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June 25, 2026
पुष्कर से अग्रवाल का कांग्रेस पर तीखा हमला: “कांग्रेस की आत्मा ही लोकतंत्र विरोधी रही है
तीर्थराज पुष्कर की धार्मिक धरती गुरुवार को राजनीतिक बयानबाजी की बड़ी गवाह बनी। भारतीय जनता पार्टी के सांसद, राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान प्रदेश प्रभारी डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल गुरुवार को पुष्कर पहुंचे। यहां उन्होंने जगतपिता ब्रह्मा मंदिर में दर्शन किए और ब्रह्म घाट पर विधिवत पूजा-अर्चना कर देश में सुख-समृद्धि, खुशहाली और मानव कल्याण की कामना की। धार्मिक आस्था के इस वातावरण के बीच जब पत्रकारों ने उनसे प्रदेश की राजनीति, चुनावों और कांग्रेस के आरोपों को लेकर सवाल किए, तो अग्रवाल ने आध्यात्मिक भाव से शुरुआत करते हुए कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक प्रहार कर दिया। उन्होंने कहा कि तीर्थराज पुष्कर सृष्टि निर्माण की नगरी है। यहां आकर वे यही प्रार्थना करते हैं कि देश के हर नागरिक के मन में सही भाव बने और सभी लोग मिलकर देश व मानव संस्कृति के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
प्रदेश में पंचायत और नगरपालिका चुनाव नहीं होने के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस बारे में सरकार के लोगों से पूछा जाना चाहिए। वहीं मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह प्रश्न मुख्यमंत्री से पूछा जाना चाहिए। अग्रवाल का सबसे तीखा हमला पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पर रहा। गहलोत द्वारा लोकतंत्र को खतरे में बताने वाले बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत के भीतर कांग्रेस का वही चरित्र बोल रहा है, जिसकी आत्मा लोकतंत्र के विरोध और नागरिक अधिकारों के हनन से बनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतंत्र की बात करती है, लेकिन इतिहास में उसी ने लोकतांत्रिक अधिकारों को सबसे अधिक कुचला।अग्रवाल ने अपने बयान में प्रथम संविधान संशोधन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के थोड़े समय बाद ही तत्कालीन नेतृत्व ने नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नियंत्रण का रास्ता बनाया। इसके बाद उन्होंने आपातकाल को लेकर कांग्रेस और इंदिरा गांधी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश को पराधीनता की जंजीरों में जकड़ दिया गया। नागरिक स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता, बौद्धिक वर्ग के अधिकार और विपक्ष के विरोध के अधिकार तक छीन लिए गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत सत्ता नहीं, बल्कि विपक्ष और विरोध का अधिकार होता है, लेकिन आपातकाल के दौरान लाखों लोगों को जेलों में डाल दिया गया। अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आज तक आपातकाल के पाप के लिए देश से माफी नहीं मांगी और न ही कभी यह स्वीकार किया कि वह गलती थी। राजस्थान की धरती से बोलते हुए अग्रवाल ने जयगढ़ किले से जुड़े पुराने आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि आपातकाल के दौर में जयपुर के पास स्थित जयगढ़ किले को महीनों तक खुदवाया गया और वहां से सोना ले जाने जैसे गंभीर आरोप इतिहास में दर्ज हैं। उन्होंने इसे राजस्थान की जनता की स्मृति से जुड़ा बड़ा राजनीतिक प्रश्न बताया। हालांकि उन्होंने पूरे प्रकरण को कांग्रेस के शासन चरित्र से जोड़ते हुए कहा कि यह केवल इतिहास नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार का प्रतीक है। अग्रवाल ने इंदिरा गांधी की तुलना कठोर तानाशाही प्रवृत्ति से करते हुए कहा कि जो अपने विचारों से असहमत लोगों के अधिकार छीन ले, प्रेस को दबा दे और विपक्ष को जेल में डाल दे, वह लोकतंत्र की भाषा बोलने का नैतिक अधिकार खो देता है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आज भी उसी सोच से बाहर नहीं निकली है। अग्रवाल ने अशोक गहलोत के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि अगर इंदिरा गांधी होतीं तो भारतीय जनता पार्टी को बैन कर देतीं। इस पर उन्होंने कहा कि यही कांग्रेस की असली सोच है कि जो उनसे सहमत न हो, उसके विचारों का गला घोंट दिया जाए। उन्होंने याद दिलाया कि 1977 के बाद जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया था और सत्ता के अहंकार को पराजित किया था। अपने बयान में अग्रवाल ने तेलंगाना का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर एक और हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां के मुख्यमंत्री द्वारा अतिक्रमण हटाने से जुड़े संगठन के नामकरण में हिटलर से प्रेरणा लेने जैसी बात कहना लोकतांत्रिक मानसिकता पर सवाल खड़े करता है। अग्रवाल ने कहा कि जिस हिटलर ने अपने विचारों से असहमत करोड़ों लोगों को मौत के घाट उतारा, उससे प्रेरणा लेने की बात लोकतंत्र में बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का डीएनए पहले भी लोकतंत्र विरोधी था और आज भी लोकतंत्र विरोधी है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब देश की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को समझ चुकी है। इसलिए जनता ऐसे लोकतंत्र विरोधी लोगों को फिर सत्ता में लाने की गलती सपने में भी नहीं करेगी। डॉ. अग्रवाल के पुष्कर आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, पुष्कर विधायक एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, पूर्व सभापति कमल पाठक, भाजपा देहात अध्यक्ष जीतमल प्रजापत, देहात प्रवक्ता अरुण वैष्णव, पुष्कर मंडल अध्यक्ष भुवनेश पाठक सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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