी की स्थापना प्रस्तावित की गई है। पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने के लिए हरियालो राजस्थान के तहत् वर्ष 2026-27 के लिए 35 लाख 48 हजार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के अनुरूप उत्पादन एवं वितरण हेतु कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया गया।
प्रभारी सचिव श्री नीरज के. पवन ने कहा कि जिले में क्षतिग्रस्त कक्षा-कक्षों में विद्यार्थियों को नहीं बैठाया जाए। राज्य आपदा राहत कोष से प्राप्त राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त डीएमएफटी से प्राप्त राशि का उपयोग विद्यालय भवनों की मरम्मत के लिए किया जाना चाहिए। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव रखे, जिन पर उप मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए।
इस अवसर पर देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओम प्रकाश भडाणा, देहात अध्यक्ष जीतमल प्रजापत, पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाल, विशिष्ट सहायक दिनेश कुमार शर्मा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम प्रकाश, अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त श्रीमती नित्या के., नगर निगम आयुक्त देशल दान, उपखण्ड अधिकारी श्रीमती गरिमा नरूला, डॉ. नेहा राजपूत, अतिरिक्त जिला कलक्टर सुश्री ज्योति ककवानी, श्रीमती वन्दना खोरवाल एवं नरेन्द्र कुमार मीणा उपस्थित रहे।
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