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April 10, 2026
जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए सरकार कृषि क्षेत्र में मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में जयपुर में 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाली ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट ‘ग्राम 2026’ एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी, जहां किसान, वैज्ञानिक, निवेशक और नीति निर्माता एक ही मंच पर संवाद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को ‘ग्राम 2026’ के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि इस आयोजन के माध्यम से प्रदेशभर के किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, वैश्विक कृषि प्रणालियों और नवाचारों की जानकारी दी जाएगी। इससे किसानों को नई तकनीकों को अपनाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए 15 अप्रैल से ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष रथ भेजे जाएंगे, जिनके माध्यम से किसान कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इन रथों में सुझाव पेटिका भी रखी जाएगी, जिससे किसान अपनी समस्याएं और सुझाव सरकार तक पहुंचा सकेंगे।
मुख्यमंत्री शर्मा ने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक तरीकों से खेती करें और रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग करें। उन्होंने मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करने और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया, ताकि जल संरक्षण और भूमि की उर्वरता बनी रहे।
सरकार द्वारा किसानों और पशुपालकों के हित में कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 12 लाख से अधिक पशुओं का निःशुल्क बीमा किया जा चुका है। साथ ही, 1962 मोबाइल वेटरिनरी सेवाओं और सैकड़ों मोबाइल यूनिट्स के जरिए लाखों पशुओं का उपचार किया गया है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत किसानों को प्रति लीटर 5 रुपये का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के साथ राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान’ निवेश समिट के तहत कृषि क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक के 2,500 से ज्यादा एमओयू हुए हैं, जिससे प्रदेश में कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी।
इस अवसर पर कृषि मंत्री डॉ. करोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक और तकनीकी खेती की ओर ले जाना है, ताकि वे अधिक समृद्ध और आत्मनिर्भर बन सकें।
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