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September 25, 2026
जयपुर। जयपुर नगर निगम को शुक्रवार को नया महापौर मिल गया। मेयर पद के चुनाव में भाजपा के सुनील कोठारी ने कांग्रेस की सुनीता गुप्ता मावर को 29 मतों से हराया। ताजा घोषित परिणाम के अनुसार कोठारी को 89 वोट मिले, जबकि सुनीता मावर के पक्ष में 60 वोट पड़े। मतदान के बाद हुई मतगणना में कोठारी के पक्ष में बहुमत आने के साथ ही उनके महापौर निर्वाचित होने की घोषणा की गई। जयपुर नगर निगम में कुल 150 निर्वाचित पार्षद हैं। निकाय चुनाव में भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। महापौर बनने के लिए 76 मतों की जरूरत थी। चुनाव से पहले इसी संख्या बल के कारण निर्दलीय पार्षदों की भूमिका पर सबसे ज्यादा नजर थी।
| प्रत्याशी | मत |
|---|---|
| सुनील कोठारी (भाजपा) | 89 |
| सुनीता गुप्ता मावर (कांग्रेस) | 60 |
| जीत का अंतर | 29 |
| दल | पार्षद |
|---|---|
| भाजपा | 78 |
| कांग्रेस | 57 |
| निर्दलीय | 15 |
| कुल | 150 |
| बहुमत के लिए जरूरी | 76 |
भाजपा के 78 पार्षद, कोठारी को मिले 89 वोट
भाजपा के पास अपने 78 पार्षद थे, जबकि सुनील कोठारी को कुल 89 मत मिले। यानी भाजपा की मूल संख्या से उन्हें 11 वोट ज्यादा प्राप्त हुए। राजनीतिक गणित के आधार पर इसे निर्दलीय समर्थन से जोड़ा जा रहा है।हालांकि महापौर चुनाव का मतदान गुप्त होता है, इसलिए प्रत्येक निर्दलीय या किसी अन्य पार्षद का व्यक्तिगत वोट सार्वजनिक रूप से प्रमाणित नहीं किया जा सकता। परिणाम इतना जरूर दिखाता है कि कोठारी को भाजपा की अपनी निर्वाचित संख्या से 11 अधिक मत मिले। चुनाव से पहले नगर निगम में 15 निर्दलीय पार्षद थे, इसलिए उनके रुख को लेकर दोनों दल सक्रिय थे।कांग्रेस की नगर निगम में निर्वाचित संख्या 57 थी, जबकि सुनीता मावर को 60 मत मिले। यानी उनकी अंतिम मत संख्या भी कांग्रेस की अपनी संख्या से तीन अधिक रही।
89 बनाम 60, जीत का अंतर 29 वोट
मतगणना में सुनील कोठारी और सुनीता मावर के बीच 29 वोट का अंतर रहा। दोनों प्रत्याशियों को मिलाकर 149 मत दर्ज हुए हैं। 150 सदस्यीय निगम में शेष एक मत की स्थिति — मतदान नहीं हुआ अथवा मत अमान्य रहा — इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक चुनाव विवरण से स्थिति स्पष्ट होगी।महापौर चुनाव शुक्रवार सुबह 10 बजे शुरू हुआ था। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत मतदान दोपहर 2 बजे तक रखा गया था और इसके बाद तुरंत मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाना था।
वार्ड 112 से पार्षद हैं सुनील कोठारी
सुनील कोठारी हाल में हुए नगर निगम चुनाव में वार्ड संख्या 112 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में पार्षद निर्वाचित हुए थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा को करीब 900 मतों के अंतर से हराया था। विभिन्न प्रकाशित परिणामों में जीत का अंतर 905-906 वोट के आसपास दर्ज किया गया है।महापौर चुनाव में कांग्रेस ने वार्ड संख्या 118 से निर्वाचित सुनीता गुप्ता मावर को अपना उम्मीदवार बनाया था। वह लंबे समय से नगर निगम की राजनीति से जुड़ी हैं और चौथी बार पार्षद निर्वाचित हुई हैं। नाम वापसी के बाद मेयर पद पर कोठारी और मावर के बीच सीधा मुकाबला रह गया था।
भाजपा संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं कोठारी
सुनील कोठारी भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वे पूर्व में भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष, प्रदेश सचिव और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और वर्तमान में प्रदेश कार्यसमिति से भी जुड़े रहे हैं। उनके संगठनात्मक अनुभव को महापौर प्रत्याशी बनाए जाने के दौरान भी प्रमुख कारणों में गिना गया था।
भाजपा ने कई दिनों के मंथन के बाद 19 सितंबर को उनके नाम पर मुहर लगाई थी। उसके बाद कोठारी ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया था। कांग्रेस की ओर से सुनीता मावर ने भी उसी दिन नामांकन भरा था।
निर्दलीयों के समर्थन ने बढ़ाया भाजपा का आंकड़ा
नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 150 में से 78 वार्ड जीते थे। बहुमत के लिए 76 का आंकड़ा जरूरी होने के कारण पार्टी के पास अपने दम पर बोर्ड बनाने की संख्या पहले से मौजूद थी। कांग्रेस को 57 और निर्दलीयों को 15 सीटें मिली थीं। महापौर चुनाव में कोठारी का आंकड़ा बढ़कर 89 तक पहुंचने से यह साफ हुआ कि भाजपा प्रत्याशी को अपने निर्वाचित पार्षदों से बाहर भी समर्थन मिला। मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि गुप्त मतदान के कारण किस पार्षद ने किस उम्मीदवार को वोट दिया, इसे मतगणना से व्यक्तिगत स्तर पर निर्धारित नहीं किया जा सकता।
चुनाव के दौरान निगम मुख्यालय के बाहर हुआ था विवाद
महापौर चुनाव के दौरान शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय पर राजनीतिक हलचल भी रही। भाजपा के कई पार्षद समूह में बस से मतदान स्थल पहुंचे थे। वहीं कांग्रेस विधायक रफीक खान और अमीन कागजी ने प्रवेश व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि कुछ अनधिकृत लोगों को अंदर प्रवेश दिया गया, जबकि उन्हें रोका गया। प्रशासन का विस्तृत पक्ष उस समय सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया था।इस चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए राजनीतिक स्तर पर लगातार बैठकें की थीं। मेयर पद के लिए उम्मीदवारों की नाम वापसी पूरी होने के बाद केवल सुनील कोठारी और सुनीता मावर ही मैदान में रह गए थे।
शाम 5 बजे पदभार ग्रहण करेंगे सुनील कोठारी
नवनिर्वाचित महापौर सुनील कोठारी शुक्रवार शाम करीब 5 बजे जयपुर नगर निगम में पदभार ग्रहण करेंगे। जानकारी के अनुसार पदभार ग्रहण का समय पंडितों से निकलवाए गए मुहूर्त के आधार पर तय किया गया है। इसके बाद वे औपचारिक रूप से नगर निगम में महापौर की जिम्मेदारी संभालेंगे।महापौर चुनाव संपन्न होने के बाद अब नजर उपमहापौर चुनाव पर रहेगी। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार जयपुर में उपमहापौर पद का निर्वाचन शनिवार, 26 सितंबर को होना है।
सुनील कोठारी के पदभार संभालने के साथ ही नवगठित जयपुर नगर निगम में नई राजनीतिक व्यवस्था औपचारिक रूप से काम शुरू करेगी। इसके बाद शहर की सफाई, सीवरेज, सड़क, पार्किंग, अतिक्रमण, शहरी विकास और नगर निगम से संबंधित दूसरे मुद्दे नए बोर्ड के सामने प्रमुख प्रशासनिक विषय रहेंगे।
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