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June 8, 2026
दहेज प्रताड़ना का आरोप, पुलिस अधीक्षक से की कठोर कार्रवाई की मांग,
राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद में की न्याय की मानव अधिकार परिषद ने की न्याय की मांग
अजमेर, 8 जून। अजमेर निवासी एक महिला ने अपनी पुत्री को दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने, मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकियां देने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को परिवाद सौंपकर ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद के राष्ट्रीय महासचिव उदित नारायण ने बताया कि लोंगिया क्षेत्र निवासी रसीदा खातून ने बताया कि उनकी पुत्री साहिस्ता का विवाह 16 फरवरी 2026 को सोमलपुर निवासी रफीक के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। विवाह के दौरान परिवार की सामर्थ्य के अनुसार दहेज, आभूषण, घरेलू सामान और नकद राशि दी गई थी। आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही पति तथा ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे।
रसीदा खातून का कहना है कि उनकी पुत्री पर लगातार पांच लाख रुपये लाने का दबाव बनाया गया। मांग पूरी नहीं होने पर पति, जेठ और अन्य परिजनों द्वारा साहिस्ता के साथ मारपीट की गई तथा उसे घर से निकालकर पीहर भेज दिया गया। परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुत्री को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, भोजन और आवश्यक सुविधाओं से वंचित रखा गया तथा जान से मारने की धमकियां दी गईं।
परिवाद में जेठानी शबनम और अफसाना पर भी मानसिक उत्पीड़न, अपमानजनक व्यवहार और लगातार ताने देकर परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो साहिस्ता के साथ कोई गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है।
रसीदा खातून ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर पति रफीक, ससुर भवर, जेठ एकलाल, इब्राहिम, जेठानी शबनम, अफसाना तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ दहेज प्रतिषेध कानून और भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
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