June 30, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 30 जून। राजस्थान सरकार के निर्देशन में आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। ’’तत्पर प्रशासन, त्वरित समाधान’’ की भावना को केंद्र में रखते हुए अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कर रहे हैं। शिविरों में विभिन्न प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित समाधान होने से शिविरों की पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं प्रभावी व्यवस्था के प्रति आमजन में विश्वास बढ़ा है। समस्याओं के शीघ्र समाधान से लाभार्थियों के चेहरों पर दिखाई देने वाली संतुष्टि और खुशी ही इन शिविरों की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण बन गई है। पट्टों के त्वरित वितरण से लाभार्थियों ने जताया आभार नोसर निवासी श्री रमाकांत ओझा ने अपने भूखंड के फ्रीहोल्ड पट्टे के लिए शहरी सेवा शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। मंगलवार को वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचे, जहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए कुछ ही मिनटों में उनका फ्रीहोल्ड पट्टा जारी कर दिया। श्री ओझा ने इस सरल, पारदर्शी एवं त्वरित प्रक्रिया की सराहना करते हुए अजमेर विकास प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया और कहा कि शहरी सेवा शिविर आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी पहल सिद्ध हो रहा है। इसी प्रकार घूघरा निवासी श्रीमती ममता पारीक ने अपने प्लॉट को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड कराने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रस्तुत करने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें सूचना मिल गई कि उनका फ्रीहोल्ड पट्टा तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि इतनी तेज, पारदर्शी और सहज प्रक्रिया की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। श्रीमती पारीक ने राजस्थान सरकार एवं अजमेर विकास प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शहरी सेवा शिविर वास्तव में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन गया है। आज 171 प्रकरणों का निस्तारण शहरी सेवा शिविर के प्रति आज भी नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। शिविर में लगभग 500 लोगों ने विभिन्न समस्याओं एवं योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों से परामर्श लिया। शिविर में कुल 171 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इनमें कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं में 42 प्रकरण, बकाया लीज जमा कर फ्रीहोल्ड एवं लीजमुक्ति प्रमाण-पत्र के 5 प्रकरण, प्राधिकरण की योजनाओं से संबंधित 15 प्रकरण, निर्माण अवधि विस्तार के 35 प्रकरण, भवन मानचित्र के 4 प्रकरण, भूखंडों के उपविभाजन/पुनर्गठन के 2 प्रकरण, लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड के 7 प्रकरण, नामांतरण के 44 प्रकरण, आवंटन पत्र जारी करने के 17 प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी स्थानीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के लिए शिविर में अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों ने प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं समाधान संबंधी सुझाव प्रदान किए।
June 30, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, पुष्कर के गनाहेड़ा में एक निर्माणधीन मकान के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाई टेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से अजमेर के एक मजदूर युवक की मौत हो गई। इस मामले में ग्रामीणों ने मंगलवार को जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी पर विरोध प्रदर्शन कर परिजनों को उचित मुआवजा देने व ठेकेदार एवं मकान मालिक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने ठेकेदार ओर मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। घटना के मुताबिक अजमेर के ग्राम गनाहेड़ा स्थित एक निर्माणाधीन मकान में आरसीसी छत डालने का कार्य चल रहा था। काम शुरू होने से पहले मजदूरों ने मकान के पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन और सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर ठेकेदार नरेंद्र तथा मकान मालिक भूपेंद्र नाग से आपत्ति जताई थी। आरोप है कि दोनों ने बिजली लाइन बंद कराने और सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन ऐसा नहीं किया। शाम करीब 4 बजे काम के दौरान अजमेर के नौसर निवासी 22 वर्षीय मृतक यासीन पुत्र मोहम्मद इकबाल लोहे की सरियों पर काम कर रहा था, तभी वह 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उसे पहले पुष्कर के सरकारी अस्पताल और बाद में जेएलएन अस्पताल, अजमेर रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के चाचा अब्बास की रिपोर्ट पर पुलिस थाना पुष्कर में ठेकेदार नरेंद्र और मकान मालिक भूपेंद्र नाग के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका चतुर्वेदी और वाजिद ख़ान चीता ने मृतक के परिजनों को जिला प्रशासन और ठेकेदार की ओर से आर्थिक मदद और मुआवजा दिए जाने की मांग की है। परिजनों ने मुआवजा दिलाने व कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध और धरना जारी है। ग्रामीणों ने मांगे पूरी नहीं होने तक शव लेने से भी इनकार कर दिया है।
June 30, 2026
अजमेर न्यूज़: दक्षिण विधानसभा प्रत्याशी व पूर्व निगम में नेता प्रतिपक्ष द्रोपती कोहली ने मंगलवार को क्षेत्र वासियों के साथ जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को क्षेत्र में व्याप्त विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंप कर समाधान की मांग की द्रौपदी कोहली ने बताया कि आदर्श नगर विराट नगर के पास आनासागर स्केप चैनल का नाला गुजर रहा है, उसकी बॉन्ड्री सड़क के लेवल में होने के कारण विराट नगर निवासी जितेन्द्र कुमार S/O यादराम वहीं से गुजर रहा था। यहाँ पर अँधेरा होने के कारण एवं नाले की बॉन्ड्री न होने के कारण वह नाले में गिर गया जिससे उसकी नाले में गिरते ही मृत्यु हो गई। यह एक फुटकर, गरीब व्यक्ति था। इसकी माँ के ओर कोई कमाने वाला न होने की वजह से आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। अतः आपसे निवेदन है कि इनके बेटे की नाले में गिरने से मृत्यु होने पर उनकी आर्थिक मदद की जाए, जिससे यह गरीब महिला अपना जीवन यापन कर सकें। रोलिंग मिल आदर्श नगर से लेकर विराट नगर होते हुए मदार तक स्कैप चैनल का नाला जा रहा है उसके पास से सड़क भी जा रही है, जहाँ हाल ही में सड़क का निर्माण किया गया, जिसके कारण नाले की बॉन्ड्री सड़क के लेवल में हो गई है, जिससे यहाँ के लोग नाले में कई बार गिर चुके है और 2 टेम्पो भी गिर चुके है। उसमें 2 लोगो की मौत हो चुकी है। आपसे बार-बार निवेदन करने के बाद भी आपने बॉन्ड्री ऊँची नहीं कराई है। जिसके कारण क्षेत्रवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। चूँकि यहाँ पर अँधेरा भी रहता है. इसलिए यहाँ पर लाईट लगाई जाए व नाले की दीवार का निर्माण शीघ्र किया जाए। अन्यथा जन आन्दोलन किया जायेगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
June 30, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हार्डकोर बंदी डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद मामला लगातार गरमाता रहा। मंगलवार को मृतक के परिजन जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए और मांगें पूरी नहीं होने तक पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सीबीआई जांच की मांग और जेल में बंद जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को सुरक्षा के मद्देनजर दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की मांग उठाई। मृतक जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने आरोप लगाया कि उसके पिता की हत्या सामान्य घटना नहीं, बल्कि जेल की बड़ी सुरक्षा चूक और साजिश का परिणाम है। परिजनों का कहना था कि हाई सिक्योरिटी जेल जैसे कड़े सुरक्षा घेरे में एक बंदी की हत्या कैसे हो गई, यह जांच का बड़ा विषय है। परिवार ने जेल प्रशासन की भूमिका, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। परिजनों की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम सौंपे गए मांग पत्र में आरोप लगाया गया कि जगन गुर्जर की हत्या विष्णु उर्फ बौना और अन्य लोगों द्वारा जेल प्रशासन की मिलीभगत से सुनियोजित तरीके से की गई। मांग पत्र में कहा गया कि जगन गुर्जर मजबूत कद-काठी का था और एक व्यक्ति द्वारा उसकी हत्या किया जाना संदिग्ध लगता है। परिजनों ने घटना के समय जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच, कैमरे बंद होने की स्थिति में न्यायिक जांच और जेल प्रशासन के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। धरने की सूचना मिलते ही जेएलएन अस्पताल परिसर और मॉर्च्युरी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों से लगातार समझाइश की। लंबी वार्ता के बाद परिजनों और प्रशासन के बीच कुछ बिंदुओं पर लिखित सहमति बनी, जिसके बाद परिवार पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार हुआ। वार्ता में शामिल प्रहलाद खटाना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन ने गंभीरता से संवाद किया और परिवार की मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी के तहत कराया जाएगा। साथ ही मामले की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में आगे बढ़ेगी। अधिकारियों की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और परिवार को न्याय दिलाने की पूरी कोशिश होगी। खटाना ने बताया कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को सुरक्षा के मद्देनजर धौलपुर या भरतपुर जेल में शिफ्ट करने को लेकर भी सहमति बनी है। हालांकि अंतिम निर्णय सुरक्षा एजेंसियों और जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। परिवार की यह भी मांग है कि पप्पू गुर्जर और अन्य भाइयों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाए। इस दिशा में भी प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं मृतक के बेटे आसाराम की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने आश्वासन दिया है। जानकारी के अनुसार आसाराम के घर पर पुलिस सुरक्षा लगाई गई है और आवश्यकता के अनुसार आगे भी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। परिजनों ने कहा कि जब तक परिवार को न्याय की दिशा में ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देगी, तब तक वे मामले को आगे उठाते रहेंगे। परिवार की ओर से सीबीआई जांच की मांग भी रखी गई है। इस पर प्रशासनिक स्तर से आश्वासन दिया गया कि पहले न्यायिक और पुलिस जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अगर परिवार जांच से संतुष्ट नहीं होता है, तो आगे उच्च स्तरीय जांच या सीबीआई जांच की सिफारिश को लेकर भी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद जगन गुर्जर की कथित तौर पर तौलिए से गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु पर हत्या का आरोप है। जगन गुर्जर का नाम चंबल क्षेत्र में कई गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है। हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर हुई इस हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब परिजनों के धरने, लिखित मांगों और प्रशासनिक सहमति के बाद सभी की नजर जांच पर टिकी है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पूरे मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि जगन गुर्जर की मृत्यु के मामले में गुर्जर समाज और परिजनों की ओर से धरना दिया जा रहा था। परिजनों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ वार्ता की गई। वार्ता के दौरान परिजनों ने अपनी सभी बातें और मांगें रखीं, जिन्हें गंभीरता से सुना गया। एएसपी जांगिड़ ने बताया कि मामले में दर्ज मुकदमे के साथ-साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा भी जांच की जा रही है। परिजनों ने इस जांच के संबंध में भी अपना पक्ष रखा है। वार्ता के बाद कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि मृतक जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर, जो जेल में बंद हैं, उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिल गई है। इसके साथ ही धौलपुर जेल में बंद परिवार के अन्य दो सदस्यों को भी अंतिम संस्कार में शामिल करवाने की प्रक्रिया की जा रही है। जेल कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर एएसपी ने कहा कि न्यायिक मजिस्ट्रेट की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे और जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह नियमानुसार की जाएगी। इसके अलावा परिजनों ने जगन गुर्जर के अंतिम मुकदमे को लेकर भी जांच की मांग रखी है। इस संबंध में धौलपुर एसपी द्वारा जांच करवाने का आश्वासन दिया गया है। परिवार की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि यदि परिजनों को किसी से खतरा है, तो वे इस संबंध में धौलपुर एसपी को लिखित में आवेदन दे सकते हैं। थ्रेट परसेप्शन के आधार पर आवश्यकता होने पर उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी। वार्ता में बनी सहमति के बाद परिजनों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की है और पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई जारी है
June 29, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को हार्डकोर बंदी और कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। दोपहर करीब 3 बजे जेल खुलने पर घटना का पता चला, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बैरक नंबर 2 में बंद साथी कैदी विष्णु ने गमछे से गला घोंटकर जगन गुर्जर की हत्या करना स्वीकार किया है। विष्णु भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड का आरोपी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जगन गुर्जर और विष्णु करीब तीन महीने से एक ही बैरक में बंद थे। घटना के बाद जेल स्टाफ और पुलिस अधिकारियों ने जब विष्णु से पूछताछ की, तो उसने कथित तौर पर कहा कि उसने ही जगन को मार डाला। नाश्ते के दौरान हुई थी कहासुनी प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे नाश्ते के दौरान जगन गुर्जर और विष्णु के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे दोनों बैरक में चले गए। बताया जा रहा है कि बैरक के भीतर ही विवाद बढ़ा और विष्णु ने गमछे से जगन गुर्जर का गला घोंट दिया। पूछताछ में आरोपी विष्णु ने पुलिस को बताया कि जगन उसे छोटी-छोटी बातों पर ताने मारता था और लगातार मानसिक रूप से परेशान करता था। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। जेल प्रशासन में मचा हड़कंप हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला, एएसपी सिटी हिमांशु जांगिड़, सीओ साउथ मनीष बड़गुजर, सिविल लाइंस थानाप्रभारी शम्भूसिंह शेखावत सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एमओबी और एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने बैरक और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। एसपी अग्रवाला ने पूरे घटनाक्रम की सूचना जिला न्यायाधीश को भी दी। हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा पर सवाल अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात और हार्डकोर बंदियों को रखा जाता है। ऐसे में जेल के भीतर बंदी की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जांच का विषय रहेगा कि घटना के समय जेल स्टाफ कहां था और बैरक के भीतर विवाद इतना कैसे बढ़ गया। जांच में यह भी देखा जाएगा कि दोनों बंदियों को लंबे समय तक एक ही बैरक में रखने के पीछे क्या कारण थे और क्या पहले कभी दोनों के बीच विवाद की सूचना जेल प्रशासन को मिली थी। गमछे से गला घोंटने की बात सामने आई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जगन गुर्जर की हत्या गमछे से गला घोंटकर की गई। पुलिस और एफएसएल टीम इस बात की जांच कर रही है कि वारदात किस समय हुई और आरोपी ने हत्या को किस तरह अंजाम दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी।फिलहाल पुलिस ने आरोपी बंदी विष्णु से पूछताछ शुरू कर दी है। जेल प्रशासन की भूमिका, सुरक्षा चूक और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।
June 29, 2026
अजमेर न्यूज़: जयपुर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद प्रदेश की जेल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल तेज हो गए हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मामले की तत्काल सीबीआई जांच कराने की मांग की है। हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होना जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। सुरक्षित जेल में हत्या होना गंभीर मामला: बेनीवाल बेनीवाल ने कहा कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु अत्यंत गंभीर घटना है। उन्होंने कहा कि हाई सिक्योरिटी जेल में इस तरह की वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रथम दृष्टया यह मामला जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करता है। बेनीवाल ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी प्रकार की मिलीभगत या साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। विभागीय जांच से सच सामने आने पर संदेह हनुमान बेनीवाल ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में केवल विभागीय जांच से निष्पक्ष और पारदर्शी सत्य सामने आने की संभावना कम प्रतीत होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से कराई जाए, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके।बेनीवाल ने कहा कि यह पता लगना जरूरी है कि हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर इतनी बड़ी वारदात कैसे हुई, किस स्तर पर सुरक्षा में चूक हुई और क्या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी। जेल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल जगन गुर्जर की मौत के बाद अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस जेल में प्रदेश के कुख्यात और हाई रिस्क कैदियों को रखा जाता है, वहां ऐसी घटना होना प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। बेनीवाल ने कहा कि सरकार को इस मामले को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि हाई सिक्योरिटी जेल में भी कैदी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह प्रदेश की जेल व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल है। मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग रालोपा सुप्रीमो ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की है कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और सीबीआई जांच की अनुशंसा करें। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जगन गुर्जर की हत्या किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं। फिलहाल मामले में पुलिस और जेल प्रशासन की ओर से जांच की प्रक्रिया जारी है। एफएसएल टीम भी साक्ष्य जुटाने में लगी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के कारणों और घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
June 29, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। प्रेम विवाह के बाद एक नवविवाहित दंपती ने अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग को लेकर सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई। हरमड़ा किशनगढ़ निवासी रिंकू चौधरी और किशनगढ़ निवासी संदीप चौधरी ने एसपी को दिए परिवाद में बताया कि दोनों बचपन से एक-दूसरे को जानते थे और साथ में पढ़ाई भी की। कुछ समय पहले एक शादी समारोह में मुलाकात के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क होने पर उनका प्रेम संबंध गहरा हो गया। दंपती के अनुसार युवक के परिजन इस रिश्ते के लिए तैयार थे, लेकिन युवती के परिजनों ने विवाह का कड़ा विरोध किया। आरोप है कि युवती के साथ मारपीट की गई और उसे व उसके साथी को जान से मारने की धमकियां दी गईं। इसके बाद दोनों ने बालिग होने पर अपनी इच्छा से आर्य समाज में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया। दंपती का कहना है कि शादी के बाद भी युवती के परिजन लगातार दबाव बना रहे हैं और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्हें अपनी जान का खतरा है, इसलिए पुलिस से तत्काल सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
June 29, 2026
अजमेर न्यूज़: रविवार देर रात पूमा कंपनी के प्रतिनिधि मोहम्मद अराफात और पवन पाराशर की रिपोर्ट पर क्लॉक टावर थाना पुलिस एवं जिला स्पेशल टीम ने कार्रवाई करते हुए आशा गंज इलाके में एक गोदाम पर छापा मारा, जहां बड़ी मात्रा में पूमा कंपनी की चप्पल जूते मिले जो कि नकली थे जिन पर कंपनी की असली लोगो की तरह सील स्टीकर लगाकर उन्हें बाजार में बेचा जा रहा था। शिकायत का सत्यापन करने के बाद पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में पूमा कंपनी का नकली जूता और चप्पल जप्त किया। क्लॉक टॉवर थाना प्रभारी भीका राम काला ने बताया कि कॉपीराइट एक्ट में मुकदमा करने के अलावा गोदाम मालकिन सुनीता को नोटिस जारी किया गया है अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
June 29, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर के क्लॉक टावर थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म, एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दक्षिण वृत्ताधिकारी मनीष बड़गुर्जर ने बताया कि पीड़िता ने थाने पर उपस्थित होकर शिकायत दर्ज करवाई।पीड़िता ने शिकायत में बताया कि करीब चार साल पहले उसकी सोशल मीडिया के माध्यम से अहमदाबाद निवासी युवक से जान पहचान हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी अजमेर आया और शादी का वादा कर उसे एक होटल में ले गया, जहां कथित रूप से उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी उसे वाराणसी ले गया और वहां एक पंडित को बुलाकर शादी की रस्में पूरी करवाईं। इसके बाद आरोपी ने उससे दूरी बना ली और अब उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। पीड़िता ने बताया कि लंबे समय से परेशान होकर उसने क्लॉक टावर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और न्यायालय में उसके बयान दर्ज करवाए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट, दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
June 29, 2026
अजमेर न्यूज़: भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के द्वारा तीन दिव्यांग जनों को ट्राई साइकिल सहित स्व रोजगार के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस कप्तान हर्षवर्धन अग्रवाल ने सामान किया भेंट भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति द्वारा पिछले लंबे समय से लगातार जिले व संभाग भर के दिव्यांग जनों को ट्राई साइकिल, कृत्रिम पैर, कान में सुनने की मशीन, कैलिपर आदि निशुल्क प्रदान किए जाते हैं ।इसी कड़ी में पूर्ण किए गए सर्वे के दौरान चयनित बाकी रहे तीन दिव्यांग जनों को सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के कर कमलों द्वारा ट्राई साइकिल व स्व रोजगार के लिए सामान भेंट किया गया। समिति के संयुक्त सचिव सुरेश मेहरा ने बताया कि समिति लगातार कैंप लगाकर दिव्यांग जनों को उपकरण भेंट करती है। इसी कड़ी में अब अगला सर्वे भी शुरू होने जा रहा है इसी के साथ पुलिस लाइन में पुलिस से रिटायर्ड हुए पुलिसकर्मियों के परिवार के लिए भी एक कैंप जल्द ही लगने जा रहा है।
June 29, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल, जहां कुख्यात और गंभीर मामलों से जुड़े बंदियों को रखा जाता है, सोमवार को एक सनसनीखेज वारदात की गवाह बन गई। जेल की एक बैरक में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसी बैरक में बंद भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने तौलिये से गला दबाकर जगन गुर्जर की हत्या कर दी। घटना की पुष्टि अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने की है। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ के अनुसार, डकैत जगन गुर्जर मार्च 2026 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था, जबकि विष्णु करीब तीन साल से जेल में बंद बताया जा रहा है। दोनों बंदी एक ही बैरक में रखे गए थे। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह दोनों ने बैरक की सफाई की थी और साथ में लूडो भी खेला था। दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच सेल बंद रहने के दौरान ड्यूटी स्टाफ राउंड पर था। जब बैरक खोली गई तो जगन गुर्जर का शव पड़ा मिला और विष्णु उसी बैरक में मौजूद था। प्रारंभिक पूछताछ में विष्णु ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए कहा कि उसने ही जगन को मारा है। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि हत्या केवल आपसी विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कोई और गहरी वजह भी हो सकती है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच छोटे-छोटे विवाद होते रहते थे। सूत्रों के अनुसार, सुबह नाश्ते के दौरान भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। बताया जा रहा है कि जगन गुर्जर कई बातों को लेकर विष्णु से परेशान था। हालांकि जेल प्रशासन की ओर से अभी इसे गैंगवार जैसी घटना मानने से इनकार किया गया है और मामले की जांच जारी है। जगन गुर्जर का नाम चंबल क्षेत्र में कई आपराधिक घटनाओं से जुड़ा रहा है। वह धौलपुर क्षेत्र का रहने वाला था और करीब 27 साल पहले अपराध की दुनिया में आया था। उसके खिलाफ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, फिरौती, अपहरण और डकैती जैसे गंभीर मामलों में कई मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। जगन गुर्जर का खौफ कभी इतना बताया जाता था कि धौलपुर के कई गांवों में लोग उसके नाम से डरते थे। वर्ष 2008 में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का धौलपुर महल उड़ाने की धमकी देकर भी वह चर्चाओं में आया था। उस समय उस पर 11 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। वहीं अलग-अलग समय पर उसके सरेंडर करने और फिर अपराध की राह पर लौटने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। अब हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर उसकी हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि कड़ी निगरानी वाली जेल में एक बंदी ने दूसरे बंदी की हत्या कैसे कर दी। फिलहाल पुलिस, जेल प्रशासन और एफएसएल टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह हत्या अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश और साजिश छिपी हुई है।
June 28, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 28 जून। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने रविवार को स्वास्थ्य केन्द्र कस्तूरबा में आयोजित कार्यक्रम में कस्तूरबा एवं डिग्गी बाजार स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए डीएमएफटी मद से स्वीकृत पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पल्स पोलियो अभियान का शुभारम्भ भी किया तथा बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की स्थापना से कस्तूरबा एवं डिग्गी बाजार क्षेत्र के हजारों नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा प्राप्त होगी। अब मरीजों को सामान्य एक्स-रे जांच के लिए अन्य अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की बचत होगी। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इस सुविधा से बड़ी राहत मिलेगी। श्री देवनानी ने कहा कि इससे रोगों के शीघ्र एवं सटीक निदान में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में कस्तूरबा एवं डिग्गी बाजार के अलावा माकड़वाली, पुलिस लाइन एवं वैशाली नगर में भी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन तथा कोटडा सैटेलाईट चिकित्सालय में सोनोग्राफी मशीन की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि अजमेर उत्तर क्षेत्र चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से विकसित होकर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण चिकित्सा हब बन रहा है। उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में लगभग 190 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अस्पताल में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य भी कराए जा रहे हैं, जिससे मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि जेएलएन अस्पताल में 18 करोड़ रुपये की लागत से रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे जटिल ऑपरेशन अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से किए जा रहे हैं। साथ ही उत्तर क्षेत्र के सैटेलाइट अस्पताल में भी सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जहां प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर क्षेत्र के प्रत्येक चिकित्सालय में चिकित्सकों की उपलब्धता, जांच सुविधाएं तथा एक्स-रे सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे सामान्य बीमारियों के मरीजों का दबाव जेएलएन अस्पताल पर लगातार कम हो रहा है। श्री देवनानी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र के साथ-साथ अजमेर उत्तर के समग्र विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। क्षेत्र में लेपर्ड सफारी, झीलों का विकास, साइंस पार्क, कन्वेंशन सेंटर, नए खेल स्टेडियम सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन कार्य किया जा रहा है, जबकि पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 270 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।