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August 8, 2026
अजमेर सेंट्रल जेल में बंद कैदियों से जेलर के मोबाइल फोन से वीडियो कॉल कराने का मामला,जेल प्रशासन में खलबली, जेल अधीक्षक ने मामले की जांच करने की कही बात, वीडियो कॉल में ब्लैकमेल कांड के आरोपियों से की जा रही है बातचीत
अजमेर सेंट्रल जेल से जेलर सद्दाम हुसैन ने वीडियो कॉल करके 1992वाई बहुचर्चित अजमेर ब्लैकमेल कांड के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से कैदियों की बात करवाई। यह सब सद्दाम हुसैन के ऑफिस में और उनके फोन से हुआ। अब इसका वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रसाशन पर सवाल उठ रहे हैं।
जेल के अंदर से तीन सजायाफ्ता कैदी 1992 के चर्चित अजमेर ब्लैकमेलिंग कांड के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल पर बात कर रहे हैं। तीनों कैदी तारिक चिश्ती, उसका बेटा तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी और भांजा फखर जमाली ने जेलर के मोबाइल से वीडियो कॉल पर बात की। तीनों को 2014 में हाजी सैयद बिलाल हुसैन चिश्ती पर जानलेवा हमला करने के मामले में 2025 में 7-7 साल की सजा हुई थी। हाईकोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा। फिलहाल तारिक व फकर जमानत पर हैं जबकि तौसीफ चिश्ती अजमेर जेल में बंद है। जेलर के फोन से वीडियो कॉल के समय ये तीनों सेंट्रल जेल में बंद थे।
जेल अधीक्षक जेल अधीक्षक आर. अंतेश्वरन ने कहा कि मुझे इस वीडियो के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। वीडियो देखने के बाद ही कुछ कह सकता हूं। यदि वीडियो सही है तो यह वाकई में बेहद चौंकाने वाला गंभीर मामला है जिसकी पूरी गहनता से जांच की जाएगी।
तौसीफ का नाम खालिस्तान समर्थक आतंकी नेटवर्क 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' से जुड़ा है। उस पर आतंकियों को पनाह देने, हथियार और ड्रग्स उपलब्ध कराने के आरोप थे। चिंकी पंजाब जेल में बंद रह चुका है। वहीं, जेलर जिस नफीस चिश्ती को वीडियो कॉल कर रहा है, वह 1992 के ब्लैकमेल कांड का मास्टरमाइंड है। रिहा होने के बाद भी वह अपराध में सक्रिय रहा। आठ साल पहले तत्कालीन एसपी विकास कुमार की विशेष पुलिस टीम ने नफीस के घर पर 5.20 करोड़ का सट्टा पकड़ा था। 24 करोड़ की स्मैक तस्करी में भी गुजरात पुलिस ने नफीस और फारुख चिश्ती को आरोपी माना था।
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