March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: इंजीनियरिंग कॉलेज अजमेर के दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम तरंगिनी 2026 एवं वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन प्रथम दिवस पर अत्यंत उत्साह एवं उमंग के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जवाहर रंग मंच पर अपराह्न 4 :00 बजे माननीय अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ, जिससे पूरे आयोजन में एक सकारात्मक एवं उत्सवी वातावरण निर्मित हुआ। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के साथ हुई। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के माध्यम से ज्ञान एवं विद्या की आराधना की गई। प्राचार्या डॉ. रेखा मेहरा द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का शालीन स्वागत श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर किया गया। प्राचार्या डॉ. रेखा मेहरा द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, उत्कृष्ट परिणामों तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को रेखांकित किया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सरोज लाखावत ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। समूह डांस की श्रेणी में मोनिशा एवं समूह, हर्षिल एवं समूह, लक्षिता एवं समूह तथा सुहानी एवं समूह द्वारा आकर्षक एवं ऊर्जावान प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद विशिष्ट अतिथि डॉ. अनिल समारिया (प्राचार्य, जेएलएन मेडिकल कॉलेज) ने अपने प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि डॉ रमाकांत शर्मा, इंचार्ज एग्रीकल्चर रिसर्च सबस्टेशन अजमेर ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास एवं निरंतर प्रयास के माध्यम से सफलता प्राप्त करने का संदेश दिया।मुख्य अतिथि श्री संत कुमार जी चौधरी, चेयरमैन, शंकरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की सह संयोजक डॉ. शिखा अग्रवाल ने बताया कि संगीतमय प्रस्तुतियों में माधव पुरोहित, शावी, समग्र वैद्य, आना जैमन, कृष्णा, आदित्य दुबे, बादल एवं शिवम पांडे द्वारा एकल गायन प्रस्तुत किए गए, जिनमें उन्होंने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 24 मार्च। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मंगलवार को विश्वविद्यालय के स्वराज सभागार में एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप का आयोजन किया। इस कार्यशाला में राजस्थान सरकार के उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, संगठन मंत्री श्री महेंद्र कपूर, कुलसचिव श्री कैलाश चंद्र शर्मा सहित बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्य, संकाय सदस्य एवं शोधार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह कार्यशाला पाठ्यक्रम निर्माण, अध्यादेश क्रियान्वयन तथा एनईपी की मूल भावना को संकाय सदस्यों तक संप्रेषित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कार्यशाला के आयोजन में कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने इस फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप के माध्यम से प्रदेश के शिक्षा जगत में एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि एमडीएसयू राजस्थान का पहला विश्वविद्यालय है जिसने एनईपी 2020 के अनुरूप अध्यादेशों का निर्माण कर उन्हें संस्थागत स्वरूप प्रदान किया है। डॉ. बैरवा ने कहा, शिक्षक राष्ट्र के निर्माता और ज्ञान के प्रकाश स्तंभ होते हैं। एक शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि चरित्र निर्माण, सही दिशा का मार्गदर्शन और आत्मनिर्भरता भी सिखाता है। सरकार केवल नीतियाँ बना सकती है, किंतु उन्हें लागू आप शिक्षकों द्वारा ही किया जा सकता है। राजस्थान सरकार की उच्च शिक्षा संबंधी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम एवं सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया गया है। उच्च शिक्षा को कौशल आधारित एवं व्यावहारिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लघु, सीमांत, बंटाईदार किसानों एवं खेतीहर श्रमिकों के बच्चों के लिए सत्र 2024-25 से शुल्क माफी की व्यवस्था की गई है। छात्राओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा ब्लैक बेल्ट योग्य छात्राओं को प्रतिशत बोनस अंक का प्रावधान, 71 नवीन राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना जिनमें 36 सामान्य शिक्षा, 25 कन्या एवं 9 कृषि महाविद्यालय सम्मिलित हैं। एआई, रोबोटिक्स एवं 3डी प्रिंटिंग जैसे भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। केवल डिग्री नहीं, दक्षता भी दें, नौकरियाँ भी दें और नवाचार भी दें। राजस्थान के युवा देश के स्टार्टअप इको-सिस्टम में न केवल प्रतिभागी बनें, बल्कि लीडर और रोजगार देने वाले भी बनें। उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती की महान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय ने उस परंपरा को जीवंत रखते हुए एनईपी के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने हेतु सभी शिक्षकों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि एनईपी एक व्यापक एवं गतिशील दस्तावेज है, जिसका सफल कार्यान्वयन केवल विश्वविद्यालय स्तर पर नहीं, बल्कि सरकार एवं विश्वविद्यालयों के समन्वित प्रयास से ही संभव है। उन्होंने प्रवेश प्रणाली में लचीलापन सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता बताई। एनईपी के अनुसार, विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों को अन्य स्ट्रीम में प्रवेश का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए या तो राज्य विश्वविद्यालयों को सीयूईटी (क्ल्ट) में सम्मिलित किया जाए या राज्य स्तर पर एक समान प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि सामान्य शैक्षणिक ढांचा एवं एकरूप शैक्षणिक कैलेंडर का निर्माण आज सबसे बड़ी आवश्यकता है। इससे विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित होगा तथा मल्टीपल एंट्री-एग्जिट एवं क्रेडिट ट्रांसफर प्रणाली प्रभावी हो सकेगी। उन्होंने रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल), एक्सटेंडेड एवं एक्सेलेरेटेड सेमेस्टर तथा सेमेस्टर प्रणाली के स्पष्ट क्रियान्वयन हेतु सरकार द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपीएस) तैयार करना आवश्यक बताया ताकि दुरुपयोग रोका जा सके और एकरूपता बनी रहे। साथ ही क्लस्टर ऑफ कॉलेजेस मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया। इससे संसाधनों की कमी वाले महाविद्यालय भी मल्टीडिसिप्लिनरी शिक्षा, स्किल एवं वैल्यू एडेड कोर्सेस संचालित कर सकें। प्रो. अग्रवाल ने फैकल्टी प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने हेतु एमएमटीटीसी जैसे संस्थानों के माध्यम से व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने की आवश्यकता बताई। शिक्षक एनईपी की मूल भावना को समझकर उसे लागू कर सकेंगे। साथ ही इंडस्ट्री-एकेडमिक सहयोग एवं इंटर्नशिप व्यवस्था के लिए स्पष्ट एसओपीएस एवं नियमन आवश्यक हैं। इससे प्रमाणपत्रों के दुरुपयोग को रोका जा सके। कुलगुरु ने ऑर्डिनेंस एवं नीतिगत स्पष्टता पर बल देते हुए कहा कि सरकार को सभी विश्वविद्यालयों हेतु समान नियम एवं दिशा-निर्देश तैयार करने चाहिए। विशेषकर हॉरिजॉन्टल एवं वर्टिकल मोबिलिटी के संदर्भ में। अंत में कुलगुरु ने यह स्पष्ट किया कि एनईपी 2020 की सफलता का प्रमुख आधार मानव संसाधन की मानसिकता एवं प्रतिबद्धता है। सरकार को नीतिगत समर्थन के साथ-साथ एक सक्षम, समन्वित एवं व्यावहारिक ढांचा तैयार करना होगा। इससे नीति का क्रियान्वयन प्रभावी रूप से सुनिश्चित हो सके।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: जमेर, 24 मार्च। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना का राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह-2026 का आयोजन मंगलवार को किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का ध्येय वाक्य मैं नहीं हम मात्र एक प्रतीक नहीं है। यह युवाओं की सोच और समाज के प्रति उनकी सकारात्मकता का प्रतिबिंब है। डॉ. बैरवा ने राष्ट्रीय युवा नीति तथा राज्य युवा नीति की विवेचना करते हुए स्पष्ट किया कि सेवा मात्र पुस्तकीय ज्ञान नहीं है। यह गांव, गरीब की सेवा से प्राप्त होने वाला संतोष है। उन्होंने पुरस्कृत होने वाले सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाऐं देते हुए कहा कि आप सभी राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। आपका अनुशासन निःस्वार्थता तथा राष्ट्र सेवा देश के लिए अमूल्य धरोहर है। स्वच्छता, जन सेवा, रक्त दान एवं आपदा राहत में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने विशेष कार्य किया है। सेवा में ही सच्ची राष्ट्रीयता है। आत्मनिर्भर, संवेदनशील, अनुशासित, राष्ट्र के प्रति समर्पित युवा निर्माण एनएसएस का उद्देश्य है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री महेन्द्र कपूर ने इस अवसर पर कहा कि समाज के कष्ट को अनुभवकर उसके निवारण में अपना हर संभव योगदान देना ही सेवा है। राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए उसमें अपनी भूमिका निर्धारित कर उसका क्रियान्वयन सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। श्री कपूर ने आधुनिक शिक्षण संस्थाओं को आधुनिक गुरूकुल की संज्ञा देतेे हुए स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थान ही राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को निश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि मात्र सरकार पर आश्रित होना उचित नहीं है और अपने सामर्थ्य का आकलन कर स्वयं को राष्ट्र के लिए समर्पित करने का भाव सर्वाधिक महत्वपूर्ण रहा है। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता श्री प्रमेन्द्र सिंह ने साइबर अपराध की विशिष्ट विवेचना करते हुये इसकी चुनौतियां तथा उनके निवारण का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत किया। श्री सिंह ने मोबाइल फोन तथा कम्प्यूटर से जुड़े विभिन्न अपराधों तथा उनसे मुक्ति के अनेक उपायों की व्याख्या की। कार्यक्रम के अध्यक्ष तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मनोज कुमार बहरवाल ने इस अवसर पर सभी अतिथियों का स्वागत करते हुये कहा कि युवाओं को प्रोत्साहन तथा उनकी ऊर्जा को सही दिशा प्रदान करना शिक्षण संस्थानों का मूल उद्देश्य है। उन्होंने विजेता स्वयंसेवकों को आर्शीवाद तथा शेष विद्यार्थियों के लिये प्रेरणा के स्त्रोत के रूप में वर्णित किया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक श्री सिन्धु प्रकाश भटनागर ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की शुरूवात बडे़ सीमित संसाधनों से हुई थी लेकिन आज यह भारत के सबसे प्रभावशाली तथा व्यापक युवा संगठनों में से एक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान राष्ट्रीय सेवा योजना की राष्ट्रीय रैकिंग मंे सदेव सर्वाच्च पाँच स्थानों में रहा है। इसके लिए स्वयंसेवक व कार्यक्रम अधिकारी बधाई के पात्र है। उन्होंने एक गंभीर प्रश्न उठाते हुये कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना मात्र केन्द्रीय आर्थिक सहयोग पर निर्भर है जबकि इसके विस्तार के लिये यह आवश्यक है कि राज्य सरकार भी इसमें कुछ अंशदान करे ताकि इसे और विस्तार दिया जा सके। अजमेर जिले के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. हरभान सिंह ने इस अवसर पर अपनी टीम द्वारा निर्मित स्मारिका, पत्रिका सेवा सृष्टि एवं दैनिक डायरी का विमोचन के लिए प्रस्तुत की। इसी अवसर पर समाजशास्त्र विभाग द्वारा सामाजिक विकास और प्रौद्योगिकी पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उमेश दत्त, डॉ. सरिता चांवरिया, डॉ. गजेन्द्र मोहन तथा डॉ. अन्नपूर्णा सोनी ने किया।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 24 मार्च। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वर्ष 2026 की माध्यमिक, माध्यमिक व्यावसायिक एवं प्रवेशिका परीक्षाओं के साथ प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन कक्षा-5 एवं प्रारम्भिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण-पत्र कक्षा-8 परीक्षाओं के परिणाम शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर द्वारा मंगलवार को बोर्ड कार्यालय से औपचारिक रूप से जारी किए गए। परिणाम जारी करते हुए शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि माध्यमिक एवं माध्यमिक व्यावसायिक परीक्षा 2026 में कुल 10 लाख 66 हजार 561 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इनमें से 10 लाख 49 हजार 68 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। इस परीक्षा का कुल परिणाम 94.23 प्रतिशत रहा। इसमें छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 93.63 तथा छात्राओं का 94.90 प्रतिशत दर्ज किया गया। छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में बेहतर रहा। परीक्षा में 5 लाख 51 हजार 534 छात्रों में से 2 लाख 72 हजार 252 छात्र तथा 4 लाख 97 हजार 534 छात्राओं में से एक लाख 99 हजार 661 छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई हैं। इसी प्रकार प्रवेशिका परीक्षा 2026 में कुल 7 हजार 764 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इनमें से 7 हजार 570 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। इस परीक्षा का कुल परिणाम 87.11 प्रतिशत रहा। छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 85.74 तथा छात्राओं का 88.33 प्रतिशत रहा। प्रथम श्रेणी में 3 हजार 577 छात्रों में से 499 छात्र तथा 3 हजार 993 छात्राओं में से 960 छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं। उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण-पत्र (कक्षा-8) परीक्षा 2026 का आयोजन 19 फरवरी से 4 मार्च 2026 तक 10,056 परीक्षा केन्द्रों पर किया गया। इस परीक्षा में कुल 12 लाख 86 हजार 220 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। इनमें से 12 लाख 45 हजार 735 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। कुल परीक्षा परिणाम 97.01 प्रतिशत रहा, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 0.35 प्रतिशत अधिक है। कक्षा-8 में छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 96.52 तथा छात्राओं का 97.57 प्रतिशत रहा, जिससे छात्राओं का प्रदर्शन 1.05 प्रतिशत अधिक रहा। इस परीक्षा में 2,209 परीक्षार्थियों का परिणाम रोका गया है, जिसे नियमानुसार बाद में जारी किया जाएगा, जबकि 38 हजार 276 परीक्षार्थी पूरक श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं। प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन (कक्षा-5) परीक्षा 2026 का आयोजन 20 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक राज्य के 18 हजार 621 परीक्षा केन्द्रों पर किया गया। इसमें कुल 13 लाख 68 हजार 947 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। इनमें से 13 लाख 33 हजार 936 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए तथा कुल परीक्षा परिणाम 97.75 प्रतिशत रहा, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 0.28 प्रतिशत अधिक है। कक्षा-5 में छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 97.59 तथा छात्राओं का 97.94 प्रतिशत रहा, जिससे छात्राओं का प्रदर्शन 0.35 प्रतिशत बेहतर रहा। कुल 4 हजार 371 परीक्षार्थियों का परिणाम विभिन्न कारणों से रोका गया है। इसे प्रक्रिया पूर्ण होने पर पृथक से जारी किया जाएगा। वहीं 30 हजार 640 परीक्षार्थी पूरक श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं, जिनकी पूरक परीक्षा जुलाई 2026 में आयोजित होगी। मंत्री श्री दिलावर ने बताया कि कक्षा-5 एवं कक्षा-8 परीक्षाओं में पारंपरिक अंकों के स्थान पर ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है। इसके अंतर्गत परीक्षार्थियों को विषयवार प्रदर्शन के आधार पर ए, बी, सी , डी एवं ई ग्रेड प्रदान किए जाते हैं।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 24 मार्च। जिला कलक्टर श्री लोकबंधु की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सेवा केंद्र के वीसी कक्ष में शहरी निकायों की फ्लैगशिप योजनाओं एवं मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं वार्ड अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी , श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने के निर्देश प्रदान किए गए। बैठक के दौरान नगर निकायों द्वारा प्रस्तुत अद्यतन प्रतिवेदनों, लंबित कार्यों की स्थिति, टेंडर प्रक्रियाओं, वित्तीय प्रगति एवं आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने निर्देशित किया कि सभी शहरी निकाय निर्धारित प्रारूप में अद्यतन जानकारी समय-सीमा में उपलब्ध कराएं तथा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए। इससे कोई भी हितग्राही वंचित नहीं रहे। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि योजना की प्रगति की मॉनिटरिंग बैंकर्स के साथ जिला स्तर पर समूह के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैंक समन्वय के माध्यम से ऋण स्वीकृति एवं वितरण से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना के अंतर्गत भोजन की गुणवत्ता एवं पौष्टिकता बनाए रखने, रसोईयों का नियमित निरीक्षण करने तथा गैस आपूर्ति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की द्वितीय एवं तृतीय किस्तों का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने अधिकारियों को क्षेत्र में संचालित गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही व्यावसायिक दुरुपयोग एवं कालाबाजारी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी प्रदान किए। माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी विजन के अनुरूप प्रदेशभर में संचालित मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं वार्ड अभियान के संबंध में जिला कलक्टर ने बताया कि यह अभियान 15 मई तक संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत वार्ड स्तर पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए विकास की समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्ड सभाओं के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं का सूक्ष्म आकलन कर योजनाएं जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाई जाएं। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत पेयजल, सड़क, विद्युत, स्वच्छता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत सर्वेक्षण कर जीआईएस आधारित योजनाएं तैयार की जाएंगी। इनमें अल्पकालीन, मध्यकालीन एवं दीर्घकालीन 2047 लक्ष्यों को शामिल किया जाएगा। इन योजनाओं के आधार पर जिले का लक्ष्य-आधारित मास्टर प्लान तैयार कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा। इससे पारदर्शिता एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सकेगी। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान की गतिविधियों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा अधिकतम जनभागीदारी को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम बेसलाइन डाटा संग्रहण कर, तत्पश्चात पोर्टल लाइव होने पर समस्त जानकारी का समय पर अपलोड किया जाए। साथ ही वार्ड स्तर पर डाटा एंट्री के लिए दल गठित कर कार्यों को गति प्रदान की जाए। बैठक में स्वच्छता एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर देते हुए जिला कलक्टर ने घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा जिले की रैंकिंग में सुधार के लिए प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए। आगामी ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए उन्होंने सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, नालों की समय रहते सफाई कर जलभराव की समस्या से बचाव के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में मार्च माह के अंत तक लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएं तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने संपर्क पोर्टल एवं अन्य ऑनलाइन सेवाओं के प्रभावी निस्तारण पर अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 23 मार्च । दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले रसायनों से उत्पन्न संभावित खतरों, आगजनी एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती वंदना खोरवाल की अध्यक्षता में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि मॉक ड्रिल को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप रियल टाइम हैजर्ड सिचुएशन के आधार पर आयोजित किया जाए। इससे विभिन्न एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने दैनिक जीवन में प्रयुक्त रसायनों से होने वाले संभावित खतरों, उनके मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर प्रभाव तथा देश में पूर्व में घटित गैस रिसाव जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क एवं तैयार रहने के निर्देश दिए। बैठक में एनडीआरएफ के अधिकारियों ने खतरनाक रसायनों का परिवहन करने वाले वाहनों पर अंकित हैजकेम कोड के माध्यम से संबंधित रसायन की प्रकृति, संभावित जोखिम एवं उससे निपटने के लिए आवश्यक अग्निशमन उपायों की जानकारी दी । आपातकालीन स्थिति में इन कोड्स का सही उपयोग अत्यंत आवश्यक है। रसायनिक दुर्घटनाओं से निपटने के लिए अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें प्राथमिक रूप से प्रभावित क्षेत्र से त्वरित निकासी , तत्पश्चात एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं सिविल डिफेंस जैसी एजेंसियों द्वारा डिटेक्शन । उसके बाद कंटेनमेंट तथा अंत में प्रभावित व्यक्तियों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को प्रमुखता से शामिल किया गया।नागरिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रसायनिक आपदाओं से निपटने के लिए विभिन्न प्रकार के आपातकालीन सुरक्षा सूट उपलब्ध होते हैं, जिनमें मास्क युक्त सूट, ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त सूट आदि शामिल हैं। इनका उपयोग परिस्थितियों के अनुसार किया जाता है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों—पुलिस, सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ, चिकित्सा विभाग एवं नगर निगम—को अपनी जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मॉक ड्रिल के लिए उपयुक्त स्थान के चयन पर चर्चा की गई। साथ ही सभी स्टेकहोल्डर्स के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई। सूचना प्राप्त होते ही त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए । इस दौरान विभिन्न एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से मॉक एक्सरसाइज का अभ्यास किया जाएगा। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की उपनियंत्रक श्रीमती गरिमा नरूला, उपखंड अधिकारी नसीराबाद श्री देवीलाल यादव सहित गृह, एनडीआरएफ, चिकित्सा, नगर निगम एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: मंगलवार को दोपहर 1 बजे राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं का रिजल्ट घोषित किया गया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बोर्ड कार्यालय में लेपटॉप का बटन दबाकर रिजल्ट जारी किया। इसके साथ ही प्रदेश के 10 लाख 68 हजार 109 विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हुआ। अजमेर जिले का कुल परिणाम 94.46% रहा। जिसमें छात्राओं ने बाजी मारते हुए 95.37% हासिल किए। वही छात्रों का परिणाम 93.57% रहा। अजमेर के आगरा गेट पर रहने वाली रजनी सोलंकी ने 99.50%, वहीं नरवर गांव में रहने वाली कोयल ने 98.33% मार्क्स हासिल किए है। बोर्ड इतिहास में यह पहला मौका है, जब मार्च माह में दसवीं का रिजल्ट 12 वीं से पहले जारी किया गया हो। इस वर्ष बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की गई थी। पिछले वर्ष अजमेर जिले का रिजल्ट 94.45% रहा था। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अजमेर से 10वीं का परिणाम घोषित कर सभी उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।अजमेर का 95.46% परिणाम के साथ रिजल्ट प्रदेश में 17 वें स्थान पर रहा है। शहर के आगरा गेट में रहने वाली रजनी सोलंकी ने 99.50% मार्क्स हासिल किए हैं। रजनी के पिता किशन सोलंकी प्रिंटिंग प्रेस का काम करते हैं।10 वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम घोषित करने के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के साथ बोर्ड प्रशासक शक्तिसिंह राठौड़, बोर्ड सचिव गजेन्द्र सिंह राठौड़ सहित बोर्ड कार्यालय के अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश पर अजमेर में बड़ी रेड, नकली तेल हुए जब्त** देश की जानी-मानी और भरोसेमंद कंपनी PATANJALI FOODS LIMITED के प्रसिद्ध ब्रांड “महाकोष” की नकल कर बाजार में नकली तेल बेचने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में “शुधकोश” नाम से तेल बनाकर बेचने वालों पर कानून का शिकंजा कस गया है। PATANJALI FOODS LIMITED को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि अजमेर में स्थित PARWATI OIL MILLS द्वारा नक़ली तेल बेचे जा रहे है, जिसकी पैकेजिंग, नाम, डिजाइन ,शुधकोश लिखने का तरीका और पूरी बनावट हूबहू PATANJALI FOODS LIMITED के पंजीकृत ब्रांड “महाकोष” जैसी है। इससे आम ग्राहक आसानी से धोखे में आ सकता है। जांच में बड़ा खुलासा - प्रारंभिक जांच में साफ पाया गया कि यह पूरी गतिविधि ट्रेडमार्क एक्ट 1999 और कॉपीराइट एक्ट 1957 का खुला उल्लंघन है। यह मामला न सिर्फ ब्रांड की नकल का है, बल्कि उपभोक्ताओं को भ्रमित कर अवैध मुनाफा कमाने की कोशिश भी है। दिल्ली डिस्ट्रीक्ट कोर्ट की सख्त कार्रवाई - PATANJALI FOODS LIMITED की ओर से नवकार एसोसिएट्स के अधिवक्ता श्रीमती नम्रता जैन और श्री विजय सोनी ने दिल्ली के वाणिज्यिक न्यायालय में मामला दायर किया। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामला मजबूत पाते हुए लोकल कमिश्नर नियुक्त किया और पुलिस की मदद से सर्च और सीज़र की अनुमति दी। अजमेर में बड़ी रेड - कोर्ट के आदेश पर 24 MARCH 2026 (मंगलवार) को अजमेर स्थित परिसर पर लोकल कमिश्नर और स्थानीय पुलिस ने छापा मारा। छापे के दौरान बड़ी मात्रा में “शुधकोश” नाम के नकली तेल बरामद किए गए, जो PATANJALI FOODS LIMITED के महाकोष ब्रांड की सीधी नकल थी। सभी नकली माल को जब्त कर सील कर दिया गया है और अब यह कोर्ट की कस्टडी में है। अब बिक्री पूरी तरह गैरकानूनी - दिल्ली डिस्ट्रीक्ट कोर्ट के आदेश के बाद अब से - “शुधकोश” नाम से निर्माण, भंडारण, बिक्री, वितरण, प्रचार या विज्ञापन नहीं कर सकती। ऐसा करना कोर्ट की अवमानना माना जाएगा। नकली ब्रांडिंग पर कड़ा संदेश - यह कार्रवाई नकली ब्रांड, बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन और उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करने वालों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि कानून अब ऐसे मामलों में बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतेगा।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: भाजपा सत्ता के दुरुपयोग से लोकतंत्रिक व्यवस्था और विरोध हर की आवाज़ को कुचलने में लगी है। NSUI अजमेर ग्रामीण जिला अध्यक्ष अंकित घारू को पुलिस द्वारा अकारण हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय है।महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की परीक्षा में हुई अनियमितताओं के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा को ज्ञापन सौंपने जा रहे NSUI छात्र नेता को हिरासत में लेना साफ दिखाता है कि भाजपा सरकार आवाज उठाने वालों से डरती है और सत्ता के बल पर तानाशाही पूर्ण रवैया से पुलिस के जरिए दमनात्मक कार्रवाई पर उतर जाती है।इस तानाशाही के खिलाफ अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल , पार्टी नेता और कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे हैं। भाजपा सरकार जल्द से जल्द हिरासत में लिए गए NSUI छात्र नेता को रिहा करे। वहीं पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने NSUI देहात अध्यक्ष अंकित घारू को गिरफ्तार करने का कड़ा विरोध किया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं । पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि भाजपा शासन में लोकतंत्र का चीर हरण किया जा रहा है और जनहित के मुद्दों को उठाने वालो पर पुलिस बर्बरता कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि आज सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में आज डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को छात्र व छात्राओं की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने गए NSUI देहात अध्यक्ष अंकित को पुलिस कर्मियों ने बर्बरता पूर्वक घसीटा और पुलिस जीप में बैठाया, जो कतई उचित नहीं है। इतना ही नहीं, जब कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता क्लॉक टावर थाना पहुंचे तो पुलिस ने उनसे भी उचित व्यवहार नहीं किया। इससे साफ जाहिर है कि भाजपा राज में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। राठौड़ ने इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर जिले के नसीराबाद उपखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ में विशाल छठ मेला बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस दिव्य और भव्य मेले में देश-प्रदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा भैरवनाथ और माँ कालका के दर्शनों के लिए पहुंचे। मेला स्थल पर आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने कतारों में लगकर बाबा भैरवनाथ और मां कालिका के साथ सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की विशेष परिक्रमा कर मन्नतें मांगी और अपनी बुराइयों और नशों का त्याग किया। पूरा धाम परिसर बाबा भैरव के जयकारों और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ् के नारों से गूंज उठा। देशभर से श्रद्धालु झंडों के साथ जुलूस के रूप में धाम पहुंचे। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारम्भ शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, चम्पालाल महाराज, सोनादेवी बावरी आदि ने मन्दिर के शीर्ष पर ध्वजा चढ़ाकर मेले का आगाज किया। उसके बाद शिक्षामंत्री ने बाबा भैरवनाथ, माँ कालिका व अखण्ड ज्योत के दर्शन कर चम्पालाल महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस विशाल छठ मेले में कई प्रमुख राजनेताओं और विशिष्ट व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बाबा भैरवनाथ के चरणों में ढोक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। राजनेताओं का आगमन इस धार्मिक स्थल के प्रति व्यापक जन आस्था और महत्व को दर्शाता है। शिक्षा मंत्री ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि राजगढ़ भैरव धाम वास्तव में चमत्कारी स्थल होने के साथ-साथ देश का अनूठा धार्मिक स्थल है क्योंकि यहां पर न तो दान, चन्दा, चढ़ावा, गुप्तदान चढ़ता है और ना ही फूल, माला या प्रसाद जो कि दूसरे धार्मिक स्थलों से बहुत भिन्न बात है। उन्होंने यह भी कहा कि नशा नाश का ही नहीं सर्वनाश का कारण है। नशे की प्रवृत्ति इन्सान को अपनी प्रतिष्ठा एवं शारीरिक क्षमता को तोडकर भिक्षुक बना देती है। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं को कहा कि आज हम सबको बाबा भैरव का आशीर्वाद लेकर चम्पालाल महाराज के पावन सान्ध्यि में इस छठ मेले के पावन पर्व पर अपने राजस्थान को पोलिथिन मुक्त बनाने एवं अपनी गऊमाता की सेवा एवं सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक गऊशाला में सहयोग करने की शपथ लेते हैं। जो भी भक्त सच्ची आस्था व विश्वास के साथ राजगढ़ धाम पर आते हैं उनकी मनोकामना बाबा भैरव पूरी करते हैं। मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि आज छठ मेले के पावन पर्व पर मुझे राजगढ़ धाम पर प्रथम बार आने का अवसर प्राप्त हुआ है। वास्तव में राजगढ़ धाम अलौकिक एवं सर्वधर्म शक्ति स्थल है जहां पर चम्पालाल महाराज निःस्वार्थ भाव से सामाजिक सरोकार के कार्य कर रहे हैं जो कि काबिले तारिफ है। चम्पालाल महाराज द्वारा चक्की वाले बाबा के मंदिर पर उसके बाद बाबा भैरव मां कालिका के साथ प्राचीन मंदिर वीर तेजा जी महाराज की पूजा अर्चना करी। विशाल छठ मेले के अवसर पर प्रातः चम्पालाल महाराज के सान्ध्यि में हजारों श्रद्धालुओं ने चक्की वाले मंदिर से शोभायात्रा निकाली। छठ मेले पर चम्पालाल महाराज के करकमलो द्वारा ध्वजारोहण कर मेले का शुभारम्भ किया गया। जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा व्यवस्था व पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। शोभायात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के श्रीमुख से बाबा भैरव व माँ काली के घोष से राजगढ़ धाम गुजांयमान हो गया। माँ कालिका के मंदिर पहुँचे। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया व शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। छठ मेले के पावन शुभअवसर पर एम.एल.डी. कन्या महाविद्यालय केकड़ी की छात्राओं ने बाबा भैरव व माँ कालिका के मनभावन भजनों की प्रस्तुति देकर आए हुए श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मेले में श्रद्धालुओ की एक लाख से अधिक भारी भीड़ ने बाबा भैरव, माँ कालिका, धाम पर चल रही अखण्ड़ ज्योति के दर्शन कर सर्वधर्म मनोकामना पूर्ण स्तम्भ की परिक्रमा कर विशेष चमत्कारी चिमटी प्राप्त की । श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा उस समय देखने को मिला जब मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की परिक्रमा हेतु हजारों की संख्या मं भक्त पहुंचे।
March 23, 2026
अजमेर न्यूज़: जयपुर। जयपुर पुलिस के हत्थे चढ़े नकली किन्नर गिरोह से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने यूट्यूब वीडियो देखकर किन्नरों की बोल-चाल, हाव-भाव, आशीर्वाद और बद्दुआ देने तक की पूरी एक्टिंग सीखी थी। गिरोह के सदस्य साड़ी-ब्लाउज पहनने, मेकअप करने, नकली बाल लगाने और शरीर की बनावट तक का विशेष ध्यान रखकर खुद को असली किन्नर जैसा दिखाते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह का संचालन एक असली किन्नर माही सैनी के इशारे पर होता था, जिसे सरगना बनाया था। बदले में वसूली की रकम का एक हिस्सा ‘गुरु दक्षिणा’ के रूप में उसे दिया जाता था। गिरोह दिल्ली-अजमेर हाईवे और शहर के प्रमुख सिग्नल्स पर सक्रिय था और बद्दुआ देने के नाम पर लोगों को डराकर हर महीने लाखों रुपए की वसूली करता था। एसीपी (वैशाली नगर) अनिल शर्मा के मुताबिक, 16 मार्च को करणी विहार थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें माही सैनी सहित कई युवक शामिल हैं, जो नकली किन्नर बनकर वसूली करते थे। जांच में सामने आया कि गिरोह के हर सदस्य का रोजाना करीब 5 हजार रुपए का वसूली टारगेट तय था। गिरोह खास तौर पर उन वाहनों को निशाना बनाता था, जिनमें महिलाएं, बच्चे या परिवार के सदस्य होते थे। नवविवाहित जोड़ों को हाथों की मेहंदी या नई गाड़ी देखकर टारगेट किया जाता था और उनसे ज्यादा रकम वसूली जाती थी। मनमुताबिक पैसे नहीं मिलने पर आरोपी गाली-गलौज करते, गाड़ियों के शीशे पीटते और बदसलूकी तक पर उतर आते थे। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के ज्यादातर सदस्य उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से जुड़े हुए हैं, जो मजदूरी छोड़कर ज्यादा कमाई के लालच में इस धंधे में शामिल हुए। पुलिस कार्रवाई के बाद पकड़े जाने की डर से कई गिरोह नकली किन्नर शहर और हाईवे अंडरग्राउंड हो गए हैं।
March 23, 2026
अजमेर न्यूज़: जयपुर। राजस्थान इंटेलिजेंस और एयरफोर्स इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में असम के डिब्रूगढ़ स्थित एयरफोर्स स्टेशन छबुआ से जुड़े एक सिविल कर्मचारी को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में देश में सक्रिय एक बड़े पाक समर्थित जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आरोपी भारतीय वायुसेना से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान के खुफिया हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था। एडीजी पुलिस (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार के अनुसार, मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में जैसलमेर निवासी झबराराम की गिरफ्तारी से हुई थी। उसकी पूछताछ के दौरान प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) निवासी सुमित कुमार (36) का नाम सामने आया, जो एयरफोर्स स्टेशन छबुआ में एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) के पद पर कार्यरत था। जांच में पाया गया कि वह अपने पद का दुरुपयोग कर सैन्य गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी एकत्र करता और सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी एजेंसियों तक पहुंचाता था। संयुक्त टीम ने आरोपी को छबुआ से डिटेन कर जयपुर के केंद्रीय पूछताछ केंद्र लाया, जहां गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह वर्ष 2023 से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के संपर्क में था और पैसों के बदले संवेदनशील सूचनाएं साझा कर रहा था। आरोपी ने छबुआ के अलावा बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन सहित अन्य सैन्य ठिकानों से जुड़ी जानकारी भी लीक की, जिनमें लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों-कर्मचारियों से संबंधित गोपनीय विवरण शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपने मोबाइल नंबरों के जरिए पाक हैंडलर्स के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में भी मदद करता था। इस गंभीर मामले में आरोपी के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 और बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत जयपुर के स्पेशल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य कनेक्शनों और संभावित गतिविधियों की जांच में जुटी हैं।