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September 25, 2026
कोटा/श्रीगंगानगर। राजस्थान के निकाय प्रमुख चुनावों में शुक्रवार को तीन और परिणाम सामने आए। कोटा नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी अनुसुइया गोस्वामी मेयर निर्वाचित हुईं। उन्हें कुल 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता सुमन को 35 वोट मिले। इस तरह मेयर पद का फैसला 30 मतों के अंतर से हुआ। इसके अलावा श्रीगंगानगर जिले की श्रीविजयनगर नगरपालिका में कांग्रेस के सुशील कुमार मीढ़ा अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि कोटा जिले की सुकेत नगरपालिका में भाजपा के जितेंद्र चोपड़ा अध्यक्ष बने। कोटा में शुक्रवार सुबह से मेयर पद के लिए मतदान हुआ था। यहां भाजपा ने वार्ड नंबर 98 की पार्षद अनुसुइया गोस्वामी और कांग्रेस ने वार्ड नंबर 17 की पार्षद सुनीता सुमन को प्रत्याशी बनाया था। चुनाव से पहले 100 सदस्यीय कोटा नगर निगम में भाजपा के 57, कांग्रेस के 39 और चार निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे।
कोटा में 65-35 रहा अंतिम स्कोर
मतगणना पूरी होने के बाद अनुसुइया गोस्वामी को 65 और सुनीता सुमन को 35 मत मिले। चुनाव से पहले भाजपा के अपने 57 पार्षद थे। परिणाम के आंकड़ों के हिसाब से भाजपा प्रत्याशी को पार्टी की निर्वाचित संख्या से आठ वोट अधिक मिले। दूसरी ओर कांग्रेस के 39 पार्षद निर्वाचित हुए थे, जबकि उसकी प्रत्याशी को 35 मत मिले। हालांकि मतदान गुप्त होने के कारण यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि अतिरिक्त अथवा कम हुए मत किन पार्षदों के थे। परिणाम से केवल इतना स्पष्ट है कि अंतिम मतदान का आंकड़ा शुरुआती दलगत संख्या से अलग रहा।
वार्ड 98 से पार्षद हैं अनुसुइया गोस्वामी
भाजपा ने मेयर चुनाव के लिए नामांकन के अंतिम चरण में अनुसुइया गोस्वामी को प्रत्याशी घोषित किया था। वहीं कांग्रेस ने सुनीता सुमन को मैदान में उतारा था। दोनों के बीच सीधा मुकाबला था। कोटा के तीन वार्डों—11, 44 और 87—में ईवीएम से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण पहले चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। पुनर्मतदान और परिणाम के बाद नगर निगम की पूरी 100 सदस्यीय तस्वीर स्पष्ट हुई और महापौर चुनाव 25 सितंबर को कराया गया।
श्रीविजयनगर में कांग्रेस के सुशील मीढ़ा बने अध्यक्ष
उधर श्रीगंगानगर जिले की श्रीविजयनगर नगरपालिका में कांग्रेस प्रत्याशी सुशील कुमार मीढ़ा अध्यक्ष निर्वाचित हुए। श्रीविजयनगर का चुनाव पहले से ही राजनीतिक और कानूनी विवादों के कारण चर्चा में रहा था।चुनाव से पहले तीन पार्षदों के कथित अपहरण को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने बाद में पार्षदों को बरामद किया था, जबकि घटना से जुड़े कुछ आरोपों की पुलिस स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। सुशील मीढ़ा ने इस चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट का भी रुख किया था। हाईकोर्ट ने 21 सितंबर को आदेश देते हुए अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखने को कहा था।
सुकेत में भाजपा के जितेंद्र चोपड़ा बने पहले अध्यक्ष
कोटा जिले की नवगठित सुकेत नगरपालिका में भाजपा के जितेंद्र चोपड़ा अध्यक्ष निर्वाचित हुए। यह सुकेत नगरपालिका का पहला अध्यक्ष चुनाव था।चुनाव से पहले सार्वजनिक आंकड़ों के अनुसार सुकेत में 25 वार्ड थे। कांग्रेस के 11, भाजपा के 10 और चार निर्दलीय पार्षद बताए गए थे। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने जितेंद्र चोपड़ा और कांग्रेस ने उमरदीन खान को प्रत्याशी बनाया था। बहुमत के लिए 13 मत जरूरी थे, इसलिए मतदान से पहले निर्दलीय पार्षदों की भूमिका पर खास नजर थी।
तीन अलग-अलग निकाय, अलग राजनीतिक नतीजे
शुक्रवार के इन परिणामों में कोटा नगर निगम और सुकेत नगरपालिका में भाजपा प्रत्याशी निर्वाचित हुए, जबकि श्रीविजयनगर नगरपालिका अध्यक्ष पद कांग्रेस के खाते में गया। कोटा में मेयर चुनाव के बाद अब 26 सितंबर को डिप्टी मेयर पद का चुनाव निर्धारित है। राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जयपुर, जोधपुर और कोटा में महापौर चुनाव 25 सितंबर और उपमहापौर चुनाव अगले दिन होना है।
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