March 28, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 28 मार्च। आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने हेतु शनिवार को गेल इंडिया लिमिटेड नसीराबाद स्टेशन पर केमिकल लीकेज मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा, फायर ब्रिगेड तथा चिकित्सा दल ने संयुक्त रूप से भाग लिया। उपखण्ड अधिकारी नसीराबाद श्री देवीलाल यादव ने बताया कि एनडीआरएफ व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में गेल इंडिया लिमिटेड नसीराबाद स्टेशन पर आयोजित केमिकल लीकेज मॉकड्रिल को उच्च स्तर से प्रदत्त दिशा निर्देशानुसार समयबद्ध रूप से एवं सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। अभ्यास के दौरान संभावित केमिकल रिसाव की स्थिति का सजीव प्रदर्शन कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन किया गया। मॉकड्रिल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं सुरक्षा उपायों के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, इससे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से बेहतर ढंग से निपटा जा सके। मॉकड्रिल के दौरान पुलिस उप अधीक्षक नसीराबाद श्री कृष्ण कुमार यादव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती ज्योत्सना रंगा, तहसीलदार नसीराबाद श्री राकेश कुमार, थानाधिकारी नसीराबाद सदर श्री अशोक बिशु, अधिशाषी अभियंता विद्युत विभाग श्री विनोद कुमार तथा एचपीसीएल, बीपीसीएल तथा गेल इंडिया लिमिटेड के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण द्वारा सफलतापूर्वक भाग लिया गया।
March 28, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 28 मार्च। अजमेर के शैक्षिक इतिहास में जल्द नया अध्याय जुड़ने जा रहा है हाथीखेड़ा क्षेत्र में 30 एकड़ क्षेत्र में 20 करोड़ रूपए की लागत से बालिका सैनिक स्कूल बनेगा। इसके वर्क ऑर्डर शीघ्र जारी होंगे। इसके साथ ही ही सुंदर विलास स्थित मॉडल बालिका स्कूल को सावित्री बालिका प्राथमिक विद्यालय भवन में शिफ्ट किया जाएगा। ऎसे में करीब 300 छात्राओं को अन्य स्कूलों में शिफ्ट होने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी। अजमेर उत्तर क्षेत्र की स्कूलों में डीएमएफटी फंड से 5 करोड़ रूपए के विकास कार्य करवाएं जाएंगें। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शनिवार को सर्किट हाउस में अजमेर में शिक्षा विभाग से संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से हाथीखेड़ा क्षेत्र में बनने वाले बालिका सैनिक स्कूल की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जयपुर में अधिकारियों को फोन कर वर्क ऑर्डर अप्रैल में जारी करने के लिए निर्देशित किया। बालिका सैनिक स्कूल करीब 20 एकड़ जमीन पर बनने जा रहा है। इसे निर्माण पर करीब 20 करोड़ रूपए की लागत आएगी। श्री देवनानी ने शहर में बालिका शिक्षा की एक बड़ी समस्या का समाधान भी किया। उन्होंने सुदर विलास स्थित मॉडल बालिका सीनियर सैकण्डरी स्कूल के भवन संबंधी समस्या पर चर्चा करते हुए इसे सावित्री बालिका प्राथमिक विद्यालय के भवन में संचालित करने के निर्देश दिए। इससे छात्राओं को व स्टाफ को दूसरे स्कूलों में मर्ज नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय भवन में पर्याप्त कक्षा कक्ष है। सेफ्टी ऑडिट भी करवा ली गई है। जल्द ही इसे मरम्मत व रंग-रोगन करवा कर बालिकाओं के लिए संचालित करवा दिया जाएगा। श्री देवनानी ने अधिकारियों से शहर में जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों व कक्षों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि बारिश के समय किसी तरह की दुर्घटना ना हो, इसके लिए जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जाए। पीडब्ल्यूडी भी इस दिशा में काम करें। बच्चों को किसी तरह के खतरे में नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा विभाग एवं अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से डीएमएफटी फंड से स्कूलों में होेने वाले विकास कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रूपए से होने वाले यह विकास कार्य जल्द शुरू करवाएं जाएं ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। श्री देवनानी ने विधायक कोष से स्कूलों में होने वाले कामों की भी समीक्षा की। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से स्कूलों के सैकण्डरी बोर्ड परीक्षा परिणाम की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में अधिक विद्यार्थी 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाएं। स्कूल स्टाफ का मूल्यांकन भी इसी आधार पर हो। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग नामांकन बढ़ाए। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। आंगनबाड़ी के स्कूल जाने लाय बच्चों का नामांकन किया जाए। शिक्षक स्कूल समय के अतिरिक्त क्षेत्र में संपर्क कर बच्चों को शिक्षा से जोड़ें। इसी तरह अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक मंभ जिला शिक्षा अधिकारी दर्शना शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
March 28, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 28 मार्च। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गत दो दिनों के दौरान अजमेर एवं तीर्थराज पुष्कर में आयोजित विभिन्न आध्यात्मिक एवं धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करते हुए आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। रामनवमी के पावन अवसर पर श्री देवनानी ने तीर्थराज पुष्कर में आयोजित दिव्य शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ में सम्मिलित होकर विधिवत यज्ञशाला की परिक्रमा एवं आरती की। इस भव्य 43 दिवसीय महायज्ञ में 200 हवन कुंडों पर सतत यज्ञ जारी है। इसमें प्रतिदिन लगभग 2000 विप्रों द्वारा 60 लाख गायत्री मंत्रों का जप किया जा रहा है। परम पूज्य प्रखर जी महाराज के पावन सानिध्य में वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हो रहा यह आयोजन संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना रहा है। हवन की पवित्र आहुतियों एवं मंत्रोच्चार की गूंज से पुष्कर की धरा आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठी। श्री देवनानी ने प्रभु श्रीराम से प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की। इसी क्रम में श्री देवनानी ने अजमेर स्थित जेएलएन मेडिकल कॉलेज के अम्बेडकर सभागार में श्री रामचन्द्र मिशन हार्टफुलनेस टीम द्वारा आयोजित आध्यात्मिक सत्र में भी भाग लिया। इस अवसर पर पद्मभूषण पूज्य कमलेश डी. पटेल दाजी के सानिध्य में प्राणाहुति पद्धति के माध्यम से ध्यान एवं आत्मिक उन्नति का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस सत्र ने जीवन में आंतरिक शांति, संतुलन एवं सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऎसे आध्यात्मिक अनुभव व्यक्ति को आत्मचिंतन की ओर अग्रसर करते हुए मन, बुद्धि एवं आत्मा में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जिससे जीवन को सार्थक दिशा मिलती है। इसके साथ ही श्री देवनानी ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर राजगढ़ स्थित श्री भैरव धाम में विशेष ज्योत के दर्शन कर भैरूजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्हें धाम के उपासक श्री चंपालाल जी महाराज का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ। इस प्रकार विभिन्न आध्यात्मिक आयोजनों में सहभागिता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने आध्यात्मिक आयोजनों में गहरी आस्था से सहभागिता की। जनकल्याण की भावना के साथ प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
March 28, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 28 मार्च। माखुपुरा स्थित राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन्नर व्हील क्लब अजमेर चेरेटीबल ट्रस्ट द्वारा एक वाटर कूलर भेंट किया गया। इस पहल का उद्देश्य संस्थान में अध्ययनरत छात्राओं को गर्मी के मौसम में शुद्ध एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराना है। संस्थान के सहायक निदेशक श्री शैलेन्द्र माथुर ने बताया कि संस्थान में सैकड़ों महिला प्रशिक्षणार्थी विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। वाटर कूलर की स्थापना से उन्हें स्वच्छ पेयजल की बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने इन्नर व्हील क्लब का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सामाजिक सहयोग से शैक्षणिक संस्थानों की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। ट्रस्ट की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा तोषनीवाल सहित पदाधिकारीगण श्रीमती रीना अग्रवाल, श्रीमती ज्योतिका गुप्ता, श्रीमती अंजना बोगावत, श्रीमती मुक्ता अग्रवाल एवं श्रीमती नीलिमा रेलन द्वारा वाटर कूलर का उद्घाटन किया गया। समस्त ट्रस्ट के पदाधिकारीगण ने छात्राओं से रूबरु होकर उनको प्रदान किये जाने वाले प्रशिक्षण की सराहना की। अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा तोषनीवाल ने कहा कि वर्तमान में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा निःशुल्क प्रदान किया जा रहे प्रशिक्षण का लाभ इच्छुक बेरोजगार महिलाओं को प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। कार्यक्रम के प्रभारी एवं समूह अनुदेशक श्री महेश पंचोली ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीमती मोनिका तंवर, श्रीमती भावना सिंगोदिया, श्री सुरेश चंद, श्री हेमंत बकोलिया, श्री निर्मल चौधरी,श्री भगवान सिंह, श्री संतोष,श्री ओम प्रकाश,श्री चंदर लाल, श्रीमती मनीषा कालोत, श्रीमती पलक शर्मा, सुश्री प्रियंका बाना, सुश्री रवीना मीणा व श्रीमती विक्की तंवर, श्रीमती सपना कुमारी, श्रीमती प्रमोद एवं श्रीमती प्रेम सहित संस्थान की छात्राओं का विशेष योगदान रहा।
March 28, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 28 मार्च। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के सभी जिलों को एलपीजी प्रबंधन के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, ताकि आवश्यक सेवाओं में बाधा न आए। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि सभी कॉमर्शियल एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए संबंधित ऑयल कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर के पास पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पंजीकरण किसी भी उपभोक्ता को कॉमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति नहीं की जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा यह भी अनिवार्य किया गया है कि सभी कॉमर्शियल एवं औद्योगिक उपभोक्ता अपने क्षेत्र की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (पीएनजी) कंपनी में पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करें। आवेदन के उपरांत ही उन्हें एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में बड़े पैमाने पर कॉमर्शियल कनेक्शन हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी। प्राथमिकता क्रम के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग संस्थानों एवं छात्रावासों तथा निजी अस्पतालों को 100 प्रतिशत, होटल-रेस्टोरेंट एवं ढाबों तथा डेयरी उद्योगों को 60 प्रतिशत तथा मंदिरों को 50 प्रतिशत आपूर्ति की जाएगी। यह प्रतिशत संबंधित उपभोक्ताओं के औसत मासिक उपभोग के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है।
March 28, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 28 मार्च। जिले में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए रसद विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक जिले के 26 विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 681 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि शनिवार को पूरे जिले में गैस एजेंसियों का सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। सभी उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों, जिले के विभिन्न अधिकारियों एवं अन्य सतर्कता यूनिट द्वारा गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण कर घरेलू एलपीजी सिलेण्डरों के स्टॉक, बुकिंग एवं होम डिलीवरी की स्थिति को जाँचा गया। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी केवल ओटीपी के माध्यम से ही की जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में घरेलू गैस, पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सुचारु है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। जिला प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है। ताकि उपभोक्ताओं को घरेलू गैस आपूर्ति में कोई बाधा न हो। गैस एजेंसियां बुकिंग के पश्चात 2 से 3 दिन में घरेलू गैस की डिलीवरी कर रही हैं। कालाबाजारी, जमाखोरी की शिकायत प्राप्त होने पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित रूप से कार्यवाही की जा रही है।
March 28, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 28 मार्च। तीर्थराज पुष्कर के समीपवर्ती ग्राम खरेखड़ी वरुण सागर मार्ग में भारतीय जन सेवा प्रतिष्ठान ब्यावर द्वारा निर्मित धर्म रक्षा स्मृति भवन का भव्य लोकार्पण समारोह श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समर्पण के वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में संत-महात्माओं के सानिध्य तथा विभिन्न गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि धर्म रक्षा स्मृति भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास, संस्कार निर्माण और सेवा भाव की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि ऎसे सेवा प्रकल्प समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आत्मनिर्भरता की दिशा मंं प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित सफल उद्यमी श्रीमती ललिता निझावन ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, संस्कार और महिला सशक्तिकरण को एक साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है तथा यह भवन इन सभी उद्देश्यों की पूर्ति का एक सशक्त माध्यम बनेगा। कार्यक्रम में संत सानिध्य के रूप में कपालेश्वर महादेव मंदिर पुष्कर के महंत पूज्य सेवानंदगिरी जी महाराज, नृसिंह द्वारा पाटन-बदनोर के महंत पूज्य रामकृष्ण दास जी महाराज एवं नौसर माता मंदिर पुष्कर घाटी के पूज्य रामाकृष्ण देव जी महाराज ने अपने आशीर्वचन देते हुए इस सेवा कार्य को समाज के लिए अत्यंत पुण्यकारी और अनुकरणीय बताया। विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री श्री उमाशंकर शर्मा, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री एवं भारतीय जनसेवा संस्थान दिल्ली के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री आनन्द गोयल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुदेशपाल तथा विश्व हिन्दू परिषद राजस्थान के क्षेत्र संगठन मंत्री श्री राजाराम ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए इस पहल को समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में बताया गया कि धर्म रक्षा स्मृति भवन में आधुनिक एवं सनातन मूल्यों पर आधारित विद्यालय, बाल संस्कार केंद्र, महिला स्वावलंबन हेतु सिलाई एवं हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र तथा निःशुल्क औषधि वितरण केंद्र का संचालन किया जाएगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और रोजगार के क्षेत्र में समाज के विभिन्न वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। विश्व हिन्दू परिषद धर्म प्रसार विभाग ब्यावर परियोजना की प्रेरणा से निर्मित इस भवन के लोकार्पण पर उपस्थित सभी अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भारतीय जन सेवा प्रतिष्ठान ब्यावर के इस पुनीत प्रयास की सराहना करते हुए सभी सहयोगकर्ताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
March 28, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर 28 मार्च। पूज्य दाजी ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार आयोजित प्रातः कालीन सामूहिक ध्यान सत्र में आत्मिक शुद्धिकरण को आध्यात्मिक उन्नति के लिए आवश्यक बताया। हार्टफुलनेस संस्थान के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी पटेल पूज्य दाजी के निर्देशन में हृदय आधारित ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। इस ध्यान सत्र का आयोजन जेएलएन मेडिकल कॉलेज के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में किया गया था। इसमें पूज्य दाजी ने अभ्यासियों को सामूहिक ध्यान कराया। इससे पूर्व रिलैक्सेशन के माध्यम से तनाव मुक्ति के सूत्र दिए गए। पूज्य दाजी के अनुसार आत्मिक शुद्धिकरण के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति तीव्र गति से होती है। इसके लिए हार्टफूलनेस की हृदय आधारित पद्धति में सायंकालीन सफाई का प्रावधान किया गया है। इससे व्यक्ति अपनी आत्मा पर बनी हुई छापों को साफ कर सकता है। इससे नए संस्कार बनने बंद हो जाते हैं तथा पुराने संस्कारों का शमन हो जाता है। यह विचारों के नकारात्मकता को नष्ट करने में सहायक होता है। इसी प्रकार हार्टफूलनेस ध्यान पद्धति में प्रातः कालीन ध्यान किया जाता है। ध्यान के दौरान यह विचार किया जाता है कि दिव्य ईश्वरीय प्रकाश पहले से ही हृदय में विद्यमान है यह मुझे आकर्षित कर रहा है। इस विचार के साथ बैठने से ध्यान की गहराई प्राप्त होती है। साथ ही प्राणाहुति की यौगिक शक्ति व्यक्ति को ईश्वर से सीधे जुड़ने में सहयोग प्रदान करती है। यह ध्यान हमारे में सकारात्मक विचारों की वृद्धि करता है। हार्टफूलनेस ध्यान पद्धति की यही विशेषता इसे विलक्षण बनाती है। नकारात्मक विचारों को खत्म करने के साथ ही सकारात्मक को बढ़ावा देना दोहरा लाभ प्रदान करता है। इस सहज एवं सरल जीवन पद्धति में हृदय को आंतरिक परिवर्तन का केंद्र माना गया है। हृदय पर दी गई प्राणाहुती की ऊर्जा से मानसिक, बौद्धिक एवं आत्मिक विकास तेजी से होता है। हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति पवित्र आत्माओं को अपने परिवार मैं जन्म लेने के लिए प्रेरित करने का साधन है। दिव्य जननी कार्यक्रम के अंतर्गत यह बात सुनिश्चित की जाती है कि अधिकतम पवित्र आत्माएं इस पृथ्वी पर जन्म लें। जन्म के पश्चात द विजडम ब्रिज के माध्यम से पेरेंटिंग भी सिखाई जाती है। वर्ष 7 से 15 की आयु के मध्य के बच्चों के लिए ब्राइटर माईन्ड के माध्यम से बच्चों की सुप्त प्रतिभाओं एवं योग्यताओं को निखारकर प्रकाशित किया जाता है। पन्द्रह वर्ष से ऊपर के व्यक्ति इस पद्धति से ध्यान कर अपनी आत्मा की आध्यात्मिक पहुंच को व्यापक बना सकते हैं। भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि मैं ही समय हूं। इसे केंद्र में रखते हुए हमें समय का सदुपयोग करना चाहिए। ऐसा नहीं कर हम ईश्वर को अपमानित कर रहे हैं। क्योंकि कृष्ण स्वयं ही समय है। भारतीय परंपरा में व्यक्ति को अंतिम समय ईश्वर की याद में रहने के लिए कहा गया है। इसके लिए व्यक्ति को अपनी अभिव्यक्ति ईश्वर के साथ जोड़नी होगी। यह एक दिन में नहीं होगा। सतत अभ्यास से इसे प्राप्त किया जा सकता है। प्रातः कालीन ध्यान सत्र में संभागीय आयुक्त श्री शक्ति सिंह राठौड़, जिला कलक्टर श्री लोक बंधु, विशेषाधिकार विधानसभा एवं कार्यक्रम समन्वय श्री के.के. शर्मा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिरीक्षक एवं कमांडेंट उपस्थित रहे।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: इंजीनियरिंग कॉलेज अजमेर के दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम तरंगिनी 2026 एवं वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन प्रथम दिवस पर अत्यंत उत्साह एवं उमंग के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जवाहर रंग मंच पर अपराह्न 4 :00 बजे माननीय अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ, जिससे पूरे आयोजन में एक सकारात्मक एवं उत्सवी वातावरण निर्मित हुआ। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के साथ हुई। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के माध्यम से ज्ञान एवं विद्या की आराधना की गई। प्राचार्या डॉ. रेखा मेहरा द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का शालीन स्वागत श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर किया गया। प्राचार्या डॉ. रेखा मेहरा द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, उत्कृष्ट परिणामों तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को रेखांकित किया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सरोज लाखावत ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। समूह डांस की श्रेणी में मोनिशा एवं समूह, हर्षिल एवं समूह, लक्षिता एवं समूह तथा सुहानी एवं समूह द्वारा आकर्षक एवं ऊर्जावान प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद विशिष्ट अतिथि डॉ. अनिल समारिया (प्राचार्य, जेएलएन मेडिकल कॉलेज) ने अपने प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि डॉ रमाकांत शर्मा, इंचार्ज एग्रीकल्चर रिसर्च सबस्टेशन अजमेर ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास एवं निरंतर प्रयास के माध्यम से सफलता प्राप्त करने का संदेश दिया।मुख्य अतिथि श्री संत कुमार जी चौधरी, चेयरमैन, शंकरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की सह संयोजक डॉ. शिखा अग्रवाल ने बताया कि संगीतमय प्रस्तुतियों में माधव पुरोहित, शावी, समग्र वैद्य, आना जैमन, कृष्णा, आदित्य दुबे, बादल एवं शिवम पांडे द्वारा एकल गायन प्रस्तुत किए गए, जिनमें उन्होंने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 24 मार्च। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मंगलवार को विश्वविद्यालय के स्वराज सभागार में एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप का आयोजन किया। इस कार्यशाला में राजस्थान सरकार के उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, संगठन मंत्री श्री महेंद्र कपूर, कुलसचिव श्री कैलाश चंद्र शर्मा सहित बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्य, संकाय सदस्य एवं शोधार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह कार्यशाला पाठ्यक्रम निर्माण, अध्यादेश क्रियान्वयन तथा एनईपी की मूल भावना को संकाय सदस्यों तक संप्रेषित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कार्यशाला के आयोजन में कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने इस फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप के माध्यम से प्रदेश के शिक्षा जगत में एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि एमडीएसयू राजस्थान का पहला विश्वविद्यालय है जिसने एनईपी 2020 के अनुरूप अध्यादेशों का निर्माण कर उन्हें संस्थागत स्वरूप प्रदान किया है। डॉ. बैरवा ने कहा, शिक्षक राष्ट्र के निर्माता और ज्ञान के प्रकाश स्तंभ होते हैं। एक शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि चरित्र निर्माण, सही दिशा का मार्गदर्शन और आत्मनिर्भरता भी सिखाता है। सरकार केवल नीतियाँ बना सकती है, किंतु उन्हें लागू आप शिक्षकों द्वारा ही किया जा सकता है। राजस्थान सरकार की उच्च शिक्षा संबंधी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम एवं सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया गया है। उच्च शिक्षा को कौशल आधारित एवं व्यावहारिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लघु, सीमांत, बंटाईदार किसानों एवं खेतीहर श्रमिकों के बच्चों के लिए सत्र 2024-25 से शुल्क माफी की व्यवस्था की गई है। छात्राओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा ब्लैक बेल्ट योग्य छात्राओं को प्रतिशत बोनस अंक का प्रावधान, 71 नवीन राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना जिनमें 36 सामान्य शिक्षा, 25 कन्या एवं 9 कृषि महाविद्यालय सम्मिलित हैं। एआई, रोबोटिक्स एवं 3डी प्रिंटिंग जैसे भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। केवल डिग्री नहीं, दक्षता भी दें, नौकरियाँ भी दें और नवाचार भी दें। राजस्थान के युवा देश के स्टार्टअप इको-सिस्टम में न केवल प्रतिभागी बनें, बल्कि लीडर और रोजगार देने वाले भी बनें। उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती की महान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय ने उस परंपरा को जीवंत रखते हुए एनईपी के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने हेतु सभी शिक्षकों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि एनईपी एक व्यापक एवं गतिशील दस्तावेज है, जिसका सफल कार्यान्वयन केवल विश्वविद्यालय स्तर पर नहीं, बल्कि सरकार एवं विश्वविद्यालयों के समन्वित प्रयास से ही संभव है। उन्होंने प्रवेश प्रणाली में लचीलापन सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता बताई। एनईपी के अनुसार, विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों को अन्य स्ट्रीम में प्रवेश का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए या तो राज्य विश्वविद्यालयों को सीयूईटी (क्ल्ट) में सम्मिलित किया जाए या राज्य स्तर पर एक समान प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि सामान्य शैक्षणिक ढांचा एवं एकरूप शैक्षणिक कैलेंडर का निर्माण आज सबसे बड़ी आवश्यकता है। इससे विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित होगा तथा मल्टीपल एंट्री-एग्जिट एवं क्रेडिट ट्रांसफर प्रणाली प्रभावी हो सकेगी। उन्होंने रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल), एक्सटेंडेड एवं एक्सेलेरेटेड सेमेस्टर तथा सेमेस्टर प्रणाली के स्पष्ट क्रियान्वयन हेतु सरकार द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपीएस) तैयार करना आवश्यक बताया ताकि दुरुपयोग रोका जा सके और एकरूपता बनी रहे। साथ ही क्लस्टर ऑफ कॉलेजेस मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया। इससे संसाधनों की कमी वाले महाविद्यालय भी मल्टीडिसिप्लिनरी शिक्षा, स्किल एवं वैल्यू एडेड कोर्सेस संचालित कर सकें। प्रो. अग्रवाल ने फैकल्टी प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने हेतु एमएमटीटीसी जैसे संस्थानों के माध्यम से व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने की आवश्यकता बताई। शिक्षक एनईपी की मूल भावना को समझकर उसे लागू कर सकेंगे। साथ ही इंडस्ट्री-एकेडमिक सहयोग एवं इंटर्नशिप व्यवस्था के लिए स्पष्ट एसओपीएस एवं नियमन आवश्यक हैं। इससे प्रमाणपत्रों के दुरुपयोग को रोका जा सके। कुलगुरु ने ऑर्डिनेंस एवं नीतिगत स्पष्टता पर बल देते हुए कहा कि सरकार को सभी विश्वविद्यालयों हेतु समान नियम एवं दिशा-निर्देश तैयार करने चाहिए। विशेषकर हॉरिजॉन्टल एवं वर्टिकल मोबिलिटी के संदर्भ में। अंत में कुलगुरु ने यह स्पष्ट किया कि एनईपी 2020 की सफलता का प्रमुख आधार मानव संसाधन की मानसिकता एवं प्रतिबद्धता है। सरकार को नीतिगत समर्थन के साथ-साथ एक सक्षम, समन्वित एवं व्यावहारिक ढांचा तैयार करना होगा। इससे नीति का क्रियान्वयन प्रभावी रूप से सुनिश्चित हो सके।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: जमेर, 24 मार्च। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना का राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह-2026 का आयोजन मंगलवार को किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का ध्येय वाक्य मैं नहीं हम मात्र एक प्रतीक नहीं है। यह युवाओं की सोच और समाज के प्रति उनकी सकारात्मकता का प्रतिबिंब है। डॉ. बैरवा ने राष्ट्रीय युवा नीति तथा राज्य युवा नीति की विवेचना करते हुए स्पष्ट किया कि सेवा मात्र पुस्तकीय ज्ञान नहीं है। यह गांव, गरीब की सेवा से प्राप्त होने वाला संतोष है। उन्होंने पुरस्कृत होने वाले सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाऐं देते हुए कहा कि आप सभी राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। आपका अनुशासन निःस्वार्थता तथा राष्ट्र सेवा देश के लिए अमूल्य धरोहर है। स्वच्छता, जन सेवा, रक्त दान एवं आपदा राहत में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने विशेष कार्य किया है। सेवा में ही सच्ची राष्ट्रीयता है। आत्मनिर्भर, संवेदनशील, अनुशासित, राष्ट्र के प्रति समर्पित युवा निर्माण एनएसएस का उद्देश्य है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री महेन्द्र कपूर ने इस अवसर पर कहा कि समाज के कष्ट को अनुभवकर उसके निवारण में अपना हर संभव योगदान देना ही सेवा है। राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए उसमें अपनी भूमिका निर्धारित कर उसका क्रियान्वयन सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। श्री कपूर ने आधुनिक शिक्षण संस्थाओं को आधुनिक गुरूकुल की संज्ञा देतेे हुए स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थान ही राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को निश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि मात्र सरकार पर आश्रित होना उचित नहीं है और अपने सामर्थ्य का आकलन कर स्वयं को राष्ट्र के लिए समर्पित करने का भाव सर्वाधिक महत्वपूर्ण रहा है। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता श्री प्रमेन्द्र सिंह ने साइबर अपराध की विशिष्ट विवेचना करते हुये इसकी चुनौतियां तथा उनके निवारण का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत किया। श्री सिंह ने मोबाइल फोन तथा कम्प्यूटर से जुड़े विभिन्न अपराधों तथा उनसे मुक्ति के अनेक उपायों की व्याख्या की। कार्यक्रम के अध्यक्ष तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मनोज कुमार बहरवाल ने इस अवसर पर सभी अतिथियों का स्वागत करते हुये कहा कि युवाओं को प्रोत्साहन तथा उनकी ऊर्जा को सही दिशा प्रदान करना शिक्षण संस्थानों का मूल उद्देश्य है। उन्होंने विजेता स्वयंसेवकों को आर्शीवाद तथा शेष विद्यार्थियों के लिये प्रेरणा के स्त्रोत के रूप में वर्णित किया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक श्री सिन्धु प्रकाश भटनागर ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की शुरूवात बडे़ सीमित संसाधनों से हुई थी लेकिन आज यह भारत के सबसे प्रभावशाली तथा व्यापक युवा संगठनों में से एक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान राष्ट्रीय सेवा योजना की राष्ट्रीय रैकिंग मंे सदेव सर्वाच्च पाँच स्थानों में रहा है। इसके लिए स्वयंसेवक व कार्यक्रम अधिकारी बधाई के पात्र है। उन्होंने एक गंभीर प्रश्न उठाते हुये कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना मात्र केन्द्रीय आर्थिक सहयोग पर निर्भर है जबकि इसके विस्तार के लिये यह आवश्यक है कि राज्य सरकार भी इसमें कुछ अंशदान करे ताकि इसे और विस्तार दिया जा सके। अजमेर जिले के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. हरभान सिंह ने इस अवसर पर अपनी टीम द्वारा निर्मित स्मारिका, पत्रिका सेवा सृष्टि एवं दैनिक डायरी का विमोचन के लिए प्रस्तुत की। इसी अवसर पर समाजशास्त्र विभाग द्वारा सामाजिक विकास और प्रौद्योगिकी पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उमेश दत्त, डॉ. सरिता चांवरिया, डॉ. गजेन्द्र मोहन तथा डॉ. अन्नपूर्णा सोनी ने किया।
March 24, 2026
अजमेर न्यूज़: अजमेर, 24 मार्च। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वर्ष 2026 की माध्यमिक, माध्यमिक व्यावसायिक एवं प्रवेशिका परीक्षाओं के साथ प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन कक्षा-5 एवं प्रारम्भिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण-पत्र कक्षा-8 परीक्षाओं के परिणाम शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर द्वारा मंगलवार को बोर्ड कार्यालय से औपचारिक रूप से जारी किए गए। परिणाम जारी करते हुए शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि माध्यमिक एवं माध्यमिक व्यावसायिक परीक्षा 2026 में कुल 10 लाख 66 हजार 561 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इनमें से 10 लाख 49 हजार 68 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। इस परीक्षा का कुल परिणाम 94.23 प्रतिशत रहा। इसमें छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 93.63 तथा छात्राओं का 94.90 प्रतिशत दर्ज किया गया। छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में बेहतर रहा। परीक्षा में 5 लाख 51 हजार 534 छात्रों में से 2 लाख 72 हजार 252 छात्र तथा 4 लाख 97 हजार 534 छात्राओं में से एक लाख 99 हजार 661 छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई हैं। इसी प्रकार प्रवेशिका परीक्षा 2026 में कुल 7 हजार 764 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इनमें से 7 हजार 570 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। इस परीक्षा का कुल परिणाम 87.11 प्रतिशत रहा। छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 85.74 तथा छात्राओं का 88.33 प्रतिशत रहा। प्रथम श्रेणी में 3 हजार 577 छात्रों में से 499 छात्र तथा 3 हजार 993 छात्राओं में से 960 छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं। उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण-पत्र (कक्षा-8) परीक्षा 2026 का आयोजन 19 फरवरी से 4 मार्च 2026 तक 10,056 परीक्षा केन्द्रों पर किया गया। इस परीक्षा में कुल 12 लाख 86 हजार 220 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। इनमें से 12 लाख 45 हजार 735 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। कुल परीक्षा परिणाम 97.01 प्रतिशत रहा, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 0.35 प्रतिशत अधिक है। कक्षा-8 में छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 96.52 तथा छात्राओं का 97.57 प्रतिशत रहा, जिससे छात्राओं का प्रदर्शन 1.05 प्रतिशत अधिक रहा। इस परीक्षा में 2,209 परीक्षार्थियों का परिणाम रोका गया है, जिसे नियमानुसार बाद में जारी किया जाएगा, जबकि 38 हजार 276 परीक्षार्थी पूरक श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं। प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन (कक्षा-5) परीक्षा 2026 का आयोजन 20 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक राज्य के 18 हजार 621 परीक्षा केन्द्रों पर किया गया। इसमें कुल 13 लाख 68 हजार 947 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। इनमें से 13 लाख 33 हजार 936 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए तथा कुल परीक्षा परिणाम 97.75 प्रतिशत रहा, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 0.28 प्रतिशत अधिक है। कक्षा-5 में छात्रों का उत्तीर्णता प्रतिशत 97.59 तथा छात्राओं का 97.94 प्रतिशत रहा, जिससे छात्राओं का प्रदर्शन 0.35 प्रतिशत बेहतर रहा। कुल 4 हजार 371 परीक्षार्थियों का परिणाम विभिन्न कारणों से रोका गया है। इसे प्रक्रिया पूर्ण होने पर पृथक से जारी किया जाएगा। वहीं 30 हजार 640 परीक्षार्थी पूरक श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं, जिनकी पूरक परीक्षा जुलाई 2026 में आयोजित होगी। मंत्री श्री दिलावर ने बताया कि कक्षा-5 एवं कक्षा-8 परीक्षाओं में पारंपरिक अंकों के स्थान पर ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है। इसके अंतर्गत परीक्षार्थियों को विषयवार प्रदर्शन के आधार पर ए, बी, सी , डी एवं ई ग्रेड प्रदान किए जाते हैं।