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October 9, 2026
अजमेर: घूघरा गांव का पोलिंग बूथ बदलने पर ग्रामीणों में आक्रोश, जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
3-4 किलोमीटर दूर शिफ्ट किया गया केंद्र: बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूरों के लिए मतदान करना हुआ मुश्किल।
राजनीतिक दबाव का आरोप: कांग्रेस विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष हरि सिंह गुर्जर के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन।
अजमेर के ऐतिहासिक और प्राचीन गांव घूघरा के निवासियों ने मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) को गांव से दूर लॉ कॉलेज स्थानांतरित किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष हरि सिंह गुर्जर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि राजनीतिक दबाव में वर्षों पुरानी व्यवस्था को बदलकर गांव का मतदान केंद्र 3 से 4 किलोमीटर दूर शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे मतदाताओं को भारी परेशानी होगी।
अजमेर जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे ये घूघरा गांव के निवासी हैं। घूघरा गांव अजमेर जिले का अति प्राचीन गांव है, जिसकी ऐतिहासिक मान्यताएं पृथ्वीराज चौहान के समय से जुड़ी हुई हैं। गांव की स्थापना के समय से ही पंचायत, विधानसभा और लोकसभा के सभी चुनाव गांव के ही राजकीय विद्यालय तथा पंचायत भवन में आयोजित होते आए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, जुलाई माह में जारी आदेश में घूघरा में ही मतदान कराने की बात कही गई थी। लेकिन हाल ही में सितंबर-अक्टूबर में पोलिंग बूथ को गांव से करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर लॉ कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया। घूघरा गांव में करीब 3,600 मतदाता हैं, जबकि नजदीकी कायर कॉलोनी में 2,300 मतदाता हैं। इतनी दूरी होने के कारण गांव के बुजुर्गों, महिलाओं, किसानों और मजदूरों के लिए वोट डालना बेहद कठिन हो जाएगा।
हरि सिंह गुर्जर (प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस विधि विभाग) ने बताया कि घूघरा गांव अजमेर जिले का सबसे पुराना गांव है। जब से गांव बसा है, पंचायत, विधानसभा और लोकसभा के चुनाव गांव के स्कूल और पंचायत भवन में ही होते आए हैं। लेकिन अब राजनीतिक दबाव के तहत पोलिंग बूथ को 3-4 किलोमीटर दूर लॉ कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया है। घूघरा में 3,600 मतदाता हैं। इतनी दूर गरीब, मजदूर, किसान और बुजुर्ग महिलाएं कैसे वोट डालने जा पाएंगे? यह नियमों के भी खिलाफ है। हमारी मांग है कि घूघरा गांव का मूल मतदान केंद्र गांव में ही रखा जाए। इसके लिए आज पूरे गांव के लोगों के साथ कलेक्टर साहब को ज्ञापन देने आए हैं।
मतदाताओं के आंकड़े: घूघरा गांव में 3,600 मतदाता बनाम कायड़ कॉलोनी में 2,300 मतदाता।
मुख्य मांग: घूघरा गांव का मूल पोलिंग बूथ गांव के विद्यालय/पंचायत भवन में ही यथावत रखा जाए।
घूघरा गांव अजमेर जिले का सबसे पुराना गांव है। जब से गांव बसा है, पंचायत, विधानसभा और लोकसभा के चुनाव गांव के स्कूल और पंचायत भवन में ही होते आए हैं। लेकिन अब राजनीतिक दबाव के तहत पोलिंग बूथ को 3-4 किलोमीटर दूर लॉ कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया है। घूघरा में 3,600 मतदाता हैं। इतनी दूर गरीब, मजदूर, किसान और बुजुर्ग महिलाएं कैसे वोट डालने जा पाएंगे? यह नियमों के भी खिलाफ है। हमारी मांग है कि घूघरा गांव का मूल मतदान केंद्र गांव में ही रखा जाए। इसके लिए आज पूरे गांव के लोगों के साथ कलेक्टर साहब को ज्ञापन देने आए हैं।
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