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September 26, 2026
जयपुर। जयपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच दावों और प्रतिदावों का दौर तेज हो गया है। भाजपा ने सरोज कंवर को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से सलमान मंसूरी मैदान में हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार जयपुर में डिप्टी मेयर पद का चुनाव 26 सितंबर को होना है। इससे एक दिन पहले मेयर पद के मतदान के दौरान भी भाजपा और कांग्रेस के बीच नगर निगम मुख्यालय पर तनातनी देखने को मिली थी। डिप्टी मेयर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने भाजपा उम्मीदवार सरोज कंवर को लेकर बड़ा दावा किया है। कागजी ने कहा कि भाजपा के 40 से अधिक पार्षद अपनी ही पार्टी की उम्मीदवार का विरोध कर रहे हैं और कांग्रेस को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का उम्मीदवार चुनाव जीतेगा। हालांकि भाजपा के कितने पार्षद वास्तव में उम्मीदवार से असंतुष्ट हैं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।
अमीन कागजी बोले- युवा चेहरे को दिया मौका
कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने कहा कि उनकी पार्टी ने डिप्टी मेयर पद के लिए युवा चेहरे सलमान मंसूरी पर भरोसा जताया है। उन्होंने इसे कांग्रेस की नई पीढ़ी को आगे लाने की रणनीति से जोड़ते हुए दावा किया कि यदि पार्टी के पक्ष में मतदान हुआ तो सलमान मंसूरी इतिहास रच सकते हैं।सलमान मंसूरी वार्ड नंबर 137 से पार्षद हैं और दूसरी बार नगर निगम पहुंचे हैं। इसके उलट भाजपा की उम्मीदवार सरोज कंवर पहली बार पार्षद बनी हैं। ऐसे में मुकाबला एक अनुभवी पार्षद और पहली बार निर्वाचित महिला पार्षद के बीच है।
बगड़ी का पलटवार- पार्षदों की राय के बाद ही उम्मीदवार तय
कांग्रेस के दावे पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने पलटवार किया है। बगड़ी का कहना है कि पार्टी ने पार्षदों से राय लेने के बाद ही अपना उम्मीदवार तय किया है और भाजपा में किसी बड़े विरोध की स्थिति नहीं है। इससे पहले भी बगड़ी कह चुके हैं कि निकायों में उम्मीदवार चयन संगठनात्मक प्रक्रिया और स्थानीय स्तर की राय के आधार पर किया जा रहा है।बगड़ी ने दावा किया कि कांग्रेस के कई पार्षद भाजपा के संपर्क में हैं और वे भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भाजपा को मेयर चुनाव की तुलना में डिप्टी मेयर के चुनाव में अधिक वोट मिल सकते हैं। यह भाजपा का राजनीतिक दावा है और मतदान के वास्तविक आंकड़ों से ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।
अब नजर क्रॉस वोटिंग पर
दोनों दलों के नेताओं के दावों के बाद अब सबसे ज्यादा नजर संभावित क्रॉस वोटिंग पर है। हाल के राजस्थान निकाय चुनावों में कई जगह पार्टी संख्या बल से अलग परिणाम देखने को मिले हैं और कुछ निकायों में क्रॉस वोटिंग चर्चा का विषय रही है। इसी वजह से जयपुर के डिप्टी मेयर चुनाव में भी प्रत्येक पार्षद के वोट को लेकर दोनों खेमों में सतर्कता है। भाजपा सरोज कंवर के माध्यम से महिला और ओबीसी प्रतिनिधित्व का संदेश दे रही है, जबकि कांग्रेस ने दूसरी बार के पार्षद सलमान मंसूरी को उम्मीदवार बनाया है। दोनों पार्टियों के नेता अपने-अपने पक्ष में अतिरिक्त समर्थन का दावा कर रहे हैं, लेकिन इन दावों की असली परीक्षा मतदान में होगी।
मेयर चुनाव के एक दिन बाद फिर आमने-सामने भाजपा-कांग्रेस
जयपुर नगर निगम में एक दिन पहले हुए मेयर चुनाव के दौरान भी भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए थे। कांग्रेस नेताओं ने मतदान स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर विरोध जताया था और नगर निगम मुख्यालय के बाहर धरना भी दिया था। कांग्रेस विधायक अमीन कागजी भी उस विरोध में शामिल थे। अब डिप्टी मेयर चुनाव ने राजनीतिक माहौल को फिर गर्म कर दिया है। कांग्रेस भाजपा में अंदरूनी विरोध का दावा कर रही है, जबकि भाजपा उलटे कांग्रेस पार्षदों से समर्थन मिलने की बात कह रही है। ऐसे में मतदान के बाद आने वाला वोटों का आंकड़ा ही बताएगा कि दोनों दलों के दावों में कितना दम था।
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