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Ajmer News:

July 4, 2026

अजमेर न्यूज़: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की राजस्थान यात्रा, जिला स्तरीय रोजगार मेले का हुआ आयोजन, 982 युवाओं को नियुक्ति पत्र

अजमेर न्यूज़: अजमेर, 4 जुलाई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की राजस्थान यात्रा के दौरान जिला स्तर पर भी रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान मेले में आए नवनियुक्त कार्मिकों को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं केंद्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी के संबोधन को सुना।  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान तेज गति से प्रगति करने वाले राज्यों में से एक है। यहां रिफाइनरी के माध्यम से नए रोजगार के सृजन होंगे। इसी प्रकार सरकार के प्रयासों से पेयजल एवं सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो रहा है। इसमें उत्तरोत्तर वृद्धि होगी। सरकार द्वारा मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति के समय भी पेट्रोलियम पदार्थों की कमी नहीं आने दी गई।  मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की धरती सोना उगलने वाली है। डबल इंजन की सरकार के कारण विकास की गति बढ़ी है। रिफाइनरी के माध्यम से राज्य में अप्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष रूप से रोजगार में बढ़ोतरी होगी।  जिला स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बनने जा रहा है। सोने की धरती मरुधरा रिफाइनरी के बन जाने से वास्तव में सोना उगलने वाली धरती बन जाएगी।  उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कोरोना काल से ही करोड़ों भारतीयों को निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराने की अनूठी योजना संचालित की जा रही है। भारत युवाओं का देश है। उनकी प्रतिभा सर्वाेत्तम है। इन्हीं युवाओं के दम पर भारत चौथी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बन चुका है। सब मिलकर राष्ट्र को परम वैभव तक लेकर जाएंगे। राम जल सेतु परियोजना से जल की उपलब्धता बढ़ेगी। इसी प्रकार यमुना, नर्मदा एवं अन्य नदियों से भी राजस्थान की हरीतिमा बढ़ेगी। गत 12 वर्षों में किए गए कार्यों से भारत का विश्व में डंका बजा है।  उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का मूल स्तंभ कृषि है। इस क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता है। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि भूमिगत जल की कमी वाले क्षेत्र में नवाचार करते हुए लगभग 70 बीघा भूमि वर्षा के जल से सिंचित की जा रही है। कृषि को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए इससे प्रेरणा मिल रही है। प्रगतिशील किसान इस नवाचार को देखकर अपने खेत में अपना रहे हैं।  विधायक श्रीमती अनिता भदेल ने कहा कि आज का दिन राजस्थान के इतिहास में स्वर्णिम दिवस है। रिफाइनरी का राजस्व 24000 करोड़ प्रतिवर्ष से भी अधिक राज्य को मिलेगा। इससे राजस्थान के विकास को नई दिशा मिलेगी। जयपुर में मेट्रो चरण द्वितीय भी आरंभ होगा। इससे अजमेर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यमुना जल समझौते से पेयजल तथा सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा। कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ने से राजस्थान की जीडीपी में बढ़ोतरी होगी। युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।  उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के मार्गदर्शक और आदर्श हैं। उनकी पुण्यतिथि पर युवाओं को राजकीय सेवा में आने का नियुक्ति पत्र मिलना प्रेरणादाई रहेगा। स्वामी विवेकानंद ने कठिनाइयों को अवसर में बदलने का संदेश दिया था। राजकीय सेवा का अपना अलग अनुभव होता है। सरकार ने निर्विवाद भर्तियां करवा कर युवाओं के सपनों को साकार किया है। साथ ही समय पर भत प्रक्रिया पूर्ण भी की गई है। इन नौकरियों से युवाओं को अर्थाेपार्जन का साधन मिलने के साथ ही जन सेवा करने का अवसर भी मिलेगा। राष्ट्र सेवा समझकर नौकरी की जानी चाहिए।  संभागीय आयुक्त श्री शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि इस कार्यक्रम का टेलीकास्ट संभाग के समस्त जिला मुख्यालयों पर किया। इनमें अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, टोंक, ब्यावर एवं डीडवाना-कुचामन जिला मुख्यालयों पर रोजगार मेला आयोजन हुआ। इसके साथ-साथ समस्त नगरीय निकायों, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर इसका प्रसारण किया गया। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिग, अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि रोजगार उत्सव का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह बालोतरा जिले में आयोजित हुआ। इसकी निरन्तरता में रोजगार उत्सव का जिला स्तरीय कार्यक्रम जवाहर रंगमंच पर आयोजित हुआ। इसमें विभिन्न विभागों के नव चयनित 1118 अभ्यर्थियों में से उपस्थित 982 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। जिला स्तर के साथ नगरीय निकाय क्षेत्र किशनगढ़, केकड़ी, सरवाड़, पीसांगन, पुष्कर एवं नसीराबाद तथा ब्लॉक भिनाय, अरांई एवं श्रीनगर में भी राज्य स्तरीय कार्यक्रम का ऑनलाईन प्रसारण किया गया।  अध्यक्ष श्री जीतमल प्रजापत ने कहा कि राजस्थान भर के 50 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति प्रदान करना सरकार की सकारात्मक कार्य क्षमता को दर्शाता है। ग्रामीण क्षेत्र के युवा मेहनत करके आगे बढ़ रहे हैं। उनके माता-पिता भी उनके साथ संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को राजकीय सेवा में अवसर मिलने से उनकी मेहनत को सम्मान मिलेगा। सरकार ने पूरी ईमानदारी के साथ परीक्षाएं करवा कर गरीब के बेटों को नौकरी तक पहुंचाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा रिफाइनरी का लोकार्पण करने से राजस्थान के विकास को पंख लगेंगे। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खड़ी उतर रही है। यह सरकार भविष्य में भी जन कल्याण को केंद्र में रखकर कार्य करती रहेगी। नव नियुक्त कार्मिकों को अपने कार्यक्षेत्र में ग्रामीण तथा कमजोर वर्ग की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ करना चाहिए।  अध्यक्ष श्री रमेश सोनी ने कहा कि रिफाइनरी के माध्यम से राजस्थान के विकास की दिशा बदलेगी। भारत युवा शक्ति के बूते विश्व में नया मुकाम हासिल कर रहा है। यह शताब्दी भारत की है। प्रभावी नेतृत्व के कारण भारत का विश्व में मान बढ़ा है। भारत माता को पुनः सर्वाेच्च सिंहासन पर बिठाने के भाव से नव नियुक्त कार्मिक कार्य करें।  कोटा के श्री वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा पारदश तरीके से परीक्षा आयोजन करवा कर एक मिसाल कायम की है। इससे वास्तविक युवाओं को उनका हक मिला है। रिफाइनरी के आरंभ होने से प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी।  जिला स्तरीय रोजगार उत्सव में सावित्री विद्यालय की बालिकाओं ने घूमर लोक नृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर संभागीय आयुक्त श्री शक्ति सिंह राठौड़,  पुलिस अधीक्षक श्री हर्षवर्धन अगरवाला, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राम प्रकाश, अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त श्रीमती नित्या के, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री नरेंद्र कुमार मीणा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री गोविंद नारायण शर्मा, जिला रोजगार अधिकारी श्री मधुसूदन जोशी, डॉ. अरविंद शर्मा गिरधर सहित अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

July 4, 2026

अजमेर न्यूज़: दरगाह क्षेत्र मानव तस्करी प्रकरण पीड़ित परिवार को मिल रही धमकियां, सुरक्षा की मांग; जमानत पर फैसला सुरक्षित

अजमेर न्यूज़: अजमेर। दरगाह थाना क्षेत्र के बहुचर्चित नाबालिग मानव तस्करी प्रकरण में एक नया मोड़ सामने आया है। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों के सहयोगियों द्वारा उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं तथा सोशल मीडिया पर पीड़िता की फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि 15 वर्षीय नाबालिग को कथित रूप से तीन लाख रुपये में बेचने और चूरू जिले के सरदारशहर में 45 वर्षीय अधेड़ से उसकी शादी करवाने का मामला सामने आने के बाद दरगाह थाना पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कई महिला एवं पुरुष आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामला अपनी संवेदनशीलता के कारण काफी चर्चित रहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद की सना खान ने बताया कि पीड़ित परिवार लगातार भय के माहौल में जी रहा है। उनका आरोप है कि जेल में बंद आरोपियों ने अपने परिजनों के माध्यम से पीड़िता को "सबक सिखाने" की बात कही है। साथ ही आरोपियों के सहयोगियों द्वारा परिवार को धमकियां देकर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। परिषद ने राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए तथा धमकियां देने वाले सभी लोगों के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस बीच मामले की न्यायिक कार्रवाई भी जारी है। पीड़िता पक्ष के अधिवक्ता अखिलेश कुमार मीणा ने बताया कि विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट क्रमांक-2, अजमेर में एफआईआर संख्या 104/2026 के प्रकरण में अभियुक्त की ओर से दायर जमानत याचिका पर विस्तृत सुनवाई हुई। पीड़िता पक्ष की ओर से जमानत याचिका का विरोध करते हुए न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजर न्यायालय के आगामी आदेश पर टिकी हुई है।

July 4, 2026

अजमेर न्यूज़: 2 करोड़ 45 लाख रूपए की लागत से निर्मित होगी सेशन कोर्ट चौराहे से सीआरपीएफ ब्रिज तक सड़क-नाली, लाइट व डिवाइडर निर्माण-भदेल

अजमेर न्यूज़: अजमेर शहर। अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल ने शनिवार को सेशन कोर्ट चौराहा से सीआरपीएफ ब्रिज तक 2 करोड 45 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सडक नाली एवं डिवाईडर निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। उक्त कार्य अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जायेगा। विधायक भदेल द्वारा जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2025 में ही अजमेर विकास प्राधिकरण को पत्र लिखकर सेशन कोर्ट चौराहा से सीआरपीएफ ब्रिज तक सडक निर्माण कराने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव में सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण, आधुनिक डिवाइडर, डिवाइडर पर हाईमास्ट एवं स्ट्रीट लाइट, पौधारोपण आदि कार्य शामिल थे। प्राधिकरण द्वारा उक्त समस्त कार्य करने की सहमति प्रदान कर दी गई थी। परंतु उक्त मार्ग सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन होने के कारण अजमेर विकास प्राधिकरण ने कार्य करने हेतु सार्वजनिक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा, लेकिन लंबे समय तक अनुमति जारी नहीं की गई। लगातार पत्राचार, वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा और व्यक्तिगत प्रयासों के बाद भी विभाग ने केवल आधी सड़क के निर्माण की ही अनुमति दी, जिसका उन्होंने तत्काल विरोध किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सड़क का आधा निर्माण न तो तकनीकी रूप से उचित है और न ही जनहित में। इस संबंध में उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को लिखित रूप से अवगत कराया कि यदि पूरा मार्ग अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाया जाता है तो राज्य सरकार के बजट की बचत होगी और वह राशि अजमेर शहर के अन्य विकास कार्यों में उपयोग की जा सकेगी। इसके बावजूद आधी सड़क का निर्माण कर दिया गया, जिससे आमजन को असुविधा हुई और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। श्रीमती भदेल ने बताया कि उन्होंने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से उठाते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच एवं कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भी उन्होंने यह विषय प्रमुखता से रखा, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। उन्होंने कहा कि उनके लगातार प्रयासों और जनहित की पैरवी का परिणाम है कि अब अजमेर विकास प्राधिकरण ने सड़क के शेष भाग के निर्माण के लिए लगभग 2  करोड़ 45 लाख की राशि स्वीकृत कर दी है। शीघ्र ही डिवाइडर, नालियों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जायेगा। यह केवल सड़क की कारपेटिंग नहीं, बल्कि आधुनिक एवं सुव्यवस्थित सड़क अवसंरचना का निर्माण होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात व्यवस्था उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रही हैं और आगे भी अजमेर के विकास के लिए इसी प्रकार निरंतर प्रयास करती रहेंगी।

July 3, 2026

अजमेर न्यूज़: अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 53 एटीवीएम फैसिलिटेटर नियुक्त होंगे

अजमेर न्यूज़: रेलवे प्रशासन द्वारा अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर स्थापित ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (एटीवीएम) से अनारक्षित टिकट जारी करने के लिए फैसिलिटेटरों की नियुक्ति हेतु सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों और सामान्य जनता से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, अजमेर मंडल  श्री मिहिर देव के अनुसार इस योजना के तहत अजमेर मंडल के कुल 17 स्टेशनों पर 53 फैसिलिटेटरों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें अजमेर जंक्शन (07 पद), उदयपुर (06 पद), भीलवाड़ा (06 पद), आबू रोड (06 पद), पिंडवाड़ा (04 पद), मारवाड़ जंक्शन (03 पद), जवाई बांध (03 पद), मावली (02 पद), रानी (02 पद), डूंगरपुर (02 पद), राणाप्रताप नगर (02 पद), मदार (02 पद), सोमेसर (02 पद), कपासन (02 पद), फतेहनगर (02 पद), फालना (01 पद) और ब्याावर (01 पद) शामिल है। इस नियुक्ति की महत्वपूर्ण शर्तों और नियमों के अंतर्गत यह नियुक्ति पूरी तरह अनुबंध के आधार पर दो वर्ष के लिए होगी, जिसे आवश्यकतानुसार आगे एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। रेलवे द्वारा कोई निश्चित वेतन नहीं दिया जाएगा, बल्कि फैसिलिटेटर को टिकट बिक्री के मूल्य पर नियमानुसार 3% कमीशन  दिया जाएगा।  चयन प्रक्रिया में पहली प्राथमिकता सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों को, दूसरी उनके नामित जीवनसाथी/वयस्क संतान को और तीसरी सामान्य जनता को दी जाएगी। यदि किसी स्टेशन पर आवश्यकता से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो चयन पारदर्शी तरीके से लॉटरी (ड्रॉ ऑफ लॉट्स) द्वारा किया जाएगा। सामान्य जनता से चुने गए फैसिलिटेटरों को एनएसजी-1 तथा एनएसजी-2 श्रेणी के स्टेशनों (अजमेर व उदयपुर) के लिए ₹50,000 तथा अन्य स्टेशनों के लिए ₹25,000** की रिफंडेबल सुरक्षा राशि (एफडीआर के रूप में) जमा करानी होगी। सामान्य जनता हेतु- आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए, वह उसी जिले का निवासी हो जहाँ का स्टेशन है, और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक/एसएसएलसी (10वीं) या समकक्ष होनी चाहिए।  आवेदक को हिंदी और अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना आवश्यक है। आवेदन के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड और पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट संलग्न करना अनिवार्य है। आवेदन फॉर्म और विस्तृत जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट www.nwr.indianrailways.gov.in पर दिनांक 03.07.2026 से उपलब्ध है।

July 3, 2026

अजमेर न्यूज़: जगन गुर्जर हत्याकांड में आरोपी विष्णु सिंह जाट प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार

अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विष्णु सिंह जाट को शुक्रवार सुबह प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। हथियारबंद जवानों की कड़ी सुरक्षा में आरोपी को जेल से सिविल लाइन थाना लाया गया। पुलिस अब उससे हत्या के कारण, वारदात के तरीके और संभावित साजिश से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ करेगी। अजमेर उत्तर सीओ शिवम जोशी ने बताया कि हाई सिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर की 29 जून को हत्या हुई थी। मामले में आरोपी विष्णु सिंह जाट को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उससे यह जानकारी जुटाएगी कि हत्या की वारदात कैसे अंजाम दी गई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या रहे। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी विष्णु ने पुलिस को बताया कि जेल के भीतर जगन गुर्जर का दबदबा था और उसे कैदी “जग्गू दादा” कहकर बुलाते थे। आरोपी ने दावा किया कि जगन उस पर दबाव बनाता था और उससे निजी कार्य करवाता था। आरोपी ने यह भी कहा कि जगन द्वारा उस पर टिप्पणियां की जाती थीं, जिससे वह नाराज था। थाने लाए जाने के दौरान आरोपी विष्णु ने कहा कि उसका जगन गुर्जर के साथ झगड़ा हुआ था और इसी विवाद के चलते उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस आरोपी के बयान की स्वतंत्र रूप से जांच करेगी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि हत्या अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। यह भी जांच की जाएगी कि घटना के समय जगन गुर्जर ने संघर्ष क्यों नहीं किया और क्या उसे पहले किसी प्रकार का नशीला पदार्थ दिया गया था या नहीं। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाएगी कि हत्या में आरोपी विष्णु के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। जेल के भीतर आरोपी की गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई इस हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब आरोपी की पुलिस पूछताछ से इस मामले में कई अहम तथ्य सामने आने की संभावना है।

July 3, 2026

अजमेर न्यूज़: आईटीआई अजमेर के पूर्व छात्र रिछपाल आंचरा होंगे 2026-27 के ब्रांड अम्बेसेडर

अजमेर न्यूज़: अजमेर, 3 जुलाई। प्राविधिक शिक्षा निदेशालय राजस्थान जोधपुर के निदेशक(प्रशिक्षण) श्री मुनीष कुमार शर्मा ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अजमेर के पूर्व छात्र श्री रिछपाल आंचरा को वर्ष 2026-27 के लिए जिले का ब्रांड अम्बेसेडर चयनित किए गए है। श्री रिछपाल ने वर्ष 2021 में आईटीआई संस्थान से इलेक्ट्रीशियन व्यवसाय में प्रशिक्षण प्राप्त किया। हुनर के दम पर कम उम्र में वह एक युवा उद्यमी है, इसका श्रेय वे अपने प्रशिक्षक श्री ओम प्रकाश जांगिड़ को देते है। 24 वर्षीय श्री रिछपाल को विश्व कौशल दिवस के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।  रिछपाल संस्थान के कई छात्रों को रोजगार प्रदान कर रहे है। स्वरोजगार के प्रति जज्बा प्रदान करने का सारा श्रेय वरिष्ठ अनुदेशक श्री रामवीर चौधरी एवं सहायक निदेशक श्री शैलेन्द्र माथुर को देते है। ग्रामीण परिवेश में पले एवं किसान पुत्र श्री रिछपाल ने सोलर ईपीसी क्षेत्र में राजस्थान के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी अपनी पहचान बना ली है। रिछपाल ने बताया कि वर्तमान युग में डिग्रीयों का बोझ लेकर घूमने से अच्छा है, आईटीआई से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर जीविकोपार्जन करना। हुनर पाने के लिए समर्पित होकर प्रशिक्षण प्राप्त करना होता है।

July 3, 2026

अजमेर न्यूज़: शहरी सेवा शिविर-2026 बना जनविश्वास का केंद्र, त्वरित समाधान से नागरिकों को मिली राहत

अजमेर न्यूज़: अजमेर, 3 जुलाई। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार अजमेर विकास प्राधिकरण परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान का भरोसेमंद मंच बनकर उभर रहा है। शिविर में शुक्रवार को विभिन्न श्रेणियों के 171 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि लगभग 365 नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त कर विशेषज्ञ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया। अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि शिविर का उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर समयबद्ध, सरल एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक प्रकरण का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल रही है और प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हो रहा है। शिविर में कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं के 38 पट्टे, बकाया लीज जमा कराकर फ्री होल्ड एवं लीज मुक्ति प्रमाण पत्र के 5 प्रकरण, प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के 13 प्रकरण, निर्माण अवधि विस्तार के 23 प्रकरण, भवन मानचित्र के 2 प्रकरण, भूखंडों के उपविभाजन एवं पुनर्गठन का 1 प्रकरण, लीज होल्ड से फ्री होल्ड के 13 प्रकरण, नाम हस्तांतरण के 37 प्रकरण तथा 7 आवंटन पत्र जारी किए गए। इस प्रकार कुल 171 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं समाधान उपलब्ध कराया। लाभार्थियों ने साझा किए सकारात्मक अनुभव अजमेर निवासी श्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने फ्री होल्ड पट्टे के लिए आवेदन किया था और अत्यंत कम समय में पट्टा प्राप्त हो गया। उन्होंने कहा कि शहरी सेवा शिविर के माध्यम से एक ही स्थान पर त्वरित समाधान मिलना अत्यंत सराहनीय पहल है। पंचशील निवासी श्री कैलाश चंद रेगर ने बताया कि उन्होंने स्वयं एवं अपनी पत्नी के नाम से पट्टों के लिए आवेदन किया था। दोनों प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर कम समय में ही पट्टे उपलब्ध करा दिए गए, जिससे उन्हें अत्यधिक संतोष मिला। श्री राजीव शेखावत ने बताया कि उन्होंने अपनी माता के नाम से फ्री होल्ड पट्टे के लिए आवेदन किया था। मात्र एक दिन में पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर पट्टा उपलब्ध कराना प्रशासन की त्वरित एवं प्रभावी कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। श्री राजेश गर्ग ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम से महाराणा प्रताप योजना अंतर्गत आवंटित भूखंड को फ्री होल्ड कराने के लिए आवेदन किया था। मांग पत्र शीघ्र जारी होने, राशि जमा करवाने और तुरंत पट्टा प्राप्त होने पर उन्होंने राजस्थान सरकार एवं अजमेर विकास प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया। सभी लाभार्थियों ने राजस्थान सरकार एवं अजमेर विकास प्राधिकरण की जनहितैषी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि ऎसे शहरी सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का नियमित आयोजन किया जाए, ताकि नागरिकों को समयबद्ध एवं सुगम सेवाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे।

July 3, 2026

अजमेर न्यूज़: कच्ची बस्ती के 300 गरीब परिवारों को बेदखली की धमकी, मानवाधिकार परिषद ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

अजमेर न्यूज़: अजमेर, 4 जुलाई। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं समाज कल्याण परिषद ने कच्ची बस्ती में निवासरत करीब 200 से 300 गरीब परिवारों को कथित रूप से बेदखल करने और बस्ती में स्थित पुराने देवस्थान को नुकसान पहुँचाने की धमकियों के विरोध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। परिषद के राष्ट्रीय महासचिव उदित नारायण ने बताया कि संस्था को कच्ची बस्ती में रहने वाले लोगों से लिखित एवं मौखिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायत के अनुसार संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य एवं क्षेत्र के सरपंच द्वारा बस्ती को खाली कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि यह बस्ती लगभग 80 से 90 वर्ष पुरानी है, जहाँ वर्तमान में रहने वाले परिवारों की चार से पाँच पीढ़ियाँ निवास कर चुकी हैं। अधिकांश परिवारों के पास मतदाता पहचान पत्र, पहचान पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं, जो उनके लंबे समय से निवासरत होने का आधार हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया एवं वैकल्पिक पुनर्वास व्यवस्था के गरीब परिवारों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही बस्ती में स्थित करीब 50 वर्ष पुराने देवस्थान को भी नुकसान पहुँचाने की धमकी दी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत होने और सामाजिक तनाव की आशंका जताई गई है। परिषद ने बताया कि इस मामले की जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र दीपक ठाकुर को भी दी गई है। संस्था ने प्रशासन से मांग की है कि बिना वैधानिक प्रक्रिया के किसी भी बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, संबंधित अधिकारियों एवं व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए, देवस्थान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ित परिवारों को प्रशासनिक संरक्षण प्रदान किया जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।

July 2, 2026

अजमेर न्यूज़: जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु के द्वारा गुरूवार को ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों सहित विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक ली गई।

अजमेर न्यूज़: अजमेर, 2 जुलाई। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु के द्वारा गुरूवार को ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों सहित विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक ली गई। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की राजस्थान यात्रा के समय रोजगार उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसका सीधा प्रसारण ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर होगा। इस संबंध में उपखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्र की समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे। इसमें अधिकतम जनसहभागिता रहे। जिला स्तरीय कार्यक्रम में नव नियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। यह कार्यक्रम शनिवार, 4 जुलाई को जवाहर रंगमंच में प्रातः 10.30 बजे से होगा। इसके लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट श्री नरेन्द्र कुमार मीणा को प्रभारी अधिकारी तथा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री गोविन्द नारायण शर्मा एवं रोजगार विभाग के उप निदेशक श्री मधुसूदन जोशी को सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के लिए प्रवासी राजस्थानियों को जोड़कर रिचार्ज संरचनाएं निर्मित करें। इसके साथ-साथ जल भराव वाले क्षेत्रों से जल निकासी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इन कार्यों की पोर्टल पर एन्ट्री सुनिश्चित की जाए।  उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के लाभार्थियों के मोबाईल नम्बर के साथ ऑनलाईन अपडेट करें। अतिक्रमण के प्रकरण पहले से चिन्हित कर शिविर अवधि में हटाए। सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों को शिविर से पहले ही निस्तारित किया जाना चाहिए। राजस्व न्यायालयों से संबंधित कार्य भी पूर्ण हो। राजकीय भूमि पर आदतन अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों के प्रकरण बनाकर कार्यवाही की जाए। रास्ते संबंधी प्रकरण प्री-कैम्प में निपटाने का प्रयास किया जाएं।  उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। जल स्त्रोतों की निगरानी रखें। सड़क मरम्मत एवं जल भराव रोकने के कार्य प्राथमिकता से किया जाए। ऑनलाईन प्राप्त आवेदनों की पेंडेंसी शून्य होनी चाहिए। आबादी विस्तार के प्रस्ताव जिला मुख्यालय को भिजवाएं। घुमंतु एवं अर्द्ध धुमंतु व्यक्तियों के लिए आवास के प्रस्ताव भी भेजे जाने चाहिए। इसके साथ-साथ खेल मैदान, विद्यालय एवं राजकीय प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन के प्रस्ताव भी भेजें। उन्होंने कहा कि राजीविका के स्वयं सहायता समूहों का लक्ष्यानुरूप गठन करें। इनके खाते खुलवाने की कार्यवाही भी शिविर अवधि के दौरान ही हो। आवास सहायक के रूप में नियुक्त स्वंय सहायता समूह सदस्यों की एन्ट्री पोर्टल पर करवाएं। वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य किया जाए। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के आवेदनों को निस्तारित किया जाए। प्री-कैम्प में अधिकतम प्रकरण निस्तारित होने चाहिए। आवश्यकता होने पर फोलोअप कैम्प भी लगाएं। उन्होंने कहा कि शहरी सेवा शिविरों में विभिन्न पेरामीटर्स में प्रगति बढ़ाने की आवश्यकता है। कार्य नहीं करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। ऑनलाईन आवेदनों को शिविर अवधि के दौरान निस्तारित किया जाना चाहिए। सड़क मरम्मत, सीवरेज एवं नाली मरम्मत के कार्य प्राथमिकता से किए जाने चाहिए। सावर एवं टांटोंटी  नगर पालिका को तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। शिविरों में किए जा सकने वाले कार्यों के संबंध में जागरूकता बढ़ाएं। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रामप्रकाश, प्रशिक्षु आईएएस श्री अर्णव आनन्द गुप्ता, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. अभिषेक गोयल, श्रीमती वंदना खोरवाल एवं श्री नरेन्द्र कुमार मीणा सहित अधिकारी उपस्थित रहे।

July 2, 2026

अजमेर न्यूज़: अजमेर विकास प्राधिकरण के शहरी सेवा शिविर में 122 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण

अजमेर न्यूज़: अजमेर, 2 जुलाई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार अजमेर विकास प्राधिकरण परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 आमजन को त्वरित राहत एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। गुरुवार को आयोजित शिविर में विभिन्न श्रेणियों के कुल 122 प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण किया गया, इससे बड़ी संख्या में नागरिकों को तत्काल राहत मिली। अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि शिविर का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक प्रकरण का संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ निस्तारण कर रहे हैं, जिससे आमजन को अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति मिल रही है तथा शासन के प्रति विश्वास भी सुढ़ हो रहा है। शिविर में दिनभर लगभग 400 नागरिकों ने विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। शिविर के दौरान कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं में पट्टों के 32 प्रकरण, लीज होल्ड से फ्री होल्ड के 10 प्रकरण, निर्माण अवधि विस्तार के 22 प्रकरण, नाम हस्तांतरण के 24 प्रकरण, आवंटन पतर्् के 10 प्रकरण तथा अन्य 20 प्रकरणों सहित कुल 122 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। अजमेर विकास प्राधिकरण प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे शहरी सेवा शिविरों में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त करें। इन शिविरों के माध्यम से राज्य सरकार की भावना ’’समस्या का समाधान, जनता का सम्मान’’ को प्रभावी रूप से धरातल पर साकार किया जा रहा है। सफलता की कहानी शिविर में आए ग्राम तबीजी, अजमेर निवासी प्रभु लाल प्रजापति ने बताया कि उन्होंने पट्टा प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। शहरी सेवा शिविर-2026 के दौरान उनका प्रकरण शीघ्र निस्तारित हुआ और उन्हें पट्टा प्राप्त हो गया। उन्होंने राजस्थान सरकार एवं अजमेर विकास प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऎसे जनहितकारी शिविर नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए। सफलता की कहानी शिविर में उपस्थित 80 वर्षीय गोकुल राम ने बताया कि उन्होंने फ्री होल्ड पट्टे के लिए आवेदन किया था। शिविर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से उनका प्रकरण त्वरित गति से निस्तारित हुआ और उन्हें फ्री होल्ड पट्टा प्राप्त हो गया। उन्होंने इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी राहत बताते हुए राज्य सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया।

July 2, 2026

अजमेर न्यूज़: प्रभारी सचिव ने किया ग्राम सेवा शिविर का अवलोकन, विकसित भारत- जी राम जी योजना का राज्य स्तरीय शुभारम्भ

अजमेर न्यूज़: अजमेर, 2 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने ब्यावर के मसूदा से देश की महत्वाकांक्षी ग्रामीण रोजगार योजना विकसित भारत- जी राम जी का राजस्थान में शुभारंभ किया। इस योजना से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और बुनियादी ढांचे का एक नया युग शुरू होगा। योजना का जिला स्तरीय कार्यक्रम तबीजी में आयोजित किया गया। यहां प्रभारी सचिव श्री नीरज के. पवन एवं जिला कलक्टर श्री लोक बंधु ने ग्रामीण सेवा शिविर का अवलोकन भी किया।  इस अवसर पर मसूदा में आयोजित विशाल जन सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस नई योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। इससे सीधे तौर पर प्रदेश के लाखों श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में पारदर्शिता लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियल-टाइम मॉनिटरिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा। अब गांवों में होने वाले विकास कार्यों का निर्णय पूरी तरह से ग्राम पंचायत और ग्राम सभा द्वारा ही लिया जाएगा। इस समारोह का लाइव प्रसारण राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय तबीजी में आयोजित ग्राम सेवा शिविर में वीसी के माध्यम से किया गया। इसमें जिले के प्रभारी सचिव नीरज के. पवन एवं जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु उपस्थित रहे। उन्होंने वीसी के माध्यम से प्रसारित हो रही नई योजना विकसित भारत- जी राम जी का अधिकाधिक लाभ  उठाने के लिए ग्रामीण जनों से अपील की। प्रभारी सचिव एवं जिला कलक्टर ने ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से मिल रही जन कल्याणकारी योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक डेस्क पर जाकर योजनाओं के बारे में जानकारी ली। सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुँचाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न विभागों की जन परिवेदनाओं की सुनवाई कर मौके पर ही राहत प्रदान की गई। शिविर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्व विभाग, राजीविका, महिला एवं बाल विकास विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग, परिवहन विभाग, वन विभाग, राजकीय हौम्योपैथिक एवं चिकित्सा विभाग एवं पंचायती राज विभाग से जुड़े विभिन्न मामलों की परिवेदनाओं का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती वंदना खोरवाल, उपखण्ड़ अधिकारी श्रीमती पद्मा देवी, तहसीलदार श्री ओम सिंह लखावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती ज्योत्स्ना रंगा, भोलाराम गुर्जर, प्रशासक ग्राम पंचायत तबीजी श्री राजेन्द्र गैना, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय तबीजी की प्रधानाचार्य श्रीमती शोभा जालोटिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे। संचालन श्री राकेश कटारा ने किया।

July 1, 2026

अजमेर न्यूज़: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या: गमछा पंखे पर लटका मिला, सुसाइड का रूप देने की आशंका

अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। जिस गमछे से जगन गुर्जर का गला घोंटे जाने की बात सामने आई है, वह बाद में सेल के पंखे पर लटका मिला। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद आरोपी विष्णु जाट ने घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया हो, लेकिन जगन गुर्जर के भारी-भरकम शरीर के कारण वह ऐसा करने में सफल नहीं हो सका। जेल प्रशासन के अनुसार, सेल में लगा पंखा करीब 13 फीट ऊंचाई पर है। ऐसे में किसी व्यक्ति को उस पर लटकाना तो दूर, किसी कैदी द्वारा स्वयं भी वहां फंदा लगाना अत्यंत कठिन माना जा रहा है। गमछे के पंखे पर मिलने से यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपी ने हत्या के बाद सुसाइड जैसा दृश्य बनाने की कोशिश की हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। जेल प्रशासन की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जगन गुर्जर और आरोपी विष्णु जाट के बीच पहले से कोई बड़ा विवाद या योजना सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ और इसी आवेश में आरोपी ने गमछे से जगन का गला घोंट दिया। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। मामले में सीसीटीवी निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जेल में कुल 315 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनमें से करीब 280 कैमरे चालू बताए जा रहे हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि जगन गुर्जर के ब्लॉक का कैमरा चालू था और उसमें दोनों कैदियों की गतिविधियां देखी गई हैं। वहीं, जगन की सेल में लगे कैमरे पर टूथपेस्ट जैसा सफेद पदार्थ लगा मिला। हालांकि कैमरा चालू था, लेकिन लेंस पर पदार्थ लगे होने के कारण सेल के भीतर की गतिविधियों की स्पष्टता प्रभावित होने की आशंका है। ब्लॉक के फुटेज से यह बात सामने आई है कि घटना के दौरान जगन गुर्जर की सेल में कोई अन्य व्यक्ति नहीं गया। इससे जांच का केंद्र आरोपी विष्णु जाट और सेल के भीतर हुई गतिविधियों पर टिक गया है। हाई सिक्योरिटी जेल जैसी संवेदनशील जगह में कैमरे पर पदार्थ लगाया जाना सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में जगन गुर्जर की मौत गले और गर्दन पर अत्यधिक दबाव पड़ने से होना सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिक दबाव के कारण गर्दन की महत्वपूर्ण हड्डी यानी हायोड बोन टूट गई थी। गर्दन के मध्य हिस्से में अंदरूनी रक्तस्राव भी पाया गया है। प्रारंभिक मेडिकल निष्कर्षों में सांस नली और भोजन नली के आसपास गंभीर चोट के संकेत मिले हैं। गर्दन की हड्डी और आसपास के ऊतकों को भी नुकसान पहुंचा था। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, गला घोंटे जाने के बाद लगभग तीन मिनट के भीतर जगन गुर्जर की सांसें थम गईं। हालांकि मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्यक्ति की मौत कितनी देर में होगी, यह चोट की प्रकृति, दबाव की तीव्रता और व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। इस मामले में अंतिम राय एफएसएल और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट मिलने के बाद ही दी जाएगी। जांच एजेंसियों ने जगन गुर्जर के नाखूनों के नमूने सुरक्षित कर एफएसएल जांच के लिए भेजे हैं। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई इस घटना ने जेल प्रशासन, निगरानी व्यवस्था और कैदियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद घटना के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।