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April 6, 2026
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी और बीगोद क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध गारनेट (रेत का सोना) खनन के बीच एक बड़ा वसूली कांड सामने आया है, जिसने पुलिस और प्रशासन दोनों को हिला दिया है। हाल ही में अवैध खनन कारोबारियों से भारी भरकम रकम वसूलने की जानकारी सामने आने के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों—अजय पांचाल, कालू गुर्जर, नारायण गुर्जर और नंद सिंह—को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि ये आरोपी गैंग बनाकर 15 से 20 अवैध खननकर्ताओं से लाखों रुपये की वसूली कर रहे थे और उन्हें पुलिस कार्रवाई से बचाने का झांसा देते थे। इस पूरे प्रकरण में सदर पुलिस उपाधीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जिस पर अब जांच तेज कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिकायत के बाद कार्मिक विभाग पुलिस उपाधीक्षक माधव उपाध्याय को एपीओ के आदेश जारी कर दी है।
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, क्योंकि गिरफ्तार आरोपी अजय पांचाल को जाहजपुर विधायक गोपीचंद मीणा का करीबी बताया जा रहा है। हालांकि विधायक ने अपनी किसी भी प्रकार की संलिप्तता से साफ इनकार किया है और कहा है कि उन्होंने स्वयं अवैध खनन की शिकायत पुलिस अधिकारियों को की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनकी छवि खराब करने के लिए जानबूझकर उनका नाम घसीट रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि कोटड़ी और बीगोद क्षेत्र में वर्षों से अवैध गारनेट खनन का नेटवर्क सक्रिय रहा है और स्थानीय स्तर पर पुलिस व माफिया की मिलीभगत के आरोप भी लगते रहे हैं। ताजा कार्रवाई के बाद अब पूरे नेटवर्क, वसूली तंत्र और संभावित मिलीभगत की गहन जांच की जा रही है, जिससे आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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