Post Views 01
October 7, 2026
अजमेर: मामूली कहासुनी बनी खूनी संघर्ष, केसरगंज और आदर्श नगर में रोड रेज से सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
अजमेर। शहर में बेलगाम होते गुस्से और घटते धैर्य ने आमजन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अजमेर के केसरगंज और आदर्श नगर थाना क्षेत्रों में सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि कैसे सड़क पर होने वाली एक मामूली सी कहासुनी देखते ही देखते हिंसक मारपीट में बदल रही है। सरेराह हुई इन वारदातों के बाद स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
घटना 1: केसरगंज में छोटी सी बात पर खूनी झड़प
केसरगंज के व्यस्त बाजार क्षेत्र में वाहनों के आगे निकलने और साइड देने की बात को लेकर दो पक्षों में विवाद शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में मामूली तू-तू-मैं-मैं हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए राहगीरों को भी जान बचाकर हटना पड़ा।
घटना 2: आदर्श नगर में बीच सड़क गुंडागर्दी
दूसरी घटना आदर्श नगर क्षेत्र में घटी, जहां छेड़खानी करने को लेकर हुआ विवाद हिंसक हो गया। दबंगों ने बीच सड़क पर एक युवक के साथ जमकर मारपीट की और मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस गुंडागर्दी ने इलाके में हड़कंप मचा दिया।
आमजन की सुरक्षा पर खड़े होते प्रमुख सवाल
पुलिस गश्त पर सवाल: व्यस्त बाजारों और रिहायशी इलाकों में नियमित पुलिस गश्त की कमी के चलते असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं।
कानून का खौफ खत्म: सरेराह मारपीट और गुंडागर्दी करने वालों में पुलिस कार्रवाई का जरा भी डर नजर नहीं आ रहा है।
रोड रेज का बढ़ता ट्रेंड: सहनशीलता की कमी और बात-बात पर हिंसा पर आमादा होने की मानसिकता से आम राहगीरों की जान-माल जोखिम में पड़ रही है।
पुलिस का पक्ष व आगे की कार्रवाई
दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा आसपास की दुकानों व सड़कों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उपद्रवियों की पहचान की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बिगाड़ने और कानून हाथ में लेने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि केसरगंज और आदर्श नगर जैसे संवेदनशील व व्यस्त इलाकों में पुलिस पिकेट्स तैनात किए जाएं और नियमित गश्त बढ़ाई जाए।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved