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Ajmer News:

September 18, 2026

अजमेर न्यूज़: अजमेर ओपन जेल से उम्रकैद का कैदी फरार, हाजिरी में गायब मिला तो मचा हड़कंप, पुलिस ने शुरू की तलाश

अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर केंद्रीय कारागार के अधीन संचालित खुली जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहा बंदी अजहरुद्दीन उर्फ कुका फरार हो गया। मंगलवार शाम नियमित हाजिरी के दौरान वह मौजूद नहीं मिला तो जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने जेल परिसर और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज कराया गया। पुलिस के अनुसार अजहरुद्दीन हत्या के मामले में दोषी है और भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह अजमेर केंद्रीय कारागार से संबद्ध ओपन जेल में सजा काट रहा था। राजस्थान कारागार विभाग की आधिकारिक सूची में भी अजमेर में ओपन एयर कैंप संचालित होने का उल्लेख है। शाम की हाजिरी में नहीं मिला बंदी खुली जेल में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बंदियों की नियमित हाजिरी ली जाती है। मंगलवार शाम जब कर्मचारियों ने बंदियों की उपस्थिति जांची तो अजहरुद्दीन अपनी जगह पर नहीं मिला। पहले जेल प्रशासन ने अपने स्तर पर उससे संपर्क करने और आसपास तलाश करने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद जेल प्रहरी कुलदीप की ओर से सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दी गई। पुलिस ने फरार बंदी के संबंध में मामला दर्ज कर संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू कर दी है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक मामले की जांच एएसआई रेवंतराम कर रहे हैं। कैसे निकला ओपन जेल से, पुलिस कर रही जांच पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि अजहरुद्दीन जेल से कब और किस रास्ते बाहर निकला। यह भी जांच का विषय है कि उसने अकेले फरारी की योजना बनाई या बाहर से किसी व्यक्ति ने उसकी मदद की। पुलिस उसके परिचितों, पुराने ठिकानों और संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है। हालांकि अभी तक किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फरारी के सही समय और तरीके को लेकर भी जांच जारी है। खुली जेल में अपेक्षाकृत कम होती है सुरक्षा पाबंदियां ओपन जेल व्यवस्था सामान्य बंद जेल से अलग होती है। अच्छे आचरण और निर्धारित पात्रता वाले सजायाफ्ता बंदियों को ऐसी व्यवस्था में अपेक्षाकृत अधिक स्वतंत्रता और पुनर्वास का अवसर दिया जाता है, जबकि उनसे निर्धारित नियमों का पालन और नियमित हाजिरी अपेक्षित होती है। बाड़मेर ओपन जेल से हाल में हुई एक अन्य फरारी की रिपोर्ट में भी इसी व्यवस्था का उल्लेख किया गया था। अजमेर की घटना के बाद यह भी जांचा जा रहा है कि निर्धारित निगरानी व्यवस्था में कहीं कोई कमी तो नहीं रही और बंदी के लापता होने का पता उससे पहले क्यों नहीं चल सका। सितंबर में राजस्थान की खुली जेलों से कई फरारी की घटनाएं अजमेर की घटना इस महीने राज्य की खुली जेलों से सामने आई अकेली फरारी नहीं है। 6 सितंबर को अलवर केंद्रीय कारागार की ओपन जेल से गोपाल उर्फ रामगोपाल फरार हुआ था। वह भी हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।इसी तरह 11 सितंबर को बाड़मेर की ओपन जेल से भावेश उर्फ बंटी फरार हुआ। वह हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था और नियमित हाजिरी के दौरान उसके गायब होने का पता चला था। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने मामला दर्ज किया। धौलपुर की खुली जेल से भी 11 सितंबर को सुरेंद्र नाम का उम्रकैदी फरार हुआ था। पुलिस ने बाद में उसे धौलपुर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। वह रेप और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। ऐसे में सितंबर के भीतर अलग-अलग जिलों में सामने आई इन घटनाओं ने ओपन जेलों की निगरानी और हाजिरी व्यवस्था पर ध्यान खींचा है। हालांकि खुली जेल का मॉडल स्वयं न्यूनतम सुरक्षा और पुनर्वास की अवधारणा पर आधारित होता है, इसलिए प्रत्येक घटना में वास्तविक प्रशासनिक चूक थी या बंदी ने उपलब्ध स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया, यह संबंधित जांच से ही तय होगा। संभावित ठिकानों पर पुलिस की नजर अजमेर सिविल लाइंस थाना पुलिस अब अजहरुद्दीन के संभावित ठिकानों और परिचितों के संबंध में सूचनाएं जुटा रही है। जेल प्रशासन से भी उसकी पृष्ठभूमि, जेल में व्यवहार और हाल के संपर्कों की जानकारी लिए जाने की संभावना है। फिलहाल अजहरुद्दीन की गिरफ्तारी की पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच का मुख्य फोकस उसकी तलाश के साथ इस बात पर भी है कि वह खुली जेल से किस परिस्थिति में बाहर निकला।

September 18, 2026

अजमेर न्यूज़: पास्को कोर्ट संख्या एक के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास, ₹10 हजार के जुर्माने की सुनाई सजा 

अजमेर न्यूज़: अजमेर। पॉक्सो न्यायालय संख्या-1 के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर ₹10 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया है। मामला केकड़ी थाना क्षेत्र का है। विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशांत यादव ने बताया कि पीड़िता के पिता ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह बैंड बजाने का कार्य करते हैं और घटना के दौरान बाहर गए हुए थे। घर पर उनकी नाबालिग पुत्री और भतीजी मौजूद थीं। इसी दौरान पुत्री के लघुशंका के लिए बाहर जाने पर आरोपी ने कथित तौर पर उसका मुंह बंद कर उसे अपने घर ले गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों और 33 दस्तावेजों को न्यायालय में पेश किया गया। साक्ष्यों और सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹10 हजार के अर्थ दंड से दंडित किया है। साथ ही पीड़िता को प्रतिकर राशि दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए हैं।

September 18, 2026

अजमेर न्यूज़: पास्को न्यायालय संख्या एक के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने 8 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के मामले आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास, 23 हजार रुपए के अर्थ दंड से किया दंडित

अजमेर न्यूज़: अजमेर। पॉक्सो न्यायालय संख्या-1  के न्यायाधीश हेमंत बघेल ने 8 वर्ष की नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 23 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है। मामला सरवाड़ थाना क्षेत्र का है। लोक अभियोजक प्रशांत यादव ने बताया कि आरोपी नाबालिग को कुरकुरे दिलाने के बहाने अपने साथ सरसों के खेत में ले गया। वहां आरोपी ने बच्ची के साथ अश्लिल हरकत ओर दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर खेत का मालिक मौके पर पहुंचा, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान और 21 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष पेश किए गए। साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 23 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। साथ ही, पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत पीड़िता को 1.50 लाख रुपए की राशि देने के आदेश भी जारी किए गए।

September 18, 2026

अजमेर न्यूज़: कृष्ण गंज थाना अंतर्गत वैशाली नगर में प्रेस की केबिन में चोरी करते महिला पकड़ी , हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस

अजमेर न्यूज़: अजमेर। कृष्णगंज थाना अंतर्गत वैशाली नगर स्थित फ्रैंड्स कॉलोनी में एक प्रेस की केबिन में चोरी का प्रयास करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार स्कूल के पास स्थित प्रेस की केबिन में एक महिला कथित तौर पर चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई। केबिन मालिक की नजर महिला पर पड़ने के बाद उसने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। महिला के पकड़े जाने की सूचना के बाद मौके पर हंगामा हो गया। आवाज सुनकर आसपास रहने वाले क्षेत्रवासी भी बड़ी संख्या में मौके पर एकत्रित हो गए। इस दौरान लोगों के बीच काफी देर तक चर्चा होती रही। घटना की सूचना कृष्णगंज थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस महिला को अपने साथ कृष्णगंज थाने ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की जांच के बाद ही चोरी के प्रयास और बरामद सामान को लेकर स्थिति स्पष्ट करेगी। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बना रहा। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर अग्रिम  कार्रवाई की जाएगी।

September 18, 2026

अजमेर न्यूज़: पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने नगर निगम कमिश्नर और निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

अजमेर न्यूज़:  अजमेर में नगर निगम से चोरी छुपके रात के अंधेरे में कथित फाइल और गोपनीय दस्तावेज चोरी किए जाने के गंभीर आरोप लगाते हुए पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने शुक्रवार को अजमेर नगर निगम कमिश्नर और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है। धर्मेंद्र गहलोत ने निगम आयुक्त (कमिशनर) और रिटर्निंग ऑफिसर को ज्ञापन सौंपकर फाइलों के गायब होने और चुनावी आपत्तियों पर त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। ​मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि 16 सितम्बर 2026 की रात को नगर निगम की पुरानी बिल्डिंग के ताले खोलकर कई महत्वपूर्ण फाइलें गायब कर दी गईं। उन्होंने नामजद आरोप लगाते हुए भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश सोनी और निगम अधिकारी रमेश चौधरी पर इस मामले में संलिप्त होने का दावा किया है।   ​गहलोत ने मांग की है कि पुरानी और नई नगर निगम बिल्डिंग की सीसीटीवी फुटेज (रात 9:30 बजे के बाद की) को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कमिशनर को याद दिलाया कि वे दस्तावेजों के कस्टोडियन (संरक्षक) हैं और यदि चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं की जाती, तो 'भारतीय न्याय संहिता' की धारा 199 के तहत उन पर भी कानूनी जिम्मेदारी तय होगी।   ​धर्मेंद्र गहलोत ने कहा कि मैंने नगर निगम के कमिश्नर साहब को ज्ञापन दिया है। 16 तारीख की रात को पुरानी बिल्डिंग से फाइलें गायब की गईं। हमने रमेश सोनी और रमेश चौधरी का नामजद आरोप लगाया है। सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जानी चाहिए। कमिश्नर साहब कस्टोडियन हैं और अगर कार्रवाई नहीं होती तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 199 के तहत वे भी जिम्मेदार होंगे।"  इसके साथ ही, उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नाम वापसी का समय होने के बावजूद अधिकारी दफ्तर में मौजूद नहीं थे। उन्होंने झूठे हलफनामे (Affidavit) जमा करने वालों के खिलाफ परिवाद दर्ज कराने और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार निष्पक्ष जांच की मांग की है।   प्रशासन द्वारा इस मामले में अब क्या कदम उठाया जाता है और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

September 18, 2026

अजमेर न्यूज़: हाई सिक्योरिटी जेल में बंद धनसिंह पीपरोली की सुरक्षा को लेकर उनकी पत्नी भुवनेश्वरी कंवर उर्फ रिंकू कंवर ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

अजमेर न्यूज़: अजमेर से इस वक्त की एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आ रही है। हाई सिक्योरिटी जेल में बंद धनसिंह पीपरोली की सुरक्षा को लेकर उनकी पत्नी भुवनेश्वरी कंवर उर्फ रिंकू कंवर ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को भुवनेश्वरी कंवर ने पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से मुलाकात कर अपने पति की सुरक्षा और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में पिछले 10 महीनों से बंद धनसिंह पीपरोली की जान खतरे में होने का दावा किया गया है। मीडिया से बातचीत करते हुए धनसिंह की पत्नी भुवनेश्वरी कंवर ने बताया कि 16 जून को जेल के भीतर उनके पति पर श्रवण और आनंद नाम के बंदियों द्वारा चाकूबाजी की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि यह पूरी घटना जेल के सीसीटीवी  कैमरों में कैद होने के बावजूद जेल प्रशासन ने हमलावरों पर कार्रवाई करने के बजाय धनसिंह पर ही कार्रवाई कर दी।   धनसिंह पीपरोली की पत्नी भुवनेश्वरी कंवर ​ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि 16/06/2026 को मेरे पति पर श्रवण और आनंद द्वारा चाकूबाजी हुई और जान से मारने की धमकी दी गई। यह पूरा घटनाक्रम जेल के सीसीटीवी फुटेज में भी कैद है। इसके बावजूद जेल अधीक्षक सुखराम और चीफ हेमराज द्वारा मेरे पति को ही एक माह की सजा दे दी गई। भुवनेश्वरी कंवर ने जेल प्रशासन पर रिश्वत मांगने और प्रताड़ित करने का भी सनसनीखेज आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जेल अधिकारियों द्वारा ₹2 लाख की मांग की गई थी। जब उनके पति ने पैसे देने से इंकार कर दिया, तो उन्हें एक महीने तक एसटीडी (STD) सेवा और मुलाकात से वंचित कर दिया गया। इतना ही नहीं, उन्हें दोबारा उन्हीं हमलावरों के साथ एक ही बैरक में शिफ्ट कर दिया गया और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई।  ​पत्नी ने दावा किया कि धनसिंह पीपरोली पिछले 5 दिनों से जेल में भूख हड़ताल पर हैं और उनकी स्थिति चिंताजनक है। उन्हें कोई चिकित्सीय सहायता नहीं दी जा रही है। उनकी कोई मेडिकल जांच भी नहीं कराई जा रही है। भुवनेश्वरी कंवर ने एसपी और कलेक्टर से गुहार लगाई है कि उनके पति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और केवल उनके अधिकृत वकील को ही उनसे मिलने की अनुमति दी जाए।  जेल प्रशासन पर लगे इन संगीन आरोपों के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।

September 18, 2026

अजमेर न्यूज़: पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों व उनके परिजनों पर अनुचित दबाव एवं प्रताड़ना बंद करने तथा निष्पक्षता बनाए रखने के सम्बन्ध में ज्ञापन। 

अजमेर न्यूज़: अजमेर की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी  और नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है और नगर निगम के कार्यालय से फाइलें गायब की जा रही हैं।  शहर कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष विवेक पाराशर ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि कांग्रेस 'मोहब्बत की दुकान' लेकर आई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी नफरत फैला रही है और लोकतंत्र की हत्या कर रही है। भाजपा अध्यक्ष रमेश सोनी और नगर निगम अधिकारी रमेश चौधरी पर सीधा आरोप है कि उन्होंने निगम से फाइलें गायब की हैं। ​यह हम नहीं कह रहे, बल्कि भाजपा के पूर्व मेयर और अजमेर के प्रथम नागरिक रह चुके धर्मेंद्र गहलोत ने खुद वीडियो बनाकर दावा किया है कि रात में 8 से 9:30 बजे के बीच फाइलें चोरी की गई हैं। ​यदि भाजपा को चोरी ही करनी है, तो प्रेम और मोहब्बत की चोरी कीजिए, अजमेर की जनता के दिलों को जीतिए, फाइलें चोरी क्यों कर रहे हैं? कांग्रेस ने आज सुंदरकांड का पाठ किया और जय श्री राम के नारे लगाए। भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है, इसीलिए यह सब खेल खेला जा रहा है। हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की कॉल डिटेल, लोकेशन और सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच कराई जाए।    ​कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी एवं डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी का साफ तौर पर कहना है कि हाल ही में प्रदेश में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों में आम जनता ने अपना लोकतांत्रिक जनादेश दिया है। परंतु अत्यंत खेद का विषय है कि चुनाव परिणामों के पश्चात सत्ताधारी पार्टी के दबाव में पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। अजमेर जिले में कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस समर्थित विजयी पार्षदों तथा उनके परिजनों को हराने, धमकाने और उन पर गैर-कानूनी तरीके से दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें जबरन सत्ता पक्ष के पाले में लाया जा सके। पुलिस और प्रशासन का मुख्य दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा करना है, न कि किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करना। चुनावी प्रक्रिया में पुलिस प्रशासन का यह अनुचित हस्तक्षेप पूरी तरह से असहनीय है। अतः सरकारी मशीनरी और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग को अविलंब बंद किया जाए तथा जिले में पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित की जाए। यदि इस प्रकार की दबावकारी कार्यशैली पर तुरत विराम नहीं लगाया गया तो काग्रेस पार्टी जनता के लोकतात्रिक अधिकारों की रक्षा हेतु आदोलन करने के लिए बाध्य होगी।  अब देखना यह होगा कि इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी का क्या रुख रहता है।

September 18, 2026

अजमेर न्यूज़: प्रशासन पर बरसे विधायक विकास चौधरी, कलेक्टर ओर एसपी को दिया ज्ञापन, पुलिस-प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल, 

अजमेर न्यूज़:  अजमेर देहात कांग्रेस अध्यक्ष एवं किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी शुक्रवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिला कलेक्टर लोकबंधु और पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला को ज्ञापन सौंपकर पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। विकास चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय एक एजेंट के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घर पुलिस भेजकर उन्हें मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। विधायक ने प्रशासन से पूरे मामले में निष्पक्षता बरतने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कथित रूप से परेशान किए जाने वालों पर कार्यवाही की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्षी कार्यकर्ताओं के साथ किसी भी तरह का भेदभाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। चौधरी ने कहा कि सरकारें आती जाती रहती हैं आने वाले समय में हमारी सरकार आएगी तो ऐसी हठधर्मी अधिकारियों को सबक सिखाएंगे।इसलिए समय रहते शासन प्रशाशन सुधर जाए।

September 17, 2026

अजमेर न्यूज़: विकसित भारत जन सेवा कैंप के अंतर्गत जिले के विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में रक्तदान शिविर आयोजित

अजमेर न्यूज़: अजमेर। विकसित भारत जन सेवा कैंप के अंतर्गत जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करने एवं आमजन में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजकीय महिला चिकित्सालय अजमेर, यज्ञ नारायण चिकित्सालय किशनगढ़, जिला चिकित्सालय केकड़ी एवं उप जिला चिकित्सालय नसीराबाद में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। राजकीय महिला चिकित्सालय अजमेर में आयोजित रक्तदान शिविर में 21 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्रीकांत बाल्दी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए युवाओं एवं आमजन से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं अजमेर डॉ. संपत सिंह जोधा, एसडीएम अजमेर श्रीमती वंदना खोरवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अजमेर डॉ. ज्योत्स्ना रंगा तथा राजकीय महिला चिकित्सालय अजमेर की अधीक्षक डॉ. पूनम पचौरी सहित चिकित्सा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में आर.आर. कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों एवं उपस्थित प्रतिभागियों ने स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने तथा जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए रक्तदान करने की शपथ ली। इसी क्रम में यज्ञ नारायण चिकित्सालय किशनगढ़ में 101 यूनिट, जिला चिकित्सालय केकड़ी में 09 यूनिट एवं उप जिला चिकित्सालय नसीराबाद में 43 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इन शिविरों में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, नर्सिंग विद्यार्थियों एवं आमजन ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। जिले में आयोजित इन रक्तदान शिविरों के दौरान कुल 715 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए रक्तदान करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। दुर्घटना, प्रसव, ऑपरेशन एवं गंभीर बीमारी की स्थिति में समय पर उपलब्ध कराया गया रक्त मरीज का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में स्वस्थ एवं पात्र व्यक्तियों को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। विकसित भारत जन सेवा कैंप के अंतर्गत आयोजित इन रक्तदान शिविरों के माध्यम से जिले में “रक्तदान—महादान” का संदेश दिया गया तथा आमजन को मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया।

September 17, 2026

अजमेर न्यूज़: आत्महत्या रोकथाम में सकारात्मक संवाद महत्वपूर्ण, खुलकर करें मन की बातें, निकलेगा समाधान

अजमेर न्यूज़: अजमेर , 17सितंबर 2026। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत अजमेर जिले में राज ममता माह के तहत आत्महत्या रोकथाम  प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े तथ्यों एवं जानकारी से अवगत कराया गया।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ज्योत्सना रंगा बताया कि 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक  मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आमजन में व्याप्त सामाजिक भ्रांतियों के निवारण के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े तथ्यों एवं सही जानकारी का को प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की आसान एवं समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा विशेष प्रयासों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ओर मानसिक तनाव, अवसाद एवं अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े आत्महत्या के जोखिम पर प्रकाश डालते हुए आत्महत्या की अवधारणा, जोखिम कारकों, प्रमुख संकेतों एवं कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  तथा उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामस्वरूप किराड़िया ने बताया कि गेट कीपर मॉड्यूल आत्महत्या रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मानसिक तनाव एवं अवसाद के चेतावनीपूर्ण लक्षणों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर उचित परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराने से आत्महत्या के जोखिम को कम किया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ प्रेम प्रकाश सहायक आचार्य ज ला ने मेडिकल कॉलेज कहा कि मन में किसी प्रकार का संकोच रखने के बजाय अपनी समस्याओं और भावनाओं को खुले मन से विशेषज्ञों, मित्रों एवं परिजनों के साथ साझा करना चाहिए। सकारात्मक संवाद मानसिक तनाव को कम करने और समाधान तलाशने में सहायक हो सकता है।आत्महत्या से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों के समयबद्ध निवारण की आवश्यकता पर जोर देते हुए आपसी सहयोग एवं संवेदनशीलता की भावना विकसित करने की बात कही। ओर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने के बजाय विश्वसनीय मित्रों एवं परिजनों के साथ साझा करने तथा समय रहते समाधान तलाशने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही मानसिक एवं भावनात्मक समस्या की स्थिति में टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर संपर्क कर विशेषज्ञ परामर्श लेने की जानकारी दी।कार्यक्रम में  कॉलेज स्टाफ ने भाग लिया।

September 17, 2026

अजमेर न्यूज़: अजमेर मेयर चुनाव: किरण गढ़वाल का नामांकन वैध, भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा की 19.18 लाख बकाया वाली आपत्ति खारिज

अजमेर न्यूज़: अजमेर नगर निगम के चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने 37 वार्ड, भाजपा ने 32 और निर्दलीयों ने 11 वार्ड जीते हैं। यहां एक जरूरी सुधार यह है कि सीटों का सही आंकड़ा कांग्रेस 37 और भाजपा 32 है, इसका उलटा नहीं। 80 सदस्यीय निगम में बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन आवश्यक है। कांग्रेस ने वार्ड 57 की किरण गढ़वाल को मेयर प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा ने वार्ड 3 से निर्वाचित अनामिका शर्मा को मैदान में उतारा है। दोनों ने 16 सितंबर को नामांकन दाखिल किया था। किसी भी दल के पास अपने दम पर 41 का आंकड़ा नहीं होने के कारण 11 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर दोनों दल सक्रिय हैं। हालांकि किस उम्मीदवार को कितने पार्षदों का वास्तविक समर्थन मिलेगा, इसका निर्धारण मतदान के दौरान ही होगा। अब शुक्रवार की नाम वापसी पर नजर किरण गढ़वाल के नामांकन पर आपत्ति खारिज होने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण 18 सितंबर की नाम वापसी है। दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं। इसके बाद शेष उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद 21 सितंबर को मेयर पद के लिए नगर निगम के निर्वाचित पार्षद मतदान करेंगे। मतदान खत्म होने के बाद मतगणना और परिणाम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अजमेर में गुरुवार का घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि नामांकन पर आपत्ति स्वीकार होने की स्थिति में चुनावी तस्वीर बदल सकती थी। निर्वाचन अधिकारी द्वारा आपत्ति खारिज किए जाने के बाद फिलहाल भाजपा की अनामिका शर्मा और कांग्रेस की किरण गढ़वाल दोनों चुनाव प्रक्रिया में बनी हुई हैं।

September 17, 2026

अजमेर न्यूज़: अजमेर में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का राजस्व मंडल दौरा, भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई और लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

अजमेर न्यूज़: अजमेर। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को अजमेर स्थित राजस्व मंडल का दौरा कर विभागीय कार्यप्रणाली और लंबित राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता, समयबद्ध निस्तारण और न्यायिक अनुशासन के साथ काम करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए और लंबित अनुशासनात्मक मामलों को भी तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।मुख्य सचिव ने राजस्व मंडल में लंबित मामलों की संख्या, निस्तारण की गति, डबल बेंच और सिंगल बेंच में सुनवाई की स्थिति, कॉज लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया तथा पुराने और महत्वपूर्ण प्रकरणों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केवल मामलों का निस्तारण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, गुणवत्ता और न्यायिक अनुशासन भी दिखाई देना चाहिए। लंबित मामलों की प्रभावी निगरानी पर जोर समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों से पूछा कि राजस्व मंडल में लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग किस प्रकार की जा रही है और पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए क्या व्यवस्था है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा की जाए और अनावश्यक देरी के कारणों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाए।उन्होंने कहा कि जिन मामलों में लंबे समय से सुनवाई लंबित है, उनकी अलग से सूची तैयार कर समयबद्ध निस्तारण की कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। कॉज लिस्ट में भी मामलों की प्राथमिकता तार्किक और पारदर्शी आधार पर तय हो, ताकि पक्षकारों को अनावश्यक रूप से लंबा इंतजार नहीं करना पड़े। भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई को अंत तक पहुंचाने के निर्देश मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों और विभागीय कार्रवाई की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई केवल जांच या प्रारंभिक नोटिस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने ऐसे मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए अनुशासनात्मक प्रकरणों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने पर जोर दिया। इसके साथ ही अधिकारियों से विभागीय स्तर पर जवाबदेही मजबूत करने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने को कहा गया।मुख्य सचिव का यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राजस्व विभाग का आम लोगों से सीधा जुड़ाव है। भूमि, खातेदारी, नामांतरण, सीमांकन, भूमि आवंटन और विभिन्न राजस्व अपीलों से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में लोगों को राजस्व न्यायालयों और मंडल का रुख करना पड़ता है। निर्णय लेखन की गुणवत्ता पर भी चर्चा मुख्य सचिव ने रिपोर्टेबल जजमेंट और निर्णय लेखन की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि महत्वपूर्ण मामलों में दिए जा रहे निर्णयों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था अपनाई जा रही है।उन्होंने विशेष रूप से एसडीओ न्यायालयों में प्रभावी और स्पष्ट निर्णय लेखन पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि न्यायिक आदेश ऐसे होने चाहिए जिनमें तथ्य, कानून और निष्कर्ष स्पष्ट रूप से दर्ज हों, ताकि पक्षकारों को निर्णय का आधार समझने में कठिनाई न हो। राजस्व न्यायालयों में निर्णय लेखन की गुणवत्ता बेहतर होने से अपील और पुनरीक्षण के स्तर पर भी मामलों को समझने तथा उनका निस्तारण करने में सुविधा होती है। डबल बेंच और सिंगल बेंच के निस्तारण की समीक्षा वी. श्रीनिवास ने राजस्व मंडल की डबल बेंच और सिंगल बेंच में लंबित तथा निस्तारित मामलों की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से वर्तमान निस्तारण दर, पुराने लंबित प्रकरणों और सुनवाई के लिए प्राथमिकता तय करने की प्रणाली के संबंध में फीडबैक लिया।मुख्य सचिव ने मामलों की निगरानी के लिए नियमित समीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि केवल संख्या बढ़ाने के बजाय गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध न्यायिक निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। नए राजस्व मंडल भवन पर भी हुई चर्चा बैठक में अजमेर में राजस्व मंडल के नए भवन के लिए भूमि आवंटन का मुद्दा भी प्रमुख रूप से सामने आया। मुख्य सचिव ने प्रस्तावित भवन से जुड़े भूमि आवंटन और बजट घोषणा की प्रगति की जानकारी ली।उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बजट घोषणा की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने और नए भवन से जुड़ी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। वर्तमान राजस्व मंडल भवन की सीमित व्यवस्थाओं को देखते हुए लंबे समय से नए और अधिक विस्तृत भवन की मांग उठती रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायिक कार्य, रिकॉर्ड प्रबंधन, पार्किंग, अधिवक्ता सुविधाओं और आम पक्षकारों की जरूरत को देखते हुए नए परिसर की आवश्यकता है। बार एसोसिएशन ने मांगी 30 से 35 बीघा भूमि राजस्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकरलाल जाट ने मुख्य सचिव के सामने नए भवन के लिए करीब 30 से 35 बीघा भूमि शीघ्र आवंटित करने की मांग रखी। बार एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा भवन में भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त स्थान नहीं है। नए भवन के लिए ऐसी जमीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जहां न्यायालय कक्ष, अधिवक्ता चैंबर, रिकॉर्ड रूम, लाइब्रेरी, पार्किंग और पक्षकारों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा सके। रिक्त पद भरने और एडवोकेट कोटा बढ़ाने की मांग राजस्व बार एसोसिएशन ने राजस्व मंडल में रिक्त पदों को शीघ्र भरने का मुद्दा भी उठाया। बार की ओर से कहा गया कि रिक्त पदों के कारण मामलों के निस्तारण की गति प्रभावित होती है और उपलब्ध बेंचों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ता है। इसके साथ ही एडवोकेट कोटे के पद दो से बढ़ाकर चार करने की मांग भी मुख्य सचिव के सामने रखी गई। बार एसोसिएशन ने तर्क दिया कि अधिवक्ता पृष्ठभूमि से आने वाले सदस्यों को राजस्व कानून और न्यायिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव होता है, इसलिए प्रतिनिधित्व बढ़ने से मंडल की न्यायिक कार्यप्रणाली को लाभ मिल सकता है। यह मांग फिलहाल बार एसोसिएशन की ओर से रखी गई है और इस पर सरकार के स्तर पर निर्णय होना बाकी है। बार एसोसिएशन के अभिनंदन कार्यक्रम में भी पहुंचे मुख्य सचिव राजस्व मंडल की समीक्षा से पहले मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास राजस्व बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। यहां अधिवक्ताओं ने राजस्व न्याय व्यवस्था, मंडल की बुनियादी सुविधाओं और लंबित मांगों से उन्हें अवगत कराया।कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने नए भवन, रिक्त पदों, अधिवक्ता कोटे और बेहतर न्यायिक आधारभूत संरचना से जुड़े विषय मुख्य सचिव के सामने रखे।