September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ लोकतंत्र को बचाने और भारतीय जनता पार्टी व निर्दलीय पार्षदों को सद्बुद्धि देने के लिए अजमेर शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा ज्योतिबा फूले सर्किल स्थित कांग्रेस कार्यालय पर एक 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी गईं। कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए गए। मीडिया से बात करते हुए शहर कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष विवेक पाराशर ने भाजपा पर तीखे प्रहार किए।पाराशर ने कहा कि "भारतीय जनता पार्टी और निर्दलीय पार्षदों को सद्बुद्धि देने के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यह यज्ञ किया गया है। जिस तरह से लगातार घटनाएं हो रही हैं—भारतीय जनता पार्टी पहले वोट चोरी करती है, फिर चंदा चोरी और अब अजमेर में फाइलों की चोरी कर रही है। लोकतंत्र को बचाने के लिए यह सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया गया है। निर्दलीय पार्षदों को करोड़ों रुपये का ऑफर देकर डराया-धमकाया जा रहा है। आज खादी और खाकी दोनों मिलकर लोकतंत्र का गला घोटने पर आमादा हैं। यदि भारतीय जनता पार्टी अपनी इन हरकतों से बाज नहीं आई, तो जनता इनका नाम बदल देगी—कोई इसे 'बुलडोजर जनता पार्टी', कोई 'बजट बढ़ाओ पार्टी' तो कोई 'बड़बोली पार्टी' कहेगा। एक दिन ऐसा आएगा जब यह 'बैन जनता पार्टी' बन जाएगी। अजमेर किसी के बाप की जागीर नहीं है, यह अजमेर की जनता की जागीर है। जिस भाषा में वे समझेंगे, कांग्रेस भी उसी भाषा में जवाब देना जानती है। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जसराज जयपाल, डॉ श्रीगोपाल बाहेती, रामचंद्र चौधरी, लक्ष्मी बुन्देल, सुनील लारा, गजेंद्र सिंह रलावता,शैलेंद्र अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राजनीतिक गरमा-गरमी के बीच इस सद्बुद्धि यज्ञ और बयानों ने अजमेर की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। अब देखना यह होगा कि इस पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया आती है।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। क्लॉक टावर थाना पुलिस ने अधिवक्ता के घर हुई लाखों रुपये की चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई 7 लाख 69 हजार 870 रुपये की नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद राशि चोरी की गई नकदी की शत-प्रतिशत रिकवरी है। खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि 8 सितंबर को सुबह करीब 9:30 से 10:30 बजे के बीच अधिवक्ता विक्रम मल्होत्रा के घर से अज्ञात बदमाश लाखों रुपये की नकदी चोरी कर ले गए थे। घटना के बाद क्लॉक टावर थाने में मुकदमा संख्या 153 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। वारदात की गंभीरता को देखते हुए सीओ मनीष बड़गुर्जर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। क्लॉक टावर थाना पुलिस ने तकनीकी और अन्य स्तरों पर जांच करते हुए पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी जुबेर पुत्र समरूप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी शातिर नकबजन है और उसके खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। संभावित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। पुलिस लाइन अजमेर में अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित एवं पुराने प्रकरणों के निस्तारण सहित आगामी सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने जानकारी देते हुए बताया कि अजमेर जिले में सब इंस्पेक्टर परीक्षा के लिए कुल 74 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर करीब 24,360 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दो पारियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों पर अभय कमांड सेंटर के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम तैनात की गई है। वहीं, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी और मोबाइल पुलिस पार्टियां लगातार सक्रिय रहेंगी। इसके साथ ही सतर्कता दलों को लगातार भ्रमण कर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने सभी संबंधित टीमों को आपसी समन्वय के साथ सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का उद्देश्य परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना है।
September 19, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर के आजाद नगर, कोटड़ा इलाके में एक बंद मकान को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। बेखौफ बदमाशों ने मकान के ताले तोड़कर अलमारी और लॉकर से नकदी व चांदी के सिक्के उड़ा लिए। इतना ही नहीं, चोरों ने घर के अंदर भारी तोड़फोड़ भी की और नल-फिटिंग तक उखाड़ ले गए। पीड़ित माला रंगवानी ने बताया कि जब उनके पड़ोसियों ने घर के दरवाजे टूटे हुए देखे, तो उन्हें फोन करके घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही जब वे मौके पर पहुंचीं, तो देखा कि चोरों ने सरियों से ताले और दरवाजे तोड़ रखे थे। चोरों ने घर के अंदर अलमारी के लॉकर तोड़कर लगभग 30 से 35 हजार रुपये कैश और चांदी के सिक्के चुरा लिए। इसके अलावा, बदमाशों ने रसोई, बाथरूम और पूरे घर में लगे नल व नल की फिटिंग उखाड़ दी और सारा सामान तितर-बितर कर दिया। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने इस घटना की शिकायत हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने में दर्ज करा दी है। अब देखना होगा कि अजमेर पुलिस अब कब चोरों को पकड़ कर बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगा पाती है।
September 18, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। अजमेर केंद्रीय कारागार के अधीन संचालित खुली जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहा बंदी अजहरुद्दीन उर्फ कुका फरार हो गया। मंगलवार शाम नियमित हाजिरी के दौरान वह मौजूद नहीं मिला तो जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने जेल परिसर और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज कराया गया। पुलिस के अनुसार अजहरुद्दीन हत्या के मामले में दोषी है और भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह अजमेर केंद्रीय कारागार से संबद्ध ओपन जेल में सजा काट रहा था। राजस्थान कारागार विभाग की आधिकारिक सूची में भी अजमेर में ओपन एयर कैंप संचालित होने का उल्लेख है। शाम की हाजिरी में नहीं मिला बंदी खुली जेल में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बंदियों की नियमित हाजिरी ली जाती है। मंगलवार शाम जब कर्मचारियों ने बंदियों की उपस्थिति जांची तो अजहरुद्दीन अपनी जगह पर नहीं मिला। पहले जेल प्रशासन ने अपने स्तर पर उससे संपर्क करने और आसपास तलाश करने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद जेल प्रहरी कुलदीप की ओर से सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दी गई। पुलिस ने फरार बंदी के संबंध में मामला दर्ज कर संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू कर दी है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक मामले की जांच एएसआई रेवंतराम कर रहे हैं। कैसे निकला ओपन जेल से, पुलिस कर रही जांच पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि अजहरुद्दीन जेल से कब और किस रास्ते बाहर निकला। यह भी जांच का विषय है कि उसने अकेले फरारी की योजना बनाई या बाहर से किसी व्यक्ति ने उसकी मदद की। पुलिस उसके परिचितों, पुराने ठिकानों और संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है। हालांकि अभी तक किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फरारी के सही समय और तरीके को लेकर भी जांच जारी है। खुली जेल में अपेक्षाकृत कम होती है सुरक्षा पाबंदियां ओपन जेल व्यवस्था सामान्य बंद जेल से अलग होती है। अच्छे आचरण और निर्धारित पात्रता वाले सजायाफ्ता बंदियों को ऐसी व्यवस्था में अपेक्षाकृत अधिक स्वतंत्रता और पुनर्वास का अवसर दिया जाता है, जबकि उनसे निर्धारित नियमों का पालन और नियमित हाजिरी अपेक्षित होती है। बाड़मेर ओपन जेल से हाल में हुई एक अन्य फरारी की रिपोर्ट में भी इसी व्यवस्था का उल्लेख किया गया था। अजमेर की घटना के बाद यह भी जांचा जा रहा है कि निर्धारित निगरानी व्यवस्था में कहीं कोई कमी तो नहीं रही और बंदी के लापता होने का पता उससे पहले क्यों नहीं चल सका। सितंबर में राजस्थान की खुली जेलों से कई फरारी की घटनाएं अजमेर की घटना इस महीने राज्य की खुली जेलों से सामने आई अकेली फरारी नहीं है। 6 सितंबर को अलवर केंद्रीय कारागार की ओपन जेल से गोपाल उर्फ रामगोपाल फरार हुआ था। वह भी हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।इसी तरह 11 सितंबर को बाड़मेर की ओपन जेल से भावेश उर्फ बंटी फरार हुआ। वह हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था और नियमित हाजिरी के दौरान उसके गायब होने का पता चला था। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने मामला दर्ज किया। धौलपुर की खुली जेल से भी 11 सितंबर को सुरेंद्र नाम का उम्रकैदी फरार हुआ था। पुलिस ने बाद में उसे धौलपुर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। वह रेप और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। ऐसे में सितंबर के भीतर अलग-अलग जिलों में सामने आई इन घटनाओं ने ओपन जेलों की निगरानी और हाजिरी व्यवस्था पर ध्यान खींचा है। हालांकि खुली जेल का मॉडल स्वयं न्यूनतम सुरक्षा और पुनर्वास की अवधारणा पर आधारित होता है, इसलिए प्रत्येक घटना में वास्तविक प्रशासनिक चूक थी या बंदी ने उपलब्ध स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया, यह संबंधित जांच से ही तय होगा। संभावित ठिकानों पर पुलिस की नजर अजमेर सिविल लाइंस थाना पुलिस अब अजहरुद्दीन के संभावित ठिकानों और परिचितों के संबंध में सूचनाएं जुटा रही है। जेल प्रशासन से भी उसकी पृष्ठभूमि, जेल में व्यवहार और हाल के संपर्कों की जानकारी लिए जाने की संभावना है। फिलहाल अजहरुद्दीन की गिरफ्तारी की पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच का मुख्य फोकस उसकी तलाश के साथ इस बात पर भी है कि वह खुली जेल से किस परिस्थिति में बाहर निकला।
September 18, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। पॉक्सो न्यायालय संख्या-1 के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर ₹10 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया है। मामला केकड़ी थाना क्षेत्र का है। विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशांत यादव ने बताया कि पीड़िता के पिता ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह बैंड बजाने का कार्य करते हैं और घटना के दौरान बाहर गए हुए थे। घर पर उनकी नाबालिग पुत्री और भतीजी मौजूद थीं। इसी दौरान पुत्री के लघुशंका के लिए बाहर जाने पर आरोपी ने कथित तौर पर उसका मुंह बंद कर उसे अपने घर ले गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों और 33 दस्तावेजों को न्यायालय में पेश किया गया। साक्ष्यों और सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹10 हजार के अर्थ दंड से दंडित किया है। साथ ही पीड़िता को प्रतिकर राशि दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए हैं।
September 18, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। पॉक्सो न्यायालय संख्या-1 के न्यायाधीश हेमंत बघेल ने 8 वर्ष की नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 23 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है। मामला सरवाड़ थाना क्षेत्र का है। लोक अभियोजक प्रशांत यादव ने बताया कि आरोपी नाबालिग को कुरकुरे दिलाने के बहाने अपने साथ सरसों के खेत में ले गया। वहां आरोपी ने बच्ची के साथ अश्लिल हरकत ओर दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर खेत का मालिक मौके पर पहुंचा, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान और 21 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष पेश किए गए। साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 23 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। साथ ही, पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत पीड़िता को 1.50 लाख रुपए की राशि देने के आदेश भी जारी किए गए।
September 18, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर। कृष्णगंज थाना अंतर्गत वैशाली नगर स्थित फ्रैंड्स कॉलोनी में एक प्रेस की केबिन में चोरी का प्रयास करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार स्कूल के पास स्थित प्रेस की केबिन में एक महिला कथित तौर पर चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई। केबिन मालिक की नजर महिला पर पड़ने के बाद उसने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। महिला के पकड़े जाने की सूचना के बाद मौके पर हंगामा हो गया। आवाज सुनकर आसपास रहने वाले क्षेत्रवासी भी बड़ी संख्या में मौके पर एकत्रित हो गए। इस दौरान लोगों के बीच काफी देर तक चर्चा होती रही। घटना की सूचना कृष्णगंज थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस महिला को अपने साथ कृष्णगंज थाने ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की जांच के बाद ही चोरी के प्रयास और बरामद सामान को लेकर स्थिति स्पष्ट करेगी। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बना रहा। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
September 18, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर में नगर निगम से चोरी छुपके रात के अंधेरे में कथित फाइल और गोपनीय दस्तावेज चोरी किए जाने के गंभीर आरोप लगाते हुए पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने शुक्रवार को अजमेर नगर निगम कमिश्नर और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है। धर्मेंद्र गहलोत ने निगम आयुक्त (कमिशनर) और रिटर्निंग ऑफिसर को ज्ञापन सौंपकर फाइलों के गायब होने और चुनावी आपत्तियों पर त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि 16 सितम्बर 2026 की रात को नगर निगम की पुरानी बिल्डिंग के ताले खोलकर कई महत्वपूर्ण फाइलें गायब कर दी गईं। उन्होंने नामजद आरोप लगाते हुए भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश सोनी और निगम अधिकारी रमेश चौधरी पर इस मामले में संलिप्त होने का दावा किया है। गहलोत ने मांग की है कि पुरानी और नई नगर निगम बिल्डिंग की सीसीटीवी फुटेज (रात 9:30 बजे के बाद की) को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कमिशनर को याद दिलाया कि वे दस्तावेजों के कस्टोडियन (संरक्षक) हैं और यदि चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं की जाती, तो 'भारतीय न्याय संहिता' की धारा 199 के तहत उन पर भी कानूनी जिम्मेदारी तय होगी। धर्मेंद्र गहलोत ने कहा कि मैंने नगर निगम के कमिश्नर साहब को ज्ञापन दिया है। 16 तारीख की रात को पुरानी बिल्डिंग से फाइलें गायब की गईं। हमने रमेश सोनी और रमेश चौधरी का नामजद आरोप लगाया है। सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जानी चाहिए। कमिश्नर साहब कस्टोडियन हैं और अगर कार्रवाई नहीं होती तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 199 के तहत वे भी जिम्मेदार होंगे।" इसके साथ ही, उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नाम वापसी का समय होने के बावजूद अधिकारी दफ्तर में मौजूद नहीं थे। उन्होंने झूठे हलफनामे (Affidavit) जमा करने वालों के खिलाफ परिवाद दर्ज कराने और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासन द्वारा इस मामले में अब क्या कदम उठाया जाता है और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
September 18, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर से इस वक्त की एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आ रही है। हाई सिक्योरिटी जेल में बंद धनसिंह पीपरोली की सुरक्षा को लेकर उनकी पत्नी भुवनेश्वरी कंवर उर्फ रिंकू कंवर ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को भुवनेश्वरी कंवर ने पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से मुलाकात कर अपने पति की सुरक्षा और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में पिछले 10 महीनों से बंद धनसिंह पीपरोली की जान खतरे में होने का दावा किया गया है। मीडिया से बातचीत करते हुए धनसिंह की पत्नी भुवनेश्वरी कंवर ने बताया कि 16 जून को जेल के भीतर उनके पति पर श्रवण और आनंद नाम के बंदियों द्वारा चाकूबाजी की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि यह पूरी घटना जेल के सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बावजूद जेल प्रशासन ने हमलावरों पर कार्रवाई करने के बजाय धनसिंह पर ही कार्रवाई कर दी। धनसिंह पीपरोली की पत्नी भुवनेश्वरी कंवर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि 16/06/2026 को मेरे पति पर श्रवण और आनंद द्वारा चाकूबाजी हुई और जान से मारने की धमकी दी गई। यह पूरा घटनाक्रम जेल के सीसीटीवी फुटेज में भी कैद है। इसके बावजूद जेल अधीक्षक सुखराम और चीफ हेमराज द्वारा मेरे पति को ही एक माह की सजा दे दी गई। भुवनेश्वरी कंवर ने जेल प्रशासन पर रिश्वत मांगने और प्रताड़ित करने का भी सनसनीखेज आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जेल अधिकारियों द्वारा ₹2 लाख की मांग की गई थी। जब उनके पति ने पैसे देने से इंकार कर दिया, तो उन्हें एक महीने तक एसटीडी (STD) सेवा और मुलाकात से वंचित कर दिया गया। इतना ही नहीं, उन्हें दोबारा उन्हीं हमलावरों के साथ एक ही बैरक में शिफ्ट कर दिया गया और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। पत्नी ने दावा किया कि धनसिंह पीपरोली पिछले 5 दिनों से जेल में भूख हड़ताल पर हैं और उनकी स्थिति चिंताजनक है। उन्हें कोई चिकित्सीय सहायता नहीं दी जा रही है। उनकी कोई मेडिकल जांच भी नहीं कराई जा रही है। भुवनेश्वरी कंवर ने एसपी और कलेक्टर से गुहार लगाई है कि उनके पति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और केवल उनके अधिकृत वकील को ही उनसे मिलने की अनुमति दी जाए। जेल प्रशासन पर लगे इन संगीन आरोपों के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।
September 18, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी और नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है और नगर निगम के कार्यालय से फाइलें गायब की जा रही हैं। शहर कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष विवेक पाराशर ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि कांग्रेस 'मोहब्बत की दुकान' लेकर आई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी नफरत फैला रही है और लोकतंत्र की हत्या कर रही है। भाजपा अध्यक्ष रमेश सोनी और नगर निगम अधिकारी रमेश चौधरी पर सीधा आरोप है कि उन्होंने निगम से फाइलें गायब की हैं। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि भाजपा के पूर्व मेयर और अजमेर के प्रथम नागरिक रह चुके धर्मेंद्र गहलोत ने खुद वीडियो बनाकर दावा किया है कि रात में 8 से 9:30 बजे के बीच फाइलें चोरी की गई हैं। यदि भाजपा को चोरी ही करनी है, तो प्रेम और मोहब्बत की चोरी कीजिए, अजमेर की जनता के दिलों को जीतिए, फाइलें चोरी क्यों कर रहे हैं? कांग्रेस ने आज सुंदरकांड का पाठ किया और जय श्री राम के नारे लगाए। भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है, इसीलिए यह सब खेल खेला जा रहा है। हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की कॉल डिटेल, लोकेशन और सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच कराई जाए। कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी एवं डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी का साफ तौर पर कहना है कि हाल ही में प्रदेश में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों में आम जनता ने अपना लोकतांत्रिक जनादेश दिया है। परंतु अत्यंत खेद का विषय है कि चुनाव परिणामों के पश्चात सत्ताधारी पार्टी के दबाव में पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। अजमेर जिले में कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस समर्थित विजयी पार्षदों तथा उनके परिजनों को हराने, धमकाने और उन पर गैर-कानूनी तरीके से दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें जबरन सत्ता पक्ष के पाले में लाया जा सके। पुलिस और प्रशासन का मुख्य दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा करना है, न कि किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करना। चुनावी प्रक्रिया में पुलिस प्रशासन का यह अनुचित हस्तक्षेप पूरी तरह से असहनीय है। अतः सरकारी मशीनरी और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग को अविलंब बंद किया जाए तथा जिले में पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित की जाए। यदि इस प्रकार की दबावकारी कार्यशैली पर तुरत विराम नहीं लगाया गया तो काग्रेस पार्टी जनता के लोकतात्रिक अधिकारों की रक्षा हेतु आदोलन करने के लिए बाध्य होगी। अब देखना यह होगा कि इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी का क्या रुख रहता है।
September 18, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर देहात कांग्रेस अध्यक्ष एवं किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी शुक्रवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिला कलेक्टर लोकबंधु और पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला को ज्ञापन सौंपकर पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। विकास चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय एक एजेंट के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घर पुलिस भेजकर उन्हें मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। विधायक ने प्रशासन से पूरे मामले में निष्पक्षता बरतने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कथित रूप से परेशान किए जाने वालों पर कार्यवाही की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्षी कार्यकर्ताओं के साथ किसी भी तरह का भेदभाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। चौधरी ने कहा कि सरकारें आती जाती रहती हैं आने वाले समय में हमारी सरकार आएगी तो ऐसी हठधर्मी अधिकारियों को सबक सिखाएंगे।इसलिए समय रहते शासन प्रशाशन सुधर जाए।