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April 10, 2026
पुष्कर में शत गायत्री पुरुषचरण महायज्ञ में शामिल हुए राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, संतों से लिया आशीर्वाद
पुष्कर। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के राज्यमंत्री ओटाराम देवासी शुक्रवार को अपने एक दिवसीय धार्मिक दौरे पर पुष्कर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शत गायत्री पुरुषचरण महायज्ञ में भाग लेकर विधिवत परिक्रमा की और संत महामंडलेश्वर प्रखर महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
महायज्ञ में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए देवासी ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम हैं, बल्कि समाज में एकता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व स्तर पर बढ़ती अशांति और आतंकवाद जैसी चुनौतियों के बीच ऐसे यज्ञों का विशेष महत्व है, जो समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं।
उन्होंने भारतीय संस्कृति की परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन काल में ऋषि-मुनि पर्यावरण शुद्धि और प्राकृतिक संतुलन के लिए यज्ञ और तप किया करते थे। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज भी समाज में जागृति लाने की आवश्यकता है, जिससे सभी वर्गों में एकता और संगठन की भावना मजबूत हो।
राज्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना में वृद्धि हुई है। उन्होंने भगवान राम और कृष्ण के आदर्शों का उल्लेख करते हुए समाज को उनके मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
पंचायतीराज चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुछ कानूनी और प्रक्रियात्मक कारणों से स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन सरकार पूरी तरह तैयार है और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट तथा न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए जल्द ही चुनाव कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान में गौ संरक्षण के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि गोपालन के लिए पूर्व में सेस के माध्यम से बड़ी राशि एकत्रित की गई, जिससे गौशालाओं को सहायता दी जा रही है। भविष्य में गौ संरक्षण के लिए सख्त कानून लाने और स्थायी वित्तीय व्यवस्था करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
देवासी ने गौमाता को भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि गाय केवल पशु नहीं, बल्कि आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि गौ संरक्षण और सेवा के लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने संतों, ब्राह्मणों और सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण और एकता का संदेश दिया।
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