July 1, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर की ऐतिहासिक धरोहर आना सागर और वरुण सागर झील के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ और डी-सिल्टिंग के नाम पर जनता के पैसों की बंदरबांट के खिलाफ कांग्रेस ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक व अध्यक्ष अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी डॉ. राजकुमार जयपाल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैयद फखरे मोइन जो इस प्रकरण में मुख्य पक्षकार हैं की ओर से पूर्व लोक अभियोजक विवेक पाराशर एडवोकेट द्वारा सिविल न्यायाधीश नगर उत्तर अजमेर की न्यायाधीश आशिका जैन के न्यायालय में पेश किए गए इस महत्वपूर्ण जन प्रतिनिधित्व प्रकरण पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश आशिका जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिन 12 उत्तरदायी पक्षकारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े आदेश दिए हैं, उनमें राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग, शासन सचिव पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, सचिव जल संसाधन विभाग, अजमेर जिला कलेक्टर, आयुक्त अजमेर विकास प्राधिकरण, आयुक्त नगर निगम अजमेर, सचिव अजमेर विकास प्राधिकरण, क्षेत्रीय अधिकारी राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, अधिशाषी अभियंता जल संसाधन विभाग, अधिशाषी अभियंता नगर निगम अजमेर तथा संबंधित निर्माण कंपनी ठेकेदार शामिल हैं। अदालत द्वारा इन सभी को नोटिस जारी कर इस प्रकरण की आगामी सुनवाई 16 जुलाई 2026 को नियत की गई है। इस जन प्रतिनिधित्व प्रकरण में आना सागर और वरुण सागर झील के डी-सिल्टिंग कार्य की आड़ में हो रही धांधली को रोकने के साथ-साथ इन झीलों की वेटलैंड भूमि का पूर्ण रूप से सीमा निर्धारण करने की भी बड़ी मांग की गई है, ताकि झीलों के पारिस्थितिकी तंत्र को भू-माफियाओं और अवैध कब्जों से हमेशा के लिए सुरक्षित किया जा सके। आना सागर और वरुण सागर झील के डी-सिल्टिंग प्रोजेक्ट में महाघोटाले का आरोप लगाते हुए जनता की गाढ़ी कमाई की बर्बादी रोकने के लिए कांग्रेस कानूनी मैदान में उतरी है। आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल, पूर्व लोक अभियोजक विवेक पाराशर और वरिष्ठ नेता सैयद फखरे मोइन ने संयुक्त रूप से सरकार और प्रशासन की नीयत पर तीखे सवाल खड़े किए। प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व लोक अभियोजक विवेक पाराशर ने प्रशासनिक हठधर्मिता पर कड़ा प्रहार करते हुए विशेष रूप से स्पष्ट किया कि मामला चूंकि अब माननीय अदालत में चला गया है और राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव सहित सभी 12 जिम्मेदार पक्षकारों को कारण बताओ नोटिस जारी हो चुके हैं, ऐसे में न्यायालय की गरिमा का सम्मान करते हुए इस पूरे मामले की सुनवाई व अंतिम निर्णय आने तक प्रशासन को तत्काल प्रभाव से उक्त डी-सिल्टिंग का कार्य रोक देना चाहिए। विवेक पाराशर ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक और विधिक व्यवस्था में यही नैतिकता है और यही न्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि मामला अदालत में जाने के बाद भी काम जारी रखना सीधे तौर पर न्यायप्रणाली को चुनौती देने जैसा होगा। नेताओं ने कहा कि अजमेर की जनता के खून-पसीने की कमाई के 78.80 करोड़ रुपये को इस तथाकथित डी-सिल्टिंग प्रोजेक्ट के नाम पर बर्बाद करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। बिना किसी वैज्ञानिक आधार और तकनीकी अध्ययन के करोड़ों रुपये का यह प्रोजेक्ट सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि हम अजमेर की लाइफलाइन कही जाने वाली झीलों की आड़ में इस तरह की खुली लूट कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार द्वारा बर्बाद किए जा रहे इस 78.80 करोड़ रुपये के बजट को रोकने और आना सागर व वरुण सागर की वेटलैंड भूमि की सीमाओं को कानूनी रूप से तय करवाकर सुरक्षित करने के लिए ही यह जन प्रतिनिधित्व प्रकरण दायर किया गया है। इस महाघोटाले को रोकने और पर्यावरण संरक्षण की इस लड़ाई के लिए अदालत में पक्षकारों की ओर से वकीलों की फौज ने पुरजोर और आक्रामक पैरवी की। पूर्व लोक अभियोजक विवेक पाराशर, एडवोकेट जितेश धनवानी और तेजस्विनी पाराशर ने न्यायाधीश आशिका जैन के समक्ष इस पूरे प्रोजेक्ट की तकनीकी कमियों, वित्तीय विसंगतियों, वेटलैंड भूमि के संरक्षण की अनदेखी और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे खेल को उजागर किया। लीगल टीम के अकाट्य तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने तुरंत प्रभाव से मुख्य सचिव समेत सभी 12 प्रतिवादियों को नोटिस थमाकर जवाब तलब किया है और अगली सुनवाई के लिए 16 जुलाई 2026 की तारीख मुकर्रर की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने इस पूरे मामले की कड़वी सच्चाई को विस्तार से उजागर करते हुए बताया कि झीलों में आ रहे गंदे पानी के स्रोतों को रोके बिना, केवल ऊपरी तौर पर मिट्टी हटाने के नाम पर 78.80 करोड़ रुपये का बजट ठिकाने लगाने का खेल खेला जा रहा है। इसके साथ ही वेटलैंड भूमि का सीमा निर्धारण न होना इस बात का सबूत है कि प्रशासन जानबूझकर भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाना चाहता है। यह पूरा प्रोजेक्ट अजमेर की जनता या पर्यावरण के फायदे के लिए नहीं, बल्कि चुनिंदा ठेकेदारों और रसूखदार अधिकारियों की जेबें भरने के लिए आनन-फानन में तैयार किया गया है। जब तक झीलों के ट्रीटमेंट और वेटलैंड सीमांकन का कोई स्थाई समाधान नहीं होता, तब तक इस तरह का काम केवल कागजी खानापूर्ति और सरकारी खजाने को चूना लगाना है। बिना किसी मास्टर充लान के अधिकारियों और ठेकेदारों की जुगलबंदी से जनता के पैसे का यह भारी नुकसान किया जा रहा है। धरोहर संरक्षण की इस लड़ाई में डॉ. राजकुमार जयपाल, विवेक पाराशर और सैयद फखरे मोइन ने साफ शब्दों में ऐलान किया है कि यह सिर्फ कानूनी लड़ाई की शुरुआत है और प्रशासन को तुरंत इस कार्य को रोकना होगा। अदालत का यह नोटिस भ्रष्ट तंत्र के मुंह पर पहला तमाचा है, और जब तक इस 78.80 करोड़ रुपये की बर्बादी पूरी तरह नहीं रुक जाती और झीलों की जमीन का पूर्ण सीमांकन नहीं हो जाता, तब तक हमारी यह आर-पार की जंग जारी रहेगी।
July 1, 2026
अजमेर न्यूज़: धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कथित आपत्तिजनक बयान के संबंध में निष्पक्ष जाँच एवं विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक के विभाग के द्वारा जिला कलेक्टर को महामहिम राष्ट्रपति के नाम सोपा गया ज्ञापन। अल्पसंख्यक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जुनेद पठान ने बताया कि नाजिया इलाही, जो कि पश्चिम बंगाल की अधिवक्ता हैं तथा भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा की पदाधिकारी हैं, उन्होंने कुछ दिन पूर्व पश्चिम बंगाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले बयान दिए, जिससे देशभर के करोड़ों मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। हम भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं कानून के शासन में पूर्ण विक्षास रखते हैं। हमारा विनम्र आग्रह है कि कथित बयानों के संबंध में निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जाँच कराई जाए तथा यदि जाँच में संबंधित व्यत्तित्त दोषी पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध प्रचलित कानूनों के अनुसार उचित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि देश में सामाजिक सौहार्द, धार्मिक सदप्लाय एवं कानून व्यवस्था बनी रहे। शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल ने बताया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में आते ही धर्म के आधार पर लोगों को लड़ना शुरू कर दिया है उनकी पदाधिकारी जो खुद एक मुस्लिम है वह भी किसी न किसी दबाव में इस तरह के बयान दे रही है जिससे मुसलमानो की भावना आहत होती है ऐसे में निष्पक्ष जांच कर कर आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
July 1, 2026
अजमेर न्यूज़: कृष्णगंज थाना अंतर्गत रहने वाली 70 वर्षीय वृद्धा मीरा देवी जो अनपढ़ है उनके साथ उनके वृद्ध पिता जो कैंसर की बीमारी से ग्रसित हैं का फायदा उठाते हुए उनके ही कलयुगी दो बेटे और बहू ने जालसाजी और धोखाधड़ी करते हुए उनके तीन मकान, प्लॉट और पिता के रिटायरमेंट पर मिले लाखों रुपए हड़प कर लिए और मां को वृद्ध आश्रम भेज दिया। इस कलयुग में इस तरह की कहानी रोज सामने आने लगी है। बुधवार को अपनी बेटी के साथ जिला कलेक्टर के पास फरियाद लगाने पहुंची वृद्ध मीरा देवी ने बताया किबेटों द्वारा पति की बीमारी का फायदा उठाकर करवाई गई मकान व प्लॉट की अवैध रजिस्ट्री को निरस्त करवाने हेतु आपके समक्ष मुख्य शिकायती पत्र पेश किया था। आपके निर्देश पर मामला श्रीमान एसडीएम न्यायालय भेजा गया, जहाँ प्रार्थिया सर्वप्रथम दिनांक 09/06/2024 को उपस्थित हुई थी। इसके बाद आगामी सुनवाई हेतु 25 तारीख नियत थी, परंतु विपक्षीगणों को नोटिस तामील न हो पाने के कारण उस दिन कोई कार्यवाही नहीं हो सकी और अदालत द्वारा आगामी 08 तारीख नियत कर दी गई। इसी बीच दिनांक 30 तारीख (कल) प्रार्थिया पुनः एसडीएम कार्यालय उपस्थित हुई और यह निवेदन किया कि आरोपी इस विवादित्त मकान और प्लॉट को बेचने की पूरी तैयारी कर रहे हैं, अतः इस पर तुरंत रोक लगाई जाए। इस पर आदरणीय एसडीएम मैडम ने कहा कि 'यह सिविल कोर्ट का विषय है, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।" महोदय, 69 वर्ष की इस असहाय अवस्था में प्रार्थिया के लिए वर्षों तक सिविल कोर्ट के चक्कर काटना संभव नहीं है। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण अधिनियम, 2007 की धारा 23 के तहत प्रशासन को बुजुर्गों के साथ हुई धोखाधड़ी की रजिस्ट्री को स्वतः निरस्त (शून्य) करने और संपत्ति को सुरक्षित करने का विशेष अधिकार प्राप्त है। अतः श्रीमान से करबद्ध प्रार्थना है कि इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उक्त विवादित रजिस्ट्री को निरस्त करने, संपत्ति के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगाने, हमारे आवश्यक दस्तावेज वापस दिलवाने तथा पूर्व आवेदन के अनुसार प्रार्थिया को संपूर्ण सुरक्षा व न्याय प्रदान करवाने की कृपा करें।
July 1, 2026
अजमेर न्यूज़: तीर्थराज पुष्कर में धार्मिक पर्यटन अब नई ऊंचाई छूता नजर आ रहा है। ब्रह्मा मंदिर, पवित्र पुष्कर सरोवर, 52 घाटों और सैकड़ों मंदिरों की आध्यात्मिक पहचान के बीच सावित्री माता रोपवे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गया है। रोपवे की लोकप्रियता का असर यह है कि हर महीने हजारों श्रद्धालु सावित्री माता के दर्शन सुगम, सुरक्षित और रोमांचक रूप में कर रहे हैं। पर्यटन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पुष्कर में सालाना करीब एक करोड़ देसी-विदेशी पर्यटकों की आवक दर्ज की गई है। वहीं राजस्थान ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही में पर्यटन के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच राज्य में कुल 6 करोड़ 19 लाख 86 हजार 185 पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। इनमें 6 करोड़ 12 लाख 87 हजार 727 घरेलू और 6 लाख 98 हजार 458 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ के अनुसार पुष्कर धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आने वाला पर्यटक केवल दर्शन के लिए नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा, सरोवर, घाट और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव लेने भी आता है। सावित्री माता रोपवे ने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंच को आसान बनाया है।दामोदर रोपवे के जनसंपर्क अधिकारी अभिमन्यु त्रिपाठी के अनुसार रोपवे के माध्यम से श्रद्धालु कुछ ही मिनटों में सावित्री माता मंदिर तक पहुंच जाते हैं। सफर के दौरान पुष्कर सरोवर, अरावली पर्वत श्रृंखला और पूरे शहर का सुंदर दृश्य दिखाई देता है, जिससे यह यात्रा आस्था के साथ रोमांचक अनुभव भी बन जाती है। यात्रियों की सुरक्षा और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी प्रबंधन द्वारा की गई है । वही वृक्षारोपण जैसे अभियान समाचार पर चलाए जाते हैं । हालांकि बढ़ती लोकप्रियता के साथ भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, छाया, साफ-सफाई और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा जरूरी है। स्थानीय व्यापारी विनोद ओझा का मानना है कि रोपवे से पर्यटकों का ठहराव और बाजार की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। कुल मिलाकर पुष्कर में रोपवे धार्मिक पर्यटन को सुविधा, अनुभव और स्थानीय रोजगार से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। वही पर्यटन विभाग के पहली तिमाही के आंकड़ों में पुष्कर लेक पर 18.8 लाख विजिटर दर्ज हुए, वहीं मकर संक्रांति, होली, एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या जैसे पर्वों पर लगातार उमड़ती भीड़ बताती है कि पुष्कर में धार्मिक पर्यटन अब सीजनल नहीं, बल्कि सालभर चलने वाला ट्रेंड बन चुका है।
June 30, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। सनातन धर्म रक्षा संघ अजय मेरु राजस्थान की ओर से अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को अजमेर रेलवे स्टेशन से श्रद्धा और उत्साह के साथ रवाना किया गया। संघ पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने यात्रियों को भगवा शॉल और माला पहनाकर बाबा बर्फानी के जयकारों के बीच जम्मू तवी एक्सप्रेस से यात्रा के लिए विदा किया। अमरनाथ यात्रा का यह जत्था सबसे पहले जम्मू तवी एक्सप्रेस से कटरा पहुंचेगा। इसके बाद श्रद्धालु श्रीनगर होते हुए बालटाल पहुंचेंगे। वहां से 3 जुलाई को भारत सरकार द्वारा निर्धारित यात्रा दल के साथ बाबा बर्फानी अमरनाथ गुफा तक करीब 16 किलोमीटर पैदल यात्रा करेंगे। 16 सदस्यीय जत्था सुनील कुमार गौड़ के नेतृत्व में रवाना अमरनाथ यात्रा के लिए 16 सदस्यीय जत्था सुनील कुमार गौड़ के नेतृत्व में रवाना हुआ। यात्रा के दौरान श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करेंगे और 7 जुलाई को पुनः अजमेर लौटेंगे। यात्रियों ने बताया कि बाबा बर्फानी के दर्शन के बाद अमरनाथ के पवित्र जल से पुष्कर सरोवर और अजमेर सहित आसपास के विभिन्न महादेव मंदिरों में जलाभिषेक किया जाएगा। इसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। बाबा बर्फानी के जयकारों से गूंजा रेलवे स्टेशन अजमेर रेलवे स्टेशन पर यात्रा रवाना होने से पहले भक्तिमय माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने “बाबा बर्फानी की जय” और “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए। संघ के पदाधिकारियों ने यात्रियों को सुरक्षित और सफल यात्रा की शुभकामनाएं दीं। सनातन धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश अजय शर्मा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा सनातन आस्था और भक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हो रहे श्रद्धालुओं का सम्मान करना सभी के लिए गौरव की बात है। पदाधिकारी और श्रद्धालु रहे मौजूद कार्यक्रम में सनातन धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश अजय शर्मा, उपाध्यक्ष इंजीनियर अशोक शर्मा, बृजेश गौड़, राम सिंह उदावत, महावीर कुमावत, राजकुमार चौरसिया सहित बड़ी संख्या में संघ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे। संघ की ओर से सभी यात्रियों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दी गईं और बाबा बर्फानी से प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
June 30, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 30 जून। राजस्थान सरकार के निर्देशन में आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। ’’तत्पर प्रशासन, त्वरित समाधान’’ की भावना को केंद्र में रखते हुए अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कर रहे हैं। शिविरों में विभिन्न प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित समाधान होने से शिविरों की पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं प्रभावी व्यवस्था के प्रति आमजन में विश्वास बढ़ा है। समस्याओं के शीघ्र समाधान से लाभार्थियों के चेहरों पर दिखाई देने वाली संतुष्टि और खुशी ही इन शिविरों की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण बन गई है। पट्टों के त्वरित वितरण से लाभार्थियों ने जताया आभार नोसर निवासी श्री रमाकांत ओझा ने अपने भूखंड के फ्रीहोल्ड पट्टे के लिए शहरी सेवा शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। मंगलवार को वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचे, जहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए कुछ ही मिनटों में उनका फ्रीहोल्ड पट्टा जारी कर दिया। श्री ओझा ने इस सरल, पारदर्शी एवं त्वरित प्रक्रिया की सराहना करते हुए अजमेर विकास प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया और कहा कि शहरी सेवा शिविर आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी पहल सिद्ध हो रहा है। इसी प्रकार घूघरा निवासी श्रीमती ममता पारीक ने अपने प्लॉट को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड कराने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रस्तुत करने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें सूचना मिल गई कि उनका फ्रीहोल्ड पट्टा तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि इतनी तेज, पारदर्शी और सहज प्रक्रिया की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। श्रीमती पारीक ने राजस्थान सरकार एवं अजमेर विकास प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शहरी सेवा शिविर वास्तव में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन गया है। आज 171 प्रकरणों का निस्तारण शहरी सेवा शिविर के प्रति आज भी नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। शिविर में लगभग 500 लोगों ने विभिन्न समस्याओं एवं योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों से परामर्श लिया। शिविर में कुल 171 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इनमें कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं में 42 प्रकरण, बकाया लीज जमा कर फ्रीहोल्ड एवं लीजमुक्ति प्रमाण-पत्र के 5 प्रकरण, प्राधिकरण की योजनाओं से संबंधित 15 प्रकरण, निर्माण अवधि विस्तार के 35 प्रकरण, भवन मानचित्र के 4 प्रकरण, भूखंडों के उपविभाजन/पुनर्गठन के 2 प्रकरण, लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड के 7 प्रकरण, नामांतरण के 44 प्रकरण, आवंटन पत्र जारी करने के 17 प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी स्थानीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के लिए शिविर में अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों ने प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं समाधान संबंधी सुझाव प्रदान किए।
June 30, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, पुष्कर के गनाहेड़ा में एक निर्माणधीन मकान के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाई टेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से अजमेर के एक मजदूर युवक की मौत हो गई। इस मामले में ग्रामीणों ने मंगलवार को जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी पर विरोध प्रदर्शन कर परिजनों को उचित मुआवजा देने व ठेकेदार एवं मकान मालिक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने ठेकेदार ओर मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। घटना के मुताबिक अजमेर के ग्राम गनाहेड़ा स्थित एक निर्माणाधीन मकान में आरसीसी छत डालने का कार्य चल रहा था। काम शुरू होने से पहले मजदूरों ने मकान के पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन और सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर ठेकेदार नरेंद्र तथा मकान मालिक भूपेंद्र नाग से आपत्ति जताई थी। आरोप है कि दोनों ने बिजली लाइन बंद कराने और सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन ऐसा नहीं किया। शाम करीब 4 बजे काम के दौरान अजमेर के नौसर निवासी 22 वर्षीय मृतक यासीन पुत्र मोहम्मद इकबाल लोहे की सरियों पर काम कर रहा था, तभी वह 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उसे पहले पुष्कर के सरकारी अस्पताल और बाद में जेएलएन अस्पताल, अजमेर रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के चाचा अब्बास की रिपोर्ट पर पुलिस थाना पुष्कर में ठेकेदार नरेंद्र और मकान मालिक भूपेंद्र नाग के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका चतुर्वेदी और वाजिद ख़ान चीता ने मृतक के परिजनों को जिला प्रशासन और ठेकेदार की ओर से आर्थिक मदद और मुआवजा दिए जाने की मांग की है। परिजनों ने मुआवजा दिलाने व कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध और धरना जारी है। ग्रामीणों ने मांगे पूरी नहीं होने तक शव लेने से भी इनकार कर दिया है।
June 30, 2026
अजमेर न्यूज़: दक्षिण विधानसभा प्रत्याशी व पूर्व निगम में नेता प्रतिपक्ष द्रोपती कोहली ने मंगलवार को क्षेत्र वासियों के साथ जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को क्षेत्र में व्याप्त विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंप कर समाधान की मांग की द्रौपदी कोहली ने बताया कि आदर्श नगर विराट नगर के पास आनासागर स्केप चैनल का नाला गुजर रहा है, उसकी बॉन्ड्री सड़क के लेवल में होने के कारण विराट नगर निवासी जितेन्द्र कुमार S/O यादराम वहीं से गुजर रहा था। यहाँ पर अँधेरा होने के कारण एवं नाले की बॉन्ड्री न होने के कारण वह नाले में गिर गया जिससे उसकी नाले में गिरते ही मृत्यु हो गई। यह एक फुटकर, गरीब व्यक्ति था। इसकी माँ के ओर कोई कमाने वाला न होने की वजह से आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। अतः आपसे निवेदन है कि इनके बेटे की नाले में गिरने से मृत्यु होने पर उनकी आर्थिक मदद की जाए, जिससे यह गरीब महिला अपना जीवन यापन कर सकें। रोलिंग मिल आदर्श नगर से लेकर विराट नगर होते हुए मदार तक स्कैप चैनल का नाला जा रहा है उसके पास से सड़क भी जा रही है, जहाँ हाल ही में सड़क का निर्माण किया गया, जिसके कारण नाले की बॉन्ड्री सड़क के लेवल में हो गई है, जिससे यहाँ के लोग नाले में कई बार गिर चुके है और 2 टेम्पो भी गिर चुके है। उसमें 2 लोगो की मौत हो चुकी है। आपसे बार-बार निवेदन करने के बाद भी आपने बॉन्ड्री ऊँची नहीं कराई है। जिसके कारण क्षेत्रवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। चूँकि यहाँ पर अँधेरा भी रहता है. इसलिए यहाँ पर लाईट लगाई जाए व नाले की दीवार का निर्माण शीघ्र किया जाए। अन्यथा जन आन्दोलन किया जायेगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
June 30, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हार्डकोर बंदी डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद मामला लगातार गरमाता रहा। मंगलवार को मृतक के परिजन जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए और मांगें पूरी नहीं होने तक पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सीबीआई जांच की मांग और जेल में बंद जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को सुरक्षा के मद्देनजर दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की मांग उठाई। मृतक जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने आरोप लगाया कि उसके पिता की हत्या सामान्य घटना नहीं, बल्कि जेल की बड़ी सुरक्षा चूक और साजिश का परिणाम है। परिजनों का कहना था कि हाई सिक्योरिटी जेल जैसे कड़े सुरक्षा घेरे में एक बंदी की हत्या कैसे हो गई, यह जांच का बड़ा विषय है। परिवार ने जेल प्रशासन की भूमिका, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। परिजनों की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम सौंपे गए मांग पत्र में आरोप लगाया गया कि जगन गुर्जर की हत्या विष्णु उर्फ बौना और अन्य लोगों द्वारा जेल प्रशासन की मिलीभगत से सुनियोजित तरीके से की गई। मांग पत्र में कहा गया कि जगन गुर्जर मजबूत कद-काठी का था और एक व्यक्ति द्वारा उसकी हत्या किया जाना संदिग्ध लगता है। परिजनों ने घटना के समय जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच, कैमरे बंद होने की स्थिति में न्यायिक जांच और जेल प्रशासन के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। धरने की सूचना मिलते ही जेएलएन अस्पताल परिसर और मॉर्च्युरी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों से लगातार समझाइश की। लंबी वार्ता के बाद परिजनों और प्रशासन के बीच कुछ बिंदुओं पर लिखित सहमति बनी, जिसके बाद परिवार पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार हुआ। वार्ता में शामिल प्रहलाद खटाना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन ने गंभीरता से संवाद किया और परिवार की मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी के तहत कराया जाएगा। साथ ही मामले की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में आगे बढ़ेगी। अधिकारियों की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और परिवार को न्याय दिलाने की पूरी कोशिश होगी। खटाना ने बताया कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को सुरक्षा के मद्देनजर धौलपुर या भरतपुर जेल में शिफ्ट करने को लेकर भी सहमति बनी है। हालांकि अंतिम निर्णय सुरक्षा एजेंसियों और जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। परिवार की यह भी मांग है कि पप्पू गुर्जर और अन्य भाइयों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाए। इस दिशा में भी प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं मृतक के बेटे आसाराम की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने आश्वासन दिया है। जानकारी के अनुसार आसाराम के घर पर पुलिस सुरक्षा लगाई गई है और आवश्यकता के अनुसार आगे भी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। परिजनों ने कहा कि जब तक परिवार को न्याय की दिशा में ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देगी, तब तक वे मामले को आगे उठाते रहेंगे। परिवार की ओर से सीबीआई जांच की मांग भी रखी गई है। इस पर प्रशासनिक स्तर से आश्वासन दिया गया कि पहले न्यायिक और पुलिस जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अगर परिवार जांच से संतुष्ट नहीं होता है, तो आगे उच्च स्तरीय जांच या सीबीआई जांच की सिफारिश को लेकर भी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद जगन गुर्जर की कथित तौर पर तौलिए से गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु पर हत्या का आरोप है। जगन गुर्जर का नाम चंबल क्षेत्र में कई गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है। हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर हुई इस हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब परिजनों के धरने, लिखित मांगों और प्रशासनिक सहमति के बाद सभी की नजर जांच पर टिकी है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पूरे मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि जगन गुर्जर की मृत्यु के मामले में गुर्जर समाज और परिजनों की ओर से धरना दिया जा रहा था। परिजनों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ वार्ता की गई। वार्ता के दौरान परिजनों ने अपनी सभी बातें और मांगें रखीं, जिन्हें गंभीरता से सुना गया। एएसपी जांगिड़ ने बताया कि मामले में दर्ज मुकदमे के साथ-साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा भी जांच की जा रही है। परिजनों ने इस जांच के संबंध में भी अपना पक्ष रखा है। वार्ता के बाद कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि मृतक जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर, जो जेल में बंद हैं, उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिल गई है। इसके साथ ही धौलपुर जेल में बंद परिवार के अन्य दो सदस्यों को भी अंतिम संस्कार में शामिल करवाने की प्रक्रिया की जा रही है। जेल कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर एएसपी ने कहा कि न्यायिक मजिस्ट्रेट की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे और जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह नियमानुसार की जाएगी। इसके अलावा परिजनों ने जगन गुर्जर के अंतिम मुकदमे को लेकर भी जांच की मांग रखी है। इस संबंध में धौलपुर एसपी द्वारा जांच करवाने का आश्वासन दिया गया है। परिवार की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि यदि परिजनों को किसी से खतरा है, तो वे इस संबंध में धौलपुर एसपी को लिखित में आवेदन दे सकते हैं। थ्रेट परसेप्शन के आधार पर आवश्यकता होने पर उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी। वार्ता में बनी सहमति के बाद परिजनों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की है और पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई जारी है
June 29, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को हार्डकोर बंदी और कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। दोपहर करीब 3 बजे जेल खुलने पर घटना का पता चला, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बैरक नंबर 2 में बंद साथी कैदी विष्णु ने गमछे से गला घोंटकर जगन गुर्जर की हत्या करना स्वीकार किया है। विष्णु भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड का आरोपी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जगन गुर्जर और विष्णु करीब तीन महीने से एक ही बैरक में बंद थे। घटना के बाद जेल स्टाफ और पुलिस अधिकारियों ने जब विष्णु से पूछताछ की, तो उसने कथित तौर पर कहा कि उसने ही जगन को मार डाला। नाश्ते के दौरान हुई थी कहासुनी प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे नाश्ते के दौरान जगन गुर्जर और विष्णु के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे दोनों बैरक में चले गए। बताया जा रहा है कि बैरक के भीतर ही विवाद बढ़ा और विष्णु ने गमछे से जगन गुर्जर का गला घोंट दिया। पूछताछ में आरोपी विष्णु ने पुलिस को बताया कि जगन उसे छोटी-छोटी बातों पर ताने मारता था और लगातार मानसिक रूप से परेशान करता था। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। जेल प्रशासन में मचा हड़कंप हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला, एएसपी सिटी हिमांशु जांगिड़, सीओ साउथ मनीष बड़गुजर, सिविल लाइंस थानाप्रभारी शम्भूसिंह शेखावत सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एमओबी और एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने बैरक और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। एसपी अग्रवाला ने पूरे घटनाक्रम की सूचना जिला न्यायाधीश को भी दी। हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा पर सवाल अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात और हार्डकोर बंदियों को रखा जाता है। ऐसे में जेल के भीतर बंदी की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जांच का विषय रहेगा कि घटना के समय जेल स्टाफ कहां था और बैरक के भीतर विवाद इतना कैसे बढ़ गया। जांच में यह भी देखा जाएगा कि दोनों बंदियों को लंबे समय तक एक ही बैरक में रखने के पीछे क्या कारण थे और क्या पहले कभी दोनों के बीच विवाद की सूचना जेल प्रशासन को मिली थी। गमछे से गला घोंटने की बात सामने आई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जगन गुर्जर की हत्या गमछे से गला घोंटकर की गई। पुलिस और एफएसएल टीम इस बात की जांच कर रही है कि वारदात किस समय हुई और आरोपी ने हत्या को किस तरह अंजाम दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी।फिलहाल पुलिस ने आरोपी बंदी विष्णु से पूछताछ शुरू कर दी है। जेल प्रशासन की भूमिका, सुरक्षा चूक और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।
June 29, 2026
अजमेर न्यूज़: जयपुर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद प्रदेश की जेल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल तेज हो गए हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मामले की तत्काल सीबीआई जांच कराने की मांग की है। हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होना जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। सुरक्षित जेल में हत्या होना गंभीर मामला: बेनीवाल बेनीवाल ने कहा कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु अत्यंत गंभीर घटना है। उन्होंने कहा कि हाई सिक्योरिटी जेल में इस तरह की वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रथम दृष्टया यह मामला जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करता है। बेनीवाल ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी प्रकार की मिलीभगत या साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। विभागीय जांच से सच सामने आने पर संदेह हनुमान बेनीवाल ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में केवल विभागीय जांच से निष्पक्ष और पारदर्शी सत्य सामने आने की संभावना कम प्रतीत होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से कराई जाए, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके।बेनीवाल ने कहा कि यह पता लगना जरूरी है कि हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर इतनी बड़ी वारदात कैसे हुई, किस स्तर पर सुरक्षा में चूक हुई और क्या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी। जेल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल जगन गुर्जर की मौत के बाद अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस जेल में प्रदेश के कुख्यात और हाई रिस्क कैदियों को रखा जाता है, वहां ऐसी घटना होना प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। बेनीवाल ने कहा कि सरकार को इस मामले को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि हाई सिक्योरिटी जेल में भी कैदी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह प्रदेश की जेल व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल है। मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग रालोपा सुप्रीमो ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की है कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और सीबीआई जांच की अनुशंसा करें। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जगन गुर्जर की हत्या किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं। फिलहाल मामले में पुलिस और जेल प्रशासन की ओर से जांच की प्रक्रिया जारी है। एफएसएल टीम भी साक्ष्य जुटाने में लगी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के कारणों और घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
June 29, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। प्रेम विवाह के बाद एक नवविवाहित दंपती ने अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग को लेकर सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई। हरमड़ा किशनगढ़ निवासी रिंकू चौधरी और किशनगढ़ निवासी संदीप चौधरी ने एसपी को दिए परिवाद में बताया कि दोनों बचपन से एक-दूसरे को जानते थे और साथ में पढ़ाई भी की। कुछ समय पहले एक शादी समारोह में मुलाकात के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क होने पर उनका प्रेम संबंध गहरा हो गया। दंपती के अनुसार युवक के परिजन इस रिश्ते के लिए तैयार थे, लेकिन युवती के परिजनों ने विवाह का कड़ा विरोध किया। आरोप है कि युवती के साथ मारपीट की गई और उसे व उसके साथी को जान से मारने की धमकियां दी गईं। इसके बाद दोनों ने बालिग होने पर अपनी इच्छा से आर्य समाज में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया। दंपती का कहना है कि शादी के बाद भी युवती के परिजन लगातार दबाव बना रहे हैं और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्हें अपनी जान का खतरा है, इसलिए पुलिस से तत्काल सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।