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January 9, 2026
अजमेर में पारम्परिक जल संरक्षण की दिशा में नई पहल, मालूसर बावड़ी, वार्ड संख्या 18 से पायलट परियोजना - जल स्त्रोतों का सरंक्षण एवं पुनर्जीवन कार्य की शुरुआत
अजमेर, 9 जनवरी। शहर में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शुक्रवार को नगर निगम द्वारा मालूसर बावड़ी, वार्ड संख्या 18 से पायलट जल निकाय पुनर्जीवन कार्य की शुरुआत की गई। इस पहल का उद्देश्य समुदाय की सहभागिता के साथ पारंपरिक जल निकायों को पुनर्जीवित करना, उनकी स्वच्छता एवं उपयोगिता को बढ़ाना तथा जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में शहर की जल सहनशीलता (क्लाइमेट रेजिलिएंस) को मजबूत करना है।
इस पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत मालूसर बावड़ी की साफ-सफाई, आसपास के क्षेत्र का सुधार एवं जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गई। इनमें स्थानीय समुदाय, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं तथा नागरिकों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की। यह पायलट एक प्रयोगात्मक पहल है। इसके अनुभव और सीख के आधार पर भविष्य में अजमेर के अन्य पारम्परिक जल स्त्रोतों में भी इसी तरह के कार्य किए जाएंगे।
अजमेर नगर निगम के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रिया संस्था के प्रतिनिधियों के सहयोग से इस पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है। यह प्रयास स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न शहरी एवं पर्यावरणीय कार्यक्रमों के लक्ष्यों के अनुरूप है। अजमेर नगर निगम ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे इस पहल से जुड़ें, श्रमदान एवं जन-जागरूकता गतिविधियों में भाग लें और शहर की जल धरोहर को संरक्षित करने में अपना योगदान दें।
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