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September 28, 2026
अनिल वनवानी/उदयपुर। गवरी नृत्य को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के विरोध में सोमवार को लोगों ने कलेक्ट्री पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने टिप्पणी करने वाले युवक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि युवक ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में गवरी नृत्य को 'पाखंडवाद' बताते हुए इसके पारंपरिक स्वरूप पर सवाल उठाए थे। युवक ने गवरी में पुरुषों के महिलाओं का स्वरूप धारण करने, घुंघरू पहनने, कुंडल और लिपस्टिक लगाने को लेकर भी आपत्ति जताई थी।
गवरी के पारंपरिक स्वरूप पर उठाए सवाल
जानकारी के अनुसार, करीब तीन दिन पहले युवक ने गवरी नृत्य करने वाले एक व्यक्ति से बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। वीडियो में उसने गवरी के पात्रों और उनके पारंपरिक श्रृंगार को लेकर सवाल किए। साथ ही गवरी में माता, शिव और पार्वती के स्वरूप को लेकर भी टिप्पणी की।
वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी समाज में नाराजगी बढ़ गई। लोगों ने इसे समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा पर आपत्तिजनक टिप्पणी बताते हुए युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दूसरे दिन ही जारी किया माफी का वीडियो
विवाद बढ़ने के बाद युवक ने अगले ही दिन एक दूसरा वीडियो जारी कर माफी मांग ली। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी न की जाए।
गवरी आदिवासी समाज की सदियों पुरानी लोक परंपरा मानी जाती है, जिसे समाज आज भी श्रद्धा और परंपरा के साथ निभाता है।
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