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June 8, 2026
उदयपुर। उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में आदिवासी परिवारों को कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अन्य राज्यों से आए तीन पादरी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों तथा अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के अनुसार मामला कानूवाड़ा बिलखाई गांव का है, जहां पिछले दो दिनों से एक प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। आरोप है कि इस सभा में आसपास के 20 से अधिक गांवों के आदिवासी परिवारों को बुलाकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद मिले।
ऋषभदेव के पुलिस उपाधीक्षक राजीव राहर ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने शिकायत दी थी कि उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन और कथित दबाव दिया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों को हिरासत में लिया और बाद में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
थानाधिकारी हेमंत अहारी के अनुसार, सभा में शामिल लोगों को विभिन्न प्रकार के लाभों का आश्वासन दिए जाने के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवारों को लक्ष्य बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें आर्थिक सहायता, कृषि सुविधाएं और अन्य लाभ देने के प्रस्ताव भी दिए गए।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे और उसके परिवार को भी धर्म परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित किया गया था। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि सभा का आयोजन किस उद्देश्य से किया गया था, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और क्या वास्तव में किसी प्रकार का प्रलोभन या दबाव दिया गया था।
जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल डेटा, वित्तीय लेन-देन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं ताकि मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
उल्लेखनीय है कि धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में राजस्थान में कानून के तहत प्रलोभन, दबाव या धोखे से किए गए धर्म परिवर्तन के आरोप गंभीर श्रेणी में माने जाते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करती है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से तय होता है।
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