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July 19, 2022
एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक के विभिन्न उत्पादों के निर्माण, भण्डारण एवं उपयोग पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया। जिसके बाद डिस्पोजल व्यापारियों ने पेपर निर्मित डिस्पोजल का भंडारण कर उनका बेचान प्रारंभ किया। लेकिन इसी बीच 14 जुलाई को एक नया फरमान आता है और उसमें बताया जाता है कि पेपर निर्मित डिस्पोजल उत्पाद भी बैन कर दिए गए हैं। ऐसे में व्यापारियों की स्थिति बड़ी विकट हो गई क्योंकि इन दोनों ही उत्पादनों का कोई विकल्प बाजार में मौजूद नहीं है। ऐसे में उपभोक्ता और व्यापारी दोनों ही असमंजस की स्थिति में है कि क्या बेचें और क्या खरीदें। नगर निगम के दल द्वारा व्यापारियों के यहां छापामार कार्रवाई करते हुए माल जप्त किया जा रहा है और जुर्माना लगाया जा रहा है। इससे आहत होकर मंगलवार को अजमेर डिस्पोजल एसोसिएशन के व्यापारियों ने एडीएम सिटी भावना गर्ग को ज्ञापन सौंपकर उन्हें राहत प्रदान करने के लिए कुछ समय की मोहलत देने की मांग की है। डिस्पोजल व्यापारी अमृत कुमार ने बताया कि पेपर उत्पाद बनाने वाली औद्योगिक इकाइयों को शो कॉज नोटिस दिया गया जिसमें उन्हें 29 जुलाई 2022 तक स्पष्टीकरण देने को कहा गया लेकिन वहीं दूसरी ओर 14 जुलाई को उसी विभाग द्वारा अजमेर डिवीजन के सभी नगर पालिका और नगर निगमों को आदेशित किया गया कि पेपर निर्मित उत्पादों को भी प्रतिबंध की श्रेणी में लेकर कार्रवाई की जाए जो कि सर्वथा अनुचित है। लिहाज़ा पेपर निर्मित डिस्पोजल बेचने वाले व्यापारियों को भी उचित समय दिया जाए ताकि वह अपनी आजीविका सुनिश्चित कर सकें। डिस्पोजल एसोसिएशन के अमृत कुमार शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा लागू की गई सिंगल यूज प्लास्टिक की इस योजना से उन्हें कोई गुरेज नहीं है, न ही पेपर निर्मित डिस्पोजल से, सभी व्यापारी पर्यावरण संरक्षण के लिए इसमें सहयोग देने के लिए तैयार हैं लेकिन उनके सामने इसका विकल्प भी रखा जाए ताकि वे उस हिसाब से अपने माल का स्टॉक कर उपभोक्ता को उपलब्ध करा सकें। सरकार द्वारा आनन-फानन में उठाए गए इस कदम से हजारों परिवार बेरोजगार हो गए वही व्यापारी सड़क पर आ गए हैं।
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