Post Views 01
June 8, 2026
जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा की तीन रिक्त हो रही सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के तहत सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन विधानसभा परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार सतीश पूनियाऔर अलका गुर्जर ने विधानसभा सचिवालय पहुंचकर निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। वर्तमान विधानसभा गणित को देखते हुए दोनों उम्मीदवारों का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा ने संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन भी किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दोनों प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान विधानसभा में मौजूद रहे और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सरकार और संगठन के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री तथा विधायक भी उपस्थित रहे। पार्टी की ओर से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर संगठन पूरी तरह एकमत है।
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सतीश पूनिया के नामांकन के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा विशेष रूप से उपस्थित रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. पूनिया को राज्यसभा भेजने का निर्णय संगठन में उनके लंबे योगदान और राज्य की सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
नामांकन के बाद डॉ. सतीश पूनिया ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्वयं को हमेशा एक सामान्य कार्यकर्ता मानते हैं और राज्यसभा में राजस्थान के हितों, किसानों तथा आम जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे।
वहीं डॉ. अलका गुर्जर के नामांकन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मौजूदगी ने विशेष राजनीतिक महत्व प्राप्त किया। उनके साथ डॉ. अलका गुर्जर के पति और पूर्व कैबिनेट मंत्री नाथू सिंह भी उपस्थित रहे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, अलका गुर्जर की उम्मीदवारी के माध्यम से भाजपा ने महिला नेतृत्व और गुर्जर समुदाय दोनों को महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया है।
डॉ. अलका गुर्जर पूर्व में बांदीकुई से विधायक रह चुकी हैं और लंबे समय से भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी राज्यसभा उम्मीदवारी को संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक प्रतिनिधित्व के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा नेतृत्व की सामूहिक उपस्थिति ने यह संकेत भी दिया कि पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी रणनीतियों को लेकर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहती है। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्यसभा चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved