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September 8, 2026
अजमेर: बालिका दिवस पर सोफिया स्कूल की छात्राओं का नुक्कड़ नाटक,कलेक्ट्रेट के बाहर 'सुरक्षित माहौल' और 'बैड टच' के खिलाफ दिया कड़ा संदेश
अभिभावकों और प्रशासन से लचीले और भरोसेमंद वातावरण की अपील
अजमेर में बालिका दिवस के अवसर पर सोफिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। इस नाटक के जरिए बालिकाओं ने समाज, प्रशासन और खासकर माता-पिता को जागरूक करने का प्रयास किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बच्चियों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाना और 'बैड टच' जैसी घटनाओं के खिलाफ बच्चों में अपनी बात खुलकर कहने का आत्मविश्वास जगाना है।
शिक्षक सुधीर तोमर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अक्सर परिवारों में छेड़छाड़ या 'बैड टच' जैसी गंभीर घटनाओं को बदनामी के डर से दबा दिया जाता है। इसी चुप्पी को तोड़ने और बच्चों में आत्मविश्वास जगाने के लिए बालिका दिवस पर कलेक्ट्रेट के सामने यह जागरूकता अभियान चलाया गया। तोमर ने बताया कि यह कार्यक्रम बच्चियों को एक सुरक्षित और लचीला माहौल देने की मांग करता है। समाज को सख्त अनुशासन से बाहर आकर बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने की जरूरत है।
आज बालिका दिवस के उपलक्ष्य में ये नुक्कड़ नाटक हमारी बालिकाओं द्वारा समाज, माता-पिता और प्रशासन को जाग्रत करने के लिए किया जा रहा है। इसका संदेश है कि हमें एक सुरक्षित माहौल दीजिए... परिवारों में अक्सर गलत घटनाओं को दबा दिया जाता है। अगर हम बच्चियों को यह विश्वास दिला दें कि डरने की कोई जरूरत नहीं है और वे खुलकर अपनी समस्या बताएं... माता-पिता और शिक्षक उनके साथ खड़े हैं। सख्त अनुशासन के बजाय हमें एक लचीला और भरोसेमंद वातावरण देना होगा, जहाँ हम एक-दूसरे पर भरोसा कर सकें।
आयोजकों का यह भी मानना है कि सुरक्षा के जो नियम और जागरूकता बालिकाओं को सिखाई जा रही है, वही बातें अगर माता-पिता अपने बेटों को भी सिखाएं, तो समाज में असुरक्षा की भावना अपने आप खत्म हो जाएगी और एक विकसित समाज का निर्माण होगा। बालिका दिवस पर कलेक्ट्रेट के बाहर अजमेर की इन छात्राओं की यह पहल निश्चित तौर पर समाज में एक बड़े और सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा कर रही है।
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