For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 118446416
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: विधानसभा में प्रश्न काल: राइट टू हेल्थ पर सदन में टकराव, कांग्रेस का वॉकआउट, विधानसभा अध्यक्ष देवनानी की कड़ी चेतावनी |  Ajmer Breaking News: पुष्कर के ट्रेचिंग ग्राउंड में प्लास्टिक का पहाड़, मूक पशुओं के लिए बना मौत का मैदान |  Ajmer Breaking News: ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ का भव्य आयोजन, तीन दिन चलेगा आध्यात्मिक महोत्सव |  Ajmer Breaking News: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सैकण्डरी और सीनियर सैकण्डरी की परीक्षाएं गुरुवार से विधिवत् प्रारंभ हो गई।  |  Ajmer Breaking News: विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा नई श्रम कानून के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल, |  Ajmer Breaking News: भारत-फ्रांस दूतावास, फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया नेटवर्क द्वारा आयोजित वॉल आर्ट फेस्टिवल के तहत जिला कलेक्ट्रेट की दीवारों पर महिला अधिकारों और जागरुकता का संदेश देने वाले भित्तिचित्र |  Ajmer Breaking News: अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र में नेगेटिव एनर्जी का झांसा देकर बुजुर्ग महिला से जेवर ठगने का मामला, संदिग्ध सीसीटीवी में कैद, पुलिस कर रही है जांच  |  Ajmer Breaking News: राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए प्रदेश के बजट 2026- 27 के प्रमुख बिंदुओं को मीडिया से किया साझा |  Ajmer Breaking News: मिलेट्स मेले का किया गया आयोजन प्रतिभागियों ने उत्साह पूर्वक लिया भाग        |  Ajmer Breaking News: जिले से आठ स्काउट गाइड राज्य पुरुस्कार अवार्ड द्वारा राज्यपाल से हुए सम्मानित | 

अजमेर न्यूज़: विधानसभा में प्रश्न काल: राइट टू हेल्थ पर सदन में टकराव, कांग्रेस का वॉकआउट, विधानसभा अध्यक्ष देवनानी की कड़ी चेतावनी

Post Views 01

February 12, 2026

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन, दौसा तहसीलदार मुद्दे पर सदन में गरमाया माहौल

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को ‘राइट टू हेल्थ’ (RTH) कानून के नियमों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प हुई। प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने कानून के नियम लागू न होने पर सवाल उठाया। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार यह बिल आचार संहिता से ठीक पहले चुनावी फायदे के लिए लाई थी।

स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने तंज कसते हुए कहा कि ‘आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना’ (मां योजना) के तहत जनता को मुफ्त इलाज मिल रहा है, इसलिए इस कानून की अलग से जरूरत नहीं है। इस बयान पर विपक्ष भड़क उठा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि वह कानून लागू करना चाहती है या नहीं।

विवाद बढ़ने पर कांग्रेस विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि इसी तरह हंगामा जारी रहा तो सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी जाएगी। हालांकि, स्पीकर द्वारा अगला प्रश्न पुकारते ही कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए।

इस घटनाक्रम ने स्पष्ट कर दिया कि राइट टू हेल्थ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव फिलहाल थमने वाला नहीं है।

कांग्रेस विधायक रफीक खान के आरोपों पर सदन में हंगामे के हालात, पट्टों में भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमाया

राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान जयपुर में मकानों के पट्टों और सीलिंग कार्रवाई में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठते ही हंगामे के हालात बन गए। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने आरोप लगाया कि जयपुर शहर में छोटे मकानों को निशाना बनाकर सील किया जा रहा है, जबकि बड़े बंगलों को छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में निर्माणाधीन मकानों पर अधिकारी कैमरे लेकर पहुंचते हैं और बाद में “सील में डील” की स्थिति बन जाती है।

रफीक खान ने यह भी कहा कि संबंधित विभाग के मंत्री सदन में मौजूद नहीं हैं, जिससे जवाबदेही का अभाव दिखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में 14 लाख पट्टे दिए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार में बिना भ्रष्टाचार के न तो नक्शा पास हो रहा है और न ही पट्टा मिल रहा है। “बिना पैसा दिए कोई व्यक्ति अपनी छत नहीं डाल सकता, एक भी मकान ऐसा नहीं मिलेगा जिसकी छत बिना लेन-देन के बन रही हो,” उन्होंने कहा। साथ ही दावा किया कि उनके पास आरोपों के समर्थन में सबूत मौजूद हैं।

इन आरोपों पर भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। सदन में कुछ देर के लिए शोर-शराबा रहा और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मामले ने शहरी विकास और आवासीय पट्टों की प्रक्रिया को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। अब यह देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है और क्या किसी प्रकार की जांच या स्पष्टीकरण सामने आता है।

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन, दौसा तहसीलदार मुद्दे पर सदन में गरमाया माहौल

राजस्थान विधानसभा में दौसा तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सदन का माहौल गरमा गया। दौसा से कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने शून्यकाल के दौरान आरोप लगाया कि तहसीलदार एससी वर्ग और वंचित तबके के लोगों के मकान तोड़ रहा है तथा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया है। उन्होंने कहा कि एक विधायक के साथ इस तरह का व्यवहार पूरे सदन के लिए चिंताजनक है और संबंधित अधिकारी पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

मुद्दा उठाने के बाद बैरवा वेल में आकर नारेबाजी करने लगे, जिस पर स्पीकर ने कड़ी नाराजगी जताई। स्पीकर ने इसे अनुशासनहीनता बताते हुए कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने विधायक को अनुशासन में रहने की हिदायत भी दी।

इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष ने व्यवस्था का प्रश्न उठाने का प्रयास किया, जिस पर सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति जताई। इस पर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। नेता प्रतिपक्ष ने नियमों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि मुख्य सचेतक किस नियम के तहत बीच में बोल रहे हैं। कुछ समय तक सदन में शोर-शराबा बना रहा।

आखिरकार स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और दीनदयाल बैरवा को आश्वस्त किया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी विधायकों से सदन की मर्यादा और संसदीय परंपराओं का पालन करने की अपील की।

17 फरवरी को बजट बहस का जवाब देंगी दीया कुमारी, 19 तक तय हुआ विधानसभा का कार्यक्रम

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र को लेकर कार्य सलाहकार समिति (BAC) ने 19 फरवरी तक का विस्तृत कार्यक्रम तय कर दिया है। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने सदन में बीएसी का प्रतिवेदन प्रस्तुत कर कार्यवाही की रूपरेखा की जानकारी दी।

बीएसी में हुए निर्णय के अनुसार 12, 13, 16 और 17 फरवरी को बजट पर चर्चा होगी। 14 और 15 फरवरी को विधानसभा की छुट्टी रहेगी। बजट बहस का सबसे महत्वपूर्ण दिन 17 फरवरी रहेगा, जब डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी सदन में बहस का जवाब देंगी। परंपरा के अनुसार बजट बहस के जवाब के दौरान सरकार की ओर से महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की जा सकती हैं, जिस पर सभी दलों की नजरें टिकी हुई हैं।

इसके बाद 18 और 19 फरवरी को सदन में विभिन्न विभागों की अनुदान की मांगों पर चर्चा कर उन्हें पारित कराया जाएगा। बजट सत्र के इस चरण में सरकार की नीतियों, योजनाओं और वित्तीय प्राथमिकताओं पर गहन बहस होने की संभावना है।



© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved