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August 22, 2026
जालोर। जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत मांगने के मामले में दांतीवास पटवार हल्का की पटवारी ललिता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि पटवारी ने दादा की मृत्यु के बाद फौतगी म्यूटेशन और भू-अधिकार हक त्याग म्यूटेशन भरने के जायज काम के बदले परिवादी से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। ACB के गोपनीय सत्यापन में रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई, लेकिन कार्रवाई की भनक लगने के कारण आरोपी पटवारी रकम प्राप्त नहीं कर सकी।
1064 हेल्पलाइन पर दी शिकायत
ACB के अनुसार परिवादी ने भ्रष्टाचार की शिकायत टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर दी थी। इसके साथ ही उसने ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जालोर के समक्ष लिखित शिकायत भी प्रस्तुत की।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि भीनमाल तहसील के दांतीवास पटवार हल्का में पदस्थ पटवारी ललिता उसके दादाजी की मृत्यु के बाद फौतगी म्यूटेशन और भू-अधिकार हक त्याग म्यूटेशन भरने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रही है।
गोपनीय सत्यापन में रिश्वत मांगना पाया
शिकायत मिलने के बाद ACB जालोर इकाई ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान पटवारी द्वारा परिवादी के जायज राजस्व कार्य को करने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
हालांकि, ACB की कार्रवाई की भनक आरोपी को लग गई। इसके चलते पटवारी रिश्वत की राशि प्राप्त नहीं कर सकी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में केस
ACB रेंज जोधपुर की पुलिस अधीक्षक पी.डी. नित्या के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ACB जालोर मांगीलाल राठौड़ ने मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट को प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा के साथ ACB मुख्यालय जयपुर भेजा गया।
रिपोर्ट के आधार पर ACB मुख्यालय ने पटवारी ललिता के खिलाफ प्रकरण संख्या 234/2026, दिनांक 20 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।
भरतपुर में नर्सिंग ऑफिसर रिश्वत लेते गिरफ्तार
इससे पहले गुरुवार को ACB ने भरतपुर में भी कार्रवाई करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हलैना में तैनात नर्सिंग ऑफिसर ग्रेड-द्वितीय मुरारीलाल मीना को एक हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
आरोप है कि वह बेरोजगारी भत्ते की उपस्थिति प्रमाणित कर ऑनलाइन दर्ज करने के बदले परिवादी से रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के अनुसार आरोपी ने चार महीने की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए 500 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से कुल 2 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
कोटपूतली में SI भी ACB के शिकंजे में
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में भी ACB ने कार्रवाई करते हुए कोटपूतली थाने के पुलिस उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह को 3,500 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
शिकायत के मुताबिक परिवादी ने बैंक के खिलाफ न्यायालय के माध्यम से कोटपूतली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच राजेन्द्र सिंह कर रहे थे। आरोप है कि आगे की कार्रवाई करने के एवज में SI ने परिवादी से 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि ACB की ओर से सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर निगरानी और कार्रवाई का सिलसिला जारी है।
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