November 17, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: नासा की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक के साथ काम करके अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं। नासा की एक हालिया तस्वीर में उन्हें ऑर्बिटल आउटपोस्ट से पृथ्वी को निहारते हुए दिखाया गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य के बारे में चिंता दूर हो गई है। विलियम्स ने हाल ही में किबो प्रयोगशाला मॉड्यूल में एस्ट्रोबी रोबोटिक फ्री-फ्लायर की जांच की। उन्होंने गेको जैसे चिपकने वाले पैड के साथ टेंटेकल्स जैसी अभिनव भुजायें स्थापित कीं। यह स्थापना उपग्रह कैप्चर तकनीकों के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण है, जो भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण हैं
November 17, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर , 17 नवम्बर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी रविवार को जापान पहुंचे। श्री देवनानी ने जापान के टोक्यो में दिन की शुरुआत मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना करके की । इस्कॉन मंदिर में आयोजित प्रातः कालीन भजन कार्यक्रम हरे रामा हरे कृष्णा में श्री देवनानी शामिल हुए। श्री देवनानी ने मंदिर में मौजूद प्रवासी भारतीयों से सनातन परंपरा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है। साथ ही संस्कारवान होना भी जरूरी है ताकि हम इंसान बन सके और दुनियाभर में इंसानियत के व्यवहार का प्रसार कर सके। श्री देवनानी के सम्मान में टोक्यो में हिंदू स्वयं सेवक संघ ने स्नेह मिलन का आयोजन किया। श्री देवनानी ने युवाओं का आव्हान किया कि भविष्य की चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप मानवता, सहिष्णुता, धैर्य जैसे गुणों के साथ भारतीय संस्कारों का जीवन में समावेश करना होगा। श्री देवनानी ने कहा की राष्ट्र सर्वोपरि है। समग्र चेतना का जागरण आज की आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति को कोई समाप्त नहीं कर सकता है। युवाओं को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहने के लिए सतत प्रयास करने होंगे। हमारे आदर्श, हमारे महापुरुष और हमारी महान संस्कृति हमें सुदृढ़ बनाती है। मानवीय मूल्यों के आचरण से व्यक्ति का कद ऊंचा होता है। श्री देवनानी ऑस्ट्रेलिया में आयोजित राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के 67 वें सम्मेलन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं। श्री देवनानी ऑस्ट्रेलिया में सम्मेलन में भाग लेने के बाद राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के पोस्ट कॉन्फ्रेस स्टडी ट्यूर के तहत इण्डोनेशिया, सिंगापुर के बाद जापान की यात्रा पर है। इस अध्ययन यात्रा के दौरान श्री देवनानी इन देशों में भारत के राजदूतों से मुलाकात करने के साथ विधायी निकार्यों का अवलोकन भी कर रहे हैं। संसदीय प्रतिनिधियों से लोकतांत्रिक मूल्यों के सुदृढीकरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श कर रहे हैं । श्री देवनानी राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की भारत क्षेत्र की कार्यकारी समिति के सदस्य भी है।
November 16, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर , 16 नवंबर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी शनिवार को सिंगापुर में मारवाड़ी मित्र मंडल के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। श्री देवनानी का प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर आने के लिए आभार जताते हुए उनका अभिनंदन किया। श्री देवनानी ने मंडल के सदस्यों से सिंगापुर में सनातन संस्कृति के प्रकल्प, वहां के व्यवसाय में भारतीयों के योगदान, भारत एवं सिंगापुर के व्यापारिक संबंध, सिंगापुर में रह रहे लगभग 4.50 लाख भारतीय प्रवासियों के संदर्भ में विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष श्री सुनील गर्ग, उपाध्यक्ष श्री प्रकाश कुमार, श्री पीके जैन, श्री महेश पाटोदिया सहित मंडल के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। श्री देवनानी ने कहा कि प्रत्येक देश में प्रवासी भारतीय अग्रणी रहकर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। भारतीय प्रवासी भारत को पूरे विश्व में गौरवान्वित कर रहे हैं। श्री देवनानी ने कहा कि प्रवासी भारतीयों पर पूरे राष्ट्र को गर्व है। श्री देवनानी ने कहा कि प्रवासी भारतीय अपने गांव शहर प्रदेश और देश के लिए भी कार्य करें। जब भी उन्हें समय मिले वह अपने राष्ट्र के लिए सक्रिय भागीदार बने। श्री देवनानी ने कहा कि मारवाड़ी समाज के लोगों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में रह रहे मारवाड़ी समाज के लोग राइजिंग राजस्थान में आवश्यक रूप से भाग ले और अपनी जड़ों के लिए कर्तव्य निर्वहन पर सोचें।
November 15, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर ,15 नवंबर । राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी का शुक्रवार को सिंगापुर स्थित भारत के दूतावास में अधिकारियों ने अभिनंदन किया। सिंगापुर में भारत के हाई कमिश्नर श्री शिल्पक अम्बुले ने पुष्पगुच्छ भेंट कर दूतावास पहुंचने पर श्री देवनानी का अभिवादन किया। श्री देवनानी को श्री अम्बुले ने बताया कि दोनों देशों के मध्य शिक्षा, तकनीकी शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों के उद्योगों में परस्पर बेहतर समन्वय है। इससे दोनों देशों के संस्थानों में विकास के विभिन्न क्षेत्रों में म्यूचुअल आफ अंडरस्टैंडिंग लगातार होते रहते हैं। भारतीय मूल के लोगों का सिंगापुर में प्रभावी पदों पर कार्य करने से भी भारत को व्यापारिक क्षेत्र में सुगमता से बढ़ावा मिल रहा है। सिंगापुर केंद्रीय विश्वविद्यालय का अवलोकन किया श्री देवनानी ने * - राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में भारत और सिंगापुर के बीच हमेशा से मजबूत और प्रगतिशील संबंध रहे हैं। दोनों देश शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सिंगापुर के केंद्रीय विश्वविद्यालय, नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (एनटीयू) और सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन (एसयूटीडी) भारत के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। इनमें भारतीय छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शिक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों में अध्ययन और शोध के लिए अकादमिक आदान-प्रदान कार्यक्रम और फेलोशिप प्रदान की जा रही है, जिससे दोनों देशों के छात्रों में वैश्विक दृष्टिकोण विकसित हो रहा है। श्री देवनानी ने शुक्रवार को सिंगापुर में केंद्रीय विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों का अवलोकन किया । श्री देवनानी ने वहां विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण से नई शिक्षा नीति, उच्च शिक्षा में किए जाने नवाचार और अनुसंधान के विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। श्री देवनानी ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं तकनीकी विभाग को देखा और विश्वविद्यालय के राजस्थान के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय और अन्य तकनीकी विश्वविद्यालयों से एम ओ यू के माध्यम से हो रहे शोध एवं अनुसंधान पर चर्चा की।
November 14, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर , 14 नवम्बर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी गुरुवार को सिंगापुर पहुँचे। सिंगापुर में श्री देवनानी का प्रवासी भारतीयों ने गर्मजोशी से स्वागत किया और सम्मान किया। विधान सभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने सिंगापुर में प्रवासी भारतीयों को सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्कारवान व्यक्ति ही इंसान होता है। ऐसे व्यक्ति में करुणा, दया, प्रेम, इंसानियत, ईमानदारी और निष्ठा होती है। उन्होंने कहा कि केवल जीवन को जीना ही जिंदगी नहीं होनी चाहिए। सफल जिंदगी वहीं है, जिसमें हम अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी से निभाते है। संस्कारवान व्यक्ति ही इंसान होता है- श्री देवनानी ने कहा कि भावी पीढी को संस्कार सिखायें। भावी पीढियों को संस्कार देने की जिम्मेदारी वर्तमान पीठी की है। भारतीय सनातन संस्कृति में परिवार व्यवस्था है। परिवार व्यवस्था के आधार संस्कार ही होते हैं। श्री देवनानी ने कहा कि अच्छे परिवार की रचना करें। जहां परिवार के छोटे सदस्य परिवार के बड़े सदस्यों का आदर करें। परिवार में सभी एक- दूसरे का सम्मान करें। सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझें। भारतीय परिवारों में सद्भाव का वातावरण ही उनकी पहचान है। एक व्यक्ति के संकट के समय पूरा परिवार मद्द के लिए इकट्ठा हो जाता है, यह आपसी सदभाव का सबसे बड़ा उदाहरण है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढियों को सनातन परम्परा के गुण सिखाकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए वातावरण का निर्माण करें। सिंधी समाज पुरुषार्थी समाज है- अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि सिंधी समाज पुरुषार्थी समाज है। सिंधी समाज के लोगों ने भारत राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दिया है। सिंधी समाज के लोगों ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और निष्ठा से संसार के विभिन्न देशों में भारत का परचम लहराया है। सिंधी समाज के लोगों ने विदेशों में भी अपनी मेहनत के बल पर पहचान बनाई है। श्री देवनानी ने कहा कि सिंधी भाषा की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत बहुत समृद्ध है। सिन्धी के लगभग 70 प्रतिशतशब्द संस्कृत मूल के हैं। महापुरुषो की जीवनी को पाठ्यक्रमों में जुड़वाया- श्री देवनानी ने कहा कि जब उनके पास राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री का दायित्व था, तब उन्होंने राजस्थान शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रमों में राष्ट्रवादी विचारधारा को प्रमुखता देते हुए, वीर-वीरागनाओं की कहानियां जुडवायी। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप, वीर दुर्गादास राठौड, महाराजा दाहिरसेन, शहिद हेमू कालाणी, संत कंवरराम, संत टेऊराम जैसे महापुरुषों और स्वतंत्रता सैनानियों की जीवनी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। महापुरुषों का त्याग, बलिदान और उनके द्वारा राष्ट्र की रक्षा और सेवा के लिए किये गये कार्य लोगों के लिए मार्ग दर्शन साबित होते हैं। भारत के महापुरुषों के पराक्रम और वीरता की कहानियां प्रेरणादायी- भारत वीर सपूतों की धरती है और यहां आजादी की लड़ाई में कई वीर-वीरांगनाओं ने अपना बलिदान दिया था। इसकी मिट्टी से होनहार बहादुर पैदा हुए हैं। 1857 के पहले स्वातंत्र्य समर से लेकर 1947 में देश आजाद होने तक पुरुषों के साथ महिलाएं भी डटी रहीं और जब आजाद भारत की अपनी लोकतांत्रिक सरकार बनी उस वक्त भी सशक्तिकरण की बात जब भी होती है तो महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की चर्चा ज़रूर होती है। झांसी की रानी सन 1857 के विद्रोह में शामिल रहने वाली प्रमुख शख्सियत थी। रानी लक्ष्मीबाई के अप्रतिम शौर्य से चकित अंग्रेजों ने भी उनकी प्रशंसा की थी और वह अपनी वीरता के किस्सों को लेकर किंवदंती रही हैं। महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा में ऐसी कई कहानियां प्रसिद्ध हैं, जिन्हें सुन कर किसी भी व्यक्ति में जोश आ जायेगा। उनके पराक्रम और वीरता आज भी राष्ट्र के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।
November 13, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर , 13 नवम्बर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि भारत और इण्डोनेशिया के मध्य साझा सांस्कृतिक विरासत होने के साथ व्यापारिक संबंध भी प्रगाढ़ हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में सांस्कृतिक व वाणिज्यिक संबंध की घनिष्ठता बहुत समय से है। रामायण व महाभारत की कहानियां इण्डोनेशिया में लोक कला व नाटकों का स्त्रोत है। श्री देवनानी ने कहा कि साझा सांस्कृतिक विरासत, औपनिवेशिक इतिहास और राजनैतिक सम्प्रंभुता दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर एकीकृत प्रभाव डालते हैं। श्री देवनानी ने बुधवार को सिंगापुर रवाना होने से पहले बाली में भारत के महावाणिज्य दूतावास में आयेाजित समारोह में भारत और इण्डोनेशिया के लोंगो को संबोधित किया। वहां लोगों ने श्री देवनानी का सम्मान किया। श्री देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल से दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय संबंधों में एक नये युग की शुरूआत हुई है। नई व्यापक रणनीतिक साझेदारी से विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग बढा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के मध्य नियमित रूप से संसदीय आदान-प्रदान भी होते है। विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि रामायण व महाभारत की कहानियां इंडोनेशिया में नाटक व लोक कला का स्रोत है। यहां भारतीय संगीत, नृत्य कला के साथ-साथ योग को भी बढावा दिया जा रहा है। भारत के अनेक ग्रंथों पर यहां सांस्कृतिक शोध होता है। भारतीय संस्कृति व चिंतन यह रचा-बसा हुआ है। श्री देवनानी के सम्मान में बाली में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्री देवनानी का काउंसलेट जनरल ऑफ इंडिया श्री शशांक विक्रम ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। श्री देवनानी ने दूतावास का अवलोकन किया और अधिकारियों से परिचय लिया।
November 12, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर , 12 नवम्बर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी का मंगलवार को बाली (इण्डोनेशिया) मे भारत के महावाणिज्य दूतावास में भारतीय समुदाय और इण्डोनेशिया के लोगो द्वारा स्वागत किया गया। श्री देवनानी ने लोंगो का आभार जताते हुए कहा कि सभी के लिए भारत में निवेश के द्वार खुले हुए है। भारत और राजस्थान में आप लोग निवेश करें। इसके लिए केन्द्र व राज्य सरकार हर सम्भव मदद करेंगी। भारत और इण्डोनेशिया के लोगो ने श्री देवनानी के सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन किया। श्री देवनानी ने गांधी मेमोरियल इंटरनेशल स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों से नई शिक्षा नीति और शिक्षा के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में 35 देशों के विद्यार्थी अध्ययन कर रहे है। श्री देवनानी ने कहा कि भारत की गुरुकुल प्रणाली त्याग, अनुशासन, श्रम और मूल्यों का प्रतीक है, जो हर राष्ट्र के लिए एक आदर्श के रूप में कार्य करती है और महात्मा बुद्ध के अनुयायियों ने इस शिक्षा को दूर-दूर तक फैलाने में अतुलनीय योगदान दिया है। महर्षि वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र के आश्रमों में हमारे आराध्य भगवान राम ने शिक्षा प्राप्त की और एक साधारण बालक की तरह सभी कार्य किए, जबकि द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने महर्षि संदीपनी के आश्रम में एक गरीब परिवार के अपने मित्र सुदामा के साथ अपनी शिक्षा पूरी की। यह भारतीय शिक्षा ही है जो 1,200 वर्षों की पराधीनता के बावजूद बची हुई है और फली-फूली है। श्री देवनानी ने कहा कि वैदिक काल से लेकर आज तक भारत की शिक्षा प्रणाली, गुरु-शिष्य परंपरा, छात्रों का अपने शिक्षकों के प्रति आदर, मौखिक परंपरा के माध्यम से दिया जाने वाला ज्ञान और विभिन्न शैक्षिक क्षेत्रों की विशिष्टता हमेशा से अनुकरणीय रही है। युद्ध कला, शास्त्र, धातु विज्ञान, आयुर्वेद, शल्य चिकित्सा, खगोल विज्ञान और ज्योतिष जैसे क्षेत्र भारतीय शिक्षा के महत्वपूर्ण बिंदु रहे हैं। श्री देवनानी ने कहा कि विभिन्न देशो के महान विद्वान विक्रमशिला, तक्षशिला और नालंदा जैसे हमारे प्राचीन विश्वविद्यालयों में अध्ययन करने आए और भारत के गौरव में योगदान दिया। 1947 में स्वतंत्रता के बाद भी, हमारी शिक्षा प्रणाली लंबे समय तक औपनिवेशिक प्रथाओं का पालन करती रही। 2014 के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, केंद्र सरकार ने समग्र विकास पर शिक्षा को आधार बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इस विजन की परिणति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में हुई, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। श्री देवनानी ने कहा कि नवीन शैक्षिक पाठ्यकम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत नवीन शिक्षा प्रणाली को अपनाया है। जिससे बच्चे क्रमबद्ध ढंग से अध्ययन कर शिक्षा से सारे जगत को ज्ञान की ज्योति से प्रकाशमय कर सके। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत उच्च शिक्षा का पैटर्न बदला गया है, जिसके अंतर्गत कॉलेजों में मेजर, माइनर, ओपन इलेक्टिव, व्यावसायिक पाठ्यक्रम पर आधारित गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। श्री देवनानी ने बच्चों और शिक्षकों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी। यह विद्यालय बाली में भारतीय सिंधी समुदाय द्वारा संचालित किया जा रहा है। श्री देवनानी से वहाँ संचालित संस्कृत विद्यालय के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने भी मुलाकात की। श्री देवनानी को शिक्षकों ने बताया कि इण्डोनेशिया में संस्कृत के प्रति लोंगो की रुचि है। यहाँ का इतिहास संस्कृत में लिखा गया है।
November 8, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर , 8 नवंबर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के कैनबेरा में स्थित ऑस्ट्रेलियन पार्लियामेंट में विपक्षी दल के प्रमुख सांसद एव पूर्व मंत्री श्री अलेक्स हॉक से शिष्टाचार भेंट की। श्री देवनानी और श्री हॉक ने भारत और ऑस्ट्रेलिया की संसदीय प्रणाली के विकास में संसदीय पद्धति व प्रक्रियाओं की भूमिका, लोकतांत्रिक प्रणाली सहित शिक्षा, पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की सम्भावनाओं पर विचार-विमर्श किया। श्री देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में शिक्षा और रोज़गार के अवसरों में उत्तरोतर प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल समिट 2024 का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट से राजस्थान में निवेश के साथ-साथ राज्य में समावेशी विकास, सांस्कृतिक विरासत सहित विकास के विभिन्न स्तम्भों को बढावा मिलेगा। श्री देवनानी ने ऑस्ट्रेलिया में श्री हॉक और अन्य सांसदगण से दोनों देशों में उद्योगों को विस्तार देने में वर्तमान चुनौतियों और भविष्य के अवसरों की सम्भावनाओं पर चर्चा की। श्री देवनानी ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुसार दोनों राष्ट्रों में साझेदारी, अनुसंधान और विकास को बढावा देने वाले कदमों को भी तलाशा। श्री देवनानी ने कैनबेरा स्थित ऑस्ट्रेलियन पार्लियामेंट का अवलोकन किया और वहां के सदन, विभिन्न दीर्घाओं और संसदीय प्रणाली की बारिकियों को समझा और देखा। विधान सभा अध्यक्ष ने श्री आडवाणी को जन्मदिन की दी बधाई जयपुर, 8 नवंबर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्री देवनानी ने कहा है कि राष्ट्र के विकास में श्री आडवाणी का अभिन्न योगदान है। उनके स्टेटमैनशिप ने देश को आगे बढाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सनातन संस्कृति के प्रसार में उनका अभूतपूर्व योगदान है। सिन्धु दर्शन यात्रा श्री आडवाणी की पहल का ही परिणाम है। श्री देवनानी ने श्री आडवाणी को सुदीर्घ एवं स्वस्थ जीवन के लिये शुभकामनाएं दी है। गोपाष्टमी पर अध्यक्ष श्री देवनानी की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं ,समृद्धि का प्रतीक है गौमाता - श्री देवनानी जयपुर, 08 नवम्बर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गोपाष्टमी पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में गाय पूज्यनीय हैं। वे केवल पशुधन नहीं हैं। "गौ माता" मातृत्व और समृद्धि का प्रतीक है। गाय का पूरी दुनिया में महत्व है लेकिन भारत में प्राचीन काल से ही गाय भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है। वैदिक काल में गायों की संख्या व्यक्ति की समृद्धि की पहचान होती थी। ऐसी मान्यता है कि गाय के शरीर में 35 करोड देवी-देवताओं का वास होता है। यही कारण है कि दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा के दौरान गार्यों का भी पूजन किया जाता है। पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में गोपालन सहयोगी है। गाय से प्राप्त दूध, दही, धी, मूत्र और गोबर को पंचगव्य के रूप में भी जाना जाता है।
November 7, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर , 07 नवम्बर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राजस्थान विधान सभा में जन-दर्शन, सर्वदलीय बैठक, भारतीय वर्ष के अनुसार दैनन्दिनी और वार्षिक कैलेण्डर का प्रकाशन कर ऐतिहासिक नवाचार किये गये है। उन्होंने कहा कि नई गति, नई दिशा और नवाचारों के साथ राजस्थान विधान सभा सर्वश्रेष्ठ विधान सभा बनने की ओर अग्रसर है। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को सिडनी (आस्ट्रेलिया) में आयोजित राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के 67 वें सम्मेलन के दौरान आयोजित साधारण सभा में राजस्थान विधान सभा में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधान सभा के द्वार आमजन के लिये खोल दिये गये हैं। विधान सभा में राजनैतिक आख्यान संग्रहालय का आमजन, विद्यार्थी और शोधार्थी अवलोकन कर रहे हैं। दिन-प्रतिदिन आमजन की संख्या संग्रहालय को देखने के लिये बढती जा रही है। राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और राजनैतिक इतिहास की देश और विदेशों में पहचान बन रही है। जन- दर्शन से राजस्थान विधान सभा की अनूठी इमारत को पर्यटकों को निकटता से निहारने का मौका मिल रहा है। राष्ट्रीय ध्वज के साथ सभा में प्रवेश राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ की साधारण सभा में भारत के विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं के अध्यक्षों ने भारत के गौरव राष्ट्रीय ध्वज के साथ सामूहिक रूप से प्रवेश किया। विदेशी धरती पर भारत के गौरव तिरंगे को लहराकर भारत के विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं के अध्यक्षगण ने गौरव की अनुभूति की। श्री देवनानी और श्री कादिर शाह की मुलाकात राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के सम्मेलन में राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी से सिंध विधान सभा अध्यक्ष श्री ओवैस कादिर शाह की मुलाकात हुई। श्री देवनानी ने बताया कि इस मुलाकात में सिंघ के कला, संस्कृति और इतिहास के बारे में जानकारी साझा की गई। दोनों के बीच सिंधी भाषा में संवाद हुआ। श्री कादिर शाह ने श्री देवनानी को पाकिस्तान आने का निमंत्रण भी दिया। उल्लेखनीय है कि श्री देवनानी सिंधी बाहुल्य अजमेर उत्तर विधान सभा क्षेत्र से लगातार पांचवी बार विधायक चुने गए हैं।
November 6, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: कनाडा में भारतीयों और हिंदू मंदिरों पर खालिस्तान समर्थकों द्वारा हो रहे हमलों के खिलाफ आज जनसमस्या निवारण मंच राजस्थान ने जयपुर में एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। मंच के अध्यक्ष सूरज सोनी ने कनाडा सरकार पर खालिस्तानियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कनाडा सरकार लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों और दुष्प्रचार को बढ़ावा दे रही है। खालिस्तान समर्थक तत्व वहां भारतीय समुदाय, विशेषकर हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। इस प्रदर्शन में डिस्ट्रिक्ट बार के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट विवेक शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र भारद्वाज, हिंदूवादी नेता भारत शर्मा, एडवोकेट कुलभूषण गौड़, गजेन्द्र नोगिया, ललित तंवर, मुकेश मीणा, अर्जुन सारण, रमेश श्योरान, और ललित अग्रवाल सहित सैंकड़ों कार्यकर्ता एवं अधिवक्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने खालिस्तान समर्थक उपद्रवियों द्वारा मंदिरों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की और भारी आक्रोश प्रकट किया। प्रदर्शन के दौरान विरोध स्वरूप जस्टिन टुडो और आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की गई। मंच के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला कलेक्टर जितेन्द्र कुमार सोनी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।
November 6, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर , 06 नवम्बर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि भारत और राजस्थान में महिलाएँ पूरी तरह से सुरक्षित है। भारत और राजस्थान में महिलाओं की सुदृढता के लिये अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही है। केन्द्र एवं राजस्थान राज्य की सरकार महिलाओं के प्रति सभी प्रकार के भेदभाव और हिंसा को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री देवनानी ने कहा कि भारत में प्रभावी कानून और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केन्द्र व राज्यों में महिलाओं की सुदृढता के लिए चलाई जा रही योजनाओं से लिंग आधारित हिंसा को खत्म करने और भेदभाव का मुकाबला करने के साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए सम्पूर्ण राष्ट्र में नया वातावरण बना है। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी बुधवार को सिडनी (आस्ट्रेलिया) में आयोजित राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के 67वें सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। श्री देवनानी ने भेदभावपूर्ण कानून का मुकाबला-लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ 365 की सक्रियता, संसदीय प्रक्रियाओं और परम्पराओं में कृत्रिम बुद्धिमता के उपयोग अवसर और चुनौतियां तथा बैंचमाकिंग, मानक और दिशानिर्देश- सर्वोत्तम परम्पराओं को अपनाने के माध्यम से संसद को मजबूत बनाने के विषयो पर सम्मेलन को संबोधित किया। लिंग आधारित भेदभाव समाप्त करने के लिए भारत प्रतिबद्ध- श्री देवनानी ने कहा कि भारत और राजस्थान लिंग आधारित भेदभाव समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए केन्द्र और राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही योजनाओं में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। सुरक्षित राष्ट्र और सुरक्षित राजस्थान के लिये केन्द्र व राजस्थान सरकार प्रत्येक दिन नये सिरे से नई परिस्थितियों के अनुरूप नई योजनाओं के साथ नये सिरे से महिला सुरक्षा का वातावरण बनाने का सफल प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री की महिला सुरक्षा योजनाएं बना रही है प्रभावी वातावरण- श्री देवनानी ने कहा कि भारत में केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री की महिला सुरक्षा की योजनाएँ प्रभावी वातावरण बना रही है। इन योजनाओं से महिलाएं लाभावित हो रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, नारी शक्ति वंदन योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, मिशन शक्ति योजना, सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना, की सिलाई मशीन योजना, महिला शक्ति केंद्र योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और महिला समृद्धि जैसी अनेक योजनाओं से भारत में महिलाएँ मजबूत और सुरक्षित हुई है। इन योजनाओं के बेहतर परिणाम समाज के सामने आ रहे है। ऐसी प्रभावशाली योजनाएँ लिंग आधारित भेदभाव और हिंसा को रोकने में सफल हुई है। भेदभावपूर्ण कानून का मुकाबला और लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ 365 दिन की सक्रियता आवश्यक- अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि एक सुरक्षित दुनिया प्रदान करने वाले सम्मेलनों के प्रति सभी राष्ट्र और राज्यों को अपनी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करना होगा ताकि महिलाओं को पुरुषों के साथ समानता से वंचित नहीं किया जा सके और अपराधियों के प्रति अधिकारियों की जवाबदेहता सुनिश्चित हो सके। इसके लिये सभी को एकजुट होकर भेदभावपूर्ण लिंग आधारित हिंसा को रोकने के लिए सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। राजस्थान विधान सभा सदन की कार्यवाही का हो रहा है सजीव प्रसारण-अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के सम्मेलन में दिये अपने सम्बोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता से विधायी मण्डलों को नियमित कार्यों को सुचालित करने और जटिल डेटा के विश्लेषण करने के नये अवसर मिले है। राजस्थान विधान सभा में सदन की कार्यवाही का सजीव प्रसारण किया जा रहा है। ई-विधान के माध्यम से विधान सभा की सभी प्रक्रियाओं को डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इससे विधान सभा के सभी कार्य पेपर लैस हो जायेगे। विधायी मण्डलों के लिये यह नवाचार है। लोकतांत्रिक जीवन में गुणवत्ता और सुदृढ़ता के लिये अंतर संसदीय संघ और राष्ट्र मण्डलीय संसदीय संघ के मानक भारतीय लोकतंत्र के लिये महत्वपूर्ण- राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि राज्य विधान सभा के लिये राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के मानक, मानकीकरण और दिशानिर्देश महत्वपूर्ण साबित हो रहे है। इनसे निश्पक्ष प्रक्रियाओं और प्रक्रियात्मक परिणामों के मूल सिद्धांतों का पालन में सहयोग मिल रहा है। लोकतांत्रिक जीवन की गुणवत्ता को बनाये रखने और सामूहिक रूप से सार्वजनिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास सुदृढ हो रहा है।
November 5, 2024
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर , 05 नवम्बर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी चार देर्शों की यात्रा के दौरान मंगलवार को सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) पहुँचे। श्री देवनानी का सिडनी पहुँचने पर अधिकारियों ने स्वागत किया। श्री देवनानी ने सिडनी में आयोजित भारत रीजन के 67वें राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के सम्मेलन की डेलीगेट ब्रीफिंग में भाग लिया। श्री देवनानी ने सम्मेलन में मौजूद उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, कर्नाटक, तमिलनाडू सहित भारत के विभिन्न प्रदेशों के विधान सभा अध्यक्षगण और सांसदगण से मुलाकात की। इस मौके पर श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान प्रदेश की अपनी समृद्ध विरासत, परम्पराओं और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विशिष्ट पहचान है। जयपुर के महल, उदयपुर की झीले और जोधपुर, बीकानेर व जैसलमेर के भव्य दुर्ग देशी तथा विदेशी सैलानियों के लिए पंसदीदा स्थान है। राज्य के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने के लिए प्रति दिन हजारों की संख्या में पर्यटक आते है। श्री देवनानी इस अध्ययन यात्रा के दौरान विभिन्न देशों के विधायी निकायों का अवलोकन करने के साथ संसदीय प्रतिनिधिगण से लोकतांत्रिक मूल्यों के सुदृढीकरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रति वर्ष आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं के अध्यक्षगण एक मंच पर एकत्रित होकर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न विषयों पर संवाद करते है। इस बार का राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ का सम्मेलन आस्ट्रेलिया में 5 से 8 नवम्बर तक हो रहा है। संसदीय संघ का यह 67वां सम्मेलन है। इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए अध्यक्ष श्री देवनानी के साथ विधान सभा के विशिष्ट सचिव श्री भारत भूषण शर्मा भी गये है।
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