September 20, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर में मेयर चुनाव से ठीक एक दिन पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया। वार्ड नंबर 45 में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार के दौरान झंडे और बैनर फाड़ने के आरोप में दो युवकों, हेमंत और साहिल, को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद थाने में दोनों दलों के नेताओं और समर्थकों की भीड़ जुट गई। इस दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा।कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल आगामी मेयर चुनाव को देखते हुए निर्दलीय और कांग्रेस समर्थित पार्षदों तथा उनके परिजनों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पुलिस को बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं बीजेपी समर्थक सुरेंद्र वर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे सामाजिक भाईचारे के नाते युवकों के पक्ष में बात करने थाने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रंग देकर अनावश्यक विवाद पैदा कर रही है।दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से थाने का माहौल गर्माया रहा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।इस मामले में वॉर्ड 45 की पूर्व पार्षद बीना टांक ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता नशे में है और धमकी दे रहा है कि अब हम तुम्हें राजनीति सिखाएंगे फिलहाल दोनों पक्षों के लोगों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ ज़ुबानी जंग के बीच पुलिस कार्यवाही जारी है।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर में कांग्रेस की बाड़ेबंदी राजस्थान के सबसे चर्चित घटनाक्रमों में से एक बनी हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र राठौड़ ने दावा किया है कि पार्टी के 37 निर्वाचित पार्षद और पांच निर्दलीय—कुल 42 पार्षद—बेंगलुरु में उसके साथ हैं। अजमेर के 80 सदस्यीय निगम में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और 11 निर्दलीय पार्षद हैं, जबकि मेयर चुनने के लिए 41 मत चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि पार्षदों को राजनीतिक दबाव और कथित तोड़फोड़ से बचाने के लिए उन्हें कर्नाटक ले जाया गया है और वे 20 सितंबर तक वहीं रहेंगे। भाजपा अथवा सरकार पर लगाए गए दबाव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शुक्रवार को बेंगलुरु स्थित कैंप से बैठक के फोटो और वीडियो भी सामने आए। स्थानीय कांग्रेस सूत्रों के अनुसार बैठक में कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस विधायक दिनेश गुंडू राव भी शामिल हुए। इस खास बैठक की स्वतंत्र राष्ट्रीय मीडिया पुष्टि फिलहाल सीमित है, इसलिए इसे कांग्रेस कैंप से सामने आई जानकारी के रूप में ही प्रकाशित करना उचित होगा। कांग्रेस का पांच निर्दलीयों के समर्थन का दावा, फैसला मतदान में कांग्रेस ने पहले भी पांच निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा करते हुए तस्वीरें सार्वजनिक की थीं। यदि उसके 37 पार्षदों के साथ पांच निर्दलीय वास्तव में उसी उम्मीदवार को मत देते हैं तो संख्या 42 होती है, लेकिन मेयर चुनाव गुप्त मतदान से होने के कारण अंतिम समर्थन का निर्धारण 21 सितंबर के मतदान में ही होगा।अजमेर में कांग्रेस की किरण गढ़वाल और भाजपा की अनामिका शर्मा मेयर पद के उम्मीदवार हैं। किरण गढ़वाल के नामांकन के खिलाफ भाजपा की आपत्ति भी गुरुवार को निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दी थी।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: 'स्वच्छता पखवाड़ा' के अंतर्गत दिनांक 19 सितंबर 2026 को मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री योगेंद्र कुमार व आरपीएफ स्टाफ द्वारा मंडल कार्यालय (मुख्यत: सुरक्षा विभाग) में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।इस अभियान के तहत कार्यालय के मुख्य कक्षों, गलियारों और आस-पास के परिसर की गहन सफाई की गई। सभी प्रकोष्ठो में पुरानी और अनुपयोगी फाइलों को छाँटकर उन्हें रिकॉर्ड रूम में व्यवस्थित किया गया। कार्यस्थल से अनावश्यक टूटे-फूटे सामान और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को हटाकर डंपिंग एरिया में भेजा गया। कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस श्रमदान में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने कार्यस्थल को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: भाद्र मास , शुक्ल पक्ष की अष्टमी यानी 19 सितंबर' 2026 कोमेडिकल कॉलेज में उत्साहपूर्वक महर्षि दधीचि जयंती एनाटॉमी विभाग के तत्वाधान में मनाई गई।विभागाध्यक्ष डॉ विकास सक्सेना ने सबका कार्यक्रम में स्वागत किया। प्रधानाचार्य डॉ अनिल सामरिया, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ आभा भारद्वाज, विभागाध्यक्ष डॉ विकास सक्सेना, सीनियर प्रोफेसर डॉ महिमा श्रीवास्तव, सीनियर प्रोफेसर,डॉ. रंजना बड़जात्या, प्रोफेसर डॉ सुशीला शेखावत, डॉ पवन , डॉ. यामिनी आदि ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।डॉक्टर खुशबू ने सुंदर स्वरचित कविता महर्षि दधिची जी का भावपूर्ण पाठन किया। डॉ शिंभू ने देह दान के ऊपर स्वरचित गीत प्रस्तुत किया। डॉ. महिमा श्रीवास्तव ने महर्षि दधिची की रोचक पौराणिक कथा सुनाई व इस उत्सव का महत्व बताया। इस अवसर पर सब असहायों की सेवा, रक्तदान, अंगदान और देह दान का संकल्प लेते हैं।डॉक्टर धर्मेंद्र नागपाल ने देहदान के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की जागरूकता संबंधी प्रश्नों के समाधान किये। डॉक्टर दिनेश गर्ग ने अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापन किया। डॉ ज्योति एवं डॉ सविता ने कानूनी एवं सामाजिक पक्षों पर विचार रखे।।इस अवसर पर अन्य विभागाध्यक्ष डॉ गरिमा बाफना, डॉक्टर महेंद्र खन्ना, डॉ नरेन्द्र शाह भी उपस्थित थे। डॉ महेंद्र की महत्वपूर्ण भुमिका रही कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रियंका और डॉ श्रवण ने किया।।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: जयपुर नगर निगम के महापौर चुनाव से पहले सत्ता की चौसर बिछ चुकी है। राजनीतिक दांव-पेंच का केंद्र अब जयपुर नहीं, बल्कि 145 किलोमीटर दूर पुष्कर की शांत वादियां बन गई हैं। 'क्रॉस वोटिंग' की आशंका और आंतरिक असंतोष को भांपते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने पार्षदों की किलेबंदी सख्त कर दी है। बगरू से हटाकर सभी पार्षदों को दो लग्ज़री बसों के जरिए पुष्कर के खरेखड़ी रोड स्थित एक एकांत रिसॉर्ट में गोपनीय तरीके से शिफ़्ट कर दिया गया है। रिसॉर्ट के बाहर जयपुर पंजीकरण की गाड़ियों की लंबी कतारें राजनीतिक हलचल की गवाही दे रही हैं। सुबह पार्षदों की लॉन और बालकनी में मौजूदगी के फुटेज जैसे ही मीडिया के कैमरों में कैद हुए, आनन-फानन में रिसॉर्ट का मुख्य द्वार बंद कर 'नो एंट्री' का पहरा बैठा दिया गया। संगठन इसे महज 'अभ्यास वर्ग' और 'प्रशिक्षण शिविर' का आवरण दे रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे स्पष्ट तौर पर खरीद-फरोख्त और सेंधमारी से बचने की घेराबंदी मान रहे हैं। जनादेश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 150 वार्डों वाले निगम में बहुमत का जादुई आंकड़ा 76 है, जबकि भाजपा के पास 78 पार्षदों का स्पष्ट संख्याबल है। कांग्रेस 57 और निर्दलीय 15 पर सिमटे हैं। इसके बावजूद मात्र दो पार्षदों के पतले मार्जिन ने पार्टी आलाकमान की पेशानी पर बल ला दिए हैं। भीतरघात रोकने के लिए पार्षदों से बंद लिफाफे में गुप्त रायशुमारी कराई गई है, जिसमें तीन प्राथमिक नाम तलब किए गए हैं। महापौर पद की दौड़ में पांच कद्दावर चेहरे चर्चा में हैं, लेकिन सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक यह है कि संभावित प्रत्याशी और उनके प्रस्तावक पार्षदों के इस बाड़े में मौजूद ही नहीं हैं। उन्हें राजधानी जयपुर में रोक कर रणनीति को पूरी तरह अभेद्य रखा गया है, ताकि अंतिम क्षण तक कोई गुटबाजी सिर न उठा सके। पार्षदों की निष्ठा को बांधकर रखने की यह रिज़ॉर्ट पॉलिटिक्स क्या जयपुर की सत्ता पर भाजपा का परचम फहरा पाएगी, या मतपेटी खुलने से पहले कोई सियासी उलटफेर होगा? निगाहें अब पार्टी हाईकमान की अंतिम मुहर पर टिकी हैं।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर के सिविल लाइंस थाना अंतर्गत केंद्रीय रोडवेज बस स्टैंड से 25 वर्षीय युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। युवती के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला है। इसके बाद परिजनों ने सिविल लाइंस थाने में युवती के अपहरण की आशंका जताते हुए गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवती की तलाश शुरू कर दी है। बस स्टैंड चौकी इंचार्ज मनीराम ने बताया कि विजयनगर निवासी युवती कुछ दिन पहले अजमेर में अपनी बहन के यहां आई थी। करीब चार दिन रुकने के बाद 17 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे उसके जीजा उसे विजयनगर जाने के लिए अजमेर रोडवेज बस स्टैंड पर छोड़कर गए थे। इसके बाद युवती शाम तक विजयनगर स्थित अपने घर नहीं पहुंची तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने रिश्तेदारों तथा संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की। युवती का कोई पता नहीं चलने पर परिजन सिविल लाइंस थाने पहुंचे और गुमशुदगी की शिकायत दी। एएसआई मनीराम के अनुसार पुलिस टीम युवती की तलाश में जुटी है। अभय कमांड सेंटर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस युवती के बस स्टैंड से निकलने के बाद की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि युवती के मिलने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ लोकतंत्र को बचाने और भारतीय जनता पार्टी व निर्दलीय पार्षदों को सद्बुद्धि देने के लिए अजमेर शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा ज्योतिबा फूले सर्किल स्थित कांग्रेस कार्यालय पर एक 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी गईं। कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए गए। मीडिया से बात करते हुए शहर कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष विवेक पाराशर ने भाजपा पर तीखे प्रहार किए।पाराशर ने कहा कि "भारतीय जनता पार्टी और निर्दलीय पार्षदों को सद्बुद्धि देने के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यह यज्ञ किया गया है। जिस तरह से लगातार घटनाएं हो रही हैं—भारतीय जनता पार्टी पहले वोट चोरी करती है, फिर चंदा चोरी और अब अजमेर में फाइलों की चोरी कर रही है। लोकतंत्र को बचाने के लिए यह सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया गया है। निर्दलीय पार्षदों को करोड़ों रुपये का ऑफर देकर डराया-धमकाया जा रहा है। आज खादी और खाकी दोनों मिलकर लोकतंत्र का गला घोटने पर आमादा हैं। यदि भारतीय जनता पार्टी अपनी इन हरकतों से बाज नहीं आई, तो जनता इनका नाम बदल देगी—कोई इसे 'बुलडोजर जनता पार्टी', कोई 'बजट बढ़ाओ पार्टी' तो कोई 'बड़बोली पार्टी' कहेगा। एक दिन ऐसा आएगा जब यह 'बैन जनता पार्टी' बन जाएगी। अजमेर किसी के बाप की जागीर नहीं है, यह अजमेर की जनता की जागीर है। जिस भाषा में वे समझेंगे, कांग्रेस भी उसी भाषा में जवाब देना जानती है। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जसराज जयपाल, डॉ श्रीगोपाल बाहेती, रामचंद्र चौधरी, लक्ष्मी बुन्देल, सुनील लारा, गजेंद्र सिंह रलावता,शैलेंद्र अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राजनीतिक गरमा-गरमी के बीच इस सद्बुद्धि यज्ञ और बयानों ने अजमेर की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। अब देखना यह होगा कि इस पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया आती है।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। क्लॉक टावर थाना पुलिस ने अधिवक्ता के घर हुई लाखों रुपये की चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई 7 लाख 69 हजार 870 रुपये की नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद राशि चोरी की गई नकदी की शत-प्रतिशत रिकवरी है। खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि 8 सितंबर को सुबह करीब 9:30 से 10:30 बजे के बीच अधिवक्ता विक्रम मल्होत्रा के घर से अज्ञात बदमाश लाखों रुपये की नकदी चोरी कर ले गए थे। घटना के बाद क्लॉक टावर थाने में मुकदमा संख्या 153 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। वारदात की गंभीरता को देखते हुए सीओ मनीष बड़गुर्जर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। क्लॉक टावर थाना पुलिस ने तकनीकी और अन्य स्तरों पर जांच करते हुए पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी जुबेर पुत्र समरूप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी शातिर नकबजन है और उसके खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। संभावित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। पुलिस लाइन अजमेर में अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित एवं पुराने प्रकरणों के निस्तारण सहित आगामी सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने जानकारी देते हुए बताया कि अजमेर जिले में सब इंस्पेक्टर परीक्षा के लिए कुल 74 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर करीब 24,360 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दो पारियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों पर अभय कमांड सेंटर के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम तैनात की गई है। वहीं, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी और मोबाइल पुलिस पार्टियां लगातार सक्रिय रहेंगी। इसके साथ ही सतर्कता दलों को लगातार भ्रमण कर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने सभी संबंधित टीमों को आपसी समन्वय के साथ सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का उद्देश्य परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना है।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर के आजाद नगर, कोटड़ा इलाके में एक बंद मकान को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। बेखौफ बदमाशों ने मकान के ताले तोड़कर अलमारी और लॉकर से नकदी व चांदी के सिक्के उड़ा लिए। इतना ही नहीं, चोरों ने घर के अंदर भारी तोड़फोड़ भी की और नल-फिटिंग तक उखाड़ ले गए। पीड़ित माला रंगवानी ने बताया कि जब उनके पड़ोसियों ने घर के दरवाजे टूटे हुए देखे, तो उन्हें फोन करके घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही जब वे मौके पर पहुंचीं, तो देखा कि चोरों ने सरियों से ताले और दरवाजे तोड़ रखे थे। चोरों ने घर के अंदर अलमारी के लॉकर तोड़कर लगभग 30 से 35 हजार रुपये कैश और चांदी के सिक्के चुरा लिए। इसके अलावा, बदमाशों ने रसोई, बाथरूम और पूरे घर में लगे नल व नल की फिटिंग उखाड़ दी और सारा सामान तितर-बितर कर दिया। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने इस घटना की शिकायत हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने में दर्ज करा दी है। अब देखना होगा कि अजमेर पुलिस अब कब चोरों को पकड़ कर बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगा पाती है।
September 18, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर केंद्रीय कारागार के अधीन संचालित खुली जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहा बंदी अजहरुद्दीन उर्फ कुका फरार हो गया। मंगलवार शाम नियमित हाजिरी के दौरान वह मौजूद नहीं मिला तो जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने जेल परिसर और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज कराया गया। पुलिस के अनुसार अजहरुद्दीन हत्या के मामले में दोषी है और भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह अजमेर केंद्रीय कारागार से संबद्ध ओपन जेल में सजा काट रहा था। राजस्थान कारागार विभाग की आधिकारिक सूची में भी अजमेर में ओपन एयर कैंप संचालित होने का उल्लेख है। शाम की हाजिरी में नहीं मिला बंदी खुली जेल में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बंदियों की नियमित हाजिरी ली जाती है। मंगलवार शाम जब कर्मचारियों ने बंदियों की उपस्थिति जांची तो अजहरुद्दीन अपनी जगह पर नहीं मिला। पहले जेल प्रशासन ने अपने स्तर पर उससे संपर्क करने और आसपास तलाश करने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद जेल प्रहरी कुलदीप की ओर से सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दी गई। पुलिस ने फरार बंदी के संबंध में मामला दर्ज कर संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू कर दी है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक मामले की जांच एएसआई रेवंतराम कर रहे हैं। कैसे निकला ओपन जेल से, पुलिस कर रही जांच पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि अजहरुद्दीन जेल से कब और किस रास्ते बाहर निकला। यह भी जांच का विषय है कि उसने अकेले फरारी की योजना बनाई या बाहर से किसी व्यक्ति ने उसकी मदद की। पुलिस उसके परिचितों, पुराने ठिकानों और संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है। हालांकि अभी तक किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फरारी के सही समय और तरीके को लेकर भी जांच जारी है। खुली जेल में अपेक्षाकृत कम होती है सुरक्षा पाबंदियां ओपन जेल व्यवस्था सामान्य बंद जेल से अलग होती है। अच्छे आचरण और निर्धारित पात्रता वाले सजायाफ्ता बंदियों को ऐसी व्यवस्था में अपेक्षाकृत अधिक स्वतंत्रता और पुनर्वास का अवसर दिया जाता है, जबकि उनसे निर्धारित नियमों का पालन और नियमित हाजिरी अपेक्षित होती है। बाड़मेर ओपन जेल से हाल में हुई एक अन्य फरारी की रिपोर्ट में भी इसी व्यवस्था का उल्लेख किया गया था। अजमेर की घटना के बाद यह भी जांचा जा रहा है कि निर्धारित निगरानी व्यवस्था में कहीं कोई कमी तो नहीं रही और बंदी के लापता होने का पता उससे पहले क्यों नहीं चल सका। सितंबर में राजस्थान की खुली जेलों से कई फरारी की घटनाएं अजमेर की घटना इस महीने राज्य की खुली जेलों से सामने आई अकेली फरारी नहीं है। 6 सितंबर को अलवर केंद्रीय कारागार की ओपन जेल से गोपाल उर्फ रामगोपाल फरार हुआ था। वह भी हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।इसी तरह 11 सितंबर को बाड़मेर की ओपन जेल से भावेश उर्फ बंटी फरार हुआ। वह हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था और नियमित हाजिरी के दौरान उसके गायब होने का पता चला था। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने मामला दर्ज किया। धौलपुर की खुली जेल से भी 11 सितंबर को सुरेंद्र नाम का उम्रकैदी फरार हुआ था। पुलिस ने बाद में उसे धौलपुर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। वह रेप और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। ऐसे में सितंबर के भीतर अलग-अलग जिलों में सामने आई इन घटनाओं ने ओपन जेलों की निगरानी और हाजिरी व्यवस्था पर ध्यान खींचा है। हालांकि खुली जेल का मॉडल स्वयं न्यूनतम सुरक्षा और पुनर्वास की अवधारणा पर आधारित होता है, इसलिए प्रत्येक घटना में वास्तविक प्रशासनिक चूक थी या बंदी ने उपलब्ध स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया, यह संबंधित जांच से ही तय होगा। संभावित ठिकानों पर पुलिस की नजर अजमेर सिविल लाइंस थाना पुलिस अब अजहरुद्दीन के संभावित ठिकानों और परिचितों के संबंध में सूचनाएं जुटा रही है। जेल प्रशासन से भी उसकी पृष्ठभूमि, जेल में व्यवहार और हाल के संपर्कों की जानकारी लिए जाने की संभावना है। फिलहाल अजहरुद्दीन की गिरफ्तारी की पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच का मुख्य फोकस उसकी तलाश के साथ इस बात पर भी है कि वह खुली जेल से किस परिस्थिति में बाहर निकला।
September 18, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। पॉक्सो न्यायालय संख्या-1 के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर ₹10 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया है। मामला केकड़ी थाना क्षेत्र का है। विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशांत यादव ने बताया कि पीड़िता के पिता ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह बैंड बजाने का कार्य करते हैं और घटना के दौरान बाहर गए हुए थे। घर पर उनकी नाबालिग पुत्री और भतीजी मौजूद थीं। इसी दौरान पुत्री के लघुशंका के लिए बाहर जाने पर आरोपी ने कथित तौर पर उसका मुंह बंद कर उसे अपने घर ले गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों और 33 दस्तावेजों को न्यायालय में पेश किया गया। साक्ष्यों और सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹10 हजार के अर्थ दंड से दंडित किया है। साथ ही पीड़िता को प्रतिकर राशि दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए हैं।