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April 10, 2026
जयपुर। राजस्थान में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि योजना के तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स को दवाइयां तक नहीं मिल रही हैं, जबकि उनकी तनख्वाह से नियमित रूप से दवा का पैसा काटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को भुगतान नहीं होने के कारण कई जगहों पर अस्पतालों ने सेवाएं रोक दी हैं और आरजीएचएस कार्डधारकों को दवाइयां देने से मना कर दिया है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, खासकर उन बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए जिन्हें रिटायरमेंट के बाद बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे हालात में कर्मचारी और पेंशनर्स आखिर जाएं तो जाएं कहां। जूली ने कहा कि क्या सरकार को यह नहीं दिख रहा कि प्रदेश के कर्मचारी और बुजुर्ग किस कठिन परिस्थिति से गुजर रहे हैं और दवाइयों की व्यवस्था करने में कितनी परेशानी झेल रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि आरजीएचएसका लंबित बजट जारी किया जाए और अस्पतालों का भुगतान तुरंत किया जाए, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह मुद्दा और गंभीर रूप ले सकता है और आम लोगों में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ सकता है। यह मामला अब सिर्फ स्वास्थ्य सुविधा का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो इसका असर हजारों परिवारों पर पड़ेगा और योजना की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो सकती है।
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