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June 25, 2026
निर्जला एकादशी पर पुष्कर सरोवर में उमड़ा आस्था का सैलाब, स्नान के दौरान डूबते युवक को सिविल डिफेंस ने बचाया
निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गुरुवार सुबह से ही तीर्थराज पुष्कर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पवित्र पुष्कर सरोवर के घाटों पर हजारों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। ब्रह्मा मंदिर सहित नगर के प्रमुख मंदिरों में भी दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। सरोवर किनारे स्नान, पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और भजन-कीर्तन का दौर दिनभर जारी रहा।
तीर्थ पुरोहितों के अनुसार, एकादशी तिथि बुधवार शाम 6:13 बजे से शुरू होकर गुरुवार शाम 8:10 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार गुरुवार को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन बिना जल ग्रहण किए व्रत करने से वर्षभर की 24 एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है। प्रधान अर्चक पंडित रविकांत शर्मा ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। यदि कोई व्यक्ति वर्षभर की सभी एकादशियों का व्रत नहीं कर पाता है और आज के दिन श्रद्धा भाव से निर्जला व्रत करता है, तो उसे सभी एकादशियों के व्रत का पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है। पंखा, कपड़े के जूते, अन्न, वस्त्र, स्वर्ण, चांदी और जल से भरे मिट्टी के कलश का दान अक्षय फल देने वाला माना गया है। पंडित रविकांत शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील की कि आज के दिन भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”, “ॐ नमो नारायणाय” और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
पंडित हरगोपाल पाराशर ने बताया कि निर्जला एकादशी को भीम एकादशी भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर भीम ने इस व्रत को किया था। इस व्रत से भगवान श्रीहरि प्रसन्न होते हैं और जीवात्माओं को शांति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि पुष्कर तीर्थ में स्नान, दर्शन और दान करने से व्यक्ति का जन्म सफल माना जाता है।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से घाटों पर पुलिस जाब्ता और गोताखोर टीम तैनात की गई। सड़क मरम्मत कार्य के चलते प्रस्तावित ट्रैफिक डायवर्जन को भी निरस्त कर दिया गया, जिसके बाद घाटी मार्ग पर यातायात सामान्य रखा गया। नगर परिषद पुष्कर आयुक्त जनार्दन शर्मा के निर्देश पर घाटों, बाजारों और मंदिर मार्गों पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करवाई गई। भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए विभिन्न स्थानों पर ठंडे पेयजल और शीतल पेय का वितरण भी किया गया। घाट बाजार में दान-पुण्य का दौर चलता रहा।
इसी बीच भारी भीड़ के दौरान वराह घाट पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार जयपुर के मुरलीपुरा निवासी 25 वर्षीय रवि शर्मा पुत्र मनीराम शर्मा अपने परिवार के साथ पुष्कर स्नान करने आए थे। स्नान के दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। परिवार वालों के शोर मचाने पर घाट पर तैनात सिविल डिफेंस टीम के जवान सुनील कुमार सोनी ने तत्काल पानी में छलांग लगाकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। सिविल डिफेंस की सतर्कता से युवक की जान बच गई। इस घटना के बाद घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और टीम की तत्परता की सराहना की।
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