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July 15, 2026
राजस्थान निजी शिक्षण संस्था संघर्ष समिति के बैनर तले निजी स्कूलों के संचालकों ने हड़ताल रखकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम सोपे ज्ञापन,
आरटीई से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर राहत प्रदान करने की मांग
राजस्थान निजी शिक्षण संस्था संघर्ष समिति, अजमेर के बैनर तले बुधवार को शहर के करीब 150 प्राइवेट स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद रख कर निजी स्कूल संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्राइवेट स्कूलों के संचालक व प्रतिनिधि शामिल हुए।
संरक्षक मोहनलाल कौशिक ने बताया कि प्रदेशभर के निजी शिक्षण संस्थानों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की फीस का भुगतान सालों से लंबित चल रहा है, जिससे स्कूलों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। संचालकों का कहना है कि पीपी-3, पीपी-4, पीपी-5 और कक्षा 1 से 8 तक के आरटीई विद्यार्थियों का वर्ष 2025-26 का भुगतान भी अब तक जारी नहीं किया गया, जबकि नियमानुसार यह राशि हर साल तीन किस्तों में जारी होनी चाहिए। ज्ञापन में निजी स्कूलों ने मांग की कि आरटीई की बकाया राशि जल्द जारी की जाए, महंगाई के अनुसार यूनिट कॉस्ट बढ़ाई जाए, प्रवेश प्रक्रिया और बोर्ड परीक्षाओं के दौरान चलाए जा रहे शिक्षा संबलन अभियान व आरटीई निरीक्षण से प्रवेश व्यवस्था में हो रहे व्यवधान को रोका जाए। साथ ही पीएसपी पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने, ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) पर अनावश्यक शुल्क नहीं लेने, सीबीएसई स्कूलों के परीक्षा संचालन में अनावश्यक हस्तक्षेप बंद करने और 2027 से बढ़ाई गई फीस वृद्धि के आदेश को निरस्त करने की भी मांग रखी गई। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही लंबित भुगतान जारी कर समस्याओं का समाधान नहीं किया तो पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन ओर आंदोलन शुरू किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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