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October 8, 2022
राजगढ धाम पर हुआ अखण्ड़ ज्योति का विधिवत समापन
श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर चल रहे शारदीय नवरात्रा मेला महोत्सव के समापन समारोह में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला नवमी रात्रि से ही हो गया । बाबा भैरव व माँ कालिका के जयघोष के साथ मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज द्वारा मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की पूजा-अर्चना कर बाबा भैरव व माँ कालिका की आरती की गई। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया की शारदीय नवरात्रा महोत्सव में श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ चैरीटेबल ट्रस्ट द्वारा आने वाले श्रद्धालुओ के लिये विशेष व्यवस्थाये की थी। मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज द्वारा शारदीय नवरात्रा मेला महोत्सव 26 सितम्बर (एकम) प्रारम्भ हुई जोे 05 अक्टूबर 2022 (दशम) प्रातःकाल तक चली जिसका विधिवत समापन किया गया। समापन के पश्चात धाम पर आये हुए सभी श्रद्वालुओ को बाबा भैरव ने अपने करकमलो से दशम तक चली अखण्ड ज्योति की विशेष रामबाण ओषधी रूपी चिमटी (भभूत) का वितरण किया गया। धाम पर यह अखण्ड़ ज्योति निरन्तर 24 घण्टे चलती रही जो कि लगातार 9 दिनो तक प्रज्जवलित रही। इस अखण्ड़ ज्योति की विशेषता यह है कि जिस पात्र में इसको प्रज्जवलित किया जाता है उसमे हजारो नारियल की संख्या में नारियल की चिटक, कई पीपे तेल के व धूप हवन सामग्री ड़ालने पर भी यह पात्र कभी भरता नही है। इस अखण्ड़ ज्योति के दर्शन मात्र से ही आये हुए सभी श्रद्वालुओ के रोग कष्ट बाधाए आदि दूर हो जाती है। धाम पर आये श्रद्वालुओ ने सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की विशेष परिक्रमा कर बाबा भैरव से अपनी मन्नत मांगी। नवमी की रात्रि मे भजन गायक ज्याति सैनी व ममता सोनी ने अपनी मधुर आवाज में भैरू जी नाना रे नाना, दरबार है निराला काली के लाल का, अब तो आजा रे भैरू जी, मैया रानी तो छिप रही पहाड़ा मे, आजा ये भवानी, राजगढ मे लाग्यो दरबार, झीणी झीणी उडे रे गुलाल आदि भजनो को सुनकर मंत्रमुग्ध होकर झूम झूम कर नाचने लगे। शारदीय नवरात्रा महोत्स के दौरान राजगढ़ धाम रोशनी से जगमगा रहा था। मुख्य मंदिर व भैरव मंदिर अदभुद लाईटो के द्वारा सजाया सवंरा गया जो कि विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी रही।
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