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October 7, 2026
झूठी शिकायत कर थाने बुलाने और पीछे से बेदखल करने की कोशिश का आरोप, होटल संचालक ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
अजमेर। शहर में भागचन्द जी की कोठी स्थित मेरवाड़ा एस्टेट को लेकर विवाद सामने आया है। होटल एवं विवाह समारोह संचालक सतीश अरोड़ा ने पुलिस अधीक्षक अजमेर को शिकायत देकर सोगानी परिवार के तीन लोगों पर झूठी शिकायत के जरिए उन्हें थाने बुलवाने और पीछे से उनके कार्यालय पर कब्जा करने तथा बेदखल करने की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं।शिकायत के अनुसार सतीश अरोड़ा पिछले करीब 16 वर्षों से भागचन्द जी की कोठी में होटल एवं विवाह समारोह का संचालन कर रहे हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2012 में उन्होंने संस्थान को विकसित करने के लिए करीब चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि लगाई और परिसर के नवीनीकरण, सड़क निर्माण, विद्युत व्यवस्था तथा रेस्टोरेंट और कैटरिंग से जुड़े संसाधनों पर खर्च किया।सतीश अरोड़ा का आरोप है कि उन्हें संस्थान में 20 प्रतिशत शेयरधारक बनाए जाने का समझौता हुआ था। वर्ष 2015 में सोगानी बंधुओं के प्रस्ताव पर उन्होंने निदेशक पद से इस्तीफा देकर विवाह समारोह का काम अपने संस्थान अरोड़ा वेडिंग प्लानर के माध्यम से शुरू किया, जबकि उनका 20 प्रतिशत शेयर बना रहा।शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसी दौरान परिसर में उन्हें कार्यालय और निवास की सुविधा भी दी गई थी, जिसका वे लंबे समय से उपयोग कर रहे हैं। साथ ही परिसर में गुरुद्वारे का संचालन भी किया जा रहा है, जहां नियमित रूप से धार्मिक आयोजन और अखंड पाठ होते हैं।शिकायत में 6 अक्टूबर की घटना का भी जिक्र किया गया है। सतीश अरोड़ा के अनुसार शाम करीब 4:30 बजे गंज थाना पुलिसकर्मी उनके कार्यालय पहुंचे और उन्हें सीआई के बुलाने की जानकारी दी। इसके बाद वे स्वयं थाने पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्हें बताया गया कि सोगानी परिवार की ओर से उनके खिलाफ शिकायत दी गई है और परिसर में पंजाब से असामाजिक तत्व बुलाकर शांति भंग करने का आरोप लगाया गया है।सतीश अरोड़ा ने शिकायत में बताया कि उनके अनुसार अखंड पाठ के लिए आए लोग राजस्थान के ही ग्रंथी हैं और गुरुद्वारे में धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। उनका आरोप है कि उन्हें अखंड पाठ बंद करवाने और वहां आए लोगों को वापस भेजने के लिए दबाव बनाया गया तथा कार्रवाई की चेतावनी दी गई।इसी दौरान, शिकायतकर्ता का आरोप है कि विनय सोगानी, विजय सोगानी और विनित सोगानी ने अपने स्टाफ के साथ मिलकर उनके कार्यालय के बाहर बांस की बल्लियां लगाकर रास्ता बंद कर दिया। आरोप है कि कार्यालय पर लगा ‘अरोड़ा वेडिंग प्लानर’ का बोर्ड भी हटाकर वहां ‘मेंटेनेंस स्टोर’ का बोर्ड लगा दिया गया।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाह समारोह में उपयोग होने वाले वीआईपी लाउंज को उठाकर कार्यालय के सामने रख दिया गया, जिससे कार्यालय का रास्ता अवरुद्ध हो गया और कार्यालय में काम करना मुश्किल हो गया।सतीश अरोड़ा का आरोप है कि जब उन्हें कार्यालय में तोड़फोड़ की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस अधिकारी को इसकी सूचना देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की, लेकिन उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में गिरफ्तारी के डर से उन्होंने अखंड पाठ पूरा होने के बाद बाहर से आए पाठियों को वापस भेजने के संबंध में लिखित में देने के बाद उन्हें थाने से छोड़ा गया।अब सतीश अरोड़ा ने पुलिस अधीक्षक अजमेर से पूरे मामले की जांच कर विनय सोगानी, विजय सोगानी और विनित सोगानी के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने, साथ ही उनके खिलाफ दी गई कथित झूठी शिकायत की भी जांच करने की मांग की है।शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें आज तक विपक्षी पक्ष की ओर से किसी नोटिस की जानकारी नहीं मिली। मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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