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September 26, 2026
जयपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नितिन नबीन ने शुक्रवार शाम जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए युवाओं और Gen-Z प्रतिभागियों से बातचीत की। दिनभर के संगठनात्मक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के बाद हुए इस संवाद में उन्होंने युवाओं से उनके अनुभव, भविष्य की योजनाओं, राजनीति में भागीदारी और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर चर्चा की। भाजपा की ओर से उनके जयपुर दौरे में इस युवा संवाद को विशेष रूप से युवाओं से सीधा संपर्क बढ़ाने वाले कार्यक्रम के रूप में रखा गया था।
कार्यक्रम के दौरान नितिन नबीन ने राजस्थान की पहचान से जुड़े लोकप्रिय नारे के जरिए युवाओं से संवाद शुरू करने की कोशिश की। उन्होंने मंच से कहा— ‘दाल-बाटी-चूरमा’, लेकिन शुरुआत में सभागार से अपेक्षित जवाब नहीं आया। इस पर उन्होंने मुस्कराते हुए पूछा कि इसके आगे क्या है। दोबारा नारा लगाने पर कुछ युवाओं ने जवाब दिया— ‘हम राजस्थान के सूरमा।’ आवाज कम होने पर नबीन ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि यह राजस्थान की आवाज नहीं लग रही, युवाओं को कहीं और से तो नहीं बुलाया गया। इसके बाद सभागार में मौजूद युवाओं ने एक साथ ‘हम राजस्थान के सूरमा’ का नारा लगाया। ‘दाल-बाटी-चूरमा’ से जुड़ा यह नारा राजस्थान में पहले भी राजनीतिक मंचों और सार्वजनिक सभाओं में इस्तेमाल होता रहा है।
युवाओं से पूछा- राजनीति में कितने लोग आना चाहते हैं
संवाद के दौरान नितिन नबीन ने सभागार में मौजूद युवाओं से सीधा सवाल किया— “आप में से कितने लोग राजनीति में आना चाहते हैं?” इस पर कुछ युवाओं ने ही हाथ खड़े किए। नबीन ने इस प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति में आने की इच्छा रखने वाले युवाओं की संख्या कम दिखाई दे रही है।
इसके बाद उन्होंने राजनीति में युवाओं की भागीदारी की जरूरत पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार नए लोगों और युवाओं के राजनीति में आने की बात करते हैं, क्योंकि राजनीति वह माध्यम है जहां से देश को दिशा और नई नेतृत्व क्षमता मिलती है। यह नबीन का राजनीतिक संदेश था, जिसे उन्होंने युवा भागीदारी और नेतृत्व निर्माण से जोड़ा।
भाजपा ने भी पहले से जारी कार्यक्रम में बिड़ला ऑडिटोरियम के युवा संवाद का फोकस युवाओं से जुड़े विषयों, राष्ट्र निर्माण और संगठन में उनकी भागीदारी पर बताया था।
‘राजनीति से ही देश को मिलती है नई लीडरशिप’
नितिन नबीन ने कहा कि युवाओं को राजनीति को केवल चुनाव लड़ने या किसी पद तक पहुंचने के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उनके अनुसार राजनीतिक प्रक्रिया में भागीदारी से देश के भविष्य, नीतियों और नेतृत्व निर्माण में योगदान का अवसर मिलता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन के साथ युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है। नबीन ने 2012-13 के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय, उनके आकलन में, देश के युवाओं में निराशा का वातावरण था और भविष्य को लेकर भरोसा कम था। उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय नेतृत्व में आने के बाद युवाओं में यह विश्वास बढ़ा कि वे स्वयं भी आगे बढ़ सकते हैं और देश भी प्रगति कर सकता है। यह भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का राजनीतिक आकलन है, न कि स्वतंत्र रूप से मापा गया तथ्य।
विकसित भारत 2047 को युवाओं से जोड़ा
युवा संवाद में नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ लक्ष्य का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य तभी हासिल होते हैं जब पूरे समाज, विशेषकर युवाओं, के सामने एक साझा उद्देश्य हो।
उन्होंने अमेरिका और चीन के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि देशों की प्रगति में सामूहिक राष्ट्रीय आकांक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नबीन ने अमेरिका के संदर्भ में ‘ग्रेट अमेरिकन ड्रीम’ और चीन के संदर्भ में सामूहिक विकास लक्ष्य का उदाहरण देकर कहा कि भारत को भी 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एक साझा संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। ये ऐतिहासिक उदाहरण उनके भाषण का हिस्सा थे; इनके विशिष्ट कालखंड और व्याख्या को स्वतंत्र ऐतिहासिक निष्कर्ष के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
‘140 करोड़ लोग एक लक्ष्य से जुड़ेंगे तो विकसित भारत संभव’
नितिन नबीन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के सामने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है और इसे पूरा करने के लिए केवल सरकार नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी होगी। उन्होंने कहा कि यदि देश के करीब 140 करोड़ नागरिक इस लक्ष्य को साझा उद्देश्य के रूप में स्वीकार कर आगे बढ़ें तो विकास की गति को व्यापक सामाजिक समर्थन मिल सकता है।
उन्होंने युवाओं से अपने करियर और व्यक्तिगत भविष्य के साथ देश के विकास से जुड़े विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। नबीन ने कहा कि Gen-Z नई तकनीक, नए विचार और नई कार्यशैली के साथ देश को दिशा देने की क्षमता रखती है।
दिनभर के जयपुर दौरे का अंतिम प्रमुख कार्यक्रम
बिड़ला ऑडिटोरियम का युवा संवाद नितिन नबीन के दिनभर के जयपुर प्रवास के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल था। शुक्रवार सुबह उन्होंने अल्बर्ट हॉल पर ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम में भाग लिया, इसके बाद मुख्यमंत्री निवास पर सांसदों-विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक की। दादिया में निकाय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद उनका दिन युवा संवाद के साथ आगे बढ़ा।
भाजपा ने नबीन के इस दौरे को एक ओर आगामी पंचायतीराज चुनाव की संगठनात्मक तैयारियों से जोड़ा, वहीं दूसरी ओर बिड़ला ऑडिटोरियम के कार्यक्रम को युवाओं से जुड़ाव बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया।
संवाद में युवाओं के भविष्य और नेतृत्व पर रहा जोर
युवा संवाद का मुख्य स्वर राजनीति, नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और भविष्य की आकांक्षाओं के इर्द-गिर्द रहा। नितिन नबीन ने कार्यक्रम को औपचारिक भाषण तक सीमित न रखते हुए सवाल-जवाब और नारों के जरिए युवाओं को शामिल करने की कोशिश की।
राजनीति में आने की इच्छा को लेकर कम हाथ उठने पर उनकी प्रतिक्रिया ने कार्यक्रम में युवा नेतृत्व की कमी और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दे को भी सामने रखा। वहीं विकसित भारत 2047 के संदर्भ में उन्होंने युवाओं को लंबी अवधि की राष्ट्रीय विकास प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया।
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